Media24Media.com: वज्रपात

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label वज्रपात. Show all posts
Showing posts with label वज्रपात. Show all posts

मौसम के कहर ने एक दिन में 61 की जान ली, आज भी भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

No comments Document Thumbnail

 Bihar Weather : बिहार में पिछले 24 घंटे में आंधी, बारिश और वज्रपात ने जमकर तबाही मचाई है। नालंदा, सीवान, सारण, भोजपुर, अरवल, गया, दरभंगा, जमुई और सहरसा समेत 20 जिलों में 61 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इसमें सबसे अधिक मौतें नालंदा में हुई। यहां पेड़ गिरने से 22 लोगों ने अपनी जान गंवा दी।


वहीं सीवान में वज्रपात से चार लोगों की मौत हुई। वज्रपात से कुल 23 लोगों की मौत हुई। आंधी और बारिश के कारण नालंदा के इस्लामपुर थाना क्षेत्र में बालमत बिगहा गांव में एक पुल ध्वस्त हो गया। इसके नीचे शरण लिए तीन लोग इसमें दब गए। तीनों की मौत हो गई। मौसम विभाग की मानें तो गुरुवार को 40 से 50 किमी की रफ्तार से हवा चल रही थी। वहीं बारिश की बात करें सबसे अधिक पटना में 42.6 एमएम बारिश हुई।

इधर, आंधी और बारिश के कारण यातायात भी प्रभावित हुई। नालंदा के इस्लामपुर में पुल टूटने के कारण यातायात बाधित हो गया। अरवल में एनएच 139 पर विशाल पेड़ गिरने से घंटों यातायात बाधित रहा। गया-मानपुर रेलवे ट्रैक पर शहीद ईश्वर चौधरी हॉल्ट के ट्रैक्शन का तार टूटकर गिर गया। वहीं किऊल-झाझा रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिर गया। खराब मौसम के कारण किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है। गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। आम के टिकोले आंधी में झड़ गए। लीची को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी कई जिलों में एक या दो स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, सुपौल, मधुबनी, सहरसा, मधेपुरा, सीतामढ़ी, शिवहर, पश्चिम और पूर्वी चंपारण में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। पटना के मौसम की बात करें तो आज सुबह धूप निकली है। ठंडी हवा ने तापमान में गिरावट लाई है। हालांकि यहां भी मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, बांका, जमुई, खगड़िया, बेगूसराय, नालंदा, नवादा, औरंगाबाद, कैमूर, बक्सर, रोहतास और भोजपुर में भी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

सीएम नीतीश ने मुआवजे का किया ऐलान

आंधी-पानी से प्रदेश में हुई मौत पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मर्माहत हैं और उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी शोक संवेदना जतायी. सीएम ने मृतक के आश्रितों को तत्काल 4-4 लाख रुपए अनुदान देने का निर्देश दिया। 

CG Weather Alert : प्रदेश में बारिश का मौसम अलर्ट, कई जगहों पर बारिश और वज्रपात के साथ आंधी-तूफान

No comments Document Thumbnail

 CG Weather Alert : छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है. शनिवार की शाम राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी चली. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें भी पड़ी. प्रदेश के मौसम में अचानक आए इस बदलाव की वजह से प्रदेशवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है. इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान के साथ ओलावृष्टी की संभावना जताई हैं.


लालपुर स्थित मौसम केंद्र में मौसम विज्ञानी एच. पी. चंद्रा के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में यह बदलाव हुआ है, आने वाले 5 दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में इस तरह का ही मौसम रहने की संभावना है. आज रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सो में गरज-चमक के साथ बारिश और कहीं-कहीं पर ओले गिरने की आशंका है. मौसम में आए इस बदलाव के चलते अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होने की संभावना है.

मौसम विशेषज्ञ एच.पी. चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर ओडिशा और उसके आसपास 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है, जिसके प्रभाव से 17, 18 और 19 मार्च को कई स्थानों पर तेज हवा चलने, वज्रपात होने औऱ ओलावृष्टि की संभावना है. 20-21 मार्च को बारिश और ओले की चेतावनी नहीं है, लेकिन हवा में नमी बनी के चलते बादल छाए रहने का अनुमान है, इस दौरान दिन का तापमान भी कम रहेगा.

आज रविवार को जशपुर, सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर, कोरबा, बिलासपुर, बलौदाबाजार, महासमुंद, रायपुर, गरियाबंद, धमतरी, कोंडागांव, कांकेर, बालोद, दुर्ग, बेमेतरा में तेज हवा के साथ बादल छाए रहने की संभावना है. सोमवार को भी बलरामपुर, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, जांजगीर, मुंगेली, बिलासपुर, कोरिया, कबीरधाम में बारिश-आंंधी के साथ ओले गिरने की संभावना है. रविवार को दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम, मुंगेली, बेमेतरा जिलाके कुछ क्षेत्रों और सोमवार 18 मार्च को कोरबा व बिलासपुर जिले के कुछ क्षेत्रों में तेज अंधड़ व बादल गरजने के साथ ही ओले गिरने की संभावना है.

आकाशीय बिजली गिरने से बचने के लिए जरूरी है सावधानी बरतना

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। बारिश के दिनों में यदा-कदा आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की घटनाएं होती रहती है। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा वज्रपात, आकाशीय बिजली से बचने के लिए आम नागरिकों से सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिसके अंतर्गत यदि घर में हो तो पानी का नल, फ्रिज, टेलीफोन आदि को न छुएं और उससे दूर रहे तथा बिजली से चलने वाली यंत्रों, उपकरणों को बंद कर दें।
                  

यदि दो पहिया वाहन, साईकिल, ट्रक, खुले वाहन नौका आदि पर सवार हो तो तुरंत उतरकर सुरक्षित स्थानों पर चले जाए। वज्रपात, आकाशीय बिजली के दौरान वाहनों पर सवारी न करें, धातु की डंडी वाले छाते का उपयोग न करें, टेलीफोन व बिजली के पोल/खम्भें तथा टेलीफोन व टेलीफोन टावर से दूर रहें, कपड़े सुखाने के लिए तार प्रयोग न कर, जूट या सूत की रस्सी का उपयोग करें, बिजली की चमक देख तथा गड़गड़ाहट की आवाज सुनकर ऊंचे एवं एकल पेड़ों पर नहीं जाये, यदि आप जंगल में हो तो छोटे एवं घनें पेड़ों की शरण में चले जाये, वृक्षों दलदल वाले स्थलों तथा जलस्त्रोतों से यथा संभव दूर रहें पंरतु खुले आकाश में रहने से अच्छा है कि छोटे पेड़ों के नीचे रहें।

आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कहा गया है कि खुले आकाश में रहने को बाध्य हो तो नीचे के स्थलों को चुनें, एक साथ कई आदमी इक्ट्ठे न हो, दो आदमी की दूरी कम से कम 15 फीट हो, तैराकी कर रहे लोग मछुवारे आदि अविलंब पानी से बाहर निकल जाये, गीले खेतों में हल चलाते, रोपनी या अन्य कार्य कर रहे किसानों तथा मजदूरों या तालाब में कार्य रहे व्यक्ति तुरंत सूखे एवं सुरक्षित स्थान पर जाये, धातु से बने कृषियंत्र, डंडा आदि से अपने को दूर कर लें, यदि आप खेत-खलिहान में काम कर रहे हो तथा किसी सुरक्षित स्थान की शरण न ले पाए तो - जहां है वहीं रहे, हो सके तो पैरों के नीचे सूखी चीजें जैसे लकड़ी, प्लास्टिक, बोरा या सूखे पत्ते रख लें,

दोनों पैरों को आपस में सटा लें एवं दोनां हाथों को घुटनों पर रखकर अपने सिर को जमीन की तरफ यथा संभव झुका लें तथा सिर को जमीन से न छुआएं, जमीन पर कदापि न लेंटे। अपने घरों तथा खेल-खलिहानों के आस-पास कम ऊंचाई वाले उन्नत किस्म के फलदार वृक्ष समूह लगायें, ऊंचे पेड़ के तनों या टहनियों में तांबे का एक तार स्थापित कर जमीन में काफ गहराई तक दबा दें ताकि पेड़ सुरक्षित हो जाये, मजबूत छत वाला पक्का मकान सबसे सुरक्षित स्थल है। यदि संभव हो तो अपने घरों में तड़ित चालक लगवा लें। यथा संभव खुले क्षेत्र में स्वयं को धात्विक संपर्क से बचाये रखें।

भारत की सबसे अत्याधुनिक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर वज्रपात , मचा हड़कंप

No comments Document Thumbnail

Vande Bharat Express Big News  :  भारत की सबसे अत्याधुनिक ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस पर वज्रपात हो गया है. वंदे भारत पर वज्रपात उस वक्त हुआ, जब यह ट्रेन एक नदी को पार कर रही थी. ड्राइवर के केबिन और कई डिब्बों के शीशे टूट गये हैं. ट्रेन को जाजपुर स्टेशन के पास रोक दिया गया है. ट्रेन में सवार यात्री बेहद परेशान हैंबताया गया है कि ट्रेन भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी से मां काली की नगरी कोलकाता (हावड़ा) जा रही थी. इसी दौरान जाजपुर स्टेशन के पास वैतरणी नदी पार करते समय वज्रपात हो गया. वज्रपात की वजह से ड्राइवर के केबिन के अलावा कुछ यात्री डिब्बों के शीशे भी क्षतिग्रस्त हो गये हैं. वज्रपात के बाद ट्रेन को वहीं रोक दिया गया.


उदयपुर शहर से दो वंदे भारत ट्रेन संचालित होंगी। जिनके जरिए उदयपुर से दिल्ली तथा मुंबई से वंदे भारत ट्रेन के जरिए जुड़ जाएगा। रेलवे ने उदयपुर से दिल्ली तथा उदयपुर से बाया अहमदाबाद होते हुए मुम्बई वंदे भारत ट्रेन का रूट तथा टाइम टेबल भी तैयार कर लिया है। हालांकि इनके संचालन में अभी वक्त लगेगा। उदयपुर से दिल्ली वंदे भारत ट्रेन जुलाई तक शुरू हो जाएगी और इसके लिए सभी तैयारी पूरी हो चुकी हैं। बताया गया कि दिल्ली से जयपुर(फिलहाल अजमेर) तक चल रही वंदे भारत ट्रेन को आगे उदयपुर तक बढ़ाया जाएगा। जबकि उदयपुर से बांद्रा वाया अहमदाबाद के सेमी हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन दिसम्बर 2023 के अंत तक चलाए जाने की तैयारी को लेकर काम चल रहा है। रेलवे सूत्रों के जरिए पता चला है कि डूंगरपुर से तक इलेक्ट्रीक इंजन संचालन तक जांच का काम पूरा किया जा चुका है। उदयपुर—बांद्रा के बीच 160 किलोमीटर की दूरी में इलेक्ट्रीक लाइन डालने का काम जारी है और उसके दिसम्बर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। उस काम के पूरा होते ही उदयपुर से बांद्रा के लिए बाया अहमदाबाद एक और वंदे भारत ट्रेन का संचालन शुरू होगा।


CG Weather Update : प्रदेश में फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज,कई जिलों में हो सकती है बारिश

No comments Document Thumbnail

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया हैं। राजधानी समेत कई जिलों में अचानक ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने फिर एक बार कुछ जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। बुधवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 36 .7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं प्रदेश में अधिकतम तापमान बलौदाबाजार में 37.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.


मौसम विभाग के मुताबिक आज चक्रीय चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में परिवर्तन होगा. अगले 4 घंटों में प्रदेश के सूरजपुर, सरगुजा, बलरामपुर , जशपुर ,पेंड्रा रोड बिलासपुर ,कोरबा, जांजगीर, रायगढ़ ,मुंगेली ,कवर्धा ,बेमेतरा तथा इससे लगे जिलों में गरज चमक के साथ वज्रपात और अंदर चलने की प्रबल संभावना है

मौसम विभाग के मुताबिक, एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पश्चिम राजस्थान के ऊपर 1.5 किमी तक विस्तारित है. एक द्रोणिका की अनियमित गति मध्य -मध्यप्रदेश के उत्तरी भाग से दक्षिण तमिलनाडू तक 0.9 किमी ऊंचाई तक विस्तारित है. प्रदेश में आज यानी गुरुवार को कुछ स्थानों में हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. प्रदेश में एक दो स्थानों पर गरज चमक के साथ वज्रपात होने तथा अंधड़ चलने की संभावना है.



Wheather Update: छत्तीसगढ़ में इन जगहों पर बारिश की चेतावनी

No comments Document Thumbnail

रायपुर। प्रदेश में कल अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। वहीं, मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात होने और भारी वर्षा होने की भी चेतावनी दी है। मौसम विभाग के अनुसार आज शाम सरगुजा, बिलासपुर



कोरबा, महासमुंद, दंतेवाड़ा, बीजापुर सहित सत्रह जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इस बीच, आज राजधानी रायपुर में दोपहर बाद से बादल घिरने के साथ ही तेज बौछारें पड़ रही हैं।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.