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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्षाजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के दिये निर्देश

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्षाजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने मानसून के दौरान संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए अधिकारियों को राजधानी से लेकर ग्राम पंचायत तक लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाईयों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने हैंडपंप, नलकूप, एवं जल स्त्रोतों की मरम्मत, साफ-सफाई और क्लोरिनेशन कराने के भी निर्देश दिए हैं। ब्लीचिंग पाउडर और क्लोरिन टैबलेट की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने वर्षाजन्य बीमारियों एवं अन्य समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासनिक अमले के साथ लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय निकाय एवं स्वास्थ्य विभाग के अमले को अलर्ट रहने को कहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि बरसात के मौसम में उल्टी-दस्त, मलेरिया आदि मौसमी बीमारियों के होने की ज्यादा आशंका रहती है। पेयजल स्त्रोतों की सफाई जैसे छोटे-छोटे उपायों से इन बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है। राज्य में संक्रामक बीमारियों की दृष्टि से संवेदनशील गांवों और इलाकों में स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा लगातार निगरानी रखी जानी चाहिए।

सर्पदंश से बचाव के लिए स्वास्थ्य केन्द्रों में उपलब्ध हो एन्टी स्नेक वेनम

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जशपुर अंचल सहित ऐसे क्षेत्र जहा सर्पदंश के मामले ज्यादा आते हैं उन इलाकों में बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एन्टी स्नेक वेनम की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही स्वास्थ्य केन्द्रों में सर्पदंश के प्रकरणों को हैण्डल करने के लिए चिकित्सक एवं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध रहें।

मुख्यमंत्री ने वर्षाजनित बीमारियों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए हैं। बारिस के मौसम में घरों के आसपास जल जमाव न हो, ताकि मच्छर न पैदा हों। सर्दी-बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त समस्या होने पर लोग स्वास्थ्य केन्द्र जाएं और चिकित्सक की सलाह से ही दवाओं का सेवन करें।

 

मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना से संवर रहे जिले के स्कूल

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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत अब जिले के स्कूल संवरने लगे हैं। जिले में योजना अंतर्गत शाला भवन मरम्मत नवीनीकरण एवं जीर्णोद्धार कार्य के साथ अतिरिक्त कक्ष निर्माण कराया जा रहा है।
                       

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के तहत प्राथमिक शाला देवरीबाहरा,  शासकीय पूर्व प्राथमिक शाला भवन सोहागपुर और पारागांव के स्कूल भवन का जीर्णोद्धार कार्य किया गया है। जिसमें प्राथमिक शाला देवरीबहरा का 4 लाख 56 हजार रूपये की लागत से उन्नयन कार्य किया गया। पूर्व में इस भवन के छत में सीपेज की समस्या थी, जिसमें कंक्रीट वाटर प्रूफिंग ग्रेंडिंग का कार्य किया गया। साथ ही फर्श में टाइल्स, विद्युतीकरण कार्य, पोताई, पेंटिंग कार्य किया गया। इसी प्रकार मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना के अंतर्गत माध्यमिक शाला भवन सोहागपुर के लिए 4 लाख 23 हजार रूपये की लागत से जीर्णोद्धार का कार्य किया गया।

इस स्कूल भवन में फर्श टूट गया था तथा बरसात के समय छत से पानी टपकने की समस्या थी। जिसे फर्श में टाइल्स का कार्य, छत में कंक्रीट ग्रेडिंग कार्य, दरवाजा मरम्मत एवं पुट्टी-पोताई का कार्य किया गया और शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पारागांव में छत की स्थिति पूर्व में बहुत खराब थी। इस स्कूल भवन में 4 लाख 56 हजार रूपये की लागत से कंक्रीट ग्रेडिंग वाटर प्रूफिंग कम्पाउंड का कार्य किये जाने से छत से पानी टपकने की समस्या ठीक हो गया। फर्श पूरी तरह से खराब हो गया था, जिसमें नया फर्श लगाने का कार्य कराया गया है तथा छात्रों के लिए पानी टंकी एवं हाथ धुलाई के लिये प्लेटफार्म व नल फिटिंग की व्यवस्था की गई है। स्कूल भवन में पोताई, पेंटिंग व विद्युतीकरण का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री स्कूल जतन योजना से जीर्णोद्धार से नये भवन मिल जाने से सभी बच्चे खुश हैं।

लगभग हजार करोड़ रूपए से होंगे स्कूलों के मरम्मत कार्य

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रायपुर। प्रदेश के स्कूलों की मरम्मत के लिए लगभग एक हजार करोड़ रूपए उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही सभी शासकीय स्कूलों की गोबर पेंट से पोताई कराई जाएगी और उसके बाद लोगो भी लगाया जाएगा। यह सभी कार्य आगामी शिक्षा सत्र से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। यह बात स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कही।

वे आज रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. आलोक शुक्ला, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक लोक शिक्षण सुनील कुमार जैन सहित जिलों के जिला शिक्षा अधिकारीगण और जिला मिशन समन्वयकगण उपस्थित थे। मंत्री डॉ. टेकाम ने समीक्षा बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में जर्जर स्कूलों की मरम्मत के लिए लगभग एक हजार करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की है।

जिला शिक्षा अधिकारियों को मरम्मत योग्य सरकारी स्कूलों की जानकारी 7 दिनों के भीतर विभागीय पोर्टल में दर्ज करना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूलों के मरम्मत कार्य के स्वीकृति और निर्माण एजेंसी जल्द से जल्द तय कर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ करें। आगामी शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले सभी मरम्मत के कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। इसके अलावा इस बार शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले सभी स्कूलों की पोताई गोबर पेंट से कराई जाए। स्कूलों की मरम्मत कराने से पहले की स्थिति, मरम्मत कार्य के समय और कार्य पूर्ण होने के बाद का फोटोग्राफ्स विभागीय पोर्टल में अनिवार्य रूप से अपलोड करें।

बैठक में बताया गया कि सुघ्घर पढ़वैया योजनासभी शासकीय प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों के लिए है। इसका उद्देश्य स्वप्रेरणा से अच्छे कार्य एवं बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना है। अभी तक 35 हजार 889 स्कूलों ने आकलन के लिए चुनौती दी है और इनमें से 4 हजार 490 स्कूल थर्ड पार्टी आकलन के लिए सहमत हैं। डॉ. टेकाम ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि स्कूल बच्चों की शत्-प्रतिशत उपस्थिति के लिए प्रेरित करें और सभी स्कूलों को चुनौती देने हेतु प्रोत्साहित करें।

उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों को निकलरएप का उपयोग करना आना चाहिए। स्कूल के प्रधानपाठक और शिक्षक बच्चों के शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाकर स्व आकलन कर थर्ड पार्टी के लिए चुनौती दे। उन्होंने कहा कि स्कूल को धीरे-धीरे वर्तमान शैक्षणिक स्तर से ऊपर उठाने प्रोत्साहित किया जाए। बच्चों की शैक्षणिक योग्यता का आकलन कर उनकी कमी को दूर करें। इसके लिए संकुल स्तर के स्कूलों का भी सहयोग लिया जाए। योजना में शामिल होने के लिए स्कूल पोर्टल में आवेदन दे सकते हैं और आकलन के लिए विशेषज्ञ को मैन्टर बना सकते हैं।

बैठक में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में शिक्षकों की पदों की पूर्ति के लिए जिला शिक्षा अधिकारियों द्वारा सुझाव भी दिए गए। जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शाला से बाहर के बच्चों की जानकारी को दबचबतण्हवअण्पदध्ववेब में दर्ज कराने के साथ ही इनकी शिक्षा के लिए किए गए उपायों की जानकारी भी दें। डॉ. टेकाम ने अधिकारियों से कहा कि बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर लें, परीक्षा में नकल न होने दें। स्वामी आत्मानंद स्कूलों में शिक्षा के गुणवत्ता को बनाए रखना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। शिक्षकों की भर्ती शीघ्र पूरी कर ली जाए। 

बच्चों कोरोना काल में राज्य के शिक्षकों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कई प्रकार के नवाचार कर बेहतर कार्य किया, जिसकी चर्चा देशभर में हुई। इसी प्रकार के नवाचार बच्चों की पढ़ाई के हित में निरंतर किए जाएं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों का निरंतर आकस्मिक निरीक्षण और आकलन कर समीक्षा करने की निर्देश दिए हैं। स्कूलों के निरीक्षण और मॉनिटरिंग से पढ़ाई-लिखाई में तेजी आएंगी। स्कूलों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति और बच्चों की उपस्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि जहां भी बालवाड़ी का अच्छा संचालन हो रहा है, उसको जनप्रतिनिधियों को दिखाया जाए। कक्षा 12वीं के बाद बच्चों की कैरियर के लिए कौंसिल की जाए।

दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क बनने से खुले संभावनाओं के द्वार

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण एवं मरम्मत को लेकर लगातार कार्य हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश से प्रदेश की जनता के सुमम आवागमन के लिए सभी जिलों में सड़कों के कार्य लगातार जारी है। दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों तक सड़क निर्माण होने से आवागमन सुगम होने के साथ ही वहां विकास के द्वार खुले हैं। राज्य शासन द्वारा आवागमन को सुगम बनाने के लिए सड़क निर्माण, सड़क चौड़ीकरण, नवीनीकरण एवं मरम्मत को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया जा रहा है। विभिन्न मार्गों का चौड़ीकरण, नवीन सड़क निर्माण एवं मार्गों का डामर नवीनीकरण कार्य हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है।


मार्गों में डामरीकरण कार्य पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों एवं ग्रामवासियों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध हो रही है। शासन द्वारा बीते 4 वर्षों में राजनांदगांव, डोंगरगांव एवं छुरिया विकासखण्ड के अंतर्गत 64 मार्ग लंबाई 193.49 किलोमीटर के निर्माण एवं नवीनीकरण हेतु 128 करोड़ 18 लाख 91 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। अब तक 30 करोड़ 89 लाख 93 हजार रूपए की लागत से 22.55 किलोमीटर सड़क डामरीकरण, 54.80 किलोमीटर लंबी सड़क का डामर तथा नवीनीकरण कार्य किया गया है।

मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत कुल 99 मार्गों के लंबाई 19.77 किलोमीटर हेतु 11 करोड़ 55 लाख 20 हजार रूपए का पहुंच मार्ग के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिसमें 5 करोड़ 68 लाख 93 हजार रूपए की लागत से 11.60 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। भवनों के अंतर्गत 26 भवनों के निर्माण हेतु 19 करोड़ 67 लाख 21 हजार रूपए स्वीकृति प्रदान की गई है। 6 करोड़ 80 लाख 20 हजार रूपए की लागत से भवन निर्माण किया गया है। 2 करोड़ 33 लाख 98 हजार रूपए की लागत से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के भवन निर्माण का कार्य किया जा रहा है।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में तेजी से जारी है ग्रामीण सड़कों का निर्माण एवं डामरीकरण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य का सीमावर्ती नवगठित जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जिले में दर्जन भर से ज्यादा सड़कों के निर्माण के बाद डामरीकरण कराया जा रहा है। कलेक्टर पी.एस. धु्रव ने आज जिले के खड़गवॉ इलाके का दौरा कर ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं डामरीकरण कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता का विशेष रूप से ध्यान रखने और डामरीकरण का कार्य शीघ्र कराए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीओ लोक निर्माण सी.पी. बंजारे उनके साथ थे। कलेक्टर ध्रुव ने अपने भ्रमण के दौरान घुटरा से मुसरा सड़क के डामरीकरण कार्य का निरीक्षण किया। 



इस दौरान उन्होंने सड़क की चौड़ाई और लेयर की मोटाई की जांच भी तकनीकी अधिकारियों से अपने समक्ष करायी। कलेक्टर ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही और गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जिले की सभी सड़कों के निर्माण कार्य की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। घुटरा से मुसरा सड़क की लंबाई 4.30 किलोमीटर है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम लिमिटेड द्वारा लेदारी से पाराडोल सड़क, रतनपुर से चोपन व्हाया कोटया, जिल्दा से दुग्गी, गुड़घेला नाला से सिंघत, दुग्गी से खड़गवॉ का निर्माण कराया जा रहा है। कलेक्टर ने उक्त सभी सड़कों का निर्माण एवं डामरीकरण तेजी से पूरा कराने के निर्देश दिए।


मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में लगभग
60 करोड़ रूपए की लागत से कई ग्रामीण सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है। जनकपुर बाईपास सड़क का निर्माण 3 करोड़ 35 लाख 78 हजार रूपए की लागत से कराया जा रहा है, यह बाईपास 1.50 किलोमीटर लंबाई की है। इसी तरह जिले में 3.73 करोड़ रूपए की लागत से सरभोका से डोंगरीटोला सड़क, 8.09 करोड़ की लागत से पेण्ड्री अटल चौक से मटुकपुर मार्ग, 6.09 करोड़ की लागत से घुटरा से मुसरा मार्ग, 2.19 करोड़ रूपए की लागत से केल्हारी चौक से मध्यप्रदेश सीमा तक सड़क, 3.12 करोड़ रूपए की लागत से गुड़घेला नाल से सिंगरघाट, 5.95 करोड़ रूपए की लागत से दुग्गी से खड़गवा, 2.58 करोड़ रूपए की लागत से मनेन्द्रगढ़-लेदरी-पाराडोल सड़क, 3.34 करोड़ रूपए की लागत से लेदरी से गुरचहवा मार्ग, 7.52 करोड़ रूपए की लागत से भरतपुर विकासखण्ड अंतर्गत माथमौर से भैसुन सड़क तथा 4.18 करोड़ रूपए की लागत से भगवानपुर से मां चांग देवी मार्ग का निर्माण जारी है।

दिसंबर तक खराब सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश

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रायपुर। लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने प्रदेश की खराब और जर्जर सड़कों की मरम्मत तथा नवीनीकरण का कार्य आगामी दिसंबर माह तक आवश्यक रूप से पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक सड़क का वर्कप्लान तैयार कर संधारण कार्य निर्धारित समय-सीमा में किया जाए। साहू ने विभागीय कामकाज की समीक्षा करते हुए सड़को के निर्माण के साथ-साथ मरम्मत और नवीनीकरण कार्यों में तेजी लाने के लिए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालन अभियंता को सप्ताह में चार से पांच दिन कार्यस्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए।



इस मौके पर साहू ने सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए पांच चलित प्रयोगशाला वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये चलित प्रयोगशाला वाहन सभी पांच संभागों में भेजी गई हैं। इनके माध्यम से निर्माणाधीन सड़कों में इनपैक्ट वैल्यू टैक्स, डामर की जांच, ग्रेडेशन और फील्ड डेनसिटी की जांच की जा सकेगी।

सड़कों का निर्माण कार्य शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण हो : सीएम भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सड़कों का कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क मरम्मत के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। अब तक राज्य में 1 हजार करोड़ रूपए की लागत से सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। अन्य सड़कों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों का निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पैचवर्क वाली सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करें साथ ही खराब सड़कों की मरम्मत हेतु कलेक्टरों को मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।



बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ रोड़ एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा दिसम्बर 2022 तक सड़क एवं पुल के 165 कार्य, मार्च 2023 तक 180 कार्य, जून 2023 तक 99 कार्य, जुलाई 2023 तक 39 कार्य समेत कुल 483 कार्याें को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा जिला कोरबा अंतर्गत कटघोरा-हरदीबाजार-बलौदा-अकलतरा मार्ग में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिला रायगढ़ अतंर्गत चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग का नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है, जिन्हें शीघ्र पूरा करा लिया जायेगा।

जिला जांजगीर चांपा अंतर्गत फगुरम से डभरा होते हुये चंद्रपुर मार्ग, जिला दुर्ग अंतर्गत दुर्ग अण्डा उतई पाटन अभनपुर मार्ग, दुर्ग के एसीसी चौक जामुल से नंदिनी अहिवारा मार्ग, जिला बालोद के आदमाबाद घोटिया डौंडी मार्ग, जिला जशपुर के बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग, जिला सरगुजा के अंबिकापुर-दरिमा-नवानगर मार्ग, जिला बस्तर के जगदलपुर बायपास मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है जिसे शीघ्र पूर्ण कराया जा रहा है। इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग, एडीबी परियोजना एवं बजट में सम्मिलित विभिन्न योजना के तहत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़क और पुल के कार्य तेजी से पूर्ण कराये जा रहे हैं।

बैठक में मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, डॉ एस भारतीदासन, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी, ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री की उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया, सीजीआआईडीसीएल के प्रबंध संचालक सारांश मित्तर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही, तीन ठेकेदारों सहित ईई पीडब्ल्यूडी को कारण बताओ नोटिस

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रायगढ। सड़क निर्माण कार्य में लापरवाही, तीन ठेकेदारों सहित ईई पीडब्ल्यूडी को कारण बताओ नोटिस कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग के चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य तथा पूंजीपथरा-गेरवानी के मध्य जर्जर सड़क के मरम्मत कार्य में लापरवाही बरतने के कारण तीन ठेकेदारों सहित लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस के अनुसार कुर्रूभांठा-रक्सापाली-कछार-उसरौठ-तारापुर-पुटकापुरी-सुपा से राष्ट्रीय राजमार्ग-216 मार्ग निर्माण कार्य समय-सीमा पूर्ण होने के एक वर्ष पश्चात भी नहीं पूर्ण, 


 

करने पर मेसर्स बारबरिक प्रोजेक्ट लिमिटेड सूरजपुर एवं धरमजयगढ़-कापू मार्ग समय-सीमा पूर्ण होने पश्चात भी नहीं पूर्ण करने पर मेसर्स सुनील कुमार अग्रवाल, रायगढ़ तथा रायगढ़-धरमजयगढ़ मार्ग के चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण कार्य एवं पूंजीपथरा-गेरवारी के मध्य जर्जर सड़क के मरम्मत कार्य में लापरवाही बरतने पर मेसर्स बी.बी.वर्मा कंस्ट्रक्शन कोरबा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ईई पीडब्ल्यूडी को सड़क निर्माण कार्यों की स्वीकृति व कार्यादेश जारी होने के बाद भी कार्य में प्रगति नही आने व अपेक्षित मरम्मत कार्य नहीं कराए जाने को लेकर नोटिस जारी किया गया है।

दिसंबर तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाए : भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश की खराब सड़कों में जल्द ही पैचवर्क कर उन्हें ठीक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आगामी दिसंबर माह तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाए। रायपुर में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन आज मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की। ग्रामीण और पंचायत विभाग की समीक्षा करते हुए बघेल ने कहा कि खराब सड़कों की मरम्मत के लिए प्रत्येक जिले के कलेक्टर मॉनिटरिंग करेंगे।

        कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन आज मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा

वहीं, कृषि विकास और किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में रासायनिक खाद पर निर्भरता को खत्म करने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि जैविक खेती को अलग-अलग पैच में कराने के बजाय क्लस्टर में किया जाना चाहिए।

तीन साल से जमे पटवारी बदले जाएंगे

मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि तीन साल से एक ही स्थान पर पदस्थ पटवारियों का स्थानांतरण किया जाए। बघेल ने राजस्व विभाग के काम-काज पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टरों को इसे दुरूस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नामांतरण के लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने को कहा। बघेल ने शहरी क्षेत्रों में पट्टों के नवीनीकरण शुल्क को कम करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने राजस्व सचिव और कोंडागांव कलेक्टर को जिले में बंदोबस्त सर्वे करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायत पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बघेल ने अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि से प्रभावित किसानों को समय-सीमा में राहत राशि दिलाने के निर्देश भी दिए।

धान खरीदी व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में राम वनगमन परिपथ में आवासीय व्यवस्था को कार्यक्रम में जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासीय व्यवस्था होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के  रात्रि विश्राम के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा। इसके अलावा गंगरेल बांध में आईलैंड को विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शासकीय इमारतों में भी गोबर से निर्मित पेंट का इस्तेमाल करने को कहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में एक नवंबर से शुरू हो रही धान खरीदी के संबंध में भी विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से धान की आवक न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

​​​​​​​निर्माणाधीन सड़कों को तेजी से पूर्ण करायें, एक सप्ताह में होगी फिर से समीक्षा : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पीडब्लूडी अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में राज्य में सड़कों की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राशि स्वीकृति के बाद भी सड़कों की मरम्मत और कार्य ना होना आपकी लापरवाही दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सड़कों पर तेजी से कार्य करायें और जिन सड़कों में पैचवर्क की आवश्यकता है वहां तत्काल पैचवर्क करें। सड़कों की खराब स्थिति पर एक सप्ताह बाद दोबारा समीक्षा की जायेगी।



मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा दिसंबर 2022 तक 150 सड़कों और 15 पुल, मार्च 2023 तक 160 सड़क और 20 पुल, जून 2023 तक 74 सड़क और 25 पुल तथा दिसंबर 2023 तक 34 सड़क और 5 पुल का कार्य पूरा करा लिया जायेगा। इस प्रकार कुल 520 कार्यों में से दिसंबर 2023 तक 483 कार्य पूर्ण करा लिये जाएंगे। बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा जिला कोरबा अंतर्गत कटघोरा-हरदीबाजार-बलौदा-अकलतरा मार्ग में निर्माण कार्य प्रगति पर है

जिला रायगढ़ अतंर्गत चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग का नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है जिन्हें शीघ्र पूरा करा लिया जायेगा। जिला जांजगीर चांपा अंतर्गत फरगुम से डभरा होते हुये चंद्रपुर मार्ग, जिला दुर्ग अंतर्गत दुर्ग अण्डा उतई पाटन अभनपुर मार्ग, दुर्ग के एसीसी चौक जामुल से नंदिनी अहिवारा मार्ग, जिला बालोद के आदमाबाद घोटिया डौंडी मार्ग, जिला जशपुर के बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग, जिला सरगुजा के अंबिकापुर-दरिमा-नवानगर मार्ग, जिला बस्तर के जगदलपुर बायपास मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है जिसे शीघ्र पूर्ण कराया जा रहा है।

इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग, एडीबी परियोजना एवं बजट में सम्मिलित विभिन्न योजना के तहत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़क और पुल के कार्य तेजी से पूर्ण कराये जा रहे हैं। बैठक में लोकनिर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी, डॉ. एस. भारतीदासन, ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री की उप सचिव सुश्री सौम्या चौरसिया, सीजीआरआईडीसीएल के प्रबंध संचालक सारांश मित्तर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ में शाला भवनों की मरम्मत और रखरखाव के लिए पांच सौ करोड़ रुपये स्वीकृत

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रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने प्रदेश के विभिन्न शाला भवनों की मरम्मत और रखरखाव के लिए पांच सौ करोड़ रुपये स्वीकृत की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को सभी शाला भवनों की मरम्मत का कार्य बरसात के बाद तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री को प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान ग्रामीणों



जनप्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों से शाला भवनों की दशा के बारे में जानकारी मिली थी। लंबे समय से शाला भवनों की मरम्मत के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान नहीं होने की वजह से मरम्मत का कार्य नहीं हो सका था। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

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