Media24Media.com: भूपेश सरकार के दो साल

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छत्तीसगढ़ सरकार के 2 साल पूरे, कैबिनेट के मंत्रियों ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

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छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार को बने आज 2 साल पूरे (Bhupesh government was completed for 2 years in Chhattisgarh) हो गए हैं, जिसके तहत भूपेश सरकार (Bhupesh government) कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। वहीं सरकार के कार्यकाल को दो साल पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के प्रभारी मंत्री और कैबिनेट मंत्रियों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर सरकार की उपलब्धियां गिनाई जा रही है।





छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के दो साल हुए पूरे, प्रदेश की योजनाओं पर डाले एक नजर





कांग्रेस का दावा है कि 2 साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ सरकार ने विकास के कई काम किए हैं। वहीं मंत्री लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं। कैबिनेट के मंत्रियों का कहना है कि सरकार ने चुनाव के दौरान जितने भी वादे किए थे, सबको पूरा किया गया है।









कैबिनेट मंत्रियों द्वारा बताईं गई सरकार की उपलब्धियां





  • छत्तीसगढ़ के 18 लाख किसानों का करीब 9000 करोड़ रुपए अल्पकालीन कृषि ऋण माफ ।
    जल कर के रूप में 17 लाख किसानों का 244 करोड़ रुपए बकाया माफ।
  • बस्तर जिले के किसानों की 1764.61 हेक्टेयर अधिग्रहित भूमि वापस।
  • सभी धान खरीदी केंद्रों में चबूतरे और पक्के शेड बनाने के लिए स्वीकृति जारी।
  • 1 करोड़ 36 लाख गोबर विक्रेताओं को 59 करोड़ का भुगतान किया।
  • छत्तीसगढ़ में मछली पालन को भी कृषि का दर्जा देने की घोषणा।
  • पर्यटन के लिए राम वन गमन पर्यटन सर्किट के तहत 75 स्थानों का चयन।
  • प्रथम चरण में 9 स्थानों में सौंदर्यीकरण जारी।
  • लाख की खेती के लिए किसानों को सहकारी समिति से अन्य फसलों की तरह अल्पकालीन ऋण की सुविधा प्रदान की।
  • अनुसूचित जाति और जनजाति के किसानों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराया।
  • छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधी उद्यानिकी विश्विद्यालय की स्थापना का काम शुरू।
  • गरीब और अमीर परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने का फैसला।वन विभाग के अंतर्गत 4000 रुपए प्रति मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्राहकों को दिया जा रहा।
  • 57 नवीन पशु औषधालय की स्थापना की।खेत खलिहान तक पहुंचने के लिए धरसा विकास योजना की शुरुआत की।
  • मनरेगा के तहत 27 लाख परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया।
  • प्रदेश के सभी परिवारों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया।
  • खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश के 15 लाख परिवारों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई।
  • दूरस्थ क्षेत्रों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के तहत निशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
  • किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने और फसल उत्पादकता में वृद्धि के उद्देश्य से प्रदेश में राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की गई है, इससे 19 लाख से अधिक किसानों को 5750 करोड़ रुपए की आदान सहायता चार किश्तों में प्रदान किया जा रहा है।
  • छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना की शुरुआत की गई, जिसके तहत 2 रुपए किलो की दर से गोठानों में गोबर की खरीदी की जा रही। इस योजना के माध्यम से जैविक खेती, पशुओं की देखभाल के साथ फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है।
  • प्रदेश के सभी छोटे-बड़े नालों को पुनर्जीवित करने और जल संरक्षण , भू-जल संवर्धन के लिए सभी जिलों में नरवा विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत 1028 नालों का चयन कर संवर्धन की योजना बनाई गई है।
  • देशव्यापी लॉकडाउन के बावजूद छत्तीसगढ़ के कृषि सहित सभी क्षेत्रों में आर्थिक तेजी रही। रिजर्व बैंक सहित अनेक राष्ट्रीय एजेंसियों ने इसे सराहा है।
  • लाख की खेती के लिए किसानों को अब सहकारी समितियों से अन्य फसलों की तरह अल्पकालीन ऋण सुविधा दी गई है।
  • कृषि पंप ऊर्जीकरण के लिए विद्युत लाइनों के विस्तार हेतु प्रति पंप एक लाख रुपए का अनुदान।
  • दो सालों में 57 हजार से अधिकपंपों का ऊर्जीकरण किया गया है।
  • 3 हार्स पावर तक कृषि पंपों में 6000 यूनिट प्रतिवर्ष और 03 से 05 हार्स पावर के कृषि पंपों में 7500 यूनिट प्रति वर्ष छूट का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा फ्लेट रेट में बिजली प्राप्त करने का भी विकल्प है।
  • इंद्रावती नदी पर 22 हजार 653 करोड़ रुपए की बोधघाट बहुदेशीय परियोजना का काम आगे बढ़ा है।
  • बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिले में 03 लाख 66 हजार हेक्टेयर में नई सिंचाई क्षमता निर्मित होगी।
  • मनरेगा से इस साल अब तक करीब 27 लाख परिवारों के करीब 51 लाख श्रमिकों को काम दिया गया। इसके तहत साढ़े दस करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन कर 2305 करोड़ रूपए की मजदूरी का भुगतान किया गया।
  • प्रदेश में इस साल 1.28 लाख परिवारों को 100 दिनों का रोजगार दिया गया है।
  • वन अधिकार पट्टाधारी 21 हजार से अधिक परिवारों को भी 100 दिनों से अधिक का रोजगार दिया गया है।
  • मनरेगा अभिसरण से धान उपार्जन केंद्रों में 6692 पक्के चबूतरों का निर्माण किया गया है।
  • दो साल पूरे होने पर 16 हजार 278 शिक्षाकर्मियों का संविलयन किया गया है।
  • 14 हजार 580 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है।
  • नरवा विकास के कामों के लिए छत्तीसगढ़ को अवार्ड।

छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के दो साल हुए पूरे, प्रदेश की योजनाओं पर डाले एक नजर

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आज यानी 17 दिसंबर को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार (Congress Government) को बने 2 साल पूरे (2 years of Bhupesh Government) हो गए हैं। इन दो सालों में बघेल सरकार पूरी तरह से देसी छवि अपनाकर 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' का नारा लगते रहे हैं। वहीं योजनाओं पर नरवा, गुरुवा, घुरवा और बाड़ी योजना हो, गोधन न्याय योजना हो या फिर राजीव गांधी किसान न्याय योजना भूपेश सरकार का पूरा फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर रहा है।









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बता दें कि 7 दिसंबर साल 2018 को छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनी थी। 15 साल के बाद कांग्रेस को फिर से सत्ता मिली थी। हालांकि की उस समय मुख्यमंत्री के पद के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी, लेकिन आखिर में सीएम की कुर्सी भूपेश बघेल को मिली। मुख्यमंत्री के पद के लिए टीएस सिंहदेव भी रेस में थे, लेकिन सीएम का ताज भूपेश बघेल के सिर पर सजा था। कांग्रेस को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका घोषणा पत्र की भी थी, जिसे तैयार करने में टीएस सिंहेदव का बड़ा हाथ था।









बता दें कि इन दो साल के कार्यकाल में भूपेश सरकार ने कई योजनाओं की शुरुआत की, जिसका लोग अभी भी लाभ ले रहे है। आज हम उन्हीं योजनाओं के बारे में आपको विस्तार से बताने वाले है।





छत्तीसगढ़ की प्रमुख योजनाओं के नाम और उद्देश्य (Names of schemes of Chhattisgarh and its objectives)





मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान (Mukhyamantri suposhan Yojana) – छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने 2 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर इस योजना की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री सुपोषण योजना के तहत राज्य सरकार प्रदेश के कुपोषण और एनीमिया से पीड़ित महिलाएं और बच्चे को पौष्टिक खाना उपलब्ध करा रही है।





छत्तीसगढ़ सार्वभौम पीडीएस (Chhattisgarh sarvbhom PDS) – इस योजना के अंतर्गत प्रति राशन कार्ड 35 रूपए किलो चावल, एपीएल परिवारों को 10 रूपए किलो चावल वितरण, ग्रामीण और शहरी गरीबों को मिट्टी का तेल दिया जाता है।





मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना (CG Mukhyamantri Haat Bazar Yojana) – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 2 अक्टूबर को 150वीं गांधी जयंती पर राज्य में दूर दराज के आदिवासी बाहुल्य इलाकों में मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना 2019 (CM Haat Bazar Yojana in Chhattisgarh) की शुरुआत की है।





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मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना (CG Mukhyamantri Haat Bazar Yojana) में राज्य सरकार आदिवासी क्षेत्रों में मुफ्त चिकित्सा देने के लिए और लोगों को पर्याप्त उपचार प्रदान करने के लिए दवाइयों के साथ डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टॉफ सहित एक मेडिकल टीम के साथ मोबाइल चिकित्सा यूनिट भेजती है। इस सरकारी योजना के माध्यम से राज्य सरकार दूर-दराजों के क्षेत्रों में मुफ्त इलाज उपलब्ध करा रही है।





मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना (mukhyamantri sahari Slum swasthya yojana) – इस योजना को उद्देश्य शहरी स्लम बस्तियों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चि करना है। साथ ही ओपीडी सहित कई तरह के जांच और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध कराना है।





मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना (mukhyamantri ward karyalay yojana) – इस योजना का उद्देश्य नगरीय निकायों के विभिन्न वार्डों में मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय के माध्यम से विभिन्न तरह के जन समस्याओं का निराकरण करना है।









कृषक जीवन ज्योति योजना (krishak jeevan jyoti yojana) – इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के सभी किसानों के सभी पंपों को बिना किसी क्षमता और खपत की सीम के फ्लैट रेट की सुविधा उपलब्ध कराना है।









छत्तीसगढ़ पढ़ई तुंहर दुआर योजना (chhattisgarh padhai tuhar dwar yojana) - पढ़ई तुंहर दुआर योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को ई क्लासरूम, स्टडी मटेरियल, वीडियो लेसन, शैक्षणिक खेल, होमवर्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अभी के लिए इस पोर्टल पर पहली कक्षा से 10वीं तक के पाठ्यक्रम और विषय सामग्री उपलब्ध है। जिस पर कुछ ही दिनों में 11वीं, 12वीं कक्षा को भी जोड़ा जाएगा। वेबसाइट शुरू होने के सिर्फ एक दिन में ही इससे राज्य के 2216106 स्कूली बच्चे और 200922 स्कूल शिक्षक जुड़ चुके हैं।





छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री मितान योजना (chhattisgarh mukhyamantri mitan yojana) – छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में 15 अगस्त 2020 को मुख्यमंत्री मितान योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत राज्य के सभी नागरिकों को घर बैठे सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मितान योजना के तहत राज्य के निवासी कॉल सेंटर में फोन करके किसी भी सेवा के बारे में पूछताछ कर सकते हैं या फिर सर्विस की Home Delivery करवा सकते हैं।






https://twitter.com/bhupeshbaghel/status/1294506882283921408?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1294506882283921408%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fsarkariyojana.com%2Fmukhyamantri-mitan-yojana%2F




गोधन न्याय योजना छत्तीसगढ़ (jodhan nyay yojana) – गोधन न्याय योजना' छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को लाभ पहुंचाने की प्रदेश सरकार की एक नई योजना है। इस योजना के तहत किसानों और पशुपालकों से 2 रुपये प्रति किलो की दर से गोबर की खरीदी की जाएगी, जिसके जरिए गौठानों में बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण और अन्य उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे गांव के लोगों को रोजगार और आर्थिक लाभ मिल सकेगा।





राजीव गांधी किसान न्याय योजना (rajiv gandhi kisan nyay yojana) - छत्तीसगढ़ राज्य में लगभग 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है। राज्य का अधिकांश क्षेत्र वर्षा आधारित होने से मौसमीय प्रतिकूलता और कृषि आदान लागत में वृद्धि के कारण कृषि आय में अनिश्चितता या ऋण ग्रस्तता बनी रहती है, जिसकी वजह से किसान फसल उत्पादन के लिए आवश्यक आदान जैसे उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण और नवीन कृषि तकनीकी में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते है। कृषि में पर्याप्त निवेश और लागत से राहत देने के लिए राज्य शासन द्वारा कृषि आदान सहायता के लिए 'राजीव गांधी किसान न्याय योजना' लागू की गई है।





किसानों की शिकायत पर सख्त कार्रवाई, गीदम धान खरीदी केंद्र प्रभारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त





राजीव गांधी किसान न्याय योजना का उद्देश्य
राजीव गांधी किसान न्याय योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में फसल उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है।





इंदिरा वन मितान योजना (Indira Van Mitan Yojana)- इंदिरा वन मितान योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई योजना है, जिसके तहत राज्य में वनवासियों के विकास के लिए कई कार्य किए जाएंगे। इस नई योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में वनवासियों को खुशहाल और वनांचल के गांवों को स्वावलंबी बनाना है।






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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 09 अगस्त 2020 को विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर इस नई इंदिरा वन मितान योजना का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ सरकार ने इंदिरा वन मितान योजना के तहत अनुसूचित क्षेत्रों के 19 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना के माध्यम से समूहों को वृक्ष प्रबंधन का अधिकार प्रदान किया जाएगा जिससे वे वन क्षेत्रों के वृक्षों से वनोपज संग्रहण कर आर्थिक लाभ ले सकें।





छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना ( Chhattisgarh Chhattisgarh Kanyadan Yojana)- इस सरकारी योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य राज्य की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद पहुँचाना है। साथ ही विवाह के अवसर पर होने वाली फिजूल खर्चो को रोकना और सादगीपूर्ण विवाहों को बढ़ावा देना है।इस योजना के माध्यम से दहेज़ में लेनदेन की प्रथा को भी रोका जायेगा। अब गरीब परिवारों को बेटी के विवाह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस योजना की पहल कन्याओ के विवाह की परेशानियों को कम करने के लिए ही की गई है।





धनलक्ष्मी योजना छत्तीसगढ़ (chhattisgarh dhan lakshmi yojana) - बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने धनलक्ष्मी योजना की शुरुआत की है। राज्य में बढ़ती कन्या भ्रूण हत्या को देखते हुए सरकार द्वारा इस योजना को शुरू किया गया है।इस योजना के जरिये छत्तीसगढ़ राज्य की कन्याओं को 1 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता और शिक्षा करने के लिए अलग से आर्थिक मदद दी जाएगी।





शक्ति स्वरूपा योजना (Shakti Swarupa Yojana)- इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य विधवा और कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओ की आर्थिक मदद करना है। इस योजना के तहत महिलाओं के खुद के कारोबार को शुरू करने में उन्हें सरकारी से मदद मिलेगी।





छत्तीसगढ़ मेधावी छात्र शिक्षा प्रोत्साहन योजना( Medhavi Chatra Shiksha Protsahan Yojana) - इस योजना के तहत मजदूरों के बच्चों को 5 से 12 हजार तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, ताकि वे अपने आगे की पढ़ाई को जारी रखे। बता दें कि इस योजना के तहत श्रमिकों के एक परिवार से सिर्फ 2 बच्चों को ही प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा सकती है। जिसने छात्र ने 10 वीं, 12 वीं, ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन में 75 % अंक प्राप्त की हो। ऐसे छात्रों को इस योजना के अंतर्गत 5,000 से 12,000 रूपये तक की राशि प्राप्त होगी।





छत्तीसगढ़ ई-रिक्शा सब्सिडी योजना ( chhattisgarh E-Rickshaw Subsidy yojana)- छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए ई-रिक्शा सहायता योजना (E-Rickshaw Subsidy Scheme) चला रखी है, जिसमें राज्य सरकार असंगठित क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ई-रिक्शा खरीदने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।





छत्तीसगढ़ किसान कर्ज माफी योजना (chhattisgarh kisan karj mafi yojana)- किसान कर्ज माफी योजना के तहत सरकार 65 लाख किसानों के अल्पकालिक कृषि (फसल) ऋण को माफ करेगी। छत्तीसगढ़ में लगभग 16 लाख किसान है, जिन पर 6100 करोड़ रूपए का कर्ज है। सरकार यह पूरा कर्जा माफ करेगी।





डॉ. खुबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना (Dr. Khubchand Baghel swasthya yojana)- इस योजना का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकरण करना है। इस योजना के तहत 6 योजना का एकीकरण किया गया है।





सुराजी गांव योजना (Suraji gaon yojana)- इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण विकास और रोजगार प्रदान करना है।





आजीविका अंगना योजना - इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की महिलाओं को स्वरोजगार दिलाने के लिए आजीविका अंगना प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण करना है। जिसमें महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का रोजगार स्थापित कर सके।





मिनीमाता अमृत धारा नल योजना- इस योजना का उद्दश्य छत्तीसगढ़ के बीपीएल परिवारों के घर में निशुल्क नल कनेक्शन प्रदान करना है।





पौनी पसारी योजना- इसका उद्देश्य नगरीय निकाय के बाजारों में परम्परागत और स्थानीय व्यवसायों को एक जुटकर उन्हें बढ़ावा देना है। साथ ही इन स्थानीय व्यवसायों का सुद्दढ़ीकरण कर रोजगार सृजन करना है।





मुख्यमंत्री स्वादिष्ट चना वितरण योजना- इसका उद्देश्य चना वितरण कर कुपोषण मुक्त राज्य बनाना है।





मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना- इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में लभी बीपीएल परिवारों और मध्यवर्गीय परिवारों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।





बिजली बिल हॉफ योजना- इस योजना के अंतर्गत छत्तीगढ़ के सभी बिजली उपभोक्ताओं को प्रति 400 युनिट से कम बिजली खपत पर आधा बिजली बिल लिया जाता है।





मोर छत-मोर बिजली योजना- इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के 300 सरकारी भवनों में सोलर सिस्टम लगाकर बिजली उत्पादन को बढ़ावा देना है।





प्रबल योजना- इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के बच्चों को कुपोषण की समस्या से निजात दिलाना और प्रदेश से कुपोषण मिटाना है।


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