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छत्तीसगढ़ को मीडिया जगत में मिलेगी नई पहचान : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित आईबीसी 24 के नए स्टूडियो का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विश्वसनीयता के साथ खबरें देना किसी भी मीडिया संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को इस हाईटेक स्टूडियो से मीडिया जगत में नई पहचान मिलेगी।

आईबीसी 24 के नए स्टूडियो के शुभारंभ समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री साय ने इस मौके पर राज्य एवं केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम आदमी तक अधिक से अधिक पहुंचाने का आग्रह किया। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सबसे तेज और सटीक समाचार देना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने अपने उद्योग, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अब मीडिया क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर अंकित होगा।

समारोह को उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा तथा वन मंत्री केदार कश्यप ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, विधायक सर्वश्री अजय चंद्राकर, पुरंदर मिश्रा, संपत अग्रवाल, गोयल ग्रुप के चेयरमैन सुरेश गोयल, डायरेक्टर राजेंद्र गोयल और आईबीसी मीडिया एडिटर रविकांत मित्तल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

भोपाल में बनेगा सर्वसुविधायुक्त स्टेट मीडिया सेंटर - सीएम चौहान

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोकतंत्र के आधार स्तंभ के रूप में मीडिया प्रतिनिधियों का परिश्रम प्रशंसनीय है। पत्रकार साथी दिन-रात कार्य करते हैं। अनेक कठिनाइयों के बीच वे तथ्यों और समाचारों को जनता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। यही नहीं सरकार और अन्य सभी के लिए सेतु के रूप में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मीडिया के लिए मेरे मन में बहुत आदर का स्थान है। आज इस पत्रकार समागम में अनेक साथियों से भेंट हो रही है।

मुख्यमंत्री चौहान आज मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार समागम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने पत्रकार वर्ग के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें उपचार सहायता, बीमा योजना, आवास सुविधा, शिक्षा के लिए सुविधा आदि शामिल है। इसके साथ ही जनसंपर्क विभाग छोटे शहरों और कस्बों के पत्रकारों को डिजिटल तकनीक प्रशिक्षण दिलवाने का कार्य भी करेगा। आज हुए पत्रकार समागम में पहली बार राजधानी में प्रदेश के अनेक जिलों के पत्रकार एकत्र हुए।

अत्याधुनिक होगा स्टेट मीडिया सेंटर

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भोपाल के मालवीय नगर में पत्रकार भवन की भूमि वर्तमान में अनुपयोगी है। सभी की इच्छा है कि यहां नया भवन बने। इसे नया स्वरूप दिया जाएगा। नया भवन निर्मित किया जाएगा। नवनिर्मित भवन के साथ ही इसे स्टेट मीडिया सेंटर का दर्जा रहेगा। इसमें सभागार, पुस्तकालय, कैंटीन, सामान्य कक्ष सहित अन्य सुविधाएं होंगी। सेंटर में आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगे।

मीडिया के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री चौहान ने की आत्मीय चर्चा

आज मुख्यमंत्री निवास में पत्रकार समागम में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया, न्यू मीडिया के विभिन्न माध्यमों और सोशल मीडिया के अलग-अलग माध्यमों के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। आकाशवाणी, दूरदर्शन से जुड़े प्रतिनिधियों और एफएम चैनल के प्रतिनिधि भी पत्रकार समागम में शामिल हुए। वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर भी पत्रकार समागम में पहुंचे। राजधानी भोपाल सहित प्रमुख नगरों इंदौर, उज्जैन, सागर, रीवा, शहडोल, चंबल, ग्वालियर और नर्मदापुरम सहित सभी संभागों के सभी जिलों के प्रतिनिधि आए। मुख्यमंत्री चौहान ने संबोधन के पश्चात मीडिया बंधुओं से आत्मीय भेंट और चर्चा की। मुख्यमंत्री चौहान ने मीडिया के बंधुओं को दोपहर भोज के लिए आमंत्रित किया और भोजन के पश्चात ही प्रस्थान करने का आग्रह किया। व्रतधारी अतिथियों के लिए फलाहार की भी व्यवस्था की गई थी। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में नवनिर्मित समत्व भवन और भोज ताल की सुंदरता का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री चौहान की महत्वपूर्ण घोषणाएं

राजधानी के पत्रकार भवन की भूमि पर नए भवन का निर्माण किया जाएगा।

 वर्तमान में भोपाल में दो स्थानों पर पत्रकारों के लिए भूमि आवंटित कर कॉलोनी विकसित की गई है। अन्य नगरों में आज की आवश्यकता के अनुसार पत्रकारों की सोसायटी को भूमि प्रदान करने की कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए विधिवत कदम उठाए जाएंगे। इससे पत्रकार बंधुओं को अपना मकान बनाने के लिए व्यवस्था आसान होगी।

बीमा कंपनी द्वारा प्रीमियम राशि में 27 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। बढ़ी हुई राशि पत्रकारों को नहीं भरना होगी। राज्य सरकार बढ़ी हुई राशि वहन करेगी। गत वर्ष की तरह ही पत्रकारों को प्रीमियम देना होगा।

65 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ पत्रकारों को बीमा के लिए प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा भरा जाएगा। पत्रकारों के जीवनसाथी (पति/पत्नी) के बीमा का प्रीमियम भीराज्य सरकार भरेगी।

बीमा योजना की अंतिम तिथि 16 सितंबर से बढ़ाकर 25 सितंबर की जाएगी।

अस्वस्थ होने पर पत्रकार बंधु को आर्थिक सहायता के लिए वर्तमान प्रावधान 20 हजार के स्थान पर 40 हजार रूपए किया जाएगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में यह 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपये होगा।

मध्यप्रदेश के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पत्रकारों को मासिक सम्मान निधि की राशि 10 हजार के स्थान पर 20 हजार रूपए होगी।

सम्मान निधि प्राप्त करने वाले पत्रकार के अवसान की स्थिति में परिवार को आठ लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।

अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को आवास ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत अधिकतम ऋण की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रूपए की जाएगी।

अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के बेटे-बेटियों की शिक्षा के लिए बैंक से ऋण पर उसके ब्याज पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान 5 वर्ष के लिए राज्य सरकार वहन करेगी।

मध्यप्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों के पत्रकार साथियों की जरूरत के अनुसार उन्हें भोपाल में डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। इसके लिए जनसंपर्क विभाग आवश्यक व्यवस्थाएं करेगा। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल का सहयोग भी प्राप्त किया जाएगा।

पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए वरिष्ठ पत्रकारों की समिति गठित कर प्राप्त सुझावों पर राज्य शासन द्वारा अमल किया जाएगा।

पत्रकार समागम के अवसर पर मुख्यमंत्री और जनसंपर्क विभाग के सचिव विवेक पोरवाल, आयुक्त जनसंपर्क मनीष सिंह, जनसंपर्क संचालक आशुतोष प्रताप सिंह और मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मूल्य एवं सिद्धांतों पर आधारित पत्रकारिता करना सबसे बड़ी चुनौती: भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री शामिल हुए मायाराम सुरजन जन्मशती एवं देशबन्धु पत्र समूह के स्थापना दिवस समारोह में


रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि वर्तमान समय में मीडिया परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आज के समय में सिद्धांतों और मूल्य आधारित पत्रकारिता करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। अपने 65 बरस की यात्रा में देशबन्धु अपने सिद्धांतों पर अडिग रहा कभी मूल्यों से समझौता नहीं किया। श्री बघेल आज मायाराम सुरजन जन्मशती एवं देशबन्धु के 65 वां स्थापना दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देशबन्धु पत्र समूह के संस्थापक स्वर्गीय श्री मायाराम सुरजन और स्वर्गीय श्री ललित सुरजन को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आगे कहा कि मायाराम सुरजन जी पत्रकारिता के पुरोधा थे। उनकी पूरे देश में विशिष्ट पहचान थी। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मायाराम सुरजन को पढ़ा है, मगर स्वर्गीय श्री ललित सुरजन जी से मुलाकात हुई, उनका सानिध्य मिला। ललित जी पर मायाराम जी की छाप थी। कार्यक्रम में साहित्यकार श्री प्र्रभात त्रिपाठी एवं पूर्व मुख्य सचिव एवं शिक्षाविद् श्री शरदचंद्र बेहार को मायाराम सुरजन शताब्दी सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार श्री विजय बहादुर सिंह ने की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देशबन्धु की चर्चा होती है, तो हमारे पुराने बचपन के दिन याद आ जाते हैं। उस समय दो या तीन अखबार हुआ करते थे। हम जब गांव में रहते थे, उस समय शाम तक कोई अखबार पहुंच पाता था। शाम को जिसके यहां अखबार पहुंचता था, वहां जाकर अखबार पढ़ा करते थे। तब लोगों में मान्यता थी कि देशबन्धु में यदि कुछ छपा हो तो वह सच होगा। उन्होंने कहा कि जब हमने राजनीति करना शुरू की, तो देशबन्धु में लिखे खबरों, विभिन्न बुद्धिजीवी द्वारा लिखे गए लेखों, सम्पादकीय को पढ़ा करते थे और उनसे सीखते थे। वहीं से सीख कर ज्ञान अर्जन कर मुद्दों को उठाते भी थे।

श्री बघेल ने कहा कि आजादी के समय महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, भगत सिंह, बाल श्री गंगाधर तिलक और श्री गणेश शंकर विद्यार्थी आदि राजनेताओं ने अपनी लेखनी की ताकत से तत्कालिन ब्रिटिश शासन को झकझोर दिया। यहां तक तिलक जी को इसके लिए सजा भी हुई। उसके बाद भी उन्होंने लिखना नहीं छोड़ा। आजादी की अलख जगाने में समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यह कार्य आजादी के बाद भी जारी है। सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर आमजनों को जागरूक कर देश की प्रगति में सार्थक योगदान दे रहे है।

कार्यक्रम में देशबन्धु रायपुर के सम्पादक श्री राजीव रंजन श्रीवास्तव ने देशबन्धु की 65 साल की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री विकास उपाध्याय, विधायक श्री अमितेश शुक्ला, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री शैलेष नितिन त्रिवेदी, छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष महंत रामसुन्दर दास, श्री पलाश सुरजन तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

विधानसभा में छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक-2023 पारित

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा और छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है। हमारे पत्रकार साथियों के लिए यह बहुत ही अविस्मरणीय दिन है। क्योंकि आज छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक-2023 न केवल विधानसभा में प्रस्तुत हुआ, बल्कि पारित भी हुआ है। हमारे पत्रकार साथी जो अपनी जान जोखिम में डालकर, अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर खबर लाते हैं।

आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिकपत्रकार साथियों के लिए अविस्मरणीय : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

बहुत सारे ऐसे लेख भी लिखते हैं, जिनसे उनको, उनके परिवार के लोगों को खतरा बढ़ जाता है। साथ ही धनहानि के साथ जनहानि की आशंका बन जाती है। ऐसे में जितने भी हमारे पत्रकार हैं, चाहे वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के हों, चाहे प्रिंट मीडिया के हों, चाहे पोर्टल के हों। सभी साथियों के जो ऑफिस में काम करते हैं और वे भी जो गांव में काम करते हैं। जिनका अधिमान्यता पत्र नहीं है, उनका रजिस्ट्रेशन करने का है। अगर प्रेस कहता है कि वे हमारे साथ हैं और जो लगातार छह महीने के अंदर उसमें तीन लेख लिखे हों या स्टोरी की हो, ऐसे लोगों को छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा कानून के दायरे में लाया गया है। इससे  उनकी सुरक्षा हो सके।

शासकीय कर्मचारी दुर्व्यवहार करेंगे तो होगी कार्यवाही

इस कानून के बन जाने के बाद अब यदि कोई शासकीय कर्मचारी किसी पत्रकार के साथ दुर्व्यवहार करते हैं तो उनकी शिकायत के लिए समिति बनी है। समिति को अधिकार संपन्न बनाया गया है। यह समिति प्रदेश स्तर पर होगी, जिसमें पत्रकार भी होंगे, उसमें अधिकारी गण भी होंगे, छह लोगों की समिति बनेगी, जो सुनवाई करेगी और आवश्यक निर्देश भी दे सकेगी और दण्ड का भी प्रावधान है। यदि उसके निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं, तो अपील का भी प्रावधान रखा गया है।

लेकिन यदि कोई गलत शिकायत करता है तो उसमें भी दण्ड का प्रावधान रखा गया है। देश में छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक-2023 की चर्चा भी थी, प्रदेश में बहुत दिनों से इसकी प्रतीक्षा भी थी। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है, जहां छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जन घोषणा पत्र में हमने जो वादा किया था, आज उसमें से एक और वायदा पूरा कर दिया गया है। 

इस कमेटी का महत्वपूर्ण योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अफताब आलम की अध्यक्षता में एक प्रारूप समिति बनी थी, जिसके सदस्य न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्रीमती अंजना प्रकाश, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजूराम चन्द्रन, वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय ललित सुरजन,  प्रकाश दुबे, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग, महाधिवक्ता, विधि विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक सभी इसके सदस्य थे। इस समिति ने अनेक बैठकें राज्य में और दिल्ली में करके विभिन्न संगठनों से चर्चा करके इसका प्रारूप बनाया और उसके बाद इसके प्रारूप को विभाग को सौंपा गया। विभाग द्वारा लंबा विचार-विमर्श करके इसको विधेयक का रूप दिया गया। राज्यपाल से अनुमति लेकर इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया गया और आज विधानसभा में यह विधेयक पारित हुआ है। ऐसा विधेयक जो मूल विधेयक है और जो पहली बार छत्तीसगढ़ की विधानसभा में प्रस्तुत हुआ, विपक्ष के साथियों को भी इसमें अपनी राय रखनी थी। हालांकि सर्वानुमति से इस विधेयक को पारित किया गया।


प्रतिस्पर्धा के इस दौर में मीडिया का अपने दायित्व और लक्ष्य पर कायम रहना एक चुनौती : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के वर्तमान दौर में अपने लक्ष्य से न भटकना सही और सच्ची खबरें जनता तक पहुंचाना मीडिया के लिए एक चुनौती है। आज कई मीडिया समूह लोगों का का माइंड सेट करने का काम कर रहे है। नफरत का जहर फैलाया जा रहा है। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष रह कर सही, सकारात्मक और सुकून देने वाली खबरें जिससे जीवन की उम्मीद बनी रहे, बेहद जरूरी है। 

 मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ के नए सैटेलाईट चैनल टीव्ही-24 का किया शुभारंभ 

मुख्यमंत्री भूपेष बघेल आज रायपुर के एक निजी होटल में टीव्ही-24 के शुभारंभ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उक्त बाते कहीं। मुख्यमंत्री ने टीव्ही-24 समूह के पदाधिकारियों को शुभकामना देते हुए कहा कि लोगों की भावनाएं इस चैनल के माध्यम से सरकार तक पहुंचे और सरकार की योजनाएं जनता तक पहुंचे, यही अपेक्षा है।

उन्होंने कहा कि चैनल के माध्यम से ऐसी खबरे और कार्यक्रम प्रसारित होने चाहिए, जिससे तनाव भरी जिंदगी में उम्मीद बढ़े और जीवन में नया रास्ता मिले। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, हाउसिंग बोर्ड के चेयरमेन कुलदीप जुनेजा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पटकथा लेखक अशोक मिश्रा, सिने अभिनेत्री शशि शर्मा, आयुर्वेदाचार्य प्रकाश जी, कृष्णादास मानिकपुरी, टीव्ही-24 की मैनेजिंग डॉयरेक्टर श्रीमती ममता शर्मा, चेयर पर्सन मोहित साहू सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

इस अवसर पर प्रसिद्ध पटकथा लेखक अशोक शर्मा के आग्रह पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक स्वर्गीय हबीब तनवीर के स्मृति को अक्षुण्य बनाये रखने के लिए रायपुर के एक चौक/सड़क का नामकरण स्वर्गीय हबीब तनवीर के नाम पर किए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम को संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने भी सम्बोधित किया और अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ का यह नया चैनल टीव्ही-24 आम जनता की समस्याओं के सामने लाने और समाधान में मद्दगार साबित होगा। छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और यहां के गौरव को आगे बढ़ाएगा। 

मीडिया ऑनलाइन सट्टेबाजी मंचों के विज्ञापन प्रकाशित करने से बचें

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रायपुर। केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने एक बार फिर परामर्श जारी करके मीडिया से ऑनलाइन सट्टेबाजी मंचों के विज्ञापन प्रकाशित करने से बचने को कहा है। परामर्श में कहा गया है कि कुछ विदेशी ऑनलाइन सट्टेबाजी मंचों ने टीवी चैनलों पर अपने विज्ञापन के लिए समाचार वेबसाइटों का उपयोग करना शुरू कर दिया है। मंत्रालय ने निजी उपग्रह टेलीविजन चैनलों और ऑनलाइन सामग्री प्रसारित करने वाले ओटीटी मंचों को परामर्श जारी करते हुए कहा है,  



कि देश के अधिकतर भागों में जुआ खेलना प्रतिबंधित है। यह युवाओं और बच्चों सहित सभी लोगों के लिए वित्तीय और सामाजिक-आर्थिक खतरे पैदा कर रहा है। मंत्रालय ने कहा है कि सट्टेबाजी के मंचों से संबंधित विज्ञापन और उन्हें बढ़ावा देने वाली सामग्री को अब भी कई समाचार मंचों और ओटीटी पर देखा जा रहा है। इस बीच, दुर्ग पुलिस ने महादेव और रेड्डी अन्ना ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े बैंक खातों के करीब एक करोड़ तीन लाख रूपये फ्रीज कर दिए हैं। 

मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने अब तक इस मामले में पंद्रह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से इकतीस नग मोबाइल, दस नग लैपटॉप, चौबीस एटीएम कार्ड, सोलह चेकबुक, बारह पासबुक, ग्यारह सिम कार्ड सहित सट्टे के दौरान उपयोग में आने वाले उपकरण जब्त किए हैं। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से पकड़े गए नौ आरोपियों की निशानदेही और मिले दस्तावेज के आधार पर चालीस बैंक खातों की जांच की जा रही है। इनमें से छह खातों को फ्रीज किया गया है।

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