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अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग को लेकर छत्तीसगढ़ में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 16 और 17 जून को मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य राज्य के विभिन्न विभागों में सुशासन और विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विचार-विमर्श करना था।

उल्लेखनीय है कि यह कार्यशाला अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में होने वाली राष्ट्रीय बैठकNational Meet 2.0 with the theme "Leveraging Space Technology & Applications for Viksit Bharat 2047" की तैयारी का हिस्सा रही। इस बैठक में छत्तीसगढ़ को राज्य की भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक दस्तावेज तैयार कर प्रस्तुत करना है।

इस कार्यशाला में छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के वैज्ञानिक, इसरो के वैज्ञानिक डॉ. आनंद अरूर, रीजनल रिमोर्ट सेंसिंग सेटर नागपुर एवं डॉ. अनूप दास, स्पेस एप्लीकेशन सेंटर अहमदाबाद, अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले सहित छत्तीसगढ़ शासन के चिन्हित 28 विभागों के 73 अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यशाला में अधिकारियों द्वारा विभागों की योजनाओं में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का वर्तमान एवं भविष्य में उपयोग से संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में सुझाव दिये गये। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद एवं इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा कार्यशाला में अंतरिक्ष तकनीकी के अनुप्रयोग का पावर पॉईंट प्रस्तुतीकरण किया गया। भारत सरकार विभिन्न राज्य और केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों में सुशासन और विकास के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के उपयोग को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके लिए छत्तीसगढ़ रिमोर्ट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिक परिषद को नोडल एजेंसी के रूप में चिन्हांकित किया गया है। यह नोडल एजेंसी संबंधित विभागों से प्राप्त प्रस्तावों पर एक डॉक्यूमेंट तैयार कर इसरो, भारत सरकार को नेशनल मीट 2.0 के लिए प्रस्तुत करेगी।

मुख्य सचिव ने महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिव मौजूद थे। बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भेंट मुलाकात तथा विशेष अवसरों पर जिलों के दौरे के दौरान की गई विभिन्न घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू तथा लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु जी पिल्ले मौजूद थी।

बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई ज्यादातर घोषणायें पूर्ण की जा चुकी हैं। शेष रही घोषणाओं के क्रियान्वयन की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। मुख्य सचिव ने राज्य शासन के विभागीय सचिवों को निर्देश दिए है कि वे विभागीय स्तर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करें। उन्होंने कहा है कि शीघ्र ही बजट में शामिल की गई सभी स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत निर्माण कार्यों के भूमि पूजन एवं लोकार्पण के कार्यों की तैयारी कर ले।

मुख्य सचिव ने बैठक में विभिन्न विभागों के न्यायालयीन प्रकरणों के आदेशों के पालन की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को माननीय न्यायालय के प्रकरण पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में प्रमुख सचिव शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, जल संसाधन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, वित्त विभाग के सचिव अंकित आनंद, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डी.डी.सिंह, राजस्व विभाग के सचिव एन.एन.एक्का, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज तम्बोली सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

कंजक्टिवाइटिस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूल शिक्षा और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को लिखा पत्र

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रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने कंजक्टिवाइटिस की रोकथाम के लिए स्कूल शिक्षा और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के संचालक को परिपत्र जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों विभागों को स्कूलों, छात्रावासों, आवासीय विद्यालयों तथा आश्रम-छात्रावासों में कंजक्टिवाइटिस से बचाव के लिए आवश्यक निर्देश प्रसारित करने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों को इस संक्रमण के लक्षणों, उपचार और बचाव की जानकारी देने भी कहा है।

संचालक, महामारी नियंत्रण द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग और आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को जारी परिपत्र में कहा गया है कि राज्य में मौसम के कारण "आँख आने की बीमारी" (कंजक्टिवाइटिस) बढ़ गई है। यह सम्पर्क से फैलने वाली बीमारी है जो सघन रहवासी क्षेत्र में अधिक फैलता है। राज्य में संचालित विद्यालय, आवासीय विद्यालय, आश्रम-छात्रावास एवं छात्रावास में छात्र-छात्राएं समूह में रहते हैं जिनमें यह बीमारी फैल सकती है। उन्होंने दोनों विभागों द्वारा संचालित संस्थाओं में इसकी रोकथाम के लिए आवश्यक निर्देश प्रसारित करने को कहा है।

संचालक, महामारी नियंत्रण ने अपने परिपत्र में कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों, उपचार और इससे बचाव के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने परिपत्र में कहा है कि कंजक्टिवाइटिस आंख की आम बीमारी है जिसे हम आँख आना भी कहते हैं। इस बीमारी में रोगी की आँख लाल हो जाती है, कीचड़ आता है, आँसू आते हैं, चुभन होती है तथा कभी-कभी सूजन भी आ जाती है।

कंजक्टिवाइटिस होने पर एंटीबायोटिक ड्रॉप जैसे जेंटामिसिन (Gentamicine), सिप्रोफ्लॉक्सिन (Ciprofloxacine), मॉक्सीफ्लॉक्सिन (Moxifloxacin) आई ड्रॉप आँखों में छह बार एक-एक बूंद तीन दिनों के लिए मरीज को देना चाहिए। तीन दिनों में आराम न आने पर किसी अन्य बीमारी की संभावना हो सकती है। ऐसे में नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। कंजक्टिवाइटिस की जाँच एवं उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

कंजक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अतः मरीज को अपनी आँखों को हाथ न लगाने की सलाह देनी चाहिए। रोगी से हाथ मिलाने से बचकर एवं उसकी उपयोग की चीजें अलग कर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है। संक्रमित आँख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल सम्पर्क से ही फैलती है।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों की ली बैठक सड़कों पर पशुओं का विचरण रोका जाएगा

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रायपुर। उच्च न्यायालय के निर्देशों के परिपालन में सड़कों पर पशुओं के विचरण से होने वाले नुकसान को रोकने स्थाई हल निकालने के लिए मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक सम्पन्न हुई।

मुख्य सचिव ने सड़कों पर पशुओं के विचरण को रोकने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों से गहन विचार-विमर्श किया और इस संबंध में अधिकारियों को शीघ्र ही समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा है। मुख्य सचिव ने लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और स्थानीय निकायों के अधिकारियों को अपनी-अपनी सड़कों पर पिछले वर्षों में पशुओं के विचरण से हुई दुर्घटनाओं की जानकारी संधारित कर ऐसे दुर्घटना जन्य स्थलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस एवं अन्य एनिमल शेटलर्स की जानकारी ली। उन्होंने कहा है कि पशुपालकों को सड़कों पर अपने मवेशियों को नही आने देने के लिए आवश्यक समझाइश दी जाए। इसी तरह से विधि विभाग के अधिकारियों को भी इस संबंध में आवश्यक कानूनी प्रावधानों की अद्यतन जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए है। बैठक में परिवहन विभाग की लीड एजेंसी के अधिकारी संजय शर्मा ने मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा परिदृश्य की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुक्रम में मवेशी मुक्त सड़क हेतु किए गए विभिन्न प्रयासों की जानकारी दी।

बैठक में कृषि एवं पशुधन विकास विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर., नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव डॉ. अयाज तम्बोली, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास सारांश मित्तर, संचालक पशुधन विकास श्रीमती चंदन त्रिपाठी सहित विधि, परिवहन, लोक निर्माण, राष्ट्रीय राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री ने नव-नियुक्त इकहत्तर हजार कर्मचारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

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नईदिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सरकारी विभागों और संगठनों में नव-नियुक्त इकहत्तर हजार कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि रोजगार मेला देश के युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार का प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार गांवों में भारत नेट के माध्यम से ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराने का कार्य कर रही है, जिससे अधिक रोजगार सृजन के अवसर पैदा होंगे। मोदी ने कहा कि स्टार्टअप्स की सफलता से वैश्विक स्तर पर देश के युवाओं की खास पहचान बन रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने नव-नियुक्तकर्मियों से कहा कि वे नागरिक सेवा के मंत्र के साथ अपना कार्य पूरा करें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कुछ नव-नियुक्त कर्मचारियों से बातचीत की। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में भी आज रोजगार मेले का आयोजन किया गया और चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपा गया।

सर्वोच्च प्राथमिकता के विषयों पर सीएम द्वारा दिए गए निर्देशों का त्वरित हो पालन : मुख्य सचिव

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रायपुर. मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने राज्य शासन के विभागीय अधिकारियों से कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा प्रदेश में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए विभिन्न विभागों के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है. मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि योजनाओं का लाभ राज्य के नागरिकों को मिले इसके लिए त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें. मुख्य सचिव ने इस संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय बैठक लेकर विभागों द्वारा की गई.



कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली. बैठक में डीजीपी अशोक जुनेजा, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन के संबंध में मुख्य सचिव ने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली. इस संबंध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की सचिव सुश्री शहला निगार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में हाट बाजार क्लीनिक अंतर्गत गांव में लगाने वाले सभी हाट बाजारों में हाट बाजार क्लीनिक, चिकित्सा वाहन भेजा जाना सुनिश्चित किया गया है. 

जहां पर किन्हीं कारणों से नहीं पहुंच पाए इसकी वस्तु स्थिति की जानकारी संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से ली गई है और शत्-प्रतिशत हाट बाजारों में चिकित्सा वाहन भेजा जाना सुनिश्चित किया गया है. इस संबंध में आवश्यक सहयोग जिले के कलेक्टरों से लिया जा रहा है. वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत नदी के किनारे लगाए गए जीवित वृक्षों की विस्तृत जानकारी क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा संधारित की जा रही है. पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने जानकारी दी कि मनरेगा कर्मियों के हड़ताल के चलते फरवरी 2022 की स्थिति में प्रति परिवार औसत मानव दिवस कम था. 

जिसे अब सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पंजीकृत लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है. गौठानों के निकट मछली पालन हेतु मनरेगा से अधिक से अधिक तालाब बनाए जाएंगे. मनरेगा के अंतर्गत शहतुत के वृक्षों, औषधि पौधों, चारा उत्पादन, फलदार पौधों का रोपण किया जा रहा है. गृह विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चिटफंड के पीड़ितों की राशि वापिस करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान के बदले अन्य फसलों को बढ़ावा देने लक्ष्य के अनुरूप किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. अब तक करीब 3.50 लाख किसानों ने अपनी सहमति दी है. 

खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य स्लम योजना के तहत डीएमएफ की राशि से सुचारू स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जिला कलेक्टरों द्वारा जरूरी व्यवस्था बनायी जा रही है. लोक निर्माण विभाग द्वारा अनुपयोगी शासकीय भूमि के व्यवसायिक के उपयोग के लिए कार्ययोजना के तहत कार्यवाही की जा रही है. पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रामवन गमन पथ के सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में कराए जाने के लिए सभी आवश्यक कार्य किए जा रहे है. 

नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग के अंतर्गत विभिन्न नगरीय निकायों में धनवंतरी मेडिकल स्टोर के माध्यम से उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर दवाईंयां प्रदान की जा रही है. इन स्टोरों के माध्यम से उपभोक्ताओं की करोड़ों की बचत हुई है. अधिकारियों ने बताया कि नगरीय निकायों से शासकीय भूमि पर निर्मित दुकान, रिक्त भूमि, संपत्तियों के विक्रय की समयबद्ध जानकारी ली जा रही है. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों को निराकृत करने के लिए सभी जरूरी कार्यवाही की जा रही है

तथा कलेक्टरों को इस संबंध में जिम्मेदारी दी गई है. राजस्व विभाग के अंतर्गत नजूल भूमि के व्यवस्थापन, भूमि आबंटन में कमजोर प्रदर्शन वाले कलेक्टरों से आवश्यक जानकारी ली जा रही है. महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत कुपोषित बच्चों को गरम भोजन दिया जा रहा है. बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेल मंगई डी., पर्यटन एवं जल संसाधन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., महिला एवं बाल विकास विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के सचिव भूवनेश यादव, राजस्व विभाग के सचिव एन.एन.एक्का सहित अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

जनता के हित के सभी काम सर्वोच्च प्राथमिकता और गुणवत्ता से पूरे करें : गृह मंत्री

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महासमुंद। गृह जेल एवं लोक निर्माण तथा प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू यहाँ ज़िला पंचायत के सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के विकास कार्यों काम काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप काम पूरी जिम्मेदारी टीम भावना के साथ करें। ताकि योजनाओं का लाभ ज़िले के हर पात्र हितग्राहियों को और बेहतर तरीक़े से मिले। जनता के हित के सभी काम सर्वोच्च प्राथमिकता और गुणवत्ता के साथ पूरी करें। इस मौक़े पर ज़िले के 37 सरकारी स्कूलों को ज़िला स्तरीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार दिया गया।


कलेक्टर
  निलेशकुमार क्षीरसागर ने विकास कार्यों की जानकारी दी। बैठक से पहले मंत्री साहू ने हितग्राहियों को फलदार पौधों का वितरण किया और पौधा तुंहर द्वार वाहन को हरी झंडी दिखाई। बैठक में ज़िले की चारों विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनोद चंद्राकर, द्वारिकाधीश यादव, देवेंद्र बहादुर सिंह और किस्मत लाल नंद, ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ऊषा पटेलजनपद अध्यक्ष  यतेन्द्र साहू और जनप्रतिनिधि सहित पुलिस अधीक्षक  विवेक शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत  एस. आलोक एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। 

मंत्री ताम्रध्वज साहू ने अधिकारियों से कहा कि अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव लाते हुए कार्य का सरलीकरण कर निबटाये। ताकि राज्य की सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर  पर और बेहतर तरीके से लोगों को दिखे। उन्होंने कहा कि सरकारी सभी योजनाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और उन्हें लाभान्वित करने का दायित्व हम सब का है। साहू ने समीक्षा के दौरान सड़क, पुल-पुलिया, शासकीय भवन


स्कूल, आश्रम, छात्रावास, आंगनबाड़ी, राशन दुकान के निर्माण कार्य एवं शेष कार्यो को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं लोकहित के कार्य राशनकार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र समय-सीमा में उपलब्ध कराने, लोक सेवा गारंटी अन्तर्गत विभिन्न प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागवार बारी-बारी से कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने संचालित योजनाएं जल जीवन मिशन, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, नरवा, गरवा, घुरूवा एवं बाड़ी अन्तर्गत गौठानों मे मल्टीएक्टिविटी के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों का संचालन महिला स्व-सहायता समूह को स्वावलंबी बनाने

नियमित गोबर खरीदी, वर्मी खाद के उत्पादन सहित दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी, राशन दुकान, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूलों के संचालन के संदर्भ में व्यापक समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस माह कभी भी मुख्यमंत्री का जिले में आगमन हो सकता है। इसलिए सभी तैयारी पूरी करें। ताकि किसी को शिकायत का मौका मिले। वे अपनी भेंट मुलाकात के दौरान आमजन के अलावा व्यवसायी, जनप्रतिनिधियों, अन्य लोगों से मिलते हैं। अपने-अपने विभाग के सभी कामकाज ठीक ढंग से कर लें।

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