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बस्तर में बदल रही तस्वीर, नक्सल हिंसा की जगह अब छाई खुशियां

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में, जहां कभी गोलियों की गूुज सुनाई देती थीं, वहां अब हर जगह खुशी और उल्लास की गूंज सुनाई देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन और छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति व नियद नेल्लानार योजना के प्रभाव से माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे युवक-युवतियों और नक्सल पीड़ितों ने नई जिंदगी की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत बस्तर संभाग में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह इस बदलाव के साक्षी बने हैं।

सुकमा के मिनी स्टेडियम में 13 जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में दो आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों मौसम महेश-हेमला मुन्नी और मड़कम पाण्डू-रव्वा भीमे ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह रचाया। ये चारों जून 2024 में नक्सल संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण कर चुके थे। मुख्यमंत्री ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर साय ने सुकमा जिले को 206 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी। नवदंपतियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी नीतियों और पुनर्वास योजनाओं ने उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति और विकास की राह अपनाने के लिए प्रेरित किया।

दंतेवाड़ा में 220 जोड़ों का सामूहिक विवाह, पूवर्ती की नक्सल पीड़िता ने जवान संग रचाई शादी


दंतेवाड़ा के मेंढका डोबरा में मंदिर परिसर में 20 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 220 जोड़ों ने परिणय सूत्र में बंधकर गृहस्थ जीवन शुरू किया। इनमें पूवर्ती गांव की एक नक्सल पीड़िता और वहां तैनात जवान का जोड़ा भी शामिल था। पूवर्ती, जो कभी खूंखार नक्सली हिड़मा और देवा का गढ़ था, अब सरकार की योजनाओं और सुरक्षा बलों की मौजूदगी से भयमुक्त होकर खुशहाली की ओर अग्रसर है। नियद नेल्लानार योजना के तहत धुरली गांव के दो जोड़ों सीमा भास्कर-रमेश भास्कर और सुंदरी तेलाम-धन्नु कुंजाम ने भी विवाह रचाया। सभी नवदंपतियों के बैंक खातों में 35 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: निर्धन परिवारों का सहारा

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने बस्तर के निर्धन परिवारों को नया जीवन दिया है। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है, जिसमें 35 हजार रुपये सीधे वधु के खाते में हस्तांतरित होते हैं। विष्णु देव साय सरकार के कार्यकाल में अब तक 15 हजार से अधिक जोड़ों का विवाह इस योजना के तहत संपन्न हो चुका है।

बस्तर में शांति और विकास की नई इबारत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल विरोधी कार्रवाइयों और कल्याणकारी योजनाओं ने बस्तर के ग्रामीणों का हौसला बढ़ाया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों को रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता के माध्यम से सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। बस्तर संभाग के इन विवाह समारोहों ने साबित कर दिया कि प्यार, विश्वास और सहानुभूति से हिंसा और नफरत को हराया जा सकता है। बस्तर अब नक्सलवाद के अंधेरे से निकलकर शांति, प्रेम और विकास की रोशनी में चमक रहा है।


बासिंग कैम्प परिसर में मुख्यमंत्री ने लगाई जन-चौपाल

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नारायणपुर। ओरछा विकासखण्ड़ के बासिंग सुरक्षा कैंप में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं का क्षेत्र में क्रियान्वयन का जायजा लेने आप लोंगों के बीच आया हूँ। सुशासन तिहार के माध्यम से जनता की समस्याओं और मांगों के लिए कार्यक्रम किया जिसमें प्राप्त आवेदनों का विभागों द्वारा निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ एक प्राकृतिक सम्पन्नता वाला क्षेत्र है जहाँ नक्सलवाद के कारण विकास बाधित रहा है। जवानों हौसलों से अब विकास कार्य को गति मिली है, केंद्र सरकार के सहयोग से अब नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगा रहे है। नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण उपरांत क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य भरपूर यह क्षेत्र सही मायने में स्वर्ग बन जाएगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वनमंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।

\कार्यक्रम में मुख्य अतिथियों का ग्रामीणों ने पारंपरिक तरीके से  सिर पर पीला साफा पहनाकर व कलगी लगाकर और हार पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। समर कैंप के बच्चों ने अपने हाथों से बनाई सजावटी सामानों से मुख्यमंत्री, गृहमंत्री और वनमंत्री का स्वागत किया। साथ ही अबूझमाड़ हाफ पीस मैराथन में हिस्सा लेने वाले दो स्कूली बच्चों से मुलाकात कर उनकी हौसला अफ़ज़ाई की। इस दौरान आँगनबाड़ी के बच्चों ने पुष्प गुच्छ भेंट कर तिलक लगाया जिस पर तीनों अतिथियों ने चारपाई से उठकर उनको चारपाई में खड़ाकर चाकलेट देकर दुलार किया। इसके अलावा मेघावी छात्रों को सम्मानित कर बधाई दी। कार्यक्रम में  महतारी वंदन योजनाओं के लाभार्थियों से चर्चा किए।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 हितग्राहियों को आवास की चाबी, स्वीकृति आदेश, प्रथम किस्त की राशि प्रदाय किया। इसके अलावा मनरेगा के तहत आवास हितग्राही को नगद राशि का भुगतान किया।मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना और मिनीमाता महतारी जतन योजना के एक-एक लाभार्थी को बीस हजार का चेक वितरित किया। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग सिदु को व्हीलचेयर, उद्यानिकी विभाग द्वारा सब्जी मिनी किट, मत्स्य पालन विभाग के द्वारा कुरुषनार के मछुवा समिति को सामग्री वितरण किया।

 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बासिंग कैंप में की घोषणा

20 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर में पुलिया निर्माण, 10 लाख की लागत से बासिंग हेतु खेल मैदान की स्वीकृति, 10 लाख की लागत से बासिंग में बालक आश्रम एवं माध्यमिक शाला मरम्मत की स्वीकृति, 24 लाख की लागत से ग्राम मुरहापदर और एहनार में नवीन आंगनबाड़ी भवन, 25 लाख की लागत से ग्राम बासिंग में हाट बाजार से बस्ती तक 500मीटर सीसी सड़क की स्वीकृति, ग्राम कुंदला, बासिंग और मुरहापदर में नवीन घोटूल के लिए 15 लाख की स्वीकृति। कुल 01 करोड़ 04 लाख की स्वीकृति दी।

इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप ने सुरक्षा बलों को गस्त करने के लिए 50 बाइक को जवानों के साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा ओरछा में 250 सीटर बालक छात्रावास भवन निर्माण एवं वाटर सप्लाई तथा विद्युतीकरण कार्य के लिए 8 करोड़ एक लाख की लागत की विकास कार्य का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम, एडीजी नक्सल ऑपरेशन विवेकानंद, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, डीआईजी अमित तुकाराम कामले, आयुक्त जनसंपर्क डॉ. रवि मित्तल, कलेक्टर नारायणपुर प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात

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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में पिछले नौ महीनों के दौरान हुए विकास कार्यों की जानकारी दी, जिसमें कृषि, कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों को रेखांकित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में हाल ही हुए सफल नक्सल ऑपरेशन की जानकारी प्रधानमंत्री से साझा की। प्रधानमत्री ने इस ऑपरेशन की सफलता पर सुरक्षा बलों के साहस की सराहना की। मुलाकात के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आठ लाख आवास स्वीकृत किये जाने पर नरेंद्र मोदी का आभार भी जताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को माओवाद के खिलाफ राज्य में चल रहे ऑपरेशन और विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के हालिया ऑपरेशन का जिक्र करते हुए बताया कि सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है, जो राज्य में अब तक का सबसे बड़ा नक्सल ऑपरेशन है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों का ब्योरा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया राज्य सरकार सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग मुख्यधारा से जुड़ सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सफलता की प्रशंसा की और कहा कि इससे न केवल राज्य में शांति बहाल हो रही है, बल्कि विकास की राह भी आसान हो रही है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बस्तर और आदिवासी अंचलों में युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए सरकार विशेष योजनाएँ चला रही है। इन योजनाओं के तहत युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। यह पहल राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

कृषि के क्षेत्र में, मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल तकनीक और उन्नत कृषि विधियों का व्यापक प्रयोग हो रहा है। इससे किसानों की उत्पादकता और उनकी आय में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये प्रयास प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047” के लक्ष्य के साथ मेल खाते हैं, और छत्तीसगढ़ इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी राज्य ने बड़े बदलाव किए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि आदिवासी अंचलों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में सुधार हो रहा है। साथ ही, तकनीकी शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि राज्य के बच्चे आधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षित हो सकें और भविष्य के लिए तैयार हो सकें। प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ सरकार के इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि राज्य की विकास यात्रा अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री साय को राज्य की प्रगति के लिए और भी अधिक समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बड़ी संख्या में आवास की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव उत्पन्न होगा।

पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा पहुंचे नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगरगुंडा, जवानों का किया उत्साहवर्धन

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रायपुर। बस्तर क्षेत्र के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के जगरगुंडा कैंप में तैनात जवानों के बीच आज पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा पहुंचे। उन्होंने जवानों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साहस और बहादुरी की प्रशंसा की और उनकी समस्याओं की जानकारी ली। डीजीपी ने कहा कि नक्सलवादियों के विरूद्ध सुरक्षाबलों का अभियान निरंतर जारी रहेगा। 

साथ ही एडीजी सीआपीएफ वितुल कुमार, एडीजी नक्सल अभियान विवेकानंद सिंहा, आईजीपी बस्तर रेंज सुन्दरराज पी., आईजीपी सीआरपीएफ साकेत सिंह, डीआईजी राजेंद्र नारायण दास पुलिस मुख्यालय, डीआईजी सीआरपीएफ सुनीत कुमार राय, डीआईजी दंतेवाड़ा रेंज कमलोचन कश्यप, एसपी सुकमा सुनील कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी जगरगुंडा पहुंचकर मुठभेड़ में शामिल अधिकारी व जवानों से मिलकर पूरी घटना क्रम की जानकारी ली।

सभी जवानो को नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान मुंहतोड़ जवाब देने और मुठभेड़ के दौरान कुछ नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने की संभावना की जानकारी पर पुलिस पार्टी की बहादुरी के लिए पूरी टीम की प्रशंसा की। डीजीपी अशोक जुनेजा ने पुलिस नक्सल मुठभेड़ में बहादुरी से लड़ते हुए शहीद होने वाले सउनि. रामूराम नाग, आरक्षक कुंजाम जोगा और आरक्षक वंजाम भीमा के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए वीर जवानों की शहादत को नमन किया। उन्होंने उनके परिजनों को शीघ्र ही अनुकंपा नियुक्ति और अन्य सुविधाएं देने का आश्वासन दिया।

उन्होंने सुकमा जिले के अति संवेदनशील नक्सल प्रभावित एरिया में पुलिस और सुरक्षा बलों को डब्बामरका, तोंडामरका, कुंडेद और बेदरे जैसे सुदूर जगहों पर सुर कैंप लगाकर विकास की गति को तेजी से आगे बढ़ाने निर्देशित किया है। साथ ही इन जगहों पर लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्य करने वाले सभी अधिकारी व जवानों की तारीफ की। साथ ही आगामी समय में और भी बेहतर योजनाबद्ध तरीक़े से मिलकर कार्य करने के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

उल्लेखनीय है कि 25 फरवरी को सुकमा जिले के जगरगुंडा क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्याे की सुरक्षा देने के लिए जगरगुंडा कैंप से पुलिस जवानों की टुकड़ी मोटरसाइकिल पर रवाना हुई थी जहां पर पहले से घात लगाए नक्सलियों ने पुलिस टुकड़ी पर फायरिंग कर दी जिसमें 3 पुलिस जवान शहीद हो गए, पुलिस टीम की जवाबी कार्यवाही और फायरिंग में नक्सलियों के भी मारे जाने की सूचना है। डीजीपी जुनेजा ने घटना स्थल का भी जायजा लिया और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की।

विशेष-लेख : नक्सल प्रभावित गांव कुधुर में बही विकास की बयार

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की दूरदृष्टि सोच और जन हितैषी फैसलों का परिणाम है कि दशकों से नक्सल प्रभावित ग्राम कुधुर में निरंतर विकास की बयार बह रही है। ग्राम कुधुर कोण्डागांव जिले के अंतिम छोर पर मुख्यालय से 50 किलोमीटर की दूरी पर कोण्डागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर के सीमा पर पड़ने वाली अतिसंवदेनशील एवं पहुंचविहिन ग्राम है। गौरतलब है कि ग्राम कुधूर कई दशकों से नक्सली गतिविधियों एवं दुर्गम रास्तों के कारण विकास की मुख्यधारा से पिछड़ता चला गया था। यहां मूलभूत सुविधाओं के लिए भी लोगो को दुर्गम रास्तों से होते हुए नजदीकी तहसील मर्दापाल तक जाना पड़ता था। जिसके चलते यहां आजादी से अब तक बहुत कम विकास हो पाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली सरकार बनते ही राज्य के दूरस्थ वनांचलों के लोगों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए बनाए गए नीतियों के कारण इन क्षेत्रों में लगातार विकास हो रहे हैं। 



धान बेचने हेतु 48 किसानों ने कराया पंजीयन

ग्राम कुधूर के सचिव ने बताया कि गांव के विकास हेतु सड़कांे के अभाव में यहां विकास थम सा गया था परंतु पुंगारपाल में कैंप की स्थापना के बाद तहसील मुख्यालय मर्दापाल से जोड़ने वाले दुर्गम क्षेत्र में सड़क निर्माण अब संभव हो सका है। वर्तमान में पुंगारपाल से कुधूर पंचायत भवन तक सड़क निर्माण पूर्ण हो गया है। मध्य में पड़ने वाली भंवरडीह नदी पर पुलिया निर्माण के लिए भी शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। जिससे किसानों में हर्ष का माहौल है। जिसे देखते हुए कुधूर पंचायत के 48 ग्रामीणों ने धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया है। जिसमें भंवरडीह नदी के दूसरे छोर पर बसे आश्रित ग्राम तुमड़ीवाल के भी 9 किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है।

प्रशासन ने धान परिवहन हेतु की व्यवस्था, समर्थन मूल्य पर पहली बार किसानों ने बेचा धा

कुधूर के दौरे पर 15 अक्टूबर 2022 को पहंुचे कलेक्टर श्री दीपक सोनी एवं पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों की मांग पर नजदीकी धान उपार्जन केन्द्र मर्दापाल तक धान परिवहन हेतु प्रशासन द्वारा सहायता उपलब्ध कराई गयी है। जिससे किसान अपनी फसल का उचित मूल्य प्राप्त करने के लिए उत्साहित हैं। लगातार कृषकों द्वारा पंजीयन कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने नदी पार बसे ग्राम तुमड़ीवाल के किसानों की फसलों को भी उपार्जन केन्द्र तक लाने हेतु नदी में पानी कम होने के साथ बोरी बंधान के माध्यम से परिवहन की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया है साथ ही ग्रामीणों की मांग पर कई वर्षो से मृत व्यक्तियों के नाम खाता होने से धान विक्रय से वचिंत किसानों को लाभ देने हेतु नामान्तरण कर पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिये थे। जिसपर कुधूर के 46 एवं तुमड़ीवाल के 15 खाताधारकों का नाम खारिज कर परिवार के मुखिया के नाम फौती-नामान्तरण कर पंजीयन किया गया। जिससे अब वे समिति को धान विक्रय कर सकेंगे। अब तक कुधूर के 9 किसान सोन सिंह कश्यप, घस्सूराम, अजम, भोसकू, सुशील, मणीशंकर, प्रेम, दुसेन, सुदन द्वारा 600 क्विटंल धान का विक्रय किया गया है। इन किसानों ने समर्थन मूल्य पर पहली बार धान बेचकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए दूरस्थ ईलाके के किसानों के धान परिवहन हेतु प्रशासन की पहल को सराहनीय निरूपित किया। इन किसानों के अलावा क्षेत्र के अन्य कृषकों द्वारा भी अब धान विक्रय हेतु टोकन प्राप्त किया जा रहा है।

कुधूर में ग्रामीणों हेतु सिंचाई व्यवस्था हेतु 30 एचपी के सोलर पंप की स्थापना कर तालाब भरकर फैंसिग कर बाड़ी विकास किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत 25 एकड़ में सामुदायिक बाड़ी तथा 6 किसानों हेतु व्यक्तिगत 15 एकड़ में बाड़ी विकास किया गया है। जिसमें ग्रामीणों द्वारा नगदी फसलों एवं  साग-सब्जियों का उत्पादन कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त की जायेगी। इसके अतिरिक्त ग्राम के विद्युत विहिन चार पारे मोहल्लों में लाइन बिछाकर विद्युतिकरण करने हेतु निर्देश दिये थे। जिसपर विद्युत विभाग द्वारा सर्वे कराकर लाइन विस्तार का कार्य किया जा रहा है।

कलेक्टर द्वारा तुमड़ीवाल के ग्रामीणों की मांग अनुसार विद्युतीकरण के साथ पांच बोर की स्थापना नदी में जल स्तर के कम होने के साथ करने के निर्देश दिये थे, वर्तमान में विद्युतीकरण के लिए विद्युत खंभे नदी तट पर परिवहन कर लिया गया है और अतिशीघ्र विद्युत लाइन विस्तार आरंभ किया जायेगा। तुमड़ीवाल में 8 कृषकों हेतु 8 एकड़ में नदी किनारे फैंसिग कर बाड़ी विकास किया गया है। तुमड़ीवाल को कुधूर से जोड़ने के लिए आज्ञानाला में पुलिया सह चेक डेम निर्माण की भी स्वीकृति प्राप्त कर ली गई है। कुधूर को लोहंडीगुड़ा-जगदलपुर मार्ग से जोड़ने हेतु 6 पुलियों के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, इन पुलिया निर्माण कार्यो को शीघ्र प्रारंभ किया जायेगा। कुधूर-बारसूर मार्ग में भंवरडीह नदी पर पुल निर्माण कर जिला मुख्यालय से दंतेवाड़ा एवं बारसुर की दूरी 70 किलोमीटर से कम होने तथा ग्रामीणों को लाभ को दृष्टिगत रखते हुए सड़क एवं पुल निर्माण हेतु निर्देशित किया गया था। ंजिसपर तीव्रगति से कार्य किया जा रहा है। कुधूर में विकास हेतु नवीन ग्राम पंचायत भवन, उपस्वास्थ्य केन्द्र, आंगनबाड़ी केन्द्र का भी निर्माण किया गया है। निर्माण कार्यो के साथ युवाओं को मनरेगा अंतर्गत कार्य प्रदान किया गया है जिससे युवा भटकाव छोड़ अब विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। 

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