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उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों पर मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक सम्पन्न

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रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में 18 जुलाई को विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज अपराधों पर मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक विधानसभा परिसर, रायपुर में सम्पन्न हुई। बैठक में मंत्रिपरिषद के उप समिति के सदस्य उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री राम विचार नेताम एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहे।

मंत्रिपरिषद उपसमिति की बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों में से 15 प्रकरणों की समीक्षा की गई। मंत्रिपरिषद उपसमिति द्वारा इन अनुशंसाओं को मंत्रिपरिषद के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि अब तक मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक में 139 विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों को प्रस्तुत किया जा चुका है जिसमे से 126 प्रकरणों को कैबिनेट की बैठक में अनुशंसा प्राप्त की जा चुकी है।


मंत्रिपरिषद की बैठक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का अनुमोदन किया गया। मंत्रिमण्डलीय उप समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान समर्थन मूल्य पर राज्य के किसानों से नगद एवं लिंकिंग में धान खरीदी 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। राज्य में धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी।

समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए कृषि विभाग द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किसान पंजीयन की प्रक्रिया जारी है, जो 31 अक्टूबर 2024 तक चलेगी। वर्ष 2024-25 में 160 लाख टन धान के उपार्जन का अनुमान है। समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था पूर्व वर्ष की भांति लागू रहेगी। मंत्रिपरिषद में खरीदी केन्द्रों में धान के नियंत्रित एवं व्यवस्थित रूप से उपार्जन हेतु सीमांत एवं लघु कृषकों को अधिकतम दो टोकन तथा दीर्घ कृषकों को अधिकतम तीन टोकन प्रदाय करने का निर्णय लिया गया। सभी खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल यंत्र के माध्यम से धान खरीदी होगी। धान खरीदी के लिए 4.02 लाख गठान नये जूट बारदाना जूट कमिश्नर के माध्यम से क्रय करने की स्वीकृति दी गई है। धान खरीदी के लिए कुल 8 लाख गठान बारदाने की जरूरत होगी। 

मंत्रिपरिषद की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में सहकारी समितियों में कार्यरत डाटाएन्ट्री ऑपरेटरों को 18,420 रूपए प्रतिमाह के मान से कुल 12 माह का मानदेय भुगतान का निर्णय लिया गया। इस पर कुल 60 करोड़ 54 लाख रूपए का व्यय भार आएगा। जिसके भुगतान के लिए पूर्व वर्षाें की भांति राशि मार्कफेड को प्रदाय की जाएगी। 

विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित प्रकरणों को जनहित में न्यायालय से वापस लिये जाने के संबंध में गठित मंत्रिपरिषद की उपसमिति द्वारा अनुशंसित 49 प्रकरणों को माननीय न्यायालय से वापस लिए जाने का निर्णय लिया गया है। 

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 2021 के नियम 8 (2) में सूबेदार/उप निरीक्षक संवर्ग/प्लाटून कमाण्डर के पद पर नियुक्ति हेतु भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में केवल एक बार के लिए अभ्यार्थियों की निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सभी छूटों को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

राज्य के सभी ग्राम पंचायतों के प्रत्येक घर में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु छत्तीसगढ़ ग्रामीण पेयजल संचालन एवं संधारण नियम, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत पंचायत की सामान्य प्रशासन समिति अपने दायित्वों के साथ-साथ ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के संचालन एवं संधारण का कार्य भी देखेगी। ग्राम सभा के अनुमोदन से जल प्रभार का निर्धारण के अलावा नये कनेक्शन का निर्णय, वित्तीय प्रबंधन, मरम्मत, पेयजल गुणवत्ता का निर्धारण एवं शिकायतों का निराकरण करेगी।

दिवंगत शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों के अनुकम्पा हेतु पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसके तहत ऐसे शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारी जिनकी मृत्यु सेवाकाल में हो गई थी और जिनके आश्रित नियमानुसार अनुकम्पा हेतु पात्र है, उन्हें छत्तीसगढ़ शिक्षक (पंचायत) संवर्ग नियम 2018 के आधार पर पात्रता अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगी। ऐसी स्थिति में स्कूल शिक्षा विभाग से पद पूर्ति के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को पद प्रदाय करने के पूर्व के आदेश को शिथिल करने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि दिवंगत के पात्र आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जा सके।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण (मीसा/डी.आई.आर. राजनैतिक या सामाजिक कारणों से निरूद्ध व्यक्ति) सम्मान निधि नियम, 2008 में संशोधन का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों का राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्ठि की जाएगी तथा अंत्येष्ठि के लिए उनके परिवार को 25 हजार रूपए की सहायता राशि दी जाएगी।

देशी/विदेशी मदिरा बोतलों पर चस्पा किये जाने हेतु Excise Adhesive Label (Hologram) होलोग्राम में अधिक सुरक्षात्मक फीचर्स उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार के उपक्रम भारत प्रतिभूति मुद्रणालय, नासिक रोड  (महाराष्ट्र) से होलोग्राम क्रय करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के तहत स्टील डाउन स्ट्रीम प्रोजेक्ट्स, एथेनॉल इकाईयों एवं कोर सेक्टर के सीमेंट उद्योगों के लिये विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज के निर्धारण का अनुमोदन किया गया।

राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित प्रकरणों की वापसी के सम्बंध में मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक कल

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रायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में कल 16 अक्टूबर सुबह 10 बजे से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों की वापसी के सम्बंध में मंत्रिपरिषद की उपसमिति की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में होगी। 

                    
बैठक में मंत्रिपरिषद के उप समिति के सदस्य उपमुख्यमंत्री अरुण साव, कृषि मंत्री राम विचार नेताम एवं महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित रहेंगे ।मंत्रिपरिषद उपसमिति की बैठक में विभिन्न जिलों से प्राप्त विशुद्ध रूप से राजनीतिक आंदोलनों से सम्बंधित दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की जायेगी।

मंत्रिपरिषद की बैठक : सीएम की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। 

जिसके तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब संग्रहण पारिश्रमिक 4000 रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा प्रदाय किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा हेतु नवीन योजना संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। इस नवीन योजना के संचालन के लिए शासन द्वारा 75 प्रतिशत एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि वित्तीय अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी।

मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए राज्य में महतारी वंदन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत विवाहित महिलाओं को एक हजार रूपए प्रतिमाह अर्थात् साल में 12 हजार रूपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातें में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में महिलाओं के साथ लिंग विभेद, असमानता, जागरूकता की कमी होने के फलस्वरूप समाज में महिलाओं के विरूद्ध भेदभाव को समाप्त करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है। इस योजना से महिला सशक्तिकरण एवं आर्थिक स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ निवासी विवाहित महिला, जिनकी आयु 1 जनवरी 2024 को 21 वर्ष से अधिक हो, को मिलेगा। विवाहित महिला के अलावा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं को भी योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र किया गया है।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अगस्त 2023 में जारी अधिसूचना में किए गए संशोधन को निरस्त कर पूर्ववत् किए जाने का निर्णय लिया गया। अगस्त 2023 में उक्त नियम में यह संशोधन किया गया था कि विभागीय जांच उपरांत, शास्ति प्रभावशील होने अथवा अपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा दंडित होने पर संविदा नियुक्ति के लिए अपात्र होंगे। इस संशोधन से ऐसे सेवानिवृत्त शासकीय सेवक जिनके विरूद्ध विभागीय जांच या अभियोजन के प्रकरण विचाराधीन अथवा प्रचलित है उन्हें भी संविदा नियुक्ति की पात्रता बन रही थी। जिसे मंत्रिपरिषद ने उचित नही मानते हुए इसे निरस्त कर संविदा नियम 2012 के प्रावधान को यथावत करने का निर्णय लिया है।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में भारत (बीएच) सीरीज के वाहन पंजीयन लागू कराए जाने का निर्णय लिया गया। भारत सरकार द्वारा लागू बीएच सीरीज के तहत दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए एक बार में दो वर्ष का टेक्स जमा कराना होगा।

छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया :-

आवासहीनों और कच्चे कमरे वाले परिवारों को पक्का आवास मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत स्थायी प्रतीक्षा सूची में शामिल शेष सभी 6 लाख 99 हजार 439 पात्र परिवारों को आवासों की स्वीकृति का निर्णय लिया गया।

सामाजिक आर्थिक एवं जातिगत जनगणना वर्ष 2011 की सर्वे सूची में शामिल होने से वंचित रह गए ऐसे परिवार जो आवासहीन है उन्हें राज्य सरकार द्वारा अपने मद से आवास उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में ग्रामीण आवास न्याय योजना की घोषणा की थी। इस योजना के नीति निर्धारण एवं क्रियान्वयन के संबंध में मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय लिया गया।

प्रदेश में जरूरतमंद परिवारों की आवश्यकता एवं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2023 के अनुसार कुल 47,090 परिवार ऐसे पाए गए है जो आवासहीन है और इनका नाम सर्वे सूची 2011 में नही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण न्याय योजना के लिए का शत प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा आवास निर्माण के लिए दी जाएगी। वर्ष 2023-24 के बजट में राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 100 करोड़ का बजट प्रावधान किया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज नवा रायपुर में आयोजित राजीव युवा मितान सम्मेलन में  शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में सीधी भर्ती के पदों पर 03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में प्रथम 3 वर्ष में क्रमशः वेतनमान के न्यूनतम का 70, 80 एवं 90 प्रतिशत स्टायपेण्ड दिये जाने के प्रावधान को समाप्त करने की बड़ी घोषणा की गई । जिसे मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुमोदित किया गया।

डिप्लोमाधारी और डिग्रीधारी स्टाफ नर्सेस को दी गई 3 एवं 4 वार्षिक वेतन वृद्धि की वसूली पर आगामी आदेश तक रोक लगाए जाने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुपालन में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया। जिसके तहत मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य सेवा परीक्षा नियम, 2008 में संशोधन का अनुमोदन किया गया।

जिसमें आयोग द्वारा राज्य सेवा परीक्षा संबंधी अंतिम चयन सूची जारी किए जाने के पश्चायत प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा अंतिम चयन परिणाम की अंक सूचियां अभ्यर्थियों के ऑनलाइन एकाउन्ट उपलब्ध करायी जाएगी। राज्य सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के परिणाम के साथ ही उक्त परीक्षा के विज्ञापित वर्ग एवं उपवर्गवार कट-ऑफ अंक जारी किए जाएंगे।

साक्षात्कार या व्यक्तित्व परीक्षण अब 150 अंक के स्थान पर 100 अंक का होगा।

गोधन न्याय योजना के तहत गोठानों से संबद्ध स्व-सहायता समूहों एवं प्राथमिक सहकारी समितियों को कम्पोस्ट विक्रय पर प्रोत्साहन (बोनस) राशि प्रदान करने का निर्णय लिया गया। स्व सहायता समूहों को 8 जुलाई 2022 से 7 जुलाई 2023 तक प्रति किलोग्राम कम्पोस्ट विक्रय पर एक रूपए प्रति किलो प्रोत्साहन राशि के मान से कुल 12.32 करोड़ रूपए तथा प्राथमिक सहकारी समितियों को प्रति किलो 10 पैसे की दर से कुल 13.55 लाख रूपए प्रोत्साहन (बोनस) राशि दिए जाने का निर्णय लिया गया।

बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 में निहित प्रावधान के तहत् राज्य बांध सुरक्षा संगठन के लिए मुख्य अभियन्ता के पद सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई।

भारत स्काउट गाईड जिला संघ रायपुर को प्रशिक्षण केन्द्र की स्थापना हेतु ग्राम माठ, जिला रायपुर में आवंटित शासकीय भूमि की निर्धारित प्रब्याजि या भू-भाटक को माफ कर निःशुल्क में आवंटन करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ निषाद केवट समाज को शैक्षणिक (छात्रावास) तथा सामाजिक भवन के लिए ग्राम फुण्डहर, जिला रायपुर में आबंटित शासकीय भूमि की निर्धारित प्रब्याजि राशि में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक द्वारा छत्तीसगढ़ में आदिवासी एवं पिछड़ा वर्ग के कल्याण हेतु संस्कार अध्ययन शाला, चिकित्सालय एवं गौशाला निर्माण हेतु श्रीमती सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा समिति जिला राजनांदगांव के स्वामित्व की भूमि को सशर्त आबंटित किए जाने का निर्णय लिया गया।

संस्था प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय अंबिकापुर जिला सरगुजा को अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन पर आवंटित नजूल भूमि की निर्धारित प्रब्याजि राशि में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ मोटरयान कराधान अधिनियम 1991 के द्वितीय अनुसूची के भाग- एक के स्पष्टीकरण में संशोधन प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ वेतन पुनरीक्षण नियम, 2017 के अंतर्गत ग्रेड पे 8700 का वेतन मैट्रिक्स में तत्स्थानी लेवल 15 में कोष्टिकाएं निर्धारण हेतु गुणांक 2.57 को 2.67 करने का निर्णय लिया गया।

सेरीखेड़ी में मंत्रालयीन सेवा के अधिकारी एवं कर्मचारियों हेतु विशेष आवासीय योजना सेरीखेड़ी रायपुर में विकसित भूखण्डों के पात्रता में संशोधन का निर्णय लिया गया। योजना के लाभ की पात्रता सूची में न्यायिक सेवा श्रेणी के अधिकारी-कर्मचारियों सहित अन्य को शामिल किया गया है।

पढिए : पीडीएफ फ़ाइल

मंत्रिपरिषद की बैठक : 2 सितंबर 2023-1 MB

पंजीकृति भूमिहीन श्रमिक की आजीविका क्षति पर आर्थिक सहायता का जोड़ा गया नया प्रावधान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन प्रस्ताव के अनुसार प्राकृतिक आपदा के विरूद्ध प्रभावित व्यक्तियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की राशि में बढ़ोतरी की गई है। केबिनेट की बैठक में अनुमोदित संशोधन प्रस्ताव के अनुसार कृषि भूमि से गाद/मलबा निकालने हेतु वर्तमान में 12,200 रूपए प्रति हेक्टेयर का प्रावधान है। 



नवीन प्रावधान में इसे बढ़ाकर 18,000 रूपए प्रति हेक्टेयर किया गया है। भू-स्खलन/नदी से भूमि हानि के लिए वर्तमान प्रावधान 37,500 रूपए प्रति हेक्टेयर को नवीन प्रावधान में बढ़ाकर 47,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, असिंचित भूमि में कृषि बागानी फसल हानि पर वर्तमान में 6,800 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 8,500 रूपए प्रति हेक्टेयर, सिंचित भूमि में कृषि बागानी फसल हानि पर वर्तमान में 13,500 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 17,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, बारहमासी फसल हानि पर वर्तमान में 18,000 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 22,500 रूपए प्रति हेक्टेयर किया गया है।

इसी प्रकार रेशम ( ऐरी, मलबरी, टसर) की हानि पर वर्तमान प्रावधान 4,800 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 6,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, रेशम (मूगा) की हानि पर वर्तमान प्रावधान 6,000 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 7,500 रूपए प्रति हेक्टेयर, टिड्डी नियंत्रण हेतु रसायन स्प्रे पर नवीन प्रावधान राज्य के अंश की सीमा तक प्रावधान किया गया है। बड़े दुधारू पशु की हानि पर वर्तमान प्रावधान 30,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 37,500 रूपए, छोटे दुधारू पशु की हानि पर वर्तमान में 3,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 4,000 रूपए, बड़े सूखे पशु की हानि पर वर्तमान प्रावधान 25,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 32,000 रूपए, 

छोटे सूखे पशु की हानि पर वर्तमान में 16,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 20,000 रूपए, पोल्ट्री के लिए वर्तमान प्रावधान 5,000 रूपए प्रति परिवार, 50 रूपए प्रति पक्षी को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 10,000 रूपए प्रति परिवार, 100 रूपए प्रति पक्षी किया गया है। इसी प्रकार गौशाला में पशु चारा के लिए वर्तमान प्रावधान 70 रूपए प्रतिदिन प्रति बड़े पशु, 35 रूपए प्रतिदिन प्रति छोटेपशु को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 80 रूपए प्रतिदिन प्रति बड़ेपशु, 45 रूपए प्रतिदिन प्रति छोटेपशु, पशुगृह क्षति में 1500 रूपए प्रति शेड को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 3000 रूपए प्रति शेड, सामान्य क्षेत्र में मकान क्षति (पूर्ण) वर्तमान प्रावधान 95,100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 1,20,000 रूपए, पहाड़ी क्षेत्र में मकान क्षति (पूर्ण) वर्तमान प्रावधान 1,01,900 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 1,30,000 रूपए, 

पक्का मकान क्षति (आंशिक) वर्तमान प्रावधान 5200 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 6500 रूपए, कच्चा मकान क्षति (आंशिक) वर्तमान प्रावधान 3200 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 4000 रूपए, झोपड़ी क्षति वर्तमान प्रावधान 4100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 8000 रूपए, कपड़ा क्षति वर्तमान प्रावधान 1800 रूपए प्रति परिवार को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 2500 रूपए प्रति परिवार, बर्तन क्षति वर्तमान प्रावधान 2000 रूपए प्रति परिवार को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 2500 रूपए प्रति परिवार, जनहानि पर वर्तमान प्रावधान 4,00,000 रूपए को नवीन प्रावधान में यथावत रखा गया है। इसी प्रकार अंग हानि (40 से 60 प्रतिशत) पर वर्तमान प्रावधान 59,100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 74,000 रूपए, अंग हानि (60 प्रतिशत से अधिक) पर 2,00,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 2,50,000 रूपए, अस्पताल में भर्ती (1 सप्ताह से कम) वर्तमान प्रावधान 4300 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 5400 रूपए, 

अस्पताल में भर्ती (1 सप्ताह से ज्यादा) वर्तमान प्रावधान 12700 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 16000 रूपए, हथकरघा बुनकर को क्षति पर वर्तमान प्रावधान 4100 रूपए प्रति कारीगर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 5000 रूपए प्रति कारीगर, मछुवारों के नाव की पूर्ण क्षति पर वर्तमान प्रावधान 9600 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 15000 रूपए, मछुवारों के नाव की आंशिक क्षति पर 4100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 6000 रूपए, मछुवारों के जाल की पूर्ण क्षति पर वर्तमान प्रावधान 2600 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 4000 रूपए, मछुवारों के जाल की आंशिक क्षति पर वर्तमान प्रावधान 2100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 3000 रूपए, मछली चारे हेतु इनपुट सब्सिडी पर वर्तमान प्रावधान 8200 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 10000 रूपए प्रति हेक्टेयर, पंजीकृत भूमिहीन श्रमिक की आजीविका क्षति पर नवीन प्रावधान आपदा की अवधि (30 दिन) तक 02 सदस्य को मनरेगा दर पर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।  

छत्तीसगढ़ की नवीन मछली पालन नीति केबिनेट में मंजूर

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में आज छत्तीसगढ़ राज्य की नवीन मछली पालन नीति में मछुआरा के हितों को ध्यान में रखते हुए संशोधन को मंजूरी दी गई। मछुआ समुदाय के लोगों की मांग और उनके हितों को संरक्षित करने के उद्देश्य से नवीन मछली पालन नीति में तालाब और जलाशयों को मछली पालन के लिए नीलामी करने के बजाय लीज पर देने के साथ ही वंशानुगत-परंपरागत मछुआ समुदाय के लोगों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। तालाबों एवं सिंचाई जलाशयों के जलक्षेत्र आबंटन सीमा में 50 फीसद की कमी कर ज्यादा से ज्यादा मछुआरों को रोजी-रोजगार से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। प्रति सदस्य के मान से आबंटित जलक्षेत्र सीमा शर्त घटाने से लाभान्वित मत्स्य पालकों की संख्या दोगुनी हो जाएगी।



संशोधित नवीन मछली पालन नीति के अनुसार मछली पालन के लिए तालाबों एवं सिंचाई जलाशयों की अब नीलामी नहीं की जाएगी, बल्कि 10 साल के पट्टे पर दिए जाएंगे। तालाब और जलाशय के आबंटन में सामान्य क्षेत्र में ढ़ीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को तथा अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी। मछुआ से तात्पर्य उस व्यक्ति से है, जो अपनी अजीविका का अर्जन मछली पालन, मछली पकड़ने या मछली बीज उत्पादन का कार्य करता हो, के तहत वंशानुगत-परंपरागत धीवर (ढ़ीमर), निषाद (केंवट), कहार, कहरा, मल्लाह को प्राथमिकता दिया जाना प्रस्तावित है।

इसी तरह मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति अथवा मछुआ व्यक्ति को ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम एक हेक्टेयर के स्थान पर आधा हेक्टेयर जलक्षेत्र तथा सिंचाई जलाशय के मामले में चार हेक्टेयर के स्थान पर दो हेक्टेयर जलक्षेत्र प्रति सदस्य/प्रति व्यक्ति के मान से आबंटित किया जाएगा। मछली पालन के लिए गठित समितियों का ऑडिट अभी तक सिर्फ सहकारिता विभाग द्वारा किया जाता था। अब संशोधित नवीन मछली पालन नीति में सहकारिता एवं मछली पालन विभाग की संयुक्त टीम ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है।

त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था अंतर्गत शून्य से 10 हेक्टेयर औसत जलक्षेत्र के तालाब एवं सिंचाई जलाशय को 10 वर्ष के लिए पट्टे पर आबंटित करने का अधिकार ग्राम पंचायत का होगा। जनपद पंचायत 10 हेक्टेयर से अधिक एवं 100 हेक्टेयर तक, जिला पंचायत 100 हेक्टेयर से अधिक एवं 200 हेक्टेयर औसत जलक्षेत्र तक, मछली पालन विभाग द्वारा 200 हेक्टेयर से अधिक एवं 1000 हेक्टेयर औसत जलक्षेत्र के जलाशय, बैराज को मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को पट्टे पर देगा। नगरीय निकाय अंतर्गत आने वाले समस्त जलक्षेत्र नगरीय निकाय के अधीन होंगे, जिसे शासन की नीति के अनुसार 10 वर्ष के लिए लीज पर आबंटित किया जाएगा। 

सीएम की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद बैठक में लिए महत्तवपूर्ण निर्णय

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रायपुर। जिला खनिज संस्थान न्यास से संपादित अधोसंरचना के कार्याें पर व्यय हेतु न्यास निधि में प्राप्त राशि से निश्चित प्रतिशत राशि के बंधन से मुक्त किए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान नियम 2015 में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है।



इसके तहत् डीएमएफ के अन्य प्राथमिकता मद में उपलब्ध राशि का 20 प्रतिशत सामान्य क्षेत्र में तथा 40 प्रतिशत अधिसूचित क्षेत्र में व्यय किए जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है, इससे अधोसंरचना के कार्य को गति मिलेगी जिससे प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेजी से होगा।

नवीन मछली पालन नीति में संशोधन किए जाने के विभागीय आदेश का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। अब मछली पालन के लिए तालाब/जलाशय की नीलामी नहीं होगी। तालाब/जलाशय  10 वर्ष के लीज पर दिए जाएंगे। तालाब/जलाशय के पट्टा आबंटन में सामान्य क्षेत्र में ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी।

संशोधन प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम एक हेक्टेयर के स्थान पर आधा हेक्टेयर तथा सिंचाई जलाशय के मामले में 4 हेक्टेयर के स्थान पर 2 हेक्टेयर प्रति सदस्य/प्रति व्यक्ति के मान से जल क्षेत्र आबंटित किए जाने का प्रावधान किया गया है। मछली पालन के लिए गठित समितियों का आडिट अब सहकारिता एवं मछली पालन विभाग की संयुक्त टीम करेगी।

राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ एवं निजी निवेशकों के मध्य सम्पादित त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर स्थापित वनोपज आधारित उद्योगों द्वारा जो उत्पाद निर्माण किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत 40 प्रतिशत की छूट के साथ क्रय करते हुए संजीवनी एवं अन्य माध्यमों से विक्रय हेतु शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के फलस्वरूप उन उद्योगों को जो वनोपज आधारित उत्पादों का निर्माण करना चाहते हैं उनको बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हर्बल के अंतर्गत अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का विक्रय हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा, अनुसूचित जातियों,अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था में प्रवेश में आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022-23 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया।

ग्राम सेरीखेड़ी रायपुर पटवारी हल्का नम्बर 77 में स्थित शासकीय भूमि 9.308 हेक्टयर भूमि का आबंटन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन साधारण प्रकृति के प्रकरणों को जनहित में वापस लिए जाने हेतु निर्धारित अवधि 31 दिसंबर 2017 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान राशि  70 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

 

एक नवंबर 2022 से इकतीस जनवरी 2023 तक समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी

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रायपुर। राज्य मंत्रिपरिषद की आज रायपुर में हुई बैठक में धान की खेती वाले क्षेत्रों में अन्य फसल लेने वाले किसानों को दस हजार रूपए की मदद देने की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की। एक अन्य निर्णय में मंत्रिपरिषद ने अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर महीने में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की पात्रता के समकक्ष राज्य योजना के राशनकार्ड धारकों को अतिरिक्त खाद्यान्न प्रदान करने को मंजूरी दी। वहीं, 



अक्टूबर माह का नियमित मासिक अनाज निर्धारित उपभोक्ता दर पर और नवम्बर तथा दिसम्बर महीने में राज्य योजना के राशनकार्ड धारकों को मासिक पात्रता का चावल निःशुल्क वितरित करने का फैसला भी लिया गया। इसके अलावा बैठक में तय किया गया कि राज्य में आगामी एक नवंबर से अगले वर्ष इकतीस जनवरी तक समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जाएगी। इसी प्रकार मक्का की खरीदी आगामी एक नवंबर से अगले साल अट्ठाईस फरवरी तक की जाएगी। बैठक शुरू होने से पहले मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने दिवंगत विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय मनोज मंडावी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

सीएम भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्पूर्ण निर्णय

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1-राज्य में प्रचलित मछली नीति के स्थान पर नई मछली पालन नीति लागू करने का अनुमोदन किया गया। नवीन मछली पालन नीति में मछुआरों को उत्पादकता बोनस दिए जाने का प्रावधान किया गया है। मत्स्य महासंघ को जलाशय निविदा से प्राप्त 50 प्रतिशत राशि में से मछुआरों को उत्पादकता बोनस के रूप में दिया जाएगा।



राज्य स्थित अनुपयोगी खदानों को विकसित कर मछली पालन हेतु उपयोग में लाया जाएगा। 

तालाबों/जलाशयों को मछली पालन हेतु पट्टे पर देने के अधिकार के तहत 0 से 10 हेक्टेयर औसत जल क्षेत्र के तालाब/जलाशय को ग्राम पंचायत द्वारा नियमानुसार 10 वर्षीय पट्टे पर प्रदान किए जाएंगे।

 10 से 100 हेक्टेयर तक जनपद पंचायत, 100-200 हेक्टेयर तक जिला पंचायत, 200-1000 हेक्टर मछली पालन विभाग द्वारा 1000 हेक्टेयर से अधिक के जलाशय/बैराज छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य महासंघ द्वारा खुली निविदा आमंत्रित कर 10 वर्ष के लिए पट्टे पर दिया जाएगा।

मत्स्य महासंघ को खुली निविदा से प्राप्त आय का 50 प्रतिशत रायल्टी राज्य शासन के खाते में जमा करनी होगी।

 एनीकट और उन पर स्थित दह (डीप पूल) जो 20 हेक्टेयर से अधिक के हों उसे उन मछुआरों को जो एनीकट्स/ डीप पूल के आस पास के ग्रामीण जो मत्स्याखेट से जीवन यापन करते हैं, उनकी सहकारी समिति का गठन कर पट्टे पर देने की कार्रवाई संचालक मछलीपालन के माध्यम से की जाएगी।

नदियों एवं 20 हेक्टेयर से कमजल क्षेत्र वाले एनीकट/डीपपूल में निःशुल्क मत्स्याखेट की व्यवस्था यथावत रहेगी। 

 गौठानों हेतु निर्मित तालाबों में मछली पालन का कार्य गौठान समिति या उनके द्वारा चिन्हित समूह द्वारा की जाएगी।

 पंचायतों द्वारा लीज राशि में बढ़ोतरी प्रति दो वर्ष में 10 प्रतिशत निर्धारण किया जाएगा। जिससे पंचायतों की आय में वृद्धि हो एवं उक्त राशि से ग्रामीणों के हित में विकास कार्य कराए जाए।

आदिवासी मछुआ सहकारी समिति में गैर आदिवासी सदस्यों का प्रतिशत 33 से घटाकर 30 प्रतिशत करने प्रावधान किया गया है।

अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासी मछुआ सहकारी समिति का अध्यक्ष का पद अनिवार्य रूप से अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित रहेगा।

2-प्रदेश में स्वीकृत सहायक आरक्षकों के पदों को समाप्त कर डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग के सृजन की स्वीकृत के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इससे पुलिस विभाग के सहायक आरक्षकों के वेतन संबंधी विसंगति को दूर होगी और प्रदेश के समस्त सहायक आरक्षकों को नियमित वेतनमान प्राप्त होगा।

3-स्थानांतरण नीति 2022 के परिपेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया कि इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया जाएगा, जिसके सुझाव/अनुशंसा के आधार पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया जाएगा।

4-प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022-2023 का विधान सभा में उपस्थापन बाबत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2022 के प्ररूप का अनुमोदन किया गया।

5-विधान सभा के माननीय अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष एवं सदस्यों के वेतन एवं भत्तों संशोधन विधेयक 2022 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

6-छत्तीसगढ़ मंत्री (वेतन तथा भत्ता) अधिनियम, 1972 में संशोधन विधेयक, 2022 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

7-माननीय मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद में प्रावधानित वार्षिक राशि 40 करोड रूपए की सीमा को बढ़ाकर 70 करोड़ रूपए किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

8- क्षेत्र संयोजक से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत के पद पर पदोन्नति हेतु न्यूनतम कालावधि  05 वर्ष में 06 माह की छूट प्रदान करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

9-वर्ष 2022-23 के लिये आबकारी राजस्व लक्ष्य एवं गौठान के विकास तथा अन्य विकास गतिविधियों के लिये अतिरिक्त राशि की आवश्यकता की प्रतिपूर्ति हेतु ‘‘अतिरिक्त आबकारी शुल्क‘‘ में वृद्धि किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

10-विघटित परिवहन निगम के अधिकारियों ध् कर्मचारियों की असामयिक मृत्यु होने पर आश्रित परिवार के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने की प्रक्रिया में आवश्यक संशोधन किया गया।

11-छत्तीसगढ़ भू-जल (प्रबंधन और विनियमन) विधेयक-2022,( Chhattisgarh Ground water (Management and Regulation) Bill, 2022)के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

12-छत्तीसगढ़ राज्य गठन के पूर्व एवं पश्चात् मोटरयानों पर बकाया कर के एकमुश्त निपटान योजना-2020 (One Time Settlement ) की मियाद अवधि एक अप्रैल 2022 से माह मार्च 2023 तक बढ़ाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

13- अपै्रल 2020 से मार्च 2022 कुल 24 माह का सिटी बसों पर बकाया रोड टैक्स की  राशि 99.95 लाख को छूट प्रदान करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

14-औद्योगिक एवं आर्थिक मंदी के दुष्प्रभाव के कारण एचव्ही-4 श्रेणी के स्टील उद्योग अंतर्गत स्टेंड एलोन रोलिंग मिल को प्रतिस्पर्धा में टिके रहने के लिए राज्य शासन द्वारा विशेष राहत पैकेज अंतर्गत ऊर्जा प्रभार में 01 जुलाई 2022 से 31 मार्च 2023 तक छूट दिए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

15-छत्तीसगढ़ विद्युत शुल्क अधिनियम, 1949 (क्रमांक ग् सन् 1949) में और संशोधन विधेयक के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

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