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बस्तर के विकास का रोड मैप तैयार करेंगे CM साय, 15-16 अप्रैल को होगी अधिकारियों संग बैठक

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 रायपुर : मार्च, 2026 तक देश को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य के साथ ही राज्य सरकार सम्पूर्ण बस्तर के समन्वित विकास के लिए रोड मैप बना रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय खुद इस संबंध में 15 और 16 अप्रैल को जगदलपुर में संबंधित विभाग के सचिव, कमिश्नर, कलेक्टर और उस क्षेत्र में कार्य करने वाले स्टेकहोल्डर से चर्चा करेंगे।


मुख्यमंत्री साय 15 अप्रैल को जगदलपुर में चार विषयों कृषि, पशुपालन, मछली पालन एवं संबद्ध विषय, औद्योगिकीकरण एवं रोजगार, पर्यटन को बढ़ावा देना, कौशल विकास सहित युवाओं को बस्तर एवं अन्य क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने से संबंधित विषयों पर बस्तर में पदस्थ अधिकारियों एवं उस क्षेत्र में कार्य कर रहे विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के साथ चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री साय 16 अप्रैल को बस्तर संभाग के कलेक्टर,पुलिस अधीक्षक , मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत एवं वनमण्डल अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा भी करेंगे।

इस संबंध में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह ने कृषि, वाणिज्य एवं उद्योग, पर्यटन, कौशल विकास विभाग के सचिव और बस्तर संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टरों को पत्र जारी कर आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विशेषकर बस्तर संभाग में विकास की गति भी तेजी से बढ़े, इसके लिए बस्तर के सभी जिलों के विकास का एक रोडमैप बनाया जाना है। इस हेतु पूर्व में बनाया गया दस्तावेज विज़न @2047 "नवा अंजोर" का भी अवलोकन कर उसमें उल्लेखित बिंदुओं को समाहित किया जाय।

सुबोध सिंह ने कहा है कि सम्बन्धित विभागीय सचिव इन बैठकों एवं प्रस्तुतीकरण के संयोजक होंगे। वे संभागीय आयुक्त, बस्तर के साथ समन्वय कर सभी स्टेक होल्डर को चर्चा में आमंत्रित करेंगे। प्रत्येक विषय पर लगभग एक घंटा चर्चा का समय रखा गया है।

देवरानी-जेठानी ने संभाला किचन का जिम्मा, महतारी वंदन की राशि से रसोई का खर्च उठाना हुआ आसान

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 महासमुंद : राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना पूरे परिवार का संतुष्टि के साथ पेट भर रही है। दरअसल में एक ही घर में देवरानी और जेठानी को महतारी वंदन की राशि हर माह एक-एक हजार रुपए मिल जाती है। पति अक्सर काम से बाहर रहते हैं। छोटी मोटी रसोई की जरूरतों और साग-सब्जी खरीदने के लिए उनका इंतजार करना पड़ता था।


लेकिन महतारी वंदन की राशि मिलने से दोनों समय-समय पर किचन के लिए जरूरी सामग्री तथा साग-भाजी खरीद लेती है और पूरी आत्मीयता के साथ खाना बनाकर घर वालों को खिलाती है। उनके परिवार में 10 लोगों का खाना बनता है। महासमुंद विकासखण्ड के ग्राम बेमचा की रहने वाली झरना ध्रुव और श्रीमती खिलेश्वरी ध्रुव की ये समझदारी उनके घर वालों को भी पसंद आया। दोनों हंसते हुए कहती है कि चूंकि सरकार हमें बिना भेदभाव के बराबर राशि दे रही है इसलिए हम खर्च भी बराबर करते हैं। वे बताती है कि काम से थके हुए घर आने पर पति और अन्य सदस्यों को खाना खिलाने से बड़ी कोई संतुष्टि नहीं है और इसमें मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की ये व्यवस्था वाकई केवल महिलाओं के लिए नहीं बल्कि परिवार वालों के लिए भी संतुष्टि और खुशी का एक महत्वपूर्ण कारक है।

उल्लेखनीय है कि महतारी वन्दन योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उनकी दैनिक जीवन की जरूरतों को पूरा करना है। इस योजना के अंतर्गत विवाहित महिलाओं को हर माह राज्य शासन द्वारा एक हजार रुपए उनके खाते में अंतरित की जाती है ताकि अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। निश्चित ही महतारी वन्दन योजना ने छत्तीसगढ़ की महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता भी बढ़ाई है। इस योजना से प्राप्त वित्तीय सहायता ने महिलाओं को अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने और उनके जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश सरकार की यह पहल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से ही हो रही है धान खरीदी : मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि मोदी जी की गारंटी के अनुरूप इस वर्ष भी किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान के मान से ही धान खरीदी की जा रही है। किसानों को इस मामले को लेकर किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में भ्रम फैलाने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।


मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि धान खरीदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कर रही है। किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए उपार्जन केन्द्रों के माईक्रोएटीएम से 2000 रूपए से लेकर 10 हजार रूपए तक की राशि निकालने की सुविधा भी दी गई है। इससे किसानों को धान बेचने परिवहन के लिए किराये पर लिए गए ट्रैक्टर, मेटाडोर आदि का भाड़ा और हमाली मजदूरी का भुगतान करने में सुविधा होगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में अनवरत धान खरीदी का सिलसिला जारी है। 14 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगा। खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.45 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मिट्रिक धान खरीदी अनुमानित है। सभी उपार्जन केन्द्रों में बायोमैट्रिक डिवाईस के माध्यम से धान उपार्जन की व्यवस्था की गई है। छोटे, सीमांत और बडे़ कृषकों के द्वारा उपजाये गए धान को निर्धारित समर्थन मूल्य में खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था से लेकर छांव, पानी आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में शिकायत एवं निवारण के लिये हेल्प लाइन नंबर भी चस्पा कर दिये गये हैं।

राज्य के सीमावर्ती क्षेत्र में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है एवं चेक पोस्ट की स्थापना की गई है। राज्य स्तर पर अलग अलग जिलों के लिए राज्य स्तरीय वरिष्ठ अधिकारियों की जांच टीम बनाई गई है, जो लगातार जिले में हो रही धान खरीदी की मानिटरिंग कर रहे हैं।

दिवाली से पहले साय सरकार की बड़ी प्रशासनिक सर्जरी, डॉ रवि मित्तल बने नए जनसम्पर्क आयुक्त

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 रायपुर : राज्य सरकार ने बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले किये हैं. शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मोहला मानपुर, सूरजपुर और जशपुर कलेक्टर को बदल दिया गया है. साथ ही आईएस रवि मित्तल को जनसंपर्क आयुक्त नियुक्त किया गया है.


जारी आदेश के अनुसार, आईएएस जन्मेजय मोहबे को वर्तमान कर्तव्यों के साथ साथ संचालिक महिला एवं बाल विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. इसके अलावा आईएएस जगदीश सोनकर को संयुक्त सचिव मंत्रालय में पोस्टिंग दी गई है. मानपुर मोहला कलेक्टर आईएएस एस जयवर्धन को सूरजपुर कलेक्टर बनाए गए हैं.



आईएएस विजय दयाराम को वर्तमान कर्तव्यों के साथ साथ प्रबंध संचालक राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. आईएएस तुलिका प्रजापति को मानपुर मोहला कलेक्टर बनाई गई हैं. सूरजपुर कलेक्टर आईएएस रोहित व्यास को जशपुर के नए कलेक्टर बनाए गए हैं. आईएएस प्रतिष्ठा ममगई को जिला पंचायत बस्तर सीईओ बनाई गई हैं.

आईएएस कुमार विश्वरंजन को उपसचिव मंत्रालय के पद पर पदस्थ किया गया है. आईएएस जयंत नाहटा को जिला पंचायत दंतेवाड़ा के सीईओ बनाए गए हैं. आईपीएस मयंक श्रीवास्तव की सेवाएं गृह विभाग को लौटा दी गई है.

CG NEWS : ट्रांसफर के बाद भी ज्वाइनिंग नहीं करने वाले डिप्टी कलेक्टरों पर राज्य सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

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 रायपुर। ट्रांसफर के बाद नयी जगह पर ज्वाइनिंग नहीं करने वाले डिप्टी कलेक्टरों पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। GAD ने सभी अधिकारियों को एकतरफा रिलीव कर दिया है।


दरअसल पिछले सप्ताह तीन अलग-अलग आदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के 100 से ज्यादा अधिकारियों के तबादले किये गये थे। तबादला किये गये अधिकारियों में जनपद सीईओ, जिला पंचायत सीईओ, संयुक्त कलेक्टर, अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी थे।

‘ज्वाइनिंग तक नहीं मिलेगा लाभ’


सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा कि है कि स्थानांतरित अधिकारियों को पदग्रहणकाल का लाभ नयी पदस्थापना स्थल पर ज्वाइनिंग के बाद ही दिया जायेगा। जो भी अधिकारी भारमुक्त होकर पदस्थापना स्थल पर कार्यभार नहीं करते हैं, तो ये शासन के आदेश की अवहेलना कही जायेगी।

 



CG NEWS : हटाए गए कलेक्टर चंदन कुमार, 3 कलेक्टर सहित 6 आईएएस के तबादले, देखें आदेश...

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 रायपुर। बलौदा बाजार से कलेक्टर चंदन कुमार को हटाया गया है। अब उनकी जगह के एल चौहान जिम्मेदारी संभालेंगे।


आज राज्य सरकार ने 6 आईएएस का ट्रांसफर किया है। जारी आदेश के अनुसार 3 जिलों के कलेक्टर भी बदले गए है। यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया है।लोकसभा चुनाव से पहले आईएएस-आईपीएस और राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले का सिलसिला जारी है।

1. कुमार लाल चौहान, भा.प्र.से. (2009), कलेक्टर, जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़ को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त कलेक्टर, जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा के पद पर पदस्थ करता है।

2. धर्मेश कुमार साहू, भा.प्र.से. (2010), प्रबंध संचालक, वेयरहाउसिंग कार्पोरेशन लिमिटेड, रायपुर तथा अतिरिक्त प्रभार महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त कलेक्टर, जिला-सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पद पर पदस्थ करता है।

3. चंदन कुमार, भा.प्र.से. (2011), कलेक्टर, जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त विशेष सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पद पर पदस्थ करता है।

4. श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, भा.प्र.से. (2016), कलेक्टर, जिला-गौरेला-पेण्ड्रा- मरवाही को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त संचालक, पंचायत के पद पर पदस्थ करता है। श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, भा.प्र.से. द्वारा संचालक, पंचायत का कार्यभार ग्रहण करने पर, श्रीमती रोक्तिमा यादव, भा.प्र.से. (2016) संचालक, समाज कल्याण तथा अति. प्रभार संचालक, पंचायत केवल संचालक, पंचायत के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त होंगी।

5. श्रीमती लीना कमलेश मंडावी, भा.प्र.से. (2016), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, बेमेतरा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त कलेक्टर, जिला- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के पद पर पदस्थ करता है।

6. प्रतीक जैन, भा.प्र.से. (2020), अपर आयुक्त, वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी.) को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।

देखें आदेश...



 

CG NEWS : बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का हुआ ट्रांसफर, देखिए पूरी सूची

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 रायपुर। राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों का तबादला लिया है। इस सम्बन्ध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।


जारी आदेश के मुताबिक 49 अफसरों को इधर से उधर किया गया है। जिसमे अपर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और संयुक्त कलेक्टर शामिल हैं।

देखिए पूरी सूची





CG NEWS : 3 आईएएस अधिकारियों को मिला अतिरिक्त प्रभार...

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 रायपुर। राज्य सरकार ने 3 IAS असफरों के प्रभार में बदलाव किया है। आईएएस कमलप्रीत सिंह को PWD सचिव और GAD के एडिशनल चार्ज के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ रोड एवं इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CGRIDC) का प्रबंध संचालक बनाया गया है। इसके साथ ही आईएएस यशवंत कुमार और अबिनाश मिश्रा को भी अलग-अलग विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।


2007 बैच के आईएएस यशवंत कुमार को संचालक ग्रामोद्योग तथा अतिरिक्त प्रभार प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ हथकरघा विभाग एवं विपणन संघ मर्यादित, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को उनके मौजूदा कर्तव्यों के साथ-साथ सचिव ग्रामोद्योग विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं 2018 बैच के आईएएस अविनाश मिश्रा को रायपुर नगर निगम कमिश्नर के साथ-साथ रायपुर स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आदेश की कॉपी



छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल, गौरव कुमार बने रायपुर कलेक्टर, देखें लिस्ट

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 रायपुर। राज्य सरकार ने बुधवार की देर रात बंपर तबादले आदेश जारी किए हैं। रायपुर सहित कई जिलों के कलेक्टरों के अलावा सचिव स्तर पर ट्रांसफर आदेश जारी किया है। गौरव कुमार सिंह को रायपुर का कलेक्टर बनाया गया है। आदेश में राज्य के कई विभागों के सचिवों की जिम्मेदारी में बदलाव समेत कई जिलों के कलेक्टरों का तबादला हुआ है। इसके साथ ही नगरीय निकाय के अफसरों की भी जिम्मेदारियों में बदलाव हुआ है।


इन अफसरों का यहां तबादला

सुब्रत साहू अपर मुख्य सचिव धार्मिक न्यास व धर्मस्व विभाग, महानिदेशक ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास।

मनोज पिंगुआ: अपर मुख्य सचिव वन विभाग, गृह एवं जेल विभाग

निहारिका बारिक: प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, विकास आयुक्त ,प्रमुख सचिव इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी ।

शहला निगार: कृषि उत्पादन आयुक्त सचिव कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग, गन्ना आयुक्त।

डा .कमलप्रीत: सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग।

परदेसी सिद्धार्थ कोमल: सचिव स्कूल शिक्षा।

गोविंद रामचुरेंद्र: आयुक्त सरगुजा संभाग, अंबिकापुर।

प्रसन्ना आर: सचिव उच्च शिक्षा, विशेष कर्तव्य अधिकारी, छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस बिलासपुर।

अन्बलगन पी.: सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्य विभाग।

अलरमेलमंगई डी. : श्रमायुक्त।

एस प्रकाश: सचिव परिवहन विभाग, संसदीय कार्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग।

टोपेश्वर वर्मा: सचिव, राजस्व मंडल बिलासपुर।

नीलम नामदेव एक्का: सचिव जनशिकायत निवारण, संचालक विमानन।

सी आर प्रसन्ना: सचिव, सहकारिता विभाग

भुवनेश यादव: सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग।

एस. भारतीदासन: सचिव कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग।

शम्मी आबिदी: सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग।

पी. दयानंद: सचिव ऊर्जा विभाग, खनिज साधन विभाग, जनसंपर्क, वाणिज्य एवं उद्योग विमानन एवं अध्यक्ष छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी।

बसवराजू एस. : सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग

हिमशिखर गुप्ता: सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग, वाणिज्य कर विभाग।

मोहम्मद अब्दुल केसर हक: सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग , लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग।

यशवंत कुमार: संचालक ग्रामोद्योग, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, छत्तीसगढ़ हाथकरघा विकास एवं विपणन संघ मर्यादित, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड।

जनक प्रसाद पाठक: प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड।

भीम सिंह: मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास अभिकरण।

राजेश सिंह राणा: मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्रेडा।

शिखा राजपूत तिवारी: आयुक्त, बिलासपुर संभाग।

सत्यनारायण राठौर: आयुक्त, दुर्ग संभाग।

महादेव कावरे: संचालक, कोष एवं लेखा।

डा .प्रियंका शुक्ला: संचालक तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण, पशु चिकित्सा सेवाएं।

किरण कौशल: विशेष सचिव वाणिज्यकर पंजीयन विभाग।

डा.तंबोली अयाज फकीर भाई: आयुक्त ,गृह निर्माण मंडल।

सौरभ कुमार: संचालक नगर तथा ग्राम निवेश और मुख्य कार्यपालन अधिकारी नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण।

सुनील कुमार जैन: संचालक भौमकी तथा खनिकर्म, विशेष सचिव खनिज साधन विभाग, ऊर्जा विभाग, मिशन संचालक जल जीवन मिशन।

कुमार लाल चौहान: कलेक्टर जिला सारंगढ़ -बिलाईगढ़।

विपिन माझी : कलेक्टर जिला नारायणपुर।

डोमन सिंह: विशेष सचिव, मंत्रालय।

केडी कुंजाम: विशेष सचिव , खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, प्रबंध संचालक नागरिक आपूर्ति निगम।

अनुराग पांडेय: कलेक्टर बीजापुर।

जयप्रकाश मौर्य: विशेष सचिव, उच्च शिक्षा।

सारांश मित्तर: विशेष सचिव, कृषि विभाग।

पदम सिंह एल्मा: विशेष सचिव तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग।

रमेश कुमार शर्मा: विशेष सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, संचालक भू अभिलेख मुद्रण एवं लेखन सामग्री, विशेष सचिव धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग, प्रबंध संचालक मार्कफेड।

धर्मेश कुमार साहू: महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक।

भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र: सचिव, छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग।

दीपक सोनी: पंजीयक सहकारी समिति, नियंत्रक खाद एवं औषधि प्रशासन।

भोसकर विलास संदिपान: कलेक्टर जिला सरगुजा।

संजीव कुमार झा: संचालक, समग्र शिक्षा।

जीवन किशोर ध्रुव: प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड।

रजत बंसल: आयुक्त वाणिज्य कर जीएसटी।

अभिजीत सिंह: कलेक्टर, कांकेर।

रणवीर सिंह : कलेक्टर ,बेमेतरा।

पुष्पेंद्र कुमार मीणा: सचिव, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग।

तारन प्रकाश सिन्हा: संयुक्त सचिव,खेल एवं युवा कल्याण विभाग ।

इफ्फत आरा: संचालक, आयुष।

दिव्या उमेश मिश्रा: संचालक, लोक शिक्षण।

संजय अग्रवाल: कलेक्टर , राजनंदगांव।

नम्रता गांधी: कलेक्टर, धमतरी।

गौरव कुमार सिंह: कलेक्टर,रायपुर।

अजीत वसंत: कलेक्टर, कोरबा।

विनीत नंदनवार: संयुक्त सचिव,मंत्रालय

इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल: कलेक्टर, बालोद।

जगदीश सोनकर: प्रबंध संचालक ,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन।

राजेंद्र कुमार कटारा: संचालक , राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद, राज्य साक्षरता मिशन।

कुंदन कुमार: संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास।

ऋचा प्रकाश चौधरी: कलेक्टर, दुर्ग।

कुलदीप शर्मा: प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम।

ऋतुराज रघुवंशी: संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं।

डी .राहुल वेंकट: कलेक्टर , मनेंद्रगढ़- चिरमिरी - भरतपुर।

चंदन संजय त्रिपाठी: संचालक, कृषि।

डा. फरिहा आलम: उप सचिव ,स्कूल शिक्षा।

रोक्तिमा यादव, संचालक, समाज कल्याण।

दीपक कुमार अग्रवाल: कलेक्टर, गरियाबंद।

तूलिका प्रजापति: संचालक ,महिला एवं बाल विकास।

पद्मिनी भोई साहू : प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन रायपुर।

गोपाल वर्मा: उपसचिव, मंत्रालय।

आकाश छिकारा: कलेक्टर ,जांजगीर चांपा।

रोहित व्यास: कलेक्टर, सूरजपुर।

मयंक चतुर्वेदी: कलेक्टर, दंतेवाड़ा ।

कुणाल दुदावत: कलेक्टर, कोंडागांव।

चंद्रकांत वर्मा: कलेक्टर, खैरागढ़,

छुईखदान, गंडई।

देवेश कुमार ध्रुव: आयुक्त, नगर निगम भिलाई।

अविनाश मिश्रा: आयुक्त , नगर पालिका निगम रायपुर।

विश्वदीप: मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत रायपुर

प्रतीक जैन: अपर आयुक्त वाणिज्यिक कर।

मयंक श्रीवास्तव: आयुक्त, सहसंचालक जनसंपर्क।

 

BIG NEWS : छत्तीसगढ़ में भी मास्क पहनना होगा अनिवार्य, आदेश जारी कर सकती है राज्य सरकार…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भी मास्क पहनना अनिवार्य होगा. राज्य सरकार जल्द ही आदेश जारी कर सकती है. प्रदेश में में फिलहाल एक भी कोरोना का एक्टिव मरीज नहीं है. लेकिन दूसरे राज्यों में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. 


ऐसे में लोगों को स्वत: संज्ञान लेते हुए बार बार हाथ धोना और भीड़ भाड़ में जाने के दौरान मास्क पहनना जरूरी है. सर्दी खांसी बुखार होने पर तुरंत अपने पास के अस्पताल जाएं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में कोरोना कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की कुल संख्या 45002238 है. कोरोना से 44468459 लोग ठीक हो चुके हैं. राष्ट्रीय रिकवरी दर 98.81 प्रतिशत है. मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है. 533300 कोरोना मरीजों की मौत देश में हो चुकी है. देश में 220.67 करोड़ कोविड वैक्सीन दी जा चुकी है.


राज्य सरकार ने पंचायत सचिवों के वेतन बढ़ोतरी व अवकाश के आदेश किए जारी, देखें आदेश

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 रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायत सचिवों के संशोधित वेतन संरचना और अन्य सुविधाओं का स्वीकृति आदेश जारी कर दिया गया है। ग्राम पंचायत सचिवों को चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति, मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश, सेवानिवृति पर उपादान की पात्रता रहेगी। 

एक कैलेंडर वर्ष में 25 दिवस अर्जित अवकाश और 12 दिवस आकस्मिक अवकाश की पात्रता रहेगी।


कांग्रेस सरकार को बदनाम करने ईडी साजिश रच रही : कांग्रेस

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 रायपुर । पिछले लगभग एक साल से भाजपा द्वारा राज्य सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से इनकम टैक्स तथा ई.डी. का दुरुपयोग किया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी अपने संवैधानिक दायरों से बाहर जाकर कार्यवाही कर रही है। ईडी की कार्यवाही करने के तरीके और कार्यप्रणाली बता रही है कि वह भाजपा के राजनैतिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिये तथा कांग्रेस सरकार के खिलाफ झूठ फैलाने के उद्देश्य से कार्यवाहियां की जा रही अधिकार का। ईडी अपने अधिकारों से बाहर काल्पनिक और मनगढ़त आरोपों के आधार पर कार्यवाही कर रही है। 


ईडी की असंवैधानिक कार्यवाही अदालत में नहीं टिकने वाली उसका उद्देश्य 2023 के विधानसभा चुनाव में सरकार की छवि खराब करना है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी द्वारा कथित शराब घोटाला 2100 करोड़ का बताया गया। चूंकि यह आरोप कल्पना पर आधारित एवं गवाहों को विभिन्न प्रकार से प्रताड़ित करके पूर्व से ही टाइप किये गये ब्यानों पर हस्ताक्षर कराने के षड्यंत्र पर आधारित था। 

इसलिये अभी तक 2100 करोड़ में से ई.डी. द्वारा किसी प्रकार की अवैध संपत्ति का पता नहीं लगाया जा सका है। कुछ व्यक्तियों की वैद्य स्त्रोतों से अर्जित संपत्ति, वह भी 200 करोड़ से कम है, को अटैच कर 2100 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाये जाने मात्र से ही ई.डी. एवं भाजपा का षड्यंत्र प्रमाणित हो जाता है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ई.डी. द्वारा काल्पनिक शराब घोटाले में सरकार को बदनाम करने के षड्यंत्र में पूरी तरह से विफल रहने के बाद अब भाजपा के इशारे पर नोएडा पुलिस में एक गैरकानूनी एफ.आई.आर. दर्ज की गयी है। देश के इतिहास का संभवतः यह पहला अनोखा प्रकरण होगा जिसमें ई.डी. अधिकारियों द्वारा किसी पुलिस थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करायी होगी। कानूनी प्रावधान तो यह है कि ई.डी. की कार्यवाही स्वयं किसी अन्य एजेंसी द्वारा एफ.आई.आर लिखे जाने के बाद ही आरंभ हो सकती है। फिर छत्तीसगढ़ में उल्टी गंगा क्यों बहायी जा रही है?

 प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ई.डी. की संपूर्ण जांच में यह उल्लेख नहीं है कि होलोग्राम टेंडर में अपनायी गयी पूर्णतः पारदर्शी प्रणाली में क्या कमियां थी? ई.डी. अधिकारियों द्वारा न तो शासन के किसी अधिकारी से टेंडर प्रक्रिया की जानकारी ली और न ही टेंडर कमेटी के सदस्यों से किसी प्रकार की कोई जानकारी लेने का प्रयास था। यह इसलिये नहीं किया गया क्योंकि ई.डी. को यह जानकारी थी कि यदि होलोग्राम आपूर्ति के टेंडर की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाती तो यह स्पष्ट हो जाता कि होलोग्राम आपूर्ति के टेंडर में पूर्ण पारदर्शिता बरती गयी थी, जिससे ई.डी. की झूठी कहानी बनती ही नहीं। होलोग्राम क्रय समिति में आबकारी विभाग के अधिकारियों के अलावा एन.आई.टी. के दो प्रोफेसर एन.आई.सी. के प्रतिनिधि एवं वित्त विभाग के अधिकारी भी शामिल थे। होलोग्राम आपूर्ति की निविदा को विभिन्न चरणों में विस्तृत परीक्षणोंपरान्त ही अंतिम रूप दिया गया था। 

निविदा समिति का कार्यवाही विवरण संलग्न है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ई.डी. द्वारा विशेष न्यायालय रायपुर के समक्ष प्राप्त प्रकरण में यह बताया गया है कि राज्य में अप्रैल 2019 से नकली होलोग्राम की सप्लाई तथा बिना ड्यूटी पटाये शराब की बिक्री आरंभ हुई थी। ई.डी. को इतना बड़ा झूठ बोलते समय यह भी ध्यान नहीं आया कि कथित रूप से नकली होलोग्राम सप्लाई करने वाली नोयडा की कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी एण्ड सिक्योरिटी फिल्म प्राइवेट लिमिटेड के मालिक विधु गुप्ता द्वारा राज्य में अक्टूबर 2019 के बाद होलोग्राम सप्लाई का कार्य आरंभ किया गया था। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ई.डी. की फर्जी कहानी एवं अवैधानिक रूप से एफ.आई.आर. दर्ज करने की कार्यवाही में एक अन्य गंभीर त्रुटियां यह है कि विधु गुप्ता 80 करोड़ नकली होलोग्राम डिस्टलरों को सप्लाई कर रहा है।

 डिस्टलर उस नकली होलोग्राम को शराब की बोतलों में लगाकर उसका विक्रय कर रहे हैं। होलोग्राम प्रदायक एवं डिस्टलरी के मालिक इस कथित अवैधानिक कार्यवाही से सर्वाधिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं किंतु यह दोनों पक्ष गवाह हैं। होलोग्राम सप्लायर तथा डिस्टलरों की कोई अचल संपत्ति अटैच नहीं की जाती, उनके बैंक खाते सील नहीं किये जाते, उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा के उच्च स्तरीय राजनीतिक षड्यंत्र के अंतर्गत ही उन्हें यह आश्वासन दिया गया था कि वे ई.डी. की झूठी कहानी एवं पूर्व से तैयार किये गये ब्यानों पर हस्ताक्षर करें तो उन्हें प्रकरण में गवाह बना लिया जायेगा अन्यथा उन्हें झूठे प्रकरण में फंसा कर जेल भेज दिया जायेगा। यह बात इस तथ्य से भी प्रमाणित होती है कि शराब कारोबारियों के यहां फरवरी 2020 में आयकर विभाग द्वारा मारे गये छापों के बाद आयकर अधिकारी के समक्ष हुये शपथपूर्वक ब्यानों में डिस्टलरों एवं विधु गुप्ता ने राज्य में अवैध शराब के विक्रय से स्पष्ट इंकार किया था। आयकर अधिकारियों के समक्ष हुये ब्यानों की प्रतियां संलग्न है। 

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा में जरा भी नैतिक साहस है तो कांग्रेस के आरोपों का बिंदुवार तथ्यात्मक खंडन करें अन्यथा राज्य की जनता से माफी मांगना चाहिये। राज्य की जनता उन्हें पहले ही ठुकराने का निर्णय ले चुकी थी किंतु ई.डी. के दुरुपयोग के भाजपा के षड्यंत्र से जनता पूरी तरह वाकिफ है जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य से भाजपा का सफाया होना निश्चित है।


मिलजुल कर काम करने से विकास को और गति मिलेगी-केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर

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कवर्धा। प्रदेश के वन, परिवहन, आवास, पर्यावरण, विधि विधायी तथा जलवायु परिवर्तन मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर आज मंगलवार को अपने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सिंघनपुरी जंगल, बाम्हन टोला, बानो और कंटकीकला गांव पहुंचे। केबिनेट मंत्री अकबर ने जमीन पर बैठकर ग्रामीण, किसान, युवा, महिलाओं और बुजुर्गो से सीधा संवाद किया।

इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी दी और योजनाओं से हितग्राहियों के जीवन में आए बदलाओं का फीडबैक भी लिया। मंत्री अकबर ने कहा कि गांव में भेंट मुलाकात कर बुजुर्ग और किसानों से चर्चा करने और सभी वर्गो से मिलजुलकर काम करने से क्षेत्र और गांव के विकास को गति मिलती है। मंत्री अकबर ने ग्राम सिंघनपुरी जंगल में लोधी समाज के भवन के लिए 10 लाख रूपए, कबीरकुटी के लिए 05 लाख और रामयण मंडली को 10 हजार रूपए, ग्राम बाम्हनटोला में पटेल समाज भवन के लिए 05 लाख रूपए, सार्वजनिक भवन के लिए 05 लाख और मानस मंडली को 10 हजार रूपए देने की घोषणा की।

केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि धान खरीदी राज्य सरकार की सबसे बड़ी योजना है। राज्य सरकार की नीति से छत्तीसगढ़ के किसानों का जीवन खुशहाल हो रहा है और आय में बढ़ोत्तरी हो रही है। मंत्री अकबर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में निर्णय लिया गया कि किसानों को 2500 रूपए प्रति क्विंटल दर से राशि का भुगतान किया जाए। आज 2540 रुपए में धान खरीदा जा रहा है। इस वर्ष की जो खरीदी होगी उसका भुगतान 2640 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किया जाएगा।

समर्थन मूल्य में अंतर की राशि के भुगतान के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत अलग से राशि प्रदान करने की योजना बनाई गई। सहकारी समितियों में धान बेचने वाले किसानों को समर्थन मूल्य के अलावा 9000 रूपये प्रति एकड़ की दर से 04 किस्तों में प्रदान किया जा रहा है। 04 किस्तों की राशि क्रमशः पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की पूण्यतिथि 21 मई, उनकी जयंती 20 अगस्त तथा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 01 नवंबर, वित्तीय वर्ष की समाप्ति की तिथि 31 मार्च को प्रदान की जाती है। वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि मिलाकर प्रति क्विंटल 2640 रूपए की दर से भुगतान प्राप्त हो रहा है। 

सभी परिवारों का बनाया जा रहा राशन कार्ड

कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूरों के कल्याण के लिए राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना लाकर इस तरह के प्रत्येक मजदूर को प्रति वर्ष 7 हजार रुपए का भुगतान कर रही है। कैबिनेट मंत्री अकबर ने कहा कि तेंदूपत्ता तोड़ने वाले संग्राहकों को हमारी सरकार आने के बाद से 25 सौ रुपया प्रति मानक बोरा के स्थान पर 4 हजार रुपए की दर से भुगतान किया जा रहा है। प्रत्येक परिवार का राशन कार्ड बनाया जा रहा है चाहे वो गरीबी रेखा से नीचे हो या ऊपर हो। परिवार में सदस्य संख्या बढ़ने पर कार्ड को तोड़कर एक और नया कार्ड बना दिया जा रहा है।

विधानसभा में गरमाया बेरोजगारी भत्ता का मुद्दा, विपक्ष ने की जमकर नारेबाजी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज बेरोजगारी भत्ता का मुद्दा खूब गरमाया। अजय चंद्राकर ने रोजगार कांर्यालय में पंजीयन की योग्यता जानने से शुरुआत की। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दावा करती है कि उसके लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है, लेकिन बेरोजगारी का आंकड़ा जुटाने वाली संस्था इससे अलग आंकड़े देती है। बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने बेरोजगारी भत्ते से जुड़े सवाल पर उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के जवाब से विपक्ष असंतुष्ट दिखा। इस दौरान दोनों तरफ से तीखी नोंकझोंक हुई।


भाजपा के अजय चंद्राकर ने प्रदेश में बेरोजगारी भत्ता देने के लिए नियम शर्तों की जानकारी मांगी। उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के जवाब से विपक्ष संतुष्ट नहीं दिखा। अजय चंद्राकर की टिप्पणी से सत्ता पक्ष के लोग बिफरे, जिसके बाद हंगामे की स्थिति बन गयी। विधानसभा अध्यक्ष ने खड़े होकर हंगामा शांत कराया। चर्चा के दौरान अजय चंद्राकर ने कहा कि पंजीयन के लिए योग्यता कुछ भी नहीं है, तो क्या मैं भी जाकर अपना पंजीयन करा सकता हूं।

जवाब में मंत्री उमेश पटेल ने कसा तंज, कहा कि, वैसे अजय चंद्राकर जी अभी जाकर पंजीयन कराएंगे तो उनका भी हो जाएगा, लेकिन वर्तमान में विधायक हैं अभी न जाएं, नहीं तो मैसेज अच्छा नहीं जाएगा। अजय चंद्राकर ने पंजीयन की योग्यता को लेकर कोई नियम नहीं होने की बात कही, जिस पर अजय चंद्राकर ने कहा कि बेरोजगारी पंजीयन के लिए उम्र की बाध्यता नहीं है ये हास्यास्पद है।

मंत्री उमेश पटेल ने बताया कि 20 जून 2023 की स्थिति में 1,72,553 ने बेरोजगारी भत्ता हेतु पंजीयन कराया है , 20 जून 2023 की स्थिति में 1,14,764 पात्र एवं 33559 अपात्र हुए है। जिसके बाद अजय चंद्राकर ने कहा कि बिना किसी को नौकरी दिए 33 हजार 659 अपात्र हो गए?


शिवरतन शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के बेरोजगारों को गुमराह किया जा रहा है। भाजपा के सदस्य इस मामले में मंत्री के जवाब से असंतुष्ट नजर आए, चंदेल ने कहा की बेरोजगारी का मापदंड रोज बदला जा रहा है। इसके साथ ही भाजपा सदस्यों ने जमकर हंगामा किया।


अभियान चलाकर छात्रावासों-आश्रमों का करें निरीक्षण: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों सहित अनुसूचित जाति वर्ग को शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद का गठन किया गया है। इस परिषद द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए राज्य सरकार को परामर्श दिया जाएगा। परिषद के माध्यम से इस वर्ग के लिए संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।

                             

मुख्यमंत्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति सलाहकार परिषद की प्रथम बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। बघेल ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि अभियान चलाकर छात्रावासों का निरीक्षण किया जाए और वहां साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बैठक में सदस्यों द्वारा बहुत अच्छे सुझाव दिए गए हैं। उन्होंने परिषद के सदस्यों द्वारा प्री मैट्रिक छात्रावासों के पोस्ट मैट्रिक छात्रावासों में उन्नयन और सीटों की संख्या में वृद्धि संबंधी आग्रह पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संभागों में अनुसूचित जाति वर्ग की जनसंख्या अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर छात्रावासों के उन्नयन तथा सीटों की संख्या में वृद्धि की जाए। सदस्यों द्वारा स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम तथा हिन्दी माध्यम स्कूलों में छात्रों को आरक्षण का लाभ देने के आग्रह पर उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कक्षा पहली में प्रवेशित छात्रों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

                           

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा जाति प्रमाण पत्रों को बनाने की प्रक्रिया में किए गए सरलीकरण के प्रावधानों के प्रचार-प्रसार के लिए वाल राईटिंग कराने तथा पाम्पलेट छपवाकर वितरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में परिषद के सदस्यों का स्वागत करते हुए उनसे सुझाव भी मांगे। सदस्य ने सुझाव दिया कि कोरोना की आपदा के दौरान लोगों का दाह संस्कार करने वाले समाज के लोगों को सम्मानित किया जाए।

बैठक में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री तथा परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, सहित परिषद के सदस्यगण, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग डी. डी. सिंह, आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी उपस्थित थी।

सलाहकार परिषद की बैठक में सभी सदस्यों द्वारा अनुसूचित जाति के हितों के लिए परिषद का गठन कर इसमें सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि अनुसूचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश में 90 पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, 342 प्री मैट्रिक छात्रावास, 50 आश्रम संचालित किए जा रहे हैं। 

व्ही श्रीनिवास राव बनाए गए PCCF, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश

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रायपुर। वन बल प्रमुख संजय शुक्ला के रिटायरमेंट के बाद 1990 बैच के आईएफएस श्रीनिवास राव नए पीसीसीएफ होंगे। वन विभाग ने उनका आदेश जारी कर दिया है। संजय शुक्ला एक मई को पूर्वान्ह रिटायर होंगे। सरकार ने उनका वीआरएस आज मंजूर कर लिया। छत्तीसगढ़ के ़वन बल प्रमुख संजय शुक्ला का वीआरएस राज्य सरकार ने मंजूर कर लिया है। वे एक मई को पूर्वान्ह सेवानिवृत्त हो जाएंगे। बताते हैं, संजय एक मई को रेरा चेयरमैन का पदभार ग्रहण करेंगे। वन बल प्रमुख पद छोड़ने के बाद वे सीधे रेरा आफिस पहुंच कर कार्यभार संभालेंगे। संजय ने एक मई से वीआरएस स्वीकृत करने का आग्रह किया था। वन विभाग ने उनका वीआरएस एक मई पूर्वान्ह से मंजूर कर लिया है।


जाहिर है, रेरा चेयरमैन अपाइंट होने के बाद संजय शुक्ला ने पिछले हफते स्वेच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए अप्लाई कर दिया था। वैसे भी 31 मई को उनका रिटायरमेंट था। मगर अब वीआरएस स्वीकृत होने के बाद अब रिटायरमेंट से 30 दिन पहले एक मई को पूर्वान्ह रिटायर हो जाएंगे। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी ने संजय शुक्ला को रेरा चेयरमैन के लिए सलेक्ट किया था।


राज्य सरकार ने 41 हजार 465 से ज्यादा युवाओं का बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया

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बालोद जिले में सर्वाधिक 7 हजार 691 आवेदन , दुर्ग जिले में 7 हजार 495 आवेदन हुए पंजीकृत , बेरोजगारी भत्ता के पोर्टल पर अब तक एक लाख 17 सौ से अधिक पंजीयन , 63 हजार 908 लोगों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत करने की अनुशंसा ,कैरियर की राह में आर्थिक कठिनाईयों को हल करने में मददगार होगा बेरोजगारी भत्ता .


रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में 01 अप्रैल 2023 को बेरोजगारी भत्ता योजना का शुभारंभ किया। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने के लिए युवाओं में काफी उत्साह दिख रहा है। योजना के तहत केवल 24 दिनों के भीतर ही 41 हजार 465 से ज्यादा आवेदकों का बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया गया है। योजना के तहत अब तक बेरोजगारी भत्ता के पोर्टल पर एक लाख 17 सौ 74 आवेदन मिले हैं और इनमें से दस्तावेज सत्यापन के बाद 63 हजार 908 लोगों को बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत करने की अनुशंसा भी कर दी गई है।

मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के अनुरूप बेरोजगारी भत्ते की राशि 2,500 रूपए सीधे आवेदकों के बैंक खाते में डीबीटी द्वारा ट्रांसफर की जा रही है। योजना का उद्देश्य प्रदेश के बेरोजगारों को प्रतिमाह 2,500 रूपए का भत्ता देने के साथ-साथ उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है।

उल्लेखनीय है कि बेरोजगारी भत्ता योजना के शुभारंभ के पहले ही दिन 1 अप्रैल को शाम 5 बजे की स्थिति में इस पोर्टल में 4269 पंजीयन प्राप्त हुए थे। युवाओं का कहना है कि राज्य शासन से हर माह मिलने वाली 2500 रूपए की मदद उनके कैरियर बनाने की राह में आने वाली आर्थिक कठिनाईयों को हल करने में काफी मददगार होगी। योजना के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के हाथों बेरोजगारी भत्ता स्वीकृति आदेश पाने वाले हितग्राही अत्यंत प्रसन्न नजर आ रहे थे, उन्होंने 1 अप्रैल को ही बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन किया था और उसी दिन उनका आवेदन स्वीकृत भी हो गया।

पूर्व में संचालित बेरोजगारी भत्ता योजना की तुलना में वर्तमान में लागू योजना कहीं अधिक सफल है। वर्ष 2015 में बंद की गई बेरोजगारी भत्ता योजना में अधिकतम 22 हजार आवेदकों को ही बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया गया था, जबकि नई योजना के अंतर्गत पहले 24 दिनों के भीतर ही 41 हजार 465 से ज्यादा आवेदकों का भत्ता स्वीकृत किया जा चुका है।

इनमें बालोद जिले में सर्वाधिक 7 हजार 691, दुर्ग जिले में 7 हजार 495, रायपुर जिले में 6 हजार 43, बिलासपुर जिले में 5 हजार 977, जांजगीर-चांपा जिले में 5 हजार 556, धमतरी जिले में 5 हजार 511, कबीरधाम जिले में 4 हजार 775, कांकेर जिले में 3 हजार 420, सरगुजा जिले में 2 हजार 519, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में एक हजार 13, रायगढ़ जिले में 2 हजार 55, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में 940, कोरिया जिले में 898, दंतेवाड़ा जिले में 641, नारायणपुर जिले में 403, कोण्डागांव जिले में 2 हजार 51, बीजापुर जिले में 441, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले में एक हजार 403, बस्तर जिले में 2 हजार 71, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 929, मुंगेली जिले में 4 हजार 589, जशपुर जिले में 2 हजार 229, गरियाबंद जिले में 3 हजार 96, बलौदाबाजार जिले में 4 हजार 119, महासमुंद जिले में 4 हजार 482, राजनांदगांव जिले में 4 हजार 303, बेमेतरा जिले में 3 हजार 950, सक्ती जिले में 3 हजार 291, बलरामपुर जिले में एक हजार 596, सुकमा जिले में 582, सूरजपुर जिले में 2 हजार 387, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 2 हजार 871, कोरबा जिले में 2 हजार 446 आवेदन अब तक पंजीकृत हुए हैं।

हर दिन, 24 घंटे खुला है बेरोजगारी भत्ता पोर्टल

बेरोजगारी भत्ता योजना का पोर्टल 01 अप्रैल 2023 प्रातः से आवेदकों के लिए प्रारंभ हो चुका है। आवेदकों द्वारा इस पोर्टल पर पहले दिन से ही बड़ी संख्या में आवेदन किया जा रहा है। आवेदकों का कहना है कि पोर्टल द्वारा आवेदन करना बहुत ही आसान है, जिसमें वे आवश्यक समस्त दस्तावेजों को भी अपलोड कर रहे हैं, इस कार्य में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है।

बेरोजगारी भत्ता योजना के लिए आवेदन करने की कोई अंतिम तिथि निर्धारित नहीं है और ना ही पोर्टल के खुलने या बंद होने का समय तय किया गया है। पोर्टल समस्त दिनों के लिए 24 घंटे खुला है, आवेदक इस पोर्टल पर अपनी सुविधा अनुसार कभी भी आवेदन कर सकते हैं।

बेरोजगारी भत्ता योजना के आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना आवश्यक है। योजना के लिए आवेदन किए जाने वाले वर्ष के 1 अप्रैल को आवेदक की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम हायर सेकेण्डरी यानी 12वीं कक्षा पास हो। साथ ही छत्तीसगढ़ के किसी भी जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में पंजीकृत हो और आवेदन के वर्ष की 1 अप्रैल की स्थिति में हायर सेकेण्डरी या उससे अधिक योग्यता से उसका रोजगार पंजीयन न्यूनतम दो वर्ष पुराना हो। आवेदक की स्वयं का आय का कोई स्रोत न हो और आवेदक के परिवार के सभी स्रोतों से वार्षिक आय 2.50 लाख रूपए से अधिक न हो। पारिवारिक आय हेतु तहसीलदार या उससे उच्च राजस्व अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र बेरोजगारी भत्ता की आवेदन तिथि से 1 वर्ष के अंदर ही बना हो।

Chhattisgarh में बिजली हुई सस्ती, अगले महीने बिजली बिल आयेगा कम

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रायपुर। चुनावी साल में एक बार फिर राज्य सरकार ने बिजली दरों (Electricity Bill ) में कमी करते हुए लोगों को राहत दी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने इस वर्ष लगातार दूसरी बार वेरिएबल कास्ट एडजेस्टमेंट(वीसीए) में कमी की है। अप्रैल-मई महीने के लिए वीसीए की दर 78 पैसे प्रति यूनिट से घटाकर 43 पैसे प्रति यूनिट की गई है। वीसीए दरों में 35 पैसे की कमी की गई है। लगातार दो बार वीसीए चार्ज में कमी की वजह से बिजली बिल (Electricity Bill ) प्रति यूनिट अब 67 पैसे सस्ती हो गई है। इसका असर अगले महीने बिजली दरों में देखने को मिलेगा।


अप्रैल-मई के आगामी बिजली बिल में वीसीए अब 43 पैसे प्रति यूनिट लगेगा। इसके पहले फरवरी-मार्च के लिए वीसीए को 1.10 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 78 पैसे प्रति यूनिट किया गया था। इस वर्ष राज्य विद्युत नियामक आयोग ने जहां विद्युत टैरिफ में किसी तरह की वृद्धि नहीं की है। इससे विद्युत उपभोक्ताओं को पर्याप्त राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने अधिसूचित बहुवर्षीय टैरिफ सिद्धांतों के अनुरूप विनियम-2021 की कंडिका-93 में निहित प्रावधानों के अनुपालन में अप्रैल-मई-2023 के लिए वीसीए चार्ज का निर्धारण किया है।

खरीदी गई बिजली से तय होता है वीसीए चार्ज

वीसीए चार्ज छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा क्रय की गई बिजली की लागत के आधार पर तय होता है। छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा संयंत्र छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी से क्रय की गई बिजली सस्ती दर पर मिली है। इसमें आयोग द्वारा निर्धारित लागत की तुलना में 34.93 करोड़ एवं जल व सौर स्त्रोतों से 10.13 करोड़ रुपए सस्ती बिजली मिली है। एनटीपीसी से विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित दर की तुलना में 288 करोड़ रुपये की राशि अधिक देनी पड़ रही हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक विद्युत उत्पादन के लिए कोयला एवं तेल की आवश्यकता मुख्य रूप से ईंधन के रूप में विद्युत गृहों में होती है। इन दोनों प्रमुख घटकों की कीमत बाजार मूल्य के अनुरूप प्रत्येक दो माह में घटती-बढ़ती रहती है। इससे वीसीए चार्ज का निर्धारण होता है।

 

रिटायर डीएम अवस्थी को छत्तीसगढ़ सरकार ने PHQ में ओएसडी नियुक्ति किया

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रायपुर।  राज्य सरकार ने कल (शनिवार) को रिटायर हुए 1986 बैच के आईपीएस डी एम अवस्थी को संविदा नियुक्ति दे दी है । उन्हें पीएचक्यू में ओएसडी पदस्थ किया गया है । यह पद पिछले माह ही कैबिनेट ने मंजूर किया है। अभी सेवा शर्तें तय नहीं हुई है।


बता दें कि उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले डीएम अवस्थी तीन साल गुजरात में इंजीनिरियंग सर्विस में रहे। 23 साल की उम्र में 1986 में उनका आईपीएस में चयन हुआ। पुलिस एकेडमी हैदराबाद से ट्रेनिंग कंप्लीट होने के बाद सतना से उनका प्रोबेशन प्रारंभ हुआ। एसपी में रूप में उनका पहला जिला छिंदवाड़ा रहा। फिर रायगढ़। रायगढ से वे एआईजी इंटेलिजेंस बनकर भोपाल गए। इस पद पर वे तीन साल रहे। इंटेलिजेंस के बाद उन्हें एसपी उज्जैन बनाया गया।

 छत्तीसगढ़ बनने से पहले सिर्फ एक पोस्टिंग उन्होंने रायगढ़ एसपी के तौर पर की थी। मगर राज्य के बंटवारे के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर मिला तो फिर छत्तीसगढ़ के होकर रह गए। छत्तीसगढ़ में वे रायपुर के एसएसपी, रायपुर आईजी के पद पर रहे। वे चार साल तक इंटेलिजेंस चीफ रहे। रमन सरकार की तीसरी पारी में इंटेलिजेंस से हटने के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन का दायित्व संभाला। दिसंबर 2018 में जब कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने एएन उपध्याय को हटाकर डीएम अवस्थी को डीजीपी बनाया था। इस पद पर वे करीब तीन साल रहे। फिर उन्हें पुलिस प्रशिक्षण का डायरेक्टर बनाया गया। तीन महीने पहले उन्हें ईओडब्लू और एसीबी का डायरेक्टर बनाया गया था।


नशे को लेकर राज्य सरकार का बड़ा कदम : हुक्का बार का संचालन हुआ अवैध घोषित, आदेश तत्काल प्रभाव से किया लागू

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रायपुर। राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में हुक्का बार का संचालन अवैध घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री का प्रदेश के युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने की ओर बड़ा कदम माना जा रहा है। देर रात जारी आदेश में पूरे प्रदेश में अब हुक्का बार संचालन करते पाए जाने पर गैर-जमानतीय अपराध दर्ज किया जाएगा। ये संशोधन अधिनियम पूरे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।


प्रदेश में हुक्का बार की वजह से युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगाते हुये राज्य में एक स्वस्थ वातावरण के निर्माण की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम उठाया गया है। हुक्का बार संचालन की रोकथाम के लिए अधिनियम में संशोधन करते हुए कठोर प्रावधान किए गए हैं। इस संशोधित आदेश में प्रदेश के विभिन्न भोजनालय, होटल, रेस्टॉरेन्ट आदि सहित अन्य जगहों पर संचालित हुक्का बारों में फ्लेवरयुक्त सामग्री के अलावा तम्बाकू एवं अन्य मादक द्रव्यों के उपयोग किये जाने से युवा पीढ़ी सहित आमजन आकर्षित होकर अपने स्वास्थ्य का नुकसान करने की जानकारी प्राप्त हो रही थी। अतः इन हुक्का बारों पर प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक प्रतीत हो रहा था।

प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा इस अवैध गतिविधि पर संज्ञान लेते हुये हुक्का बारों पर कठोर कार्यवाही करने तथा समस्त हुक्का बारों को बंद किये जाने के निर्देश दिये गये थे। मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में पुलिस विभाग द्वारा समस्त हुक्का बारों पर कठोर कार्यवाहियां की गई तथा प्रदेश के समस्त हुक्का बारों को बंद कराया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा निर्देश दिया गया कि उपरोक्त अधिनियम में वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुये आवश्यक संशोधन किया जाए, ताकि युवा पीढ़ी इस प्रकार के नशे की आदि न हो सके। निर्देशों को गंभीरता से लेते हुये भारत सरकार के “सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003’’ में आवश्यक संशोधन का प्रारूप छत्तीसगढ़ शासन द्वारा तैयार किया गया।

अधिनियम के संशोधन प्रस्ताव को छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित किये जाने के पश्चात् सक्षम अनुमति प्राप्त की गई। छत्तीसगढ़ राज्य के विधि और विधायी कार्य विभाग द्वारा 10 फरवरी 2023 को अधिनियम का प्रकाशन छत्तीसगढ़ राजपत्र में किया गया। संशोधन अधिनियम के तहत राज्य में किसी भी प्रकार के हुक्का बार के संचालन को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही किसी भी सामुदायिक हुक्का बार में हुक्का या नरगिल के माध्यम से धुम्रपान को भी निषिद्ध किया गया है। हुक्का बार के संचालन पाये जाने पर हुक्का बार के विषय या साधन के रूप में उपयोग की जाने वाली किसी भी सामग्री या वस्तु को जप्त करने का प्रावधान किया गया है, जो कोई भी व्यक्ति हुक्का बार का संचालन करते पाया जाएगा उसके विरूद्ध गैर-जमानतीय अपराध कायम होगा तथा वह ऐसे कारावास जो कि 03 वर्ष तक का हो सकेगा, किन्तु 01 वर्ष से कम नहीं होगा और जुर्माना, जो कि 50 हजार रुपये तक का हो सकेगा, किन्तु जो 10 हजार रुपये से कम का नहीं होगा, से दण्डनीय होगा।

इसी तरह जो कोई व्यक्ति हुक्का बार में हुक्का के माध्यम से धुम्रपान करते हुये पाया जाता है तो वह ऐसे जुर्माना, जो कि 5 हजार रुपये तक हो सकेगा, किन्तु जो एक हजार रुपये से कम नहीं होगा, से दण्डित किया जाएगा। यह संशोधन अधिनियम तत्काल प्रभाव से प्रभावशील हो गया है। जानकारों के मुताबिक अधिनियम के कठोर प्रावधानों से हुक्का बारों के संचालन एवं हुक्का बारों में सम्मिलित होकर हुक्कापान करने की प्रवृत्ति पर निश्चित रूप से प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा। कृपया इस खबर में हुक्का और पुलिस थानों के के फाइल शॉट्स लगावे।


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