Media24Media.com: संवेदनशीलता

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label संवेदनशीलता. Show all posts
Showing posts with label संवेदनशीलता. Show all posts

किसानों को संवेदनशीलता के साथ सहूलियतें दी जाएं : मंत्री राम विचार नेताम

No comments Document Thumbnail

रायपुर। कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर स्थित न्यू सर्किट हाउस में प्रदेशभर के कृषि अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है। हमारी सरकार की प्राथमिकता किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही उन्हें ज्यादा से ज्यादा सहूलियतें देना है। उन्होंने कृषि और उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप प्रमाणित खाद-बीज उपलब्ध कराना सुनिश्चित हों। उन्होंने समिति केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज के भण्डारण और वितरण भी सुनिश्चित करने के ही किसानों को उनकी मांग के आधार पर उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।

मंत्री नेताम ने बैठक में कहा कि राज्य के अलग-अलग स्थानों से नकली खाद-बीज की शिकायतें मिल रही है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि खाद-बीज की क्वालिटी और प्रमाणिकता को लेकर किसानों को जागरूक करें। मंत्री नेताम ने कहा कि अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता का मामला पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री नेताम ने उद्यानिकी विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य में मसाला, फूल और फलों की खेती की काफी संभावनाएं हैं। अतः किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए जिलेवार वहां के वातावरण के अनुरूप अधिक उत्पादकता वाली उद्यानिकी फसलों की खेती के लिए किसानों को प्रेरित किया जाए। उन्होंने प्रदेश में सुगन्धित धान की खेती को बढ़ावा दिया जाए और इसे छत्तीसगढ़ के ब्रांड के रूप में विकसित किया जाए।

अधिकारियों ने बैठक में बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। खरीफ के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण कराए जाने के साथ ही किसानों को इसका तेजी से वितरण भी किया जा रहा है। खरीफ सीजन 2025 के लिए रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 14 लाख 62 हजार मेट्रिक टन निर्धारित किया गया है,  जिसमें राज्य स्तर पर सरकारी क्षेत्र में 9.49 लाख मीट्रिक टन तथा निजी क्षेत्र में 5.13 लाख मीट्रिक टन है। इसमें 7 लाख 12 हजार यूरिया, डीएपी 3.10 लाख, एनपीके 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार एवं सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल है। लक्ष्य के विरूद्ध 10.67 लाख मीट्रिक टन रासायनिक खाद का भण्डारण कर किसानों को 5.23 लाख मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है।

मंत्री नेताम ने कहा कि उर्वरक कंपनियों से विभिन्न प्रकार की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग सतत् संपर्क एवं समन्वय करें, ताकि राज्य की डिमांड अनुरूप उर्वरकों की रैक निर्धारित सेड्यूल के अनुरूप उपलब्ध हो सके। आज की स्थिति में यूरिया 4.96 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.13 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 1.60 लाख मीट्रिक टन, पोटाश 72 हजार 879 एवं सुपर फास्फेट 2.26 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण हो चुका है, जिसमें से यूरिया 2.52 लाख, डीएपी 74 हजार 575, एनपीके 86 हजार 280, पोटाश 31 हजार 152 एवं सुपर फास्फेट 79 हजार 408 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया गया है।

खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों के लिए 4 लाख 95 हजार 58 क्विंटल बीज की डिमांड को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा 4 लाख 29 हजार 535 क्विंटल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई हैै। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 2 लाख 62 हजार 232 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। राज्य में खाद एवं बीज का भण्डारण एवं उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 कृषि मंत्री  नेताम ने केन्द्र और राज्य पोषित योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान निधि योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने छुटे हुए किसानों का केव्हायसी पूरी सजगता के साथ कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सुशासन तिहार के तहत पात्र आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, स्वायल हेल्थ योजना आदि की भी प्रगति की समीक्षा की और इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए।

मंत्री नेताम ने उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप चिन्हांकित क्षेत्रों में पामआयल की खेती, बांस की खेती, फूलों की खेती, फलों की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में विशेषकर मिलेट्स फसलों के रकबा में बढ़ोत्तरी के लिए किसानों को जागरूक करने पर बल दिया।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव श्रीमती शहला निगार, कृषि विभाग के संचालक राहुल देव, उद्यानिकी विभाग के संचालक एस. जगदीशन राव, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेन्द्र सवन्नी सहित विभाग के सभी संभागों और जिलों के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय की संवेदनशीलता से तीन को मिली अनुकंपा नियुक्ति

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सरकार लोगों के हित में त्वरित कार्य कर रही है। समय सीमा के अंदर जरूरतमंद परिवार को अनुकंपा नियुक्ति मिल सकें, शासन इस पर लगातार प्रयास कर रही है। गरियाबंद जिले की श्रीमती शारदा पटेल, श्रीमती प्रमिला कुर्रे एवं सुश्री अन्नपूर्णा ध्रुव को अनुकम्पा नियुक्ति मिल गई है। कलेक्टर दीपक अग्रवाल ने तीनों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। शासन की त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।

ग्राम देवरी जिला जांजगीर चांपा की रहने वाली श्रीमती शारदा पटेल ने बताया कि उनके पति व्याख्याता के रूप में हायर सेकेण्डरी स्कूल अकलवारा में पदस्थ थे। उनके निधन के बाद भृत्य पद के रूप में अनुकंपा नियुक्ति शासकीय हाईस्कूल लोहझर में मिली है। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के पालन पोषण एवं देखरेख में सहायता मिलेगी। साथ ही भविष्य भी सुरक्षित रहेगा।

इसी प्रकार मचेवा जिला महासमुंद की रहने वाली श्रीमती प्रमिला कुर्रे के पति शिक्षक (एलबी) के रूप में शासकीय मीडिल स्कूल गुड़ेमा में पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात उन्हें भृत्य के रूप में शासकीय हाईस्कूल सेमरा में अनुकंपा नियुक्ति मिली। उन्होंने बताया कि पति के जाने के बाद भविष्य चिंतित था। छत्तीसगढ़ शासन की पहल से अनुकंपा नियुक्ति मिलने से बच्चों के पढ़ाई -लिखाई एवं भविष्य सृजन में मदद होगी।

मैनपुर अंतर्गत ग्राम गोना के निवासी सुश्री अन्नपूर्णा ध्रुव के पिता शासकीय मीडिल स्कूल गरहाडीह में शिक्षक (एलबी) के पद पर पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात राज्य शासन की संवदेनशीलता के कारण त्वरित रूप से अन्नपूर्णा को भृत्य पद में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल शोभा में अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।

नक्शा, खसरा, बी-वन मिलना अब हुआ आसान, लोक सेवा गारंटी योजना से खुश है किसान

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। लोक सेवा गारंटी अधिनियम का लाभ अब जनसामान्य को शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता के कारण सहजता से मिलने लगा है। सरकार की मंशा के अनुरूप सभी शासकीय कार्यालयों में लोकसेवा गारंटी के तहत् अधिसूचित सेवाएं समय-सीमा में उपलब्ध होने से शासन-प्रशासन के प्रति जन विश्वास भी बढ़ा है।


विगत ढाई वर्ष (1 जनवरी 2019 से 23 दिसम्बर 2022) तक में 7,23,055 प्रकरण निराकृत हुआ। जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम लागू होने के बाद जिले में अब तक विभिन्न विभागों से लगभग 75 विषयों से संबंधित शुरुआत से अब तक कुल 8,17,315 आवेदन मिले थे। जिसमें से 7,23,055 आवेदन समय सीमा में निराकृत किए गए। इसमें से कुछ वापस और कुछ दस्तावेजों की कमी के कारण निरस्त हुए।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम वर्ष 2011 से छत्तीसगढ़ राज्य में लागू किया गया है। प्रत्येक व्यक्ति को इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर यथा अधिसूचित नियत समय के भीतर छत्तीसगढ़ राज्य में लोक सेवा प्राप्त करने का अधिकार दिया गया है।

जानकारी अनुसार मुख्य तौर पर अब तक सबसे ज्यादा आय प्रमाण पत्र के 3,14,447, मूल निवास प्रमाण पत्र के 1,31,866 आवेदन, अन्य पिछड़ वर्ग प्रमाण पत्र के 67231 आवेदन निराकृत किए गए। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के 48,375 इसी प्रकार भुइयां से नकल (भूमि दस्तावेज आदि) हेतु 30,671 एवं जन्म पंजीकरण एवं प्रमाण पत्र के 13,630 निराकृत किए गए। आवेदन कर्ताओं को पावती अवेदन की प्राप्ति भी दी जा रही है। वही प्राप्त आवेदनों की पंजी संधारित की जा रही। कार्यालयों में रोजगार गारंटी अधिनियम की जानकारी भी बोर्ड पर प्रदर्शित की जा रही है।

मालूम हो कि शासन द्वारा सुशासन की धारणा को ध्यान में रख कर नागरिकों को सेवाएं प्रदान करने के लिए विभिन्न विभागों ई-डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट की परिकल्पना कर राज्य में लागू किया है। यह जिला प्रशासन की आंतरिक प्रक्रियाओं के स्वचालन के रूप में की गई है। यह परियोजना जिले के लिए सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जिला प्रशासन के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली बनाने में मदद करेगी और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), लोक सेवा केंद्र, ऑनलाइन और इंटरनेट के माध्यम से कुशल व्यक्तिगत विभाग सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगी। ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना को राज्य में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है।

किसानों का गांव से शहर जाना बहुत कम ही होता है। अब चूंकि मानसून नजदीक है ऐसे में खेतों में फसल लेने की तैयारियां शुरू हो गई है। इस दौरान जरूरी काम के लिए खसरा, नक्शा, बी-वन, बी-टू जैसे दस्तावेज के लिए लोक सेवा केंद्र पहुंचे थे। लोकसेवा केंद्रों में आवेदन करने के महज आधे घंटे के भीतर ही हाथों में सभी प्रमाणित दस्तावेज मिल गया। किसान बताते है कि पहले पटवारी तहसील का चक्कर लगाने के साथ ही अधिक रूपए भी खर्च करने पड़ते थे, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक सेवा गारंटी योजना को कड़ाई से लागू कर हम जैसे किसानों की मुश्किलें दूर कर दी है। किसान चंद्रपाल ने लोकसेवा केंद्र से नक्शा, खसरा, बी-वन, बी-टू की प्रमाणित प्रति निकलवाया था। उसने बताया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम से उसे भी मिनटों में बहुत ही कम शुल्क में प्रमाणित दस्तावेज उपलब्ध हो गये थे।

बतादें कि लोक सेवा केंद्रों के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सेवाओं का लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा एवं शुल्क संबंधित दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित है। जाति प्रमाण-पत्र हेतु समय सीमा 30 दिन एवं शुल्क तीस रूपये, निवास एवं आय प्रमाण हेतु समय सीमा 30 दिन एवं शुल्क तीस रूपये, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र हेतु समय सीमा सात दिन एवं शुल्क 30 रूपये, मीसल हेतु समय सीमा सात दिन शुल्क दस रूपये निर्धारित है। लोक सेवा केंद्रों में खसरा, नक्शा, बी-वन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज आवेदन देने के साथ ही प्रदान किया जाता है। इसके लिए स्केनिंग, कंप्रेसिंग एवं प्रति पृष्ठ पांच रूपये की दर से प्रिंटिंग शुल्क लिया जाता है।

सोशल मीडिया से मिली शिकायत : परिवहन विभाग द्वारा यात्री वाहनों की जांच अभियान जारी

No comments Document Thumbnail

छत्तीसगढ़ शासन की संवेदनशीलता इस बात से ही नजर आती है कि सोशल मीडिया से मिली एक शिकायत पर छत्तीसगढ़ शासन के परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने जनता की शिकायत पर संवेदनशीलता दिखाते हुए विभाग को प्रदेश स्तर पर जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग द्वारा बसों की जांच का यह आभियान प्रभारी उड़नदस्ता रायपुर एवं प्रभारी उड़नदस्ता दुर्ग,आभियान शुरू होने से चेकपोस्ट खम्हारपाली,



परिवहन चेकपोस्ट पाटेकोहरा, परिवहन चेकपोस्ट धनवार,परिवहन उड़नदस्ता बिलासपुर, परिवहन उड़नदस्ता कोरबा, परिवहन उड़नदस्ता जगदलपुर के द्वारा एक साथ प्रमुख मार्गों पर 22 जुलाई से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। जनता एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बस संचालकों के मनमानी की शिकायतें प्राप्त हो रही थी, जिसे संज्ञान में लेते हुए यह जांच अभियान चलाया गया जांच के मुख्य बिंदु बिना परमिट संचालित हो रहे वाहनों, कंडक्टर द्वारा किए जा रहे दुर्व्यवहार, किराया सूची चस्पा न होना एवं अधिक किराया लेने की शिकायतें रही।

इस जांच में परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न टीम द्वारा पिछले 48 घंटे से सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है अब तक परिवहन उड़नदस्ता रायपुर द्वारा 124 चालान पर 178300 रुपये परिवहन चेकपोस्ट पर पाटेकोहरा द्वारा 23 चालान पर 115000 रुपये परिवहन चेकपोस्ट धनवार द्वारा 13 चालान पर 54600 रुपये परिवहन उड़नदस्ता बिलासपुर द्वारा 10 चालान पर 11000 रुपये रुपये परिवहन उड़नदस्ता कोरबा द्वारा 17 चालान पर 9200 रुपये परिवहन चेकपोस्ट खम्हारपाली द्वारा 11 चालान पर 45000 रुपये एवं परिवहन उड़नदस्ता दुर्ग द्वारा 21 चालान पर 80500 रुपये बसों पर पाई गई कमियों पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई करते हुए वसूल किए गए हैं,

इस प्रकार विभाग द्वारा कुल 219 चालान पर 493600 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया एवं जांच अभियान खबर लिखे जाने तक लगातार जारी है, साथ ही बस संचालकों को नियमानुसार किराया लेने एवं बस संचालकों के कर्मचारियों को यात्रियों से सदव्यवहार करने की हिदायत दी गई।इस अभियान की खास बात यह रही कि चेकिंग कार्य के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की चेकिंग से असुविधा ना हो इसका बात का विशेष ध्यान रखा उड़नदस्ता द्वारा किस प्रकार की करवाई को जनता द्वारा सराहा जा रहा है।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.