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राशन वितरण में शिकायत आने पर तत्काल कार्यवाही करें: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल

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रायपुर। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की समीक्षा की। मंत्री बघेल ने बैठक में कहा कि सरकार ने प्रदेश के सभी राशनकार्ड धारियों को माह जून से अगस्त तक तीन माह का एकमुश्त चावल देने का निर्णय लिया है। राज्य के सभी 13965 शासकीय उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से हितग्राहियों को एक जून से चावल वितरण प्रारंभ हो गया है।


उन्होंने चावल वितरण में तेजी लाने के साथ ही सभी राशनकार्ड धारियों को आगामी तीन माह का एकमुश्त चावल मिले इस पर विशेष रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चावल वितरण में गड़बड़ी की शिकायत आने पर तत्काल कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित हो। उन्होंने उचित मूल्य के दुकानों में चावल भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली। खाद्य मंत्री बघेल ने बैठक में वर्ष 2022-23 से वर्ष 2024-25 के स्टॉक सत्यापन की कार्यवाही की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सितम्बर 2022 की स्थिति में भौतिक सत्यापन उपरांत कम पाए गए खाद्यान्न की वसूली तेजी के साथ किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि 335 उचित मूल्य के दुकानों में लगभग 124 करोड़ के राशन सामग्री कम पाए गए थे, जिसमें से 119 करोड़ रूपए की वसूली की जा चुकी है। पांच करोड़ रूपए की वसूली शेष है, जिस पर कार्यवाही की जा रही है। वहीं 27 उचित मूल्य दुकान संचालकों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गई थी। मंत्री बघेल ने शेष वसूली भी शीघ्र करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। मंत्री ने चना वितरण एवं भंडारण की स्थिति की भी जानकारी ली। खाद्य मंत्री बघेल ने खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 और 2024-25 में मिलर्स द्वारा केन्द्रीय और राज्य पुल में चावल जमा की स्थिति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि मिलर्स द्वारा 2023-24 के शेष 0.88 लाख मीट्रिक टन चावल को जमा करने के लिए 30 जून तक का समय दिया गया है।

इसी प्रकार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में 25.43 लाख मीट्रिक टन चावल जमा किया जाना है। जिसके विरूद्ध 14.86 लाख मीट्रिक टन उपार्जित कर लिया गया है, जो चावल जमा का 58.43 प्रतिशत है। शेष चावल की जमा करने की कार्यवाही तेजी गति से चल रही है। मंत्री बघेल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के चावल जमा करने की तिथि 30 जून के पश्चात समय में वृद्धि नही करने और तेजी के साथ चावल जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी की तैयारी, समितियों में खरीदी व्यवस्था की तैयारी सहित संग्रहण केन्द्र में धान की भौतिक स्थिति, मिलर्स को प्रोत्साहन राशि का भुगतान, न्यायालयीन प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की।

खाद्य मंत्री बघेल ने कहा कि रिक्त पदों की पूर्ति हेतु शीघ्र भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने वित्त विभाग से अनुमति ले चुके पदों के लिए पीएससी और व्यापंम को भर्ती प्रस्ताव भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ता आयोग राज्य एवं जिला स्तर पर अध्यक्षों और सदस्यों के रिक्त पदों पर विधिसम्मत भरने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने आयोग में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर दिया। मंत्री बघेल ने विधिक मापविज्ञान विभाग की प्रगति की समीक्षा की। नाप तौल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024-25 में नाप तौल के सत्यापन एवं मुद्रांकण से 13.5 करोड़ रूपए की राजस्व प्राप्ति हुई है। वहीं 2.21 लाख नाप तौल उपकरणों का सत्यापन किया गया है। मंत्री बघेल ने कहा कि माप तौल प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। वहीं लायसेंस प्रदान करने की समय सीमा भी कम की जाए।

बैठक में खाद्य विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्रीमती किरण कौशल, मार्कफेड के प्रबंध संचालक रमेश शर्मा, विधिक मापविज्ञान विभाग के संचालक देवेन्द्र भारद्धाज सहित खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

निदान-1100 में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने दिए निर्देश

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रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने  जन शिकायत निवारण प्रणाली (निदान-1100) में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए सभी नगरीय निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सुडा ने समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर नाखुशी जाहिर करते हुए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

सुडा ने नगरीय निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जन समस्याओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' का प्रातः छह बजे से रात्रि आठ बजे तक संचालन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत नागरिकों की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन, रोड, नाली, सीवर की सफाई, सेप्टिक टैंक की सफाई, स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई, भवन अनुज्ञा एवं अन्य शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना है। परिपत्र में कहा गया है कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि नागरिकों द्वारा निदान-1100 में दर्ज शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया जा रहा है। 

जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने से आम नागरिकों में निकायों की छवि धूमिल हो रही है। निकायों की खराब ग्रेडिंग शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है। भविष्य में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा शासन स्तर पर किया जाना है। सुडा ने अपने परिपत्र में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के लिए नगर निगमों में मुख्यालय स्तर पर अपर आयुक्त या उप आयुक्त को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जोन कार्यालय स्तर पर जोन आयुक्त को नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

नगर पालिकाओं में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी या सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी और सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश सुडा ने दिए हैं। नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी के स्थानांतरण या अन्य किसी स्थिति में उनके स्थान पर नवपदस्थ अधिकारी/कर्मचारी स्वतः नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी नामांकित होंगे। सुडा ने परिपत्र में दिए गए निर्देशानुसार सभी निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर सुडा के राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है।

पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने 28 अगस्त से 3 सितम्बर तक चलेगा विशेष अभियान

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सड़कों पर मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए 28 अगस्त से 3 सितम्बर तक विशेष अभियान चलाकर जरूरी कार्यवाही करें। उन्होंने कलेक्टरों से कहा है कि वे सड़कों पर पहुंचकर आकस्मिक निरीक्षण करें। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा है कि सड़कों पर पशु होने की शिकायत करने एवं निराकरण के लिए हर जिले में आम जनता, यात्रियों एवं मीडिया के लिए एक टोल फ्री नम्बर अनिवार्य रूप से स्थापित करें और इसकी जानकारी लोगों को होर्डिंग्स, साइन बोर्ड और अन्य संसाधनों के माध्यम से दी जाए।

मुख्य सचिव ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में सड़कों पर पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने निर्देश दिए। सरगुजा एवं बिलासपुर संभागायुक्त और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, बिलासपुर और सूरजपुर के कलेक्टरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सड़कों से पशुओं को हटाएं जाने की व्यवस्था की समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव ने कल रायपुर, बस्तर और दुर्ग के संभागायुक्तों एवं इन संभागों के कलेक्टरों से पशुओं के सड़कों पर आने से रोकने के लिए की गई तमाम व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी।

बैठक में पशुओं के कारण दुर्घटना जन्य सड़कों का चिन्हांकन और इन सड़कों से पशुओं को हटाएं जाने की व्यवस्था के संबंध में जिलेवार विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के लिए चिन्हांकित ग्रामों और नगरीय क्षेत्रों में पशु पालकों के व्यवहार में परिवर्तन लाने का प्रयास करें एवं इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनायें। बैठक में मुख्य सचिव ने चिन्हांकित सड़कों पर पशुओं के आने से संबंधित शिकायतें प्राप्त करने एवं उनके निराकरण की व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टरों ने बताया कि पशुओं के कारण दुर्घटना जन्य सड़कों का चिन्हांकन कर लिया गया है। सभी ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों में सड़कों पर आने वाले पालतू और आवारा पशुओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पशुओं को टैगिंग और रेडियम बेल्ट लगाएं जा रहे हैं। पशुओं को सड़कों से हटाकर गौशालाओं, गौठानों और कांजीहाउस में ले जाकर सुरक्षित रखा जा रहा है। पशुओं का टीकाकरण भी किया जा रहा है। ऐसे पशु जिनके कोई मालिक उन्हें लेने नही आ रहे हैं उनकी नीलामी भी की जा रही है।

पशु पालकों को समझाइस दी जा रही है कि वे अपने पशुओं को सड़़कों पर नहीं छोड़े। पशुओं के सड़कों पर आने से दुर्घटनाएं हो जाती है, जिससे जन धन का नुकसान होता है। पशु पालकों को यह भी बताया जा रहा है कि यदि उनके पशु सड़कों पर पाएं जाते है उन पर जुर्माना वसूली की जाएगी। जिला अधिकारियों ने बताया कि जिला सड़क सुरक्षा समिति के माध्यम से त्रैमास में हुई पशु जन्य सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण किया जाकर इसके लिए उत्तरदायित्व निर्धारण कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों पर पशुओं को रोकने के लिए की जा रही कार्यवाही से अच्छे परिणाम मिलने लगे हैं। बैठक में कलेक्टरों ने अपने जिले के गौठानों, गौशालाओं और कांजीहाउस की स्थिति की विस्तार से जानकारी दी। कलेक्टरों ने पशुओं को सड़क से हटाने की व्यवस्था के लिए तैनात अधिकारी-कर्मचारियों और काउ-केचर वाहन के संबंध में भी जानकारी दी।

बैठक में पशुओं को रखने हेतु गौशालाओं, गौठानों और कांजीहाउस की मैपिंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। कलेक्टरों ने बताया कि वे पशुओं को सड़कों पर आने से रोकने के लिए जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पशु पालकों, जनप्रतिनिधियों, और स्वयं सेवी संस्थाओं और समाज सेवकों का सहयोग लेने के लिए सभी जरूरी कार्यवाही की जा रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में कृषि एवं पशुधन विकास विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज भाई तम्बोली, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं श्रीमती चंदन त्रिपाठी, संभागायुक्त बिलासपुर और सरगुजा सहित गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, बलरामपुर, सुरजपुर, बिलासपुर और सरगुजा जिले के कलेक्टर शामिल हुए।

सीएम के घोषणा के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने और समान खरीदी में अनियमितता की शिकायत पर दो नगर पालिका अधिकारी निलंबित

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रायपुर। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा आज दो नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें गौरेला नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकुर पांडेय द्वारा मुख्यमंत्री के घोषणा के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने की शिकायत पर जांच में सही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। 

इसी प्रकार नगर पंचायत चंद्रपुर के प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोहन विश्वकर्मा द्वारा टेबल-कुर्सी व एलईडी लाइट खरीदी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितता की शिकायत पर जांच में सही पाए जाने पर निलंबित किया गया है। गौरतलब है कि 20 एवं 21 अप्रैल 2023 को विभागीय काम-काज की समीक्षा के दौरान नगर पंचायत पेण्ड्रा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा शासन द्वारा दिए गए निर्देशों के अवहेलना करने एवं कार्य को विलंबित करने के प्रयास किए जाने के लिए उत्तरदायी पाया गया है। निलंबित इन दोनों मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की निलंबन अवधि में मुख्यालय, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर रहेगा। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।


कलेक्टर ने किसान की शिकायत पर दिए जांच के निर्देश

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बिलासपुर। कलेक्टर सौरभ कुमार के समक्ष मोपका निवासी उमेंद्र साहू निवासी ने 23 जून को लिखित में शिकायत दी थी कि ग्राम मोपका स्थित उसकी भूमि खसरा नंबर 1357 के मेड को तोड़ कर समीप के भू धारक शेरू असलम और मोहसिन खान ने अपनी भूमि में मिलाकर समतल कर दिया है और उसे धमकी दे रहा है कि यह जमीन उसकी अपनी जमीन है। कलेक्टर ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही करने के लिए पत्र एसडीएम बिलासपुर को प्रसारित किया।

एसडीएम बिलासपुर ने शिकायत पत्र का संज्ञान लेते हुए धारा 145 सीआरपीसी के तहत मौके पर यथा स्थिति बनाये रखने का आदेश प्रसारित किया है और सुनवाई के लिए दोनों पक्षों को अपने अपने दस्तावेज सहित 28 जून 2023 को कार्यालय बुलाया है। पुलिस को घटना का संज्ञान लेकर प्रतिवेदन देने और नगर निगम बिलासपुर को संज्ञान लेते हुए अनियमित विकास के संबंध में विधि सम्मत कार्यवाही करने हेतु लेख किया गया है। शिकायत पत्र में किसान उमेद साहू ने शेरू असलम के विरुद्ध शिकायत किया है किंतु भूमि मोहसिन खान के नाम पर होने से मोहसिन खान को नोटिस जारी किया गया है थाना सरकंडा ने शेरू असलम के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही का इस्तगासा प्रस्तुत किया है।

दत्तक ग्रहण केन्द्र में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने के मामले में बाल संरक्षण अधिकारी की सेवा समाप्त

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उत्तर बस्तर कांकेर। उल्लेखनीय है कि प्रतिज्ञा विकास संस्थान दुर्ग द्वारा जिला मुख्यालय कांकेर में संचालित विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण संस्था के विरुद्ध बच्चों के साथ यातना एवं दुर्व्यवहार की शिकायत पाये जाने पर संचालनालय, महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम द्वारा 04 जून 2023 को दत्तक ग्रहण अभिकरण का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में संस्था के विरुद्ध प्राप्त शिकायत की पुष्टि हुई है। 

                                            बाल संरक्षण अधिकारी रीना लारिया 

घटना के संबंध में जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में श्रीमती रीना लारिया के कथन अनुसार विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण संस्था में बच्चों के साथ हुए दुर्व्यवहार की जानकारी होने की स्वीकारोक्ति है। उसके बावजूद भी कार्रवाई हेतु वरिष्ठतम अधिकारियों को सूचित नहीं करना उसके पदीय दायित्वों को स्पष्ट रूप से परिलक्षित करता है। घटना के संबंध में जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में श्रीमती रीना लारिया द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधान कारक नहीं पाया गया एवं उनके द्वारा कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई।

जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती रीना लारिया (संविदा) के विरुद्ध 30 मई 2023 को भी एक शिकायत प्राप्त हुई थी। इस सम्बन्ध में 05 जून 2023 को कार्यालय मुख्यमंत्री निवास, छत्तीसगढ़ शासन से भी जांच हेतु पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें वर्णित शिकायत अनुसार महिला एवं बाल विकास विभाग के पूर्व कर्मचारी (संविदा) द्वारा तत्कालीन पद से त्याग पत्र देने के बाद भी वर्ष 2022-23  का कार्यालयीन  रोकड़-बही का संधारण किया गया है। शिकायत के सन्दर्भ में कलेक्टर कार्यालय द्वारा जांच समिति बनाई गई थी। समिति से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में श्रीमती रीना लारिया एवं पूर्व कर्मचारी (संविदा) द्वारा दिये गये कथनों से शिकायत की पुष्टि होती है। उपरोक्त कारणों से श्रीमती रीना लारिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (संविदा) की सेवा कलेक्टर द्वारा समाप्त कर दी गई है।


मेडिकल कॉलेज महासमुन्द की डीन पर दुर्व्यवहार की शिकायत

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महासमुन्द। छग परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ ने मेडिकल कॉलेज महासमुन्द की डीन पर दुर्व्यवहार करने की शिकायत की है। उन्होंने संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर से शिकायत करते हुए कार्यवाही करने ज्ञापन सौंपा।

कार्यवाही की मांग को लेकर कर्मचारी कल्याण संघ ने संसदीय सचिव को सौंपा ज्ञापन

छग परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ की अध्यक्ष मीना तारण सहित संगीता मालेकर, धनेश्वरी ठाकुर, सविता कन्नौजे मंगलवार को संसदीय सचिव निवास पहुंचकर संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज महासमुन्द की डीन डॉ यास्मीन खान द्वारा जिला अस्पताल के कर्मचारियों के साथ पक्षपात करते हुए दुर्व्यवहार किया जाता है। मेडिकल कॉलेज संचालित होने के बाद मेकाहारा अस्पताल रायपुर से 31 नर्सिंग सिस्टर आये है। मेडिकल कॉलेज बनने से मरीजों की संख्या भी बढ़ गयी है। प्रमोशन से आये नर्सिंग सिस्टर उन्हें मदद करने के लिए कहते है तो उनका कहना है कि हम पैसे देकर आये है। हम काम नही करेंगे। हम उनको कहते है कि जब तक मेडिकल कॉलेज के और स्टाफ नही आ जाते तब तक 3 शिफ्ट में ड्यूटि करे लेकिन उन लोग मना करते हैं।

जब हम अपनी समस्या लेकर मेडिकल कॉलेज महासमुन्द की डीन के पास गये और उन्हें सारी समस्या के बारे में जानकारी दी तो मेडिकल कॉलेज के मैट्रन सिस्टर के सामने हमे डांट कर चुप करा कर अमर्यादित टिप्पणी करते हुए नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। उनके द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने से सभी कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने डीन के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। जिस पर संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने उचित कार्यवाही के लिए शासन का ध्यानाकर्षित कराने का आश्वासन दिया।

प्रशासनिक टीम की छापामार कार्यवाही, 16 हज़ार से ज्यादा बारदाना जप्त, शिकायत व गड़बड़ी मिलने पर त्वरित कड़ी कार्यवाही लगातार जारी

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कोरिया। धान खरीदी को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न कराने प्रशासनिक दल द्वारा लगातार समितियों और उपार्जन केंद्रों की निगरानी की जा रही है और किसी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर त्वरित कार्यवाही भी की जा रही है। इसी कड़ी में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में बीते शनिवार को तहसीलदार बैकुंठपुर मनहरण सिंह राठिया और उनकी टीम ने छापामार कार्यवाही कर अलग अलग जगह से अवैध रूप से भंडारित बारदानों को जप्त किया।

गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर तहसीलदार बैकुंठपुर के साथ हल्का पटवारी गिरजापुर योगेश गुप्ता, संजय सूर्यवंशी, रानु कुर्रे, शकुंतला सिंह की टीम द्वारा गिरजापुर समिति के कर्मचारियों के अलग-अलग ठिकानों पर छापामार कार्यवाही की गई। जिसमें उमेश देवांगन, दिनेश कुशवाहा, ईश्वर साहू, उमेश कुशवाहा के घर से अवैध भंडारित बारदाने जप्त किये गए। इन सभी ठिकानों से 16 से अधिक बारदाना जप्त किया गया है। पंचनामा और प्रतिवेदन अगली कार्यवाही के लिए भेजा गया है। बता दें कि पूर्व में भी धान खरीदी से संबंधित शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते हुए प्रशासनिक दलों द्वारा उचित कार्यवाही की गई है। जिसमें धान के अवैध भंडारण और परिवहन जैसे मामले शामिल हैं। धान खरीदी को प्रभावित करने वालों पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

राज्य सूचना आयुक्त त्रिवेदी कोर्ट तीन और कोर्ट एक की सुनवाई करेंगें

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में जनसुविधा एवं कार्याे के सुचारू संचालन के लिए राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी अपने आबंटित जिले के कार्याे के साथ-साथ पूर्व राज्य मुख्य सूचना आयुक्त राउत को आबंटित जिले के प्रकरणों की सुनवाई करेंगें। राज्य सूचना आयोग के अवर सचिव से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनसुविधा एवं कार्याे के सुचारू संचालन के लिए राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल अपने आबंटित जिले के कार्याे के साथ-साथ पूर्व राज्य सूचना आयुक्त अग्रवाल को आबंटित जिले के प्रकरणों की सुनवाई करेंगें।

राज्य सूचना आयुक्त त्रिवेदी, पूर्व राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम के राउत को आबंटित जिले बिलासपुर, जांजगीर-चाम्पा, महासमुंद, गरियाबंद, मुंगेली एवं प्रदेश के बाहर के अन्य जिले के द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई करेंगें। इसी प्रकार राज्य सूचना आयुक्त जायसवाल, पूर्व राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल को आबंटित जिले रायपुर, बस्तर, कांकेर, कोरिया, भाटापारा-बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, बलरामपुर-रामानुजगंज एवं सूरजपुर जिले के द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई करेंगें।

सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील और शिकायत के प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से राज्य सूचना आयुक्तों के द्वारा की जा रही है। अपीलार्थी, शिकायतकर्ता और जनसूचना अधिकारी अपने जिले के कलेक्टोरेट स्थित एन.आई.सी. (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र) के वीडियोकक्ष में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं। अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय अधिकारी प्रकरण से संबंधित तर्क/जवाब लिखित रूप से आयोग को  ई-मेल, व्हाट्सअप और फैक्स के माध्यम से भेंज सकते हैं।

दुर्ग में एक साल से कोलकाता पुलिस के हाथ नहीं लगे कोठारी बंधु, अब दुर्ग पुलिस को चुनौती,

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दुर्ग। दुर्ग के कोठारी परिवार की धोखाधड़ी मामले में पिछले दो साल से पीड़ित रजत सुराना पुलिस अफसर और थाना का चक्कर लगाते रहे लेकिन एफ आई आर नहीं हुई जबकि यह मामला लगभग 138 करोड़ की धोखाधड़ी का है। अब न्यायालय ने दुर्ग पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने आदेशित किया है। आज पत्रकारवार्ता में रजत सुराना ने कहा कि दुर्ग पुलिस ने 2020 में शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच में 10 हजार 689 शेयर कूटरचित दस्तावेज से सुरेश कोठारी द्वारा अपने नाम किया जाना पाया गया था इसके बावजूद पुलिस ने इसे गैर संज्ञेय अपराध बताते हुए कार्रवाई से इंकार कर दिया था। अब न्यायालय द्वारा धारा 420, 467, 468, 471, 406, 120बी व 34 के तहत अपराध दर्ज करने सिटी कोतवाली दुर्ग को आदेश देने के बाद रजत ने न्याय मिलने की उम्मीद जगाई है।


पत्रकारवार्ता में रजत सुराना ने बताया कि रजत बिल्डकान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और महावीर आवास दोनों कंपनी में सुरेश कोठारी वर्ष 2001 से 2018 तक डायरेक्टर रहे फिर 2018 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। शुरू से ही सुरेश के चचेरे भाई सीए श्रीपाल कोठारी कंपनी का एकाउंट देखते रहे हैं। लगभग 250 करोड़ के टर्नओवर की इन कंपनियों में मंजु सुराना, प्रकाश जायसवाल, रजत सुराना भी डायरेक्टर रहे हैं। रजत ने बताया कि वर्ष 2020 में पता लगा कि सुरेश कोठारी ने प्रकाश जायसवाल के 40 हजार शेयर अपने पुत्र सिद्धार्थ और चचेरे भाई श्रीपाल और स्वयं के नाम किए हैं जिस पर वेस्ट बंगाल पुलिस ने इनके खिलाफ अपराध दर्ज किया था। उसके बाद पता लगा कि मंजु सुराना के 1564 शेयर में भी नाम का हेर फेर कर कोठारी परिवार ने अपने नाम किया हुआ है।

रजत के अनुसार कुल 1 लाख 3 हजार 689 शेयर कूटरचना से सुरेश कोठारी ने स्वयं और श्रीपाल, सिद्धार्थ, कुसुम और ममता कोठारी का नाम कर लिया है। इस शेयर की वर्तमान वैल्यू लगभग 138 करोड़ बताई जा रही है। सुराना के मुताबिक उनके आब्जेक्शन से फिलहाल जांच तक कोठारी परिवार उक्त शेयर बेच नहीं सकेगा। उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस 54 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में जब जब आरोपियों को पकड़ने छत्तीसगढ़ आई वो नहीं मिले जबकि सभी आरोपी दुर्ग में ही घूमते रहे हैं। अब जबकि दुर्ग पुलिस को अपराध दर्ज करने निर्देश मिला है तो जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इससे पूर्व दो साल से एसपी, आईजी, डीआईजी तक उन्होंने शिकायत की लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज की थी। अंततः न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष 156(3) में याचिका प्रस्तुत करने पर दुर्ग पुलिस को धारा 420, 467, 468, 406, 471, 120बी, 34 के तहत अपराध दर्ज कर 28 जनवरी 2023 तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने आदेश दिया गया है।

राज्य सूचना आयोग आयोग में 4901 प्रकरणों का निराकरण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग आयोग को जनवरी 2022 से 16 नवंबर 2022 की स्थिति में कुल 6667 आवेदन अपील और शिकायत के प्राप्त हुआ, जिनमें से अपील और शिकायत के 4901 प्रकरणों का निराकरण किया गया। तत्कालीन राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने 1220 अपील और शिकायत के प्रकरणों का निराकरण किया। इसी प्रकार राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने 1421 अपील और शिकायत के प्रकरणों का निराकरण, राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने 1050 अपील और शिकायत और राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल के द्वारा 1210 अपील और शिकायत के प्रकरणों का निराकरण किया।



सूचना व्यक्ति के ज्ञान का स्त्रोत है। वह विकास की आधारभूत “शक्ति” है । सूचना व्यक्ति के जीने और संघर्ष करने की सामर्थ को बढ़ाती है, जो सूचना दे रहा है उसमें सहयोग पारदर्शिता और संयम को विकसित करती है। केन्द्र और राज्य सरकारों के अतिरिक्त पंचायतीराज सरथाएँ, स्थानीय शासन तथा गैर-सरकारी संगठन जिन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी अनुदान प्राप्त होता है को, इस कानून में शामिल किया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग आयोग को जनवरी 2022 से 16 नवंबर 2022 तक 4066 द्वितीय अपील के प्रकरण प्राप्त हुए जिनमें 3513 प्रकरणों का निराकरण किया गया। निराकृत द्वितीय अपील के प्रकरणों में तत्कालीन राज्य मुख्य सूचना आयुक्त राउत ने 842 प्रकरणों का राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने 961 द्वितीय अपील के प्रकरणों का निराकरण किया गया शामिल है। राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने 721 द्वितीय अपील के प्रकरणों का और राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने 989 द्वितीय अपील के प्रकरणों का निराकरण किया गया है।

इसी प्रकार जनवरी 2022 से 16 नवंबर 2022 तक 2601 शिकायत के प्रकरण आयोग को प्राप्त हुए जिनमें 1388 शिकायत के प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिनमें तत्कालीन राज्य मुख्य सूचना आयुक्त राउत ने 378 शिकायत प्रकरणों का, राज्य सूचना आयुक्त अशोक अग्रवाल ने 460 शिकायत के प्रकरणों का, राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने 329 और राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल के द्वारा 221 शिकायत के प्रकरणों का निराकरण किया है। राज्य सूचना आयोग में प्रशासनिक एवं कार्यसुविधा की दृष्टि से सूचना आयुक्तों के मध्य आयोग के कार्यो का विभाजन किया गया हैं।

वर्तमान में आयोग में चार वीडियो कांफ्रेसिंग की सुविधा है, जिसका उपयोग राज्य के सुदूर क्षेत्रों के जिलें के आवेदकों, शिकायतकर्ताओं से प्राप्त प्रकरणों की सुनवाई के लिए निरन्तर की जा रही है। आयोग द्वारा अपील प्रकरणों में सुनवाई के समय जनसूचना अधिकारी एवं अपीलार्थी को नोटिस देकर निर्धारित तिथि को अभिलेखों के साथ बुलाया जाता है तथा दोनों पक्षों को अपना तर्क प्रस्तुत करने के लिए समुचित अवसर प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग ने द्वितीय अपील और शिकायतों की सुनवाई कर समयबद्ध निराकरण किया जाता है। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी को प्रकरण से संबंधित तर्क, जवाब लिखित रूप से आयोग को  ई-मेल, व्हाट्सअप और फैक्स से भेजने निर्देशित किया गया।

बहन साथ रहती थी, उसकी जमीन पर खेती करते थे, रिकार्ड देखा तो किसी और के नाम जमीन थी

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दुर्ग। पोटिया के एक किसान ने आज जनदर्शन में अपनी समस्या रखी। इस किसान ने बताया कि उसकी बहन अपने पति से विवाह विच्छेद होने के पश्चात 1987 से उनके पास रह रही थीं और नकी कोई संतान नहीं थी इसलिए बोरी की उनकी जमीन की देखरेख उन्हीं के द्वारा की जाती थी। बहन ने अपनी भूमि का स्वामित्व मेरे नाम रखा था। बहन की मृत्यु के पश्चात कुछ दलालों ने भूमि को खरीदने की इच्छा जताई और तब जब रिकार्ड देखा गया तो भूमि किसी और के नाम पर दर्ज पाई गई। कलेक्टर ने बोरी तहसीलदार को पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिये। 



इस दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई, अरविंद एक्का, जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन, नगर निगम आयुक्त रोहित व्यास एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। अवैध आटाचक्की और मसाला पिसाई उद्योग से संबंधित शिकायत- पदुम नगर भिलाई तीन के रहवासियों ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय  आवासीय परिसर में एक परिवार द्वारा आटाचक्की और मसाला पिसाई उद्योग से संबंधित दुकान चलाई जा रही है जिससे काफी व्यवधान होता है। इसे बंद कराने या इससे संबंधित दस्तावेज दिखाने कई बार अनुरोध किया गया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

कलेक्टर ने इस मामले पर नियमानुसार कार्रवाई करने निर्देश अधिकारियों को दिये। भेड़सर में जल कारीडोर बनाने की मांग- बेलौदी, मालूद और भेड़सर के किसान आज जल कारीडोर की मांग की। उन्होंने कहा कि यहां का नाला भेड़ेसर के पास शिवनाथ नदी में मिलता है। यहां काफी अतिक्रमण हो गया है जिससे नाले का बहाव बंद हो गया है। यहां पर शासन की नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य की माँग ग्रामीणों ने की। कलेक्टर ने अधिकारियों को जलसंसाधन विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में निरीक्षण करने के निर्देश दिये।

कोठार के पीछे कर लिया कब्जा, फसल को ले जाने में हो रही दिक्कत- ग्राम नंदकट्ठी के एक ग्रामीण ने अपनी शिकायत दर्ज की। उसने बताया कि उसके कोठार के सामने वाली जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। यह कब्जा आगे तथा पीछे दोनों ओर किया गया है। इससे कोठार से फसल को लाने ले जाने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीएम दुर्ग को मामले के निराकरण के निर्देश दिये।

देवादा के मोहल्लावासी पहुंचे, बारिश में काफी दिक्कत की शिकायत- देवादा, पाटन ब्लाक के वार्ड क्रमांक 5 और छह के निवासी भी जनदर्शन पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके वार्ड में लगभग 40 परिवार रहते हैं। सड़क की स्थिति बहुत खराब है। सीसीरोड बन जाएगा तो बहुत अच्छा होगा। अभी छोटे बच्चों को भी स्कूल पहुंचने में बहुत दिक्कत होती है। कपड़े भी गंदे हो जाते हैं।

शिकायत के बाद मंत्रालय में अटैच खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के भृत्य की सेवा समाप्त

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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, रायपुर में कलेक्टर दर पर पदस्थ भृत्य (मंत्रालय में अटैच) चन्द्रदीप टंडन को पद से हटा दिया गया है। विदित हो कि उक्त भृत्य द्वारा मोबाइल के माध्यम से मैदानी क्षेत्र के कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों से कार्य करवाने के एवज में पैसों की मांग की जाने की शिकायत शासन को प्राप्त हुई थी। 



जाँच उपरांत शिकायत सही पाए जाने पर कार्यवाही करते हुए नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ द्वारा भृत्य की सेवा समाप्त कर दी गई है।

सीएम ने पिनकापार स्कूल की प्राचार्य को किया निलंबित

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बालोद जिले के गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र ग्राम जेवरतला के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान पिनकापार स्कूल की छात्रा ने प्राचार्य द्वारा ज्यादा फीस लेने और बच्चों से अच्छा व्यवहार नहीं करने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने छात्रा की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पिनकापार की प्राचार्य को निलंबित करने के निर्देश दिए।



मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए निलंबन का आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार सत्र 2020-21 में कोविड-19 के कारण विद्यालय बंद की स्थिति रही। कक्षाएं ऑनलाइन संचालित की जा रही थी, फिर भी स्कूल की प्राचार्य श्रीमती संगीता खोब्रागढ़े द्वारा छात्रा-छात्राओं से वार्षिक स्थानीय निधि शुल्क लिया गया। स्थानीय शाला शुल्क छात्र-छात्राओं से लिए जाने, शाला प्रबंधन विकास समिति के हस्तक्षेप एवं जनप्रतिनिधियों से की गई शिकायत के बाद आंशिक रूप से राशि लौटाई गई। 

श्रीमती खोब्रागढ़े के द्वारा वित्तीय क्रिया-कलापों में पारदर्शिता का अभाव एवं भण्डार क्रय नियमों का पालन नहीं किया जाना पाया गया। साथ ही क्रय-विक्रय के लिए शाला प्रबंधन विकास समिति से अनुमोदन नहीं लेने प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है। स्कूल की प्राचार्य का यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के विपरीत गंभीर कदाचार है। अतः उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय, कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बालोद नियत किया गया है।


जाति सहित अन्य प्रमाण पत्र बनाने में च्वाइस सेंटर के संचालक न वसूले अतिरिक्त राशि, अन्यथा कार्रवाई के लिए रहे तैयार : रजत बंसल

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बलौदाबाजार। कलेक्टर रजत बंसल ने आज जिला पंचायत के सभागार में समस्त च्वाइस सेंटरों के संचालको के साथ बैठक कर आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना, आधार कार्ड एवं भारत नेट जैसे योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधित कार्यो की  विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान उन्होनें सभी च्वाइस सेंटरों के संचालको कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि जिलें में लगातार जाति सहित अन्य प्रमाण पत्र बनाने में च्वाइस सेंटरों के द्वारा अतिरिक्त राशि लिए जाने की गंभीर शिकायते प्राप्त हो रही है। ऐसे च्वाइस सेंटर वाले सुधर जाएं। 



शासन द्वारा निर्धारित राशि के अलावा अन्य राशि न लेवें। नही तो शिकायत मिलने पर न केवल आई डी को निरस्त किया जायेगा। उसके साथ ही उस व्यक्ति खिलाफ 420 के तहत प्रकरण दर्ज कराकर पुलिस कार्यवाही भी की जायेगी। उन्होनें जाति प्रमाण पत्र के लंबित प्रकरणों पर गंभीर नराजगी जताते हुए समस्त तहसीलदारों एवं एसडीएम को शीघ्र ही प्रमाण पत्र बनाने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही प्रमाण पत्र बनाने हेतु एकरूपता तय करने के लिए अपर कलेक्टर राजेन्द्र गुप्ता एवं डिप्टी कलेक्टर टी आर महेश्वरी को रिपोर्ट बनाकर 3 दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है। 

इस दौरान उन्होनें च्वांइस सेंटर संचालको को हो रही समस्याओं के बारें में भी गंभीरता से जानकारी हासिल की। बंसल ने शीघ्र ही इन समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया। उक्त बैठक में आयुष्मान कार्ड के फायदें एवं शत प्रतिशत शासकीय अस्पतालों में उसके उपयोग से होने वाले फायदों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कलेक्टर बंसल ने प्रत्येक व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनाने एवं शासकीय अस्पतालों में 100 प्रतिशत क्लेम करने के लिए आम लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए है। 

बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केवाईसी के तहत हो रहे दिक्कतों के बारे में एनआईसी को समस्या के समाधान करने के लिए निर्देशित किया है। अपर कलेक्टर राजेन्द्र गुप्ता ने सभी च्वांइस सेंटर में लोक सेवा केन्द्रों में आंनलाईन सेवाओं के आवश्यक दस्तावेजों की सूची,निर्धारित शुल्क की सूची को अनिवार्य रूप से चस्पा करने के निर्देश दिए है। उक्त बैठक में समस्त च्वांइस सेंटर के संचालक सहित डिप्टी कलेक्टर टी आर महेश्वरी, सीएचएमओ डॉ. महिस्वर,उपसंचालक कृषि जोसेफ टोप्पो, एनआईसी सूचना अधिकारी सत्नारायण प्रधान, आयुष्मान नोडल विनय मिश्रा,ईडीएम संदीप साहू सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होता है तो आम जनता नहीं करेगी शिकायत

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रायपुर. शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन होता है तो जनता शिकायत नहीं करेगी। बस्तर और सरगुजा में भेंट मुलाकात के दौरान नागरिक सेवाओं की आपूर्ति को  लेकर बहुत कम शिकायतें आईं। इससे पता चलता है कि प्रशासनिक तंत्र अच्छा काम कर रहा है। आप सभी से अपेक्षा है कि इसी तरह जनसेवा के दायित्व को पूरे मनोयोग से निभाते रहें. यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांकेर में आयोजित समीक्षा बैठक में कही. उन्होंने कहा कि हमने प्रशासनिक तंत्र में जनसेवा के संकल्प को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम किया है इसके प्रभावी नतीजे सामने आ रहे हैं. 



मुख्यमंत्री ने कहा कि वनवासियों के लिए निरंतर बेहतर कार्य किये जाने की जरूरत है. इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. वनवासी वनों के संरक्षक हैं. फारेस्ट नियमों के दायरे में जंगल में रहने वाले रहवासियों को हर तरह की सुविधा देना सुनिश्चित करें. 

यहां उनके लिए जंगल के संसाधनों को ही विकसित तथा प्रसंस्कृत कर आजीविकामूलक गतिविधियों के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम करें. मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े तीन साल पहले और आज के कांकेर में बड़ा बदलाव महसूस किया जा सकता है. क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। शांति कायम हुई है. पर्यटन गतिविधियों का विस्तार हो रहा है. वनोपजों के प्रसंस्करण की दिशा में बड़ा काम हो रहा है.

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांकेर को पूरे देश में अपने रैली ककून और मिलेट मिशन की वजह से पहचान मिलने लगी है. कोदो, कुटकी, रागी भी कांकेर की पहचान बन रही है. इनका वैल्यू एडीशन करना है और लोगों के लिए आर्थिक आय के बड़े अवसर उपलब्ध कराना है. अपने वनसंसाधनों से कांकेर की पहचान है। वनोपजों के प्रसंस्करण और क्रय को लेकर शासन की बेहतर नीति की वजह से संग्राहकों और व्यापारियों के लिए भरपूर संभावनाएं उभर कर आई हैं. इस दिशा में काम इसी तरह से निरंतर चलना चाहिए.

 मुख्यमंत्री ने पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने की दिशा में कार्य करने अधिकारियों को निर्देश दिये. उन्होंने कहा कि कांकेर बस्तर का प्रवेश द्वार है. प्रवेश द्वार से ही पर्यटकों का आकर्षण बनें, इसलिए पर्यटन अधोसंरचना को मजबूत करने कार्य करना है. उन्होंने कहा कि टाटामारी, लीमदरहा जैसे रिसार्ट मैंने देखें. बहुत अच्छा कार्य हो रहा है। इसी तरह के प्रयासों से बस्तर तेजी से पर्यटन हाटस्पाट के रूप में विकसित होगा.

 मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्कूलों में भी गया. पढ़ाई की अधोसंरचना मजबूत हुई है. अभिभावकों में अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जागरूकता बढ़ी है. अधिकारियों से अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की हुई है कि पूरे भेंट मुलाकात अभियान में मैंने संतुष्टि और मुस्कान से भरे चेहरे देखे, कहीं तनाव की कोई झलक नहीं. ऐसा ही छत्तीसगढ़ गढ़ने की दिशा में हम काम कर रहे हैं और आप निरंतर इस लक्ष्य को लेकर कार्य करते रहें.

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