Media24Media.com: वायरस

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label वायरस. Show all posts
Showing posts with label वायरस. Show all posts

बरसात में आंखों का रखें खास ख्याल : एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर हो सकती है खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं

No comments Document Thumbnail

रायपुर। बारिश, नमी और दूषित जल से कई तरह के बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं, जिनमें से कुछ आंखों के संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बारिश के दिनों में हवा में नमी बढ़ने के कारण वायरस और बैक्टीरिया का खतरा बढ़ जाता है। इससे आंखों में कन्जक्टिवाइटिस, रेडनेस, आई फ्लू आदि की समस्या होने लगती है।

कन्जक्टिवाइटिस वायरस और बैक्टीरिया से फैलता है, जिसके चलते यह एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है। कन्जक्टिवाइटिस को पिंक आइज की समस्या भी कहा जाता है। ज्यादातर यह समस्या सामान्य इलाज से ही ठीक हो जाती है। इसके गंभीर होने का खतरा कम होता है। चूंकि आंख सबसे ज्यादा संवेदनशील अंग है, इसलिए इनका विशेष ख्याल रखने की जरूरत होती है। एलर्जिक कन्जक्टिवाइटिस होने पर खुजली, आंखों से पानी आना और सूजन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 

संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि कन्जक्टिवाइटिस संक्रामक बीमारी है जो सम्पर्क से फैलती है। अतः मरीज को अपनी आंखों को हाथ नहीं लगाने की सलाह दी जाती है। मरीज के उपयोग की चीजों को अलग रखकर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है।  संक्रमित आंख को देखने से इस बीमारी के फैलने की धारणा केवल भ्रम है। यह बीमारी केवल  सम्पर्क से ही फैलती है।

क्या हैं लक्षण ?

आई फ्लू में आंखें लाल हो जाती हैं। आंखों से पानी आने लगता है, जलन होती है, पलकों पर पीला और चिपचिपा तरल जमा होने लगता है। आंखों में चुभन होने के साथ-साथ सूजन आ जाती है। आंखों से पानी आना और खुजली होना इसके सामान्यतः दिखाई देने वाले लक्षण हैं। अगर इन्फेक्शन गहरा हो तो आंखों की कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है जिससे आंखों की दृष्टि प्रभावित हो सकती है। मॉनसून सीजन में आई फ्लू का खतरा बच्चों में सबसे ज्यादा होता है।

आई फ्लू या कन्जक्टिवाइटिस से बचाव के लिए आंखों की सफाई का पूरा ध्यान रखें और उन्हें ठंडे पानी से बार-बार धोएं। किसी भी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें। कन्जक्टिवाइटिस से पीड़ित होने पर बार-बार आंखों पर हाथ न लगाएं। आंखों में आई ड्रॉप डालने से पहले हाथों को अच्छी तरह धो लें। आंखों पर बर्फ की सिकाई जलन और दर्द से राहत दिलाती है। संक्रमण के दौरान गंदगी और ज्यादा भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से हाथ न मिलाएं और उनकी चीजें जैसे चश्मा, तौलिया, तकिया आदि न छुएं। साथ ही अपना तौलिया, रूमाल, चश्मा आदि किसी के साथ साझा न करें। अगर इन बातों का ध्यान रखा जाए तो जल्द ही यह समस्या दूर हो सकती है।

नेत्र संबंधी कोई भी समस्या होने पर नेत्र विशेषज्ञ के पास दिखाना उचित होता है। अन्यथा गंभीर स्थिति निर्मित हो सकती है। आंखों की जांच और उपचार की सुविधा चिकित्सा महाविद्यालयों, जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में निःशुल्क उपलब्ध है।

एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के प्रति सतर्क रहने की अपील

No comments Document Thumbnail

जगदलपुर। सीजनल इन्फ्लूएंजा एक तीव्र श्वसन संक्रमण है, जो इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है। वर्तमान में कुछ महीनों में विश्व में सीजनल इन्फ्लूएंजा के प्रकरणों में वृद्धि हो रही है। भारत में प्रतिवर्ष सीजनल इन्फ्लूएंजा के दो पीक, पहला जनवरी-मार्च तथा दूसरा मानसून के बाद देखने को मिलते हैं, जिनमे मार्च के अंत तक कमी आ सकती है। अब तक कर्नाटक और हरियाणा में एच3एन2 इंफ्लुएंजा से एक-एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है।

छोटे बच्चे और वृद्ध व्यक्ति जिनमे को मॉर्बिडिटी हो, उन्हें खासतौर पे एच3एन2 इन्फ्लुएंजा से सावधान रहने की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के उपचार हेतु ओसेल्टामिविर दवा देने की अनुशंसा की गयी है। एच3एन2 इन्फ्लुएंजा का वास्तविक समय निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति पर एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के माध्यम से सभी स्वास्थ्य सुविधाओं के ओपीडी और आईपीडी में आने वाले इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस तथा गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण के प्रकरणों का नियमित रूप से रियल टाइम सर्वेलेंस किये जाने के निर्देश दिए हैं।

एच3एन2 इन्फ्लूएंजा संक्रमित मरीज में दिखाई देने वाले लक्षण

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के कारण अस्पताल में भर्ती हुए मरीज की संख्या दूसरे फ्लू सब-टाइप की तुलना में ज्यादा हैं। एच3एन2 इन्फ्लूएंजा के कारण 10 फीसदी मरीजों में गंभीर श्वसन संबंधी समस्याएं देखने को मिलती हैं जिसके कारण उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है तथा 7 फीसदी लोगों को इंटेंसिव केयर यूनिट में रखने की जरूरत पड़ती है।मौसमी इन्फ्लूएंजा वायरस के संक्रमण के लक्षणों के समान ही बुखार आना, सर्दी जुकाम, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ होना तथा निमोनिया जैसे लक्षण  एच3एन2  इन्फ्लूएंजा में हो सकते हैं।

एच3एन2 से बचाव एवं नियंत्रण

साबुन तथा पानी से अच्छी तरह हाथ धोएं। मास्क पहनें और भीड़ वाली जगहों से बचें। खांसते और छींकते समय नाक और मुंह को ढकें। आंखों और नाक को बार बार न छुएं।

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें। बुखार और बदन दर्द हो तो पैरासिटामल लें। एक दूसरे से हाथ ना मिलाएं। सार्वजनिक जगहों पर न थूकें।

डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक ना लें। समूह में एक साथ बैठकर खाना खाने से बचें।

H3N2 Influenza Cases : देश में तेजी से बढ़ रहे इन्फ्लूएंजा वायरस के मामले , वायरस ऐसे बना रहा है लोगों को बीमार

No comments Document Thumbnail

H3N2 Influenza Cases  :  बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है और एक बार फिर से लोग वायरस की चपेट में आ रहे हैं. दिल्ली में हॉन्गकॉन्ग फ्लू (H3N2) के मामले तेजी से बढ़े हैं और इस फ्लू ने कई लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है. आईएमए ने कहा कि मामले आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम उम्र के लोगों में देखे जाते हैं। कुछ लोग बुखार के साथ ऊपरी श्वसन संक्रमण की भी रिपोर्ट कर रहे हैं। वायु प्रदूषण भी इसका एक कारक है। एच3एन2 का संक्रमण इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण फैलता है, जो पांच से सात दिनों तक रहता है।


इन्फ्लुएंजा फ्लू वायरस के लक्षण

आईसीएमआर ने कहा, यह सब वेरिएंट अन्य इन्फ्लूएंजा सब वेरिएंट की तुलना में अधिक अस्पताल में भर्ती होने का कारण है। इन्फ्लूएंजा ए एच3एन2 के साथ अस्पताल में भर्ती किए गए रोगियों में लगभग 92 प्रतिशत को बुखार, 86 प्रतिशत को खांसी, 27 प्रतिशत को सांस फूलने और 16 प्रतिशत को घरघराहट की परेशानी थी। इसके अलावा, 16 प्रतिशत में निमोनिया के लक्षण थे और 6 प्रतिशत को अस्थमा का दौरा पड़ा था।

हवा से फैल रहा संक्रमण लेकिन कोविड नहीं

राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वायरल इंफेक्शन के डायरेक्टर डॉ. अजय शुक्ला का कहना है कि कोविड खत्म हो गया है लेकिन कई अन्य वायरल संक्रमण जैसे H3N2 अभी भी मौजूद हैं। डॉ. शुक्ला का कहना है कि कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए ये संक्रमण गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर लोग मास्क का प्रयोग जारी रखेंगे तो इससे काफी मदद मिलेगी। साथ ही, हम इन विषाणुओं के लिए टीकाकरण शुरू करने का निर्णय ले रहे हैं। H3N2 संक्रमण फिलहाल हवा में मौजूद है लेकिन यह कोविड वैरिएंट नहीं है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल के एमडी (चेस्ट) डॉ. अमित सूरी का कहना है कि हमारे पास प्रतिदिन वायरल संक्रमण के 20-25% मामले आ रहे हैं। कई मरीज बुजुर्ग हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के दौरान पालन किए गए सावधानियों का पालन करने की जरूरत है।

सांस से जुड़ी बीमारी का कारण है H3N2

इस संबंध में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने कहा है कि इन्फ्लुएंजा ए उपप्रकार एच3एन2 देश में सांस संबंधी मौजूदा बीमारी का प्रमुख कारण है। ईसीएमआर-डीएचआर (स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग) ने 30 वीआरएलडी (वायरल अनुसंधान और नैदानिक प्रयोगशालाओं) में पैन-रेस्पिरेटरी वायरस निगरानी प्रणाली स्थापित की है। आईसीएमआर के मुताबिक, गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के लिए भर्ती किए गए सभी रोगियों में से लगभग आधे, साथ ही साथ इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के लिए बाहरी रोगियों का इलाज किया जा रहा है, उनमें इन्फ्लूएंजा ए एच3एन2 पाया गया है।

किस उम्र के लोग हैं अधिक प्रभावित

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने कहा, कुछ मामलों में खांसी, मतली, उल्टी, गले में खराश, बुखार, शरीर में दर्द और दस्त के लक्षण वाले रोगियों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी गई है। बुखार तीन दिनों के अंत में दूर हो जाता है, जबकि खांसी तीन सप्ताह तक बनी रह सकती है। इसके अलावा, आईएमए ने कहा कि मामले आमतौर पर 50 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम उम्र के लोगों में देखे जाते हैं। कुछ लोग बुखार के साथ ऊपरी श्वसन संक्रमण की भी रिपोर्ट कर रहे हैं। वायु प्रदूषण भी इसका एक कारक है। एच3एन2 का संक्रमण इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण फैलता है, जो पांच से सात दिनों तक रहता है।

सावधान : SOVA वायरस ने मचाया कहर एसबीआई ने यूजर्स के लिए जारी किया अलर्ट

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली अब स्कैमर्स (scammers) नए-नए वायरस के जरिए लोगों को स्कैम का शिकार बना रहे हैं। मैसेज या सोशल मीडिया (social media) प्लेटफॉर्म पर लिंक शेयर कर यूजर्स को टारगेट किया जाता है। अब देश के सबसे बड़े बैक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने SOVA वायरस (virus) को लेकर अलर्ट जारी किया है। SOVA वायरस से सावधान रहने के लिए कहा गया है। आपकी एक गलती से आपका बैंक अकाउंट खाली हो सकता है 



SOVA वायरस फोन में इंस्टॉल हो जाता है। फिर यह यूजर की डिटेल्स को चोरी करने लगता है। इसको अनइंस्टॉल करना भी काफी मुश्किल हो जाता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस वायरस ने 200 से ज्यादा मोबाइल बैंकिंग और क्रिप्टो ऐप्स को टारगेट किया है। इस मैलवेयर (malware) के बारे में सबसे पहले सितंबर 2021 में पता चला था। यूजर जब मोबाइल बैंकिंग ऐप्स को एक्सेस करते हैं तो ये उनकी लॉगिन (login) डिटेल्स चुरा लेता है. इसको यूजर के डिवाइस पर इंस्टॉल करवाने के लिए स्कैमर्स फिशिंग एसएमएस भेजते हैं। 

जब यूजर इन लिंक पर क्लिक करते हैं तो वायरस वाला एंड्रॉयड ऐप उनके फोन में डाउनलोड हो जाता है। ये दिखने में किसी पॉपुलर ऐप जैसे क्रोम, ऐमेजॉन की तरह दिखता है. एक बार फोन में इंस्टॉल होने के बाद ये यूजर्स की सारी डिटेल्स स्कैमर्स तक पहुंचा देता है

इससे बचने के लिए आपको किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से बचें। इसके अलावा फिशिंग लिंक पर क्लिक ना करें. फोन पर किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी पर्सनल डिटेल्स शेयर ना करें. बैंक से जुड़ी डिटेल्स को किसी के साथ शेयर ना करें। 

https://twitter.com/TheOfficialSBI/status/1572968823325880324?s=20&t=zr4sDxtGCUeQ7Gcf1jATdQ

फिर खुशियों का होगा साथ, जब टीका होगा हर हाथ : अशवन्त तुषार

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से बचाव एवं रोकथाम के लिए लोगों को कोविड-19 से सुरक्षा का टीका लगाने जागरूक करने अछोला में जागरूकता रैली निकाली गई। उच्च माध्यमिक विद्यालय अछोला के प्रभारी साहू के नेतृत्व में कोविड-19 टीकाकरण को सफल बनाने जागरुकता महाअभियान रैली का आयोजन विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के द्वारा किया गया।


इस अवसर पर किसान नेता अशवन्त तुषार साहू ने सभी लोगो से टीका लगाने के लिए अपील करते हुए कहा कि कोरोना से मुक्ति के लिए टीका जरुरी है और हमें देश को कोरोना महामारी से मुक्त बनाने के लिए हर पात्र व्यक्ति को टीका अवश्य लगवाना चाहिए। इस जागरूकता महाअभियान को सफल बनाने एवं नागरिको में जागरुकता लाने के लिए विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र/छात्राओं के द्वारा बड़े उत्साह से टीकाकरण से संबंधित पोस्टर
, नारे एवं स्लोगन बनाये गए थे।

जागरूकता रैली विद्यालय प्रांगण से प्रारंभ हुई और विद्यालय के प्राचार्य थानुराम साहू , शिक्षकों, छात्र,छात्राओं द्वारा उत्साहपूर्वक जन-जन का यही नारा, टीके से कोरोना मुक्त भारत हमारा। हम सबको टीका लगाना है, कोरोना को जड़ से मिटाना है। चलो सब चलकर टीका लगवाए, देश के प्रति फर्ज निभाए। कोरोना को अगर चाहते है हराना, तो वैक्सीन जरुर लगवाना।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.