Media24Media.com: पारंपरिक वेशभूषा

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छत्तीसगढ़ की सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर।  राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम कोटा में छत्तीसगढ़ की मेजबानी में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का आगाज पारंपरिक वेशभूषा एवं परिधानों के साथ विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने मार्च पार्स्ट से किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अपने वर्चुअल शुभकामना संदेश में कहा कि वनों के संरक्षण में वनकर्मियों की अहम भूमिका होती है। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में वनबल के कर्मचारी हिस्सा लेते है।  इसके लिए वन कर्मियों का शारीरिक रूप से चुस्त-दूरूस्त रहना जरूरी है। वनकर्मियों के लिए खेल का विशेष महत्व है, खेल से एकाग्रता, साहस और टीम भावना से कार्य करने में मदद मिलती है। मैं उम्मीद करता हूं इस प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ी खेल भावना से खेलते हुए अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामना एवं बधाई दी। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माता कौशल्या की धरती में देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस आयोजन के लिए वन विभाग की मेहनत काबिले तारीफ है। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता की शुरूआत वर्ष 1992 में हुई थी। धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती गई। इस खेल में कश्मीर से कन्याकुमारी ही नहीं अपितु केंद्र शासित प्रदेश के खिलाड़ी प्रतियोगिता में शामिल हो रहे हैं। 

हमारा भारत देश विविधताओं का देश है, राजधानी रायपुर का यह स्टेडियम लघु भारत के रूप में नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश मे खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए अनेक कदम उठाये हैं। छत्तीसगढ़ की सरकार खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों से छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा है। वनरक्षक से लेकर विभाग के अधिकारी भी शामिल हो रहे खिलाड़ी का वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए अहम भूमिका होगी।

बिहार के वन मंत्री डॉ. प्रेमकुमार ने कहा कि वनों एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं जागरूकता लाने के लिए हमे आगे आना होगा। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता की शुरूआत आंध्रप्रदेश के हैदराबाद से हुई थी। इस बार यह आयोजन प्राकृतिक खनिज संपदा से भरपूर छत्तीसगढ़ में हो रहा है। डॉ. कुमार ने सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकानाएं दी।

छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वर्ष 2023 में हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था। छत्तीसगढ़ की सरकार खेल प्रातिभाओं का बढ़ाने के साथ-साथ उनका सम्मान भी कर रही है। छत्तीसगढ़ में 44 प्रतिशत वन है, जो पूरे भारत में तीसरा स्थान रखता है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पांच दिन तक चलने वाला यह आयोजन वनों के संरक्षण पर आधारित है। अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में तीसरी बार हो रहा है। उन्होंने स्टेडियम में उपस्थित खिलाड़ियों के साथ-साथ उपस्थित जनसमुदाय को पेड़ और वन्यप्राणी के सरंक्षण के लिए प्रेरित किया। आने वाली पीढ़ी को जागरूक करने का कार्य न केवल सरकार का है अपितु सभी की नैतिक जवाबदारी है।

अंतर्राष्ट्रीय टी-20 के भारतीय कप्तान सूर्य कुमार यादव ने जय जोहर के उद्बोधन से अपनी बात रखी। उन्होंने छत्तीसगढ़ में वनों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि छत्तीसगढ़ में चारों ओर हरियाली है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के कैरियर में अनुशासन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आने वाली पीढ़ी के लिए वनों को हराभरा रखने और खेल को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की सराहना करते हुए इस आयोजन के लिए बधाई दी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ की मेजबानी में चार साल बाद 27वीं ऑल इंडिया फॉरेस्ट स्पोर्ट्स मीट में 26 खेल की 300 विधाओं में प्रतियोगिताएं होगी। यह प्रतियोगिता 16 से 20 अक्टूबर तक राजधानी के 16 अलग-अलग खेले मैदानों में होगा। इसमें देशभर से 2920 खिलाड़ी भाग लेंगे। जिसमें 2331 पुरुष और 585 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। मेजबान छत्तीसगढ़ के 268 खिलाड़ी 12वीं बार ओवरऑल चैम्पियनशिप के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगे। हमारी टीम अब तक 11 बार ओवरऑल चैम्पियनशिप का खिताब जीत चुकी है। प्रतियोगिता प्रारंभ के पूर्व विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों द्वारा किए गए मार्च पार्स्ट में छत्तीसगढ़ प्रथम, हिमाचल प्रदेश द्वितीय और तृतीय स्थान पर तमिलनाडु तथा असम और गुजरात के दल को सांत्वना पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव और विजय शर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रामप्रसाद, विधायकगण राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पद्मश्री अनुज शर्मा, सचिव (वन) भारत सरकार की श्रीमती लीना नंदन, वन महानिदेशक भारत सरकार जितेन्द्र कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, मुख्य वन संरक्षक एवं प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी श्रीमती शालिनी रैना सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और आम लोग उपस्थित थे।

नाचते-गाते पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर मांगा छेरछेरा

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 पटेवा। प्राथमिक शाला सलिहाभांठा में बाल कैबिनेट के नेतृत्व में बच्चों ने नाचते-गाते पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर छेरछेरा मांगा। गांव घूमने के पूर्व छत्तीसगढ़ की अन्न दान की पारंपरिक पर्व का महत्व और उत्सव मनाने में सहयोग तथा खुशियां बांटने की महत्ता को बच्चों ने अपने शब्दों में बताया।


छेरछेरा का पर्व क्यों मनाते है? इस पर भी शिक्षकों और उपस्थित पालकों के द्वारा बच्चों को बताया गया। गांव भ्रमण कर पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक मंत्री इंद्राणी साहू और लालिमा दीवान के नेतृत्व में नाचते गाते बच्चों ने गांव में लोगों से अन्न दान मांगा। लोगों ने इस दौरान बच्चों के लिए ताली बजाकर खूब उत्साहवर्धन किए। गांव में बच्चों के साथ अन्य लोग भी जुड़ते गए।

बाल कैबिनेट के प्रधानमंत्री ललित ध्रुव ने चर्चा में बताया कि मिले छेरछेरा से बाल कैबिनेट द्वारा सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। छेरछेरा भ्रमण में शिक्षक धर्मेंद्र ध्रुव, पुष्पलता पटेल व पालकों की ओर से पिरीत राम साहू, घांसु राम दीवान, दौलत राम दीवान, पंचराम ध्रुव, दयालु राम ध्रुव, कृपा राम ध्रुव, कीर्ति दीवान, डमरू ध्रुव, खिलेश्वरी ध्रुव, सुशिला साहू, बच्चों के साथ उपस्थित रहे। बिसनी दीवान, हेमलता ध्रुव का विशेष सहयोग रहा।

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