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मंत्रिपरिषद की बैठक : सीएम की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। 

जिसके तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को अब संग्रहण पारिश्रमिक 4000 रूपए प्रतिमानक बोरा से बढ़ाकर 5500 रूपए प्रति मानक बोरा प्रदाय किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा हेतु नवीन योजना संचालित किए जाने का निर्णय लिया है। इस नवीन योजना के संचालन के लिए शासन द्वारा 75 प्रतिशत एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 25 प्रतिशत धनराशि वित्तीय अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी।

मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की एक और गारंटी को पूरा करते हुए राज्य में महतारी वंदन योजना लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत विवाहित महिलाओं को एक हजार रूपए प्रतिमाह अर्थात् साल में 12 हजार रूपए की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातें में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।

इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में महिलाओं के साथ लिंग विभेद, असमानता, जागरूकता की कमी होने के फलस्वरूप समाज में महिलाओं के विरूद्ध भेदभाव को समाप्त करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है। इस योजना से महिला सशक्तिकरण एवं आर्थिक स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा। इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ निवासी विवाहित महिला, जिनकी आयु 1 जनवरी 2024 को 21 वर्ष से अधिक हो, को मिलेगा। विवाहित महिला के अलावा विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं को भी योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र किया गया है।

छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 में पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अगस्त 2023 में जारी अधिसूचना में किए गए संशोधन को निरस्त कर पूर्ववत् किए जाने का निर्णय लिया गया। अगस्त 2023 में उक्त नियम में यह संशोधन किया गया था कि विभागीय जांच उपरांत, शास्ति प्रभावशील होने अथवा अपराधिक प्रकरण में न्यायालय द्वारा दंडित होने पर संविदा नियुक्ति के लिए अपात्र होंगे। इस संशोधन से ऐसे सेवानिवृत्त शासकीय सेवक जिनके विरूद्ध विभागीय जांच या अभियोजन के प्रकरण विचाराधीन अथवा प्रचलित है उन्हें भी संविदा नियुक्ति की पात्रता बन रही थी। जिसे मंत्रिपरिषद ने उचित नही मानते हुए इसे निरस्त कर संविदा नियम 2012 के प्रावधान को यथावत करने का निर्णय लिया है।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में भारत (बीएच) सीरीज के वाहन पंजीयन लागू कराए जाने का निर्णय लिया गया। भारत सरकार द्वारा लागू बीएच सीरीज के तहत दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए एक बार में दो वर्ष का टेक्स जमा कराना होगा।

छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक-2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

विश्व आदिवासी दिवस: वन विभाग द्वारा 500 करोड़ रूपए का होगा वितरण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस 09 अगस्त को आयोजित वृहद स्तरीय कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग अंतर्गत 472 करोड़ 31 लाख रूपए की राशि का वितरण किया जाएगा। इनमें तेंदूपत्ता संग्राहकों को 424 करोड़ रूपए से अधिक का प्रोत्साहन पारिश्रमिक तथा वन प्रबंधन समितियों को 44 करोड़ रूपए की लाभांश राशि का वितरण होगा।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य में तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाने वाली तेंदूपत्ता संग्राहक राशि में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों के कल्याण के लिए सामाजिक तथा सामूहिक सुरक्षा बीमा आदि अनेक योजनाएं भी संचालित की जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2018 में देय तेंदूपत्ता का संग्रहण पारिश्रमिक 2 हजार 500 रूपए प्रति मानक बोरा था, जिसे तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वर्ष 2019 में बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा किया गया।

साथ ही तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस के रूप में प्रोत्साहन पारिश्रमिक का भी वितरण किया जा रहा है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर राज्य के जिला मुख्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में प्रोत्साहन पारिश्रमिक तथा लाभांश राशि के सुव्यवस्थित वितरण के लिए वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा तैयारियां जोरो पर है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव द्वारा इसके लिए समस्त मुख्य वन संरक्षकों तथा वनमण्डलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर तेंदूपत्ता संग्राहकों को 424 करोड़ 11 लाख रुपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक वितरित किया जाएगा। इसके अंतर्गत वर्ष 2021 में लाभ में रही 733 समितियों के 9 लाख 49 हजार 944 संग्राहकों को 163 करोड़ 62 लाख रुपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक का वितरण किया जाएगा। इसी प्रकार संग्रहण वर्ष 2022 के लिए लाभ में रहीं 661 समितियों के 8 लाख 61 हजार 772 संग्राहकों को 260 करोड़ 49 लाख रुपए का प्रोत्साहन पारिश्रमिक का वितरण किया जाएगा। यह जानकारी छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक अनिल कुमार राय ने दी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा तेंदूपत्ता के व्यापार से होने वाले लाभ का प्रोत्साहन पारश्रमिक संग्राहकों को वितरण किया जाता है।

छत्तीसगढ़ में अब तक एक चौथाई के करीब तेंदूपत्ता का हो चुका संग्रहण

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष 2023 के दौरान अब तक 3 लाख 19 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है, जो लक्ष्य के एक चौथाई के करीब है। राज्य में चालू वर्ष के दौरान 16 लाख 72 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता के संग्रहण का लक्ष्य है। वन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में वनवासियों द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण कार्य निरंतर जारी है।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के सुचारू संचालन के लिए वन विभाग के प्रमुख सचिव मनोज पिंगुआ के निर्देशानुसार सभी वनमण्डलों में पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। राज्य में अब तक वन मण्डल दंतेवाड़ा और जगदलपुर में लक्ष्य के 80 प्रतिशत से अधिक तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। इस संबंध में प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ अनिल राय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में अब तक संग्रहित मात्रा में से वनमण्डल बीजापुर में 5 हजार 08 मानक बोरा तथा सुकमा में 45 हजार 797 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण शामिल है। इसी तरह वनमण्डल दंतेवाड़ा में 15 हजार 394 मानक बोरा, जगदलपुर में 15 हजार 204 मानक बोरा, दक्षिण कोण्डागांव में 13 हजार 404 मानक बोरा तथा केशकाल में 17 हजार 179 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है। वनमण्डल नारायणपुर में 7 हजार 230 मानक बोरा, पूर्व भानुप्रतापपुर में 367 मानक बोरा तथा कांकेर में 6 हजार 049 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है।

इसी तरह वनमण्डल राजनांदगांव में 2 हजार 646 मानक बोरा, खैरागढ़ में 1 हजार 387 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है। वनमण्डल धमतरी में 5 हजार 453 मानक बोरा, गरियाबंद में 45 हजार 923 मानक बोरा, महासमुंद 35 हजार 833 मानक बोरा तथा बलौदाबाजार 7 हजार 136 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है। वनमण्डल बिलासपुर में 295 मानक बोरा, जांजगीर-चांपा में 2 हजार 532 मानक बोरा, रायगढ़ में 20 हजार 148 मानक बोरा, धरमजयगढ़ में 31 हजार 378 मानक बोरा, कोरबा में 9 हजार 848 मानक बोरा तथा कटघोरा में 3 हजार 155 मानक बोरा का संग्रहण हुआ है। इसी तरह वनमण्डल जशपुर में 10 हजार 377 मानक बोरा और सरगुजा में 153 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है।

छत्तीसगढ़ में आसमान से बरसी ‘मौत’: गाज गिरने से युवक की मौत, कई ग्रामीण घायल, 3 गंभीर

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बीजापुर. आकाशीय बिजली गिरने से तेंदूपत्ता तोड़ रहे 1 व्यक्ति ने दम तोड़ दिया है. वहीं 21 लोग घायल हुए हैं. घटना बीती देर रात को घटी है. घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है.  


बता दें कि  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के बासागुड़ा क्षेत्र के गांव पोलमपल्ली में गाज गिरने से एक 22 साल के युवक की मौत हो गई। जबकि 20 ग्रामीण आकाशीय बिजली के चपेट में आने से झुलस गये। इनमें से तीन ग्रामीण की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिनका बीजापुर के जिला अस्पताल में इलाज जारी है। यह घटना बीजापुर के बासागुड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पोलमपल्ली गांव का है।

दरअसल, यह घटना रविवार शाम 6 बजे के लगभग की है। मिली जानकारी अनुसार रविवार शाम 6 बजे के लगभग बासागुड़ा क्षेत्र से लगे गांव पोलमपल्ली में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई और बादल भी जमकर गरजे। इसी वक्त तेंदूपत्ता फड़ में पत्ता बेचने पहुंचे ग्रामीणों को आकाशीय बिजली ने अपने चपेट में ले लिया। फड़ में मौजूद ग्रामीणों के समीप आकाशीय बिजली गिरने से (गाज) एक ग्रामीण युवक बुरी तरह झुलस गया, जिसकी मौके पर मौत हो गई है। वहीं 20 अन्य ग्रामीण झुलस गये।

इनमें से तीन की स्थिति गंभीर बताई गई है। सभी पीड़ित बीजापुर जिला अस्पताल में भर्ती हैं। आकाशीय बिजली के चपेट में आने से झुलसे लोगों में सात महिलाएं और दो बच्चे भी शामिल हैं। बासागुड़ा थाना से लगभग 15 किमी दूरी पर है। गांव के लोगों ने अपने निजी वाहन से स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया है। बासागुड़ा से एंबुलेंस भी प्रभावितों की मदद के लिए भेजी गई थी।


पुलिस थाना प्रभारी व जवानों के सहयोग से ग्रामीणों को राहत दी जा रही है। सभी घायलों का इलाज बासागुड़ा स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है। विदित हो कि बीजापुर जिले में शनिवार से तेंदूपत्ता तोड़ाइ का काम चल रहा है। मौसम के उतार चढ़ाव से ग्रामीणों में पहले से ही संशय की स्थिति बनी हुई है। जिले में सप्ताह भर से तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है।

रविवार को भी मौसम विभाग की ओर गरज चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई थी। पोलमपल्ली गांव धुर नक्सली क्षेत्र माना जाता है। बासागुड़ा स्वास्थ्य केंद्र से दूर होने के कारण घायलों को अस्पताल लाने में विलंब हुआ। 

डा तरुण गोटा ने बताया कि सभी घायल ग्रामीणों को अस्पताल तक लाने में लगभग 10 बजे गये। स्वास्थ्य अमला द्वारा त्वरित इलाज करने की कार्रवाई की गई। डाक्टर तरूण ने बताया कि पोलमपल्ली सुदूरवर्ती गांव है। 

गांव में आवागमन के साधन नही है फिर भी निजी व एंबुलेंस वाहन से पीड़ितों को लाया गया। तीन गंभीर पीड़ित को बेहतर इलाज के लिए बीजापुर भेजा गया है। मृत युवक का पोस्टमार्टम करने के बाद परिजनों को सौंपा जायेगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है‌।




मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया बिलासपुर एवं अंबिकापुर में रीजनल सी-मार्ट का वर्चुअली उद्घाटन

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां विधानसभा स्थित अपने कार्यालय से बिलासपुर एवं अंबिकापुर में रीजनल सी-मार्ट का वर्चुअली उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के अंतर्गत 863 संग्राहक परिवारों को 13 करोड़ 46 लाख 35 हजार रूपए की सहायता अनुदान राशि एवं छात्रवृत्ति योजनांतर्गत 7566 छात्र-छात्राओं को 8 करोड़ 4 लाख 65 हजार रूपए की छात्रवृत्ति राशि का अंतरण किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 28 जिलों में सी-मार्ट बन गए हैं। अब उत्पादों की बिक्री की समस्या नहीं है।


 

सी-मार्ट से उपभोक्ताओं और स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आसानी हो गई है। समूह की महिलाओं की आय भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उन वस्तुओं का उत्पादन ज्यादा करें, जिनकी मार्केट में ज्यादा मांग है। नया उत्पाद बनाने के पूर्व उसका बाजार में स्थिति कैसी होगी, इसका आंकलन बेहतर तरीके से कर लें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज स्व-सहायता समूह के द्वारा बनाए गए उत्पादों को सी-मार्ट के माध्यम से एक बाजार मिला है। इससे उनकी आमदनी में वृद्धि होने के साथ ही रोजगार भी मिला है। उन्होंने कहा कि एक सी-मार्ट दूसरे जिले के या संभाग के सी-मार्ट से ऑनलाइन माध्यम से जुड़े हुए हैं। 



जिससे  किस सी-मार्ट में कौन-कौन से उत्पाद है, इसकी जानकारी मिल जाती है। मुख्यमंत्री बघेल ने शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना के हितग्राहियों से सहानुभूतिपूर्वक बात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस योजना से कम समय में ही पीड़ित परिवार को सहायता राशि मिल रही है। इससे उनके परिवार को एक आर्थिक सम्बल मिला है।

मुख्यमंत्री बघेल ने मेघावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम के दौरान मेघावी छात्रों से बात की। मुख्यमंत्री ने छात्रों को पूरा दिल लगाकर पढ़ाई करने को कहा और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघावी छात्र-छात्राओं को मिलने वाली इस राशि से उनकी आगे की पढ़ाई में काफी सहायता मिलती है और भी अन्य छात्र-छात्राओं को पूरी मेहनत से पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।

कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री टी.एस. सिंह देव, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्र कुमार, बिलासपुर विधायक शैलेष पाण्डेय, प्रमुख सचिव वन मनोज पिंगुआ, पीसीसीएफ संजय शुक्ला, अपर प्रबंध संचालक लघु वनोपज एस.एस. बजाज उपस्थित थे।

आरक्षण के मुद्दे को लेकर होगा विधानसभा का विशेष सत्र

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिवासी आरक्षण के मुद्दे को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र आहूत करने का प्रस्ताव विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत को भेजा है। मुख्यमंत्री ने आगामी एक एवं दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किए जाने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आदिवासी समाज को भरोसा दिलाया है कि राज्य में आरक्षण के मामले में आदिवासी निश्चिंत रहें, उन्हें 32 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिलाने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में आरक्षण की विधिक स्थिति का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का दल शीघ्र वहां जाएगा।



अध्ययन दल के गठन एवं इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय द्वारा आदेश भी जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आदिवासियों के हित और उनके संरक्षण के लिए संविधान में जो अधिकार प्रदत्त है, उसका पालन हमारी सरकार कर रही है। हमारी स्पष्ट मंशा है कि संविधान द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग को प्रदान किए गए सभी संवैधानिक अधिकार उन्हें प्राप्त हों। आरक्षण के मामले को लेकर हमने विधानसभा अध्यक्ष महोदय से एक एवं दो दिसंबर को विधानसभा का विशेष सत्र आहूत किए जाने का भी आग्रह किया है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी समुदाय के विकास और कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है।

इसी कड़ी में विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है। आदिवासियों के समुचित विकास के लिए विकास प्राधिकरणों में स्थानीय विधायकों को ही अध्यक्ष बनाया गया। आदिवासियों के विकास के लिए अनेक योजनाएं बनाई गईं और उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया। आदिवासी समुदाय के आस्था स्थल देवगुड़ी और घोटुल का संरक्षण एवं जीर्णाेद्धार का काम भी बीते पौने चार सालों से प्राथमिकता से कराया जा रहा है। राज्य के आदिवासी अंचल में स्वास्थ्य और शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में ही आदिवासी बाहुल्य जिलों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन कराते हुए छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति, सभ्यता और कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया जा रहा है। वनवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए वंचितों को वन अधिकार पत्र वितरण और पेसा कानून लागू करने जैसे कार्य छत्तीसगढ़ सरकार ने किए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का मुख्य फोकस गांव, गरीब, किसान और आदिवासियों, वनवासियों पर है। खासतौर से आदिवासियों को अधिकार सम्पन्न बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने काम किया है।

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को पहला पूर्ण आदिवासी जिले के रूप में गठित किया गया। इसी कड़ी में मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का भी गठन किया गया है। आदिवासी व वनवासियों को आरक्षित क्षेत्र में अधिकार प्रदान करते हुए व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, सामुदायिक वन अधिकार पत्र एवं सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित किए जा रहे हैं। वनवासी क्षेत्र में ग्राम सभा को शक्ति सम्पन्न बनाने पेसा कानून बनाकर लागू किया गया। लघुवनोपजों पर निर्भर वनवासियों की आर्थिक समृद्धि और उन्हें संबल बनाने के लिए सरकारी स्तर पर सात प्रकार के लघु वनोपजों की खरीदी को 65 प्रकार के लघुवनोपज तक बढ़ा दिया गया है।

तेंदूपत्ता के समर्थन मूल्य को  25 सौ रुपये से बढ़ाकर चार हजार रुपये तक कर दिया गया है।तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना की शुरुआत अगस्त 2020 से की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार अब न सिर्फ लघुवनोपजों की खरीदी कर रही है, बल्कि उनका स्थानीय स्तर पर ही प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन का कार्य भी किया जा रहा है, जिससे वनवासियों के रोजगार एवं आय में कई गुना की बढ़ोत्तरी हुई है। बस्तर में बादल (बस्तर एकेडमी ऑफ डांस, आर्ट एंड लिट्रेचर) की शुरुआत की गई। वहीं बस्तर में आदिवासी संग्रहालय की स्थापना की गई।

आदिवासी समुदाय को ध्यान में रखते हुए ही स्थानीय बोली में प्राथमिक शिक्षा का निर्णय मुख्यमंत्री बघेल की सरकार ने लिया है। आदिवासी बाहुल्य बस्तर में मलेरिया के प्रकोप को देखते हुए मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान चलाया गया, जिसमें काफी हद तक मलेरिया के प्रकोप को कम किया जा सका है। कुपोषण के शिकार बच्चे और एनिमिया से पीड़ित किशोरी बालिकाओं व महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का संचालन किया गया। इसका परिणाम यह रहा कि कम ही समय में दो लाख 11 हजार बच्चे कुपोषण की समस्या से मुक्त हुए तो लगभग एक लाख महिलाओं को एनिमिया से राहत मिली है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर ही लोहाण्डीगुड़ा में उद्योग द्वारा अधिगृहीत की गई 1707 किसानों की जमीन लौटाई गई। बस्तर संभाग के जिलों में नारंगी वन क्षेत्र में से 30,439 हेक्टेयर भूमि राजस्व मद में वापस दर्ज की गई। आजादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ क्षेत्र के 52,500 से अधिक किसानों को मसाहती खसरा प्रदाय किया गया। भूपेश बघेल की सरकार ने राज्य क नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में निर्दाेष आदिवासियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरणों की वापसी के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है, जिसके चलते वर्षों से चले रहे मामले निराकृत हुए है और सैकड़ों लोगों को राहत मिली है।


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