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बैगा बाहुल्य ग्रामों के पेयजल संकट को दूर करेगी छीरपानी जलाशय आधारित योजना

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रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा को मूर्त रूप देने और विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा बाहुल्य ग्रामों में वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या को सुलझाने के लिए कबीरधाम जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने छीरपानी मध्यम जलाशय पर आधारित नई जल प्रदाय योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इस योजना से दलदली ग्राम सहित 20 से 30 गांवों और बैगा बसाहटों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर वर्मा ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) को निर्देशित किया कि वे तत्काल स्थल निरीक्षण करें और विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि यह देखा जाए कि कौन-कौन से गांव योजना से जुड़ेंगे और उनकी पेयजल आपूर्ति कैसे सुनिश्चित होगी।

बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छीरपानी मध्यम जलाशय में हर साल पर्याप्त जल भराव होता है और इसकी जल आवक भी पर्याप्त है, सिंचाई कार्य के बाद भी पेयजल के लिए आपूति की जा सकती है। यही कारण है कि यहां से दीर्घकालीन पेयजल आपूर्ति संभव है। कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग को भी तकनीकी परीक्षण और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

दलदली प्रवास से शुरू हुई पहल, मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीन से चार माह पहले सुशासन तिहार के अंतर्गत कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के अंतिम ग्राम दलदली का दौरा किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें प्रमुखता से पेयजल संकट की समस्या से अवगत कराया। मुख्यमंत्री साय ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्थानीय कनाई नाला से जल प्रदाय योजना की घोषणा की थी।

हालाँकि, जिला प्रशासन और विभागीय टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कनाई नाला में केवल बरसात के मौसम में ही पानी रहता है। ग्रीष्मकाल में जल प्रवाह लगभग समाप्त हो जाता है, जिससे नियमित और टिकाऊ पेयजल आपूर्ति संभव नहीं है।

यही कारण रहा कि कलेक्टर वर्मा ने मुख्यमंत्री की घोषणा को व्यवहारिक रूप देने और स्थायी समाधान के लिए छीरपानी जलाशय पर आधारित नई योजना बनाने का निर्णय लिया।

65 ग्रामों के लिए 118.06 करोड़ की योजना प्रस्तावित

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उपमुख्यंत्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासो से राज्य शासन को कुसुमघटा, बैजलपुर और राजा नवागांव सहित बोड़ला विकासखंड के 65 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति के लिए 118.06 करोड़ रुपए की जल प्रदाय योजना प्रस्तावित की गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्तमान में स्वीकृति की अंतिम चरणों में है। इस योजना के लागू होने पर पूरे क्षेत्र के दर्जनों गांवों को राहत मिलेगी।

कलेक्टर ने अन्य विकास योजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में कलेक्टर वर्मा ने पेयजल योजनाओं के साथ-साथ जिले की अन्य प्रमुख योजनाओं की भी समीक्षा की। इनमें प्रमुख रूप से महतारी सदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर पंचायतों के अधोसंरचना मद से स्वीकृत निर्माण कार्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर प्रारंभ और अप्रारंभ कार्यों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरे करें।

इसके साथ ही कलेक्टर ने राज्य शासन के निर्देश पर 15 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक आयोजित होने वाले रजत जयंती वर्ष कार्यक्रमों की रूपरेखा का गहन मूल्यांकन किया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अजय त्रिपाठी, अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, डिप्टी कलेक्टर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।


24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 23 से 26 सितम्बर तक मिनी स्टेडियम में

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महासमुंद। महासमुंद के मिनी स्टेडियम में 24वीं राज्य स्तरीय शालेय प्रतियोगिता का आयोजन 23 से 26 सितम्बर तक होगा। प्रतियोगिता में रायपुर, दुर्ग, बस्तर, बिलासुपर एवं सरगुजा जोन से कुल 360 खिलाड़ी शामिल होंगे। जिसमें से प्रत्येक जोन से 72 खिलाड़ी एवं 5 जोन से कुल 100 कोच व मैनेजर रहेंगे। कलेक्टर एवं अध्यक्ष आयोजन समिति विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में आवश्यक तैयारियां अंतिम चरण पर है।

जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत ने बताया कि प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु प्रभारी अधिकारी एवं नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। जिसमें अलग-अलग जोन के लिए आवास व्यवस्था एवं मार्च पास्ट की जोन प्रभारी नियुक्त किए गए है। कार्यक्रम का शुभारम्भ 23 सितम्बर को प्रातः 11:00 बजे मिनी स्टेडियम में होगा। जबकि समापन कार्यक्रम 26 सितम्बर को होगा। इसके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम समिति, यातायात व्यवस्था, पेयजल आदि की व्यवस्था के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। ज्यूरी मेम्बर प्रतिदिन सायंकाल आयोजन की समीक्षा करेगी। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कुल 03 खेल शामिल किए गए है। जिसमें कबड्डी में 19 वर्ष बालक/बालिका, खो-खो में 14 वर्ष बालक/बालिका एवं रग्बी में 17 वर्ष बालक/बालिका कुल 180-180 बालक/बालिका खिलाड़ी भाग लेंगे।

भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल के लिए मल्टी-विलेज योजना

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रायपुर। प्रदेश में भू-जल में समस्या वाले गांवों में पेयजल आपूर्ति के लिए जल जीवन मिशन के तहत मल्टी-विलेज योजना (Multi-Village Scheme) शुरू की जा रही है। खारे पानी, भू-जल में भारी तत्वों की मौजूदगी या जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने की समस्या से जूझ रहे गांवों में इन योजनाओं के माध्यम से नदी का मीठा पानी पहुंचाया जाएगा। कुल 4527 करोड़ रुपए की लागत से राज्य के 18 जिलों में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं का काम प्रारंभ हो चुका है।

इन योजनाओं के माध्यम से 3234 गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। इन गांवों के दस लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन के जरिए स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल पहुंचाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव ने सभी मल्टी-विलेज योजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए सभी कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं, जिससे लोगों तक यथाशीघ्र साफ पेयजल पहुंच सके।

राज्य के अनेक जिलों में नलकूपों के गिरते हुए जल स्तर के कारण गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या आती है।  ऐसे गांवों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिंगल-विलेज योजनाओं के लिए सफल पेयजल स्त्रोतों की कमी को देखते हुए सतही स्त्रोत पर आधारित मल्टी-विलेज योजनाएं बनाई गई हैं। राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से प्रदेश में 71 मल्टी-विलेज योजनाओं की स्वीकृति दी गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर सभी योजनाओं के अवयवों की ड्राइंग एवं डिजाइन की चेकिंग राष्ट्रीय स्तर पर सुविख्यात आई.आई.टी. एवं एन.आई.टी. (Indian Institute of Technology & National Institute of Technology) के माध्यम से कराए जा रहे हैं।

जल जीवन मिशन के तहत इन मल्टी-विलेज योजनाओं में स्थानीय नदी पर निर्मित एनीकट, बांध एवं नहर के पानी का उपयोग किया जाएगा। जल संग्रहण के लिए इन्टेकवेल तथा जल शुद्धिकरण के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय एम.बी.आर. (Master Balance Reservoir) भी बनाए जा रहे हैं। इन्टेकवेल से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तक डी.आई. पाइप रॉ वाटर पम्पिग मेन तथा ट्रीटमेंट प्लांट से एम.बी.आर. तक क्लियर वाटर पम्पिग मेन बिछाए जा रहे हैं। एम.बी.आर. के माध्यम से योजना से लाभान्वित होने वाले गांवों में निर्मित उच्च स्तरीय टंकियों तक पेयजल पहुंचाने के लिए डीआई/ओ-पी.वी.सी. पाइपलाइन भी बिछाए जा रहे हैं। इन योजनाओं का काम पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 12 महीने का समय दिया गया है।

उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और योजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता तथा जल जीवन मिशन के वरिष्ठ अभियंताओं द्वारा कार्यस्थलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान योजनाओं में प्रयोग की जा रही सामग्रियों, उपकरणों एवं आर.सी.सी. के कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मल्टी-विलेज योजनाओं में प्रयुक्त होने वाली सभी सामग्रियों एवं उपकरणों की गुणवत्ता की जांच (टेस्टिंग) के लिए थर्ड पार्टी इन्सपेक्सन (Third Party Inspection) भी कराए जा रहे हैं।

18 जिलों के 3234 गांवों को मिलेगा साफ पेयजल

जल जीवन मिशन के अंतर्गत मल्टी-विलेज योजनाओं के माध्यम से 18 जिलों के 3234 गांवों में जलापूर्ति की जाएगी। इनमें रायगढ़ जिले के 396, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 16, कोरबा के 245, जांजगीर-चांपा के 32, राजनांदगांव के 393, महासमुंद के 48, कबीरधाम के 31, गरियाबंद के नौ, बिलासपुर के 93, सूरजपुर के 413, मुंगेली के 240, दुर्ग के 201, बलौदाबाजार-भाटापारा के 192, बेमेतरा के 219, कोरिया के 292, बालोद के 148, सरगुजा के 190 और धमतरी जिले के 76 गांव शामिल हैं।

किस जिले में कितनी योजनाएं ?

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश भर में अभी कुल 71 मल्टी-विलेज योजनाएं मंजूर की गई हैं। इनमें सूरजपुर जिले की 11, कोरिया की दस, दुर्ग की सात, बलौदाबाजार-भाटापारा और रायगढ़ की छह-छह, बालोद, सरगुजा, राजनांदगांव और बिलासपुर की चार-चार, बेमेतरा की तीन, धमतरी, मुंगेली, कबीरधाम और जांजगीर-चांपा की दो-दो तथा गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरबा, महासमुंद और गरियाबंद जिले की एक-एक योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं से कुल दस लाख 445 परिवार लाभान्वित होंगे।

 

जलाशयों से पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल आबंटन में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए : अमिताभ जैन

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रायपुर। मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य जल संसाधन उपयोग समिति बैठक वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने पेयजल और सिंचाई के लिए राज्य में स्थित जलाशयों से सर्वोच्च प्राथमिकता से जल आबंटन करने के निर्देश दिए। बैठक में सिंचाई विभाग के अंतर्गत जलाशयों से राज्य में स्थित विभिन्न उद्योगों को जल आबंटन के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही मेसर्स इण्डोवेस इण्डस्ट्रीयल प्राइवेट लिमिटेड को रायगढ़ जिले के कुरनाला पर निर्मित बेहरापाली एनीकट से, मेसर्स कुसुम स्मेल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड को मुंगेली जिला की मनियारी नदी से और मेसर्स मोदी बोयोटेक प्राइवेट लिमिटेड को रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के अंतर्गत राजीव समोदा निसदा व्यपवर्तन योजना से वार्षिक जल आबंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।



राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक में जिन उद्योगों को जल आबंटन के प्रस्तावों पर चर्चा हुई इनमें जिला बेमेतरा के ग्राम झिरिया के निकट शिवनाथ नदी पर निर्मित चक्रवाय-तुमा एनीकट से जल आबंटन हेतु मेसर्स नेविक स्टील एण्ड पॉवर प्राइवेट लिमिटेड को प्रस्तावित एकीकृत इस्पात संयंत्र हेतु जल आबंटन के प्रस्ताव पर, बेमेतरा जिले में ही शिवनाथ नदी पर निर्मित रांका-बूढ़ाजौंग एनीकट से मेसर्स सुयश बायोफ्यूल इण्डस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को जल आबंटन के संबंध में और रायपुर जिले के आरंग के अंतर्गत समोदा बैराज से मेसर्स बजरंग केमिकल डिस्टीलरी को प्रस्तावित रिफाईनरी (इथेनॉल/बॉयो ईधन) संयंत्र हेतु जल आबंटन और बिलासपुर जिले के अंतर्गत लीलागर नदी से जामुल सीमेंट लिमिटेड को जल आबंटन के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

बैठक में रायपुर जिले के मेसर्स नूतन इस्पात लिमिटेड को कोल्हान नाला पर प्रस्तावित एनीकट से, मेसर्स मॉ कुदरगढ़ी एल्यूमिना रिफाइनरी को सरगुजा जिले की घुनघुटा नदी से, मेसर्स सावित्री पॉवर प्रोजेक्ट हेतु गंगरेल बांध की नहर से महानदी फीडर चैनल से पानी छोड़ने की स्वीकृति और एन.एम.डी.सी. लिमिटेड बैलाडीला को उद्योग एवं घरेलू प्रयोजन हेतु दंतेवाड़ा के नाला क्रमांक-25 एवं 19 से जल आबंटन प्रदाय हेतु स्वीकृति देने के संबंध में चर्चा हुई।

राज्य जल संसाधन उपयोग समिति की बैठक में एन.एम.डी.सी. लिमिटेड बैलाडीला लौह अयस्क परियोजना किरंदुल के उद्योग एवं घरेलू प्रयोजन हेतु नाला- मलांगीर नाला से, मेसर्स फॉल पॉवर बेन्चर्स को जिला जांजगीर-चांपा के साराडीह बैराज से, मेसर्स जे.एस. डब्ल्यू एनर्जी को रायगढ़ जिले के कलमा बैराज से जल आबंटन के प्रस्तावों पर चर्चा हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस बैठक में जल संसाधन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनंद, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, उद्योग विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। 

पेयजल योजनाओं के कामों की गुणवत्ता में सुधार किए जाने की जरूरत

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शिवरीनारायण। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल योजनाओं के कामों की गुणवत्ता में सुधार किए जाने की जरूरत है। भेंट मुलाकात के दौरान जांजगीर-चांपा जिले के शिवरीनारायण में अधिकारियों की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि पेयजल मिशन को लेकर इस क्षेत्र के कुछ गांवों से शिकायतें मिली हैं। इसका समाधान होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने डूबान क्षेत्रों के किसानों को जल्द मुआवजा दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध शराब, जुआ सट्टा, नशीली दवाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।


भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मांग पर एक करोड़ साठ लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की। इस मौके पर उन्होंने शिवरीनारायण में उपन्यासकार ठाकुर जगमोहन सिंह के नाम पर पुस्तकालय बनाने के निर्देश दिए। वहीं
, मुख्यमंत्री ने शिवरीनारायण में आयोजित कार्यक्रम में पामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब तेईस करोड़ रूपये से अधिक की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया है।

बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के तहत पहले चरण में कोरिया से लेकर सुकमा तक नौ स्थलों का चयन किया गया था। इनमें से शिवरीनारायण और चंदखुरी में शुरुआती चरण के काम पूरे हो चुके हैं। उन्होंने धान खरीदी पर चर्चा करते हुए बताया कि इस बार एक नवंबर से समर्थन मूल्य पर किसानों से एक करोड़ मिट्रिक टन से अधिक धान खरीदने की तैयारी है।

जल जीवन मिशन के कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान दें : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। ने आज भेंट मुलाकात के दौरान शिवरीनारायण में अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं के कामों की गुणवत्ता में सुधार किए जाने की जरूरत है। इस क्षेत्र के कुछ ग्रामों में शिकायत आई है। इसका समाधान होना चाहिए। अंचल के कुछ ग्रामों में डूबान क्षेत्रों के किसानों को मुआवजा राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। उन्होंने कलेक्टर को पहल कर किसानों को राशि दिलाने को कहा है। बघेल ने सिंचाई परियोजना के अंतर्गत टेल एरिया के खेतों तक पानी पहुंचाने की ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।



मुख्यमंत्री बघेल ने  कहा की शासकीय भूमि में अतिक्रमण की कार्रवाई ग्रामीणों की सहमति से किया जाए। यथासंभव  बल का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। समझने से लोग समझ जायेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासन की छोटी छोटी अनुदान राशि गरीबों के लिए महत्वपूर्ण है। इसे प्राप्त करने के लिए उन्हें दफ्तर के बार बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ने चाहिए। इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि शासन द्वारा की गई घोषणाएं प्राथमिकता से और समय सीमा में पूर्ण करें। इसे लागू करने एवं अमल में लाने में विलंब नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि धान कटाई का मौसम शुरू होने वाला है। बड़ी मात्रा में पैरा खेत में रहेगा।

इसे गौठान को दान करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए। इस संबंध में जनजागरुकता के कार्यक्रम किए जाएं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रशासन को अब स्वावलंबी गौठान के अलावा नए गौठानों पर भी ध्यान देना चाहिए। बघेल ने कहा कि यहां से बड़ी संख्या में लोग बाहर काम के लिए जाते हैं। यदि गौठान और रीपा गतिविधियां अच्छी तरह से संचालित हाेगीं, तो पलायन थमेगा, उन्हें अपने घर के आसपास ही काम मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण राज्य का प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है। यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए सरकार पर्याप्त सुविधाएं विकसित कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण के साथ साथ शहरी इलाकों की सड़कों की मरम्मत के लिए अभियान चलाने को कहा है। उन्होंने अवैध शराब, जुआ सट्टा, नशीली दवाइयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बघेल ने बैठक में स्कूल शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। न केवल शिक्षा विभाग बल्कि अन्य अफसर भी दौरे में स्कूलों का निरीक्षण करें। स्वामी आत्मानन्द स्कूलों के साथ अन्य स्कूलों की गुणवत्ता पर समान रूप से ध्यान देना है। कमिश्नर डॉ संजय अलंग, आईजी रतनलाल डांगी, मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, प्रभारी सचिव धनंजय देवांगन,  कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा, एसपी विजय अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ फरिहा आलम सिद्धिकी सहित जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

जल जीवन मिशन : कार्य प्रारंभ न करने वाले ठेकेदारों का कार्यादेश होगा निरस्त

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण अंचलों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने जल जीवन मिशन के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। जिसके परिपालन में  बलरामपुर कलेक्टर विजय दयाराम के. ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने जल जीवन मिशन अंतर्गत विभिन्न योजनाओं, कार्यों, आईएसए, जल परीक्षण प्रयोगशाला के एनएबीएल उन्नयन कार्यों की समीक्षा की। 



उन्होंने जल जीवन मिशन के निर्माण कार्यों की धीमी गति पर अप्रसन्नता जाहिर करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबंधित ठेकेदारों को अनुबंध के अनुसार समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के लिए आदेशित करें।कलेक्टर विजय दयाराम के. ने लोक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले में नलकूपों में जल आवक क्षमता का परीक्षण किये जाने हेतु उपकरण तत्काल क्रय करने के निर्देश दिये। उन्होंने कार्य प्रारंभ करने वाले ठेकेदारों का कार्यादेश निरस्त करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिये। कलेक्टर ने डीपीआर तैयार करने वाले फर्मों को नवीन एसओआर पर डीपीआर तैयार कर एक सप्ताह में जमा करने को कहा तथा कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को दैनिक प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिये।

 उन्होंने कार्यपालन अभियंता को प्रत्येक विकासखण्ड अंतर्गत पांच ग्रामों कोहर घर जलमात्रक के अनुसार चिन्हित कर आगामी समय-सीमा की बैठक में अवगत कराने को कहासाथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत बिछाई जा रही पाईप लाईन से ग्राम के सभी संस्थान स्कूल, आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य केन्द्रों में नल कनेक्शन दिया जाना सुनिश्चित करें। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता ने जानकारी दी कि जिले के 604 बसाहटों के 1 लाख 77 हजार 938 घरेलू नल कनेक्शन की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है, शेष 32 ग्रामों की योजनाओं हेतु डीपीआर को वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।

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