Media24Media.com: विवादित बयान

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भाजपा विधायक रिकेश सेन का विवादित बयान, कहा – धर्म परिवर्तन कराने वालों की गर्दन काट देना

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 रायपुर :  वैशाली नगर विधानसभा के भाजपा विधायक रिकेश सेन अपने ही दिए विवादित वयान की वजह से ट्रोल हो रहे हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम में हिंदुत्व की रक्षा के लिए जान देने की बात तो कही, लेकिन साथ में यह भी कह डाला कि जो कोई भी देश के अंदर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करे उसकी गर्दन को काटकर रख देना। इस तरह के विवादित और भड़काऊ भाषण वाला उनका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। 


विधायक रिकेश सेन दुर्ग के पटेल चौक में हनुमान जयंती के अवसर पर हिन्दू युवा मंच द्वारा आयोजित श्री हनुमान जन्मोत्सव की भव्य शोभायात्रा व महाआरती के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने यहां आयोजित धर्म सभा को नरेंद्र मोदी और भाजपा को फिर से लाने अपील करके चुनावी सभा बना डाला। साथ ही साथ सभी धर्म और संस्कृति के धानी दुर्ग भिलाई में धार्मिक उन्माद फैलान वाला भाषण दे डाला। उन्होंने इस दौरान माता लक्ष्मी की तुलना कमल के फूल से करते हुए कमल को लाने की बात भी कही।

रिकेश ने मंच से लोगों को संबोधित करते हु कहा कि “हमारे अपने सनातन धर्म की रक्षा के लिए, अपने हिंदुत्व की रक्षा के लिए अगर जान भी देना पड़े तो जान भी देना, लेकिन धर्म को कभी परिवर्तिन नहीं होने देना। ऐसा कोई भी हो जो इस देश के अंदर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश करे उसकी गर्दन को काट कर रख देना।” उन्होंने कहा कि अगर इस प्रदेश में कोई ऐसा शहर है जो हिन्दुत्व को, सनातन धर्म को आगे बढ़ाने के लिए बन सकता है तो वो दुर्ग शहर है।

CG NEWS : विवादित बयान देने के मामले में चरणदास महंत पर हुई कार्रवाई, चुनाव आयोग ने लिया यह बड़ा एक्शन

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 रायपुर। छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हेट स्पीच देने का मामला तूल पकड़ लिया है। कल बीजेपी के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में उठाया था तो आज भारत निर्वाचन आयोग ने नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे दिया।


बता दें,मंगलवार को राजनांदगांव के स्टेट हाईस्कूल मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस पार्टी द्वारा घोषित लोक-सभा प्रत्यासी भूपेश बघेल और देवेन्द्र यादव के समर्थन में आयोजित कांग्रेस की चुनावी सभा में चरण दास महंत ने कहा कि, “हमें एक ऐसा आदमी चाहिए जो लाठी पकड़ सके। हमें सिर फोड़ने वाला आदमी चाहिए। मोदी के सामने आंख मिलाकर बात कर सके, ऐसा एक ही आदमी है, जिसे आप सांसद बनाओगे, वही मोदी के सामने लाठी पकड़कर खड़ा हो सकता है।

” उन्होंने यह भी कहा कि, “रात-दिन एक करके मोदी को घेरने वाला आदमी चाहिए। यह आदमी भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव हो सकते हैं। इसलिए उन्हें जिताकर दिल्ली भेजिए। हालांकि, अगले दिन अपने बात से पलटते हुए उन्होंने बयान जारी कर कहा कि छत्तीसगढ़ी नहीं समझने वाले लोग मेरी बात को समझ नहीं पाए और इसे खामोख्वाह बात का बतंगड़ बना रहे हैं।

मगर कहा जाता है कि बंदूक की गोल और मुंह की बोली, एक बार निकल जाती है तो वापिस नहीं आती। वो भी नरेंद मोदी जैसे प्रधानमंत्री के खिलाफ। पूरी भारतीजय जनता पार्टी इसको लेकर आक्रमक हो गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाबी हमला करते हुए कहा कि हिम्मत है तो पहले लाठी उन्हें मारे। ऐसे ही वित्त मंत्री ओपी चौघरी ने भी नेता प्रतिपक्ष के खिलाफ बयान जारी किए। उधर, दिल्ली में बीजेपी के नियमित प्रेस कांफ्रेंस में भी यह मामला उठा और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी को इस हेट स्पीच के लिए आड़े हाथ लिया।

उधर, प्रधानमंत्री का मामला था लिहाजा निर्वाचन आयोग ने भी इसे गंभीरता से लिया। दरअसल, महंत पार्टी के स्टार प्रचारक हैं। सो, अफसरों का कहना है कि स्टार प्रचारक के खिलाफ राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय या डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन आफिसर सीधे एक्शन नहीं ले सकता। इसलिए इलेक्शन कमीशन ने आज दोपहर महंत के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दे दिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इसे राजनांदगांव जिला प्रशासन को भेज दिया गया। इलेक्शन कमीशन का आदेश समाचार लिखे जाने तक राजनांदगांव के थाने में पहुंच गया है। मगर पुलिस इस बात में उलझ गई है कि किस धारा में अपराध दर्ज किया जाए। क्योंकि राजनीतिक मामलों में गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज होता नहीं। और अब नए कानून के हिसाब से सामान्य धाराएं भी गैर जमानती हो गई हैं। उधर, प्रधानमंत्री और इलेक्शन कमीशन का मामला भी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने इसे राजनांदगांव जिला प्रशासन को भेज दिया गया। इलेक्शन कमीशन का आदेश समाचार लिखे जाने तक राजनांदगांव के थाने में पहुंच गया है।

 

मैं न सिर्फ शर्म कर रहा हूं अपनी निंदा भी करता हूं', विवादित बयान को मुख्यमंत्री ने मांगी माफी

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पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने विवादित बयान पर अब फाफी मांग ली है. सीएम के बयान के बाद बीजेपी और उनके कई विरोधी नीतीश कुमार पर हमलावर थे. इस दौरान उन्होंने पटना में मीडिया को संबोधित किया.


पटना में सीएम नीतीश ने मांगी माफी

सीएम नीतीश ने कहा कि अगर मेरी बात से किसी को तकलीफ हुई है तो वह क्षमा चाहते हैं. नीतीश कुमार ने पटना में गुरुवार को मीडिया सामने कहा कि उन्होंने महिला उत्थान के लिए काफी काम किया है.

हालांकि इस दौरान नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि कल तक आप मेरे बयान का समर्थन कर रहे थे लेकिन आज आपको ऊपर से संदेश आया होगा कि मेरी निंदा करो तो आपलोग मेरी निंदा करो आप निंदा कर रहे हैं और मैं आपका अभिनंदन कर रहा हूं. बता दें कि भाजपा के नेता विधायक और कार्यकर्ता मंगलवार से ही नीतीश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.

बुधवार को भी जब भाजपा विधायक नहीं माने और विधानसभा में हंगामा करने लगे. नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफा की मांग पर अड़ गए.

साईं बाबा को लेकर बागेश्वर सरकार ने फिर से दे डाला विवादित बयान

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जबलपुर:अपने चमत्कारों को लेकर चर्चा में आए बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर साईं बाबा के खिलाफ बड़ा बयान दिया है. साईं बाबा की पूजा को लेकर उन्होंने कहा कि कोई गीदड़ शेर की खाल ओढ़ ले तो वह शेर नहीं हो जाता. धीरेंद्र शास्त्री शनिवार को जबलपुर के पनागर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आखिरी दिन लोगों से संवाद कर रहे थे. इस दौरान जब उनसे साईं पूजा को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साईं बाबा को भगवान मानने से इंकार कर दिया.


उन्होंने कहा कि साईं बाबा संत या फकीर हो सकते हैं, लेकिन भगवान नहीं. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि शंकराचार्य सनातन धर्म शंकराचार्य के सिद्धांतों पर चलता है और वह हिन्दू धर्म के प्रधानमंत्री हैं. उन्होंने कभी भी साईं बाबा को देवता का दर्जा नहीं दिया. इसलिए वह भी शंकराचार्य को भगवान नहीं मानते. उन्होंने कहा कि साईंबाबा तुलसीदास से बड़े नहीं हो सकते. लेकिन तुलसीदास या सूरदास को भी युग पुरूष कहा गया है. इसी प्रकार अन्य धर्मों में भी युग पुरुष हो सकते हैं. इन्हें भगवान कैसे कहा या माना जा सकता है.

उन्होंने खुद अपना उदाहरण देते हुए कहा कि यह वह छत्र लगाकर बैठ जाए तो क्यों उन्हें शंकराचार्य मान लिया जाएगा. बता दें कि साईं बाबा को लेकर उठे तमाम विवादों पर अब विराम लग चुका है. लेकिन बागेश्वर सरकार के इस बयान ने फिर से उन्हीं विवादों को हवा दे दी है. अशंका है कि जल्द ही इस बयान पर साईं बाबा समर्थकों की प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है. यहां यह भी उल्लेखनीय है कि बागेश्वर सरकार एक और बयान को लेकर चर्चा में हैं.

जबलपुर में आयोजित श्रीमद्भागव कथा के तीसरे दिन उन्होंने ऐलान किया था कि जल्द ही वह अंग्रेजों की ठठरी बांधने के लिए अमेरिका जा रहे हैं. उन्होंने कैलिफोर्निया से आए एक भक्त से संवाद करते हुए यह बयान दिया था. इसमें कहा था कि 15 अगस्त को अमेरिका में झंडा फहराने के लिए उन्हें निमंत्रण मिला है. इस कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दरबार लगाकर भक्तों से बातचीत की भी. इस दौरान अपनी समस्या लेकर पहुंचे तमाम लोगों की पर्ची निकालकर समस्याओं के समाधान के लिए उपाय बताया.

पांच साल जिंदा रहे तो…

इस दौरान उन्होंने हिन्दुत्व और हिन्दू राष्ट्र को लेकर एक बार फिर से बयान दिया. कहा है कि चार-पांच साल अगर वह और जिंदा रह गए तो दूसरे धर्मों के लोग भी हरि हरि बोलना शुरू कर देंगे. उनके भी माथे पर तिलक होगा और हाथ तिरंगा होगा. उन्होंने कहा कि भारत में पूजा, धर्म, दरबार और भगवान के नाम पर धंधा नहीं होना चाहिए और वह ऐसा होने भी नहीं देंगे. इसके लिए वह काम करेंगे. वहीं उन्होंने लव जिहाद और भगवान राम की यात्रा मार्ग पर पत्थर फेंके जाने की घटनाओं पर अपने अंदाज में चेतावनी भी दी. उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालुओं को चुनौती देते हुए कहा कि यदि आप बुजदिल नहीं है तो कोई आपकी बहू बेटियों से लव जिहाद करने की हिम्मत नहीं कर सकता. कोई भगवान राम की यात्रा में पत्थर फेंक रहा है तो यह हमारी कमजोरी है.

 

मानहानि केस में राहुल गांधी दोषी करार, मोदी सरनेम पर दिया था विवादित बयान

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सूरत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘चोर’ कहने के मामले में सूरत कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दोषी करार दे दिया है। मामला 2019 का है जब वायनाड़ से लोक सभा सदस्य राहुल गांधी ने आम चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में आयोजित जनसभा में पीएम मोदी के सरनेम को लेकर टिप्प्णी की थी।


जिसके बाद उन पर मानहानि कर मामला दर्ज हुआ था। राहुल ने कथित तौर पर कहा था कि, ‘क्यों सभी चोरों का समान उपनाम मोदी ही होता है?’ राहुल की इस टिप्पणी के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक और गुजरात के पूर्व मंत्री पुरनेश मोदी ने याचिका दायर कराई थी।

राहुल गांधी के वकील किरीट पानवाला ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एच एच वर्मा की अदालत ने पिछले सप्ताह दोनों पक्षों की दलीलों की अंतिम सुनवाई की थी और फैसला सुनाने के लिए 23 मार्च की तारीख तय की थी। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 (मानहानि) के तहत दर्ज किया गया था। राहुल गांधी अपना बयान दर्ज कराने के लिए अक्टूबर 2021 में सूरत की अदालत में पेश हुए थे।

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