Media24Media.com: डॉ. शिवकुमार डहरिया

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label डॉ. शिवकुमार डहरिया. Show all posts
Showing posts with label डॉ. शिवकुमार डहरिया. Show all posts

राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा को आगे बढ़ाने कर रही है काम : मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया

No comments Document Thumbnail

रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ज्यादातर क्षेत्रों में हम सबका प्रारंभिक परिचय अपने माता की बोली भाखा छत्तीसगढी व अन्य स्थानीय बोली-भाषा से शुरू हुई, उसके बाद दूसरी भाषा से परिचय हुआ। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए राजभाषा आयोग की स्थापना की है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व मे राज्य सरकार प्रदेश के खान-पान, रहन-सहन, पहनावा व तीज त्यौहारों के संरक्षण एवं सवंर्धन के  बेहतर काम कर रही है। राज्य सरकार ने विलुप्त हो रही संस्कृति एवं परंपरा को पुर्नस्थापित करने का काम किया। छत्तीसगढ़िया लोगों को सम्मान दिलाया है। आयोग का उद्देश्य सार्थक हो रहा है। मंत्री डॉ. डहरिया आज राजभाषा आयोग द्वारा राजधानी रायपुर स्थित एक निजी होटल में आयोजित दो दिवसीय सातवें प्रातीय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।

मंत्री डॉ. डहरिया ने कंहा कि हमारी सरकार ने छत्त्तीसगढ़ महतारी का छायाचित्र तैयार कर छत्तीसगढ़ को सम्मान दिलाने का काम किया है, वहीं छत्तीसगढ़ के राज्यगीत, राजकीय गमछा ने प्रदेश और देश में एक अलग स्थान बनाया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रतिभा की कमी नहीं है, ऐसे प्रतिभाओं को अवसर मिलने से राज्य एक अलग पहचान बनेगी।

संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने कहा कि देश में लगभग 1652 प्रकार की मातृभाषा प्रकाश मे है। अपने-अपने राज्य की अलग-अलग बोली-भाषा है। सभी को अपने मातृभाषा पर गर्व होता है। हमारी छत्तीसगढ़ी बोली-भाखा गुरतुर और मिठास है। हम सबको अपनी मातृभाषा पर गर्व होना चाहिए। निषाद ने लोगों को अपने दैनिक जीवन में छत्तीसगढी भाषा के उपयोग पर बल दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ी गीतों और हाना के जरिए पुरखों की समृद्ध मातृभाषा छत्तीसगढ़ी बोली का महत्व बताया।

प्रांतीय सम्मेलन को छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव डॉ. अनिल भतपहरी ने  सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने की दिशा में प्रयास जारी है। छत्तीसगढ़ी भाषा का मानकी करण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा पर छत्तीसगढ़ी को राज्य के पहली से पांचवी तक स्कूलों में पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। बस्तर और सरगुजा सभांग में भी स्थानीय बोलियों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की कार्यवाही जारी है।

मंत्री डॉ. डहरिया ने इस दौरान साहित्यकार एवं भाषाविद् डॉ. सुरेश शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक बाबा गुरू घासीदास चरित्रम्‘,बलदेव साहू द्वारा लिखित मेचका राजा-मछली रानी‘, श्रीमती उर्मिला शुक्ला द्वार लिखित पुस्तक देहरी‘,भुवन दास कोसरिया द्वारा लिखित सतनाम वृतांत‘,प्रेमदास टण्डन द्वारा लिखित पुस्तक सुन भैरा‘, डॉ. मणिमनेश्वर ध्येय द्वारा लिखित अछूत अभागन‘,बोधन राम निषाद द्वारा लिखित पुस्तक आलहा छंद जीवनी‘,कन्हैया लाल बारले द्वारा लिखित दू गज जमीन‘, डॉ. नीलकंठ देवांगन द्वारा लिखित सोनहा भुइंया‘,बद्री पारकर द्वारा लिखित बिसरे दिन के सुरता‘,चोवाराम द्वारा लिखित मैं गांव के गुढ़ी अव‘, तारिका वैष्णव द्वारा लिखित बनगे तोर बिगड़गे‘,कृष्ण कुमार साहू द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ दर्शन‘, 

रंजीता चक्रवती द्वारा लिखित लड़की के सपना‘, वंदना त्रिवेदी द्वारा लिखित छत्तीसगढ़ी में रामायण के सातों काण्ड‘,बालकृष्ण गुप्ता एवं पी.सी. लाल द्वारा लिखित गुरू ज्ञानऔर डॉ. अनिल भतपहरी द्वारा लिखित सुकवा उगे न मदरश झरेपुस्तक का विमोचन किया। इस मौके पर छत्रपति शिवाजी महाविद्यालय के कुलपति डॉ. केसरी लाल वर्मा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक, वरिष्ठ साहित्यकार एवं भाषाविद् परदेशीराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार और जिला समन्वयक उपस्थित थे।

सड़क निर्माण के लिए आरंग विकासखण्ड में 14.14 करोड़ रूपए स्वीकृत

No comments Document Thumbnail

रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया की पहल पर आरंग विकासखण्ड के कुकरा संडी भानसोज मार्ग के निर्माण के लिए 14.14 करोड़ रूपए स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति मिलने पर मंत्री डॉ. डहरिया प्रति आभार जताया है।

गौरतलब है कि आरंग ब्लाक अंतर्गत कुकरा संडी एवं भानसोज के ग्रामीणों द्वारा लम्बे समय से बड़े नहरपार में आवागमन के लिये पक्की सड़क की मांग की जा रही थी। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ.  डहरिया ने ग्रामीणों की इस मांग पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पक्की सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को अनुशंसा सहित स्वीकृति के लिए भेजा। उनकी अनुशंसा पर लोक निर्माण विभाग द्वारा कुकरा संडी भानसोज (नहरपार) मार्ग 14 करोड़ 14 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इस सड़क की लम्बाई 5.40 किमी. है।

सड़क की स्वीकृति मिलने पर जनपद पंचायत अध्यक्ष आरंग खिलेश्वर देवांगन, जिला पंचायत सदस्य रायपुर अनिता थानसिंग साहू, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष आरंग हेमलता डुमेन्द्र साह, सरपंच कुकरा टिकेश्वरी चन्द्रशेखर साहू, सरपंच संडी महेश साहू, संतोषी साहू, जोन अध्यक्ष भानसोज चन्द्रप्रकाश साहू, हरि बंजारे, मोहन साहू, सहित क्षेत्रीय पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामवासियों ने हर्ष व्यक्त किया।


नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया ने दी करोड़ो की सौगात

No comments Document Thumbnail

रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज यहां रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के ग्राम संडी एवं कुकरा में करीब एक करोड़ 69 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। डॉ. डहरिया ने ग्राम कुकरा में 05 लाख रुपए की लागत के सामुदायिक भवन, रंगमंच लागत 03 लाख और 14 लाख 50 हजार रूपये की लागत से वन महिला भवन का लोकार्पण किया। ग्राम संडी में 05 लाख रुपए की लागत से बने सामुदायिक भवन , पंचायत भवन उन्नयन का लोकार्पण और नल जल योजना के तहत एक करोड़ 51 लाख रुपए की लागत  से बनने वाली पानी की टंकी निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया।

   सामुदायिक भवनरंगमंचपानी टंकीमहिला भवन का किया लोकार्पण एवं भूमि पूजन

नगरीय प्रशासन मंत्री ने लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये कहा कि प्रदेश में लोगों की खुशहाली के सभी जरूरी कार्य किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन में किसानों, अनुसूचित जाति, जन जाति, पिछड़ा वर्ग महिलाओं एवं बच्चों सहित समाज के सभी वर्गों की खुशहाली के लिए कार्य किये जा रहे हैं। किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत खेतिहर मजदूरों और भूमिहीन परम्परागत कार्य करने वाले लोगों को लाभांवित किया जा रहा है। प्रदेश में किसानों को धान का समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की आर्थिक फायदा हो रहा है, जिससे प्रदेश में चारों ओर खुशहाली है। किसान बाजार में अपनी जरूरत का सामान खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में व्यवसायियों के चेहरे पर रौनक है। वनांचलों में वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदा जा रहा है,

इसमें वनवासी भाई भी आर्थिक तरक्की कर रहे हैं। अनुसूचित जाति
, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, श्रमिकों एवं अन्य कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति एवं पढ़ने-लिखने के लिए सहायता प्रदान की जा रही हैं। लोकार्पण एवं भूमि पूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत रायपुर की सभापति श्रीमती अनिता थानसिंह साहू, जनपद अध्यक्ष आरंग खिलेश देवांगन, कोमल साहू, टिकेश्वरी साहू, सुकुलराम साहू एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.