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लोकतंत्र को जीवित रखने एवं सशक्त करने के लिए जन-जागरूकता और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि लोकतंत्र की हत्या के उस काले दिन को हमारी भावी पीढ़ी भी जाने, समझे और उससे सीख ले। आपातकाल के दौर को याद करते हुए भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कालखंड मेरे जीवन से गहराई से जुड़ा है। यह मेरे लिए मात्र एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत पीड़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल में रहे। उस समय लोकतंत्र सेनानियों के घरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थीकई बार घर में चूल्हा तक नहीं जलता था। ऐसे अनेक परिवारों को मैंने स्वयं देखा है। उन्होंने कहा कि निरंकुश सत्ता ने उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचल दिया था, नागरिक अधिकार छीन लिए गए थे। वास्तव में, वह लोकतंत्र का काला दिन था, जिसका दंश हमारे परिवार ने झेला है और जिसे मैंने स्वयं जिया है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानी परिवारों के सदस्यों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार लोकतंत्र सेनानी परिवारों को सम्मान देने का कार्य कर रही है। इन परिवारों को प्रतिमाह 10 हजार से 25 हजार रुपए तक की सम्मान राशि दी जा रही हैयह उनके संघर्ष और बलिदान को नमन करने का एक विनम्र प्रयास है।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान की रक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आपातकाल के इतिहास को जानें, पढ़ें और समझें कि किस प्रकार उस कालखंड में संविधान को कुचला गया था। लोकतंत्र को जीवित रखने और सशक्त करने के लिए जन-जागरूकता और सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के संविधान और लोकतंत्र पर आपातकाल एक ऐसा कलंक है, जिसे इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया गया है। आपातकाल थोपकर न केवल संविधान को निष्क्रिय कर दिया गया, बल्कि मौलिक अधिकारों को समाप्त कर लोकतंत्र की आत्मा को कुचल दिया गया।

उन्होंने कहा कि उस समय देश को एक खुली जेल में बदल दिया गया था, जिसमें भय और आतंक का वातावरण था। एक लाख से अधिक लोगों को बिना न्यायिक प्रक्रिया के जेलों में बंद कर दिया गया, और उन्हें यातनाएं दी गईं। यह केवल राजनीतिक दमन का दौर नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना को समाप्त करने का सुनियोजित प्रयास था।

डॉ. सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे आपातकाल के विषय में शोध करें, पढ़ें और समझें कि लोकतंत्र की रक्षा हेतु कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी। भविष्य में लोकतंत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हमें सदैव जागरूक और सजग रहना होगा।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति श्री बलदेव भाई शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र का सबसे शर्मनाक और काला दिन था। इस दिन संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को जिस तरह से कुचला गया, उसका कोई दूसरा उदाहरण विश्व इतिहास में नहीं मिलता। संविधान में मनमाने ढंग से संशोधन किए गए, जिससे देश की आत्मचेतना और नागरिक अधिकारों का दमन हुआ।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित जनजागरूकता रैली में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने आपातकाल पर आयोजित विशेष प्रदर्शनी का किया अवलोकन

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान की दमनकारी नीतियों, मानवाधिकारों के उल्लंघन और लोकतंत्र के हनन को चित्रों एवं दस्तावेजों के माध्यम से दर्शाया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे विस्मृत नहीं किया जाना चाहिए। ऐसी प्रदर्शनी नई पीढ़ी को लोकतंत्र और संविधान के महत्व को समझाने में सहायक सिद्ध होगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदर्शनी लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वालों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, विधायकगण पुरंदर मिश्रा, गुरु खुशवंत साहेब, मोतीलाल साहू, सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने, प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा तथा संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित बड़ी संख्या में विद्वान, लोकतंत्र सेनानी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

लोकतंत्र को मजबूत करने भारत निर्वाचन आयोग की बड़ी पहल : IIIDEM में प्रारंभ हुआ अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण बैच, छत्तीसगढ़ के 96 अधिकारी हुए शामिल

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महासमुंद। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की आठवीं श्रृंखला का शुभारंभ आज नई दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में हुआ। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ के 96 निर्वाचन अधिकारी सक्रिय रूप से शामिल हुए हैं।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से आए बूथ लेवल अधिकारी, बीएलओ सुपरवाइज़र्स, ईआरओ तथा डीईओ को संबोधित किया। उन्होंने निर्वाचन व्यवस्था को पारदर्शी, सुसंगत और विधिसम्मत बनाए रखने में इन अधिकारियों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

उल्लेखनीय है कि यह अब तक का सबसे बड़ा प्रशिक्षण बैच है, जिसमें कुल 373 प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें से उत्तर प्रदेश से 118, मध्यप्रदेश से 130, छत्तीसगढ़ से 96 और हरियाणा से 29 अधिकारी हैं। इस श्रृंखला के माध्यम से आयोग दो माह में अब तक 3,720 से अधिक मैदानी चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है।

अपने संबोधन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 एवं 1951, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1960, निर्वाचन संचालन नियम 1961 तथा आयोग द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की जानकारी को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि चुनाव की समस्त प्रक्रिया विधिक प्रावधानों के अनुरूप संपन्न हों।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को अवगत कराया कि प्रशिक्षण के दौरान वे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24() (जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर के समक्ष प्रथम अपील) और धारा 24(इ) (राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील) की प्रक्रिया से भी परिचित रहें। उन्होंने बीएलओ व पर्यवेक्षकों को सलाह दी कि वे क्षेत्रीय सत्यापन के समय इन प्रावधानों की जानकारी मतदाताओं को भी दें।

उल्लेखनीय है कि 6 से 10 जनवरी 2025 के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के बाद छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से किसी प्रकार की अपील प्राप्त नहीं हुई, जो क्षेत्रीय अधिकारियों के सतर्क, व्यवस्थित और तकनीकी रूप से दक्ष होने का प्रमाण है।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता पंजीकरण, फॉर्म प्रबंधन और चुनाव प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पक्ष को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को ईवीएम, वीवीपैट और मॉक पोल से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विशेष सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में आईटी टूल्स के उपयोग पर भी विशेष बल दिया गया है। इससे अधिकारी डिजिटल प्रक्रिया, डेटा प्रबंधन और निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीकी दक्षता प्राप्त कर सकेंगे, जिससे भविष्य के चुनाव अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाए जा सकेंगे।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण श्रृंखला लोकतंत्र की मजबूती में एक और ठोस कदम है, जिसमें छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह सुनिश्चित करता है कि आने वाले चुनावों में भी निर्वाचन कार्य में नियोजित अधिकारी एवं कर्मचारी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के उच्चतम मानकों का पालन करेंगे।

लोकतंत्र की बाते करने वाली कांग्रेस सबसे बड़ी अलोकतांत्रिक पार्टी: भाजपा

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 रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने धमतरी नगर निगम के कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा द्वारा अपना नामांकन रद्द किए जाने के निर्णय के खिलाफ दायर की गई याचिका को उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने पर कहा है कि अब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के नेता प्रदेश की भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग व लोकतंत्र की हत्या जैसे प्रलाप करने से बाज आ जाएँ, क्योंकि यह वही कांग्रेस है जिसने अतीत में न जाने कितनी बार लोकतंत्र की हत्या की है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा मिथ्या प्रलाप करके प्रदेश को बरगलाने की कोशिश की है, लेकिन हर बार उसे न्यायालय में जाकर मुँह की खानी पड़ी है।


भाजपा चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. मिश्रा ने कहा कि धमतरी महापौर निर्वाचन-2025 हेतु भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार विजय गोलछा का नॉमिनेशन फॉर्म अधिनियम की धारा 17 के अंतर्गत रिटर्निंग अधिकारी (धमतरी) द्वारा निगम में ठेकेदारी कार्य में उम्मीदवार के संलग्न होने के कारण निगम का प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष लाभार्थी होने के कारण निरस्त किया गया था। इसे लेकर बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता एक सुर में प्रदेश की भाजपा सरकार पर सत्ता के दुरुपयोग, लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाकर भाजपा नेताओं के खिलाफ ओछे दर्जे की टिप्पणियाँ करते प्रदेशभर में घूम रहे हैं। डॉ. मिश्रा ने बताया कि इस मामले में विजय गोलछा द्वारा उचच न्यायालय के समक्ष याचिका डब्ल्यू पी (सी) क्र. 771/2025 प्रस्तुत की गई थी। उत्तरवादी छत्तीसगढ़ शासन के अतिरिक्त आपत्तिकर्ता भाजपा उम्मीदवार जगदीश (रामू) रोहरा का पक्ष अधिवक्ता अखिलेश कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु ने सुनवाई उपरांत विजय गोलछा द्वारा प्रस्तुत याचिका को प्रचलन योग्य न मानते हुए उसे इस आधार पर निरस्त किया कि निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने के उपरांत नॉमिनेशन पेपर रद्द किए जाने के विषय को केवल चुनाव याचिका में ही चुनौती दी जा सकती है।

भाजपा चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस जिस मुद्दे को लेकर भाजपा व प्रदेश सरकार के किलाफ अनर्गल प्रलाप करके अपनी हताशा और तिलमिलाहट को ढँकने में लगी थी, उस मुद्दे पर दायर याचिका को उच्च न्यायालय ने प्रचलन योग्य ही नहीं माना। कांग्रेस की यही नियति हो चली है कि वह हर मुद्दे पर झूठ फैलाकर अपने राजनीतिक वजूद को येन-केन-प्रकारेण बचाने की जद्दोजहद करे और न्यायालय में जाकर मुँह की खाए।

भाजपा चुनाव आयोग सम्पर्क समिति के प्रदेश प्रभारी डॉ. मिश्रा ने सवाल दागा कि कायदे-कानून की दुहाई देने वाले बघेल पहले यह तो बताएँ कि प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद भी उनकी मौजूदगी में बिलासपुर में कांग्रेस ने चुनाव प्रचार करने के लिए ट्रैक्टर रैली निकालकर क्या कायदे-कानून का सम्मान किया है? डॉ. मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस की यह आदत बन चुकी है कि जब भी उसे किसी निर्णय का सामना करना पड़ता है, वह उसकी वैधता पर सवाल उठाने की कोशिश करती है, बजाय इसके कि वह उस फैसले को सम्मान दे। यह कांग्रेस की अपनी विफलता को छुपाने का एक और प्रयास है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2025 : लोकतंत्र में मतदाताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण : राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय कुमार सिंह

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रायपुर। लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मतदाताओं की होती है। मतदाताओं की निर्वाचन में जितनी अधिक संख्या में सहभागिता रहेगी उतना ही  लोकतंत्र सशक्त होगा। मतदाता दिवस के आयोजन का उद्देश्य मतदाताओं को मतदान करने के लिए प्रेरित करना है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त अजय कुमार सिंह ने आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के विवेकानंद सभागार में आयोजित राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय कुमार सिंह ने कहा कि हमारे देश के संविधान में निष्पक्ष चुनाव के लिए अनेक प्रावधान किए गए है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सशक्त निर्वाचन के लिए आज ही के दिन निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहां जितने बड़े स्तर पर चुनाव सम्पन्न होता है, उतना अन्य किसी देश में शायद ही होता होगा। उसके बावजूद एक नियत समय में जल्द चुनाव कार्य सम्पन्न होते हैं और चुनाव परिणाम भी आ जाते है। छत्तीसगढ़ में विभिन्न प्रकार की चुनौतियां होने के बावजूद जिस प्रकार चुनाव सफलतापूर्वक कराए जाते हैं, इसके लिए हमारा प्रशासनिक अमला बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि पहले मतदाता पंजीकरण मेन्यूअल होता था। अब यह काफी आसान हो गया है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग के अंतर्गत नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि निर्वाचन के प्रति महिला मतदाताओं में जागरूकता बढ़ी है। पूर्व में हुए लोकसभा चुनाव में जहां पहले महिलाओं  की संख्या पुरुषों कि तुलना में कम थी, वहीं इस लोक सभा चुनाव में 1000 पुरुषों की तुलना में  1024 महिला मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुए सफल निर्वाचन में फ्रंटलाइन वर्करों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ को देश मे बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट का अवॉर्ड दिया गया है। इसमें हमारे प्रशासनिक अमले का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी हम सभी के लिए गर्व की बात है।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की अध्यक्ष सुश्री रीता शांडिल्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान एक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य दोनों है। मतदान के माध्यम से हम अपने देश के भविष्य को आकार देते हैं और विकास की दिशा को तय करते है। इसलिए सभी नागरिकों को अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए और देश के समग्र विकास में योगदान देना चाहिए। राष्ट्रीय मतदाता दिवस हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए प्रत्येक मतदाता का मत महत्वपूर्ण है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पी एस ध्रुव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। मतदाता दिवस के अवसर पर उपस्थित  सभी लोगों को मतदाता शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में नव मतदाताओं, सर्विस वोटरों और निर्वाचन कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।  

रायगढ़ कलेक्टर कार्तिकेय गोयल को प्रदेश में लोकसभा निर्वाचन 2024 में सर्वाधिक 81.66 प्रतिशत मतदान कराए जाने, दुर्ग कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी को शहरी क्षेत्र होने के बावजूद विगत लोकसभा चुनाव की तुलना में वर्ष 2024 में लोकसभा निर्वाचन में मतदान प्रतिशत में 2.48 प्रतिशत वृद्धि, दंतेवाड़ा कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र होते हुए भी विगत लोकसभा निर्वाचन की तुलना में लोकसभा निर्वाचन 2024 में 10.39 प्रतिशत वृद्धि के लिए उत्कृष्ट जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में सम्मानित किया गया। रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह को लोकसभा निर्वाचन 2024 के दौरान मतदान दलों का प्रशिक्षण कार्य उत्कृष्ट तरीके से संपन्न कराने, राजनांदगांव जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरुचि सिंह को गुणवत्ता पूर्ण स्वीप गतिविधियां आयोजित करने और मुंगेली जिले के जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रभाकर पांडे को प्रवासी मजदूरों को मतदान के लिए प्रेरित करने संबंधी स्वीप गतिविधियों के लिए स्पेशल अवार्ड से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट राष्ट्रीय स्तरीय मास्टर ट्रेनर पुरस्कार हेतु यू एस अग्रवाल, प्रणव सिंह, पुलक भट्टाचार्य, सुनील शर्मा, श्रीमती गीता दीवान, डॉ. के.आर.आर सिंह, उज्ज्वल पोरवाल को पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर के लिए अपूर्व प्रियेश टोप्पो, विनय अग्रवाल, रूपेश कुमार वर्मा, श्रीमती शारदा अग्रवाल, विनोद अगलावे, असीम थवाईत को पुरस्कृत किया गया। लोकसभा निर्वाचन-2024 में उत्कृष्ट उप जिला निर्वाचन अधिकारी के  रूप में पुरस्कृत अधिकारियों  में रायपुर उप जिला निर्वाचन अधिकारी उमाशंकर बंदे, सरगुजा उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील नायक, सुकमा उप जिला निर्वाचन गजेंद्र सिंह ठाकुर शामिल है।

उत्कृष्ट निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी पुरस्कार हेतु संभागवार दुर्ग संभाग जिला राजनांदगांव से श्रीमती इंदिरा नवनी सिंह, रायपुर संभाग के धमतरी जिले से डॉ. विभोर अग्रवाल, बस्तर संभाग से कोण्डागांव जिले से अंकित चौहान, सरगुजा संभाग के सूरजपुर जिले से श्रीमती ललिता भगत एवं बिलासपुर संभाग अंतर्गत बिलासपुर जिले से बजरंग वर्मा को सम्मानित किया गया। इसी प्रकार उत्कृष्ट 5 सहायक  निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को भी संभागवार सम्मानित किया गया ।मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के उत्कृष्ट सम्पादन हेतु निर्वाचन पर्यवेक्षक , संभागवार 5 सहायक प्रोग्रामर, 5 डाटा एन्ट्री ऑपरेटर, 8 बूथ लेवल ऑफिसर को सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा बतौर सीएम मेरे लिए अनोखा चुनाव, भाजपा सभी ग्यारह सीटें जीतने के प्रति आश्वस्त

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 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, दुनिया में लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार छत्तीसगढ़ में समापन की ओर है। प्रदेश में अंतिम चरण का मतदान 7 मई को होने जा रहा है। सीएम ने कहा कि बतौर सीएम यह मेरे लिए अनोखा चुनाव है।


उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री के तौर पर प्रचार के दौरान 106 से ज्यादा बार जनता से मिलने का मौका मिला। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने अभियान के लिए राज्य का दौरा किया और मोदी सरकार के 10 वर्षों के साथ-साथ राज्य सरकार की तीन महीने की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।

सीएम साय ने कहा कि जनता की प्रतिक्रिया के मुताबिक बीजेपी सभी 11 लोकसभा सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा, इस चुनाव में एक और अनोखी बात देखने को मिली कि विदेशी प्रतिनिधि यहां आये और उन्होंने देखा कि चुनाव कैसे चल रहा है।

सीएम विष्णुदेव साय ने कहा, तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी देश को विकसित राष्ट्र बनाएंगे। उन्होंने इंडी गठबंधन के नेताओं पर भाषा के दुरुपयोग के साथ-साथ भ्रम पैदा करने की सारी सीमाएं पार करने का भी आरोप लगाया। सीएम ने पिछली कांग्रेस सरकार पर आवास योजना के खराब कार्यान्वयन और किसानों को लंबित बोनस के वितरण का भी आरोप लगाया।

इसके अलावा उन्होंने वादे के अनुरूप 21 क्विंटल धान खरीदी के लिए राज्य सरकार की सराहना करते हुए सीएम ने सरकार की महतारी वंदन योजना और राम लला दर्शन योजना पर भी पत्रकारों से चर्चा की। सरकार ने आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभाग में मानक तेंदूपत्ता बोरा 4000 रुपए में खरीदने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएससी में कथित अनियमितता की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर हमारा विजन पूरी तरह स्पष्ट है। हमने राजनीति में शुचिता और विश्वास का वातावरण बहाल किया है। पिछले सौ दिन में हमने कांग्रेस द्वारा पैदा किए भरोसे के संकट को दूर कर विश्वास की फिर से बहाली की है, निस्संदेह हमें तीसरे चरण में भी जनता का अभूतपूर्व समर्थन मिलने जा रहा है। दोनों चरण के जो फीडबैक हमारे पास आए हैं, वह भी उत्साहजनक हैं। उन्होंने पूरे चुनाव प्रचार अभियान के दौरान इस भीषण गर्मी में भी लगातार कवरेज कर रहे मीडिया के मित्रों के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।  


निर्भीक होकर लोकतंत्र के इस महापर्व में दें आहुति : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

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 Loksabha Chunav 2024 :  लोकसभा चुनाव के प्रथम चरण के लिए शुक्रवार को होने वाले मतदान से एक दिन पहले उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सभी मतदाताओं से मतदान करने का अपील की है. बस्तर के मतदाताओं को उन्होंने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि निर्भीक होकर अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी आहुति दें. ये आपका अधिकार है.


उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार की तरफ से मतदान के लिए पूरी तैयारी की गई है. निर्वाचन आयोग अपनी पूरी तैयारी कर ली है. लोगों से अपील करता हूं कि वे अपने अधिकार का आवश्यक उपयोग करें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बस्तर की शांति और खुशहाली के लिए, बस्तर के विकास के लिए आगे बढ़े. नरेंद्र मोदी जी का हाथ मजबूत करें, और बीजेपी को जीतना है.


मीसा बंदियों को सम्मान राशि की बहाली के लिए छत्तीसगढ़ सरकार करेगी पहल : सीएम

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रायपुर। मैंने मीसा बंदियों के तकलीफों को बहुत करीब से देखा है। उनके संघर्ष और पीड़ा को मैंने महसूस किया है। आपातकाल के दौरान मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय भी 19 महीने तक जेल में रहे। यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के वृंदावनहाल में लोकतंत्र सेनानी संघ द्वारा आयोजित प्रांतीय परिवार सम्मेलन और सम्मान समारोह में कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मीसाबंदियों की सम्मान राशि की बहाली के लिए पहल करेगी।

सम्मेलन में प्रदेश भर से आए मीसा बंदी और उनके परिजनों ने अपनी आपबीती भी साझा की। आपबीती सुन भावुक हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आपातकाल के समय का जिक्र करते हुए कहा कि लोकतंत्र सेनानी जब जेल जाते थे तो उस परिवार की स्थिति बड़ी पीड़ादायक हो जाती थी। इन परिवारों के सामने आजीविका का संकट हो जाता था। मीसा बंदियों के साथ हमारी सरकार न्याय करेगी। पूर्ववर्ती डॉ रमन सिंह की सरकार ने मीसाबंदियों के लिए सम्मान राशि देने की शुरुआत की थी। हम मीसाबंदियों के लिए बेहतर कार्य करेंगे।  


राज्यसभा सांसद और लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र के लिए संघर्ष की बात जब भी आएगी, तब इन लोकतंत्र के प्रहरी मीसा बंदियों के संघर्षों से प्रेरणा ली जाएगी। इन्होंने लोकशाही के लिए लड़ाई लड़ी। यह भारत के इतिहास में एक बड़ा उदाहरण है।

कार्यक्रम को विधायक पुरंदर मिश्रा, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में रामप्रताप सिंह, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संतोष शर्मा, नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष द्वारिका जायसवाल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मतदाता जागरूकता के लिए राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन का संदेश

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रदेश के मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। राज्यपाल ने कहा कि सशक्त लोकतंत्र के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।

मतदान के जरिए लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं और अपने कर्तव्य का पालन करें।


वाकेथान-2023 : लोकतंत्र के उत्सव में जनसामान्य में रहा अभूतपूर्व उत्साह

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रायपुर। लोकतंत्र के उत्सव में स्वीप अंतर्गत आज तेलीबांधा मेरीन ड्राइव गौरव पथ पर आयोजित वाकेथान में जनसामान्य में अभूतपूर्व उत्साह रहा। मतदाता जागरूकता के लिए स्वीप कार्यक्रम के तहत आयोजित इस वाकेथान में बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, बुजुर्ग, नववधु, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर एवं जनसामान्य मतदाता उमंग एवं ऊर्जा के साथ शामिल हुए। 

हाथों में तिरंगा और मतदाता जागरूकता के स्लोगन लिखे तख्तियाँ लिए लोगों को मतदान का संदेश दिया। सभी ने  स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन का संकल्प लिया। सभी ने निर्भीक होकर धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करने का संकल्प लिया। वाकेथान में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य सदस्यों ने सभी को मतदान के लिए प्रेरित किया।

छतीसगढ़ की पहचान बने कर्मा लोकनृत्य के साथ सभी म्यूजिक बैंड की मधुर धुन पर भारत निर्वाचन आयोग के गीत मैं भारत हूं..., माँ तुझे सलाम..., भारत देश मेरा...चक दे इंडिया .गीतों ने खुशनुमा माहौल में उमंग एवं उल्लास भर दिया। इस दौरान सौहार्द्रपूर्ण, एकता और विविधता लिए रंग-बिरंगे भारत की एक खुबसूरत तस्वीर दिखाई दी। लोग छत्तीसगढ़ की परंपरागत वेशभूषा और परिधानों में इस मतदाता जागरूकता वाक्थान में शामिल हुए ।जुंबा डांस ने उपस्थित जन समुदाय में अतिरिक्त ऊर्जा का संचार किया।

वोट डालने जाना है अपना फर्ज निभाना है, लोकतंत्र का भाग्य विधाता होता जागरूक मतदाता, वोट डालने जाएं अपना वोट काम में लाएं, वोट हमारा हैं अनमोल कभी ना लेंगे इसका मोल, प्रजातंत्र से नाता है भारत के मतदाता हैं, चुनाव आयोग का है आव्हान सबको करना है मतदान,  एक दो और तीन चार मतदान का दृढ़ विचार, एक वोट से होता फैसला मतदाता का यही हौसला, कर्तव्यों से कोई न रूठे किसी का वोट कभी न छूटे, मतदान हमारा अधिकार है इससे बनती सरकार है, भारत देश महान है करते सब मतदान है, वोटर लिस्ट में नाम लिखाएं वोटर कार्ड सभी बनवाएं नारे लिखी तख्तियाँ लेकर निकले जनसमुदाय ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया।

महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण विकास को देता है गति - पीएम नरेंद्र मोदी

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पीएम नरेंद्र मोदी ने आज महिला सशक्तिकरण पर जी20 मंत्रिस्तरीय सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण विकास को गति देता है और शिक्षा तक उनकी पहुंच वैश्विक प्रगति आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का नेतृत्व समावेशिता को बढ़ावा देता है और उनकी आवाज सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करती है। मोदी ने कहा कि भारत की राष्ट्रपति भी इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण हैं। वे विनम्र जनजातीय पृष्ठभूमि से आती हैं और वे अब दुनिया की सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व कर रही हैं और दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सुरक्षा बल की प्रमुख कमांडर के रूप में कार्य कर रही हैं। इस लोकतंत्र की जननी में सभी को, शुरुआत से ही, मतदान देने का अधिकार समान रूप से मिला है। 


प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी जी का चरखा भी एक महिला जिनका नाम गंगा बेन है, उनको ही मिला था। जब महिला सशक्त होती हैं तो दुनिया सशक्त होती है। आर्थिक सशक्तिकरण विकास को बढ़ावा देता है। शिक्षा तक उनकी पहुंच वैश्विक प्रगति को बढ़ावा देती है, उनका नेतृत्व समावेशिता को बढ़ावा देता है और उनकी आवाजें सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करती हैं। लोकतंत्र की इस जननी में भारतीय संविधान द्वारा शुरू से ही महिलाओं सहित सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार समान रूप से दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे चुनाव लड़ने का अधिकार भी समान आधार पर दिया गया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित महिला प्रतिनिधि आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक परिवर्तन की प्रमुख एजेंट रही हैं। 14 लाख की आबादी के साथ, भारत में ग्रामीण स्थानीय निकायों में 46% निर्वाचित प्रतिनिधि महिलाएँ हैं। स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की सक्रियता भी परिवर्तन के लिए एक शक्तिशाली शक्ति रही है।

मोदी ने कहा कि महामारी के समय में, स्वयं सहायता समूह और निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हमारे समुदायों के लिए समर्थन के स्तंभ बनकर उभरे। भारत में 80% से अधिक नर्सें और दाइयां महिलाएं हैं। महामारी के दौरान वे हमारी रक्षा की पहली पंक्ति थे। हमें उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास हमारे लिए एक प्रमुख प्राथमिकता रही है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत लगभग 70% ऋण महिलाओं को स्वीकृत किए गए हैं। ये रुपये तक के ऋण हैं। इसी तरह, स्टैंड अप इंडिया के तहत 80% लाभार्थी महिलाएं हैं जो ग्रीनफील्ड परियोजनाओं के लिए बैंक ऋण ले रही हैं।


पहाड़ी कोरवा बच्चों ने पहली बार देखी विधानसभा की कार्यवाही

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रायपुर। पहाड़ी कोरवा बच्चों ने आज पहली बार विधानसभा की कार्यवाही देखी। विधानसभा की प्रक्रिया और संचालन का प्रत्यक्ष अवलोकन कर बच्चे उत्साहित थे। लोकतंत्र के इस मंदिर को देखकर बच्चों ने कहा उनका सपना पूरा हो गया। विशेष पिछड़ी जनजाति से तालुक रखने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति के इन बच्चों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत से भी मुलाकात की।जशपुर जिले से आए पहाड़ी कोरवा जनजाति के बच्चों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान बताया कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है।



कक्षा 11 वीं के छात्र विनय भगत ने बताया कि सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच चर्चा और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सदन संचालन को देखा। विधायिका के स्तंभ विधानसभा के बारे में आज जानने का अवसर मिला। छात्रा धनमनिया, लीलावती, सविता ने कहा कि आज ऐसा महसूस हो रहा है कि उनका सपना सच हो गया। अभी तक उन्होंने किताबों में विधानसभा के बारे में पढ़ा था, आज पहली बार देखने-जानने को मिला। छात्राओं ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत अच्छा लगा। इस अवसर पर विधायक द्वय यू.डी. मिंज, विनय भगत तथा अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

जानकारी से वंचित करने वाले 3 जनसूचना अधिकारी को 25-25 हजार रूपए का अर्थदण्ड

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने समय पर जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले और सूचना का अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने वाले तीन जनसूचना अधिकारी पर 25-25 हजार रूपए का अर्थदंड अधिरोपित किया है। उन्होंने संबंधितों को निर्देश दिए हैं कि अर्थदंड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराकर आयेग को सूचित करें। उल्लेखनीय है कि लोकतंत्र में पारदर्शी शासन व्यवस्था की यह निशानदेही होती हैं, कि उनके सभी नागरिकों को शासन व्यवस्था की सम्पूर्ण गतिविधियों की सूचना प्राप्त करने का मौलिक अधिकार हो।



सूचना का अधिकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक जागरूक नागरिक को उनकी इच्छित सूचनाएं आसानी से उपलब्ध करवाना है। यदि कोई विभाग अथवा संस्था जानकारी देने से इनकार करता हैं, तो उनके विरुद्ध सूचना आयोग में शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है। इस अधिनियम की मदद से सभी नागरिकों को सूचना सम्पन्न बनाना, सरकार की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और अधिक उत्तरदायी शासन व्यवस्था की ओर ले जाना हैं। सूचना किसी भी रूप में हो सकता है, प्रिंट मीडिया, मॉस मीडिया, वेब मीडिया, ई-मेल, जनमत, रिपोर्ट, कागज, संवाद, रिपोर्ट और आकड़े, एडवर्टाइजिंग के रूप में हो सकता है।

सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदक मोहितराम ग्राम खरवानी तहसील करतला जिला कोरबा ने जनसूचना अधिकारी जनपद पंचायत करतला को 18 जुलाई 2016 को आवेदन प्रस्तुत कर सचिव ग्राम पंचायत खरवानी विकासखण्ड करतला के द्वारा आवदेन लेने से इंकार करने पंचायत खरवानी से एक फरवरी 2015 से एक जून 2016 तक रोकड़ पंजी की छायाप्रति, बिल व्हाउचर और मूलभूत राशि एवं 14वें वित्त के खर्च के विवरण की छायाप्रति की मांग की। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करतला से समय पर जानकारी प्राप्त नहीं होने पर 22 अगस्त 2016 को प्रथम अपील आवेदन प्रस्तुत किया

किन्तु प्रथम अपीलीय अधिकारी के कोई निर्णय पारित नहीं करने के कारण असंतुष्ट होकर आयोग में 10 अक्टूबर 2016 को द्वितीय अपील किया। राज्य सूचना आयुक्त त्रिवेदी ने आवेदन का अवलोकन कर अधिनियम के तहत अपीलार्थी और जनसूचना अधिकारी को सुनने के पश्चात अपीलार्थी को समय सीमा में जानकारी नहीं प्रदाय करने एवं आयोग में कोई जबाब प्रस्तुत नहीं करने के साथ ही आयोग के पत्रों का कोई जवाब नहीं देने को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत करतला के (तत्कालीन जनसूचना अधिकारी) के विरूद्ध धारा 20 (1) के तहत 25  हजार रूपए का अर्थदण्ड की राशि अधिरोपित किया गया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पंचायत कोरबा ने प्रथम अपील के प्रकरण का विधि और जिम्मेदारी पूर्वक निर्वहन नहीं करने अपर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की है। इसी प्रकार दुर्ग निवासी हरिप्रसाद शुक्ला ने जनसूचना अधिकारी कलेक्टोरेट कोरबा से बालको को 1200 मेगावाट ताप विद्युत संयंत्र स्थापना प्रयोजनार्थ 30 वर्ष की लीज पर आबंटन के संबंध में 5 बिन्दु पर जानकारी मांगे थे, जिसमें बालको द्वारा एक जून 2019 को शासन के पक्ष में त्यजन तथा तहसीलदार द्वारा त्यजन स्वीकार करने के आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि, नगर एवं ग्राम निवेश

नगर निगम कोरबा, छ.ग. आवास एवं पर्यावरण विभाग, वन संरक्षण अधिनियम के अन्तर्गत संबंधित विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र तथा छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 214 के तहत वृक्षों की कटाई के लिए पृथक अनुमति पत्र की छायाप्रति की मांग की थी। जनसूचना अधिकारी से जानकारी प्राप्त नहीं होने के कारण प्रथम अपीलीय अधिकारी को 29 जुलाई 2019 को आवेदन किया किन्तु प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा विनिश्चय नहीं करने से असंतुष्ट 13 सितम्बर 2019 को आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत किया। राज्य सूचना आयुक्त मनोज त्रिवेदी ने प्रकरण का बारीकी से अध्ययन कर आवेदक और जनसूचना अधिकारी एवं प्रथम अपीलीय अधिकारी को सुनवाई का पर्याप्त अवसर प्रदान किया। 

तत्कालीन जनसूचना अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोरबा ने आवेदक को समय सीमा में जानकारी नहीं दी और उनके द्वारा आयोग में जवाब प्रस्तुत नहीं करने के कारण त्रिवेदी ने सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20 (1) के तहत 25 हजार रूपए का अर्थदण्ड की राशि अधिरोपित किया गया और कलेक्टर कोरबा को निर्देशित किया कि अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराकर आयोग को सूचित करें। रामपुर कोरबा निवासी उपेन्द्र राठौर ने जनसूचना अधिकारी एवं सचिव ग्राम पंचायत कछार को 22 सितंबर 2016 को आवेदन देकर जनवरी 2016 से अगस्त 2016 तक ग्राम पंचायक कछार को छत्तीसगढ शासन एवं केन्द्र सरकार के विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त आबंटन आदेश की छायाप्रति

इस संबंध में कार्य प्रारंभ एवं समाप्ति की तिथि सहित ग्राम पंचायत कछार के सरपंच के अनुमादन से किए गए ग्राम सभा के बैठक की रजिस्टर की सत्यापित प्रतिलिपि की मांग की। आवेदक द्वारा चाही गई जानकारी प्राप्त नहीं होने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी को 9 नवंबर 2016 को आवेदन किया किन्तु प्रथम अपीलीय अधिकारी के द्वारा विनिश्चय नहीं करने से असंतुष्ट 01 जुलाई 2016 को आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत किया। राज्य सूचना आयुक्त त्रिवेदी ने आयोग से तत्कालीन जनसूचना अधिकारी ग्राम पंचायत कछार को 6 बार नोटिस भेजी किन्तु कोई जवाब नहीं मिला, जिसके कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा को नेटिस को तामील कराकर आयोग को सूचित करने कहा गया। 

नोटिस तामील होने के बाद भी तत्कालीन जनसूचना अधिकारी ग्राम पंचायत कछार से कोई जवाब प्राप्त नहीं होने के कारण सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 20 (1) के तहत  25 हजार रूपए का अर्थदण्ड की राशि अधिरोपित किया गया और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा को निर्देशित किया कि अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि संबंधित से वसूली कर शासकीय कोष में जमा कराकर आयोग को सूचित करें। साथ ही यह भी कहा कि प्रथम अपीलीय अधिकारी जनपद पंचायत कोरबा अपील प्रकरण को शासन के निर्देशानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए पारदर्शी प्रशासन और सूचना का अधिकार आवश्यक : राज्यपाल

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आज राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के ‘‘महत्वपूर्ण निर्णयों’’ के संकलन पर आधारित पुस्तिका ‘‘महत्वपूर्ण निर्णय’’ का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखने के लिए पारदर्शी प्रशासन और आम जनता को प्राप्त सूचना का अधिकार आवश्यक है। इसी से हमारे लोकतंत्र को मजबूती मिलती है। लोकतंत्र में जनता को प्रशासन की हर गतिविधियों को जानने का अधिकार प्राप्त है। 



इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त एम. के राउत, पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त सरजियस मिंज, राज्य सूचना आयुक्त सर्वश्री अशोक कुमार अग्रवाल, मनोज त्रिवेदी, धनवेन्द्र जायसवाल, पूर्व राज्य सूचना आयुक्त एस.के. तिवारी और सचिव छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयुक्त आनंद मसीह, राज्यपाल के उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल उपस्थित थे। राज्यपाल सुश्री उइके ने राज्य सूचना आयोग द्वारा महत्वपूर्णय निर्णयों संबंधी संकलन के प्रकाशन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि आमजनों के साथ जनसूचना अधिकारियों को इस संकलन का सर्वाधिक लाभ मिलेगा। 

प्रदेश में राज्य सूचना आयोग, सूचना का अधिकार से संबंधित सर्वाेच्च संस्था होती है, ऐसे में यह किताब इस विषय में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में कई आदिवासी बाहुल्य जिले हैं, उन क्षेत्रों में भी विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किये जाएं, ताकि वहां के जनसूचना अधिकारियों को नियमों और प्रक्रियाओं की बेहतर जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने इस पुस्तक को जिला स्तर पर भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्य सूचना आयुक्त एम.के. राउत ने छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग की स्थापना से लेकर अब तक के कार्य, उपलब्धियों, प्रकरणों की संख्या एवं उनके निराकरण की जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 से वर्ष 2022 तक 67 हजार प्रकरण पंजीबद्ध हुए हैं, जिनमें से 56 हजार प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है। किताब में महत्वपूर्ण 136 निर्णयों को शामिल किया गया है। राउत ने बताया कि संभाग स्तरीय और जिला स्तर पर जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारियों के लिए कार्यशाला का आयोजन कर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अधिनियम की धारा 4 (1)(ख) के तहत् प्रत्येक लोक प्राधिकारी को अपनी कार्यालयीन गतिविधियों को कम्प्यूटरीकृत कर वेबसाईट पर अपलोड करना है ताकि आम जनता विभागीय गतिविधियों की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सके और प्रशासन में पारदर्शिता बनी रहे। वेबसाईट में विभागीय जानकारी अपलोड होने से जनता को यह आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री की कुर्सी मोहन मरकाम को दे देनी चाहिए : चुन्नीलाल साहू

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रायपुर। भाजपा सांसद चुन्नीलाल साहू ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति पर दिये गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि भूपेश बघेल अपना घर देखें, जहां एक ही परिवार ने कब्जा कर रखा है। भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र है। सभी कार्यकर्ताओं को समय समय पर नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिलती है। भाजपा में नेतृत्व की एक लम्बी श्रृंखला है। भाजपा में नेतृत्व का अभाव कभी हो नहीं सकता। भाजपा का हर कार्यकर्ता मजबूत नेतृत्व देने में सक्षम है। भाजपा में बूथ स्तर का कार्यकर्ता प्रधानमंत्री बनता है। 



मरकाम से जो व्यवहार हो रहावह कांग्रेस पार्टी की पोल खोलने वाला है

बूथ स्तर का कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष बनता है। बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष बनता है। विष्णुदेव साय तीन बार प्रदेश अध्यक्ष, लोकसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे हैं। पार्टी उनके अनुभवों का लाभ आगे भी लेती रहेगी। भाजपा सांसद साहू ने कहा कि केन्द्र में भाजपा ने अनुसूचित जाति वर्ग से सांसद श्रीमती रेणुका सिंह को केन्द्रीय मंत्री बनाया है। उन्होंने कहा कि मोहन मरकाम को भूपेश बघेल मुख्यमंत्री बनाए।

 प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मोतीलाल साहू ने कहा कि आदिवासियों से दुश्मन जैसा व्यवहार करने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आदिवासी के नाम पर झूठी हमदर्दी दिखाने की जरूरत नहीं है। ये वही कांग्रेसी मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में आदिवासी उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू जी से बात तक करना पसंद नहीं किया था। कदम कदम पर आदिवासी हितों की बलि चढ़ाने वाले भूपेश बघेल आदिवासी के नाम पर ढोंग करने से बाज आयें। उन्होंने कहा कि साहू समाज को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सम्मान मिल रहा है तो भूपेश बघेल दुखी क्यों है? और यदि आदिवासी के खुद हितैषी है तो अपनी कुर्सी मोहन मरकाम को सौंप अपनी बात को प्रमाणित करें।

प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष अमित साहू, ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम तो संगठन में पहली बार में ही उत्पीड़न का शिकार हो गए। भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस के आदिवासी अध्यक्ष के साथ जो व्यवहार कर रहे हैं, वह सबको पता है। भाजपा आदिवासियों का सम्मान करती है, यह सम्पूर्ण विश्व के आदिवासी समाज ने देख लिया कि आज भारत की वह आदिवासी महिला हमारी सर्वाेच्च हैं, जिन्हें लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीररंजन चौधरी राष्ट्रपत्नी कहकर अपमानित करने का पाप करते हैं तब सोनिया, राहुल, प्रियंका और उनके चाटुकार भूपेश बघेल का आदिवासी प्रेम कहां विलुप्त हो जाता है?

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