Media24Media.com: धोखाधड़ी

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छत्‍तीसगढ़ में मेडिकल कालेज में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर से 15 लाख की धोखाधड़ी

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रायपुर । मेडिकल कालेज में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर BSNL अधिकारी से 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पैसे देने के दो साल बाद तक भी जब एडमिशन नहीं हुआ और न ही पैसो लौटाए गए तो अधिकारी ने मामले की शिकायत पुलिस से की है। पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुट गई है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।


राजकिशोर नगर स्थित BSNL कॉलोनी निवासी निहार रंजन मलिक (53) BSNL में अफसर हैं। उन्होंने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी पल्लवी NEET एग्जाम की तैयारी कर रही थी। साल 2021 में NEET का रिजल्ट आने के बाद उनके पल्लवी के मोबाइल पर गर्वनमेंट मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए मैसेज आया, जिसके बाद अनजान नंबर से फोन भी किया गया। इस दौरान उन्हें बताया गया कि गर्वनमेंट मेडिकल कॉलेज में सेंट्रल पुल के कोटे पर उनकी बेटी का एडमिशन हो जाएगा, जिसके लिए उन्हें 35 लाख रुपए देना पड़ेगा। इसके लिए निहार रंजन तैयार हो गए।

फोन करने वाले राजेश दास ने उन्हें बताया कि रायपुर में ब्लूबेरी सर्विस के नाम पर उनका ऑफिस है, जिसका डायरेक्टर कल्पतरू दास है, जो उनका भाई है। ऑफिस का पता मैग्नेटो मॉल के चौथी मंजिल में होने की जानकारी दी, जहां उनका भाई कल्पतरू दास बैठता है। उन्होंने कल्पतरू का नंबर भी दिया। फिर कल्पतरू दास और उसके साथ संजय दास, मयूरी चटर्जी, आदर्श मिश्रा नाम के लोग बिलासपुर आए और बताया कि वे सभी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का काम करते हैं। इस दौरान उन्होंने बतौर एडवांस 50 हजार रुपए लिए।

BSNL अफसर ने पुलिस को बताया कि इसके बाद उनसे प्रोफेसिंग फीस सहित अलग-अलग बहाने से किश्तों में पैसों की डिमांड की गई। इस दौरान उनसे करीब 15 लाख 50 हजार रुपए वसूल लिए गए। इसके बाद भी अधिकारी की बेटी का एडमिशन मेडिकल कालेज में नहीं हुआ। तब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया। जब अधिकारी को धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने पूरे मामले की शिकायत सरकंडा थाने में की है। इस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

WhatsApp यूजर्स हो जाओ सावधान : Pink करने के झांसे में न आएं, वरना हो जायेगा अकाउंट खाली

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Pink WhatsApp : WhatsApp का पिंक वर्जन इन दिनों चर्चा में है। अब मुंबई पुलिस ने केंद्र सरकार की एडवाइजरी के आधार पर व्हाट्सएप पिंक नाम के एक नए स्कैम के बारे में नागरिकों को अलर्ट किया है। एडवाइजरी के मुताबिक, ‘न्यू पिंक लुक वॉट्सऐप विद एक्स्ट्रा फीचर्स’ से किसी के भी मोबाइल को हैक किया जा सकता है। धोखाधड़ी करने वाले कई तरह की नई तरकीबें और उपयोगकर्ताओं को अपने जाल में फंसाने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। WhatsApp यूजर्स को इसके लिए अलर्ट रहना होगा। एडवाइजरी में कहा गया है, इस प्रकार की धोखाधड़ी के प्रति जागरूक, सतर्क और चौकस रहें और डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहें।


इस स्कैम में यूजर्स को WhatsApp पर एक लिंक सेंड किया जाता है। इस लिंक से यूजर्स को WhatsApp पिंक वर्जन डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। इसमें दावा किया जाता है कि WhatsApp Pink में कई नए और शानदार फीचर्स दिए गए हैं। जैसे ही कोई शख्स इसे इंस्टॉल करता है तो यह ऐप यूजर्स के फोन से पर्सनल डेटा चुरा लेता है।


ऐसे बना रहा जालसाज शिकार

साइबर एक्सपर्ट प्रभारी विनीत मलिक के अनुसार व्हाट्सएप यूजर्स को पिंक वाली लिंक से सावधान रहने की जरूरत है। इस लिंक को व्हाट्सएप ग्रुप में एपीके डाउनलोड लिंक की मदद से फैलाया जा रहा है। फ्रॉड की ओर से क्रिम्सन मालवेयर के जरिए मोबाइल में इंजेक्ट किया जाता है। इसके बाद मोबाइल पूरी तरह फ्रॉड की कंट्रोल में आ जाती है। इस मालवेयर के मोबाइल पर आने के बाद मोबाइल से उस मालवेयर को हटाना मुश्किल होता है। इसे रिसेट के जरिए या जानकार ही हटा सकते हैं। हापुड़ जिले के कई लोगों के मोबाइल इस मालवेयर के जरिए हैक हो चुके हैं। इसकी शिकायत साइबर थाना प्रभारी से की गई है।

 

दुर्ग में एक साल से कोलकाता पुलिस के हाथ नहीं लगे कोठारी बंधु, अब दुर्ग पुलिस को चुनौती,

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दुर्ग। दुर्ग के कोठारी परिवार की धोखाधड़ी मामले में पिछले दो साल से पीड़ित रजत सुराना पुलिस अफसर और थाना का चक्कर लगाते रहे लेकिन एफ आई आर नहीं हुई जबकि यह मामला लगभग 138 करोड़ की धोखाधड़ी का है। अब न्यायालय ने दुर्ग पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने आदेशित किया है। आज पत्रकारवार्ता में रजत सुराना ने कहा कि दुर्ग पुलिस ने 2020 में शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच में 10 हजार 689 शेयर कूटरचित दस्तावेज से सुरेश कोठारी द्वारा अपने नाम किया जाना पाया गया था इसके बावजूद पुलिस ने इसे गैर संज्ञेय अपराध बताते हुए कार्रवाई से इंकार कर दिया था। अब न्यायालय द्वारा धारा 420, 467, 468, 471, 406, 120बी व 34 के तहत अपराध दर्ज करने सिटी कोतवाली दुर्ग को आदेश देने के बाद रजत ने न्याय मिलने की उम्मीद जगाई है।


पत्रकारवार्ता में रजत सुराना ने बताया कि रजत बिल्डकान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और महावीर आवास दोनों कंपनी में सुरेश कोठारी वर्ष 2001 से 2018 तक डायरेक्टर रहे फिर 2018 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। शुरू से ही सुरेश के चचेरे भाई सीए श्रीपाल कोठारी कंपनी का एकाउंट देखते रहे हैं। लगभग 250 करोड़ के टर्नओवर की इन कंपनियों में मंजु सुराना, प्रकाश जायसवाल, रजत सुराना भी डायरेक्टर रहे हैं। रजत ने बताया कि वर्ष 2020 में पता लगा कि सुरेश कोठारी ने प्रकाश जायसवाल के 40 हजार शेयर अपने पुत्र सिद्धार्थ और चचेरे भाई श्रीपाल और स्वयं के नाम किए हैं जिस पर वेस्ट बंगाल पुलिस ने इनके खिलाफ अपराध दर्ज किया था। उसके बाद पता लगा कि मंजु सुराना के 1564 शेयर में भी नाम का हेर फेर कर कोठारी परिवार ने अपने नाम किया हुआ है।

रजत के अनुसार कुल 1 लाख 3 हजार 689 शेयर कूटरचना से सुरेश कोठारी ने स्वयं और श्रीपाल, सिद्धार्थ, कुसुम और ममता कोठारी का नाम कर लिया है। इस शेयर की वर्तमान वैल्यू लगभग 138 करोड़ बताई जा रही है। सुराना के मुताबिक उनके आब्जेक्शन से फिलहाल जांच तक कोठारी परिवार उक्त शेयर बेच नहीं सकेगा। उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस 54 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में जब जब आरोपियों को पकड़ने छत्तीसगढ़ आई वो नहीं मिले जबकि सभी आरोपी दुर्ग में ही घूमते रहे हैं। अब जबकि दुर्ग पुलिस को अपराध दर्ज करने निर्देश मिला है तो जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इससे पूर्व दो साल से एसपी, आईजी, डीआईजी तक उन्होंने शिकायत की लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज की थी। अंततः न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष 156(3) में याचिका प्रस्तुत करने पर दुर्ग पुलिस को धारा 420, 467, 468, 406, 471, 120बी, 34 के तहत अपराध दर्ज कर 28 जनवरी 2023 तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने आदेश दिया गया है।

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