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राज्यपाल से मिले हाई स्कूल के विद्यार्थी, डेका ने जीवन में सफलता के लिए दिया मार्गदर्शन

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर के निजी स्कूल के विद्यार्थियों ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर डेका ने बच्चों को जीवन और कैरियर में सफलता पाने के लिए मार्गदर्शन दिया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। विद्यार्थियों ने राज्यपाल की बातों को पूरे उत्साह से ध्यानपूर्वक सुना।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों से उनके सपनों और हॉबी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुशासन और धैर्य सफलता की कुंजी हैं। यदि किसी परीक्षा में सफलता न मिले तो उसके विकल्प तैयार रखें। विद्यार्थी यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, उसके लिए पूरी लगन के साथ तैयारी करें लेकिन अन्य विकल्पों पर भी ध्यान दें।

डेका ने कहा कि हर विद्यार्थी को अपनी हॉबी विकसित करना चाहिए क्योंकि यह व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं। एक छात्रा ने संगीत से जुड़े अपने हॉबी का जिक्र किया। इस पर राज्यपाल ने कहा कि संगीत जीवन के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें विज्ञान भी निहित है। विद्यार्थियों ने जब राजनीति के बारे में पूछा तो राज्यपाल ने कहा कि अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनौतियों का समाधान करने के लिए सही समय पर सही निर्णय लेना जरूरी है और गुस्से में कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अनुभव, तर्कशक्ति और निर्णय क्षमता को जीवन में सफलता के लिए अहम बताया।

डेका ने कहा कि सतत् विकास सबसे जरूरी विषय है। हमें अपनी पृथ्वी और पर्यावरण को बचाने के लिए काम करना होगा। हमें अपने वातावरण को स्वच्छ रखना होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 45 प्रतिशत वन क्षेत्र है यह बात उन्हें बहुत प्रभावित करती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि वे मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें और टॉपर बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर विद्यार्थियों को उनके द्वारा 5 हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई है। इस अवसर पर रेयान इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य श्रीमती धनेश्वरी शर्मा, मैनेजर एवं अन्य स्टॉफ के साथ विद्यार्थियों को राजभवन का भ्रमण भी कराया गया।


राजभवन के दरबार हॉल का नाम परिवर्तन कर छत्तीसगढ़ मण्डपम किया गया

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रायपुर। राजभवन के दरबार हॉल का नाम परिवर्तन कर ‘छत्तीसगढ़ मण्डपम‘ किया गया है। राज्यपाल रमेन डेका ने आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दरबार हॉल का नाम परिवर्तन कर छत्तीसगढ़ मण्डपम करने की घोषणा की एवं इसका विधिवत अनावरण किया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, खेलकूद एवं युवक कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा सांसद बृजमोहन अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधि मुख्य सचिव अमिताभ जैन, डीजीपी अरूण देव गौतम तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।


विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने रिक्त पदों पर भर्ती की कार्रवाई प्राथमिकता से करें- राज्यपाल रमेन डेका

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रायपुर। राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति रमेन डेका ने आज प्रदेश के सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियोें की बैठक लेकर विश्वविद्यालयों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए रिक्त पदों पर भर्ती की कार्रवाही को प्राथमिकता से करने कहा। उन्होंने सभी कुलपतियों से कहा है कि वे डीन स्टूडेंट वेलफेयर को सक्रिय करें और विद्यार्थियों की शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए समय पर निराकरण सुनिश्चित करें। राज्यपाल ने सोशल मीडिया के इस दौर में छात्रों के तनाव प्रबंधन पर भी विशेष बल दिया है।

राजभवन के कांफ्रेंस हॉल में आज आयोजित बैठक में राज्यपाल डेका ने विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की। डेका ने कहा कि विश्वविद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। विश्वविद्यालयों में स्थाई रजिट्रार नियुक्त हो। आवश्यकतानुसार पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाए जिससे विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी। बैठक में राज्यपाल ने कहा कि जब रिक्त पदों पर समय पर भर्ती होगी और प्रमोशन होंगे तब ही छत्तीसगढ़ के प्रोफेसर को कुलपति बनने का अवसर मिल सकेगा। बैठक में उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से रिक्त पदों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लंबे समय से टीचिंग स्टाफ की भर्ती नहीं होने से शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय नेक ग्रेडिंग प्राप्त करे और गुणवत्ता में सुधार लाए। राज्यपाल ने प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए सभी टीचिंग स्टाफ को वापस बुलाने के निर्देश दिए।

डेका ने कृषि विश्वविद्यालय को निर्देश दिए कि किसानो को पारंपरिक फसल के स्थान पर लाभप्रद फसल के लिए प्रोत्साहित करें। टमाटर के विपणन पर विशेष ध्यान देने कहा ताकि उन्हें खराब होने से बचाया जा सके। खाद्य उत्पादन और आपूर्ति में संतुलन होना चाहिए। उद्यानिकी विश्वविद्यालय को स्व-सहायता समूहों के साथ मिलकर कार्य करने कहा गया। राज्यपाल ने कुलपतियों से कहा कि वर्ष में एक बार एलुमिनाई मीट (पूर्व छात्रों का सम्मेलन) करंे। कुलपतियों से कहा गया है कि वे कॉलेजों का आकस्मिक निरीक्षण करंे और साल में दो बार प्राचार्यों के साथ बैठक करें। विश्वविद्यालयों को रिसर्च एवं डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि कुलपति अपने अधिनष्ठ कॉलेजों के प्राचार्याे को इसकी संपूर्ण जानकारी दें। नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन के लिए सभी कुलपति आपस में बैठक कर अपने सुझाव और अनुभव साझा करें। उन्होंने विश्वविद्यालयों, विशेष कर व्यवसायिक और तकनीकी विश्वविद्यालयों में नवाचार को बढ़ावा देने और युवाओं को स्टार्टअप के लिए प्रोत्साहित करने पर बल दिया।

बैठक के प्रारंभ में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने समीक्षा बैठक के मुख्य बिन्दुओं की जानकारी दी। विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने बारी-बारी से प्रेजेंटेशन दिया। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त डॉ. संतोष देवांगन, राजभवन की उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलपति उपस्थित थे।


राज्यपाल डेका ने नवा रायपुर में निर्माणाधीन राजभवन का निरीक्षण किया

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने आज यहां नवा रायपुर सेक्टर 24 में निर्माणाधीन नए राजभवन में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्य की गति में तेजी लाने एवं राजभवन परिसर को हरियाली युक्त करने के निर्देश दिए।

राज्यपाल डेका ने राजभवन में चल रहे कार्याे की प्रगति की जानकारी ली। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भवन के शेष कार्यों के लिए पुनरिक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हो गई है और निविदा की प्रक्रिया शीघ्र की जाएगी। उन्होंने परिसर में अच्छी प्रजाति के वृक्षों को लगाने के निर्देश दिए। जिससे राजभवन परिसर शीघ्र हरा-भरा हो सके।

 डेका ने स्थानीय मजदूरों से वृक्षारोपण कराने एवं पौधों के सामने उनकी नाम पट्टिका भी लगाने कहा, जिससे पौधे लगाने वालों को प्रोत्साहन मिलेगा और वे अपने गांवों, घरों, आस-पास के क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करने के लिए प्रेरित होंगे। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने निर्माणाधीन राजभवन परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ पर अमलतास का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण एवं लोक निर्माण  विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

हर राज्य की अपनी एक विशिष्ट पहचान है : राज्यपाल रमेन डेका

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 रायपुर : राजभवन में आज कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, जम्मू व कश्मीर और लद्दाख राज्यों का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। राज्यपाल रमेन डेका ने इस अवसर पर कहा कि भारत विभिन्न रंगों के अनेक पुष्पों की एक माला है। हर राज्य की अपनी एक अलग पहचान है। इन राज्यों के लोग अपनी विशिष्ट पहचान के साथ छत्तीसगढ़ में निवास करते हुए व्यवसाय या नौकरी कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक-दूसरे राज्यों का स्थापना दिवस मना रहे हैं। इसी कड़ी में राजभवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली, झारखंड, उत्तराखंड, जम्मू व कश्मीर और लद्दाख राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। राज्यपाल ने स्थापना दिवस के अवसर पर सभी को बधाई दी।

कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि इस कार्यक्रम के पीछे का विचार, विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं के ज्ञान का आदान-प्रदान करना है, जो आपसी समझ और सद्भाव को बढ़ावा देगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। इस परिप्रेक्ष्य में आज का कार्यक्रम एक गौरवपूर्ण क्षण है।

राज्यपाल डेका ने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस, उस राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि इन राज्यों का स्थापना दिवस, केवल उनके विकास की यात्रा का उत्सव नहीं है बल्कि भारत की विविधता और एकता का प्रतीक है।

राज्यपाल डेका ने विभिन्न राज्यों की विशेषताओं को रेखांकित किया। माटी का स्वर्ग, कर्नाटक अपने अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य और संस्कृति के साथ-साथ भाषा और साहित्य में समृद्ध है। यह राज्य कन्नड़ साहित्यकारों और कवियों का घर है, जिन्होंने भारतीय साहित्य को अद्वितीय ऊंचाईयां प्रदान की है। तमिलनाडु राज्य के संबंध में कहा कि यह भारत की द्रविड़ सभ्यता का केंद्र है जो अपनी कला, संस्कृति, भाषा, साहित्य, आध्यात्मिक धरोहर के लिए विख्यात है। इस राज्य ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। दिल्ली के संबंध में कहा कि यह हमारी राजधानी ही नहीं बल्कि देश का दिल भी है। यह वह भूमि है जहां इतिहास ने करवट ली है। यह राज्य सामाजिक समरसता का उत्कृष्ट उदाहरण है। झारखंड के बारे में कहा कि खनिज संपदा से भरपूर झारखंड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के लिए प्रसिद्ध है। यहां के आदिवासियों की अपनी अनूठी परंपराएं, रीति-रिवाज, लोकगीत, संगीत, नृत्य की कलाएं हैं।

राज्यपाल ने देवभूमि उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के बीच समानताओं का उल्लेख किया। दोनों राज्यों का बड़ा हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है और कृषि उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। सतत् विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए दोनों राज्यों में समान चुनौतियां है। जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख राज्यों की प्राकृतिक सुंदरता एवं संास्कृतिक विविधताओं के साथ अन्य विशेषताओं का जिक्र करते हुए कहा कि हम सब को राष्ट्र की अखंडता, समृद्धि के लिए एकजुट होकर काम करना है।
कार्यक्रम में उपस्थित इन राज्यों के बच्चों एवं युवाओं ने अपने राज्य की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। भरत नाट्यम, सरहुल, एवं अन्य लोक नृत्यों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

दिल्ली राज्य के प्रतिनिधि श्री नवनीत अग्रवाल, उत्तराखंड के प्रतिनिधि श्री ओमप्रकाश, झारखंड के प्रतिनिधि डॉ. चिरंजीवी जैन, कर्नाटक की प्रतिनिधि डॉ. शीला श्रीधर, तमिलनाडु के प्रतिनिधि श्री एस.स्वामीनाथन ने राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से सम्मानित किया। राज्यपाल द्वारा भी इनको राजकीय गमछा पहनाकर स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।

कार्यक्रम में पद्मश्री श्रीमती उषा बारले, राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार, संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम, इन सभी राज्यों के छत्तीसगढ़ में निवासरत, बच्चे, युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

 

सांस्कृतिक विविधता हमें समृद्ध और शक्तिशाली बनाती है : राज्यपाल डेका

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 रायपुर : राजभवन में ’’एक भारत श्रेष्ठ भारत’’ कार्यक्रम के तहत आज छत्तीसगढ़ सहित 05 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता हमें समृद्ध और शक्तिशाली बनाती है।


राजभवन में राज्यपाल डेका के मुख्य आतिथ्य में भारत के राज्यों क्रमशः छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू की गई केन्द्र सरकार के “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक-दूसरे राज्यों का स्थापना दिवस मना रहे हैं। इसी कड़ी में राजभवन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले इन राज्यों के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम में राज्यपाल डेका ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत‘ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। यह कार्यक्रम हमारे देश के विभिन्न राज्यों में बसे निवासियों को एक सूत्र में पिरोने का अद्भुत प्रयास है, जिससे भारत की एकता और अखंडता और अधिक मजबूत होगी।

डेका ने कहा कि हर राज्य का स्थापना दिवस उस राज्य के इतिहास में और विकास की यात्रा का महत्वपूर्ण दिन होता है। राज्य की समृद्धि और विकास का गवाह यह दिन, हमें अपने राज्य की स्थापना के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का रास्ता दिखाता है।

डेका ने सभी राज्यों की विशिष्टताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक वातावरण और भौगलिक स्थिति अदभुत है। यहां पर्यटन की बहुत संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि असम और छत्तीसगढ़ राज्य के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया जायेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ के चावल की भी प्रशंसा की। आजादी की लड़ाई में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए, वहां के वीर सेनानियों को याद किया। पंजाब राज्य के लोगों की दान शीलता का जिक्र किया। पंजाब का इतिहास बलिदानों से भरा हुआ जिस पर हर देशवासी को गर्व है। पंजाब और हरियाणा राज्य ने हरित क्रांति के माध्यम से देश को एक नई ऊर्जा दी।

 डेका ने कहा कि इन सभी राज्यों ने भारत के विकास में अपना अभूतपूर्व योगदान दिया है। चाहे वह कृषि का क्षेत्र हो, उद्योग, कला खेलकूद, शिक्षा या पर्यटन का क्षेत्र हो, सभी क्षेत्रों में, इन राज्यों का योगदान सराहनीय है। हम सब को मिलकर अपने राज्यों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है बल्कि सांस्कृतिक समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे का भी ध्यान रखना है।

कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने सभी राज्यों की संस्कृति एवं लोक परंपरा आधारित संास्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ का लोक-नृत्य सुआ, सरहुल नृत्य, गेड़ी नृत्य, नाचा, पंजाब का भांगडा, गिद्धा, हरियाणा का घूमर तथा मध्यप्रदेश की जनजातियों के राई नृत्य ने अतिथियों का मन मोह लिया।

विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने भी राज्यपाल को अपने राज्य की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पंजाब के प्रतिनिधियों ने  डेका को सरोपा भेंट किया।

छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के रूप में पद्मश्री अनुज शर्मा, मध्यप्रदेश के  आकाश दीप गुप्ता, पंजाब के प्रतिनिधि  दलजीत चावला, हरियाणा के प्रतिनिधि  अमित अग्रवाल को राज्यपाल ने सम्मानित किया।

कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव  यशंवत कुमार, विधिक सलाहकार  भीष्म प्रसाद पाण्डेय, संयुक्त सचिव हिना अनिमेष नेताम एवं इन सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के छत्तीसगढ़ में निवासरत, युवा, महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

राज्यपाल डेका को सोल्जराथान कार्यक्रम हेतु आमंत्रण दिया सैन्य अधिकारियों ने

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 रायपुर, : राज्यपाल रमेन डेका से आज यहां राजभवन में कोसा मुख्यालय छत्तीसगढ़ एवं ओड़ीसा सब एरिया (कोसा) मुख्यालय नया रायपुर के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों कर्नल सुमीत शर्मा एवं कर्नल शैलेन्द्र पटनायक ने सौजन्य भेंट की । उन्होंने विजय दिवस के अवसर पर सेंट्रल पार्क नया रायपुर में आयोजित होने वाले सोल्जराथान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल को आमंत्रित किया।


यह दौड़ कार्यक्रम सन 1971 में भारत की पाकिस्तान पर विजय की स्मृति में मनाए जाने वाले विजय दिवस के अवसर पर आयोजित की जा रही है, जिसमें सेना के योद्धाओं के साथ-साथ आम नागरिक भी भाग लेंगे।

स्टार्टअप्स से ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिले - रमेन डेका

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय दुर्ग अंतर्गत गठित ग्रामीण प्रौद्योगिक और उद्यमिता फाउंडेशन के तहत किये जा रहे स्टार्टअप्स का प्रस्तुतीकरण देखा। उन्होंने सभी स्टार्टअप्स की सराहना करते हुए इसे आम व्यक्ति के लिए सरल व सुलभ बनाने पर बल दिया।

राज्यपाल डेका ने सभी उद्यमियों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न योजनाओं को प्रोत्साहित किया और कहा कि स्टार्टअप्स के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को  रोजगार से जोड़ सके ऐसी योजनाएं बनाई जाये। इस संबंध में उन्होंने उद्यमियाें का मार्गदर्शन किया और उपयोगी सुझाव दिये।

राजभवन के कांफ्रेंस हॉल में आज उद्यमियों ने 6 स्टार्टअप्स योजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया। सुश्री विनिता पटेल ने ग्रामीण महिलाओं विशेषकर आदिवासी समुदाय की महिलाओं को ध्यान में रखते हुए पुनः उपयोग में आ सकने वाले सेनेटरी पैड निर्माण की योजना बताई। करण चंद्राकर ने केले पौधे के अपशिष्ट से कपड़ा, कप-प्लेट, ईट आदि उत्पादन की योजना बताई। राहुल बघेल ने सौर ऊर्जा के उपयोग से आत्मनिर्भर गांव एवं विभिन्न कुटीर उद्योग पर प्रस्तुतीकरण दिया। उद्यमी रविन्द्रकुमार धुरंधर ने कुपोषण से पीड़ित लोगाें के लिए इंस्टेट फूड उत्पाद की योजना पर अपना प्रस्तुतीकरण दिया।

अंकेश बंजारे ने आदिवासी कलाकारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म और वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने की योजना बताई तथा पुरूषोतम, अजय कुमार, सिद्धार्थ सिंह ने उच्च क्षमता वाले ड्रोन के माध्यम से कृषि फसलो की निगरानी की योजना के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष सहकार भारती (छ.ग.) डॉ. लक्ष्मीकांत द्विवेदी  ग्रामीण प्रौद्योगिकी और उद्यमिता फाउंडेशन के संचालक डॉ. आर. एन. पटेल, सीईओ अग्रांशु द्विवेदी तथा उद्यमी उपस्थित थे। 

रमेन डेका ने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद की ली शपथ

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रायपुर रमेन डेका ने आज राजभवन के दरबार हॉल में आयोजित गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल के रूप में अपने पद की शपथ ली। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने उन्हें शपथ दिलाई। राज्यपाल डेका ने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी उपस्थित रहीं। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने राज्यपाल डेका को पुष्पगुच्छ भेंटकर उनका अभिवादन किया और शुभकामनाएं दी।

समारोह में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने रमेन डेका को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त करने के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा जारी वारंट ऑफ अपॉइंटमेंट पढ़ा। शपथ ग्रहण समारोह का शुभारंभ और समापन सेरेमोनियल पुलिस बैंड द्वारा बजाए गए राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर राज्य गीत की धुन भी बजाई गई। शपथ ग्रहण के उपरांत राज्यपाल रमेन डेका को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव, वित्तमंत्री ओ.पी. चौधरी, वन एवं जलवायु परिवर्तन केदार कश्यप, वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री दयाल दास बघेल, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व, खेलकूद एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री भूूपेश बघेल, सहित अन्य विधायकगण उपस्थित थे।

समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के आयुक्त एन.के. शुक्ला, आलोक चंद्रवशी, छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, नारायण चंदेल, गौारीशंकर अग्रवाल, पूर्व मंत्री, सांसद, विधायकगण सहित जनप्रतिनिधि, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा,  अपर मुख्य सचिव श्रीमती रेणु पिल्ले, सुब्रत साहू, मनोज पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव यशवंत कुमार, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल व्ही.पी.वर्मा, राज्यपाल के विधिक सलाहकार भीष्प प्रताप पाण्डेय सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यपाल के परिजन, विश्वविद्यालयों के कुलपति, मीडिया कर्मी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राज्यपाल रमेन डेका का जीवन परिचय इस प्रकार है-

छत्तीसगढ़ के 10 वें राज्यपाल रमेन डेका का जन्म 1 मार्च 1954 को असम के सुआलकुची, कामरूप (असम) में हुआ। उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुरेंद्र नाथ डेका और माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती चंपाबती डेका है। उनके परिवार में धर्म पत्नी श्रीमती रानी डेका काकोटी एवं दो बच्चे हैं। उन्होंने बीए की डिग्री दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र विषय में प्राग्ज्योतिष कॉलेज, गुवाहाटी विश्वविद्यालय असम से प्राप्त की।

रमेन डेका एक वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं। वे सन् 1977 से राजनीति में सक्रिय हैं। वे वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य थे। रमेन डेका वर्ष 2006 में असम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। डेका 2021 अगस्त माह से असम राज्य के नवाचार एवं रूपान्तरण आयोग के (कैबिनेट मंत्री का दर्जा) के उपाध्यक्ष पद पर 29 जुलाई 2024 तक रहे है।

वे दो बार सांसद रहे। पहली बार वर्ष 2009 में 15 वी लोकसभा के लिए असम के मंगलदोई सीट से सांसद चुने गये थे। इस दौरान वे गृह मामलों की स्थायी समिति के सदस्य, लोक लेखा के सदस्य, भारत भूटान संसदीय मैत्री समूह सदस्य, अधीनस्थ विधान समिति सदस्य, सदन की बैठकों से सदस्यों की अनुपस्थिति पर समिति सदस्य रहे। उसके बाद वर्ष 2014 में वे 16 वीं लोकसभा के लिए दुबारा सांसद निर्वाचित हुए। दूसरे कार्यकाल में वे डेका लोकसभा में अध्यक्षों के पैनल के सदस्य भी रहे।

इस दौरान सदस्य अनुमान समिति, सदस्य सलाहकार समिति, सदस्य विदेश मंत्रालय और प्रवासी भारतीय मामले, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना‘‘ के तहत केंद्रीय सलाहकार समिति सदस्य, भारत-चीन संसदीय मैत्री समूह सदस्य, चाय बोर्ड के सदस्य का दायित्व निर्वहन किया। दूसरे कार्यकाल में ही सदस्य गृह मामलों की स्थायी समिति, सदस्य सामान्य प्रयोजन समिति, सदस्य उप समिति द्वितीय अनुमान समिति, सदस्य विदेश मामलों की स्थायी समिति रहेे और 2021 से अभी तक नवाचार रूपान्तरण आयोग असम के उपाध्यक्ष रहे। डेका ने 31 जुलाई 2024 को छत्तीसगढ़ के राज्यपाल पद की शपथ ली।

हमें अपने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करना चाहिए - हरिचंदन

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रायपुर। राजभवन में आज राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन के मुख्य आतिथ्य में उत्तर प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश दादर एवं नगर हवेली तथा दमन दीव का स्थापना दिवस रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने इस अवसर पर कहा कि हमें अपने देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का सम्मान करना चाहिए और इस पर गर्व करना चाहिए।

केन्द्र सरकार के एक भारत-श्रेष्ठ भारतकार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में राजभवन में उत्तर प्रदेश, मेघालय, में मणिपुर, त्रिपुरा राज्यों और केंद्र शासित दादर एवं नगर हवेली तथा दमन दीव का स्थापना दिवस हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। राज्यपाल ने स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के लोगों को बधाई दी।

राज्यपाल हरिचंदन ने अपने उद्बोधन में कहा कि विभिन्न राज्यों की भाषा, संस्कृति, परंपराओं और प्रथाओं का ज्ञान साझा करने से आपसी समझ और जुड़ाव बढ़ेगा, जिससे भारत की एकता और अखंडता मजबूत होगी। हमारी सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय इतिहास और खान-पान की परंपराए ही हमारी पहचान, स्वाभिमान और समृद्धि का आधार हैं। स्थापना दिवस न केवल हमें किसी राज्य की प्रगति की यात्रा की याद दिलाता है, बल्कि हमारे भविष्य की राह तैयार करने का अवसर भी प्रदान करता है।

राज्यपाल ने इन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशो के इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और महत्वपूर्ण विशेषताओं को रेखांकित किया। हमारा देश ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम‘‘ की अवधारणा पर आगे बढ़ रहा है। देश में रामराज्य प्रतिष्ठित करना है। सबको एक करके, सबके सुख शांति के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने समन्वित रूप से प्रयास किया। भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विश्व के राजनीतिक पटल पर एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। हमारी संस्कृति, परंपरा, इतिहास को स्मरण करके भारत को सारी दुनिया में श्रेष्ठ देश के रूप में प्रतिस्थापित करने का कार्य उन्होंने किया है।

राज्यपाल ने युवा पीढ़ी से आव्हान किया कि पूरे जोश के साथ वंचित और कमजोर लोगों के लिए काम करना चाहिए और पूरे समर्पण, निष्ठा और ईमानदारी के साथ देश की सेवा करनी चाहिए।कार्यक्रम को उत्तप्रदेश के प्रतिनिधि के रूप में पं. रविशंकर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला और मेघालय के प्रतिनिधि के रूप में ऑफ्ट विश्वविद्यालय के डीन संतोष स्वर्णकार, मणिपुर के प्रतिनिधि के रूप में डेनियल एल, डिप्टी कमांडेंट सीआरपीएफ और त्रिपुरा के प्रतिनिधि के रूप में बी. पी. जमालिया असिस्टेंट कमांडेट सीआरपीएफ ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर उत्तप्रदेश के कत्थक नृत्य सहित चारो राज्यों एवं दोनो केंद्र शासित प्रदेशों के लोकनृत्यों की रंगारंग प्रस्तुति विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने की। सीआरपीएफ के जवानों के लोकनृत्य ने अतिथियों को भाव विभोर कर दिया। इन राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राजकीय गमछा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने भी राज्यपाल को शाल पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव अमृत खलखो, विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, संबंधित राज्यों के प्रतिनिधि, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

रामलला मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर राजभवन में भव्य सजावट

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रायपुर। अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के अवसर पर आज राजभवन में भव्य सजावट की गई। पूरे परिसर को आकर्षक रंगोलियों से सजाया गया,

रोशनी की गई और 2100 दिये जलाकर दीपोत्सव मनाया गया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि भगवान राम का आर्शीवाद हम सब के जीवन में खुशी, समृद्धि और शांति लाए।

 

साय कैबिनेट के 9 मंत्री आज लेंगे शपथ, देखें सूची…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आज साय कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया है। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में 9 मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। मंत्रिमंडल में बृजमोहन अग्रवाल, रामविचार नेताम, केदार कश्यप, दयालदास बघेल, लखन देवांगन, श्याम बिहारी जयसवाल, ओपी चौधरी, टंकराम वर्मा और लक्ष्मी रजवाड़े शपथ लेंगे।


शपथ लेने वाले 9 मंत्रियों में एक सामान्य, एक एससी, 5 ओबीसी, 2 एसटी वर्ग से हैं। वहीं सरगुजा संभाग से 3 मंत्री, रायपुर संभाग से 2, बिलासपुर संभाग से 2, बस्तर और दुर्ग संभाग से एक-एक मंत्री बनाए गए हैं।

ये विधायक पहले भी रह चुके हैं मंत्री

शुक्रवार को शपथ लेने वाले नए मंत्रियों में अग्रवाल, नेताम, कश्यप और बघेल ने पिछली भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) सरकारों में मंत्री के रूप में कार्य किया है। वहीं भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी से नेता बने चौधरी, वर्मा और राजवाड़े पहली बार के विधायक हैं तथा जायसवाल एव देवांगन दूसरी बार के विधायक हैं। मुख्यमंत्री साय केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर चुके हैं तथा उप मुख्यमंत्री साव और शर्मा पहली बार के विधायक हैं। साव बिलासपुर से लोकसभा सदस्य रह चुके हैं।


राज्यपाल हरिचंदन ने रामविचार नेताम को प्रोटेम स्पीकर की शपथ दिलायी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने आज यहां राजभवन के दरबार हाल में सादगी पूर्ण समारोह में विधानसभा के निर्वाचित सदस्य रामविचार नेताम को  विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) की शपथ दिलायी। नेताम ने छत्तीसगढ़ी में शपथ ली। उन्होंने विधि द्वारा स्थापित भारत के संविधान के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखने, भारत की प्रभुता और अखण्डता को अक्षुण्ण रखने की शपथ ली।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री द्वय भूपेश बघेल, डॉ. रमन सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, पुन्नुलाल मोहिले, अजय चंद्राकर, दयालदास बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक, नवनिर्वाचित विधायक, जनप्रतिनिधिगण एवं मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वय श्रीमती रेणु जी पिल्ले, सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, उप सचिव दीपक अग्रवाल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकरीगण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन छत्तीसगढ़ विधानसभा के सचिव दिनेश शर्मा ने किया।

राज्यपाल हरिचंदन ने विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री नियुक्त कर केबिनेट गठन के लिए किया आमंत्रित

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन को आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव ने वर्ष 2023 की छत्तीसगढ़ राज्य नव गठित विधानसभा के अपने नव निर्वाचित विधायकों की सर्वसम्मति से, प्रदेश विधायक दल का नेता विष्णुदेव साय को चयनित किये जाने संबंधित पत्र सौंपा और नई सरकार बनाने के लिए अपना दावा प्रस्तुत किया।

राज्यपाल हरिचंदन ने विष्णुदेव साय को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत के संविधान की धारा 164 के तहत विष्णुदेव साय को मुख्यमंत्री नियुक्त करने संबंधित पत्र प्रदान किया और केबिनेट गठन के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, सर्वानंद सोनोवाल, मनसुख मांडविया, ओम माथुर सहित नवनिर्वाचित विधायक, पदाधिकारीगण एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।

पीएम नरेंद्र मोदी 11 दिसंबर को विकसित भारत @ 2047 आइडियास पोर्टल का शुभारंभ करेंगे

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रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 दिसंबर को विकसित भारत @ 2047 आइडियास ;प्कमंेद्ध पोर्टल का शुभारंभ करेंगे और वर्चुअल संबोधन देंगे। इस कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण राजभवन में आयोजित किया गया है। प्रधानमंत्री के संबोधन के पश्चात राजभवन में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन की अध्यक्षता में एक कार्यशाला आयोजित की जाएगी जिसमें राज्य के सभी शासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण उपस्थित रहेंगे।

इस संबंध में आज नीति आयोग नई दिल्ली द्वारा वीडियो कॉफ्रेंसिंग आयोजित कर कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में राज्यपाल के सचिव अमृत खलखो, उप सचिव दीपक अग्रवाल उपस्थित थे। 11 दिसंबर को होने वाली कार्यशाला में विकसित भारत, सशक्त भारतीय, सम्पन्न और टिकाऊ अर्थव्यवस्था, सुशासन एवं सुरक्षा, विश्व में भारत आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व : हरिचंदन

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रायपुर। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित समारोह में कहा कि हमारे वीर सशस्त्र बलों ने निस्वार्थ और उल्लेखनीय बहादुरी के साथ हमारे महान राष्ट्र की सेवा की है। झण्डा दिवस उनके और उनके परिवार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है।

कार्यक्रम में राज्यपाल ने वीर नारियों एवं माताओं, वीरता अलंकरण विजेताओं, शहीद सैनिकों के परिजनों और झण्डा दिवस के अवसर पर विशेष योगदान देने वाले दानदाताओं का सम्मान भी किया। राज्यपाल हरिचंदन ने अपने उद्बोधन के दौरान इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि झण्डा दिवस निधि से लगभग 27 महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है जिससे हम अपने भूतपूर्व सैनिकों की उचित तरीके से देखभाल करने में सक्षम होंगे। उन्होंने इस बात पर भी खुशी व्यक्त की कि राज्य सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के लिए ग्रुप सी के पदों में 10 प्रतिशत और गु्रप डी में 20 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है इससे इन पूर्व सैनिकों को विभिन्न नौकरियों के रिक्त पदों में उचित लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम में राज्यपाल हरिचंदन ने सैनिक कल्याण वेबसाईट ‘‘फ्लेम‘‘ का शुभारंभ करते हुए कहा कि इस नये एप्लीकेशन में हमारे भूतपूर्व सैनिकों के लिए सभी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध हैं। यह एप्लीकेशन कल्याणकारी योजनाओं के पंजीकरण और कार्यान्वयन की प्रक्रिया को बहुत सरल, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाएगा। उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों से आग्रह किया कि वे नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करें और खुद को लगातार अपग्रेड करते रहें। श्री हरिचंदन ने भूतपूर्व सैनिकों एवं शहीदों के परिजनों को आश्वस्त किया कि सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी हैं।

राज्यपाल ने झण्डा दिवस के अवसर पर 2 लाख रूपए की सहयोग राशि राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड को प्रदान की। समारोह की शुरूआत में शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित की गई और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। सशस्त्र सेना झण्डा दिवस का प्रतीक बैज लगाकर हरिचंदन को सम्मानित किया गया।

जिला सैनिक अधिकारी कैप्टन अनुराग तिवारी ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मु के संदेश का वाचन किया। समारोह में झण्डा दिवस निधि संग्रहण के उत्कृष्ट प्रयासों के लिए राज्यपाल ने रायपुर और दुर्ग के जिला कलेक्टरों और जिला सैनिक कल्याण अधिकारियों को राज्यपाल ट्रॉफी प्रदान कर  सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के ब्रोशर संक्षेपिका-2023 का भी विमोचन किया गया। एन.सी.सी. कैडेटों ने ओजपूर्ण देश भक्ति गीत प्रस्तुत किये।

कार्यक्रम में गृह विभाग छत्तीसगढ़ शासन के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो, गृह विभाग के सचिव अरूणदेव गौतम, सचिव गृह विभाग बसव राजू, राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड छत्तीसगढ़ के संचालक ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी तथा भूतपूर्व सैनिक एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

राजभवन में मनाया गया असम एवं नागालैंड राज्यों का स्थापना दिवस

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रायपुर। राजभवन में आज असम और नागालैंड राज्यों का स्थापना दिवस रंगारंग संस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने इस अवसर पर कहा कि हमारे देश के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग संस्कृति एवं परंपराए है। इनमे विविधता होते भी हम एक हैं और दुनिया को ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्‘‘ का संदेश दे रहे है।

केन्द्र सरकार के एक भारत-श्रेष्ठ भारत  कार्यक्रम के तहत विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देने के लिए सभी राज्य एक दूसरे का स्थापना दिवस मनाते है। इसी कड़ी में राजभवन में असम एवं नागालैंड राज्यों का स्थापना दिवस मनाया गया। राज्यपाल ने स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के लोगों को बधाई दी।

राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि इन दो अद्भुत राज्यों के स्थापना दिवस के अवसर पर, हमारे लिए उनके समृद्ध इतिहास, अद्भुत संस्कृति और उनकी आशाओं और सपनों के बारे में अधिक जानना महत्वपूर्ण है। उन्होंने असम और नागालैंड राज्य की विशेषताओं को रेखांकित किया। असम अपने विविध वन्य जीव और सुंदर ब्रहापुत्र नदी, विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ कामाख्या देवी मंदिर, कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान आदि के लिए जाना जाता है। यह राज्य विविध संस्कृतियों का मिलन स्थल है। इसकी एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी है जिसमें संगीत, नृत्य, कला और साहित्य शामिल हैं। यहां के  चाय की स्फूर्तिदायक खुशबू पूरी दुनिया में फैली है।

हरिचंदन ने कहा कि खूबसूरत पहाड़ों के बीच बसे नागालैंड को पूर्व का स्विट्जरलैंड कहा जाता है। जीवंत रंगों और बहादुरी की कहानियों से भरे इस राज्य में जीवन का जश्न मनाने का मन करता है। नागालैंड कई जनजातियों का राज्य है, जिनमें से प्रत्येक की अपनी अनूठी संस्कृति और परंपराएं हैं। नागा लोगों की ताकत और दृढ़ संकल्प उनकी एकता और सरलता में देखी जा सकती है।

हरिचंदन ने आगे कहा कि असम और नागालैंड अलग-अलग संस्कृति और अतीत वाले दो राज्य हैं। लेकिन दोनों राज्यों के निवासी प्रगति और विकास की समान रूप से आकांक्षा रखते है। इस स्थापना दिवस का जश्न हमारे राष्ट्र के प्रति उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान को याद करने का भी एक अवसर है।

कार्यक्रम में असम राज्य के प्रतिनिधि के रूप में रफिकुल मंडल और नागालैंड की प्रतिनिधि श्रीमती रंजना दास ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर असम के बिहु नृत्य सहित दोनों राज्यों के लोकनृत्यों की रंगारंग प्रस्तुति विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने की। सीआरपीएफ के असमिया जवानों ने बिहु नृत्य कर सभी अतिथियों को भाव विभोर कर दिया। दोनों राज्य के प्रतिनिधियों को राज्यपाल ने राज गमछा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने भी राज्यपाल को शाल पहनाकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन राजभवन के उप सचिव दीपक अग्रवाल ने दिया। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव अमृत खलखो, दोनों राज्यों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

 

राजभवन में आयोजित होगा मेरी माटी मेरा देश - अमृत कलश यात्रा

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रायपुर। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत सभी ग्राम पंचायतों से भारत के शहीदों के सम्मान में घर-घर जाकर कलश में मिट्टी एकत्रित की गई। प्रदेश के 33 जिलों के 146 विकासखंडों के अंतर्गत हर गांव से संग्रहित मिट्टी, राजभवन लायी जायेगी। इस अवसर पर राजभवन में 27 अक्टूबर 2023 को राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मनाते हुए अमृत कलशों को राजधानी नई दिल्ली के कर्त्तव्य पथ पर पहुंचाया जायेगा। जहां विभिन्न राज्यों से लाई गई मिट्टी से शहीदों के सम्मान में अमृत वाटिका का निर्माण किया जाएगा।

सी.आर.पी.एफ. एवं नेहरू युवा केंद्र के समन्वय से मेरी माटी मेरा देश - अमृत कलश यात्रा का राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सी.आर.पी.एफ. के अधिकारियों ने आज राजभवन में राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन से भेंट कर उन्हें कार्यक्रम हेतु आमंत्रित किया। राज्यपाल ने भव्यतापूर्ण कार्यक्रम करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर सी.आर.पी.एफ. सेक्टर मुख्यालय रायपुर के डी.आई.जी. एन.के.सिंह, 65वीं बटालियन के कमाण्डेंट वी. के. सिंह, असिस्टेंट कमाण्डेंट सी.आर.पी.एफ. राजकुमार चितला, नेहरू युवा केंद्र रायपुर के जिला समन्वयक अर्पित तिवारी उपस्थित थे। 

 


शिक्षक दिवस पर 48 शिक्षकों का राजभवन में शिक्षकों का हुआ सम्मान

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 रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के दरबार हाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 52 शिक्षकों को सम्मानित किया गया. इनमें से 48 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया.


शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के मुख्य आतिथ्य में राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था. समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया. इस दौरान अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे और विशिष्ट अतिथि के तौर पर संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव मौजूद थे.

समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 48 शिक्षिकों में से प्रत्येक को 21-21 हजार रुपए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया. इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50-50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र दिया गया.

सीएम भूपेश बघेल ने सभी बधाई देते हुए कहा कि डॉ. राधाकृष्ण के जन्मदिन को शिक्षक दिवस के मनाया जाता है. आज राष्ट्रनिर्माण समाज निर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका है. आज चंद्रमा अभियान सफल रहा है, इसके पीछे भी गुरुओं का महत्वपूर्ण योगदान है. आज आपके सामने खड़े हैं, उसके पीछे भी गुरुओं का बड़ा योगदान है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगे बढ़ने के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है. वातावरण तैयार करना है, जो हमने किया स्कूलों के हमने राशि की कमी नहीं होने दी. विभागीय अधिकारी जब जितना माँगे दिया गया. अच्छे वातावरण के लिए जो आवश्यक है, पहले शिक्षकों की भर्ती हो, दूसरा स्कूल के वातावरण सुंदर हो. दोनों कामों को प्राथमिकता से किया गया है.

भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना कॉल में प्रदेश में किए गए नवाचार की पूरे देश में चर्चा हुई, तारीफ़ की गई. हमारे यहां दसवीं के स्तर से ITI की पढ़ाई शुरू की गई तो इसको पूरे देश भर में सराहा गया. अधिकारी भी राष्ट्रीय स्तर से पहुंचे. देश के स्तर पर लागू करने की योजना बना रही. बच्चे हमारे देश के भविष्य हैं.

राज्य स्मृति पुरस्कार

शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के 4 महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर 4 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा गया. इनमें रायपुर जिले की प्रधान पाठक ममता अहार को ’डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार’, कोण्डागांव जिले की प्रधान अध्यापक मधु तिवारी को ’डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार’, रायगढ़ जिले की व्याख्याता रश्मि वर्मा को ’डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार’ और खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले की शिक्षक एलबी इन्दिरा चन्द्रवंशी को ’श्री गजानन्द माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार’ दिया गया है.

राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022

राज्य शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2022 से सम्मानित होने वाले 48 शिक्षकों में से कांकेर जिले के शिक्षक एलबी कृष्णपाल राणा और शिक्षक एलबी रूखमणी साहू, नारायणपुर जिले के सहायक शिक्षक एलबी देवेन्द्र कुमार देवांगन और प्रधान पाठक ब्रजेश्वरी रावटे, जगदलपुर जिले के शिक्षक महेश कुमार सेठिया और व्याख्याता रमेश कुमार उपाध्याय, दंतेवाड़ा जिले के सहायक शिक्षक एलबी खेमलाल सिन्हा और उच्च श्रेणी शिक्षक उषा भूआर्य, बालोद जिले के सहायक शिक्षक एलबी श्रवण कुमार यादव और सहायक शिक्षक एलबी पुष्पलता साहू, राजनांदगांव जिले के सहायक शिक्षक एलबी तुलेश्वर कुमार सेन और शिक्षक एलबी पारूल चतुर्वेदी, दुर्ग जिले के प्रधान पाठक यशवंत कुमार पटेल और शिक्षक एलबी के. शारदा, कबीरधाम जिले की शिक्षक यक्ष चंद्राकर और प्रधान पाठक शिव कुमार बंजारे, बेमेतरा जिले की शिक्षक एलबी ज्योति बनाफर और व्याख्याता एलबी सुषमा शुक्ला शर्मा, महासमुंद जिले के व्याख्याता एलबी अनिल कुमार प्रधान और सहायक शिक्षक एलबी डोलामणी साहू, गरियाबंद जिले के सहायक शिक्षक एलबी संतोष कुमार तारक और सहायक शिक्षक एलबी लताबेला मोंगेंरे के नाम शामिल है.

इसी प्रकार वर्ष 2022 राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए रायपुर जिले के सहायक शिक्षक एलबी उत्तम कुमार देवांगन और सहायक शिक्षक एलबी डॉ. गोपा शर्मा, धमतरी जिले के व्याख्याता एलबी राजूराम साहू और सहायक शिक्षक एलबी दीनबुधु सिन्हा, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सहायक शिक्षक एलबी विनोद कुमार डड़सेना और प्रधान पाठक आशा साहू, जांजगीर चांपा जिले के सहायक शिक्षक एलबी राजेश कुमार सूर्यवंशी और व्याख्याता एलबी अनुराग तिवारी, रायगढ़ जिले के व्याख्याता एलबी भोजराम पटेल और सहायक शिक्षक एलबी संतोष कुमार पटेल, बिलासपुर जिले के व्याख्याता एलबी सुशील कुमार पटेल और सहायक शिक्षक एलबी रामधन पटेल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की सहायक शिक्षक एलबी अदिति शर्मा और सहायक शिक्षक एलबी भीष्म प्रसाद त्रिपाठी, कोरबा जिले के सहायक शिक्षक एलबी गोकुल प्रसाद मार्बल और शिक्षक मुकुन्द केशव उपाध्याय, जिला सक्ती के सहायक शिक्षक एलबी पुष्पेन्द्र कुमार कौशिक और सहायक शिक्षक एलबी मीरा देवांगन, कोरिया जिले के सहायक शिक्षक एलबी रूद्र प्रताप सिंह राणा और व्याख्याता प्रभारी प्राचार्य डॉ. विनोद पाण्डेय, सूरजपुर जिले की व्याख्याता निशा सिंह और सहायक शिक्षक एलबी दिनेश कुमार साहू, सरगुजा जिले की व्याख्याता अनामिका चक्रवर्ती और व्याख्याता एलबी अंचल कुमार सिन्हा, बलरामपुर जिले के व्याख्याता प्रभारी प्राचार्य बाबूलाल लहरे और सहायक शिक्षक एलबी रमेश कुमार साकेत का नाम शामिल है.

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह : प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर 4 शिक्षकों को स्मृति पुरस्कार

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रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन के मुख्य आतिथ्य में 05 सितंबर 2023 को प्रातः 10 बजे से राजभवन के दरबार हॉल में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है। इस समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे और अति विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री रविन्द्र चौबे और विशिष्ट अतिथि संसदीय सचिव द्वारिकाधीश यादव होंगे।

शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में 52 शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इनमें से 48 शिक्षक राज्य शिक्षक सम्मान और 4 शिक्षकों को प्रदेश के महान साहित्यकारों के नाम पर स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 48 शिक्षिकों में से प्रत्येक को 21-21 हजार रूपाए की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा प्रदेश के महान विभूतियों की स्मृति में दिए जाने वाले पुरस्कार से सम्मानित होने वाले प्रत्येक शिक्षक को 50-50 हजार रूपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

राज्य स्मृति पुरस्कार

शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के 04 महान साहित्यिक विभूतियों के नाम पर 04 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से नवाजा जाएगा। इनमें रायपुर जिले की प्रधान पाठक सुश्री ममता अहार को ’’डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार’’, कोण्डागांव जिले की प्रधान अध्यापक श्रीमती मधु तिवारी को ’’डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार’’, रायगढ़ जिले की व्याख्याता श्रीमती रश्मि वर्मा को ’’डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार’’ और खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले की शिक्षक एलबी श्रीमती इन्दिरा चन्द्रवंशी को ’’ गजानन्द माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार’’ प्रदान किया जाएगा।

राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022

राज्य शिक्षक पुरस्कार वर्ष 2022 से सम्मानित होने वाले 48 शिक्षकों में से कांकेर जिले के शिक्षक एल.बी. कृष्णपाल राणा और शिक्षक एल.बी. श्रीमती रूखमणी साहू, नारायणपुर जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. देवेन्द्र कुमार देवांगन और प्रधान पाठक श्रीमती ब्रजेश्वरी रावटे, जगदलपुर जिले के शिक्षक महेश कुमार सेठिया और व्याख्याता रमेश कुमार उपाध्याय, दंतेवाड़ा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. खेमलाल सिन्हा और उच्च श्रेणी शिक्षक श्रीमती उषा भूआर्य, बालोद जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. श्रवण कुमार यादव और सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती पुष्पलता साहू, राजनांदगांव जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. तुलेश्वर कुमार सेन और शिक्षक एल.बी. पारूल चतुर्वेदी, दुर्ग जिले के प्रधान पाठक यशवंत कुमार पटेल और शिक्षक एल.बी. सुश्री के. शारदा

कबीरधाम जिले की शिक्षक श्रीमती यक्ष चंद्राकर और प्रधान पाठक शिव कुमार बंजारे, बेमेतरा जिले की शिक्षक एल.बी. श्रीमती ज्योति बनाफर और व्याख्याता एल.बी. श्रीमती सुषमा शुक्ला शर्मामहासमुंद जिले के व्याख्याता एल.बी. अनिल कुमार प्रधान और सहायक शिक्षक एल.बी. डोलामणी साहू, गरियाबंद जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. संतोष कुमार तारक और सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती लताबेला मोंगेंरे के नाम शामिल है। इसी प्रकार वर्ष 2022 राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए रायपुर जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. उत्तम कुमार देवांगन और सहायक शिक्षक एल.बी. डॉ. श्रीमती गोपा शर्मा, धमतरी जिले के व्याख्याता एल.बी. राजूराम साहू और सहायक शिक्षक एल.बी. दीनबुधु सिन्हा, बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. विनोद कुमार डड़सेना और प्रधान पाठक श्रीमती आशा साहू

जांजगीर चांपा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. राजेश कुमार सूर्यवंशी और व्याख्याता एल.बी. अनुराग तिवारी, रायगढ़ जिले के व्याख्याता एल.बी. भोजराम पटेल और सहायक शिक्षक एल.बी. संतोष कुमार पटेल, बिलासपुर जिले के व्याख्याता एल.बी. सुशील कुमार पटेल और सहायक शिक्षक एल.बी. रामधन पटेल, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती अदिति शर्मा और सहायक शिक्षक एल.बी. भीष्म प्रसाद त्रिपाठी, कोरबा जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. गोकुल प्रसाद मार्बल और शिक्षक मुकुन्द केशव उपाध्याय, जिला सक्ती के सहायक शिक्षक एल.बी. पुष्पेन्द्र कुमार कौशिक और सहायक शिक्षक एल.बी. श्रीमती मीरा देवांगन, कोरिया जिले के सहायक शिक्षक एल.बी. रूद्र प्रताप सिंह राणा और व्याख्याता प्रभारी प्राचार्य डॉ. विनोद पाण्डेय, सूरजपुर जिले की व्याख्याता श्रीमती निशा सिंह और सहायक शिक्षक एल.बी. दिनेश कुमार साहू, सरगुजा जिले की व्याख्याता श्रीमती अनामिका चक्रवर्ती और व्याख्याता एल.बी. अंचल कुमार सिन्हा, बलरामपुर जिले के व्याख्याता प्रभारी प्राचार्य बाबूलाल लहरे और सहायक शिक्षक एल.बी. रमेश कुमार साकेत का नाम शामिल है।

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