Media24Media.com: टीकाकरण

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ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस आयोजन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में एमसीबी जिला प्रथम स्थान पर

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एमसीबी। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का सफल संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित टीकाकरण सहित गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को स्वास्थ्य, प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही संचारी और गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा परामर्श सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को दिया जा रहा है।

माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है, जिसमें जिला एमसीबी लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। जिले में इस कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

जिले में इस योजना की सतत निगरानी जिला नोडल अधिकारी अवनीश पाण्डेय द्वारा की जा रही है, जिससे VHSND कार्यक्रम को उच्चतम स्तर तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के समर्पित प्रयासों से एमसीबी जिला छत्तीसगढ़ में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में अग्रणी बना हुआ है।


बच्चों के जीवन और भविष्य का सुरक्षा कवच है टीकाकरण, TV सहित 12 गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए है जरूरी

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 रायपुर : शिशुओं के जीवन और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी तरीका है। टीकाकरण नवजात शिशुओं के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है साथ ही बचपन में होने वाली कई जानलेवा बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावशाली तरीका है। उप संचालक एवं राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ व्ही. आर. भगत ने बताया कि टीकाकरण बच्चे के रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाता है और उन्हें विभिन्न बीमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम अंतर्गत राज्य में 11 प्रकार के वैक्सीन लगाये जा रहे हैं जिनसे 12 प्रकार के गम्भीर एवं जानलेवा बीमारियों से बचाव होती है।


जन्म से लेकर 05 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा 10 एवं 16 वर्ष के किशोर-किशोरियों को लगाए जाने वाले ये सभी टीके सभी शासकीय अस्पतालों एवं टीकाकरण केंद्रों में निःशुल्क लगाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों का टीकाकरण किन्हीं कारणों से नहीं हो पाया हो, वे अपने मितानिन या फिर नजदीकी शासकीय अस्पताल से संपर्क कर टीकाकरण अवश्य कराएं।

 प्रदेश में टीकों के सुरक्षित भंडारण हेतु प्रत्येक स्तर पर है कोल्ड चेन उपकरण, भंडारण का e–VIN पोर्टल के माध्यम से किया जाता है मॉनिटरिंग

राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ  भगत ने बताया कि प्रदेश में वैक्सीन के सही रख-रखाव हेतु आवश्यक समस्त उपकरण उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से सभी टीकों की उपलब्धता एवं उनका रख-रखाव सुनिश्चित किया जाता है। राज्य में स्थित कोल्ड चेन सिस्टम में वैक्सीन के लिए आवश्यक तापमान बनाये रखने सतत् निगरानी की जाती है। जिसके तहत प्रति दिन हर हाल में दो बार कोल्ड चेन सिस्टम का तापमान रिकार्ड किया जाता है। कोल्ड चेन पॉइंट्स तक उपलब्ध प्रत्येक उपकरण में टेम्प्रेचर लॉगर लगा हुआ है जो उपकरण के निर्धारित तापमान से ऊपर या नीचे होने पर तुरंत सम्बंधित अधिकारी और कोल्ड चेन हैंडलर को SMS के माध्यम से सूचना दे देता है। जिससे किसी भी वैक्सीन को समय रहते खराब होने से बचाया जा सके। राज्य स्तर से लेकर सत्र स्थल तक प्रत्येक स्तर पर कोल्ड चेन मेंटेन किया जाता है एवं सतत् निगरानी की जाती है। कोल्ड चेन एवं वैक्सीन के रख-रखाव से सम्बंधित डाटा की e-VIN पोर्टल के माध्यम से भी मॉनिटरिंग की जाती है। कोल्ड चेन स्टोरेज में प्रतिदिन (छुट्टी के दिन में भी ) नियमित रूप से दिन में दो बार उपकरण के तापमान को संबंधित कोल्ड चेन हैंडलर द्वारा रिकॉर्ड किया जाता है। इसके अलावा टेंपरेचर लॉगर द्वारा 24*7 तापमान की निगरानी होती है । विशेष परिस्थिति जैसे 8 घंटे से अधिक लाईट ना होने अथवा कोई तकनीकी खराबी होने की स्थिति में ही वैक्सीन को अन्य कोल्ड चेन पॉइंट्स में ट्रांसफर किये जाने की आवश्यकता पड़ती है। इस प्रकार से किसी भी परिस्थिति में कोल्ड स्टोरेज का आवश्यक रख-रखाव किया जाता है जिससे उच्च गुणवत्तापूर्ण सभी टीकों की सही समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके ।

आवश्यक निश्चित तापमान में वैक्सीन ट्रांसपोर्ट हेतु कोल्ड बॉक्स का उपयोग

 वैक्सीन को राज्य वैक्सीन स्टोर से सभी जिलों तक आवश्यक निश्चित तापमान में रखकर ट्रांसपोर्ट करने हेतु कोल्ड बॉक्स का उपयोग किया जाता है। इसके लिए राज्य में पर्याप्त मात्रा में कोल्ड बॉक्स उपलब्ध है। वैक्सीन रखने के पहले आइस पैक रखकर कोल्ड बॉक्स के तापमान को 2 से 8 डिग्री के मध्य मेंटेन किया जाता है जिसके पश्चात् ही उसमे वैक्सीन रखा जाता है। जिन वैक्सीन स्टोर में बड़े उपकरण जैसे वाक-इन-फ्रीजर या वाक-इन-कूलर लगे हैं उनमें पावर बैक-अप के लिये जनरेटर लगाये गये हैं।

इन्टेन्सिफाइड मिशन इंद्रधनुष 5.0 पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन

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रायपुर। राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग और यूनिसेफ द्वारा आज टीकाकरण, आईएमआई (Intensified Mission Indradhanush) 5.0 तथा यू-विन पोर्टल के बारे में मीडियाकर्मियों को सेन्सिटाइज करने कार्यशाला का आयोजन किया गया। रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित राज्य स्तरीय मीडिया कार्यशाला में प्रदेश के कई जिलों के मीडियाकर्मी शामिल हुए। कार्यशाला में पांच वर्ष तक के हर बच्चे तक सभी टीकों की पहुंच सुनिश्चित करने, लोगों को टीकाकरण का महत्व बताने तथा उन्हें इसके लिए प्रेरित करने एवं टीकाकरण से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में मीडिया की भूमिका को रेखांकित किया गया। मीडियाकर्मियों ने अधिकारियों से सवाल पूछकर टीकाकरण एवं इन्टेन्सिफाइड मिशन इंद्रधनुष 5.0 से संबंधित अपनी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान किया। 

संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि टीकाकरण से बच्चों की मृत्यु और विकलांगता रोकी जा सकती है। टीकों के माध्यम से हम बच्चों को जितना अधिक सुरक्षित कर सकते हैं, करना चाहिए। यह उन्हें बीमारियों से बचाती है। बच्चों की अच्छी इम्युनिटी और अच्छी सेहत के लिए नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल सभी टीके लगवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया लोगों तक जानकारी पहुंचाने और उन्हें जागरूक करने का सशक्त माध्यम है। इनकी अच्छी पहुंच है और यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। सघन टीकाकरण अभियान आईएमआई 5.0 को ज्यादा से ज्यादा बच्चों तक पहुंचाने और उनका जीवन सुरक्षित करने में मीडिया के साथियों का भरपूर सहयोग मिलेगा, ऐसी वे अपेक्षा करते हैं।

राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत ने कार्यशाला में कहा कि आईएमआई 5.0 के माध्यम से टीकाकरण से छूटे पांच वर्ष तक के हर बच्चे का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रदेश भर में तीन चरणों में यह अभियान संचालित किया जाएगा। पहला चरण 7 अगस्त से 12 अगस्त तक, दूसरा चरण 11 सितम्बर से 16 सितम्बर तक तथा तीसरा चरण 9 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। जो बच्चे नियमित टीकाकरण में छूट गए हैं, उनका इस अभियान के दौरान टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आईएमआई 5.0 में खसरा और रूबेला के उन्मूलन पर खास जोर दिया जा रहा है।

यूनिसेफ के छत्तीसगढ़ प्रमुख जॉब जकारिया ने कार्यशाला में कहा कि नियमित टीकाकरण बच्चों के लिए जीवनरक्षक और विकलांगता से बचानेवाला है। पूरी दुनिया में हर साल पांच वर्ष तक की उम्र के 50 लाख बच्चों की मृत्यु होती है जिनमें से 15 लाख बच्चे ऐसे हैं जो टीकों से दूर हैं। उन्होंने कहा कि टीकाकरण को लेकर लोगों में झिझक, भ्रांति और गलत धारणाएं हैं। कुछ प्रतिकूल घटनाओं के कारण भी कई बार लोग टीकाकरण के लिए नहीं आते हैं। हर बच्चे तक सभी टीकों की पहुंच सुनिश्चित करने इन बाधाओं को दूर करने में मीडिया अहम योगदान दे सकती है। जकारिया ने मीडियाकर्मियों से आग्रह किया कि वे इन्टेन्सिफाइड मिशन इंद्रधनुष 5.0 और टीकाकरण के फायदों के बारे में लोगों को बताएं। उन्हें जागरूक व शिक्षित करें तथा टीकों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें।

कार्यशाला में यूएनडीपी के राज्य कार्यक्रम अधिकारी अंशुमन मोइत्रा ने टीकाकरण का रिकॉर्ड रखने और रिपोर्टिंग के लिए तैयार किए गए पोर्टल यू-विन (U-Win) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण के लिए भारत सरकार द्वारा यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसके माध्यम से लाभार्थियों का नेम बेस्ड ट्रैकिंग किया जा सकता है जिससे सभी बच्चों को समय पर टीका लगाने में सहायता मिलेगी और लेफ्ट-आउट एवं ड्रॉप-आउट बच्चों की संख्या को कम किया जा सकेगा। यू-विन के माध्यम से टीकाकरण के तुरंत बाद डिजिटल सर्टिफिकेट जारी हो जाता है। 

निजी अस्पतालों में होने वाले टीकाकरण के भी आंकड़े संकलित करें – प्रसन्ना आर.

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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने आज मंत्रालय में टीकाकरण के लिए गठित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक ली। उन्होंने बैठक में राज्य में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों व गर्भवती महिलाओं को लगाए जा रहे टीकों की जानकारी लेकर इसकी समीक्षा की। उन्होंने टीकाकरण कार्यक्रम में अन्य विभागों की भी जिम्मेदारियां सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही उन्होंने निजी अस्पतालों में हो रहे बच्चों के टीकाकरण के भी आंकड़े संकलित करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक भीम सिंह ने बैठक में सभी टीकाकरण केंद्रों में कोल्ड-चेन की व्यवस्था को दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने इसमें आ रही समस्याओं को तत्काल दूर करने को कहा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान ने टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के परिजनों को सोशल मोबिलाइजेशन के माध्यम से जागरूक कर नियमित टीकाकरण के लिए प्रेरित करने को कहा। उन्होंने इसके लिए कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के टीकाकरण के लिए भारत सरकार द्वारा यू-विन (U-Win) डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। इसके माध्यम से लाभार्थियों का नेम बेस्ड ट्रैकिंग किया जा सकता है जिससे सभी बच्चों को समय पर टीका लगाने में सहायता मिलेगी और लेफ्ट-आउट एवं ड्रॉप-आउट बच्चों की संख्या को कम किया जा सकेगा। यू-विन के माध्यम से टीकाकरण के तुरंत बाद डिजिटल सर्टिफिकेट जारी हो जाता है।

वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म की पायलेटिंग राजनांदगांव और महासमुंद जिले में की जा रही है। शीघ्र ही सभी जिलों में यू-विन का उपयोग प्रारंभ किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के उप संचालक डॉ. वी.आर. भगत, डॉ. महेंद्र सिंह, शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. प्रदीप टंडन और इंडियन मेडिकल एसोशिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता सहित महिला एवं बाल विकास विभाग, यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूएनडीपी के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ के लिए राहतभरी खबर : कोरोना संक्रमण की थमी रफ्तार

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रायपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार के द्वारा किए गए प्रयासों  का ही परिणाम है कि छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगभग थम सी गई है। यह सरकार और प्रदेशवासियों के लिए राहतभरी खबर है। राज्य में कोरोना जांच की 18 नवम्बर की रिपोर्ट के अनुसार मात्र दो जिले बालोद में एक और दुर्ग जिले में 6 व्यक्ति नये कोरोना संक्रमित मिले, जबकि शेष जिलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या निरंक है। राज्य में कोविड-19 के सक्रिय मामले भी तेजी से घट रहे है।



कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर में राजधानी रायपुर सहित, रायगढ़, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा जिले में स्थिति भयावह हो गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने संक्रमण को रोकने के लिए जिस तरह से कदम उठाए, उसमें सफलता मिली है।राज्य सरकार ने जरूरत पड़ने पर लॉकडाउन लगाए।साथ में कोरोना गइडलाइन का सख्ती से पालन कराया और लोगों को गाइडलाइन का पालन करने के लिए जागरूक भी किया।राज्य सरकार ने दूसरी तरफ प्रतिदिन होने वाले जांच की संख्या बढाकर पॉजिटिव लोगों को आइसोलेट कर उनका इलाज कराया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने नए पॉजिटिव केस को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान को भी पूरी प्राथमिकता के साथ चलाया, जिसकी वजह से नए पॉजिटव मरीजों की संख्या में लगातार कमी आई।

अब ताजा हालात की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 18 नवंबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना के नये मरीजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। राज्य के मात्र दो जिलों बालोद में एक और दुर्ग जिले में 6 नये पॉजीटिव मरीज मिले हैं। शेष जिलों में कोई भी नया केस कोविड-19 टेस्ट में नहीं मिला हैै। राज्य के राजनांदगांव, बेमेतरा, गरियाबंद, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, रायगढ़, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर, बस्तर, कांकेर, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर एवं कोण्डागांव में कोरोना के सक्रिय मरीज नहीं है। कोरोना मरीजों के स्वस्थ्य होने और नये मामलों के कम होने से कोविड-19 के सक्रिय मामले तेजी से घट रहे हैं। 

राज्य में अब तक लम्पी स्कीन रोग का कोई भी मामला नहीं

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रायपुर। राज्य में पशु लम्पी स्किन रोग का अब तक कोई भी मामला सामने नहीं आया है। इसकी आशंका को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग का मैदानी अमला अलर्ट मोड में है और निरंतर गांवों का भ्रमण कर पशुओं को लम्पी रोग से बचाव की जानकारी पशुपालकों को दे रहा है। राज्य में पशु टीकाकरण का कार्य अनवरत रूप से जारी है। एलएसडी प्रभारी डॉ शर्तिया ने बताया कि राज्य में 8.20 लाख पशु टीकाकरण के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 3.67 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।



देश के कई राज्यों में पशुओं में लम्पी स्कीन रोग का मामला आते ही छत्तीसगढ़ में पशुओं को इस रोग से बचाने के लिए एहतियात के तौर पर आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए थे। छत्तीसगढ़ के 18 जिलों की सीमाए अन्य राज्यों से जुड़ी हुई है,जहां से बीमार पशुओं के आवागमन पर रोक लगाने लिए 85 सीमावर्ती ग्रामों में चेक पोस्ट स्थापित कर निगरानी रखी जा रही है। इन गांवों में पशु मेला को प्रतिबंधित करने के साथ ही बिचौलियों पर भी निगाह रखी जा रही है। 

गौरतलब है कि लम्पी स्कीन डिसिज गौवंशीय एवं भैसवंशीय पशुओं में फैलने वाला विषाणुजनित संक्रामक रोग है। इस रोग का मुख्य वाहक मच्छर, मक्खी एवं किलनी है, जिसके माध्यम से स्वस्थ पशुओं में यह संक्रमण फैलता है। रोगग्रस्त पशुओं में 02 से 03 दिन तक मध्यम बुखार का लक्षण मिलता है। इसके बाद प्रभावित पशुओं की चमड़ी मे गोल-गोल गांठें उभर आती है। लगातार बुखार होने के कारण पशुओं के खुराक पर विपरित प्रभाव पड़ता है

जिसके वजह से दुधारू पशुओं में दुग्ध उत्पादन एवं भारसाधक पशुओं की कार्यक्षमता कम हो जाती है। रोगग्रस्त पशु दो से तीन सप्ताह में स्वस्थ हो जाते है. परंतु शारीरिक दुर्बलता के कारण दुग्ध उत्पादन कई सप्ताह तक प्रभावित होता है। प्रदेश मे अब तक इस रोग का कोई मामला सामने नही आया है। एहतियात के तौर पर जिलों मे पशु हाट-बाजारों के आयोजन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। सीमावर्ती ग्रामों मे पशुओं को इस रोग के सक्रमण से बचाने हेतु गोट-पास्क वैक्सीन द्वारा प्रतिबंधात्मक टीकाकरण किया जा रहा है।

इस रोग से पशुओं के रोगग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त मात्रा मे औषधियों की व्यवस्था क्षेत्रीय संस्थाओं मे की गई है। इसके अतिरिक्त विषम परिस्थिति से निपटने के लिये जिलों में पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया गया है, ताकि टीकाद्रव्य समय पर क्रय कर अन्य ग्रामों के पशुओं मे प्रतिबंधात्मक टीकाकरण का कार्य तेजी से  किया जा सके। पशुओं के आवास में जीवाणु नाशक दवा का छिड़काव एवं पशुओं में जू-कॉलनीनाशक दवा का छिड़काव की सलाह पशुपालकों को दी गई है, ताकि इस रोग पर नियंत्रण रखा जा सके।

फिर खुशियों का होगा साथ, जब टीका होगा हर हाथ : अशवन्त तुषार

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महासमुंद। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर से बचाव एवं रोकथाम के लिए लोगों को कोविड-19 से सुरक्षा का टीका लगाने जागरूक करने अछोला में जागरूकता रैली निकाली गई। उच्च माध्यमिक विद्यालय अछोला के प्रभारी साहू के नेतृत्व में कोविड-19 टीकाकरण को सफल बनाने जागरुकता महाअभियान रैली का आयोजन विद्यालय के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के द्वारा किया गया।


इस अवसर पर किसान नेता अशवन्त तुषार साहू ने सभी लोगो से टीका लगाने के लिए अपील करते हुए कहा कि कोरोना से मुक्ति के लिए टीका जरुरी है और हमें देश को कोरोना महामारी से मुक्त बनाने के लिए हर पात्र व्यक्ति को टीका अवश्य लगवाना चाहिए। इस जागरूकता महाअभियान को सफल बनाने एवं नागरिको में जागरुकता लाने के लिए विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र/छात्राओं के द्वारा बड़े उत्साह से टीकाकरण से संबंधित पोस्टर
, नारे एवं स्लोगन बनाये गए थे।

जागरूकता रैली विद्यालय प्रांगण से प्रारंभ हुई और विद्यालय के प्राचार्य थानुराम साहू , शिक्षकों, छात्र,छात्राओं द्वारा उत्साहपूर्वक जन-जन का यही नारा, टीके से कोरोना मुक्त भारत हमारा। हम सबको टीका लगाना है, कोरोना को जड़ से मिटाना है। चलो सब चलकर टीका लगवाए, देश के प्रति फर्ज निभाए। कोरोना को अगर चाहते है हराना, तो वैक्सीन जरुर लगवाना।

महासमुंद: कलेक्टर ने पात्र लोगों से पहली,दूसरी और बूस्टर डोज़ लगाने अपील

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महासमुंद। पूरे महासमुंद ज़िले में वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लोगों के बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा और बचाव के लिए कल गुरुवार 18 तारीख़ को कोविड टीकाकरण महाअभियान के तहत एक लाख पात्र लोगों को कोविड की पहलीदूसरी और बूस्टर डोज़ लगायी जायेंगी। कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने मंगलवार समय सीमा की बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों सभी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ज़िला स्वास्थ्य विभाग लिए ख़ास तैयारियाँ की गयी है।


जिले में 393 सेशन बनाए गए इतनी ही टीम रहेंगी तैनात

महाअभियान के तहत जिले में 393 सेशन बनाए गए है। जिसमें 393 टीम कार्यरत होगी, जो कोविड टीकाकरण से छुटे हुए लोगो को टीकाकृत करेंगे। इस महा अभियान में एक लाख से अधिक लोगो को टीकाकृत किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.आर.बंजारे ने जानकारी दी कि जिले में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। कोविशील्ड, कोवैक्सीन और कॉर्बोवेक्स वैक्सीन की 1,50,000/ लाख वैक्सीन डोज़ उपलब्ध है। इनमें की कोविशील्ड की 100000 डोज, कोवैक्सीन की 40000 और कॉर्बोवेक्स की 10000 डोज है।

डेढ़ लाख कोविड डोज़ उपलब्ध, 30 अगस्त नि:शुल्क लगेंगी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बंजारे ने जिले की जनता से अपील की गई कि, 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्ति अधिक से अधिक नि:शुल्क प्रिकॉशन डोज जो आगामी 30 अगस्त तक ही शासन द्वारा प्रदाय की गई है, का लाभ लेकर कोविड 19 से प्रतिरक्षित करते हुए निकट करीबी व्यक्तियों को भी टीकाकरण हेतु प्रेरित कर अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान देने कहा है।

इस टीकाकरण महाअभियान में सभी ज़िला स्तरीय अधिकारियों, स्वास्थ्य अमला, मितानिन, और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियोजनता और ग्रामीणों सहित पुलिस प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा। जिले के समस्त हितग्राहियों को शत-प्रतिशत टीकाकृत (प्रथम, द्वितीय एवं प्रकॉशन डोज) किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिन एक लाख से अधिक लोगों को टीकाकृत किया जाना है। जिसके लिए कोविड टीकाकरण महा-अभियान को सफल बनाने के लिए दायित्व निर्धारित किया गया है।

इनमें पुलिस विभाग को प्रत्येक चौक चौराहों व पेट्रोलिंग के दौरान मेगा फोन के माध्यम से टीकाकरण महाअभियान के जानकारी पहुंचाने, पंचायत विभाग को समस्त सरपंच, सचिव, रोजगार सहायकों के माध्यम से लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए जागरूक करने, टीकाकरण सत्र स्थल पर सभी लोगों को एकत्रित तथा आवश्यकतानुसार वाहन व्यवस्था सुनिश्चित करने। राजस्व विभाग को महाअभियान के 2 दिवस पूर्व कोटवार के माध्यम से सुबह-शाम मुनादी सुनिश्चित कराने, टीकाकरण सत्र स्थल के निरीक्षण के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाने

महिला एवं बाल विकास विभाग को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं कर्मचारियों के माध्यम से घर-घर पहुंचकर हितग्राहियों को टीकाकरण स्थल तक पहुंचाने एवं आगनबाड़ी में उपस्थित होने वाले माताओं के माध्यम से उनके परिवार वालों को टीकाकृत के लिए प्रोत्साहित करने संबंधी दायित्व सौंपा गया है। इसी प्रकार स्कूल विभाग को टीकाकरण महाअभियान से पहले प्रत्येक स्कूल के माध्यम से प्रीकॉशन डोज के लिए जागरूकता रैली का आयोजन करने एवं विद्यार्थियों के माध्यम से परिवार के 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करने की सलाह देने,

तथा प्रत्येक सत्र स्थल पर निरीक्षण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था के लिए शिक्षक की ड्यूटी लगाने, वन विभाग को पंचायत स्तर पर बनी समितियों के साथ घर-घर पहुंचकर टीकाकरण जागरूकता अभियान तथा आवश्यकतानुसार टीकाकरण सत्र स्थल हेतु हितग्राहियों का मोबिलाईजेशन करने, खाद्य विभाग को पीडीएस व उचित मूल्य की दुकान पर आने वाले लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करनेमितानिन कार्यक्रम ब्लॉक समन्यक, मितानीन प्रशिक्षक व मितानिनों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को टीकाकरण सत्र स्थल तक पहुंचाने का कार्य

नगरीय निकाय के अधिकारियों को कर्मचारियों के माध्यम से कोविड टीकाकरण संबंधी जानकारी सभी वार्डों में पहुंचाने के लिए प्रचार-प्रसार करने, टीकाकरण सत्र हेतु स्थल की सुविधा सुनिश्चित करने, आदिम जाति कल्याण विभाग को हॉस्टल अधीक्षकों द्वारा हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं के माध्यम से उनके परिवारजनों को टीकाकरण कराने की सलाह देने, कृषि विभाग को मंडियों व समितियों के माध्यम से लोगों को कोविड टीकाकरण हेतु जागरूकता अभियान चलाने, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेहरू युवा केन्द्र, एनसीसी, स्काउट गाईड, रेडक्रास

एनजीओ को नुक्कड़ नाटक, रैली, सोशल मीडिया, घर-घर पहुंच जागरूकता अभियान, स्वयं सेवकों व युवा मंडलों के साथ जागरूकता संबंधी बैठक करनेएनआरएलएम., एसआरएलएम को महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से जागरूकता अभियान एवं टीकाकरण स्थल पर हितग्राहियों को एकत्रित करने तथा स्वास्थ्य विभाग को सभी सत्र स्थल पर वैक्सिन, टैक्सीनेटर वैरिफायर की व्यवस्था करने, समस्त आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने

समय से टीकाकरण प्रारंभ कराने एवं उनका सतत् मॉनिटरिंग, सभी हितग्राहियों का डाटा कोविड पोर्टल में अपडेट करने, किसी भी प्रकार के प्रतिकूल घटना के लिए चिकित्सा दल आवश्यक दवाईयों, एम्बुलेंस आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने का दायित्व सौंपा गया है। कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे कोविड टीकाकरण के लिए अन्य लोगों को भी प्रोत्साहित करते हुए टीकाकरण कराएं एवं टीकाकरण महा अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।

प्रदेश में बीते 10 दिनों में 16.25 लाख लोगों ने लगवाए प्रिकॉशन डोज

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रायपुर। प्रदेश में पिछले दस दिनों (15 से 24 जुलाई) में कोरोना से बचाव के लिए 16 लाख 25 हजार 792 लोगों ने प्रिकॉशन डोज लगवाया है। राज्य के 24 लाख 95 हजार 168 नागरिकों ने अब तक (24 जुलाई तक) प्रिकॉशन डोज लगवा लिया है। कोविड वैक्सीनेशन अमृत महोत्सव के अंतर्गत 15 जुलाई से प्रदेश भर में 18 वर्ष से 59 वर्ष के लोगों को भी सभी सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर निःशुल्क प्रिकॉशन डोज लगाया जा रहा है। पहले इन केंद्रों पर केवल स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष या इससे अधिक उम्र के व्यक्तियों को ही निःशुल्क प्रिकॉशन डोज लगाया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी पात्र लोगों से प्रिकॉशन डोज अवश्य लगवाने की अपील की है।



देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर 75 दिनों तक चलने वाले कोविड वैक्सीनेशन अमृत महोत्सव के तहत आगामी 30 सितम्बर तक 18 वर्ष से 59 वर्ष के लोगों को कोविड वैक्सीन का बूस्टर डोज लगाया जाएगा। प्रदेश में इस अभियान के अंतर्गत 18 साल से अधिक उम्र के एक करोड़ 70 लाख पात्र लोगों को निःशुल्क प्रिकॉशन डोज लगाने का लक्ष्य रखा गया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी शासकीय अस्पतालों के साथ-साथ चिन्हांकित स्थलों पर कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज़ निःशुल्क लगाई जा रही है।

कोरोना वैक्सीन के दूसरे टीके के 6 माह बाद लगवा सकते हैं बूस्टर डोज

कोरोना टीकाकरण के राज्य नोडल अधिकारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक विलास संदिपान भोसकर ने बताया कि अमृत महोत्सव के तहत प्रिकॉशन डोज की निःशुल्क सुविधा दी जा रही है। इसके लिए सभी जिलों को विशेष कार्ययोजना के संचालन के निर्देश दिए गए हैं। राज्य के सभी कोविड वैक्सीनेशन केंद्रों पर यह सुविधा दी जा रही है। ऐसे लोग जिन्हें कोविड वैक्सीन का दूसरा टीका लगाए छह माह या 26 सप्ताह पूर्ण हो चुके हैं, वे इन केन्द्रों पर जाकर निःशुल्क बूस्टर डोज लगवा सकते हैं। इसके लिए कोविन एप पर अपना पंजीयन करा सकते हैं। टीकाकरण संबंधी किसी भी तरह की जानकारी के लिए निःशुल्क टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में भी 18 वर्ष से अधिक के सभी लोगों को 15 जुलाई से निःशुल्क प्रिकॉशन डोज

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में भी कोरोना से बचाव के लिए 18 वर्ष से अधिक के सभी लोगों को 15 जुलाई से निःशुल्क प्रिकॉशन/बूस्टर डोज लगाया जाएगा। इस आयु वर्ग के ऐसे लोग जिन्हें कोविड वैक्सीन का दूसरा टीका लगाए 6 माह या 26 सप्ताह पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें सभी शासकीय कोविड टीकाकरण केन्द्रों पर पर प्रिकॉशन/बूस्टर डोज लगाया जाएगा। कोविड वैक्सीनेशन अमृत महोत्सव अभियान के अंतर्गत प्रदेश भर में करीब एक करोड़ 70 लाख लोगों को प्रिकॉशन/बूस्टर डोज लगाया जाएगा। इसके लिए सभी पात्र व्यक्ति 14 जुलाई से कोविन एप पर अपना पंजीयन करा सकते हैं।


कोरोना
टीकाकरण के राज्य नोडल अधिकारी एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक भोसकर विलास संदिपान ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए राज्य में 18 वर्ष से अधिक के सभी पात्र लोगों को निःशुल्क प्रिकॉशन/बूस्टर डोज लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी जिलों के टीकाकरण अधिकारियों का उन्मुखीकरण के साथ माइक्रोप्लानिंग कर टीकाकरण करने कहा गया है। प्रदेश के सभी शासकीय कोविड टीकाकरण केंद्रों पर 18 वर्ष से 59 वर्ष तक के लोगों को पहली और दूसरी खुराक की ही तरह प्रिकॉशन/बूस्टर डोज भी निःशुल्क लगाया जाएगा। भोसकर ने बताया कि इसके लिए प्रदेश में अभी पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध हैं। 

आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर यह विशेष टीकाकरण अभियान 15 जुलाई से 30 सितंबर 2022 तक 75 दिनों तक चलेगा। पहले और दूसरे डोज के रूप में जो टीका लगाया गया है, प्रिकॉशन/बूस्टर डोज के रूप में भी वही टीका लगाया जाएगा। राज्य में वर्तमान में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही प्रिकॉशन/बूस्टर डोज निःशुल्क लगाया जा रहा था। कोविड वैक्सीनेशन अमृत महोत्सव अभियान के अंतर्गत अब प्रदेश के करीब एक करोड़ 70 लाख लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। प्रदेश में अब तक आठ लाख 52 हजार 381 लोगों को प्रिकॉशन/बूस्टर डोज दी जा चुकी है।

प्रिकॉशन डोज के लिए अवधि घटी, अब दूसरे टीके के छह माह बाद लगेंगे प्रिकाशन डोज

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रायपुर. कोविड-19 से बचाव के लिए इसके टीके के दूसरे डोज और प्रिकॉशन डोज के बीच की अवधि घटाकर अब छह महीने कर दी गई है. अभी तक इसे नौ माह के अंतराल पर लगाया जा रहा था. केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नए निर्देशों के आधार पर राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला टीकाकरण अधिकारियों को इस संबंध में परिपत्र जारी कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने कोविड टीकाकरण में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों को सूचित करने तथा लोगों के बीच इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं.



राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. वी.आर. भगत ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों तथा जिला टीकाकरण अधिकारियों को भेजे परिपत्र में कहा है कि नेशनल टेक्नीकल एडवायजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (NTAGI) के स्टैंडिंग टेक्निकल सब-कमेटी (STSC) की अनुशंसा पर कोरोना से बचाव के टीके की दूसरी खुराक और प्रिकॉशन डोज के मध्य का अंतराल संशोधित कर नौ माह या 39 सप्ताह से अब छह माह या 26 सप्ताह कर दिया गया है. उन्होंने परिपत्र में कहा है कि 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के सभी लाभार्थियों को कोविड वैक्सीन के दूसरे डोज के छह माह या 26 सप्ताह पूर्ण होने पर निजी कोविड वैक्सीन सेंटर में प्रिकॉशन डोज लगाया जाएगा. 

स्वास्थ्य कर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 60 वर्ष से अधिक के नागरिकों को टीके की दूसरी खुराक के छह माह या 26 सप्ताह पूर्ण होने पर शासकीय कोविड वैक्सीन सेंटर में निःशुल्क प्रिकॉशन डोज लगाया जाएगा. इसके लिए कोविन में आवश्यक बदलाव कर दिया गया है. राज्य टीकाकरण अधिकारी ने कोविड टीकाकरण में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों को इस संबंध में सूचित करने तथा लोगों के बीच इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने कहा है। उन्होंने सभी पात्र लाभार्थियों को कोविड वैक्सीनेशन सेंटर तथा हर घर दस्तक 2.0 अभियान के दौरान घर पर प्रिकॉशन डोज की सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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