Media24Media.com: विष्णुदेव साय

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विकास के हर मोर्चे पर ‘मोदी की गारंटी’ को पूरा कर रहा छत्तीसगढ़ – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशपुर जिले के तपकरा में तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी कार्यालय का शुभारंभ किया। विदित हो कि 14 जनवरी को जशपुर जिले के प्रवास पर मुख्यमंत्री ने तपकरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। तहसील बनने से इसका लाभ 33 ग्रामों के किसानों, छात्रों और नागरिकों को मिलेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने तपकरा को नगर पंचायत बनाने, तपकरा स्थित खेल स्टेडियम के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत करने और फरसाबहार में विश्राम गृह निर्माण करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  हमारी सरकार विकास के हर मोर्चे पर मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महिलाओं को सशक्त बनाने महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय में वृद्धि के लिए तेंदूपत्ता का समर्थन मूल्य प्रति मानक बोरा 5,500 रुपए किया गया है। गांव में ही बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं।आगामी पंचायत दिवस पर सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की सुविधा के लिए रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियों के तहत नवाचारों का बेहतर उपयोग कर पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है।

कार्यक्रम में कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि यहां तहसील कार्यालय खुलने से किसानों, भूस्वामियों, छात्रों और नागरिकों को विशेष सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि एसडीएम फरसाबहार का लिंक कोर्ट भी आगामी सोमवार से प्रारंभ हो जाएगा।

विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आम नागरिकों की सुविधा के लिए राज्य सरकार पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, भरत साय, रोहित साय, आईजी दीपक कुमार झा, पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, तपकरा सरपंच श्रीमती सविता जायसवाल सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री सोनपैरी में आयोजित कबीर जयंती समारोह एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन कार्यक्रम में हुए शामिल

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अभनपुर विकासखंड के सोनपैरी गांव में आयोजित कबीर जयंती महोत्सव एवं गौ ग्राम जन जागरण यात्रा के समापन समारोह में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को कबीर जयंती की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने गुरुकुल भवन के लिए 20 लाख रुपये, प्रदेश में गौशाला का नाम गौधामकरने तथा सोनपैरी स्कूल में बाउंड्री वाल निर्माण की घोषणाएँ कीं। साथ ही सामुदायिक भवन निर्माण, भुताही पारा से आश्रम तक नाली निर्माण एवं सोनपैरी से खिलोरा मुख्य मार्ग से आश्रम तक सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी छत्तीसगढ़ की भूमि धन्य है, जहाँ कबीर साहेब जी की वाणी का गहरा प्रभाव रहा है। संत कबीर हमेशा जीव दया का उपदेश देते थे। प्रदेश के संस्कारों के निर्माण में न केवल कबीरपंथ के अनुयायियों का योगदान है, बल्कि उन लोगों का भी, जिनके जीवन में कबीर साहेब जी की निर्मल वाणी ने गहरा असर डाला है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने अपना पूरा जीवन जनजागरण को समर्पित किया। उन्होंने अपने उपदेशों से समाज को लगातार सही राह दिखाई। कबीर जी अपने दोहों में जनजागरण की बात करते थे और यह मानते थे कि जीवन अत्यंत अमूल्य है तथा इसका सार्थक उपयोग किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में संत कबीर के मानवतावादी विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया और गौसेवा व सामाजिक एकता पर बल दिया। उन्होंने गौ ग्राम जनजागरण रैली में शामिल गौशालाओं के प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह एक अत्यंत सार्थक प्रयास है। साय ने कहा कि गौ-अभयारण्य की स्थापना के लिए भूमि चिन्हित की जा रही है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में चावल उत्पादन, स्टील, सीमेंट, एल्युमिनियम और बिजली तथा कोयला आपूर्ति के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में जाना जाता है। डॉ. सिंह ने कहा कि आने वाले समय में मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।

कैबिनेट मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि कबीर, तुलसीदास जैसे संतों ने समाज को नई दिशा दिखाई। हम आर्थिक रूप से चाहे जितनी भी प्रगति कर लें, लेकिन समाज को दिशा और मूल्य संत परंपरा ही दे सकती है। चौधरी ने कहा कि कबीर के विचारों ने समाज को नई दिशा दी और आज के भौतिकवादी युग में भी उनके विचार उतने ही प्रासंगिक हैं।

कबीरपंथी जगतगुरु असंग देव जी ने कबीर साहेब की वाणियों के महत्व पर प्रकाश डाला। समारोह में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, गोसेवा आयोग अध्यक्ष बिसेसर पटेल, अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू, विधायक किरण देव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

बस्तर अब डर से नहीं, डिजिटल बदलाव से पहचाना जा रहा है : विष्णुदेव साय

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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर में शांति व्यवस्था, विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके साथ ही हाल ही में छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार की प्रधानमंत्री को जानकारी दी।

दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी उनके आवास पर मुलाकात की। जहां राज्य के विकास, नक्सल ऑपरेशन सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर का चेहरा बदल रहा है, जो कभी बंदूक और बारूदी सुरंगों के लिए जाना जाता था, आज वहाँ मोबाइल टावर खड़े हो रहे हैं, जो सिर्फ संचार का माध्यम नहीं बल्कि विकास और विश्वास के प्रतीक बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा विगत डेढ़ वर्ष में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है। इन सुरक्षा चौकियों के आसपास गांवों में न केवल पुलिस की उपस्थिति से सुरक्षा की भावना बनी है, बल्कि इन इलाकों में अब नेटवर्क भी पहुंच गया है। सरकार ने अब तक कुल 671 मोबाइल टावर चालू कर दिए हैं, जिनमें से 365 टावरों में 4G सेवा उपलब्ध है। यह न सिर्फ तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह संकेत है कि अब आदिवासी क्षेत्रों में संचार क्रांति की शुरुआत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर में सिर्फ मोबाइल टावर नहीं लग रहे हैं, बल्कि ये टावर इस बात का सबूत हैं कि वहां के बच्चे और युवा भी अब डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। पहले जहां बच्चों को पढ़ाई या नौकरी की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था, अब वही काम वे अपने गांव में मोबाइल नेटवर्क के ज़रिए ऑनलाइन कर पा रहे हैं। अब बस्तर का युवा भी स्मार्टफोन से अपनी दुनिया खुद बना रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया सुरक्षा कैंपों के इर्द-गिर्द बसते गांवों में अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुँच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत चिन्हित 146 ग्रामों में 18 सामुदायिक सेवाएं और 25 तरह की सरकारी योजनाएं एक साथ क्रियान्वित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया सुशासन तिहार के तहत अब तक सैकड़ों समाधान शिविर आयोजित किए गए हैं, जहां सांसद से लेकर विधायक तक गांव गांव पहुंचकर जनता की शिकायतों का समाधान किया। इन शिविरों में ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्कूल प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला गैस जैसी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर दिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए की जा रही योजनाओं और नवाचारों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है, और जनभागीदारी से लेकर तकनीकी उपायों तक, हर स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में अब बारिश के दिन कम हो गए हैं पहले जहाँ लगभग 100 दिन बारिश होती थी, अब सिर्फ़ 65 दिन ही होती है। तकनीक के तहत गांव-गांव में पानी बचाने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। जहां पहले पानी बरसकर बह जाता था, अब उसे रोकने और जमा करने की कोशिश हो रही है। इस काम में आधुनिक तकनीक जैसे GIS मैपिंग और जलदूतनाम का मोबाइल ऐप इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह पता चलता है कि कहां कितनी ज़रूरत है।

सबसे खास बात यह है कि इस अभियान में महिलाएं बड़ी भागीदारी निभा रही हैं। महिला समूह तालाबों की सफाई, गहराई बढ़ाने, और पुराने जल स्रोतों को फिर से जीवित करने में आगे आ रही हैं। इस साझेदारी से गांवों में पानी की कमी दूर हो रही है और लोगों को अपने इलाके में ही साफ और पर्याप्त पानी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को नालंदा परिसर की जानकारी भी दी, जो देश की पहली 24x7 हाईब्रिड सार्वजनिक लाइब्रेरी है। 18 करोड़ की लागत से बनी इस सुविधा में ई-लाइब्रेरी, यूथ टॉवर, हेल्थ ज़ोन और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था है। अब तक 11,000 से अधिक छात्र लाभांवित हो चुके हैं, जिनमें 300 से अधिक छात्र यूपीएससी और सीजी पीएससी में सफलता पाई है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रयासमॉडल की भी जानकारी दी, जिसमें वंचित व आदिवासी बच्चों को आईआईटी, नीट, क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। अब तक 1508 छात्र चुनिंदा राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना की और छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

‘विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप पर रखें फोकस : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज धमतरी में आयोजित समीक्षा बैठक में विकसित छत्तीसगढ़का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़के लिए तैयार किया गया विजन डाक्यूमेंट एक रोडमैप की तरह है, जिसमें लक्ष्य और दिशा-निर्देश स्पष्ट हैं। अधिकारी विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करने के लिए पूरी तन्मयता और जिम्मेदारी के साथ इसे परिणाम तक ले जाएं। मुख्यमंत्री साय आज रायपुर और धमतरी जिले में योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने सुशासन तिहार के समापन पर कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान का यह सिलसिला थमना नहीं चाहिए। जन-जन से संवाद और उनकी समस्याओं का समाधान निरंतर जारी रहना चाहिए। अधिकारी कड़ी मेहनत और नवाचारी तरीकों से लोगों की समस्याओं का समाधान करें। आम जनता को देरी से न्याय मिलना, न्याय नहीं मिलने के बराबर है। उन्होंने कहा कि राजस्व त्रुटि सुधार जैसे कामों में अधिकारियों-कर्मचारियों से ही गलती होती है, लेकिन इसका नुकसान आम लोगों को होता है और उन्हें ही परेशान होना पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने और समय प्रबंधन पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सक्रिय तहसीलदारों वाले क्षेत्रों में राजस्व प्रकरण कम लंबित रहते हैं। साथ ही, अधिकारियों को जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने और उनके कार्यों को न्यूनतम समय में गुणवत्तापूर्वक पूरा करने का निर्देश दिया।

फ्लैगशिप योजनाओं पर दें ध्यान

मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पीएम आवास, और जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा सर्वश्रेष्ठ राज्य चुना गया है। साथ ही, नीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशानुसार धमतरी और रायपुर में पर्यटन स्थल विकसित करने की संभावनाओं को तलाशने को कहा।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर

मुख्यमंत्री ने जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने दंतेवाड़ा का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां डीईओ के बेहतर प्रदर्शन के कारण दसवीं और बारहवीं के परिणाम शानदार रहे, जिसकी प्रधानमंत्री ने मन की बातमें प्रशंसा की। स्वास्थ्य विभाग में सतत मॉनिटरिंग और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, साथ ही कृषि प्रधान धमतरी और रायपुर जिले में खरीफ फसल की तैयारी और किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर बल दिया।

 अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों को साझा करने को कहा, ताकि राज्य स्तर पर सहायता प्रदान की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि अधिकारियों के कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है और प्रत्येक जिले का रिपोर्ट कार्ड उनके पास है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान अधिकारियों ने बड़ी संख्या में आए आवेदनों का समयबद्ध समाधान किया, जिसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छा काम करने पर पुरस्कार और काम नहीं करेंगे तो उनकी खैर नहीं होगी।

इस मौके पर वन मंत्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, सांसद श्रीमती रूप कुमारी चौधरी, विधायक अजय चंद्राकर, विधायक ओंकार साहू, महापौर रामू रोहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव बसव राजु एस. सहित रायपुर और धमतरी जिले के अधिकारी उपस्थित थे।

शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी: सीएम साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद लखन साहू भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।

 मुख्यमंत्री ने प्रयासऔर नालंदा परिसरजैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।

गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा देने केंद्र-राज्य की साझा पहल

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रायपुर. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा कृषि विभाग के कार्यों की व्यापक समीक्षा की। बैठक में राज्य और केंद्र की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई और भावी विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य किए हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए उन्नत गांव और खुशहाल किसान की अवधारणा को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने की उच्चस्तरीय समीक्षा 

ग्रामीण विकास और कृषि राज्य की रीढ़

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास और कृषि को राज्य की रीढ़ मानती है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि गांवों की समग्र समृद्धि सुनिश्चित करना है। किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और बुनियादी ढांचे को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य के सुदूर और वंचित क्षेत्रों तक विकास की पहुंच बनाना एक साझी ज़िम्मेदारी है, जिसको पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार दृढ़ संकल्पित है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना और युवाओं को कौशल आधारित रोजगार देना ही वास्तविक सुशासन है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति योजनाओं को सिर्फ आंकड़ों तक सीमित रखने की जगह जन-जीवन में बदलाव लाने की है। 

‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की है आवश्यकता


बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने ‘अमृत सरोवर’ योजना को स्थानीय आजीविका से जोड़ने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा और जलसंरक्षण की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएंगे। राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिक बजट के पुनरीक्षण का आश्वासन दिया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वीकृत आवासों के शीघ्र निर्माण और हो रहे नये सर्वे के भौतिक सत्यापन पर बल दिया। 

केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सराहना करते हुए विशेष रूप से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित नियद नेलानार योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह योजना विकास को राज्य के सुदूर और चुनौतीपूर्ण भूभागों तक पहुंचा रही है। केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में शुरू किए गए ‘अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों’ की सराहना की और इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि इस नवाचार का अध्ययन कर इसे अन्य राज्यों में भी लागू किया जाए।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि किसानों की आय वृद्धि के लिए केवल पारंपरिक खेती नहीं, बल्कि पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन जैसे एलाइड क्षेत्रों में भी प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों, उन्नत बीजों, जैविक खेती और फसल चक्र अपनाने को प्रोत्साहित किया। केंद्र सरकार द्वारा शीघ्र शुरू की जा रही विशेष पहल की जानकारी देते हुए श्री चौहान ने बताया कि वैज्ञानिकों की टीम राज्य के विभिन्न जिलों का भ्रमण कर किसानों को व्यावहारिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देगी। उन्होंने राज्य सरकार से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया।

छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाने हरसंभव कदम 

बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अभिनव प्रयोगों और प्रतिबद्धता के साथ छत्तीसगढ़ को विकास के नए शिखर पर पहुंचाएंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने आश्वासन दिया कि छत्तीसगढ़ सरकार इस साझा संकल्प को जमीनी हकीकत में बदलने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव पंचायत विभाग श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग के अपर सचिव आर. आनंद, ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अमित शुक्ला, कृषि मंत्रालय के सलाहकार  नवीन कुमार विद्यार्थी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उप निरीक्षक संवर्ग में चयनित अभ्यर्थियों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी में उप निरीक्षक संवर्ग के 840 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए  कहा कि राज्य में पुलिस बल की क्षमता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पुलिस का कार्य केवल अपराधियों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण निर्मित हो, यह सुनिश्चित करना भी पुलिस विभाग की महती जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल का कार्य लोगों के बीच शांति, विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देना भी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। तकनीकी संसाधनों के समावेश से पुलिस बल को अधिक दक्ष और प्रभावी बनाया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में पुलिस बल के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्दी का अर्थ केवल अधिकार नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नव नियुक्त पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी वर्दी का सम्मान करें और इसे हमेशा गर्व से धारण करें।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने जशपुर, रायगढ़, जगदलपुर और दंतेवाड़ा में नए महिला थानों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन थानों के माध्यम से महिलाओं को अधिक सुरक्षित वातावरण और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार पुलिस बल को और अधिक सशक्त बनाने के लिए नई योजनाओं पर विचार कर रही है। इन योजनाओं के तहत तकनीकी उन्नयन, आधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने नव नियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन है, क्योंकि यह पुलिस सेवा में उनके सफर की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुलिस अधिकारी बनने के लिए उच्च मनोबल और अनुशासन अनिवार्य है। इस अवसर पर आरंग विधायक गुरु खुशवंत साहेब, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुआ सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी की जयंती पर किया नमन

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी की जयंती (8 मार्च 2025) पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रखर राष्ट्रवादी और छत्तीसगढ़ की अस्मिता के रक्षक दिलीप सिंह जूदेव जी का जीवन प्रेरणादायी है। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को धर्म, संस्कृति और समाज सेवा के लिए समर्पित किया।


उनके नेतृत्व में घर वापसी अभियान एक ऐतिहासिक आंदोलन बना, जिसने हजारों लोगों को उनकी मूल सनातन परंपरा से जोड़ने का कार्य किया। वे जल, जंगल, जमीन और जनजातीय अस्मिता के सशक्त प्रहरी थे, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र में आदिवासी समाज को उनका गौरव और पहचान लौटाने के लिए अनवरत संघर्ष किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दिलीप सिंह जूदेव जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा के प्रतीक थे, जिन्होंने राष्ट्रवादी मूल्यों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य किया। उनकी दृढ़ता, निडरता और ओजस्वी नेतृत्व आज भी हम सभी को प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हम सभी को दिलीप सिंह जूदेव जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपने मूल सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजकर  राष्ट्र की एकता व अखंडता के लिए कार्य करने के लिए सतत प्रयास करना चाहिए।

Cabinet Meeting : बजट पेश होने के एक दिन पहले विष्णुदेव साय कल लेंगे कैबिनेट की बैठक

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कल रविवार 02 मार्च को अपरान्ह 3.00 बजे से मंत्रिपरिषद की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी। बता दें कि छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र चल रहा है और 3 मार्च को साय सरकार का बजट पेश होगा।


विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन डिजिटल अरेस्ट पर सदन में लंबी चर्चा हुई। गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ में भी इस तरह के 12 मामले हो चुके हैं। इसमें 168 करोड़ रुपए की ठगी की जा चुकी है। इसमें से सिर्फ 5.20 करोड़ ही पीडि़तों को लौटाए गए हैं।

अन्य की कार्रवाई जारी है। वहीं साइबर क्राइम से बचाने के लिए प्रदेश में अलग से विशेषज्ञों की नियुक्तियां नहीं की जातीं ​ब​ल्कि पुुलिस के पास उपलब्ध बल के लोगों को ही प्रशिक्षित कर इसके लिए तैयार किया जा रहा है। प्रश्नकाल में धरमलाल कौशिक की अनुपस्थिति​ में अजय चंद्राकर ने सवाल पूछे।

जब पीएम मोदी ने थामा सीएम विष्णुदेव साय का हाथ, शपथ ग्रहण मंच पर दिखी खास आत्मीयता

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 रायपुर : दिल्ली में गुरुवार को नए मुख्यमंत्री के रूप में रेखा गुप्ता ने शपथ ली, लेकिन इस समारोह में एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला जिसने सबका ध्यान खींच लिया। मंच पर जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए, तो उन्होंने एनडीए के तमाम नेताओं से मुलाकात की, लेकिन जब बारी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की आई, तो माहौल अलग ही नजर आया।


प्रधानमंत्री मोदी ने बड़े ही आत्मीय अंदाज में विष्णुदेव साय का हाथ थाम लिया और बस फिर क्या था! कुछ क्षणों के लिए मंच पर यह दृश्य खास बन गया। पीएम मोदी ने न सिर्फ हाथ मिलाया, बल्कि लंबे समय तक विष्णुदेव साय का हाथ थामे रहे, उनके हालचाल पूछते रहे और छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर चर्चा की।

इस दौरान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वहां मौजूद थे। पीएम मोदी ने उनसे भी बातचीत की, लेकिन खास बात यह रही कि उनके शब्दों के साथ-साथ विष्णुदेव साय का हाथ भी मजबूती से थामे रहे। दोनों नेताओं के बीच यह आत्मीय संवाद काफ़ी देर तक चला ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बैगा, गुनिया, सिरहा को दी सम्मान निधि की सौगात

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साइंस कॉलेज मैदान में राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास बहुत समृद्ध और गौरवशाली है। पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के मान, सम्मान और गौरव को बढ़ाने का काम किया है। अटल जी ने जनजातीय समुदाय के कल्याण के लिए पृथक से मंत्रालय बनाया और इस समुदाय के विकास को एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 24,000 करोड़ रूपए और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 80,000 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया है, जिसके चलते जनजातीय इलाकों में तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विकास और जनजातियों की बेहतरी के काम हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष समारोह के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य के जनजातीय समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बैगा, गुनिया,  सिरहा लोगों के लिए मुख्यमंत्री सम्मान निधि दिए जाने की घोषणा की। इसके तहत उन्हें प्रति वर्ष 5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जनजातीय गांवों में धार्मिक एवं मांगलिक कार्य के लिए अखरा निर्माण विकास योजना शुरू करने और जनजातीय समुदाय के शहीदों की प्रतिमाएं चिन्हित स्थलों पर स्थापित किए जाने की घोषणा की। 

मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जनजातीय समुदाय के विभूतियों, राज्य में हुए जनजातीय विद्रोह के शहीदों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। उन्होंने जनजातीय चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर वन अधिकार अधिनियम से संबंधित ‘‘एटलस‘‘, कैलेण्डर ‘‘शौर्यांजलि‘‘ तथा ‘‘हल्बा जनजातीय की वाचिक परंपराएं‘‘ विषय पर प्रकाशित पुस्तक का विमोचन किया। इनका प्रकाशन छत्तीसगढ़ आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया गया है।

इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यसभा सांसद अरूण सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में सभी वर्गाें के उत्थान और कल्याण के लिए किए जा रहे कार्याें की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की लोकप्रियता और विनम्रता की सराहना पूरे देश में होती है। उन्होंने कहा कि रायपुर में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय नृत्य महोत्सव समारोह में आकर ‘‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘‘ का दर्शन हुआ है। राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस के इस विशेष आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बधाई दी। उन्होंने इस मौके पर जनजातीय समुदाय के महापुरूषों को नमन करते हुए कहा कि वही देश और समाज जागृत रहता है, जो अपनी संस्कृति और अपने महापुरूषों को याद रखता है।

आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनजातीय समुदाय के उत्थान के लिए चिंता की है। उन्होंने इस समुदाय के विकास के लिए कई योजनाएं संचालित की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से छत्तीसगढ़ के साढे छह हजार गांवों और ग्रामीणों का समग्र विकास होगा। उन्होंने कहा कि पीएम जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस के कार्यक्रम में उपस्थित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, राज्यसभा सांसद अरूण सिंह, विधायकगण, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सम्बोधन को न सिर्फ सुना, बल्कि वर्चुअल रूप से उसका हिस्सा भी बना। 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती के अवसर पर देश के दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी सुविधाओं के विकास एवं विस्तार वाली 6600 करोड़ की लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने देश के जनजातीय इलाकों और जनजाति समुदाय के कल्याण के लिए पांच गुना बजट खर्च कर रहे हैं। दस साल पहले इसका बजट मात्र 25,000 करोड़ रूपए हुआ करता था, जो अब बढ़कर 1,25,000 करोड़ रूपए हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बिहार के जमुई में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती वर्ष के शुभारंभ समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। जमुई में आयोजित इस कार्यक्रम का लाईव प्रसारण पूरे देश में हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमने इतिहास के एक बहुत बड़े अन्याय को दूर करने का एक ईमानदार प्रयास किया है। इतिहास में आदिवासी समाज के लोगों को वह स्थान नहीं मिला, जिसके वह अधिकारी थे। आदिवासी समाज वो है, जिसने राजकुमार को मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम बना दिया। इस समाज ने देश की संस्कृति और परंपरा का मान बढ़ाया है।

आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों से लोहा लिया है। अपनी अस्मिता, संस्कृति, और स्वाधीनता के लिए जनजातीय समुदाय के हजारों नायकों ने अपने प्राण न्यौछावर किए। देश की आजादी की लड़ाई में हजारों आदिवासी भाइयो-बहनों को मौत के घाट उतार दिया गया था, उनके योगदानों को हम नहीं भुला सकते। हमने जनजातीय समुदाय के गौरव को बढ़ाने का काम किया है। पीएम जनमन के तहत जितने कार्य शुरू हुए हैं, उसका श्रेय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी को जाता है। जब वह झारखण्ड में थी, तब मुझसे अति पिछड़ी जनजातियों की चर्चा करती थी। हमने 24 हजार करोड़ रूपए से पीएम जनमन योजना की शुरुआत की, जिससे अति पिछड़ी जनजातियों के बस्तियों और गांवों का विकास हो रहा है। जनजातीय बाहुल्य जिलों को आकांक्षी जिला घोषित कर वहां का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया, आज वहां बदलाव दिख रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत में देशवासियों को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष समारोह की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरुनानक जी का प्रकाश पर्व भी है। आज भगवान बिरसा मुंडा की जयन्ती भी है, राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस भी है। आदिवासी समाज सूर्य, वायु और पेड़-पौधों, पहाड़-पर्वत को पूजने वाला समाज है। उन्होंने कहा कि जिलों में बिरसा मुंडा जनजातीय उपवन बनाए जायेंगे। हम मिलकर देश के आदिवासी समाज के विचारों को देश की प्रगति का आधार बनायेंगे। उनकी परंपरा और उनके आदर्शों को अपनाएंगे।

इस अवसर पर विधायक सर्वश्री मोती लाल साहू, अनुज शर्मा, पुरंदर मिश्रा,  पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, पूर्व विधायक उमेश कच्छप सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जनजातीय समाज के पदाधिकारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, आयुक्त नरेन्द्र दुग्गा सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिकण उपस्थित थे।

 

 

सीएम साय की पहल पर नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भारत सरकार ने मंजूर किए 230 करोड़ रुपए

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 230 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत इस राशि से सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन और ज्यादा पुख्ता तथा टिकाऊ होगी।

सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना को किया जाएगा मजबूत

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के इस सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से शहरों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को नया आयाम मिलेगा। यह राज्य के प्रत्येक नगरीय निकाय को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बेहतर और स्थाई बनाया जाएगा। इससे राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी, भौतिक और मानव संसाधन जुटाए जाएंगे, जिससे न केवल स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी।

उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने विगत दिनों अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों के लिए राशि मंजूर करने का आग्रह किया था। उन्होंने राज्य के शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनाने केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया था। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्तावों के आधार पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के लिए 230 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में सहायता मिलेगी।  उन्होंने स्वच्छता को हर नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि संपूर्ण स्वच्छता के लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।


मांदर बजाते हुए कलाकारों के साथ थिरके मुख्यमंत्री साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्योत्सव की द्वितीय संध्या को जनसंपर्क विभाग की छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वहां मौजूद कलाकारों के पास पहुंचे और मांदर बजाकर अपनी प्रसन्नता का इजहार किया। मुख्यमंत्री साय कलाकारों के साथ मांदर की थाप पर थिरकते हुए आज अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री का छत्तीसगढ़ी कला-संस्कृति से जुड़ाव और उनके सहज-सरल व्यवहार को देखकर लोग उनके मुरीद हो गए और तालियां बजाकर अपनी खुशी का इजहार किया। मुख्यमंत्री को इस मौके पर रिखी क्षत्रीय ने अपनी ओर से मांदर भेंट किया।

गौरतलब है कि जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी में राज्य की विभिन्न योजनाओं, विकास कार्यों और जनहितकारी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में दिखाई गई योजनाओं और उपलब्धियों की सराहना की और इसे जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। इस अवसर पर उन्होंने वहां एलईडी टीव्ही के माध्यम से प्रसारित हो रहे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिन्दी में दिए गए भाषण को हेडफोन लगाकर सुना।

गौरतलब है 4 अक्टूबर, 1977, भारत के विदेश मंत्री के तौर पर स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी देश का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिन्दी में अपना भाषण दिया था। उन्होंने अपने भाषण में परमाणु निरस्त्रीकरण, आतंकवाद जैसे कई गंभीर मुद्दे उठाए थे। हिंदी में बोलने की वजह से ही उनका यह भाषण अविस्मरणीय और ऐतिहासिक हो गया। उन्होंने कहा कि भारत सभी देशों से मैत्री चाहता है और भारत विश्व शांति के लिए हमेशा अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम की अवधारणा को विश्व मंच पर पुरजोर तरीके से रखते हुए कहा कि मैं भारत की ओर इस महासभा को आश्वासन देता हूं कि हम एक विश्व के आदर्शों की प्राप्ति और मानव के कल्याण तथा उसके गौरव के लिए त्याग और बलिदान की बेला कभी पीछे नहीं रहेंगे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह भारत को गौरवान्वित करने वाला है। मुख्यमंत्री साय ने जनसंपर्क विभाग की प्रदर्शनी में प्रश्न माला कार्यक्रम में विजेता रही दानी स्कूल और काली बाड़ी स्कूल के छात्राओं को पुरस्कृत किया और उनका हौंसला बढ़ाया। छात्रा लविना वर्मा, किरण साहू सुमन, महिमा वर्मा, दीपिका धीवर ने मुख्यमंत्री को इस तरह के आयोजन समय-समय पर कराए जाने का आग्रह किया। जनसंपर्क की प्रदर्शनी में रिखी क्षत्रिय भिलाई ने छत्तीसगढ की संस्कृति को संजोकर रखने और उनका प्रचार प्रसार करने के लिए छत्तीसगढ के वाद्ययंत्रों को प्रदर्शित किया गया है।

आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है हमारी सरकार - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जशुपर जिले के मयाली में सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक ली। प्राधिकरण के सदस्यगणों तथा प्रमुख विभागों के सचिवों के उपस्थित में मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण अंतर्गत् स्वीकृत कार्यो की समीक्षा की और निर्देशित किया कि अप्रारंभ कार्यो को निरस्त कर प्रगतिरत् कार्यो को शीघ्र पूर्ण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने प्राधिकरण के सदस्यों से वन-टू-वन चर्चा कर उनके क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं और मांगों की जानकारी लेते हुए प्रस्ताव देने की अपील की। उन्होंने बैठक में सदस्यों द्वारा बताई गई समस्याओं का संबंधित विभाग के माध्यम से निराकरण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने विधायक श्रीमती रेणुका सिंह की मांग पर सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बजट राशि को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ करने की घोषणा की। उन्होंने मयाली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ की राशि देने की घोषणा भी की।

प्राधिकरण की बैठक संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के समय से ही प्रदेश का चहुमुखी विकास किया जा रहा है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्र में विकास के लिए प्राधिकरण का गठन कर संसाधन उपलब्ध कराए। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में पांच प्राधिकरण है। हमारी सरकार चाहती है कि बस्तर से लेकर सरगुजा क्षेत्र तक का विकास हो। इसके लिए बजट में राशि नहीं होने पर प्राधिकरण के माध्यम से आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। भारत सरकार और राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग सहित सभी वर्गो का विकास हो। प्राधिकरण के माध्यम से इन क्षेत्रों में संसाधन की व्यवस्था कर विकास की गति को और आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने पीएम जनमन और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य और आदिवासी क्षेत्रों में विकास हेतु बजट का प्रावधान किया है। उनकी इन योजनाओं से राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास कार्यो को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने आगे कहा कि उनकी सरकार ने बजट में आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए फोकस किया है। हमारी सरकार बस्तर और सरगुजा संभाग क्षेत्र के विकास के लिए वचनवद्ध होकर कार्य करेगी। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के मयाली में प्राधिकरण की बैठक को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारी की सरहाना की और कहा कि जशपुर जिले में खनिज संसाधनों का भण्डार होने के साथ ही वन एवं वनोपज की उपलब्धता है। यहॉ के वनोपज, महत्वपूर्ण उत्पादों का वैल्यू एडिशन कर ग्रामीणों एवं किसानों को आगे बढ़ाया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने प्राधिकरण की बैठक अपने गृह जिले तथा मयाली में करने के पीछे यहॉ के पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कहते हुए राजधानी रायपुर से बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की कि वे यहॉ के उत्पादों को देखे, इसका उपयोग करे और इन्हें बढ़ावा देने के साथ ही जशपुर जिले के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल को भी बढ़ावा दे।

मुख्यमंत्री साय ने बैठक में प्राधिकरण के सदस्यों द्वारा बताए गए समस्याओं को निराकरण करने की बात कही। उन्होंने लुण्ड्रा-बतौली क्षेत्र में गन्ना खरीदी केन्द्र को प्रारंभ करने की मांग का परीक्षण करने, विद्युत विहीन क्षेत्रों में विद्युत पहुंचाने की दिशा में कार्य करने, हाथी से जनहानि रोकने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने, क्षति की राशि को बढ़ाने की दिशा में विचार करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने एकल बत्ती कनेक्शन सहित अन्य लोगों को अधिक बिजली बिल मिलने की शिकायत पर ऊर्जा सचिव रोहित यादव को निर्देशित किया कि बिजली बिल संबंधी शिकायतों का परीक्षण कर निराकरण कराए। उन्होंने खाद्य विभाग के सचिव को जशपुर जिले के कुछ स्थानों पर राशन की कमी संबंधित शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुनकुरी में जल संसाधन संभाग के संभागीय कार्यालय का लोकार्पण रिमोट का बंटन दबाकर किया।

बैठक में उपस्थित उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि सरगुजा और बस्तर क्षेत्र का विकास हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता का विषय है। प्राधिकरण अंतर्गत् आज की बैठक में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने इस क्षेत्र की विकास की प्रतिबद्धता और संकल्प को दोहराया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्राधिकरण के माध्यम से सरगुजा संभाग के लोगों की जीवन में परिवर्तन लाकर उनके जीवन को सुलभ बनाने का काम हमारी सरकार करेगी। उप मुख्यमंत्री ने बैठक में बताया कि उन्होंने अपने अधीनस्थ  लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग और नगरी प्रशासन विकास विभाग बैठक लेकर महत्वपूर्ण कार्यो को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने एवं अन्य कार्यो के लिए राशि जारी की है। पीडब्ल्यूडी अंतर्गत् सड़कों के मरम्मत के आदेश दिए गए हैं और तेज गति से कार्य करते हुए नवम्बर माह तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन अंतर्गत् कार्यो की समीक्षा कर घर-घर नल और जल पहुंचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आकांक्षाओं को पूरा करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस योजना में दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के विकास के लिए ‘‘हमने बनाया है हम ही संवारेगें‘‘ की दिशा में कार्य कर रही है।

प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने जशपुर जिले में पर्यटन की अपार संभावना होने की बात कहते हुए प्राधिकरण की बैठक मयाली में होना सौभाग्य बताया। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के माध्यम से उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग से विकास कार्यो की शुरूआत छत्तीसगढ़ को विकास की ओर ले जाएगा।

कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्राधिकरण का बैठक मयाली में आयोजित करने का उददेश्य इस क्षेत्र की समस्याओं को चिन्हित कर निराकृत करना और पर्यटन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि गांव को ईकाई बनाकर विकास कार्यो की शुरूआत कर प्रदेश का विकास किया जा सकता है। उन्होंने सरगुजा संभाग के महत्वपूर्ण उत्पादों की जानकारी देते हुए इसे बढ़ावा देने पर जोर दिया। मंत्री नेताम ने प्राधिकरण के सदस्यों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र के आश्रम-छात्रावासों की समस्याओं से भी अवगत करावें, ताकि उन समस्याओं का समाधान किया जा सके।

बैठक में उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने प्राधिकरण की पहली बैठक आयोजित करने पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक के माध्यम से सरगुजा संभाग में महत्वपूर्ण कार्य आसानी से हो पाएंगे।

बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रायगढ़ राधेश्याम राठिया, सांसद सरगुजा चिन्तामणी महराज, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक लुण्ड्रा प्रमोद मिंज, विधायक प्रतापपुर श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्त, विधायक अंबिकापुर राजेश अग्रवाल, विधायक भरतपुर सोहत श्रीमती रेणुका सिंह, भैया लाल राजवाड़े तथा जिला पंचायत अध्यक्षों द्वारा अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित समस्याओं की जानकारी देकर निराकरण की मांग की गई। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों की समाधान करने के निर्देश दिए हैं।

 

 

 

 

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