Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label संचालन. Show all posts
Showing posts with label संचालन. Show all posts

राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने विशेष पहल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्य शासन द्वारा राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने विशेष पहल की गई है। राज्य स्तरीय अधिकारी जिलों में स्थित शैक्षणिक संस्थाओं का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। राज्य स्तरीय अधिकारी अपने प्रभार वाले जिले में 5 अगस्त तक शैक्षणिक संस्थाओं में संचालित शैक्षणिक गतिविधियों और शासन की योजनाओं की आकस्मिक निरीक्षण के दौरान मॉनिटरिंग करेंगे। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा अधिकारियों को जिले का आबंटन किया है।
                 

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश अनुसार अधिकारी अपने आबंटित जिले में नए शिक्षा सत्र में विशेष तौर पर शालाओं में शिक्षकों की अनुपस्थिति या विलंब से उपस्थिति, छात्र-छात्राओं की उपस्थिति, प्रार्थना सत्र का क्रियान्वयन, निर्धारित शैक्षणिक कलेण्डर अनुसार अध्यापन कार्य, बैगलेस डे का पालन, समय-सारिणी अनुसार शाला का संचालन, नवीन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (सेजेस) का संचालन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश, सायकल की उपलब्धता सहित मध्यान्ह भोजन का नियमित क्रियान्वयन का मूल्यांकन कर इनका पालन सुनिश्चित करवाएंगे। शैक्षणिक संस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे।

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार लोक शिक्षण संचालनालय के अपर संचालक जे.पी. रथ को कोरबा, उप संचालक आशुतोष चावरे को दुर्ग, उप संचालक राकेश पांडेय को दंतेवाड़ा, उप संचालक करमन खटकर को बलौदाजार-भाटापारा, उप संचालक वित्त सुश्री श्रद्धा सुमन एक्का को रायपुर, सहायक संचालक हरीश वरू को धमतरी, सहायक संचालक महेश नायक को बेमेतरा, सहायक संचालक बजरंग प्रजापति को जगदलपुर, सहायक संचालक एम. रघुवंशी को कांकेर, सहायक संचालक प्रवीण श्रीवास्तव को सरगुजा, सहायक संचालक आर.के. त्रिपाठी को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, सहायक संचालक भौमराज कौशल को कोण्डागांव, सहायक संचालक अमित तम्बोली को मुंगेली, सहायक संचालक आर. के. तिवारी को महासमुंद, सहायक संचालक दिनेश शर्मा को गरियाबंद, सहायक संचालक ओम प्रकाश देवांगन को मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले का प्रभार सौपा गया है।

इसी प्रकार समग्र शिक्षा अभियान के अपर संचालक के.सी. काबरा को बिलासपुर, संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव को जांजगीर-चांपा, सहायक संचालक भूपेश फाये को नारायणपुर, सहायक संचालक संजय शर्मा को बीजापुर, सहायक संचालक अखिल रायजादा को राजनांदगांव, सहायक संचालक अजय पिल्लै को सुकमा, सहायक संचालक श्रीमती सीमा गौराह को बालोद, सहायक संचालक हेमंत पाटले को जशपुर, सहायक संचालक ए.के. देशपाण्डे को बलरामपुर, सहायक संचालक श्रीमती पुष्पा निषाद को कवर्धा जिले की जिम्मेदारी सौपी गई है।

संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर डॉ. योगेश शिवहरे को सक्ती, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद रायपुर की उप संचालक श्रीमती दिव्या लकड़ा को रायगढ़, उप संचालक श्रीमती पुष्पा किसपोट्टा को सारंगढ़-बिलाईगढ़, सहायक संचालक वी.के. तिवारी को कोरिया, सहायक संचालक कौस्तुभ चटर्जी को सूरजपुर, सहायक प्राध्यापक सुशील राठौर को खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई और प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर आर. के. वर्मा को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी जिले की शैक्षणिक संस्थान के आकस्मिक निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग का प्रभार सौपा गया है।

गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र संचालन के समय में परिवर्तन

No comments Document Thumbnail

रायपुर। प्रदेश में गर्मी की अधिकता के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्र संचालन की अवधि में परिवर्तन किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र अब सुबह 7 से 11 बजे तक संचालित होंगे। आंगनबाड़ी केंद्र संचालन का समय 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है।

ग्रीष्म कालीन की समाप्ति के बाद एक जुलाई 2023 से आंगनबाड़ी केंद्र फिर से सुबह 9.30 से 3.30 बजे तक 6 घंटे संचालित होंगे। इस संबंध में मंत्रालय से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 05 अप्रैल को सभी जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारियों, जिला कार्यक्रम अधिकारियों और सभी परियोजना अधिकारियों को आदेश जारी कर दिया गया है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के कार्यों का संचालन अब समग्र शिक्षा से

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्य में संचालित निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (शिक्षा का अधिकार) योजना का संचालन अब समग्र शिक्षा कार्यालय द्वारा किया जाएगा। अभी तक यह योजना का संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा संचालित की जा रही थी। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा के अधिकार योजना के तहत सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों के दावा निपटारा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) मोड से किए जाने और योजना के समस्य कार्य, प्रबंधन का दायित्व संचालक लोक शिक्षण संचालनालय के स्थान पर प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय को सौंपा है।



उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) अंतर्गत निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार 2009 की योजना भारत सरकार वित्त मंत्रालय, व्यय विभाग के पत्र द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना के फंड विमुक्त करने और उनके उपयोग के निगरानी की संशोधित प्रक्रिया निर्धारित है। विभागीय आदेश द्वारा केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत इस योजना में सिंगल नोडल एजेंसी और योजना के नोडल अधिकारी समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय छत्तीसगढ़ को घोषित किया गया है। योजना के समस्त दायित्व, निर्वहन एवं जिम्मेदारी के लिए समग्र शिक्षा निर्धारित है। वर्तमान में यह कार्य संचालक लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा निष्पादित किया जा रहा है।

खूब पढ़िये, खूब खेलिये और समय का सदुपयोग करिये : मुख्यमंत्री बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। बच्चे ही सही मायने में भावी राष्ट्र निर्माता हैं। उनका लालन पालन, शिक्षा दीक्षा बड़े ही ध्यान पूर्वक करना चाहिये। बचपन में जो सीखते हैं वो जीवनभर काम आता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साइंस कॉलेज परिसर स्थित ऑडिटोरियम में बाल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहीं। उन्होंने बच्चों से कहा कि खेल और पढ़ाई दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। आप लोग खूब पढ़िये, खूब खेलिये और समय का सदुपयोग करिये। कार्यक्रम की खासबात रही कि मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पूरे कार्यक्रम का संचालन स्कूली बच्चों द्वारा ही किया गया।



देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूली बच्चों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने बाल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है। मुख्यमंत्री बघेल ने सुग्घर पढ़वैयाऔर लइका मन के गोठपुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा देशभक्ति गीत, छत्तीसगढ़ी नृत्य एवं गीत तथा कराटे का भी प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के चार प्रतिभाशाली बच्चों राकेश कुमार, संजना बांधे, दीपिका ठाकुर तथा विद्या राजपूत को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है तथा उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। भविष्य में इसके और बेहतर परिणाम आएंगे।



कार्यक्रम में संसदीय सचिव द्वारकाधीश यादव एवं विकास उपाध्याय, प्रमुख सचिव डॉ आलोक शुक्ला, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक नरेंद्र कुमार दुग्गा, स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सराहा-कार्यक्रम में कांकेर जिले के भानवेड़ा की कक्षा 11वीं की दिव्यांग छात्रा सुश्री भावना साहू द्वारा पैरों से बनायी ड्राईंग को मुख्यमंत्री बघेल ने भी सराहा। भावना ने जल ही जीवन की थीम पर पानी के सदुपयोग का संदेश दिया।

स्कूली बच्चों ने लगायी प्रदर्शनी-बाल दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ऑडिटोरियम में प्रदर्शनी भी लगायी। प्रदर्शनी में  बालवाड़ी के माध्यम से बच्चों को सिखाना, बहुमुखी प्रतिभाशाली बच्चों का प्रस्तुतीकरण, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा,  बच्चों द्वारा कुशल वाचन, मौखिक गणित का प्रदर्शन, खिलौनों से सीखना, अंगना में सीखना, व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत बच्चों द्वारा तैयार सामग्री प्रदर्शन, विभिन्न कौशल में दक्ष कुशल बच्चों का प्रस्तुतीकरण, गणित एवं विज्ञान क्लब के माध्यम से गतिविधियों का प्रस्तुतीकरण, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट योजना अंतर्गत अंग्रेजी हिंदी माध्यम स्कूलों के बच्चों द्वारा स्कूल में की जा रही गतिविधियों का प्रदर्शन, शारीरिक विकास आत्मरक्षा के लिए बालिकाओं का प्रदर्शन, स्थानीय भाषा में शिक्षा एवं संविधान से परिचय आदि विषयों के स्टाल लगाए गए हैं तथा स्टालों का नेतृत्व भी बच्चों द्वारा किया गया।

चयनित अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेजों का सत्यापन 11 नवम्बर तक

No comments Document Thumbnail

उत्तर बस्तर कांकेर। उत्कृष्ट विद्यालय संचालन एवं प्रबंधन समिति कांकेर द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति हेतु दस्तावेज सत्यापन एवं साक्षात्कार का आयोजन उपरान्त चयनित अभ्यार्थियों की प्रतीक्षा सूची से शिक्षक गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान सहायक शिक्षक (अंग्रेजी माध्यम) के पदों पर नियुक्ति आदेश जारी किया गया है। साथ ही पूर्व में स्वीकृत पदों पर नियुक्ति उपरांत अभ्यार्थियों द्वारा त्यागपत्र देने के कारण पद रिक्त होने पर प्रतीक्षा सूची से व्याख्याता अंग्रेजी, रसायन, गणित, सहायक शिक्षक प्रयोगशाला (जीव विज्ञान) के पदों पर नियुक्ति आदेश भी जारी किये गये हैं।



चयनित अभ्यर्थियों को पदवार अपने सभी मूल दस्तावेजों सहित नोडल अधिकारी भर्ती सेल उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नरहरदेव कांकेर में उपस्थिति देनी होगी। अभ्यर्थियों को 50 रुपये के नोटरी शपथ पत्र के साथ उपस्थित होने निर्देशित किया गया है। ज्वाइनिंग सेंटर में अपने सभी मूल प्रमाण पत्रों की स्व प्रमाणित प्रतियों का एक सेट भी जमा करना होगा। नोडल सेंटर में जांच सत्यापन के उपरांत पदस्थ विद्यालय के लिए अनुमति पत्र जारी किये जायेंगे। कार्य पर उपस्थित होने की अंतिम तिथि 11 नवम्बर निर्धारित की गई है। उक्त चयन सूची का अवलोकन जिले की वेबसाईट www.kanker.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है।

नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी प्रौढ़ शिक्षा के पाठ्यचर्या में होगी शामिल

No comments Document Thumbnail

रायपुर. राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद रायपुर में राज्य की पाठ्यचर्या की रूपरेखा के विकास के संदर्भ में राज्य संचालन समिति की बैठक में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं शिक्षाविद् डॉ. सुशील त्रिवेदी ने सुझाव दिया कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए. शिक्षा में त्रिभाषा फार्मूला लागू हो, भाषा सिखाने के साथ-साथ संप्रेषण कौशल पर जोर दिया जाना चाहिए. उन्होंने प्रौढ़ शिक्षा के संदर्भ में उनका कहना था कि प्रौढ़ शिक्षा के अंतर्गत नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी और वनांचल क्षेत्रों के लिए वनोपज केंद्रों में इस कार्यक्रम को जोड़ा जाना चाहिए. डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि आंकलन पद्धति में बदलाव की जरूरत है


राज्य की विविधता को देखते हुए आंकलन योजना तैयार करनी चाहिए. प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित सभी विभागों को एकजुट होकर काम करना चाहिए. उल्लेखनीय है कि पाठ्यचर्या की रूपरेखा स्कूल शिक्षा के प्रत्येक पहलू को दिशा निर्देशित करने वाला दस्तावेज होता है. नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार चार पाठ्यचर्याएं- स्कूल शिक्षा, ईसीसीई, शिक्षक-शिक्षा और प्रौढ़ शिक्षा का विकास किया जाना है. एनसीईआरटी के अपर संचालक डॉ.योगेश शिवहरे ने विश्वास जताया कि राज्य की आवश्यकता और संस्कृति के अनुकूल ही राज्य की पाठ्यचर्या तैयार की जाएगी. 

उन्होंने कहा कि पाठ्यचर्या इस तरह तैयार करें कि प्रत्येक बच्चे को विकास के समुचित अवसर प्राप्त हो सकें. राज्य में प्रारंभिक शिक्षा के प्रत्येक पहलू के विकास पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए राज्य में बालवाड़ी का संचालन किया जा रहा है, जिससे बच्चे प्रारंभिक साक्षरता और संख्या ज्ञान में महारत हासिल कर सकें और उनके सीखने की नींव मजबूत हो. आगे की कक्षाओं की शिक्षा के लिए भी इसी तरह की पुख्ता रणनीति तय करनी होगी. जिससे बच्चे अपेक्षित स्तर को प्राप्त कर सकें.

एनएच गोयल स्कूल की श्रीमती कल्पना चौधरी का कहना था कि बच्चों को विषयों के चुनाव और व्यवसायिक कौशल के संबंध में स्कूल कॉन्प्लेक्स की अवधारणा कारगर सिद्ध होगी। स्टेट स्टीयरिंग कमेटी के समक्ष 4 विषयों पर प्रस्तुतीकरण दिया गया. ईसीसीई अर्थात बाल्य शिक्षा देखभाल विषय पर सुनील मिश्रा ने स्कूल शिक्षा, सुश्री नीलम अरोरा ने शिक्षक-शिक्षा विषय, आलोक शर्मा और राज्य साक्षरता मिशन के सहायक संचालक प्रशांत पांडेय ने प्रौढ़-शिक्षा पर प्रभावशाली प्रशिक्षण दिया.

बैठक में प्राध्यापक सुश्री पुष्पा किस्पोट्टा, महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक दिलदार सिंह मरावी, रविशंकर विश्वविद्यालय के सी.डी. अगाशे और अशोक प्रधान, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के उप सचिव जे.के. अग्रवाल, डाइट रायपुर के आर.के. वर्मा, दिव्यांग महाविद्यालय की सुश्री शिखा वर्मा, पूर्व सहायक प्राध्यापक उत्पल चक्रवर्ती, सुधीर श्रीवास्तव, एन.के. प्रधान, शिक्षा महाविद्यालय रायपुर-बिलासपुर के प्राचार्य, संस्कृत विद्या मंडलम, मदरसा बोर्ड, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और लर्निंग लैंग्वेज फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे.

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.