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विकास के लिए नवाचार में युवाओं की सोच का करें उपयोग - राज्यपाल रमेन डेका

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रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका ने  कहा कि नई पीढ़ी की सोच और आइडिया को जिले में नवाचार की गतिविधियों में उपयोग किया जा सकता है, ताकि  विकास की गतिविधियों में उनका योगदान हो। उन्होंने  बैठक में उपस्थित अधिकारियों को कहा कि सभी पेड़-पौधे लगाएं और उसे बड़ा करने में आवश्यक सहयोग करें, सामुदायिक सहभागिता से ही पर्यावरण के आवश्यक अंगो को बचाया जा सकता है। जल और जंगल मानव जीवन के लिए आवश्यक इसलिए इनका संरक्षण करना ज़रूरी है। उक्त बातें गुरुवार को राज्यपाल डेका अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर स्थित कलेक्टर कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कही।

बैठक में राज्यपाल ने जगदलपुर जिले में टीबी उन्मूलन की गतिविधियों और रोगियों को फूड बास्केट से सेहत में सुधार की कार्य योजना बनाने, जिले में वृद्धाश्रम, दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित केंद्रों की स्थिति, जल संरक्षण, रेडक्रास सोसायटी की गतिविधि, नशा मुक्ति अभियान, योग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, शाला त्यागी बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने की पहल, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा जिला प्रशासन की कचरा प्रबंधन की गतिविधियों का संज्ञान लिया और आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर राज्यपाल के सचिव सी आर प्रसन्ना, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., डीआईजी  कांकेर अमित काम्बले,कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिंहा, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।

दिव्यांग मतदाताओं के सुगम मतदान के लिए किए जा रहे प्रयासों का उठाएं अधिकतम लाभ - रीना बाबासाहेब कंगाले

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रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने आज रेडक्रास भवन रायपुर के सभाकक्ष में दिव्यांग मतदाताओं के सुगम मतदान विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन में दिव्यांग तथा वृद्ध मतदाताओं को मतदान में सुविधा प्रदान करने के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि दिव्यांगों तथा वृद्ध मतदाताओं के लिए मतदान की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाते हुए इस वर्ग के मतदाताओं को घर बैठे ही डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान करने का विकल्प दिया गया है। 

इसके साथ ही यदि दिव्यांग मतदाता मतदान करने के लिए मतदान केन्द्र तक आने के लिए वाहन की सुविधा चाहेंगे तो उन्हें निर्वाचन आयोग की तरफ से सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस सुविधा के लिए ऐसे मतदाताओं को पहले अपना पंजीयन कराना होगा।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती कंगाले ने बताया कि मतदान दिवस को दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के सहयोग हेतु एनएसएस, एनसीसी, स्काउट गाइड के स्वयंसेवकों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी। मतदान केंद्र पर मतदान के लिए आने वाले दिव्यांग एवं 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ मतदाताओं को कतार में खड़े न रहना पड़े, इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग पहले करने के लिए प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। 

दृष्टिबाधित मतदाताओं के लिए ईवीएम मशीन पर प्रत्याशियों का नाम ब्रेल लिपि में भी मुद्रित कराया जा रहा है। मतदान कक्ष में दिव्यांग मतदाताओं की विशेष जरूरतों के संबंध में मतदान कर्मियों को संवेदनशीलता से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य स्तरीय संगोष्ठी को कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्र पर स्थापित होने वाले मतदाता सहायता बूथ (वीएबी) की स्थिति की जानकारी दिव्यांग मतदाताओं को देने के लिए संकेतक चस्पा किए जा रहे हैं। उन्होंने दिव्यांग मतदाताओं के लिए तैयार सक्षम मोबाइल एप का उल्लेख करते हुए इसे बहुउपयोगी बताया।

राज्य स्तरीय मतदाता आइकन चित्रसेन साहू ने आयोग के प्रयासों का उल्लेख करते हुए इसे दिव्यांग मतदाताओं के लिए बहुत कारगर कदम बताया। उन्होंने अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब मतदान करना सही मायनों में उत्सव हो गया है। पहले मतदान केन्द्र तक जाना और कतार में खड़े होकर मतदान करना दिव्यांगों के लिए बड़ी समस्या होती थी। निर्वाचन आयोग द्वारा बीते कुछ वर्षों में सुगम निर्वाचन के लिए जो प्रयास किए गए हैं, वो अत्यंत सराहनीय हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आयोग के इन प्रयासों के कारण शत-प्रतिशत दिव्यांग मतदाता मतदान करने के लिए आगे आएंगे।

संगोष्ठी में जिला स्तरीय मतदाता ऑइकॉन पृथ्वी राज ने सक्षम एप की उपयोगिता का उल्लेख किया। उन्होंने इसे दिव्यांगों के लिए हाइटेक सुविधा बताते हुए अधिक से अधिक प्रसारित करने की बात कही। संगोष्ठी के दौरान दिव्यांग मतदाताओं के समक्ष इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के माध्यम से मतदान की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही सक्षम एप के उपयोग के संबंध में भी प्रस्तुति दी गई। संगोष्ठी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अबिनाश मिश्रा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के.आर.आर. सिंह और सहायक उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती शारदा अग्रवाल सहित समाज कल्याण विभाग के अधिकारी तथा श्रवण एवं दृष्टिबाधित मतदाता उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023 : 30 अक्टूबर को रायपुर के रेडक्रास भवन में होगी राज्यस्तरीय संगोष्ठी

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रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ‘‘कोई मतदाता न छूटे’’ के सिद्धांत पर कार्य करते हुए प्रत्येक वर्ग विशेषकर दिव्यांग मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने हेतु प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ विधानसभा आम निर्वाचन-2023 के दौरान दिव्यांग मतदाताओं को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने हेतु 30 अक्टूबर 2023 को दोपहर 12 बजे रायपुर कलेक्टोरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस भवन में राज्य स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। 

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने बताया कि राज्य  स्तरीय संगोष्ठी में दिव्यांग मतदाताओं के सुझावों पर विचार विमर्श किया जाएगा। दिव्यांग मतदाताओं के समक्ष आने वाली विभिन्न समस्याओं तथा उनके समाधान के संबंध में चर्चा होगी। दिव्यांगजन के उत्थान हेतु कार्यरत संस्थाओं द्वारा दिए गए प्रमुख सुझावों पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में मतदान दिवस को मतदान केन्द्रों पर दिव्यांग मतदाताओं हेतु उपलब्ध कराई जा रही विशेष सुविधाओं के साथ ही सुगम मतदान हेतु जिलों में किए जाने वाले नवाचारों/अनुकरणीय कार्यों के संबंध में भी चर्चा की जाएगी।

छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन अधिकार नियम के अधीन जिला स्तर पर निर्धारण बोर्ड का गठन

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रायपुर। राज्य शासन के द्वारा छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन अधिकार नियम के अधीन जिला स्तर पर निर्धारण बोर्ड का गठन किया गया है। समाज कल्याण विभाग के सचिव के द्वारा जारी आदेशानुसार दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 की धारा 38 की उपधारा 2 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन अधिकार नियम 2023 के नियम 34(2) के अधीन राज्य में ऐसे दिव्यांग जो अधिक सहारे की आवश्यकता वाले हों, ऐेसे विशेष प्रकरणों की प्रकृति को प्रमाणित करने के लिए जिला स्तर पर निर्धारण बोर्ड का गठन किया गया है। प्रकरण का निराकरण 60 दिवस के भीतर किया जाना होगा।

निर्धारण बोर्ड में कलेक्टर या प्रतिनिधि(अतिरिक्त/संयुक्त कलेक्टर से अन्यून) को अध्यक्ष, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सदस्य, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त/उपसंचालक को सदस्य/सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता अथवा मनोवैज्ञानिक को सदस्य नियुक्त किया गया है। उक्त प्रतिनिधियों में से कम से कम एक प्रतिनिधि महिला होगी। जारी आदेशानुसार अधिक सहारे की आवश्यकता वाले निःशक्त व्यक्तियों के लिए जो सुविधा उपलब्ध कराई जानी है। वह निर्धारण बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर ही प्रदान किया जाए। वित्तीय एवं अन्य संसाधानों की उपलब्धता के आधार पर संयुक्त/उपसंचालक, जिला कार्यालय समाज कल्याण अधिक सहारे की आवश्यकता वाले निःशक्त व्यक्तियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराएंगे।

ये राखी है खास, घरौंदा के 20 दिव्यांग बना रहे हैं राखी, 5 रूपए से लेकर 100 रुपए तक की हैं राखियां

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महासमुंद। रक्षाबंधन पर्व को लेकर बाजार में तरह-तरह की राखियां बेची जा रही है लेकिन कुछ ऐसी भी राखियां हैं जो लोगों के लिए खास बनी हुई हैं। दरअसल कम कीमत पर खूबसूरत दिखने वाली यह राखियां इसलिए खास है क्योंकि इन्हें समाज कल्याण विभाग महासमुंद की आशा मनु विकास केंद्र घरौंदा के दिव्यांग बना रहे हैं।

महासमुंद के नयापारा स्थित घरौंदा केंद्र में लगभग 20 मानसिक दिव्यांगों के द्वारा आकर्षक राखियां बनाई जा रही हैं जो कम कीमत की होने के साथ लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। 27 अगस्त से बाजार में इन राखियों स्टाल लगाकर बेचा जाएगा। अब तक यहां बच्चों के द्वारा 1500 से ज्यादा राखियां बनाई जा चुकी हैं। गौर करने वाली बात यह है इन राखियों की बाजार में काफी डिमांड भी देखी जा रही है। 5 रुपए से लेकर 100 रुपए तक की राखियां लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। कलेक्टर प्रभात मलिक को भी इन बहनों ने राखी बांधी। उन्होंने इनके काम को बहुत सराहा।

ट्रेनिंग देकर बढ़ा रहे आत्मविश्वास

घरौंदा केंद्र मानसिक एवं शाररिक रूप से अशक्त बच्चों के लिए शेल्टर होम चला रहा है। इसमें करीब 20 दिव्यांग हैं। संस्थान इन दिव्यांगों को छोटी-छोटी ट्रेनिंग देकर उनका आत्मविश्वास बढ़ा रहा है। 

संस्था ने रक्षा बंधन के त्यौहार में सामाजिक रिश्तों में और अधिक प्रगाढ़ता लाने और दिव्यांगों में आत्मविश्वास जगाने के लिए अनूठा प्रयास कर रहे हैं।

बच्चों को दिया जा रहा है स्पेशल गाइडेंस

इस बार इस संस्थान के दिव्यांग राखियां बना रहे है। संस्थान द्वारा सिखाई गई छोटी एक्टिविटी राखी बनाने में काम आ रही है जैसे रंगों को पहचानना, गठान बांधना, धागा पिरोना। 

वहीं पूजन सामग्री, चूड़ियां, बाती आदि इनके द्वारा बनाया जा रहा है। घरौंदा की अधीक्षक श्रीमती उषा साहू का कहना है कि इस प्रयास से जो भी थोड़ी बहुत आमदनी होगी इससे इन दिव्यांगों का हौसला बढ़ेगा, और इनको भी लगेगा कि हम भी कुछ कर दिखा सकते है।

घरौंदा योजना का उद्देश्य

घरौंदा योजना का उद्देश्य ऐसे निःशक्तजनों को जीवन भर के लिए संस्थागत आश्रय सुनिश्चित करना और देखरेख की मानक सेवाएं प्रदान करना है, जो आटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता और एकाधिक बहुनिःशक्तता से ग्रस्त हो।

इस योजना का उद्देश्य इन व्यक्तियों के लिए सुनिश्चित करना है। सम्पूर्ण राज्य में स्वैच्छिक संस्था के माध्यम से अधोसरंचना की स्थापना में मदद करना, ताकि देख-भाल की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

दिव्यांग दम्पत्ति कुलदीप और संगीता को मिली जीवन की नई राह

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रायपुर। समाज कल्याण विभाग की निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना कई दिव्यांग दंपत्तियों के भावी जीवन को मजबूत आधार देने के साथ उनके सुखद भविष्य की नींव भी तैयार कर रही है। योजना के तहत मिली सहायता राशि से विवाह के पश्चात कई दिव्यांग दम्पत्तियों को रोजगार शुरू करने में सफलता मिली है। जिससे उनके जीवन में स्थिरता आई है। जशपुर जिले के कुनकुरी विकासखण्ड के ग्राम बासनताला के कुलदीप तिर्की और उनकी पत्नी श्रीमती संगीता तिर्की भी उन दिव्यांग दम्पत्तियों में से है। जिन्होंने एक साथ जीवन जीने के सपने बुने। राज्य सरकार ने उन्हें उनके सपनों को पूरा करने के लिए निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 1 लाख रूपए की राशि प्रदान की है।



दिव्यांग दम्पति ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य शासन ने उनकी आर्थिक सहायता करके रोजगार स्थापित करने में बहुत मदद की है। उन्होंने बताया कि वे इलेक्ट्रॉनिक काम जानते हैं और इस राशि का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक दुकान खोलने के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि एक लाख रूपए उनके लिए बहुत बड़ी सहायता राशि है। इससे वे अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन-यापन की नई राह तैयार कर सकेंगे। उन्होंने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित निःशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना को दिव्यांगजनों के लिए लाभदायक बताया।

ईश्वर ने दिव्यांगों को अपार प्रतिभा दिया है- मंत्री श्रीमती भेंडिया

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रायपुर। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया ने कहा कि हमारे दिव्यांग भाई-बहन किसी भी स्थिति में समाज के अन्य व्यक्तियों से अपने को कमतर न आंके। ईश्वर ने दिव्यांगो को अपार प्रतिभा से नवाजा है। ईश्वर ने प्रत्येक व्यक्तियों को कुछ कमियों के साथ खूबियॉ भी दी है। हमारे दिव्यांगजनों अपने मेहनत और लगन के बदौलत आज सफलता के झण्डे गाड़ रहे हैं। श्रीमती भेंड़िया आज जिला मुख्यालय बालोद के पुराना अस्पताल के पास कुर्मीपारा में स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांग आश्रम गृह ‘‘घरौंदा‘‘ में प्रदेश के पहले दिव्यांग स्वावलंबन केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रही थी।



मंत्री श्रीमती भेंड़िया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। उन्होंने जिला मुख्यालय बालोद में प्रदेश के पहले दिव्यांग स्वावलंबन केन्द्र के शुभारंभ होने पर उपस्थित दिव्यांगजनों एवं जिलेवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। इस अवसर पर संजारी-बालोद की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा, नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती चंद्रप्रभा सुधाकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

श्रीमती भेंड़िया ने राज्य शासन द्वारा दिव्यांगो के कल्याण हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों के साथ-साथ दिव्यांगो को भी स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवनयापन करने के लिए हर संभव उपाय सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय बालोद में आज शुभारंभ किए गए छत्तीसगढ़ के पहले स्वावलंबन केन्द्र हमारे दिव्यांगजनों के लिए अत्यंत लाभप्रद सिद्ध होगी। 

इस स्वावलंबन केन्द्र के माध्यम से दिव्यांगजन अपने रूचि के अनुसार प्रशिक्षण लेने के बाद आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकेंगे। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजनों की उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने जिला मुख्यालय बालोद में प्रदेश के पहले स्वावलंबन केन्द्र के स्थापना को जिलेवासियों के लिए बड़ी सौगात बताते हुए इसके लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेंड़िया को धन्यवाद दिया।

 इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगो के कल्याण हेतु राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में भी जानकारी दी। नगर पालिका परिषद बालोद के अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मंत्री श्रीमती भेंड़िया एवं अतिथियों ने दिव्यांगजनों को सामर्थ्य विकास योजना के अंतर्गत बैटरी चलित ट्रायसायकल, सामान्य ट्रायसायकल, क्षितिज-अपार संभावनाएॅ अंतर्गत शिक्षा प्रोत्साहन राशि का चेक, मिशन गंूज अंतर्गत स्मार्ट फोन, सेंसर छड़ी, विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र और दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन राशि का चेक वितरण कर लाभान्वित किया।

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