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निदान-1100 में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने दिए निर्देश

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रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने  जन शिकायत निवारण प्रणाली (निदान-1100) में प्राप्त शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के लिए सभी नगरीय निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सुडा ने समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर नाखुशी जाहिर करते हुए सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

सुडा ने नगरीय निकायों को जारी परिपत्र में कहा है कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में जन समस्याओं से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' का प्रातः छह बजे से रात्रि आठ बजे तक संचालन किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य निकाय क्षेत्र में निवासरत नागरिकों की साफ-सफाई, डोर-टू-डोर कचरा प्रबंधन, रोड, नाली, सीवर की सफाई, सेप्टिक टैंक की सफाई, स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई, भवन अनुज्ञा एवं अन्य शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण करना है। परिपत्र में कहा गया है कि प्रायः यह देखा जा रहा है कि नागरिकों द्वारा निदान-1100 में दर्ज शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं किया जा रहा है। 

जन शिकायत निवारण प्रणाली 'निदान 1100' के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने से आम नागरिकों में निकायों की छवि धूमिल हो रही है। निकायों की खराब ग्रेडिंग शिकायतों का निराकरण समय-सीमा में नहीं होने का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह स्थिति अत्यंत खेदजनक है। भविष्य में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण की समीक्षा शासन स्तर पर किया जाना है। सुडा ने अपने परिपत्र में निदान-1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के लिए नगर निगमों में मुख्यालय स्तर पर अपर आयुक्त या उप आयुक्त को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जोन कार्यालय स्तर पर जोन आयुक्त को नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य अधिकारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा है।

नगर पालिकाओं में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी तथा स्वास्थ्य अधिकारी या सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर पंचायतों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी को नोडल अधिकारी और सफाई दरोगा या स्वच्छता निरीक्षक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश सुडा ने दिए हैं। नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी के स्थानांतरण या अन्य किसी स्थिति में उनके स्थान पर नवपदस्थ अधिकारी/कर्मचारी स्वतः नोडल अधिकारी या सहायक नोडल अधिकारी नामांकित होंगे। सुडा ने परिपत्र में दिए गए निर्देशानुसार सभी निकायों को नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त कर सुडा के राज्य कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा है।

भ्रष्टाचार एवं रिश्वतखोरी पर होगी कड़ी कार्यवाही : खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल

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रायपुर। खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल आज सुशासन तिहार के तीसरे चरण के गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पोंड में जिला स्तरीय समाधान शिविर में शामिल हुए। शिविर में ग्राम पोंड सहित आसपास के गांव के लोगों ने अपने-अपने आवेदनों के निराकरण की स्थिति की जानकारी ली। मंत्री बघेल ने शिविर में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया।

खाद्य मंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को जानना एवं उनका यथा संभव निराकरण सुनिश्चित करना है। इसी तारतम्य में समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से लोगों के गांवों के नजदीक क्लस्टर स्तर पर शिविर लगाकर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में भ्रष्टाचार एवं अवैध लेन-देन की शिकायत प्राप्त होने पर भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारी-कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही की जायेगी। यह योजना लोगों की भलाई के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही है, जिससे उन्हें आवास की सुविधा मिल रही है। साथ ही उन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है।

मंत्री बघेल ने कहा कि शासन की महती योजना प्रधानमंत्री आवास योजना से सभी पात्र हितग्राहियों को आवास का लाभ मिल रहा है। वहीं महतारी वंदन योजना से महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा भूमि खरीदी बिक्री के पश्चात स्वतः नामांतरण की सुविधा शुरू की गई है। इससे लोगों को काफी सहूलियत होगी। लोगों की सुविधा के लिए जून में एकमुश्त 3 माह का चावल भी दिया जाएगा। समाधान शिविर में राजिम विधायक रोहित साहू, छत्तीसगढ़ भण्डार गृह निगम के अध्यक्ष चन्दूलाल साहू, कलेक्टर बी.एस. उइके, पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा, जिला पंचायत सीईओ जी.आर. मरकाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शिवांगी चतुर्वेदी, जनपद अध्यक्ष छुरा श्रीमती मीरा ठाकुर, वरिष्ठ नागरिक अनिल चन्द्राकर, राजेश साहू, ग्राम पंचायत पोंड के सरपंच श्रीमती कौशिल्या कंवर सहित आसपास गांव के सरपंच एवं भारी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मंत्री ने गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार किट का किया वितरण

शिविर में प्रभारी मंत्री बघेल एवं विधायक ने 5 गर्भवती महिलाओं को पोषण आहार किट प्रदान कर गोदभराई रस्म एवं 2 शिशुओं का अन्नप्रासन किया। साथ ही उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। साथ ही टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट कार्य के लिए ग्राम पोंड, कुटेना, फुलझर एवं मुरमुरा के सरपंच, स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वच्छाग्राहियों एवं मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसके अलावा हितग्राहियों को ट्रायसिकल, आइस बॉक्स सौर सुजला किट, मछली जाल जैसे सामग्री एवं राशन कार्ड का वितरण भी किया। इस अवसर पर विधायक साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में शुरू किए गए सुशासन तिहार के आयोजन के उद्देश्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सुशासन तिहार के आयोजन के निर्णय को राज्य सरकार के अत्यंत जनहितैषी एवं संवेदनशील निर्णय बताते हुए सराहना की। उन्होंने कहा कि इस सुशासन तिहार के माध्यम से राज्य सरकार के द्वारा शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने तथा शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का कारगर प्रयास किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश में मोदी जी की गारंटी को तत्परता से पूर्ण किया जा रहा है।

सुशासन तिहार 2025 : सुशासन तिहार में वनांचल के किसान गोवर्धन को मिला किसान किताब की द्वितीय प्रति सुशासन तिहार में अपने आवेदन पर शीघ्रता से काम होने पर

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बालोद। सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर कोटागांव में किसान किताब की द्वितीय प्रति मिलने पर किसान गोवर्धन ने प्रसन्नता व्यक्त की है। सुशासन तिहार 2025 के अंतर्गत आज डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कोटागांव में आयोजित समाधान शिविर का आयोजन किया गया। समाधान शिविर में पहुंचे ग्राम धोतिमटोला के किसान गोवर्धन हल्बा ने बताया कि उनका पहले जो किसान किताब था, वह बहुत पुराना होने के कारण उसे उपयोग में नहीं ला पा रहे थेजिससे बहुत कठिनायों का सामना करना पड़ रहा था। 

नया किसान किताब बनाने के लिए काफी समय से सोंच रहे थे, लेकिन नहीं बनवा पा रहा था। गोवर्धन ने बताया कि सुशासन तिहार की जानकारी गांव में मुनादी द्वारा मिलने पर उन्होने पंचायत में जाकर नया किसान किताब बनाने के लिए आवेदन किया और आज उन्हें समाधान शिविर में निःशुल्क नया किसान किताब मिल गया।

नया किसान किताब के लिए किसी प्रकार की राशि भी नहीं लगा है। गोवर्धन ने कहा कि सुशासन तिहार बहुत मददगार साबित हुआ है। उन्होंने सुशासन तिहार आयोजन करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। किसान गोवर्धन ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत समाधान शिविर सभी किसानों के लिए बहुत अच्छा है। उनके आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से बहुत सारी योजनाओं की जानकारी मिली है।

कलेक्टर ने जन चौपाल में सुनी लोगों की समस्याएं, दिए निराकरण के निर्देश

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महासमुंद। नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन सम्पन्न होने के उपरांत जिला कार्यालय में हर मंगलवार को आयोजित होने वाले जन चौपाल में जिले के दूरस्थ क्षेत्रों से लोग अपनी-अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जन चौपाल में लोगों ने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह से एक-एक कर मुलाकात की और उनके समक्ष अपनी मांगे व समस्याएं रखी।

जन चौपाल में आज अलग-अलग समस्याओं के निराकरण हेतु कुल 27 आवेदन प्राप्त हुए। कलेक्टर ने प्रकरणों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को आवेदन प्रेषित करते हुए यथाशीघ्र नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने महत्वपूर्ण प्रकरणों को समय सीमा में दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित अधिकारी को प्रेषित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रविराज ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

जन चौपाल में महासमुंद बम्हनी निवासी पूरन ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने के लिए कलेक्टर को आवेदन सौंपे। इसी तरह बागबाहरा बिराजपाली निवासी भागीरथी ने श्रमिक पंजीयन कार्ड सक्रिय करने, पिथौरा के राजकुमार ने गुमटी व्यवस्थापन के लिए, सरायपाली पतेरापाली निवासी विजय कुमार मिर्धा ने भूमि सीमांकन के लिए, बागबाहरा पोटिया की श्रीमती सेवती साहू ने पति के मृत्यु उपरांत तेंदूपत्ता की राशि प्रदाय करने हेतु आवेदन दिए। इसी तरह आवेदकों द्वारा प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, अतिक्रमण हटाने एवं अन्य योजनाओं से संबंधित आवेदन कलेक्टर को सौंपे गए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मांग एवं समस्याओं से संबंधित प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार तत्काल निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवेदकों की समस्याओं का निराकरण के दिए निर्देश

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महासमुंद। जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित होने वाले जन चौपाल में आज कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले के आमजनों की मांगों एवं समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को नियमानुसार निराकरण के निर्देश दिए। जन चौपाल में आज ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के 36 आवेदकों ने मांग, समस्या एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी आवेदकों की समस्याएं बारी-बारी सुनी।


आज जन चौपाल में आवेदकों ने जाति प्रमाण पत्र, नक्शा त्रुटि सुधार, अतिक्रमण हटाने, नामांतरण, भूमि व्यवस्थापन तथा अन्य समस्याओं व मांगो को लेकर आवेदन सौंपे। इनमें महासमुंद विकासखंड के ग्राम खैराभाठा की पानबाई ने प्रधानमंत्री आवास के लिए, ग्राम मालीडीह के पुनीराम ने खसरा त्रुटि सुधार, श्रीमती सरोज बाई ने करणी कृपा मामले में पीड़िता को मुआवजा एवं कार्य दिलाने, बसना विकासखण्ड के ग्राम छातापठार के गंगाराम ने भूमि अतिक्रमण हटाने, पिथौरा की अहिल्या सवा ने जमीन दूरूस्ती संबंधी आवेदन कलेक्टर को सौंपे। कलेक्टर लंगेह ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदकों की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ एस. आलोक, अपर कलेक्टर रवि कुमार साहू एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

मुदांक प्रकरणों में प्रथम अपीलीय अधिकारी अब महानिरीक्षक पंजीयन

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रायपुर। पंजीयन विभाग के मुद्रांक प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु प्रथम अपीलय अधिकारी संभागायुक्त के स्थान पर महानिरीक्षक पंजीयन को बनाया गया है। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में 27 अगस्त अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। महानिरीक्षक पंजीयन को अपील का प्रावधान होने से पक्षकारों को सहूलियत होने के साथ ही मुद्रांक प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण होने के साथ-साथ अवरूद्ध राजस्व की वसूली समय पर हो सकेगी तथा शासन के राजस्व में वृद्धि होगी। 

पंजीयन कार्यालयों में पंजीयन के लिए प्रस्तुत होने वाले दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क एवं पंजीयन फीस प्रभार्य होती है। यदि किसी दस्तावेज में कर अपवंचन के उद्देश्य से प्रचलित बाजार मूल्य अथवा वास्तविक प्रतिफल से कम प्रतिफल अंकित किया जाता है तो ऐसे दस्तावेज न्यून मूल्यांकन की श्रेणी में आते हैं। न्यून मूल्यांकित प्रकरणों में कलेक्टर ऑफ स्टाम्प द्वारा भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 47(क) के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर कम मुद्रांक शुल्क की वसूली हेतु आदेश पारित किया जाता है। इस धारा का उद्देश्य स्टाम्प शुल्क का अपवंचन रोकना है।

कलेक्टर द्वारा पारित आदेश से यदि पक्षकार संतुष्ट नही हैं तो ऐसे आदेश के विरूद्ध अधिनियम की धारा 47(क) (4) के तहत् एक माह के भीतर अपील किये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में ऐसी प्रथम अपील संभागीय आयुक्त को तथा द्वितीय अपील मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी को प्रावधानित है।

मुद्रांक प्रकरणों के निराकरण के लिए कोई विहित समयसीमा निर्धारित नही है। प्रकरण लंबे समय तक लंबित रहने से शासन का राजस्व अवरूद्ध रहता है, इसे दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा कलेक्टर के आदेश के विरूद्ध प्रथम अपील संभागायुक्त के स्थान पर महानिरीक्षक पंजीयन, छत्तीसगढ़ को किये जाने संबंधी प्रावधान किया गया है। इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना दिनांक 27 अगस्त 2024 को राजपत्र में प्रकाशित की गई है।

 

स्थानीय निकायों के निर्वाचन हेतु निर्वाचक नामावली तैयार करने का कार्यक्रम जारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह की उपस्थिति में आज यहां नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम/उप निर्वाचन दिसम्बर 2024-जनवरी 2025 सम्पन्न कराये जाने हेतु फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली तैयार किये जाने के संबंध में राज्य के सभी जिलों से आये उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। आयोग द्वारा सभी उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को मतदाता सूची शुद्ध एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिये गये।

01 जनवरी 2024 की स्थिति में 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले का नाम मतदाता सूची में आवश्यक रूप से होना चाहिए। इसका जिला स्तर पर प्रचार-प्रसार करने तथा निर्वाचन से संबंधित सभी कार्य समय-सीमा में करने के निर्देश दिए गए। मास्टर ट्रेनर द्वारा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों को पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव के वैधानिक प्रावधान, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति, कर्तव्य एवं उसके प्रशिक्षण, निर्वाचन नामावली तैयार करने हेतु प्रक्रिया तथा प्रारंभिक निर्वाचक नामावली का प्रकाशन एवं मुद्रण के सबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

इसी तरह प्रशिक्षण कार्यक्रम में दावा आपत्ति प्राप्ति एवं निराकरण, प्रारंभिक निर्वाचक नामावली में आवश्यक संशोधन एवं साफ्टवेयर में प्रविष्टि, निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन एवं मुद्रण, अपील निर्वाचक नामावली प्रेक्षक की नियुक्ति एवं कर्तव्य, राजनैनिक दल हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश एवं निर्वाचक नामावली अभिकर्ता की नियुक्ति तथा निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण हेतु आवश्यक प्रचार-प्रसार (जाबो) के संबंध में विस्तार से बताया गया। आयोग के अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनर द्वारा उप जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा पूछे गये समस्याओं का सुझाव भी प्रदान किया गया।

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरपालिका आम/उप निर्वाचन 2024 हेतु निर्वाचक नामावाली तैयार करने का कार्यक्रम निम्नानुसार रहेगा। जिसे 2 चरणों में पूरा किया जायेगा। जिसमें प्रथम चरण में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति एवं प्रारंभिक प्रारूप निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं नियुक्ति बुधवार 18 सितम्बर 2024 तक, निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/प्राधिकृत कर्मचारियों का प्रशिक्षण एवं भारत निर्वाचन आयोग की 01 जनवरी 2024 की स्थिति में तैयार अद्यतन विधानसभा की निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करना शुक्रवार 20 सितम्बर 2024 तक, विधानसभा की निर्वाचक नामावली स्थानीय निकायवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना शनिवार 21 सितम्बर 2024 तक, प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को पंचायतवार एवं भागवार मार्किंग करना, शुक्रवार 27 सितम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

इसी तरह वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित वार्ड के संबंधित भाग के अनुभाग में शिफ्ट किया जाना मंगलवार 01 अक्टूबर 2024 तक, निर्वाचक नामावली की चेकलिस्ट (पीडीएफ) तैयार करना शुक्रवार 04 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट (पीडीएफ) की जांच कराना, त्रुटि सुधार कराना सोमवार 07 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट संशोधन पश्चात् प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रदाय करना गुरुवार 10 अक्टूबर 2024 तक तथा जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराना एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना सोमवार 14 अक्टूबर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

 इसी तरह द्वितीय चरण में निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना एवं मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों को निर्वाचक नामवली उपलब्ध कराना बुधवार 16 अक्टूबर 2024 तक, दावा/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 23 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजे तक, दावा/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख मंगलवार 29 अक्टूबर 2024 तक, प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि सोमवार 04 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूपः क-1 में प्राप्त दावा का निराक़रण करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक निर्धारित की गई है।

इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर, परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना बुधवार 13 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी. डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालयं को सौंपना शनिवार 16 नवम्बर 2024 तक, अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्र करना मंगलवार 19 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 को किया जाएगा।

पंचायत निर्वाचक नामावली तैयार करने जारी कार्यक्रम अनुसार प्रथम चरण में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियो की नियुक्ति एवं प्रारंभिक प्रारूप निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु कर्मचारियों का चयन एवं नियुक्ति बुधवार 18 सितम्बर 2024 तक, निर्वाचक नामावली तैयार करने हेतु रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/प्राधिकृत कर्मचारियों का प्रशिक्षण तथा भारत निर्वाचन आयोग की 01 जनवरी 2024 की स्थिति में तैयार अद्यतन विधानसभा की निर्वाचक नामावली जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त करना शुक्रवार 20 सितम्बर 2024 तक, विधानसभा की निर्वाचक नामावली जनपद पंचायतवार पृथक कर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना शनिवार 21 सितम्बर 2024 तक, प्रचलित परिसीमन के आधार पर रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा निर्वाचक नामावली को पंचायतवार एवं भागवार मार्किंग करना शुक्रवार 27 सितम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

इसी तरह वार्डवार एवं भागवार चिन्हित निर्वाचकों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से दर्शित पंचायत के संबंधित भाग के अनुभाग में शिफ्ट किया जाना मंगलवार 01 अक्टूबर 2024 तक, निर्वाचक नामावली की चेकलिस्ट (पीडीएफ) तैयार करना शुक्रवार 04 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट (पीडीएफ) की जांच कराना, त्रुटि सुधार कराना सोमवार 07 अक्टूबर 2024 तक, चेकलिस्ट संशोधन पश्चात् प्रारूप निर्वाचक नामावली मुद्रण हेतु जिला निर्वाचन कार्यालय को प्रदाय करना गुरूवार 10 अक्टूबर 2024 तक, जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा निर्वाचक नामावली का मुद्रण कराना एवं रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को उपलब्ध कराना सोमवार 14 अक्टूबर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

द्वितीय चरण में निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन एवं दावे तथा आपत्तियां प्राप्त करना बुधवार 24 अक्टूबर 2024 तक, दावे/आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख व समय बुधवार 29 अक्टूबर 2024 को दोपहर 3 बजे तक, दावे/आपत्तियों का निपटारे की अंतिम तारीख सोमवार 04 नवम्बर 2024 तक, प्ररूप क-1 में रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दावा प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि शुक्रवार 08 नवम्बर 2024 तक तथा प्ररूप क-1 में प्राप्त दावा का निराकरण करने की अंतिम तिथि गुरुवार 14 नवम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है।

इसी तरह दावे/आपत्तियों के निराकरण आदेश के विरूद्ध अपील करने की अंतिम तारीख निराकरण आदेश पारित होने के 05 दिवस के भीतर, परिवर्धन, संशोधन, विलोपन के प्रकरणों की प्रविष्टि सॉफ्टवेयर में करना मंगलवार 19 नवम्बर 2024 तक, चेकलिस्ट का निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा जांच करवाना तथा पी.डी.एफ. मुद्रण हेतु जिला कार्यालयं को सौंपना शुक्रवार 22 नवम्बर 2024 तक, अनुपूरक सूची का मुद्रण कराना और अनुपूरक सूची को मूल सूची के साथ संलग्न करना सोमवार 25 नवंम्बर 2024 तक निर्धारित किया गया है तथा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन शुक्रवार 29 नवम्बर 2024 को किया जायेगा। इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, उप सचिव डॉ. नेहा कपूर एवं आलोक कुमार श्रीवास्तव सहित सभी जिलों से आये उप जिला निर्वाचन अधिकारी गण प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए चलेगा अभियान

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए 5 से 20 जुलाई 2024 तक राजस्व पखवाड़े का आयोजन किया जाएगा। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने राज्य के सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का तेजी से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वर्मा आज जिला मुख्यालय सारंगढ़ में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा है कि यह बात ध्यान में लायी गई है कि अविवादित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। सभी राजस्व अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखें कि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण हो। समीक्षा बैठक में कलेक्टर सारंगढ़ धर्मेश साहू ने मंत्री वर्मा को बताया कि जिले में पंचायत सचिव के माध्यम से गांव में ग्रामीणों के जितने राजस्व प्रकरण होंगे, उनके माध्यम से तहसीलदार कार्यालय में जमा होंगे, जिसका मॉनिटरिंग कलेक्टर स्तर पर किया जाएगा, जिससे जिले के राजस्व कार्यों के निपटारा शीघ्र होगा।

राजस्व मंत्री वर्मा ने कहा कि जिले में अवैध शराब, जुआ, सट्टा जैसे अपराध पर सख्ती से कार्यवाही करते हुए नियंत्रित करें। उन्होंने मरम्मत योग्य सभी स्कूलों, छात्रावास भवनों, आंगनबाड़ी केन्द्रों के जर्जर भवनों की जानकारी ली और मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क, पुल-पुलिया जैसे बुनियादी कार्यों को पूरा करने कहा। बैठक में नल जल योजना, महतारी वंदन, सौर सुजला योजना, पीएम विश्वकर्मा, मनरेगा, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम उज्ज्वला योजना आदि की समीक्षा की गई।

बैठक में वर्मा ने स्कूलों तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण का कार्य पीएम ग्रामीण सड़क, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क आदि के माध्यम से किया जाए ताकि पहुंच सुलभ हो। उन्होंने कहा पटवारी कार्यालय के लिए भवन निर्माण कराएं ताकि पटवारी वहां रहकर किसानों का कार्य करें। अवैध प्लाटिंग, बिक्री और नामांतरण पर शीघ्र रोक लगाएं। इस अवसर पर विधायक सारंगढ़ श्रीमती उत्तरी गनपत जांगड़े, एसपी पुष्कर शर्मा, परियोजना निदेशक हरिशंकर चौहान, एसडीएम अनिकेत साहू, डिप्टी कलेक्टर वर्षा बंसल सहित जिले के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल : एक बुजुर्ग व्यक्ति के कानों में फिर से गूंजेगी आवाज

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल की वजह से आज एक 72 वर्षीय व्यक्ति फिर से लोगों की आवाज सुन सकेगा। जशपुर जिले के कुनकुरी ब्लॉक के रहने वाले रामदेव राम कायता को कानों में कुछ समस्या होने की वजह से उन्हें सुनाई नहीं दे रहा था। आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से उनके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। कायता ने 2 दिन पहले मुख्यमंत्री निवास कार्यालय आकर मुख्यमंत्री साय के समक्ष अपनी समस्या के बारे में बताया। मुख्यमंत्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को इसके निराकरण के निर्देश दिए।

आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के समक्ष ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के द्वारा रामदेव राम कायता के दोनों कानों में  डिजिटल श्रवण यंत्र  फिट किया गया। इस श्रवण यंत्र के माध्यम से वे आसानी से आवाज को सुन सकेंगे। कायता ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की मुख्यमंत्री गरीबों के मसीहा हैं। मुख्यमंत्री साय की वजह से आज वह फिर से सुन सकेंगे। उनकी समस्या का इतनी जल्दी निराकरण हो जायगा उसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी। मुख्यमंत्री के बारे में जैसा सुना था वैसा ही पाया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जयसवाल, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, समाज कल्याण विभाग के अपर संचालक पंकज वर्मा मौजूद थे। रामदेव राम कायता के कानों में जो डिजिटल श्रवण यंत्र फिट किया गया है। यह आधुनिक डिजिटल यंत्र लगभग 50 हजार मूल्य का है। यह बैटरी से संचालित है। इसमें आवाज साफ सुनाई देती है।

 

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा (आरएईओ23) का अंतिम परिणाम दावा-आपत्तियों के निराकरण के पश्चात् जारी कर दिया गया है। अभ्यर्थी सम्पूर्ण परीक्षा परिणाम व्यापम के वेबसाईट  https://vyapam.cgstate.gov.in, https://vyapamaar.cgstate.gov.in  एवं https://vyapam.cgstate.gov.in/result/result.html  पर स्वयं का परीक्षा परिणाम प्रोफाईल में लॉगिन कर देख सकते है।

गौरतलब है कि परीक्षा का आयोजन 4 फरवरी 2024 को किया गया, जिसका मॉडल आंसर 9 फरवरी को व्यापम ने जारी कर मॉडल आंसर के संबंध में 12 फरवरी तक दावा-आपत्ति आमंत्रित किया था। प्राप्त दावा-आपत्ति का निराकरण विषय-विशेषज्ञों द्वारा किए जाने के पश्चात् परीक्षा परिणाम तैयार कर 15 फरवरी को व्यापम की वेबसाईट पर उक्त भर्ती परीक्षा के अंतिम उत्तर तथा परीक्षा परिणाम जारी किया गया।

रायगढ़ : 6 जुलाई को सभी तहसील कार्यालय में लगेंगे राजस्व शिविर

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रायगढ़। राजस्व मामलों के निराकरण के लिए कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर आगामी 6 जुलाई दिन गुरुवार को सभी तहसील कार्यालयों में प्रात: 10.30 बजे से राजस्व शिविर लगाए जाएंगे। जहां एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, आरआई व पटवारी सहित पूरा राजस्व अमला मौजूद होगा। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने शिविर की तैयारी के निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र के सभी गांवों में शिविर आयोजन के संबंध में सूचना दी जाए।
                 

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि राजस्व मामलों का त्वरित निराकरण किया जाए। शिविर के माध्यम से आमजनों को एक ही स्थान में राजस्व से जुड़ी सभी प्रकार की सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।कलेक्टर सिन्हा के मार्गदर्शन में बीते महीनों में भी सभी तहसीलों में राजस्व शिविर लगाए गए थे। जहां एक ही दिन में हजारों की संख्या में राजस्व मामलों का मौके पर निराकरण किया गया था। ऐसा ही शिविर अब फिर से 6 जुलाई दिन गुरुवार को प्रात: 10.30 बजे से सभी तहसील कार्यालयों में लगेगा। जहां पूरे राजस्व अमले की मौजूदगी से राजस्व के प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो सकेगा

राजस्व शिविर में नक्शा बटांकन, फौती नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख सुधार, किसान किताब, सीमांकन, आय, निवास, जाति प्रमाण-पत्र, जन्म मृत्यु प्रमाण-पत्र, नक्शा-खसरा, बी-1, डिजिटल सिग्नेचर व अन्य राजस्व मामलों का मौके पर निराकरण किया जाएगा।

महासमुंद : कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत अमल

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महासमुंद। कलेक्टर प्रभात मलिक हाल ही में अधिकारियों की ली बैठक में समय सीमा के प्रकरणों के निराकरण और आम जानता की समस्याओं के समाधान और उनके अपने स्तर से निराकृत होने वाले प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रत्येक सोमवार को विकासखंड स्तरीय जन चौपाल कार्यक्रम करने के निर्देश सभी एसडीएम को दिये थे।

कलेक्टर के निर्देश पर तुरंत अमल करते हुए आज सोमवार को ज़िले के महासमुंद सहित सभी विकासखंडों बाग़बाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली में समय सीमा की बैठक और जन चौपाल लगायी गयी। जहां आम जन की समस्याओं का समाधान भी हुआ। विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को सरकारी योजनाओं के साथ विभागीय योजनाओं की भी जानकारी दी। योजनाओं से लाभ लेने की प्रक्रिया भी बतायी।

महासमुंद में जन चौपाल तहसील कार्यालय के सभाकक्ष में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) उमेश साहू की अध्यक्षता में आयोजित हुई। उन्होंने सभी विकासखंड स्तर के अधिकारियों को आम जन से प्राप्त सभी आवेदनों पर समय सीमा में कार्रवाई कर अवगत कराने के निर्देश दिए। पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने कहा। उन्होंने मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी ज़रूरी व्यवस्था करने कहा। महासमुंद में आज की इस जन चौपाल में विभिन्न विभागों से संबंधित 17 आवेदन आये। इनमें 6 आवेदनों का निराकरण हुआ। शेष 11 आवेदनों के परीक्षण उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

जनचौपाल में विभिन्न विभागों के विकासखंड स्तरीय अधिकारियों राजस्व, वन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, बैंक, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, खाद्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी,विद्युत, सहकारिता, श्रम सहित अन्य विभाग अधिकारियों ने बारी-बारी से अपने-अपने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से लाभ उठाने की अपील की।

महासमुन्द : सोमवार को ब्लाक स्तरीय जनचौपाल दोपहर 12 बजे से

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महासमुन्द। कलेक्टर प्रभात मलिक द्वारा समय सीमा की बैठक में दिए गए निर्देशानुसार महासमुन्द अनुविभाग में 19 जून,सोमवार को दोपहर 12 बजे से तहसील कार्यालय के सभाकक्ष में जनचौपाल का आयोजन किया जाएगा। महासमुन्द के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उमेश साहू ने जनचौपाल में सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

जनचौपाल में अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, जनपद सीईओ, अनुविभागीय अधिकारी पीडब्ल्यूडी, पीएचई,आरईएस, सीएमओ, उद्यानिकी, खाद्य पशुपालन, विद्युत एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे। साथ ही सभी कोटवारों को अनुविभाग अंतर्गत आने वाले ग्रामों में मुनादी करने कहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण इसका लाभ उठा सके। उन्होंने ग्रामीणों एवं लोगों से अपील किया है कि अनुविभाग अंतर्गत आने वाले ग्रामीण ब्लॉक स्तरीय जन चौपाल में अपनी समस्या एवं शिकायत लेकर आ सकते हैं । जिनका निराकरण शीघ्रता पूर्वक किया जाएगा। इसके अलावा सभी ब्लाक में भी जनचौपाल का आयोजन किया जाएगा।

नये कलेक्टर ने गौर से सुनी लोगों की समस्याएं और लिए आवेदन, निराकरण का दिया भरोसा

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महासमुंद। कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में हर मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जन चौपाल में ज़िले के नये कलेक्टर प्रभात मलिक ने जिले के दूर-दराज क्षेत्रों से अपनी शिकायत और समस्याओं के आवेदन के साथ पहुँचे लोगों की समस्याओं एवं शिकायतों को पूरी गंभीरता और गौर से सुना। त्वरित निराकरण के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियो को दिये। आवेदकों से आवेदन लिए और उन्हें निराकरण का भरोसा दिया।

आज के कलेक्टर जन चौपाल कार्यक्रम में 48 आवेदकों ने अपनी मांग एवं समस्याओं से निजात दिलाने की का अनुरोध किया। कलेक्टर ने सभी आवेदनों पर संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई कर निराकरण करने कहा। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एस. आलोक, अपर कलेक्टर दुर्गेश कुमार वर्मा, एसडीएम उमेश साहू सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

माध्यमिक शिक्षा मण्डल हेल्पलाईन: विद्यार्थियों को छोटे-छोटे पैरा में याद कर उसे लिखने का दिया सुझाव

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रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा परीक्षा से पूर्व बच्चों, पालकों की समस्याओं के निराकरण के लिए हेल्पलाईन शुरू की गई है। हेल्पलाईन के टोल-फ्री नम्बर 18002334363 पर रविवार और शासकीय अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक दो पालियों में निरंतर विद्यार्थियों, पालकों, शिक्षकों द्वारा अपनी समस्याएं बतायी जा रही है, जिसका मण्डल द्वारा त्वरित समाधान किया जा रहा है। हेल्पलाईन टोल-फ्री नम्बर पर आज समस्या समाधान के तहत 125 फोन कॉल आए।

हेल्पलाईन में आज मनोवैज्ञानिक सुश्री अंजू पॉल और सहायक प्राध्यापक श्रीमती रीता चौबे ने मनोवैज्ञानिक के तौर पर संबंधित समस्याओं का निराकरण किया। विद्यार्थियों को छोटे-छोटे पैरा में याद कर, फिर उसे लिख कर याद करने का सुझाव दिया गया। विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक से ही परीक्षा की तैयारी करने के लिए कहा गया। परीक्षा के पूर्व स्वस्थ्य रहने के लिए पौष्टिक भोजन, भरपूर नींद और निरंतर पानी पीने की सलाह दी गई।

सीबीएसई विद्यालय की एक छात्रा और उसकी माँ ने हेल्पलाईन में परीक्षा की तैयारी के संबंध में प्रश्न किया ? जिसे हेल्पलाईन के माध्यम से महत्वपूर्ण सलाह प्रदान की गई। साथ ही मण्डल के उप सचिव जे.के. अग्रवाल, सहायक प्राध्यापक श्रीमती प्रीति शुक्ला और राजेन्द्र दुबे ने विद्यार्थियों द्वारा पूछी गई समस्याओं का समाधान किया।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण में विलंब बर्दाश्त नहीं

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जगदलपुर। कलेक्टर चंदन कुमार ने राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार के विलंब पर कड़ी कार्यवाही की चेतावनी देते हुए कहा कि भू-व्यपवर्तन, भवन अनुज्ञा, पट्टा नवीनीकरण, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन के आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर करें। 

उन्होंने कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में सभी लंबित राजस्व प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने के साथ ही राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र की प्रगति की समीक्षा अनुविभाग एवं तहसीलवार करते हुए पोर्टल में ऑनलाईन एंट्री पर भी जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रकाश सर्वे, वन मंडलाधिकारी डीपी साहू, अपर कलेक्टर हरेश मंडावी सहित विभिन्न विभागों के जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

पिछले दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता मे आयोजित इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार इंद्रावती नदी और उसकी सहायक नदियों में जल संरक्षण के लिए नरवा विकास के तहत कार्य करने एवं नदी-नालों के किनारे अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। उन्होंने वृक्षारोपण कार्य की तैयारी मार्च माह में करते हुए गड्ढे खोदने का कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में देवगुड़ियां के जीर्णोद्धार के संबंध में समीक्षा करते हुए विभागीय मद, डीएमएफटी मद और बस्तर विकास प्राधिकरण मद से स्वीकृत विकास कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने देवगुड़ी परिसर में अनिवार्य तौर पर वृक्षारोपण करने के निर्देश भी दिए।

इस दौरान विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के तहत स्वीकृत कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने फ्लोराईड प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने पोषण पुनर्वास केन्द्रों में उपचारित बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच के संबंध में भी निर्देशित किया। बैठक में समय-सीमा के प्रकरणों पर चर्चा की गई। इस दौरान आंगनबाड़ी एवं उचित मूल्य की दुकान निर्माण, अमृत सरोवर और चांदामेटा क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।

सड़कों के निर्माण में दिखनी चाहिए तेजी - कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा

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रायगढ़। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने आज पदभार संभालते ही पहले दिन जिले में सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि अभी सड़क निर्माण कार्य के लिए सबसे अनुकूल समय है। ऐसे में पूरी क्षमता से काम हो और निर्माण कार्यों में तेजी दिखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे हर हफ्ते काम की समीक्षा करेंगे और मौके पर जाकर नियमित रूप से मुआयना भी करेंगे। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में कहीं कोई दिक्कत आ रही हो तो उसकी सूचना दें, ताकि समस्या का तत्काल निराकरण हो।

कलेक्टर सिन्हा ने आज विभिन्न विभागों द्वारा जिले में करवाए जा रहे सड़क निर्माण कार्यों की अब तक की प्रगति और आगे की कार्ययोजना की सड़कवार समीक्षा की। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यपालन अभियंता से खरसिया से छाल से हाटी से धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग, रायगढ़ से धरमजयगढ़ मार्ग, घरघोड़ा से पूंजीपथरा मार्ग व घरघोड़ा से लैलूंगा मार्ग के विभिन्न हिस्सों में चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि काम की गति बढ़ानी होगी।

कलेक्टर सिन्हा ने पीएमजीएसवाई, नेशनल हाईवे, एडीबी, सेतु निर्माण विभाग के काम-काज की भी समीक्षा की। कुछ भू-अर्जन के मामलों की जानकारी भी विभागीय अधिकारियों ने दी। कलेक्टर सिन्हा ने ऐसे मामलों को तेजी से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यपालन अभियंता पीएमजीएसवाय से सड़कों के निर्माण के साथ ही मेंटेनेंस के बारे में भी पूरा ब्यौरा लिया।

इस दौरान सीईओ जिला पंचायत अबिनाश मिश्रा, अपर कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, अपर कलेक्टर राजीव पाण्डेय, जिला परिवहन अधिकारी दुष्यंत रायस्त, ईई पीडब्ल्यूडी आर.के.खाम्बरा सहित पीएमजीएसवाई, नेशनल हाईवे, एडीबी, सेतु निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

सीएम ने अवैध निर्माण के नियमितिकरण के प्रकरणों के निराकरण में विलंब पर जताई गहरी नाराजगी

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अवैध निर्माण के नियमितिकरण के प्रकरणों के निराकरण में विलंब पर गहरी नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कलेक्टरों को प्रकरणों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए यह नियम लाया गया है, राज्य सरकार ने लोगों को अवैध निर्माण के नियमितिकरण कराने का मौका दिया है, इसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि इसका जनता के बीच व्यापक प्रचार प्रसार करें। मुख्यमंत्री ने इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता से करने के निर्देश देते हुए कहा है कि वे स्वयं प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण के नियमितीकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने और कैंम्प लगाने के निर्देश दिए हैं। अपर संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार आवासीय एवं गैर आवासीय अनधिकृत निर्माण के नियमितिकरण हेतु छत्तीसगढ़ राज्य शासन के द्वारा प्रदेश में 14 जुलाई से छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण संशोधन अधिनियम 2022 एवं नियम 2022 प्रभावशील किया गया था। 

जिसमें 14 जुलाई तक अस्तित्व में आये आवासीय एवं गैर आवासीय तथा भूमि उपयोग का परिवर्तन कर किये गये, अनधिकृत निर्माण का नियमितिकरण किया जाना है। छत्तीसगढ़ विधान सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियमावली के नियम-64 के उपबंधों के पालन में छत्तीसगढ़ अनधिकृत निर्माण के नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक 2022 को 04 जनवरी 2023 को पुर्नस्थापित किया गया। प्रकरण के निराकरण हेतु जिला नियमितिकरण प्राधिकारी का गठन किया गया है। जिसमें कलेक्टर रायपुर को अध्यक्ष एवं सदस्यों में जिला पुलिस अधीक्षक, संबंधित नगरीय निकाय, जिनके क्षेत्र का प्रकरण होगा या आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, संबंधित विकास प्राधिकरण, जिनके क्षेत्र का होगा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के प्रभारी अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्ति किया गया है।

इस अधिनियम नियम के तहत अनधिकृत विकास करने वाले व्यक्तियों से निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ 14 जुलाई 2023 तक 01 वर्ष के लिये नियमितिकरण हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किये जायेगें। इस अवधि में 30 दिन की वृद्धि करने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिये गये है। आवेदन पत्र की प्राप्ति हेतु नगर पालिक निगम, नगर पालिका परिषद् एवं नगर पंचायत क्षेत्र में मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा निवेश क्षेत्र के भीतर किन्तु स्थानीय निकाय के बाहर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालय रायपुर अधिकृत किये गये है। नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय निकाय के द्वारा प्राप्त आवेदन पत्रों को निर्धारित आवक पंजी में दर्ज कर, स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन, शास्ति की गणना, कर्मकार शुल्क की गणना की जाकर संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के माध्यम से नियमितिकरण प्राधिकारियों की गठित समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाकर निराकरण किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक रायपुर निवेश  क्षेत्रांतर्गत कुल 549 आवेदन प्राप्त किये गय है, जिसमें 396 आवासीय एवं 153 गैर आवासीय प्रकरण है। नियमितिकरण प्राधिकारियों की गठित समिति द्वारा अब तक 2 बैठक संचालित की गई है। कुल प्राप्त आवेदनों में से 35 प्रकरणों में मांग पत्र जारी किये जा चुके है, जिसके अनुसार 10 प्रकरणों में शास्ति राशि प्राप्त होने उपरांत कुल 27 प्रकरणों को स्वीकृति प्रदान की गई है। कुल 549 प्रकरणों में अनुमानित शास्ति अधिरोपित राशि 4,28,46,696.33 रूपए (चार करोड़ अट्ठाईस लाख छियालिस हजार छह सौ छियान्वे रूपए) मात्र है, जिसमें से दिनांक 17 जनवरी 2023 की स्थिति में शास्ति जमा राशि 27,46,522.85 रूपए (सत्ताईस लाख छियालिस हजार पांच सौ बाईस रूपए) मात्र प्राप्त की गई है।

प्रकरणों के निराकरण हेतु मापदंड निर्धारित है। इनमें आवासीय प्रयोजन हेतु अनधिकृत निर्माण में 120 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखंड पर निर्मित भवनों पर कोई शास्ति शमन शुल्क नहीं लिया जायेगा, किन्तु 120 वर्गमीटर से 240 वर्गमीटर क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 125/- रू. प्रति वर्गमीटर, 240 से 360 वर्गमीटर तक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 200 रू. प्रति वर्गमीटर तथा 350 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के भूखण्डों पर 300 रू. प्रति वर्गमीटर की दर से शास्ति की गणना की जायेगी। व्यावसायिक तथा अन्य गैर आवासीय प्रयोजनों हेतु निर्मित अनधिकृत निर्माण के लिये मापदंड 100 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु शास्ति भवन अनुज्ञा शुल्क का 16 गुणा शास्ति देय होगी। 100 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 200 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 21 गुणा शास्ति देय होगी।

200 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 300 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 26 गुणा शास्ति देय होगी। 300 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 400 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 31 गुणा शास्ति देय होगी। 400 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 500 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 36 गुणा शास्ति देय होगी। 500 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 600 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 41 गुणा शास्ति देय होगी। 600 वर्गमीटर से अधिक किन्तु 700 वर्गमीटर तक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 46 गुणा शास्ति देय होगी। 700 वर्गमीटर से अधिक के भूखंड पर निर्मित अनधिकृत निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा शुल्क का 51 गुणा शास्ति देय होगी। भवन अनुज्ञा शुल्क से तात्पर्य भूमि विकास नियम 1984 में निर्धारित शुल्क से है। निर्धारित प्रयोजन से भिन्न भूमि उपयोग परिवर्तन करने पर उस क्षेत्र की भूमि के लिये वर्तमान में प्रचलित कलेक्टर गाईड लाईन दर का 5 प्रतिशत अतिरिक्त शास्ति देय होगी।

यदि अनधिकृत विकास, निर्धारित पार्किंग हेतु आरक्षित भूखंड स्थल पर किया गया हो तो नियमितिकरण की अनुमति तभी दी जायेगी, जब आवेदक द्वारा पार्किंग की कमी हेतु निर्धारित अतिरिक्त शास्ति राशि का भुगतान कर दिया गया हो। 1 जनवरी 2011 के पूर्व अस्तित्व में आये अनधिकृत विकास/निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृत हो, अथवा ऐसी अनधिकृत भवन जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से सम्पत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है तो 25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु 50 हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 1 लाख रूपये, 50 प्रतिशत से अधिक एवं 100 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 2 लाख रूपये शास्ति देय होगा। 

1 जनवरी 2011 अथवा उसके पश्चात् अस्तित्व में आये अनधिकृत विकास/निर्माण जिनकी भवन अनुज्ञा/विकास अनुज्ञा स्वीकृत हो, अथवा ऐसी अनधिकृत भवन जिसके लिए संबंधित स्थानीय निकाय में शासन द्वारा निर्धारित दर से सम्पत्ति कर का भुगतान किया जा रहा हो, ऐसे भवनों में यदि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 अथवा संबंधित विकास योजना के अनुरूप पार्किंग उपलब्ध नहीं है तो 25 प्रतिशत तक पार्किंग हेतु देय शास्ति प्रत्येक कार स्थान हेतु 50 हजार रूपये, 25 प्रतिशत से अधिक एवं 50 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 1 लाख रूपये शास्ति देय होगा। 50 प्रतिशत से अधिक एवं 75 प्रतिशत तक प्रत्येक कार स्थान हेतु 2 लाख रूपये शास्ति देय होगा। 

शमन योग्य पार्किंग आवासीय अधिभोग में 500 वर्गमीटर तक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल निरंक, 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल 50 प्रतिशत होगा, इसी प्रकार गैर आवासीय अधिभोग में 500 वर्गमीटर तक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल निरंक, 500 वर्गमीटर से अधिक निर्मित क्षेत्र में पार्किंग हेतु उपलब्ध न्यूनतम क्षेत्रफल 50 प्रतिशत होगा। गैर लाभ अर्जन करने वाली सामाजिक संस्थाएं जो लाभ अर्जन के उद्देश्य से स्थापित न की गई हो के अनधिकृत विकास के प्रत्येक प्रकरण में शास्ति प्राक्कलित राशि के 50 प्रतिशत की दर से देय होगा। 

छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के नियम 39 में निर्धारित प्रावधानोंनुसार मार्ग की चौडाई उपलब्ध नहीं होने के कारण स्थल में विद्यमान गतिविधियों में किसी प्रकार का लोकहित प्रभावित न होने की स्थिति में नियमितिकरण किया जा सकेगा। आवेदन पत्र का प्रारूप संलग्न दस्तावेज इत्यादि की जानकारी स्थानीय निकाय एवं कार्यालय संयुक्त संचालक, नगर तथा ग्राम निवेश, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर एवं विभागीय वेबसाईड www.tcp.cg.gov.in से प्राप्त की जा सकती है।

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