Media24Media.com: महाभियान

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छत्तीसगढ़ में अब तक 35.58 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर 1 नवम्बर 2023 से धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। गत डेढ़ माह में अब तक राज्य के 7 लाख 86 हजार 463 पंजीकृत किसानों से 35 लाख 57 हजार 374 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है। किसानों की सहुलियत को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 2 हजार 739 धान उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं।

धान खरीदी के एवज में किसानों को भुगतान के लिए मार्कफेड द्वारा अपेक्स बैंक को अब तक कुल 7 हजार 313.02 करोड़ रूपए जारी किया गया है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के सहुलियत को ध्यान में रखते हुए सुगमतापूर्वक धान खरीदी के निर्देश दिए गए हैं। धान उपार्जन केन्द्रों में निर्धारित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ करने को कहा गया है। खाद्य विभाग के अधिकारियों को धान खरीदी व्यवस्था का निरंतर निरीक्षण करने को भी कहा गया है।

राज्य शासन द्वारा इस वर्ष प्रदेश के किसानों से 130 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। इस खरीफ विपणन वर्ष में धान बेचने के लिए प्रदेश के 26.86 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है। इसमें कुल पंजीकृत रकबा 33.15 लाख हेक्टेयर है, वहीं 2.59 लाख नवीन किसानों ने पंजीयन कराया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 35.57 लाख मीट्रिक टन धान में से 27.43 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 17.02 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसम्बर को 59 हजार से अधिक किसानों से 2.52 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। आज की धान खरीदी के लिए 76 हजार 463 टोकन जारी किए गए थे। इनमें टोकन तुंहर हाथ एप के तहत 28 हजार 082 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए थे।

छत्तीसगढ़ : धान खरीदी का आकड़ा 107 लाख मीट्रिक टन से पार

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 1 नवम्बर 2022 से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। प्रदेश में धान खरीदी का आंकड़ा अब तक के रिकार्ड बनाते हुए 107 लाख मीट्रिक टन से पार हो गया है। धान खरीदी का कल 31 जनवरी आखरी दिन है। अब तक राज्य के 23.39 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान खरीदी के भुगतान के लिए मार्क फेड द्वारा अपैक्स बैंक को 22 हजार करोड़ रूपए जारी कर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 107 लाख मीट्रिक टन में से लगभग 96 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 89 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव किया जा चुका है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 30 जनवरी को 6,905 किसानों से 23 हजार टन से अधिक धान की खरीदी की गई है। ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 2 हजार टन धान की खरीदी हुई है।

इस साल राज्य में 24.98 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.32 लाख नये किसान शामिल हैं। किसानों को धान विक्रय में सहूलियत हो इस लिहाज से इस वर्ष राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिससे राज्य में धान खरीदी के लिए 2617 उपार्जन केन्द्र हो गया हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश के पंजीकृत किसानों से लगभग 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से अनुमानित आंकड़े पार हो जाएंगे।

छत्तीसगढ में समर्थन मूल्य पर अब तक 107 लाख टन धान की खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में दिनोदिन धान खरीदी का नया कीर्तिमान बनता जा रहा है। 1 नवम्बर 2022 से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान में अब तक लगभग 107 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। 23.35 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान के एवज में किसानों को 21,937 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान अभी 31 जनवरी 2023 तक जारी रहेगा।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 107 लाख मीट्रिक टन में से 94 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 87 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 27 जनवरी को 8 हजार से अधिक किसानों से 32 हजार टन से अधिक तथा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 2 हजार टन से अधिक धान की खरीदी हुई है।

गौरतलब है कि इस साल राज्य में 24.98 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.32 लाख नये किसान शामिल हैं। किसानों को धान विक्रय में सहूलियत हो इस लिहाज से इस वर्ष राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिससे राज्य में धान खरीदी के लिए 2617 उपार्जन केन्द्र हो गया हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश के पंजीकृत किसानों से लगभग 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से अनुमानित आंकड़े पार हो जाएंगे।

 

छत्तीसगढ में धान खरीदी का आकड़ा 105 लाख मीट्रिक टन से पार

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 1 नवम्बर 2022 से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। प्रदेश में धान खरीदी का आंकड़ा अब तक के रिकार्ड तोड़ते हुए आज की तिथि में 105 लाख मीट्रिक टन से पार हो गया है। धान खरीदी का यह अभियान अभी 31 जनवरी 2023 तक जारी रहेगा। राज्य के 23.12 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान के एवज में किसानों को 21,587 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है।

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 105 लाख मीट्रिक टन में से 91 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 83 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 23 जनवरी को 16 हजार से अधिक किसानों से 63 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई है। ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 4 हजार टन धान की भी खरीदी हुई है।  गौरतलब है कि इस साल राज्य में 25.96 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.30 लाख नये किसान शामिल हैं।

किसानों को धान विक्रय में सहूलियत हो इस लिहाज से इस वर्ष राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिससे राज्य में धान खरीदी के लिए 2617 उपार्जन केन्द्र हो गया हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। राज्य सरकार इस वर्ष प्रदेश के पंजीकृत किसानों से लगभग 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से अनुमानित आंकड़े पार हो जाएंगे।

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद अब तक हुई सर्वाधिक धान की खरीदी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद अब तक सर्वाधिक धान खरीदी चालू खरीफ सीजन में हुई है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का पिछला रिकार्ड भी टूट गया है। 16 जनवरी 2023 तक 98.92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष 2021-22 में 98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। धान खरीदी का यह आकड़ा और भी बढ़ेगा। धान खरीदी 31 जनवरी 2023 तक चलेगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने राज्य के किसानों को इस नई उपलब्धि के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि किसान हितैषी फैसलों और न्याय योजनाओं से किसानों की जेब में सीधा पैसा आया, इससे किसानों की समृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। राज्य सरकार ने चालू खरीफ सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है। धान खरीदी केन्द्रों में दिख रही किसानों की चहल-पहल और धान की आवक से यह अनुमान है कि यह लक्ष्य भी आसानी से प्राप्त हो जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 1 नवम्बर से शुरू हुई धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। राज्य के 22.32 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। धान के एवज में इन किसानों को 20,375 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक कुल धान खरीदी 98.92 लाख मीट्रिक टन धान में से 84.62 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा 75 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उठाव कर लिया गया है।

गौरतबल है कि राज्य सरकार की किसान हितैषी फैसलों से इन चार वर्षों में लगातार किसानों की पंजीयन में वृद्धि हुई है। इस वर्ष 24.96 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, इनमें 2.30 लाख नए किसान हैं। राज्य सरकार द्वारा इस सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान लगाया गया है। किसानों को धान विक्रय में सहुलियत हो इस लिहाज से राज्य में 2617 धान उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 16 जनवरी को 30 हजार 461 किसानों से 1.24 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 09 हजार टन धान की खरीदी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ सीजन में सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है।

छत्तीसगढ़ : समर्थन मूल्य पर किसानों से 95.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का महाभियान निरंतर जारी है। 01 नवंबर 2022 से शुरू हुई धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2023 तक चलेगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर किसानों से 12 जनवरी शाम 5.30 बजे तक 95.29 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। धान खरीदी के एवज में राज्य के 21.80 लाख से अधिक किसानों को 19,675 करोड़ रूपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है।

मुख्यमंत्री की पहल पर पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए निरंतर धान का उठाव जारी है। अब तक लगभग 81 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध मिलर्स द्वारा लगभग 70 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि 12 जनवरी को 35 हजार 719 किसानों से 1.48 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 11 हजार टन धान की भी खरीदी हुई है। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 45 हजार से अधिक टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एपके जरिये 3 हजार से अधिक टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।

गौरतलब है कि इस साल राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 2.26 लाख नये किसान शामिल हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2616 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। इसी तरह राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है।


छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का महाभियान : अब तक 3.23 लाख मीट्रिक टन धान की हुई खरीदी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में धान खरीदी का महाभियान के दूसरे सप्ताह तक किसानों से समर्थन मूल्य पर 3 लाख 23 हजार  मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। धान के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत 653.77 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है। अब तक 1.05 लाख किसानों  ने धान बेचा है। गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 110 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन अनुमानित है। 



समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 1.86 लाख नये किसान है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2497 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न जिलों में 28 नए धान खरीदी केन्द्र खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है।

खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि आज 11 नवम्बर को 22 हजार 333 किसानों से 71 हजार 712 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके लिए किसानों को आज 29 हजार 375 टोकन जारी किए गए थे। इनमें टोकन तुंहर हाथ एप्प के द्वारा 3077 टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए राज्य में धान उपार्जन के लिए 27 हजार 353 टोकन तथा तुंहर हाथ एप के जरिये 3,667 टोकन जारी किए गए हैं। राज्य में धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी है। 

अधिकारी धान की व्यवस्था पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। धान खरीदी को लेकर कहीं से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है। खाद्य सचिव वर्मा ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव प्रारम्भ हो गया है। अब तक 84 हजार 304 मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किए गए हैं। जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 22 हजार मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

 

धान खरीदी का महाभियान: पहले सप्ताह में 1.11 लाख मीट्रिक टन खरीदी: धान खरीदी का महाभियान

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रायपुर। धान खरीदी का महाभियान: पहले सप्ताह में 1.11 लाख मीट्रिक टन खरीदी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में धान खरीदी का महाभियान 01 नवम्बर से प्रारंभ है। यह अभियान 31 जनवरी 2023 तक चलेगा। बीते सात दिनों में राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर 1 लाख 10 हजार 196 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। आज 7 नवम्बर को किसानों से 39 हजार 946 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। धान के एवज में किसानों को बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत अब तक 295.65 करोड़ रुपये का भुगतान जारी कर दिया गया है।



खाद्य विभाग सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि धान बेचने वाले किसानों को 16589 टोकन जारी किए गए थे। जिसमें 1857 टोकन तुंहर हाथ एप्प द्वारा जारी किए गए थे। आगामी दिवस की खरीदी के लिए राज्य में धान उपार्जन के लिए 21,804 टोकन तथा तुंहर हाथ एप के जरिये 2,269 टोकन जारी किए गए हैं। राज्य में धान खरीदी निर्बाध रूप से जारी है। अधिकारी धान की व्यवस्था पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। धान खरीदी को लेकर कहीं से किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिली है।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष लगभग 110 लाख मीट्रिक धान का उपार्जन अनुमानित है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 1.86 लाख नये किसान है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 2497 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में एक नवम्बर से शुरू होगा धान खरीदी का महाभियान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में एक नवम्बर से शुरू हो रहे धान खरीदी के महाभियान पर किसानों और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी सहित किसान हितैषी योजनाओं से प्रदेश में खेती-किसानी में नये उत्साह का संचार हुआ है। खेतों से दूर हो रहे किसान खेतों की ओर लौटे हैं और खेती का रकबा भी बढ़ा है। राज्योत्सव के साथ ही खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से 01 नवम्बर 2022 से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होगी। 



इस वर्ष लगभग 110 लाख मीट्रिक धान का उपार्जन अनुमानित है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य में 25.72 लाख किसानों का एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन हुआ है, जिसमें लगभग 61 हजार नये किसान है। राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 2497 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। इस साल किसानों से सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा। खाद्य विभाग के सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 के लिए एक नवम्बर 2022 से धान ,खरीदी शुरू हो जाएगी। 

किसानों से सुगमतापूर्वक धान खरीदी के लिए राज्य शासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्थाएं कर ली गई है। किसानों को धान बेचने में किसी भी तरह की दिक्कत न आए, इसको लेकर सभी केन्द्रों में बेहतर प्रबंध किए जाने के साथ ही व्यवस्था पर मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। खाद्य सचिव वर्मा ने बताया कि गत वर्ष के पंजीकृत 24.05 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था। पंजीकृत किसानों के डाटा को कैरी फॉरवर्ड तथा इस साल लगभग 61 हजार नये किसानों ने अपना पंजीयन कराया है।

 इस प्रकार पंजीकृत किसानों की संख्या बढ़कर 25.72 लाख हो गई है। पंजीकृत किसानों के धान का रकबा बढ़कर 30.44 लाख हेक्टेयर हो गया है। समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी की अधिकतम सीमा पिछले वर्ष के अनुसार 15 क्वि. प्रति एकड़ लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। धान खरीदी हेतु बारदाने की व्यवस्था कर ली गई है। धान खरीदी के लिए सभी समितियों में पर्याप्त बारदाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग के लिए मिलर्स का पंजीयन किया जा रहा है। राज्य में अवैध धान की आवक रोकने तथा संवेदनशील उपार्जन केन्द्रों पर निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। सीमावर्ती सोसायटियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। 

अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ में धान का अवैध परिवहन न हो, इसकी रोकथाम के लिए चेकपोस्ट भी बनाए गए हैं, जहां अधिकारियों की टीम माल वाहकों पर कड़ी निगरानी रखेगी। गौरतलब है कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत खरीफ फसलों की उत्पादकता में वृद्धि तथा फसल विविधिकरण को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ के मान से 9 हजार रूपए तथा धान की खेती बदले अन्य फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ की मान से 10 हजार सब्सिडी दी जा रही है। 

बीते तीन सालों में राज्य के किसानों को 16 हजार 415 करोड़ रूपए की सब्सिडी दी जा चुकी है। वर्ष 2019 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 18.43 लाख किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए के मान से 5627 करोड़ रूपए, वर्ष 2020 में 20.59 लाख किसानों को 5553 करोड़ रूपए तथा वर्ष 2021 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले 24 लाख किसानों को तीन किश्तों में 5235 करोड़ रूपए की सब्सिडी दी जा चुकी है। वित्तीय वर्ष के अंत तक किसानों को चौथी किश्त के रूप में 1745 करोड़ रूपए की सब्सिडी और दी जाएगी। इस प्रकार इस राज्य के किसानों को कुल 6980 करोड़ रूपए सब्सिडी के रूप में मिलेंगे। 

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