Media24Media.com: दंतेवाड़ा जिला प्रशासन की ताजा खबर

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किसानों की शिकायत पर सख्त कार्रवाई, गीदम धान खरीदी केंद्र प्रभारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त

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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के गीदम धान खरीदी केंद्र (Geedam Paddy Procurement Center of Dantewada District) में किसानों की शिकायत पर धान खरीदी केंद्र के प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। गीदम धान खरीदी केंद्र के प्रभारी विजेन्द्र ठाकुर (Vijender Thakur in charge of Paddy Procurement Center) को अपने पदीय कर्तव्य में लापरवाही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ सहकारी समिति सेवा नियम के उल्लंघन के कारण उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। इसके लिए आदिम जाति कृषक सेवा सहकारी समिति गीदम के प्राधिकृत अधिकारी ने आदेश भी जारी कर दिया है।





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जांच दल द्वारा धान खरीदी केन्द्र में कृषि उपज के मालिक शुभम राय का 6.31 क्विंटल 12 बोरा धान को जब्त किया गया है। किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दंतेवाड़ा कलेक्टर (Dantewada Collector) के निर्देश पर धान खरीदी केंद्र का खाद्य निरीक्षक गीदम, मंडी उप निरीक्षक और राजस्व निरीक्षक द्वारा लैम्पस प्रबंधक, ऑपरेटर और किसानों की उपस्थिति में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि धान विक्रय के लिए कुल 14 किसानों से 564.80 क्विंटल अनुमानित धान के लिए टोकन जारी किया गया था।





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टोकन क्रमांक 61001401202100117 किसान कोड एफसी 610140180593 किसान लालजीध्फागू द्वारा टोकन में अनुमानित धान 77.60 क्विंटल धान विक्रय के लिए खरीदी केंद्र लाया गया। खरीदी केन्द्र प्रभारी की अनुपस्थिति में कृषक लालजी के बेटे दशरथ साहू द्वारा ढेरी लगाकर हमालों की उपस्थिति में धान का कांटा कराया गया। तौल करने के दौरान हमालों द्वारा प्रति बोरा 41-42 किलो धान की भर्ती की जा रही थी, जो कि शासन द्वारा निर्धारित 40.700 किलोग्राम (बोरा सहित) से ज्यादा है। कृषक लालजी द्वारा तौल कराए गए 90 धान की बोरियों में निर्धारित मानक 40.700 किलोग्राम से ज्यादा भरकर तौल किया गया।





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इस संबंध में जांच दल द्वारा लैम्पस प्रबंधक आलोक ठाकुर की भूमिका के बारे में उपस्थित किसानों से पूछताछ कर जानकारी ली गई। किसान दशरथ साहू और हेमंत साहू ने बताया कि लैम्पस प्रबंधक को इस त्रुटि के बारे में अवगत कराया, जिसे प्रबंधक आलोक ठाकुर द्वारा सुधार करते हुए सरकार द्वारा निर्धारित मानक के मुताबिक भरकर तौलकर धान विक्रय किया गया। धान खरीदी केन्द्र में निरीक्षण के दौरान 63 किसानों से 1339 क्विंटल धान की खरीदी की जा चुकी हैं। कृषक लालजी और पूर्व में क्रय किए गए किसानों के धान को रैंडमली तौला गया।


दंतेवाड़ा : आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन की पहल, तीन दिवसीय पशु पालन प्रशिक्षण का किया आयोजन

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दंतेवाड़ा: जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर दीपक सोनी ( Collector Deepak Soni) के पहल से आत्मसमर्पण किए नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जिसके लिए आत्मसमर्पित नक्सलियों (Surrendered naxalites) को रोजगार प्रदान किया जा रहा है। इसमें उनके मन मुताबिक सामग्री वितरण किया जा रहा है। साथ ही प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, जिससे वे रोजगार प्राप्त कर पैसा कमा सकें। इसी कड़ी में टेकनार गौशाला में शुक्रवार यानी 4 दिसंबर से तीन दिवसीय पशु पालन प्रशिक्षण का आयोजन (Three-day animal husbandry training program organized) किया गया है, जिसमें पहले दिन 11 प्रशिक्षु ने प्रशिक्षण का लाभ लिया।





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कार्यक्रम में गाय, बकरी, मुर्गी, सुकर और अन्य पशुओं के पालन की जानकारी प्रशिक्षुओं को दी गई। साथ ही दुग्ध उत्पादन, चारा का पैदावार, पशुओं के रखरखाव, टीकाकरण, पशुओं के मनोभाव के बारे में पशु धन विकास विभाग के उप संचालक अजमेर सिंह कुशवाहा ने विस्तृत जानकारी दी। पशु पालन के फायदे और इनमें आने वाले कठिनाइयों से अवगत कराया।





5 दिसंबर और 6 दिसंबर को यह आयोजन





वहीं 5 दिसंबर और 6 दिसंबर को होने वाले आयोजन में अंडा उत्पादन, चारा पैदावार जैसे प्रक्षेत्रों का भ्रमण कराया जाएगा और उसकी बारीकियां सिखाई जाएगी। ऐसा पहली बार हो रहा है कि बंदूक थामने वालों के हाथों में अब गाय, बकरी और मुर्गी देखने को मिलेंगे, जो हाथ कभी किसी को मारने को उठते थे वो पशुओं को पालने के काम आएंगे।





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ऐसा चमत्कार जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की योजनाबद्ध तरीके और रणनीति की वजह से ही संभव हो सका है। एक तरफ जहां लोन वर्राटू के तहत सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया है। वहीं दूसरी तरफ आत्मसमर्पित नक्सलियों को उनके मन मुताबिक कृषि, पशुपालन, अंडा जैसे उत्पादन के लिए ट्रैक्टर, बीज, उपकरण, पंप, शेड निर्माण, गाय, बकरी और मुर्गी का वितरण किया जा रहा है साथ ही आवशयकतानुसार प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।





जिला प्रशासन ने दी जानकारी





जिला प्रशासन (District administration) के मुताबिक आत्मसमर्पित करने वाले महिला नक्सलियों को बिहान अन्तर्गत स्व सहायता समूह (Self help groups) में जोड़ा जा रहा है, जिससे वे सशक्त हों सके। सभी को आजीविका के साधन प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे कि वे समाज की मुख्य धारा से जुड़ सकें। शुक्रवार के प्रशिक्षण में जिला कलेक्टर दीपक सोनी (District Collector Deepak Soni), पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव, जिला पंचायत सीईओ अश्वनी देवांगन ने प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहित किया और साथ ही उनके साथ बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।


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