Media24Media.com: नशा मुक्ति अभियान

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नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ , नशा किसी मामले में फायदेमंद नहीं : सीएम बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज रायपुर सड्डू स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शांति सरोवर परिसर में आयोजित नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत नशा मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के शुभारंभ समारोह में पहुंचे है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने एक बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी स्वीकार की है।


नशा किसी मामले में फायदेमंद नहीं न शरीर के लिए ना व्यक्तित्व के लिए इससे नुकसान ही होता है. शराबबंदी के लिए हमने एक कमेटी का गठन किया है जिसके अध्यक्ष माननीय सत्यनारायण शर्मा जी हैं जिन्होंने अन्य राज्यों में जाकर भी अध्ययन किया है. वही विधायक ने कहा कि मेरे घर के बगल में 3 लोग दारू पीकर मर गए। 5 राज्यों में शराबबंदी लेकिन फिर भी आसानी से मिल रही है। कानून से सामाजिक दोष ठीक नहीं कर सकते जागरूकता अभियान से नशा छुड़ाया जा सकता है। आगे कहा – छग का नशामुक्त होना बहुत जरूरी है। छोटे बच्चे सुलोशन और ड्रग्स के आदी बन रहे है। छत्तीसगढ़ में शराब बंदी होना जरूरी है।

भूपेश बघेल ने कहा कि लॉकडाउन में जब सब एक साथ घर में रहने लगे तो घरेलू हिंसा की शिकायत आने लगी. लंबे समय तक लॉकडाउन होने के बावजूद लोग नशा का जुगाड़ कर लेते थे. वनांचल में जाकर महुआ शराब जुगाड़ लेते थे, कई लोग गुड़ का शराब बना लेते थे. हरियाणा से तक यहां शराब आने लगी. कुछ नहीं मिला तो आदमी सेनिटाइजर पीने लगा. बिलासपुर में स्पिरिट पीके कई लोग मरे.

लॉकडाउन के समय पूरा देश बंद था, लेकिन फिर भी नशा करने वाले किए. जहरीली शराब पीकर कई लोगो की जान गई. मेरी हिम्मत नहीं हुई कि मैं आदेश कर शराब दुकान बंद करवाऊं. कोई व्यक्ति यदि जहरीली शराब पीकर मर गया तो तो हम नहीं वापस ला सकते. इसलिए हमें नशा मुक्ति की ओर काम करना है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के लिए महिलाएं दोनों हाथ उठाती थीं. लेकिन गुड़ाखु के लिए महिलाएं हाथ नहीं उठाती थी. कम खतरनाक नहीं है गुड़ाखू. नशा महिलाएं भी करती हैं. अभियान नशा मुक्ति का होना चाहिए. मानवता की सेवा, ईश्वर की भक्ति का नशा करना चाहिए. ये नशा इतना बड़ा है कि इसके सामने बचा सब नशा फीका पड़ जाता है.


नशा नाश की जड़ है, इससे दूरी बनाने में ही है भलाई : अशवंत तुषार साहू

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महासमुंद। विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम खैरझिटी में नशामुक्ति अभियान प्रारंभ किया गया। भारतमाता वाहिनी के द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान में किसान नेता अशवंत तुषार साहू पहुंचे। मुख्य वक्ता श्री साहू का समिति द्वारा चंदन, फूलमाला से आत्मीय स्वागत किया गया। 

इस अवसर पर तुषार ने कहा कि नशा मानव समाज के लिए घातक है। नशा से अनेक परिवार प्रभावित हो रहा है। नशा करने की वजह से कई गम्भीर बीमारी होती है। नशा, नाश की जड़ है। जो आदमी को समय से पहले ही मौत की ओर ले जाता है। इसलिये हम सभी को अपने परिवार, समाज ,गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेकर अभियान चलाने की जरूरत है। इस अवसर पर शत्रुघ्न साहू, भोला महाराज, कृष्णा निर्मलकर ने नशा त्यागने ग्रामीणों से अपील की। और कहा कि हमें अपने आसपास को नशा मुक्त करने का प्रयास करना है। 

नशा मुक्ति पाम्पलेट का वितरण

हम देखते हैं कि आजकल सभी गांवों में छोटे-छोटे बच्चे गुटका पाउच, तम्बाकू और सिगरेट का व्यसन कर रहे हैं। पान ठेले में बिकने वाले खतरनाक धीमा जहर को रोका जाना चाहिए। हम सभी मिलकर इसे रोक सकते हैं। समाज सेवी संस्था भारत माता वाहिनी जिला महासमुंद द्वारा नशा मुक्त महासमुंद बनाने निरंतर अनेक वर्षों से कार्य  किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान  संस्थान द्वारा प्रकाशित नशा मुक्ति पाम्पलेट का वितरण किया गया। जिसमें नशा से होने वाली बीमारियों के बारे में जानकारी है।

नशामुक्ति का दिलाया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान नशा नहीं करने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर नशामुक्ति पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी हुआ। नशामुक्ति केन्द्र में भर्ती मरीज, जो नशा से पुरी तरह मुक्त हो चुके हैं। उन्हें भारत माता वाहिनी संस्थान द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम मे शत्रुघ्न साहू भारत माता  वाहिनी संरक्षक ,अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव ,और सदस्य गण, अरून विश्वकर्मा ,एमन पटेल , कृष्णा निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में मात्तृ शक्तियों की उपस्थिति और सराहनीय योगदान रहा।

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