Media24Media.com: शराब घोटाले

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पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से पूछताछ के लिए रायपुर जेल पहुंची EOW की टीम

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 रायपुर । बहुचर्चित 2000 करोड़ के शराब घोटाले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने भी पूछताछ शुरू कर दी है। बुधवार सुबह DSP और इंस्पेक्टर स्तर के दो अधिकारियों की टीम रायपुर सेंट्रल जेल पहुंची, जहां वे घोटाले के पैसों के नक्सल कनेक्शन समेत 12 अहम सवालों पर जवाब मांगेंगे।


EOW की टीम को 19 और 20 मार्च को पूछताछ की अनुमति मिली है। जांच एजेंसी ने ईडी की विशेष कोर्ट से इजाजत लेकर यह कार्रवाई की। सूत्रों के मुताबिक, जांच में आबकारी घोटाले के पैसों का कुछ हिस्सा नक्सलियों तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। अब EOW लखमा से सीधे पूछताछ कर इस कनेक्शन की पुष्टि करने की कोशिश करेगी।

कवासी लखमा को 15 जनवरी को ED ने गिरफ्तार किया था। दो बार पूछताछ के बाद उन्हें जेल भेजा गया। गिरफ्तारी के बाद ED ने 7 दिन कस्टोडियल रिमांड पर रखकर पूछताछ की। 21 जनवरी से 4 फरवरी तक उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा गया और फिर 18 फरवरी तक रिमांड बढ़ाई गई। फिलहाल वे रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। पिछली सुनवाई में सुरक्षा कारणों से उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था।

आबकारी घोटाले में अब तक कई बड़े अधिकारी और कारोबारी जांच के घेरे में आ चुके हैं। अब EOW की पूछताछ के बाद इस मामले में और नए खुलासे होने की संभावना है। यह देखना दिलचस्प होगा कि लखमा के जवाबों से जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

CG Liquor Scam : शराब घोटाला में एक और गिरफ्तारी, EOW ने डुप्लीकेट होलोग्राम केस में दिलीप पांडे को किया गिरफ्तार

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 रायपुर : छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में ईओडब्ल्यू की टीम ने नकली होलोग्राम की सप्लाई करने वाले प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्रालिमि के स्टेट हेड दिलीप पांडे को गिरफ्तार किया है, EOW ने होलोग्राम के प्रिंटिंग के सेटअप से जुडी इंडस्ट्रीयल कम्प्यूटर के हार्ड ड्राइव को भी जब्त किया है।


बता दें कि पूर्व कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित शराब घोटाले की जाँच के दौरान EOW को टीम ने मंगलवार को नकली होलोग्राम की सप्लाई करने वाले प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्रालिमि के स्टेट हेड दिलीप पांडे को गिरफ्तार किया है, इसके साथ ही ेऊ ने आरोपी के नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन आफिस के भूतल-कक्ष में होलोग्राम प्रिंटिंग के सेटअप से जुड़े हुए इंडस्ट्रीयल कम्प्यूटर के हार्ड ड्राइव को, जिसके माध्यम से डुप्लीकेट होलोग्राम के सीरियल नंबरों की छपाई की गई थी, उसे विधिवत वीडियोग्राफी कराकर जब्त किया गया है।

ईओडब्ल्यू से मिली जानकारी के अनुसार प्रिज्म कंपनी के नोएडा स्थित मुख्यालय से डुप्लीकेट होलोग्राम छपवाकर उसे रायपुर लाया जाता था। इसके परिवहन के लिए दस्तावेज, नकली होलोग्राम की संख्या और विवरण दिलीप पांडेय की निशानदेही पर बरामद किए हैं। साथ ही, दस्तावेजी साक्ष्य का परीक्षण किया जा रहा है। बता दें कि 2500 करोड़ के आबकारी घोटाले की इस समय ईडी के साथ ही ईओडब्ल्यू के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं।  इस मामले में EOW की टीम लगातार कार्रवाई कर रहे है ।

ईओडब्ल्यू ने जारी प्रेस रिलीज में बताया है कि गिरफ्तार किए गए दिलीप पांडे ने पूछताछ में सिंडीकेट बनाना स्वीकार किया है। साथ ही, इसका मुख्य खिलाड़ी अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरूणपति त्रिपाठी बताया हैं। वहीं, प्रिज्म होलोग्राफी के मालिक विधु गुप्ता द्वारा 2019 से 2022 के बीच तक फर्जी होलोग्राम छत्तीसगढ़ स्थित डिस्टलरियों को उपलब्ध कराना बताया है। फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर प्रकरण की जांच की जा रही है। बता दें कि 2500 करोड़ के आबकारी घोटाले की इस समय ईडी के साथ ही ईओडब्ल्यू के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं ।

CG NEWS: शराब घोटाले मामले में बड़ी कार्रवाई, अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा को ED ने किया गिरफ्तार

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CG NEWS: छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में ED ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की है। अनिल टुटेजा और यश टुटेजा को ईडी की टीम ने हिरासत में ले लिया है। दोनों को ईओडब्ल्यू ऑफिस से लेकर ED की टीम रवाना हो गई है। उल्लेखनीय है कि, इससे पहले रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और उनके पुत्र यश टुटेजा शराब घोटाले में बयान दर्ज कराने ईओडब्ल्यू के ऑफिस पहुंचे थे। पिता-पुत्र दोनों शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए हैं। इनके ईओडब्ल्यू आफिस में होने की जानकारी मिलने पर ईडी की टीम भी ईओडब्ल्यू ऑफिस पहुंची और दोनो को हिरासत में ले लिया।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, टुटेजा को इससे पहले भी तीन बार पूछताछ के लिए समंस भेजा गया था। शनिवार की सुबह बयान देने वे ईओडब्ल्यू मुख्यालय पहुंचे। एडिशनल एसपी की टीम टुटेजा से पूछताछ कर रही थी। हालांकि, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से नो कोरोसिव एक्शन का आदेश है, इसलिए ईओडब्ल्यू गिरफ्तारी नहीं कर सकती। समझा जाता है, जांच में दस्तावेजों की पड़ताल के संबंध में टुटेजा पिता-पुत्र को ईओडब्ल्यू ने बुलाया था।

सुप्रीम कोर्ट से नो कोरोसिव एक्शन का आदेश

हालांकि, शराब घोटाले में किसी तरह इनकी भूमिका को सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुकी है। अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा को नो कोरोसिव एक्शन का भी आदेश है। मगर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केस खारिज करने के बाद ED ने फिर से शराब घोटाले में एफआईआर दर्ज कर लिया है। उधर, ईडी के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ की EOW ने भी केस दर्ज किया है।

शराब घोटाले मामले में अनबर ढेबर को EOW ने किया गिरफ्तार, टोल नाका से पकड़कर ले आयी मुख्यालय

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 रायपुर। आबकारी घोटाले में आरोपी अरविंद सिंह और अनवर ढेबर को ACB/EOW ने फिल्मी अंदाज में कुम्हारी टोल प्लॉजा के पास से गिरफ्तार किया. हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार रात जेल से छूटा अरविंद सिंह अनवर ढेबर के साथ भागने की फिराक में था.


ACB/EOW ने अरविंद सिंह को गिरफ्तार करने के बाद 7 दिन की रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में पेश किया है. ACB/EOW द्वारा दर्ज शराब घोटाले में अरविंद सिंह के साथ अनवर ढेबर का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज है. कोर्ट से रिमांड पर लेने के बाद ACB/EOW पूछताछ करेगी.

ये था मामला
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शराब कारोबारी अनवर ढेबर को शराब घोटाले में आरोपी बनाया था। ईडी की ओर से छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला होने की बात कही थी। साथ ही 13 हजार पन्नों की चार्जशीट भी पेश की गई थी। 2000 करोड़ शराब घोटाले का आरोप ED ने लगाया है, जिसे कांग्रेस ने लगातार निराधार बता रही है।

ईडी ने शराब में राज्य में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक रुपए के भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का दावा किया है। जिसमें कहा गया कि, राज्य में 2019 से 2022 तक 2 हजार करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। इसमें राज्य के बड़े नेताओं और अधिकारियों का समर्थन था। कच्ची शराब सरकारी शराब दुकान बेचने और इससे मुनाफा कमाने का आरोप अनवर ढेबर पर लगाया गया है।

ED की हिरासत से दिल्ली सरकार चला रहे CM केजरीवाल, जारी किया पहला ऑर्डर

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 नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कथित शराब घोटाले में लगे आरोपों की वजह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्त में हैं। जेल से ही सरकार चलाने का ऐलान कर चुके अरविंद केजरीवाल ने ईडी की गिरफ्त में ही मुख्यमंत्री के तौर पर पहला फैसला भी लिया है। उन्होंने एक नोट के जरिए दिल्ली सरकार के जल विभाग को लेकर एक आदेश जारी किया है।


 यह पहला मौका है जब पद पर रहते हुए किसी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया है। आम आदमी पार्टी और खुद अरविंद केजरीवाल इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि वह गिरफ्तारी के बावजूद मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा नहीं देंगे। केजरीवाल जेल में रहकर ही सरकार चलाना चाहते हैं। 

हालांकि, कई संविधान विशेषज्ञ इस घोषणा की व्यवहारिकता पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि एक मुख्यमंत्री को हर दिन कई लोगों से मिलना होता है, अफसरों के साथ और कैबिनेट की बैठक लेनी होती है। दर्जनों फाइलों को देखना होता है उन पर हस्ताक्षर करना होता है। लेकिन जेल में हर कैदी को जेल मैन्यूअल का पालन करना होता है और इससे कुछ भी अलग करने के लिए कोर्ट की इजाजत लेनी होगी।

वहीं, आम आदमी पार्टी का कहना है कि जेल से सरकार चलाने के लिए कोर्ट का सहारा लिया जा सकता है। कोर्ट यदि आदेश देता है तो सीएम को किसी ऐसी इमारत में रखा जा सकता है जिसे जेल घोषित कर दिया जाए और वह वहां से मुख्यमंत्री का अपना दफ्तर भी चलाते रहें। कुछ महीनों पहले आम आदमी पार्टी ने इसको लेकर एक सर्वे भी कराया था और दिल्ली की जनता से पूछा था कि यदि केजरीवाल को गिरफ्तार कर लिया जाता है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या फिर जेल से सरकार चलानी चाहिए। आम आदमी पीर्टी का दावा था कि अधिकतर लोगों ने जवाब दिया कि केजरीवाल को पद से इस्तीफा नहीं देना चाहिए।


शराब घोटाले को लेकर EOW और ACB का एक्शन, रायपुर, बिलासपुर व दुर्ग में एक साथ मारा छापा ...

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले को लेकर एसीबी और ईओडब्ल्यू की टीम एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। दोनों एजेंसियों के संयुक्त टीम ने प्रदेश के 13 शराब कारोबारियों के ठिकानों पर दबिश दी है। टीम ने एक साथ बिलासपुर, रायपुर व दुर्ग जिले में छापा मारा है। दोनों एजेंसियों के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।


मिली जानकारी के अनुसार टीम ने बिलासपुर के सरगांव स्थित भाटिया डिस्टलरी, कोटा स्थित वेलकम डिस्टलरी, कुम्हारी दुर्ग स्थित केडिया डिस्टलरी, रायपुर स्थित अनवर ढेबर, विवेक ढांड व अनिल टुटेजा के ठिकानों पर दबिश दी है। फिलहाल यहां टीम की कार्रवाई जारी है.


शराब घोटाले में जेल में बंद आबकारी विभाग के AP त्रिपाठी को हाईकोर्ट से मिली जमानत...

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 रायपुर । बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में जेल में बंद आबकारी विभाग के निलंबित अफसर अरुणपति त्रिपाठी को बिलासपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। बुधवार को इस केस की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को ऑर्डर जारी किया गया है। जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने उनकी जमानत याचिका को मंजूर की है।


उल्लेखनीय है कि ईडी ने शराब घोटाला मामले में मई 2023 में आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और शराब वितरण कंपनी सीएसएमसीएल के पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ कर ईडी की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया था।

अरुणपति त्रिपाठी ने अपने एडवोकेट के माध्यम से विशेष अदालत में जमानत अर्जी लगाई थी। जिसे खारिज कर दिया गया। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी जमानत याचिका दायर की थी। जिसमें राहत नहीं मिली, तब हाईकोर्ट में दोबारा जमानत अर्जी लगाई।


अनवर ढेबर को बड़ी राहत, हाईकोर्ट से मिली ज़मानत, शराब घोटाले से जुड़ा है मामला

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 रायपुर : शराब घोटाले मामलें में गिरफ्तार शराब और होटल कारोबारी अनवर ढेबर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अनवर को मेडिकल बेस पर हाईकोर्ट ने ज़मानत दे दी ही। प्रवर्तन निदेशालय ने अनवर ढेबर को शराब घोटला के मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से अनवर जेल में बंद हैं।


बताया जा रहा है कि अनवर ढेबर ने बीमारी का हवाला देत हुए हाईकोर्ट में जमानत के लिए आवेदन दिया था। इस जमानत आवेदन पर आज जस्टिस दीपक तिवारी की कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने उनका अंतरिम जमानत मंजूर कर लिया है।

छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई लगातार जारी

बताया जा रहा है कि ईडी ने कोर्ट में अनवर ढेबर से पूछताछ के लिए रिमांड मांगी है. लेकिन अबतक कोर्ट का फैसला नहीं आया है. कोर्ट के फैसले के बाद ही इस मामले जानकारी स्पष्ट हो पाएगी. मार्च में महीने में शराब कारोबार से जुड़े बड़े कारोबारियों के यहां ईडी ने रेड की थी. इस दौरान ईडी ने रायपुर मेयर के भाई अनवर ढेबर के यहां भी पहुंची थी. इसके अलावा ईडी ने रायपुर मेयर ऐजाज ढेबर के घर में भी देर रात तक रेड की थी. वहीं तीन दिन पहले रायपुर मेयर ऐजाज ढेबर को ईडी ने पूछताछ के दफ्तर बुलाया था. तब भी ऐजाज को देर रात ईडी ने छोड़ दिया था. अब फिर से ईडी ने शिकंजा कसा है.

 

 

कथित शराब घोटाले में मेरा नाम जोड़ने की कोशिश कर रही ईडी - CM Baghel

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रायपुर : सीएम भूपेश बघेल ने शुक्रवार को ईडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कथित शराब घोटाले में मेरा भी नाम जोडऩे की कोशिश हो रही है। मीडिया से चर्चा में सीएम ने कहा कि अब तक जो हमने ईडी को भाजपा के एजेंट के रूप में काम करना बताया था वह सही था।


अब घोटालों में मेरा नाम भी जोडऩे की कोशिश हो रही है भाजपा ईडी को अपने अधीनस्थ संस्था के रूप में देख रही है। उन्होंने आगे कहा कि एक्साइज ड्यूटी पटाए बिना शराब बेचने का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन डिस्टलर अपराधी बनेंगे या गवाह बनेंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। सीएम ने आगे कहा कि ईडी और डिस्टलर के बीच सांठ गांठ है, या इन डिस्टलर को भाजपा बचा रही है इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए।

इस मामले में एसीबी कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि एक्सटोशन और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई ईडी के तहत नहीं की जा सकती। ये कार्य संघीय ढांचे के मूल भावना के विपरीत है। विधि विशेषज्ञों से हम सलाह ले रहे है। जल्द इसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जायेगी।


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