Media24Media.com: वित्त विभाग

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हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्प पत्र में ‘मोदी की गारंटी‘ के अंतर्गत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत पक्के आवास प्रदान करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की थी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहली मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर मुहर लगी। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के 18 लाख आवासहीन परिवारों को पक्के मकान देने के अपने वादे को निभाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने केंद्र और राज्यांश मिलाकर 2,560 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों को अंतरित करने के लिए जारी कर दी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना: वित्त विभाग ने जारी की 2560 करोड़ की राशि 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि हमारा लक्ष्य राज्य के सभी आवासहीन परिवारों को इस योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराना है। यह पहल केवल आवासीय सुविधा ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक उत्थान का भी एक साधन है।

अब तक 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी

वित्त विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 5,144 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। पहली किश्त केंद्रांश 1,550.30 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,033.70 करोड़ रुपये कुल 2,584 करोड़ रुपये और दूसरी किश्त केंद्रांश 1,535.40 करोड़ रुपये, राज्यांश 1,024.60 करोड़ रुपये कुल 2,560 करोड़ रुपये जारी की जा चुकी है। लाभार्थियों को राशि सीधे उनके खाते में शीघ्र पहुंचाई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में योजना के तहत तीसरी किश्त की राशि भारत सरकार से प्राप्त करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि उनके आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके।

शासकीय सेवकों पर आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा में वृद्धि को वित्त विभाग से मंजूरी

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 रायपुर : वित्त विभाग ने शासकीय सेवकों पर आश्रितों की अधिकतम आय सीमा में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 7 हजार 750 रुपये प्रतिमाह करने को स्वीकृति प्रदान की गई है।


उल्लेखनीय है कि साल 2014 के बाद से शासकीय सेवकों के आश्रितों के लिए आय की अधिकतम सीमा में कोई वृद्धि नहीं की गई थी, जबकि राज्य में श्रमिकों की आय में लगातार वृद्धि हो रही है। अर्द्ध कुशल श्रमिकों के लिए दैनिक मजदूरी की दर अब 10,900 रुपये प्रति माह तक पहुंच गई है। ऐसे में शासकीय सेवकों के आश्रित सदस्य 3 हजार 50 रुपये प्रतिमाह से अधिक आय प्राप्त कर रहे थे, उन्हें परिवार पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब, आय सीमा बढ़ाने के साथ जिन आश्रितों की आय 3,050 रुपये से अधिक थी, वे सभी परिवार पेंशन का लाभ प्राप्त करने के पात्र हो सकेंगे।

इस कदम से शासकीय सेवकों के आश्रितों की स्थिति सुधरेगी और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी, जो शासकीय सेवक के निधन के बाद परिवार पेंशन पर निर्भर रहते हैं। आय सीमा में इस वृद्धि से उन्हें भी अब परिवार पेंशन का लाभ मिलेगा।

दीवाली से पहले मिलेगा छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों को वेतन

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मानसेवियों को दीवाली से पहले वेतन का भुगतान किया जाएगा। इस आशय का आदेश छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा आज जारी कर दिया गया है। जारी आदेश के अनुसार अक्टूबर 2024 के वेतन और मजदूरी के भुगतान 28 अक्टूबर 2024 से करने के निर्देश दिए गए है, ताकि अधिकारियों-कर्मचारियों को दीवाली के त्यौहार से पूर्व वेतन मिल सके और वह अच्छे से त्यौहारे मना सके।

वित्त विभाग द्वारा आदेश के अनुसार व्यावसायिक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को पारिश्रमिक, मजदूरी, और मानदेय का भुगतान भी 28 अक्टूबर से किया जाएगा। राज्य के निगम, मंडल, प्राधिकरण, विश्वविद्यालय, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक उपक्रम और अन्य संस्थानों को भी अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार 28 अक्टूबर से भुगतान के संबंध में विचार करने को कहा गया है।

पीएचई में 261 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने दी है भर्ती की अनुमति

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 रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर हाल ही में वित्त विभाग द्वारा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में 261 पदों पर भर्ती की मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने इसके लिए तेजी से कार्यवाही शुरू कर दी है। उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग द्वारा भर्ती प्रक्रिया के लिए व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को पत्र भेजा जा रहा है। पीएचई में अभियंताओं और हैंडपंप तकनीशियनों सहित राज्य स्तरीय 181 और अराज्य स्तरीय 80 पदों पर भर्ती होनी है।


लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा राज्य स्तरीय पदों के तहत उप अभियंता (सिविल) के 118 पदों, उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के दस, अनुरेखक के 37, केमिस्ट के 12, सहायक ग्रेड-3 और वाहन चालक के दो-दो पदों पर चयन के लिए व्यापमं को पत्र लिखा जा रहा है। वहीं अराज्य स्तरीय पदों के अंतर्गत हैंडपंप तकनीशियन के 50 पदों, सहायक ग्रेड-3 और वाहन चालक के दस-दस पदों तथा प्रयोगशाला सहायक और ट्रक चालक के पांच-पांच पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित करने के लिए व्यापमं को पत्र प्रेषित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ : सीएम के निर्देश पर विधि विभाग में 362 रिक्त पदों पर होगी भर्ती

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ में शासकीय विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग की स्वीकृति एवं विभागों द्वारा भर्ती विज्ञापन का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नगर सैनिकों सहित अन्य विभागों में रिक्त पदों की भर्ती की वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति एवं भर्ती की लंबित प्रक्रिया शुरू करने की सहमति के बाद विभाग भर्ती की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने न्यायालयों में रिक्त पदों पर नई भर्ती की मंजूरी दे दी है। न्यायालयों में कुल 362 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कमी को दूर कर न्यायपालिका के कार्यों को सुचारू बनाना है। उपमुख्यमंत्री अरूण साव के निर्देशानुसार विधि विधायी विभाग द्वारा रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव प्रेषित किया गया था। मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर विधि एवं विधायी विभाग की प्रस्ताव पर वित्त विभाग ने तत्काल स्वीकृति प्रदान की है।

वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद न्यायालयों में व्यवहार न्यायाधीश के 57, स्टेनोग्राफर के 46, सहायक ग्रेड-3 के 118, स्टेनोटायपिस्ट के 07, वाहन चालक के 08, प्रोसेस सर्वर के 05 और चौकीदार, गार्डनर, स्वीपर, वाटरमेन के 83 एवं एक सहायक प्रोग्रामर के रिक्त पदों की पूर्ति का रास्ता खुल गया है। राज्य के न्यायालयों में रिक्त पदों की भर्ती होने से न केवल न्यायालयों में कार्य दक्षता बढ़ेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने में भी मदद मिलेगी। न्यायालयों में कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होने से कामकाज का निष्पादन भी समय पर हो सकेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी 321 पदों पर बीते छह महीने से लंबित भर्ती की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई है। व्यापम द्वारा ली गई ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन आगामी 30 सितम्बर से 10 अक्टूबर तक पूरा करने के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न संवर्ग के रिक्त 650 पदों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 181 पदों, ग्रामीण आजीविका मिशन में 237 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग द्वारा स्वीकृति ली जा चुकी है। बिलासपुर में 465 नगर सैनिकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है।

छत्तीसगढ़ में खुले शासकीय नौकरियों के द्वार, छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में 3500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न विभागों में युवाओं की भर्ती का सिलसिला वृहद पैमाने पर शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर अब तक लगभग 8 विभागों में 3,474 पदों की भर्ती के लिए वित्त विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है। खाली पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को लेकर कमोबेश सभी विभाग प्रस्ताव बनाने से लेकर शासन से स्वीकृति की तैयारी में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री साय की मंशानुरूप विभागों में भर्ती की प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रहेगी। 

साय सरकार में मिल रहा युवाओं को भविष्य संवारने का सुनहरा अवसर 

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, कृषि विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, गृह विभाग, विधि विभाग, आदिम जाति कल्याण, वन एवं पर्यावरण विभाग अपने-अपने विभागों में भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने में लगे हैं।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय लगातार छत्तीसगढ़ में युवाओं को शिक्षा एवं रोजगार में नए अवसर प्रदान करने के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री साय की पहल पर ही कैबिनेट ने पुलिस विभाग सहित अन्य शासकीय भर्तियों में युवाओं के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट का लाभ भी युवाओं को मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय की पहल पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में उप अभियंता (सिविल) के 118, उप अभियंता (विद्युत/यांत्रिकी) के 10 पदों सहित 181 पदों पर भर्ती की मंजूरी वित्त विभाग ने दी है। इसी तरह गृह विभाग में सूबेदार, उप पुलिस निरीक्षक, प्लाटून कमांडर, नगर सैनिक सहित कुल 806 पदों पर भर्ती के लिए वित्त विभाग से स्वीकृति मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, स्टॉफ नर्स सहित अन्य संवर्ग के 1201 पदों पर स्वीकृति के साथ ही छत्तीसगढ़ विधानसभा में सहायक मार्शल के पदों तथा आदिम जाति कल्याण विभाग में छात्रावास अधीक्षक के 300 पदों भर्ती की प्रक्रिया जारी है। वन विभाग में वन रक्षक सहित अन्य संवर्ग के कुल 66 पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग आजीविका मिशन के अंतर्गत विभिन्न संवर्ग के 237, विधि विभाग के अंतर्गत न्यायालयों में व्यवहार न्यायाधीश सहित अन्य संवर्ग के कुल 362 पदों पर तथा कृषि विभाग के अंतर्गत 321 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की भर्ती का रास्ता खुल गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधि विभाग में 362 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए वित्त की मंजूरी

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के अंतर्गत न्यायालयों में नई भर्ती के लिए मंजूरी दे दी है। कुल 362 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों की कमी को दूर कर न्यायपालिका के कार्यों को सुचारू बनाना है।


उपमुख्यमंत्री  अरूण साव ने विधि विधायी विभाग को इस आशय के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद वित्त विभाग ने प्राप्त प्रस्तावों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्काल मंजूरी प्रदान कर दी। इसमें व्यवहार न्यायाधीश के 57, स्टेनोग्राफर के 46, सहायक ग्रेड-3 के 118, स्टेनोटायपिस्ट के 07, वाहन चालक के 08, प्रोसेस सर्वर के 05 और चौकीदार, गार्डनर, स्वीपर, वाटरमेन के 83 एवं एक सहायक प्रोग्रामर के पद शामिल हैं।

यह निर्णय न केवल न्यायालयों में कार्य दक्षता बढ़ाने बल्कि न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने में भी सहायक होगा। न्यायालयों में कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होने से कामकाज का निष्पादन भी समय पर हो सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जल आवर्धन योजनाओं के लिए 132 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को दी गई मंजूरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर वित्त विभाग द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जल आवर्धन योजनाओं के लिए 132 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री साय की पहल पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित की जाने वाली जल आवर्धन योजनाओं से नगरीय निकायों में जल आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि नागरिकों को नियमित रूप से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल आवर्धन हेतु प्रस्तावित योजनाओं पर वित्त विभाग ने बलौदाबाजार जिले के भटगांव के लिए 14 करोड़ 66 लाख रुपए, सारंगढ़ के लिए 47 करोड़ 46 लाख रुपए, जांजगीर-चांपा जिले के चांपा के लिए 17 करोड़ 86 लाख रुपए और सारागांव के लिए तीन करोड़ 61 लाख रुपए, कांकेर जिले के चारामा के लिए 19 करोड़ 75 लाख रुपए, कोरबा जिले के कटघोरा के लिए 24 करोड़ 63 लाख रुपए तथा बीजापुर के लिए चार करोड़ 35 लाख रुपए की स्वीकृति दी है।

जल आवर्धन योजनाओं से जलापूर्ति संरचना मजबूत होने से जल की गुणवत्ता और वितरण में सुधार होने के साथ ही जल संकट को कम करने में भी मदद मिलेगी। इसके साथ ही नागरिकों का स्वास्थ्य और जीवन स्तर भी बेहतर होगा। ये नई जल आवर्धन योजनाएं जल संसाधनों की उपलब्धता को सुनिश्चित करेंगी। साथ ही स्थानीय विकास और नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होंगी।

CG NEWS : नई भर्ती से पहले अब वित्त विभाग की अनुमति जरूरी, जारी हुआ आदेश

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 रायपुर : अब सीधी भर्ती के रिक्त पदों को भरने से पहले वित्त विभाग की अनुमति लेनी जरूरी होगी। इस संदर्भ में वित्त विभाग ने सभी विभागों, कमिश्नर, कलेक्टर और विभागाध्यक्ष को पत्र जारी कर दिया है। वित्त सचिव मुकेश बंसल ने अपने आदेश में कहा है कि लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले सीधी भर्ती के रिक्त पदों और अनुकंपा नियुक्ति के पदों को छोड़कर, जितनी भी सीधी भर्ती के रिक्त पद अब भरे जाएंगे उससे पहले वित्त विभाग की अनुमति लेनी जरूरी होगी।


आदेश में यह भी कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में लोक सेवा आयोग की तरफ से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली संयुक्त राज्य सेवा परीक्षा में शामिल पदों को छोड़कर, विभागों में राज्य लोक आयोग के माध्यम से भरे जाने वाले अन्य पदों पर भर्ती शुरू करने से पूर्व वित्त विभाग की अनुमति आवश्यक होगी।



सीएम की घोषणा पर त्वरित अमल : सीधी भर्ती के पदों पर स्टायपेण्ड का प्रावधान समाप्त, वित्त विभाग द्वारा आदेश जारी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सीधी भर्ती के पदों पर तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि के दौरान प्रथम तीन वर्ष में क्रमशः वेतनमान के न्यूनतम 70, 80 और 90 प्रतिशत स्टायपेण्ड दिए जाने के प्रावधान को समाप्त करने की घोषणा के परिपालन में वित्त विभाग द्वारा आज आदेश जारी कर दिया गया है। वित्त निर्देश के उपरोक्त प्रावधान शासकीय विभाग, कार्यालयों के साथ सभी निगम, मंडल, आयोग, प्राधिकरण, विश्वविद्यालय, अनुदान प्राप्त स्वशासी संस्थाओं आदि में भी सीधी भर्ती के पद पर भर्ती पर लागू होगा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल ने 2 सितम्बर 2023 को नवा रायपुर में आयोजित राजीव युवा मितान सम्मेलन में सीधी भर्ती के पदों पर स्टायपेण्ड समाप्त करने की घोषणा की थी। राज्य शासन द्वारा सीधी भर्ती से नियुक्ति पर परिवीक्षा अवधि में स्टायपेण्ड के प्रावधान को समाप्त कर, उस पद के वेतनमान के न्यूनतम वेतन पर वेतन निर्धारित किये जाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए निम्नानुसार प्रावधान किये गए हैं- 

सीधी भर्ती पर परिवीक्षावधि में उस पद के वेतनमान के न्यूनतम वेतन दिये जाने का प्रावधान वित्त विभाग की पूर्व अधिसूचना 28 जुलाई 2020 से भूतलक्षी प्रभाव से लागू होंगे। 28 जुलाई 2020 से इस आदेश के जारी होने के मध्य नियुक्त शासकीय सेवकों का वेतन निर्धारण नियुक्ति दिनांक से काल्पनिक (Notional) आधार पर किया जाकर वास्तविक आर्थिक लाभ इस आदेश दिनांक से प्राप्त होगा। इस प्रकार काल्पनिक (Notional) आधार पर किये गये वेतन निर्धारण के फलस्वरूप किसी प्रकार के एरियर्स की राशि देय नहीं होगी।

इसी प्रकार विधिवत् विभागीय अनुमति प्राप्त कर, अन्य सेवा में आने वाले शासकीय सेवकों को जिनके द्वारा पूर्व पद से तकनीकी त्याग पत्र दिया गया है, को वेतन संरक्षण का लाभ मूलभूत नियमों के प्रावधानों के अनुरूप पूर्ववत् प्राप्त होगा। ऐसे प्रकरणों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियुक्ति दिनांक से वेतन संरक्षण का लाभ दिया जा सकेगा किन्तु दिनांक 28 जुलाई 2020 से इस आदेश के जारी होने के मध्य नियुक्त शासकीय सेवकों के प्रकरणों में वेतन संरक्षण का निर्धारण काल्पनिक (Notional) आधार पर किया जाकर वास्तविक आर्थिक लाभ इस आदेश दिनांक से प्राप्त होगा। इस प्रकार काल्पनिक (Notional) आधार पर वेतन संरक्षण हेतु किये गये वेतन निर्धारण के फलस्वरूप किसी प्रकार के एरियर्स की राशि देय नहीं होगी।

स्पष्ट किया जाता है कि, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सीधी भर्ती के प्रकरणों में 03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के प्रावधान यथावत् लागू है। इस आदेश के प्रावधान शासकीय विभाग, कार्यालयों के साथ सभी निगम, मंडल, आयोग, प्राधिकरण, विश्वविद्यालय, अनुदान प्राप्त स्वशासी संस्थाओं आदि में भी सीधी भर्ती पद पर भर्ती पर लागू होंगे।

छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को 42 प्रतिशत मंहगाई राहत प्रदान करने मुख्यमंत्री बघेल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को शीघ्र 42 प्रतिशत मंहगाई राहत प्रदान करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। पत्र में मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 के धारा 49(6) के अंतर्गत महंगाई राहत के भुगतान के लिए मध्यप्रदेश की सहमति चाही गई है। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने पत्र में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री से अधिकारियों को इस संबंध में सहमति के लिए समुचित निर्देश देने को कहा है ताकि सहमति मिलते ही छत्तीसगढ़ के पेंशनर्स को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ते दिये जाने की कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को महंगाई राहत देने के लिए छत्तीसगढ़ के वित्त विभाग ने 2 अगस्त को मध्यप्रदेश शासन को पत्र लिखा था। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेवानिवृत्त शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई राहत 1 जुलाई 2023 से प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) के अंतर्गत दोनों राज्यों के मध्य पेंशन पर महंगाई राहत के भुगतान के लिए सहमति आवश्यक होती है। ऐसी सहमति मिलने पर ही पेंशन राहत पर आगे कार्रवाई की जा सकती है।

उल्लेखनीय है कि जैसे ही मध्यप्रदेश की सहमति प्राप्त होगी, वैसे ही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भी अविलंब पेंशनर राहत प्रदान करने की दिशा में कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि पेंशनर संगठनों द्वारा महंगाई राहत की दर 42 प्रतिशत करने की माँग लगातार की जा रही है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा सहमति अब तक लंबित नहीं होने की वजह से पेंशनरों को राहत देने में यह समय लगा है। मुख्यमंत्री के पत्र लिखे जाने के बाद अब इस संबंध में तेजी से कार्रवाई हो सकेगी।

30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों को एक जुलाई को एक वेतन वृद्धि देकर सेवानिवृत्त परिलाभ दिए जाने के निर्देश

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा 30 जून को सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय सेवकों को 01 जुलाई को एक वेतन वृद्धि देकर सेवानिवृत्त परिलाभ दिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशानुसार इस संबंध में संबंधित प्रकरणों में 90 दिवस की समयावधि में याचिकाकर्ताओं के सेवानिवृत्त परिलाभों में संशोधन एवं एरियर्स राशि भुगतान किए जाने की कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित विभाग को जारी किए गए हैं।

वित्त विभाग द्वारा इस संबंध में सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्व, खनिज, मत्स्य विभाग को महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर द्वारा जारी आदेश से संबंधित याचिकाओं में शामिल याचिकाकर्ता, उनके कार्यालय एवं विभाग की सूची प्रेषित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्यवाही करने कहा है। सूची में उल्लेखित कर्मचारियों के सेवानिवृत्त परिलाभों को संशोधित कर अंतर की राशि का एरियर्स सहित भुगतान किए जाने की कार्यवाही संबंधित कार्यालय एवं विभाग द्वारा किया जाना है।

वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि महाधिवक्ता कार्यालय बिलासपुर द्वारा रिटपिटिशन में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा 10 जुलाई 2023 को दिए गए आदेश की प्रति संलग्न कर प्रेषित की गई है, जिसमें याचिकाकर्ताओं को 90 दिवस के समयावधि में एक जुलाई को प्राप्त होने वाले वेतन वृद्धि को जोड़कर सेवानिवृत्ति परिलाभ एरियर्स सहित भुगतान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री की कर्मचारी हितैषी घोषणाओं पर अमल : वित्त विभाग ने जारी किए निर्देश

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कर्मचारी हित में की गई घोषणाएं अब पूरी कर दी गई है। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप शासकीय कर्मियों के मंहगाई भत्ता और गृह भाड़ा भत्ता में वृद्धि के साथ ही संविदा कर्मचारियों के वेतन में भी एकमुश्त वृद्धि के आदेश वित्त विभाग द्वारा जारी कर दिए गए है। जारी आदेश में पेंशनरों के मंहगाई भत्ता भी बढ़ा दिया गया है।

वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार राज्य शासन के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2023 से सातवें वेतनमान के अनुसार दिए जा रहे 38 प्रतिशत मंहगाई भत्ता में 4 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 42 प्रतिशत किया गया है। बढ़े हुए मंहगाई भत्ते की राशि 1 जुलाई 2023 से दी जाएगी। इसी प्रकार छठवां वेतनमान के अनुरूप 1 जुलाई 2023 से दिए जा रहे 212 प्रतिशत मंहगाई भत्ता में 9 प्रतिशत वृद्धि करते हुए 221 प्रतिशत कर दिया गया है, जो 1 जुलाई 2023 से देय होगा

इसी प्रकार वित्त विभाग द्वारा राज्य शासन के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतनमान के अनुसार गृह भाड़ा भत्ते की पुनरीक्षित दरें स्वीकृत की गई है। राज्य शासन के कर्मचारियों को बी-2 श्रेणी के रायपुर व दुर्ग, भिलाई नगर के लिए 9 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगा। वहीं सी श्रेणी के शहरों बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, जगदलपुर, रायगढ़ चिरमिरी, दल्लीराजहरा, अम्बिकापुर, धमतरी, भाटापारा तथा जांजगीर चाम्पा के लिए 6 प्रतिशत गृह भाड़ा भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों के लिए 6 प्रतिशत तथा दिल्ली स्थित राज्य शासन के कार्यालय में 27 प्रतिशत गृह भाड़ा दिया जाएगा। गृह भाड़ा भत्ता की दर आदेश जारी होने की तिथि से प्रभावशील होगी।

विभिन्न पदों पर एकमुश्त संविदा वेतन में वृद्धि

राज्य शासन के सेवाओं के विभिन्न पदों पर एकमुश्त संविदा वेतन का निर्धारण करते हुए वृद्धि की गई। यह वृद्धि 1 जुलाई 2023 से प्रभावशील होंगी। संविदा नियुक्ति के पद के पुनरीक्षित वेतन संरचना में वेतन मेट्रिक 01 से 16 लेवल तक के कर्मियों के मासिक एकमुश्त संविदा वेतन 14,400 से लेकर 1,19,715 रूपए तक एकमुश्त संविदा वेतन निर्धारित किया गया है।

पेंशनरों के मंहगाई राहत में वृद्धि

छत्तीसगढ़ राज्य के पेंशनरों के लिए मंहगाई राहत की पुनरीक्षित दरें लागू की गई है। राज्य के पेंशनर व परिवार पेंशनरों को 7वें वेतनमान के अनुसार अब 38 प्रतिशत तथा 6वें वेतनमान के पेंशनरों को 212 प्रतिशत मंहगाई राहत दिया जाएगा। मंहगाई राहत की नए दरें 1 जुलाई 2023 से दी जाएगी।

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक सम्पन्न

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने नगरीय प्रशासन एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के अधिकारियों से स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के अंतर्गत शामिल विभिन्न घटकों की विस्तार से जानकारी ली। मुख्य सचिव ने योजना के तहत विभिन्न परियोजनाओं और गठित होने वाली समितियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में वित्त विभाग के सचिव अंकित आनंद मौजूद थे। राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौमिल रंजन चौबे प्रस्तुतिकरण के जरिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत बताया कि शहरी क्षेत्रों के सभी आवास एवं परिसरों से पृथक किए हुए गीले एवं सूखे कचरे का शत-प्रतिशत डोर-टू-डोर संग्रहण किया जाएगा। संग्रहित कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन एवं सुरक्षित उपचार भी किया जाएगा। समस्त लिगेसी डम्पसाईट का उपचार और स्थलों का ग्रीन जोन में रूपांतरण किया जाएगा। 

ऐसे छोटे शहरों जिनकी जनसंख्या एक लाख से कम है में उपयोग किए गए जल को सुरक्षित रूप से एकत्रित करते हुए प्रोसेसिंग स्थल पर ले जाकर आवश्यक उपचार किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि मिशन शहरी 2.0 के अंतर्गत सतत् ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सफाई व्यवस्था, अनुपचारित जल प्रबंधन, सूचना  शिक्षा एवं संचार सहित क्षमता निर्माण जैसे घटकों को शामिल किया गया है। बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के विशेष सचिव अयाज तम्बोली सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, आवास एवं पर्यावरण, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) और पर्यावरण प्रदूषण मण्डल के अधिकारी शामिल हुए।

विशेष लेख : राज्य में अगले वित्तीय वर्ष के कुल बजट का 6.4 प्रतिशत स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए, 4 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी वित्तीय वर्ष 2023-24 के कुल बजट का 6.4 प्रतिशत हिस्सा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए खर्च किया जाएगा। अगले वर्ष के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 5497 करोड़ रूपए और चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 2240 करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग के भारसाधक मंत्री भूपेश बघेल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में प्रदेश में चार नए शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की है। ये कॉलेज मनेन्द्रगढ़, गीदम, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम में खोले जाएंगे।

इसके लिए 200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। गीदम में मेडिकल कॉलेज खुलने से बस्तर अंचल में तीन शासकीय मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। वहीं मनेन्द्रगढ़ में इसके शुरू होने से सरगुजा क्षेत्र में दो शासकीय मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। प्रदेशवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव की पहल को मूर्त रूप देने अगले वर्ष के बजट में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के लिए 900 करोड़ रूपए और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों के उन्नयन और नए अस्पताल खोलने के लिए 1500 नए पद सृजित किए जाएंगे।

इनमें बालोद जिले के दल्लीराजहरा और सारंगढ़ में सौ-सौ बिस्तरों के नए अस्पताल के लिए 246 नए पद और धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल तथा चिरमिरी, कुसमी, वाड्रफनगर एवं सीतापुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 100-100 बिस्तर के अस्पताल में उन्नयन के लिए 470 नए पदों का सृजन भी शामिल हैं। नए बजट में रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में 700 बिस्तरों के एकीकृत चिकित्सालय की स्थापना के लिए 85 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहन से लेकर स्वास्थ्य विभाग की हर छोटी-बड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करने वाली प्रदेश की 72 हजार मितानिनों को हर महीने 2200 रूपए का मानदेय देने की घोषणा की है।

इससे मितानिनों की पुरानी मांग पूरी हुई है। मितानिनों को मिलने वाला यह मानदेय उन्हें अब तक मिल रहे प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त होगी। प्रदेश के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने आगामी बजट में मोबाइल मेडिकल यूनिट के लिए पांच करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण व मानव संसाधन की कमी दूर करने राज्य के अगले बजट में बालोद जिले के डौण्डीलोहारा, बेमेतरा के नवागढ़, रायगढ़ के घरघोड़ा और नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के साल्हेवारा में 50-50 बिस्तरों के अस्पताल की स्थापना के लिए 119 पदों के सृजन का प्रावधान है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गिरौदपुरी, रायगढ़ के राजपुर, कबीरधाम के इंदौरी, बेमेतरा के मारो और कोरिया के पोड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के 30 बिस्तरों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन के लिए कुल 185 नए पद सृजित किए जाएंगे। 

वहीं जशपुर के आस्ता और दंतेवाड़ा के कौरगांव में 30-30 बिस्तरों के नए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना के लिए 74 पदों के सृजन का प्रावधान है। बालोद जिले के कुसुमकसा एवं कांकेर के भानबेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के 20-20 बिस्तरों के अस्पताल में उन्नयन के लिए 36 पद सृजित किए जाएंगे। गरियाबंद के इन्दागांव, रायगढ़ के घटगांव, धौराभांठा एवं बसंतपुर, जांजगीर-चांपा के सकर्रा और नवगठित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के आमाटोला में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा रायगढ़ के घरघोड़ा एवं नवापारा के उप स्वास्थ्य केन्द्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उन्नयन कर के लिए भी 96 पदों के सृजन का प्रावधान किया गया है।

राज्य के नए बजट में चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्ध अंबिकापुर, कोरबा, कांकेर, जगदलपुर, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़ एवं महासमुंद के अस्पतालों में ई-चिकित्सालय की स्थापना के लिए 50 पदों के सेट-अप एवं सूचना प्रौद्योगिकी कार्यों के लिए साढ़े सात करोड़ रूपए प्रावधानित हैं। रायपुर एवं अंबिकापुर में नवीन मानसिक चिकित्सालय की स्थापना के लिए 274 पदों के सृजन एवं भवन निर्माण के लिए दो करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बेमेतरा जिले के साजा में 50 बिस्तरों के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जशपुर के कुनकुरी में 50 बिस्तरों के मातृ एवं शिशु अस्पताल, बीजापुर के नैमेड़ में 30 बिस्तरों के अस्पताल और रायगढ़ के कठानी उप स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण के लिए भी आगामी वर्ष के बजट में राशि का प्रावधान किया गया है।

मेडिकल, इंजीनियरिंग एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की जाएगी। महिलाओं तथा बच्चों के पोषण एवं टीकाकरण के लिए प्रदेश भर में संचालित 46 हजार 660 आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली मासिक मानदेय को साढ़े छह हजार रूपए प्रति माह से बढ़ाकर दस हजार रूपए, आंगनबाड़ी सहायिकाओं का मानदेय 3250 रूपए से बढ़ाकर पांच हजार रूपए तथा मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय साढ़े चार हजार रूपए से बढ़ाकर साढ़े सात हजार रूपए किए जाने की भी घोषणा मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने की है।

तीन लाख कर्मचारियों के सामने नई और पुरानी पेंशन योजना में से किसी एक को चुनने का विकल्प

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रायपुर। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के करीब तीन लाख कर्मचारियों के सामने नई और पुरानी पेंशन योजना में से किसी एक को चुनने का विकल्प मांगा है। कर्मचारियों से कहा गया है कि यदि वे पुरानी पेंशन योजना में शामिल होना चाहते हैं, तो इस पर अपनी सहमति जाहिर करने के लिए उन्हें एक निर्धारित आवेदन पत्र भरकर राज्य सरकार के पास जमा करना होगा। इसके साथ ही उन्हें निवेश की गई राशि राज्य सरकार को देने की सहमति भी देनी होगी।

इस बीच,, मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने आरोप लगाया है कि राज्य मंत्रिमंडल के फैसले के बाद लागू पुरानी पेंशन योजना के विषय में वित्त विभाग द्वारा कल जारी किए गए निर्देश के कारण कर्मचारियों के सामने दुविधा की स्थिति बन गई है। इस संबंध में प्रदेश भाजपा के महामंत्री ओ.पी. चौधरी ने अपने बयान में कहा कि राज्य सरकार ने पिछले चार वर्षों में करीब बासठ हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य की ऐसी आर्थिक स्थिति को देखते हुए कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को लेकर आश्वस्त नहीं हो पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते का आदेश जारी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य के शासकीय कर्मचारियों को 6 प्रतिशत महंगाई भत्ते देने का आदेश जारी कर दिया गया है।  वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि राज्य शासन के कर्मचारियों को माह मई 2022 से सातवे वेतनमान में 22 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 174 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। जारी आदेश के अनुसार राज्य के शासकीय सेवकों को एक अगस्त 2022 से सातवां वेतनमान के महंगाई भत्ते में 6 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 28 प्रतिशत की दर से और छठवें वेतनमान में 15 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 189 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा।



राज्य शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया है कि बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि एक अगस्त 2022 से नगद भुगतान किया जाएगा। महंगाई भत्ते की गणना मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन, व्यक्तिगत वेतन शामिल नहीं होगा। महंगाई भत्ते का कोई भी भाग मूल नियम 9 (21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा।


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