Media24Media.com: मैनपाट

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सैलानियों का पसंदीदा हिल स्टेशन बनता मैनपाट

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अम्बिकापुर। समुद्र तल से करीब 1085 मीटर की ऊंचाई पर स्थित तथा विलग जलवायु के कारण छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट अब सैलानियों का पसन्दीदा हिल स्टेशन बनते जा रहा है। चारो ओर से पहाड़ी व सुरम्य वादियों से घिरा मैनपाट प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर होने के साथ तिब्बती व जनजातीय संस्कृति का संगम स्थल भी है। यहां संस्कृतियां सद्भाव के साथ फल-फूल रही हैं। मैनपाट में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा विकास को गति देने के लिए हर वर्ष मैनपाट महोत्सव का आयोजन किया जाता है जिसमें देश के नामी कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति व विभागीय स्टॉलों के द्वारा विकास की झलक देखने को मिलती है।

मैनपाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन ने सड़क विकास के साथ सुविधायें और टूरिस्ट पॉइंट को बेहतर करने का प्रयास प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। पर्यटकों के ठहरने के लिए रिजॉर्ट व विश्राम गृह भी बनाये गए हैं। अम्बिकापुर से दरिमा होते हुए मैनपाट जाते जैसे ही घाट शुरू होता है दूर-दूर तक हरियाली नजर आती है। पहाड़ी पर घुमावदार रास्ते के दोनों ओर ऊंचे-ऊंचे पेड़ व नयनाभिराम दृश्य देखते ही बनता है। मैनपाट पुंहचने पर बौद्ध मंदिर, तिब्बती, लामा को देखकर अलग ही एहसास होता है। इस वर्ष जिला प्रशासन द्वारा 14 से 16 फरवरी तक मैनपाट महोत्सव का आयोजन रोपाखार जलाशय के समीप किया जा रहा है।

टाइगर प्वाइंट- मैनपाट के महत्वपूर्ण प्रमुख टूरिस्ट स्पॉट में टाइगर प्वाइंट का अपना विशेष महत्व है। टाइगर प्वाइंट एक खूबसूरत प्राकृतिक झरना है जिसमंे पानी इतनी तेजी से गिरता है कि शेर के गरजने जैसी आवाज आती है। टाइगर प्वाइंट देखने के लिए बहुत ही अच्छी जगह है यहां का ठण्ड भी अच्छा लगता है तथा देखने के लिए चारों तरफ घनघोर जंगलों के बीच पहाड़ से गिरता हुआ झरना बहुत ही आकर्षक लगता है। टाइगर प्वाइंट दर्शनीय स्थल में बहुत पहले शेर हुआ करते थे जो झरने का पानी पीने आते थे। इसलिए इस स्थान का नाम टाइगर प्वाइंट पड़ा। टाइगर प्वाइंट इको प्वाइंट के नाम से भी जाना जाता है।

उल्टापानी- मैनपाट के बिसरपानी गांव में स्थित उल्टापानी छत्तीसगढ़ की सबसे ज्यादा अचंभित और हैरान करने वाला दर्शनीय स्थल है। यहां पर पानी का बहाव नीचे की तरफ न होकर ऊपर यानी ऊँचाई की ओर होता है। यहां सड़क पर खड़ी न्यूट्रल चारपहिया गाड़ी 110 मीटर तक गुरूत्वाकर्षण के विरूद्ध पहाड़ी की ओर अपने आप लुढ़कती है। यहां से घाटी का खूबसूरत नजारा देखकर मन तृप्त हो जाता है। वास्तव में उल्टापानी अदभुत तथा अकल्पनीय है।

जलजली- मैनपाट में प्रकृति के नियमों से दूर जलजली वह पिकनिक स्पॉट है जहाँ दो से तीन एकड़ जमीन काफी नर्म है और इसमें कूदने से धरती गद्दे की तरह हिलती है। आस-पास के लोगों के मुताबिक कभी यहां जल स्त्रोत रहा होगा जो समय के साथ उपर से सूख गया तथा आंतरिक जमीन दलदली रह गई। इसी वजह से यह जमीन दलदली व स्पंजी लगती है। यहां पर पास में ही जंगलों तथा पहाड़ों के बीच एक झरना प्रवाहित होता है। यहां पर्यटक घुड़सवारी का भी आनन्द लेते हैं।

फिश प्वाइंट- मैनपाट मेंपर्यटकों के लिए जंगलों के बीच एक रोमांचकारी और मन को लुभाने वाला मशहूर जगह फिश प्वाइंट (मछली) स्थित है। फिश प्वाइंट में जलधारा में तैरती रंगीन मछलियां मन को मोह लेती हैं।

मेहता प्वाइंट- मैनपाट में स्थित मेहता प्वाइंट एक अद्भुत झरना तथा दर्शनीय स्थल के पास स्थित है जो चारो तरफ लम्बे पहाड़ों तथा घाटियों से घिरा हुआ है। मैनपाट की खूबसूरत वादियों में प्रकृति का आनंद लेने के लिए मेहता प्वाइंट प्रसिद्ध है। यहां पर ऊँचे और लम्बे पहाडियां, गहरी खाईयां, घाटियां तथा वन मनोरम दृश्यों से भरपूर हैं। मेहता प्वाइंट में छत्तीसगढ़ व भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है। मैनपाट आने वाले पर्यटक प्रकृति के अनसुलझे रहस्यों का आनन्द लेने के लिए इस पिकनिक स्पॉट मंे अवश्य पहुंचते हैं।

करमा एथनिक रिसॉर्ट एवं जोहार मोटल - स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत 21 करोड़ 37 लाख 38 हजार रुपये की लागत से मैनपाट विकासखंड के कमलेश्वरपुर में ’’इको एथनिक टूरिस्ट डेस्टीनेशन’’ के रूप में करमा एथनिक रिसॉर्ट विकसित किया गया है। पर्यटकों के लिए सरगुजा क्षेत्र के ग्रामीण परिवेश की थीम पर एथनिक रिसॉर्ट का विकास किया गया है जिससे पर्यटक स्थानीय जनजाति एवं ग्रामीण परिवेश में रहने एवं यहां की आदिवासी संस्कृति तथा यहां के इको टूरिस्ट स्थलों को करीब से जानने का अनुभव एवं आनंद प्राप्त कर सकेंगे।

 

एथनिक रिसॉर्ट शुरू होने से मैनपाट में होम स्टे को मिलेगा बढ़ावा- पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन, लोक निर्माण, गृह, जेल एवं धर्मस्व मंत्री ताम्रध्वज साहू के मुख्य आतिथ्य एवं खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मैनपाट के कमलेश्वरपुर में आयोजित समारोह में करमा एथनिक रिसॉर्ट व जोहर मोटल सोनतराई का लोकार्पण हुआ। समारोह का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा राजगीत के साथ किया गया। 


स्वदेश दर्शन योजना अंतर्गत 21 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित करमा एथनिक रिसॉर्ट में पर्यटकों को ठहरने की सुविधा के साथ यहां की जनजातीय परंपरा, स्थानीय एवं तिब्बती संस्कृति को करीब से जानने समझने का मौका मिलेगा। इस अवसर पर अतिथियों ने एथनिक रिसॉर्ट का भ्रमण कर अवलोकन भी किया। समारोह को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि करमा एथनिक रिसॉर्ट के लोकार्पण से मैनपाट में पर्यटकों की सुविधाओं के विस्तार में एक और कड़ी जुड़ गई जो पर्यटन विकास में एक अच्छा आयाम साबित होगा।

इस रिसॉर्ट के शुरू होने से पर्यटक यहां रुकेंगे जिससे मैनपाट में होम स्टे को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। यहाँ के हस्तशिल्प को मार्केट मिलेगा। उन्होंने कहा कि हम इस रिसॉर्ट के माध्यम से पर्यटकों को प्रकृति को नजदीक से देखने का मौका देना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल प्रदेश में पर्यटन सुविधा बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। अब तो प्रदेश में पर्यटन नीति भी बन चुकी है जिससे पर्यटन एक उद्योग के रूप में स्थापित हो सकती है। जो भी इस क्षेत्र में काम करना चाहेंगे उन्हें सुविधा दी जाएगी।

इस मौके पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा की आज मैनपाट के विकास और सुविधा में एक और अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश में पर्यटन को आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैनपाट की खूबसूरती इतनी है कि मैनपाट का नाम सुनते ही लोगों के चेहरे खिल उठते हैं। यहाँ की खूबसूरती, हरियाली, संस्कृति एक धरोहर है जिसे बचा कर रखना है। उन्होंने कहा कि यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा पर्यटन स्थलों का विकास होगा तो पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। सभी पर्यटन पॉइंट तक पहुंच मार्ग दुरुस्त करना होगा।

संसदीय सचिव एवं रायपुर पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि  मैनपाट की अपनी प्राकृतिक छटा के कारण अलग पहचान है। छत्तीसगढ़ में कुदरत की अपार आशीर्वाद है। प्राकृतिक संसाधन भरपूर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सोच के अनुसार प्रदेश को सुंदर बनाने का काम जारी है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि मैनपाट को छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। मैनपाट प्रदेश के अन्य हिल स्टेशन से अलग है। यहां की जलजली और उल्टा पानी देश दुनिया मे अनूठा है। प्रदेश में पर्यटन सर्किट बनाया जाएगा रायपुर से उत्तर की ओर सतरेंगा, मैनपाट और जशपुर को जोड़ा जाएगा जो पर्यटको के लिए 3 रात व 4 दिन का पूरा पैकेज होगा।

इस अवसर पर सीजीएमएससी के अध्यक्ष व लुण्ड्रा विधायक डॉ प्रीतम राम, खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष शफी अहमद,  बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वन समिति के उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, तेल घानी बोर्ड के सदस्य लक्ष्मी गुप्ता, पर्यटन मंडल की उपाध्यक्ष श्रीमती चित्ररेखा साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

सुदूर अंचलों में निःशुल्क सोनोग्राफी सुविधा बना गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान

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अम्बिकापुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के विशेष पहल से जिले के मैनपाट विकासखंड के सुदूर अंचल में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वंदना में 40 गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराई गई। सुदूर अंचल में सोनोग्राफी की निःशुल्क सुविधा अब इन क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं के लिए वरदान बन गया है। इस स्वास्थ्य केंद्र में डॉ संयोगिता पैकरा ने अपनी सेवाएं प्रदान की। ज्ञातव्य है कि मातृत्व मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से निःशुल्क सोनोग्राफी सुविधा स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के पहल पर समस्त विकासखंड में माह में एक बार कैंप कर आयोजित किया जा रहा है। 


अब तक लगभग 750 से ज्यादा सोनोग्राफी निःशुल्क की जा चुकी है एवं लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा समस्त विकासखंड में कैंप का आयोजन हेतु कार्य योजना बनाई जा रही है। सोनोग्राफी जांच के उपरांत अब तक लगभग 21 उच्च जोखिम गर्भवतियों की पहचान हुई है जिनका उचित उपचार हेतु स्वास्थ्य विभाग में विशेष निगरानी दल बनाई है। आगामी सत्र में उदयपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नए निःशुल्क सोनोग्राफी सेंटर खोलने पर कार्य किया जाएगा।

12 फरवरी से शुरू होगा मैनपाट महोत्सव, सीएम करेंगे शुभारंभ

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सरगुजा में 12 फरवरी से मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ होने जा रहा है। जिला कलेक्टर संजीव कुमार झा ने मैनपाट महोत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय मैनपाट महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 12 फरवरी को करेंगे। उन्होंने मैनपाट महोत्सव से संबंधित सभी तैयारी समय पर पूरे करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।





ये भी पढ़ें- अरपा महोत्सव का हुआ शुभारंभ





कलेक्टर ने जिले में मनरेगा के कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रोजगार सृजन में प्रगति लाते हुए मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराएं। उन्होंने मैनपाट जनपद में मनरेगा के तहत रोजगार गारण्टी में कमजोर प्रदर्शन पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने बताया कि वन अधिकार मान्यता अधिनियम के तहत निरस्त दावों के परीक्षण और पात्र हितग्राहियों को पट्टा देने के लिए बड़ादमाली में 15 से 17 फरवरी तक शिविर का आयोजन किया जाएगा।





सामुहिक विवाह का आयोजन





कलेक्टर ने मैनपाट महोत्सव के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्या विवाह के तहत सामूहिक विवाह का कार्यक्रम होना है। कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने के लिए वर एवं वधू के परिवारिक सदस्यों में केवल माता-पिता को ही विवाह मण्डप में साथ रहने को कहा गया है।


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