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शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता : मोहन मरकाम

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रायपुर। आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग एवं मनेंद्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिले के प्रभारी मंत्री मोहन मरकाम ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितैषी योजनाआंे का लाभ सभी को मिले। जनता को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक जिले के प्रभारी मंत्री मोहन मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के मंशानुसार व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र धारियों को मनरेगा के अंतर्गत भूमि समतलीकरण व अन्य कार्य प्राथमिकता से स्वीकृत किया जा रहा है। इससे वनाधिकार पत्र धारी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रहे हैं। किसी भी कारण से अस्वीकृत वनाधिकार पत्रों को फिर से रिव्यू किया जाए और पात्र हितग्राहियों को वनाधिकार पत्र वितरित करने के निर्देश दिए। इसी तरह राजस्व विभाग के लंबित प्रकरणों का तत्काल निराकरण किया जाए। उन्होंने नगरीय निकाय क्षेत्रों में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित कर लोगों की समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने को कहा। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना के सम्बन्ध में जनता के बीच प्रतिक्रिया से अवगत होते हुए बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारी से जिले में खाद-बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। खाद्य बीज की काला बाजारी को रोकने के लिए सतत् रूप से दुकानों का निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने उप संचालक कृषि को राजीव गांधी किसान न्याय योजना तथा अन्य योजनाओं से अधिक से अधिक कृषकों को लाभान्वित करने को कहा।

गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए मरकाम ने जिले के गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट उत्पाद व गौठानों में कार्यरत स्व.-सहायता समूहों की जानकारी ली तथा अधिक से अधिक महिला स्व-सहायता समूह को जोड़ने के निर्देश दिये। इसी तरह जिले मे रीपा अंतर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी लेते हुए क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं को अधिक से अधिक स्व-रोजगार से जोड़ने को कहा। शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री शाला जतन योजना के अंतर्गत मरम्मत व अन्य प्रगतिरत निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होनें स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी एवं हिन्दी माध्यम स्कूलों में प्रवेशित छात्र-छात्राओं की जानकारी ली।

मरकाम ने कहा कि सरकार की मंशानुरूप ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ सकें। उन्होंनेे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत चल रहे जल जीवन मिशन के कार्यों को गुणवत्तापूर्ण यथाशीघ्र पूरा करने को कहा। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो सकेगी। मरकाम ने कहा कि सड़कें विकास की जीवन रेखा होती है, सड़कों का नियमित रूप से मरम्मत व नवीनीकरण का कार्य करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को दिये।

बैठक में उन्होंने जिला खनिज संस्थान न्यास योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की जानकारी ली। इस मद की राशि का उपयोग आवश्यकता के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर जिले के विकास कार्यों में करने को कहा। उन्होंने आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास -आश्रमों के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा की कन्या छात्रावासों-आश्रमों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें। इस बात का ध्यान रखें कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति छात्रावास परिसर में प्रवेश ना कर सके। इसी प्रकार प्रभारी मंत्री ने अन्य विभागों की गहन समीक्षा करते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ आमजनो तक पहुंचाने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

बैठक में सीजीएमएससी के संचालक एवं मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्रीमती रेणुका सिंह, महापौर चिरमिरी श्रीमती कंचन जायसवाल, नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती प्रभा पटेल, कलेक्टर नरेंद्र कुमार दुग्गा, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी एलएन पटेल, अपर कलेक्टर अनिल सिदार, निगम आयुक्त सुश्री लवीना पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर व मनेंद्रगढ़ एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश महामंत्री बने राकेश चंद्राकर

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महासमुंद। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव की सहमति से प्रदेश भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष भरत वर्मा ने राकेश चंद्राकर नगर पंचायत अध्यक्ष तुमगांव को प्रदेश महामंत्री पिछड़ा वर्ग मोर्चा का दायित्व सौंपा है। राकेश चंद्राकर पूर्व में भाजपा मंडल अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, जिला महामंत्री महासमुंद, प्रदेश सह कोषाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए संगठन की सेवा में तत्पर रहे हैं। अपनी नियुक्ति पर राकेश चंद्राकर ने कहा कि पार्टी ने मुझ पर जो विश्वास जताया है,

उस पर खरा उतरने का प्रयास करुंगा। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री, भरत वर्मा प्रदेश अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा का आभार व्यक्त किया। दूसरी ओर उनकी नियुक्ति को लेकर कार्यकर्ताओं ने फटाखे फोड़कर, मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। चंद्राकर को महामंत्री बनाए जाने पर धर्मेश शुक्ला, पप्पू पटेल, धर्मेन्द्र यादव, धरम साहू, राकेश साहू, कमल कौशिक, निर्भय नायक, खेमराज बघेल, रामेश्वर गब्बर साहू, हनी सिंह, कुलजीत सलूजा,राजा अग्रवाल,रुपलाल पटेल, डोमार पटेल, विकास चंद्राकार, शशिकांत साहू, संदीप घोष, संदीप दीवान, प्रकाश शर्मा, प्रशांत श्रीवास्तव, नारेन्द्र गिरी, श्याम साकरकर, निश्चय चंद्राकर, भाऊराम साहू, गैंद यादव, मनोज यादव, लखेश्वर पटेल, अजय साहू, लखन साहू आदि ने हर्ष व्यक्त किया है।

पूरे देश में नजीर बनेगा छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत का आरक्षण : भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के सदस्यों ने मुलाकात कर छत्तीसगढ़ विधानसभा में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने संबंधी विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण पूरे देश में नजीर बनेगा। यहां निवासरत् अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों के विकास की दिशा में आरक्षण का फैसला महत्वपूर्ण साबित होगा। सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े एक बड़ी जनसंख्या के वर्ग को आगे बढ़ने का बेहतर मौका मिलेगा। 



मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने क्वांटिफाईएबल डाटा आयोग का गठन कर राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों सम्बंधित आवश्यक आंकड़े जुटाने के बाद इस वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग सहित समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को बताया कि पूरे प्रदेश में आरक्षण विधेयक पारित होने पर हर्ष की लहर है। यहां पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग के दर्द को समझा गया है। 

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए जगह-जगह खोले जा रहे छात्रावास सहित विभिन्न सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर सर्वश्री ओमप्रकाश साहू, लीलाराम, देवाराम, बलीराम सिन्हा, भागवत वैष्णव, फूलचंद दीवान, गंगाराम बघेल, सुरेश पटेल, चिन्ताराम साहू, कृष्णा, ठाकुर राम, लोकनाथ राठौर, हरिचंद निषाद, रामदत्त कौशिक, श्रीमती धनेश्वरी, श्रीमती पदमावती, श्रीमती रेवती वत्सल, मोहन चन्द्रवंशी, भूपेन्द्र, संतोष, धनाराम साहू आदि उपस्थित थे।

अनुसूचित जनजाति 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति 13 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में आरक्षण को लेकर राज्य सरकार आगामी एक और दो दिसंबर को होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र में संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस संशोधन विधेयक के प्रारूप को आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में रायपुर में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई। इस संशोधन विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिए बत्तीस प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिए तेरह और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सत्ताईस प्रतिशत आरक्षण के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव किया गया है। 



साथ ही शैक्षणिक संस्थाओं में प्रवेश से संबंधित आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया। वहीं, राज्य मंत्रिमंडल के अन्य फैसले के तहत जिला खनिज न्यास में उपलब्ध राशि के बीस प्रतिशत हिस्से को सामान्य क्षेत्र में और चालीस प्रतिशत भाग को अधिसूचित क्षेत्र में खर्च करने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है। वहीं, चालू वित्त वर्ष के द्वितीय अनुपूरक अनुमान से संबंधित छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक को भी बैठक में मंजूरी दी गई। इसे विधानसभा के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।

राज्य मंत्रिपरिषद ने आज नवीन मछली पालन नीति को भी मंजूरी दी। इसके अनुसार अब मछली पालन के लिए तालाब या जलाशय की नीलामी नहीं होगी, बल्कि इन्हें मछुवारा समूहों को दस वर्ष के लिए पट्टे पर दिया जाएगा। इसी तरह, कैबिनेट के एक अन्य फैसले के मुताबिक राज्य वनोपज संघ और निजी निवेशकों के बीच हुए समझौते के आधार पर स्थापित वनोपज संबंधी उद्योगों के उत्पाद को चालीस प्रतिशत की छूट के साथ खरीदा जाएगा। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत खरीदे जाने वाले इन उत्पादों को वन विभाग की इकाई ‘‘संजीवनी’’ और अन्य माध्यमों से बेचा जाएगा।

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