Media24Media.com: प्रदेशवासियों

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मुख्यमंत्री द्वारा गांवों में 6 से 17 जुलाई तक ‘रोका-छेका’ करने की अपील

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों, किसानों, सरपंचों, ग्राम पटेलों, गौठान समितियों और अधिकारियों से गांव में 6 जुलाई से 17 जुलाई तक रोका-छेकाकरने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मानसून के आगमन के साथ गांवों में बोनी और रोपा का काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में फसलों की रखवाली भी जरूरी है। अब रोका-छेकाका समय आ गया है। रोका-छेकासे आवारा मवेशियों से फसलों को बचाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने रोका-छेकाके लिए गांवों में मुनादी कराने तथा गौठानों में पशुओं के लिए चारे-पानी की व्यवस्था कराने का आग्रह किया।
                  

मुख्यमंत्री बघेल आज यहां अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि के वितरण के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 18 करोड़ 47 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन अंतरण किया। इस राशि में 15 जून से 30 जून तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.52 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 5.05 करोड़ रूपए, गौठान समितियों को 7.79 करोड़ रूपए और महिला समूहों को 5.53 करोड़ रूपए की लाभांश राशि वितरित की गई।
                    

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को इस माह की 17 तारीख को आ रहे हरेली त्यौहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने किसानों से धान के साथ-साथ खरीफ की अन्य फसलों का रकबा बढ़ाने का आग्रह करते हुए कहा कि आज छत्तीसगढ़ में सभी फसलों का अच्छा मूल्य मिल रहा है। किसानों को धान के अलावा खरीफ की अन्य फसलें भी लेनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद-बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी, हमारे गौठानों में भी पर्याप्त मात्रा में जैविक खाद उपलब्ध है। उन्होंने इस मौके पर किसानों को खरीफ सीजन में ज्यादा से ज्यादा जैविक खाद और जैविक कीटनाशक का उपयोग करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई इलाकों में अच्छी बारिश हो रही है। बोनी का काम शुरु हो गया है, बीजों का चयन किस तरह करना है, इसके बारे में आप लोगों को ज्यादा बताने की जरूरत नहीं है। तब भी मैं कहना चाहूंगा कि कृषि विभाग से मार्गदर्शन लेते रहें, क्योंकि अनुभव के साथ विज्ञान के मेल से और भी अच्छे परिणाम मिलते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक प्रदेश में 03 लाख 33 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसल की बोनी हो चुकी है। इस सीजन के लिए 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर में बोनी का लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता रहा है। पिछले खरीफ मार्केटिंग सीजन में छत्तीसगढ़ ने केंद्रीय पुल में न सिर्फ सबसे ज्यादा योगदान दिया था, बल्कि देशभर में धान बेचने वाले कुल किसानों में छत्तीसगढ़ के किसानों की संख्या सबसे ज्यादा थी। पिछले साल 107 लाख 53 हजार मीटरिक टन धान खरीदा था। लगभग 24 लाख किसानों ने धान बेचा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल भी हरेली उत्साहपूर्वक मनायी जाएगी। राज्य शासन द्वारा आम नागरिकों के लिए गेड़ी की खास व्यवस्था की जा रही है। वन विभाग द्वारा और स्व-सहायता समूहों द्वारा गेड़ियां बनाकर बेची जाएगी। इन गेड़ियों को वन विभाग के कार्यालय से, सी-मार्ट से और गौठानों से कोई भी नागरिक निर्धारित शुल्क देकर खरीद सकता है।

गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को आज वितरित राशि को मिलाकर अब तक 507.14 करेाड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इसमें से गोबर विक्रेताओं को 247.12 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को अब तक 244.95 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। छत्तीसगढ़ में 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है। राज्य में 30 जून 2023 तक गौठानों में 123.56 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। प्रदेश के 5959 स्वावलंबी  गौठानों द्वारा अब तक 64.61 करोड़ रुपए का गोबर अपने संसाधनों से खरीदा गया है। गोबर खरीदी के एवज में आज जारी 5.05 करोड़ रुपए की राशि मे से स्वावलंबी गौठनों द्वारा 2.92 करोड़ रुपए तथा कृषि विभाग द्वारा 2.13 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। 5419 गौठान 30 क्विंटल से ज्यादा गोबर की खरीदी कर रहे हैं।

गौठानों में महिला समूहों को आय मूलक गतिविधियों से अब तक 158 करोड़ 42 लाख रूपए की आय हो चुकी है। राज्य में गौठानों से 17,486 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 2,05,817 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत एवं प्राकृतिक पेंट सहित अन्य सामग्री का भी उत्पादन किया जा रहा है। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास प्रसन्ना आर., विशेष सचिव कृषि डॉ. अय्याज एफ. तम्बोली, संचालक कृषि श्रीमती रानू साहू, अपर मुख्य प्रधान वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय, रीपा के राज्य नोडल अधिकारी गौरव सिंह, एनआरएलएम की राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती पदमिनी भोई, संचालक पशुधन श्रीमती चन्दन संजय त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने धरती पूजा (खद्दी पर्व) की दी शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों विशेषकर आदिवासी समुदाय को धरती पूजा (खद्दी पर्व) की शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने आम जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि आदिवासी समाज के लोग परंपरागत रूप से चैत पूर्णिमा के दिन खद्दी पर्व मनाते हैं।

खद्दी परबपर वे पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार धरती माता, साल वृृक्ष की पूजा-अर्चना करके प्रकृति को बचाने का संकल्प लेते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में प्रकृति से गहराई से जुड़े प्राचीन जनजाति समुदाय उसके वास्तविक संरक्षक हैं। राज्य सरकार उनका सामाजिक, आर्थिक विकास करने के साथ हर सम्भव सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) की दी शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में भगवान झूलेलाल जी की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और प्रदेशवासियों को विशेषकर सिंधी समुदाय को चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) की हार्दिक बधाई एवँ शुभकामनाएं दी।

उन्होंने इस अवसर पर सभी नागरिकों के लिए सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) सिंधी समुदाय का प्रमुख पर्व है। इस दिन सिंधी समुदाय के ईष्ट देव झूलेलाल जी की जयंती मनाई जाती है। सिंधी समुदाय के लोग इस दिन को नववर्ष के रूप में भी मनाते हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सिंधी समुदाय की आस्था और परम्पराओं का सम्मान करते हुए इस वर्ष से चेट्रीचण्ड्र (चैतीचांद) महोत्सव पर राज्य के नगर निगम व नगर पालिका क्षेत्रों में अवकाश की घोषणा की है।

जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध होने की जरूरत : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि जल जीवन का आधार है। विश्व जल दिवस के मौके पर सभी के लिए और भी जरूरी हो गया है कि जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन हेतु प्रतिबद्ध हों।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारा छत्तीसगढ़ तालाबों, नदियों का प्रदेश है। सही देखरेख और जागरूकता से हम इन जल स्त्रोतों का संरक्षण और संवर्धन कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार नरवा कार्यक्रम के तहत् इन जल स्रोतों के संवर्धन का प्रयास कर रही है, मगर इसके लिए जन समुदाय की सहभागिता भी उतनी ही जरूरी है। सभी नागरिकों से आग्रह है कि हमारे धरोहर तालाब, नदियों और जल स्रोतों को बचाने के लिए स्वयमेव पहल करें और नई पीढ़ी को भी इसके लिए प्रेरित करें।

विश्व वानिकी दिवस: मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण के लिए जंगल को बचाने की अपील की

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय वानिकी दिवस 21 मार्च के अवसर पर शुभकामनाएं दी है। आज यहां जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि जंगल, पृथ्वी पर प्राणवायु ऑक्सीजन के साथ विभिन्न खाद्य और अन्य उपयोगी सामग्रियों के स्रोत हैं। विश्व भर में पेड़ों और जंगल की सुरक्षा और उसका महत्व जन-जन तक पहुंचाने के लिए 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस मनाया जाता है।

बढ़ती जनसंख्या और बदलती जीवन शैली का दुष्प्रभाव हमें सिमटते जंगल और प्रदूषित पर्यावरण के रूप में दिखाई दे रहा है। जंगल पर हजारों-लाखों प्रकार के जीव-जन्तु, कीट पतंगों और प्राणियों की परस्पर निर्भरता रहती है। यह व्यवस्था पर्यावरण के साथ-साथ जैविक सह-अस्तित्व की सुरक्षा के लिए बहुत आवश्यक है। सभी प्रदेशवासी पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं। सभी पेड़ लगाएं और वर्षों में तैयार हुए जंगल को बचाकर भविष्य की पीढ़ी को प्रदूषण मुक्त पर्यावरण देने में सहभागी बनें।

रंग पर्व होली के अवसर पर राज्यपाल ने दी शुभकामनाएं

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रायपुर। रंगों के पर्व होली के अवसर पर राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की है। 

उन्होंने कहा है कि होली का त्यौहार, देश की सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करने में तथा भाई-चारे एवं समरसता की भावना को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 25 जनवरी को राष्ट्रीय पर्यटन दिवस पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने अपने बधाई संदेश में  कहा है कि पर्यटन का देश-प्रदेश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इससे न सिर्फ लोगों को स्थानीय सांस्कृतिक, भौगोलिक, प्राकृतिक, ऐतिहासिक स्थलों को जानने का मौका मिलता है, बल्कि यह हजारों परिवारों के जीवनयापन के लिए आजीविका के नए रास्ते भी खोलता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार अपने प्राचीन धरोहरों को विकसित कर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने की कार्ययोजना पर काम कर रही है।

बघेल ने कहा कि पुरातात्विक धरोहरों और प्राकृतिक विविधताओं से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ का पर्यटन देश में अपनी पहचान स्थापित करता जा रहा हैं। यहां प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण अनेक रमणीय स्थलों के साथ-साथ गौरवशाली अतीत और समृद्ध विरासत को संजोए अनेक पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व के स्थल हैं। सिरपुर में शैव, वैष्णव, बौद्ध और जैन मतों के सहअस्तित्व के पुरातात्विक प्रमाण है।

सरगुजा के रामगढ़ में सीताबेंगरा गुफा, प्राचीनतम नाटयशाला, बस्तर में चित्रकोट, तीरथगढ़ के जलप्रपात, कुटुमसर की गुफाएं तक पूरे छत्तीसगढ़ में अनेक स्थल पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व के हैं। महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मस्थली के रूप में चम्पारण का विशेष धार्मिक महत्व है। प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के साथ ही वहां मनोरंजन, ठहरने, भोजन आदि की व्यवस्था कर रिसोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की पवित्र भूमि में जहां-जहां भगवान श्रीराम वनवास काल में गए उन्हें राम वन गमन पथ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की दी शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा है कि नया वर्ष सभी लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लाए। नए वर्ष में सभी जीवन और कर्तव्य पथ पर सकारात्मक ऊर्जा के साथ आगे बढं़े। मुख्यमंत्री बघेल ने नववर्ष की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में कहा है कि नया वर्ष हमारे जीवन में नई उम्मीदें और सकारात्मक ऊर्जा साथ लेकर आता है। इसी ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते चार साल में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ कई नई योजनाओं की शुरूआत की है।


कई ऐसे नवाचार हुए है, जिनसे गांव से लेकर शहर तक हर हाथ को काम मिला है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सुराजी गांव योजना, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना प्रारंभ की गई। गौठानों में मल्टीएक्टिविटी सेंटर और रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री के लिए सी-मार्ट प्रारंभ किए गए हैं। राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत पौनी-पसारी व्यवस्था से जुड़े लोगों को आर्थिक सहायता मिली। इनका छत्तीसगढ़ में सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। देश में सबसे कम बेरोजगारी दर के मामले में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की परिकल्पना के साथ समावेशी विकास के लक्ष्य के साथ काम करना शुरू किया। जहां गांवों की आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में नवाचार किए गए, वहीं राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और वनांचल क्षेत्रों में उपलब्ध विपुल वनोपज को देखते हुए नई उद्योग नीति में कृषि और वनोपज आधारित उद्योगों को प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है। उद्योगों की स्थापना से रोजगार और स्व-रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की पुरातन संस्कृति और परम्पराओं के संवर्धन के साथ नई पीढ़ी को भी उससे जोड़ने में सफल रही। बघेल ने कहा कि बीते कुछ समय में छत्तीसगढ़ ने देश-दुनिया के सामने सफलता की नए सोपान तय किए हैं। फिर से सभी जोश और उत्साह के साथ नए साल की सुनहरी सुबह के अभिनंदन के लिए तैयार हों। सकारात्मकता, एकजुटता और सहयोग से आगे बढ़े, नया छत्तीसगढ़ गढ़ें।

संविधान दिवस पर 26 नवम्बर को होंगे अनेक आयोजन

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रायपुर। कल 26 नवम्बर को संविधान दिवस है। इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। बघेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि छब्बीस नवम्बर उन्नीस सौ उनचास को संविधान सभा ने भारतीय संविधान को अंगीकृत किया था। श्री बघेल ने कहा कि हमें गर्व है कि भारतीय संविधान के निर्माण में छत्तीसगढ़ की अनेक विभूतियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।



नेहरू युवा केंद्र बिलासपुर द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर कल सुबह दस बजे मुंगेली स्थित सर्किट हाउस में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। संविधान के विषय में नागरिक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत ‘‘संविधान को जानें’’ विषय पर चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर रामशरण यादव शामिल होंगे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा कल संविधान दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिला, शहर, ब्लॉक और संगठन मुख्यालयों में संगोष्ठियों का आयोजन कर संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी दी शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह की बधाई और शुभकामनाएं दी है। बघेल ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि देवउठनी एकादशी का दिन शुभ और मंगलकारी माना गया है।



इसे छत्तीसगढ़ में बहुत उत्साह और उमंग से मनाया जाता है। हिन्दुओं में इसी दिन से सारे मांगलिक कार्यों की शुरूआत की जाती है। बघेल ने कामना की है कि एकादशी का त्यौहार सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए और सभी के मंगल कार्य सफल हों।  

प्रदेशवासियों को सुरक्षा और सुशासन देना हमारा दायित्व : सीएम शिवराज सिंह चौहान

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेशवासियों को सुरक्षा और सुशासन देना हमारा दायित्व है। प्रदेश के भ्रमण पर आए विदेशी नागरिक के साथ हुई लूट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की घटनाएँ प्रदेश की छवि को प्रभावित करती हैं। ऐसे प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में पूर्ण सतर्कता बरती जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने भोपाल में विदेशी नागरिक से हुई लूट की घटना, मुरैना में डकैत गुड्डा की गतिविधियों और सतना में प्रधानमंत्री आवास योजना में हितग्राहियों को आवास उपलब्ध न होने संबंधी प्रकरणों में सुबह निवास कार्यालय से वर्चुअली बैठक कर अधिकारियों से अब तक की गई कार्यवाही की जानकारी प्राप्त की।



भोपाल में गत दिवस पुर्तगाली नागरिक नुनो रॉड्रिक्स के साथ हुई लूटपाट की घटना के संबंध में पुलिस आयुक्त मकरंद देऊस्कर ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। चिकित्सा दल को होटल भेज कर घटना में घायल हुए नुनो का इलाज कराया गया। कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया और पुलिस अधिकारी उनकी कुशलक्षेम पूछने होटल पहुँचे।

बताया गया कि सतना जिले के रहिकवार गाँव में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास नहीं मिलने और राशि में गड़बड़ी के मामले में तीन कर्मचारियों को विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है, प्रकरण में अभी छानबीन जारी है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में स्वीकृत सभी आवासों का हितग्राहीवार परीक्षण कराया जाए, दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यह सुनिश्चित करें कि छानबीन में कोई गरीब परेशान न हो।

मुख्यमंत्री चौहान ने मुरैना जिले के चांचौल गाँव में डकैत गुड्डा गुर्जर द्वारा की जा रही धमकाने की गतिविधियों पर कड़ा रूख अपनाते हुए तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश मुरैना पुलिस अधीक्षक को दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई भी डाकू गिरोह सक्रिय नहीं है। किसी का भी आतंक और मनमानी नहीं चलने दी जाएगी। प्रदेशवासियों को सुरक्षा और सुशासन देना हमारा दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर सभी के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की है। दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में उन्होंने कहा है कि रोशनी का त्यौहार दीपावली सबके जीवन और घर-आंगन को खुशियों और सुख-समृद्धि से आलोकित करे।

 


मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारे जीवन में त्यौहारों से नई उमंग और स्फूर्ति आती है। धनतेरस से लेकर भाई-दूज तक 5 दिनों के दौरान आपसी मेल-जोल से परस्पर स्नेह की जड़ें और गहरी तथा मजबूत बनती है। धार्मिक आस्था के साथ त्यौहार हमारी परम्परा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं। इस दीपावली में हम स्नेह का दीपक जलाएं, जिसका प्रकाश हमारे जीवन में हमेशा बना रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी धनतेरस की बधाई और शुभकामनाएं

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को धनतेरस पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने धनतेरस की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में कहा है कि धनतेरस से दीपावली पर्व की शुरूआत हो जाती है। इस दिन धन, समृद्धि और ऐश्वर्य के लिए धन के देवता कुबेर के साथ भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। 



बघेल ने धनतेरस पर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि धनतेरस का त्यौहार सबके जीवन में खुशहाली और आरोग्य लेकर आए। साथ ही उन्होंने अपील की है कि इस दीवाली हमारे कुम्हारों, शिल्पकारों जैसे हुनरमंदों और महिला समूहों, छोटे व्यवसायियों से दीये, सजावट की वस्तुएं और अन्य सामानों की खरीद कर उनकी दीवाली भी खुशहाल बनायें। सभी खुश रहें, स्वस्थ रहें और खुशियां बांटे।

मिट्टी के दीये जला कर मनाएं दीपावली : ग्रामोद्योग मंत्री

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रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने प्रदेशवासियों को दीपावली पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने प्रदेशवासियों से दीपावली के पावन पर्व पर मिट्टी के दीये जला कर अपने घर आंगन को रौशन करने की अपील की है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा है कि मिट्टी के दीये हमारे कुम्भकार बंधुओं द्वारा बड़ी ही लगन और मेहनत से इस आशा के साथ तैयार किए जाते है कि दीपावली के अवसर पर लोग उनके दीये खरीदेंगे और दीवाली में जलायेंगे। मिट्टी के दीया खरीदने से कुम्भकार बंधुओं की मेहनत का प्रतिफल उन्हें मिलेगा और हम सबके सहयोग से उनकी दीवाली भी धूम-धाम से मनेगी।



मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के परंपरागत व्यवसाय, कला को बढ़ावा दिया जा रहा हैं, ताकि इससे जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो और वह भी तरक्की करें। छत्तीसगढ़ में हजारों कुम्हार परिवार अपने परंपरागत पेशे से जुड़े हुए है और मिट्टी विभिन्न प्रकार के बर्तन और सामग्री तैयार कर अपना जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में हम सबका यह दायित्व है कि हम उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहयोग करें तथा उनके द्वारा निर्मित मिट्टी के सामग्री क्रय कर उनके व्यवसाय को प्रोत्साहित करें। दीपावली का त्यौहार कुम्भकार बंधुओं के लिए बड़ी ही उम्मीदों वाला होता है। कुम्हार बंधुओं की त्यौहार की खुशियां उनके द्वारा निर्मित मिट्टी के बर्तन व दीये की बिक्री पर निर्भर होती है। समाज के सभी वर्ग के लोग दीपावली का त्यौहार खुशी-खुशी मनाये इसलिए जरूरी है कि हम सब स्थानीय उद्यमियों एवं हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार की गई सामग्री को खरीदें और उनका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती जिले का आगाज 9 सितम्बर को

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेशवासियों को पिछले सप्ताह 3 नए जिलों की सौगात देने के बाद 9 सितम्बर को 2 नए जिलों का शुभारम्भ करने जा रहे हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर 32वें और सक्ती 33वें जिला के रूप में अस्तित्व में आएंगे। इस तरह प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ कर 33 हो जायेगी। दोनों नए जिलों के गठन से इन क्षेत्रों के वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। नए जिले के गठन से न केवल शासकीय कार्यक्रमों का बेहतर क्रियान्वयन होगा बल्कि लोगों को कई प्रकार की सार्वजनिक सुविधाएं भी मिलेगी। लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए अधिक दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी।



मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कोरिया जिले से अलग होकर तथा जांजगीर-चांपा से अलग होकर सक्ती जिला नयी प्रशासनिक इकाई के रूप में अस्तित्व में आ रहा है। नये जिले के गठन को लेकर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में और सक्ती में अभूतपूर्व हर्ष व्याप्त है। नया जिला अस्तित्व में आने से क्षेत्र में विकास की नयी धारा बहेगी, विकास की गति और तेज होगी। पहुंचविहीन क्षेत्रों में विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्यान्न, इंटरनेट तथा रोड कनेक्टिविटी के लिए और बेहतर कार्य किए जाएंगे।

नए जिलों के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दोनों जिलों में 353 करोड़ 79 लाख 23 हजार रूपए के विकास कार्यों की सौगात देंगे। इस दिन मनेंद्रगढ़ में 187 करोड़ 04 लाख 66 हजार रूपए के 09 कार्यों का भूमिपूजन तथा 13 करोड़ 68 लाख 57 हजार रूपए के 06 कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। वही सक्ती में 85 करोड़ 20 लाख रूपए के 296 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 67 करोड़ 85 लाख 99 हजार रूपए के 13 कार्यों का लोकर्पण होगा।



नवीन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सरगुजा संभाग के अंतर्गत होगा। जिले में कुल ग्रामों की संख्या 376 है। यहां 13 राजस्व निरीक्षक मण्डल तथा 87 पटवारी हल्का है।  यहां मनेन्द्रगढ़, भरतपुर और खड़गवां अनुविभाग और मनेन्द्रगढ़, केल्हारी, भरतपुर, खड़गवां, चिरमिरी और कोटाडोल तहसील होंगे। यहां 5 नगरीय निकाय जिनमें नगरपालिका निगम चिरमिरी, नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़, नगर पंचायत झगराखांड़, नगर पंचायत खोंगापानी और नगर पंचायत नई लेदरी सम्मिलित हैं। नवगठित जिले में अमृतधारा जलप्रपात, सिद्धबाबा मंदिर (मनेन्द्रगढ़) सीतामढ़ी-हरचौका (रामवनगमन पर्यटन परिपथ) भरतपुर, रमदहा जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल हैं।

इसी प्रकार नया जिला सक्ती बिलासपुर संभाग के अंतर्गत होगा। जिला सक्ती में उपखंड सक्ती की तहसील सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर और उपखंड डभरा की तहसील डभरा सहित कुल 5 तहसीलें शामिल होंगी। सक्ती जिले में 18 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल होंगे। 2011 जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 6,47,254 है। सक्ती जिले में 319 ग्राम पंचायतें, 6 नगरीय निकाय शामिल होंगे। नवगठित जिले में चंद्रहासिनी माता मंदिर चंद्रपुर, अड़भार अष्टभुजी माता मंदिर, रेनखोल, दमऊदरहा जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ में 9 सितम्बर से हो जायेंगें 33 जिले, सीएम करेगें 2 नए जिलों का शुभारम्भ

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेशवासियों को पिछले सप्ताह 3 नए जिलों की सौगात देने के बाद आगामी 9 सितम्बर को 2 नए जिलों का शुभारम्भ करने जा रहे हैं। इस दिन से 32वां जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सक्ती 33वां जिला के रूप में अस्तित्व में आएंगे। इस तरह प्रदेश में जिलों की संख्या बढ़ कर 33 हो जायेगी। नवगठित जिलों में मुख्यमंत्री बघेल कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय का उद्घाटन करेगें साथ ही रोड शो भी करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नवगठित जिले के लिए करोड़ो रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे।



मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर अब कोरिया जिले से अलग होकर तथा जांजगीर-चांपा से अलग होकर सक्ती नये प्रशासनिक इकाई के रूप में उभरेंगे। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में और सक्ती में अभूतपूर्व हर्ष व्याप्त है। नया जिला अस्तित्व में आने से क्षेत्र में विकास की नयी धारा बहेगी, विकास की गति और तीव्र होगी। शासन के प्रयासों से इन पहुंचविहीन क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्यान्न, इंटरनेट तथा रोड कनेक्टिविटी के लिए विशेष कार्य किए जा रहे हैं। 

प्रस्तावित नवीन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर सरगुजा संभाग के अंतर्गत होगा। नवीन गठित जिले में अनुविभाग की संख्या 3 है जिसमें मनेन्द्रगढ़, भरतपुर और खड़गवां है, वहीं तहसीलों की संख्या 6 है जिसमें मनेन्द्रगढ़, केल्हारी, भरतपुर, खड़गवां, चिरमिरी और कोटाडोल शामिल हैं। 3 जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़, खड़गवां, भरतपुर है। यहां 5 नगरीय निकाय जिनमें नगरपालिका निगम चिरमिरी, नगरपालिका परिषद मनेन्द्रगढ़, नगर पंचायत झगराखांड़, नगर पंचायत खोंगापानी और नगर पंचायत नई लेदरी सम्मिलित हैं।



प्रस्तावित गठित नवीन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कुल ग्रामों की संख्या 376 है। यहां 13 राजस्व निरीक्षक मण्डल तथा 87 पटवारी हल्का है। प्रस्तावित नवीन जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 1 लाख 46 हजार 824 हेक्टयर है। यहां की जनसंख्या 3 लाख 76 हजार 696 है। प्रस्तावित गठित नवीन जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में तहसील मनेन्द्रगढ़ में ग्रामों की संख्या 59, केल्हारी में ग्रामों की संख्या 74, भरतपुर में ग्रामों की संख्या 108, खड़गवां में ग्रामों की संख्या 44 एवं चिरमिरी में ग्रामों की संख्या 16 और तहसील कोटाडोल में ग्रामों की संख्या 75 है। 

नवगठित जिले में अमृतधारा जलप्रपात, सिद्धबाबा मंदिर (मनेन्द्रगढ़)सीतामढ़ी-हरचौका(रामवनगमन पर्यटन परिपथ) भरतपुर, रमदहा जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल हैं। इसी प्रकार प्रस्तावित नए जिले सक्ती में उपखंड सक्ती की तहसील सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर और उपखंड डभरा की तहसील डभरा सहित कुल 5 तहसीलें शामिल होंगी। नवगठित सक्ती जिले के उत्तर में करतला तहसील (जिला कोरबा), दक्षिण में सारंगढ़ (जिला-रायगढ़), पूर्व में खरसिया (जिला-रायगढ़) और पश्चिम में सारागांव, बम्हनीडीह तहसील (जांजगीर चांपा) होंगी। 

सक्ती जिले में 2 उपखंड (सब डिवीजन) सक्ती और डभरा (नवीन जिला सक्ती में मालखरौदा और जैजैपुर प्रस्तावित उपखंड सम्मिलित है) की 5 तहसीलें क्रमशः-सक्ती, डभरा, जैजैपुर, मालखरोदा और नया बाराद्वार (प्रस्तावित तहसील अड़भार) उप तहसील- चंद्रपुर, हसौद, भोथिया तथा 4 विकासखंड/जनपद पंचायत क्रमशः सक्ती जैजैपुर, मालखरौदा और डभरा शामिल होंगे। सक्ती जिले में 18 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल होंगे। इनमें जाजंग, सक्ती, पोरथा, नया बाराद्वार, नगरदा, सकर्रा, अड़भार,

छपोरा, मालखरौदा, ठठारी, जैजैपुर, बेलादूला, हसौद, देवरघटा, धुरकोट, डभरा, सपोस और चंद्रपुर शामिल हैं। जिले का कुल राजस्व क्षेत्रफल 1,51,976 हेक्टेयर है। 2011 जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 6,47,254 है। कुल ग्रामों की संख्या 465, आबाद ग्राम 463, विरान ग्राम 2, कुल पटवारी हल्कों की संख्या 153 हैं। सक्ती जिले में 319 ग्राम पंचायतें, 6 नगरीय निकाय शामिल होंगे। नवगठित जिले में चंद्रहासिनी माता मंदिर चंद्रपुर, अड़भार अष्टभुजी माता मंदिर, रेनखोल, दमऊदरहा जैसे पर्यटन स्थल भी शामिल है।

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