Media24Media.com: जीएसटी

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label जीएसटी. Show all posts
Showing posts with label जीएसटी. Show all posts

छत्तीसगढ़ बना जीएसटी संग्रह में अग्रणी राज्य, अप्रैल 2025 में 4,135 करोड़ का संग्रहण

No comments Document Thumbnail

 रायपुर : अप्रैल 2025 में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रहण में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। छत्तीसगढ़ ने 4,135 करोड़ का जीएसटी संग्रहण कर देश के शीर्ष 15 राज्यों की सूची में अपनी जगह बनाई है। जीएसटी संग्रहण के मामले में छत्तीसगढ़ ने केरल, पंजाब, बिहार और खनिज संसाधनों से भरपूर झारखंड जैसे राज्यों को भी पीछे छोड़ दिया है।


राज्य में इस आर्थिक प्रगति को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा व्यापार और उद्योग क्षेत्र में किए गए सशक्त सुधारों का प्रतिफल है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते 15 महीनों में राज्य सरकार ने ऐसे कई निर्णय लिए हैं, जिनसे निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिला है ।

सरकार द्वारा किए गए प्रमुख सुधारों में उद्योग एवं व्यापार नियमों का सरलीकरण,
गैर-जरूरी और बाधक कानूनों की समाप्ति,सभी जरूरी सेवाओं की ऑनलाइन उपलब्धता,पेट्रोल पंप खोलने के लिए लाइसेंस की बाध्यता को समाप्त करना और उद्योगों की स्थापना के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना शामिल है।

इन सभी पहल से राज्य में उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि हो रही है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाना हमारा लक्ष्य है। राज्य की आर्थिक स्थिति में यह वृद्धि जनता और उद्योग जगत के सहयोग से संभव हुई है।”

यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है और यह दिखाता है कि राज्य संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर अब एक सशक्त औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।

कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने वाले व्यवसायियों के प्रतिष्ठानों पर स्टेट जीएसटी की दबिश

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य कर निरीक्षकों को शासकीय कार्य के दौरान व्यवसायियों द्वारा धमकाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए इस पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए है। उल्लेखनीय है कि राज्य कर जीएसटी विभाग द्वारा बोगस फर्मों, संदिग्ध फर्मों की पहचान के लिए रिस्क पैरामीटर के आधार पर ऐसे फर्मों की पहचान कर भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है।

विभाग के निर्देश पर निरीक्षकों द्वारा रायपुर स्थित मेसर्स योगेश कमर्शियल, महेश कालोनी, गुढियारी के मुनीश कुमार शाह एव मेसर्स जगन्नाथ कन्स्ट्रक्शन, दलदल सिवनी के राहुल शर्मा के विरूद्ध अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर व्यवसाय के भौतिक सत्यापन हेतु राज्य कर निरीक्षक श्रीमती रितु सोनकर और होमेश वर्मा को निर्देशित किया गया था। आदेश के परिपालन में कर निरीक्षक भौतिक सत्यापन करने गये थे, लेकिन उक्त दोनों व्यवसायियों के द्वारा निरीक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए धमकी दिया गया जिससे व्यवसाय के भौतिक सत्यापन के शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री साय के द्वारा व्यवसायियों के इस कृत्य को गंभीरता से लिया गया।

मुख्यमंत्री साय के निर्देशन में विभाग ने व्यवसायियों के संव्यवहारों की पड़ताल की तथा कर अपवंचन और जीएसटी अधिनियम के प्रावधानो का पालन नहीं करने पर आज विभाग ने दोनों फर्मों के प्रतिष्ठानों पर जांच जब्ती की कार्यवाही की। विभाग द्वारा शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने एवं अधिकारियों को धमकाने के लिए उक्त व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई।

‘मनपसंद‘ एप्प से ग्राहकों को मिलेगी मदिरा की उपलब्धता एवं ब्रांड की जानकारी

No comments Document Thumbnail

रायपुर। आबकारी विभाग की सचिव सुश्री आर शंगीता की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित जीएसटी भवन में आबकारी विभाग की बैठक में एण्ड्राईड मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन मनपसंद लॉन्च किया गया। इस मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से से ग्राहक न केवल मदिरा दुकानों में मदिरा की उपलब्धता के ब्राण्ड-लेबल, दुकान, कीमत अनुसार उपलब्ध सर्च ऑप्पन से ऑनलाईन जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।


मदिरा एवं मादक पदार्थाें के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश

इस एप्प के माध्यम से  ग्राहक मदिरा दुकान में अपनी पसंद का ब्राण्ड उपलब्ध न होने पर उसकी सुनिश्चित करने की जानकारी भी विभाग को दे सकेंगे। इस एप्लीकेशन से मदिरा दुकानों के संचालन एवं शिकायत पर की जानकारी भी विभाग को दी जा सकेगी। आबकारी विभाग ने यह एप्प एनआईसी के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसे गूगल प्ले स्टोर के माध्यम डाउनलोड किया जा सकता है। भविष्य में आई.ओ.एस. बेस्ड वर्जन भी शीघ्र आम जनता हेतु उपलब्ध कराया जावेगा।

इस मोबाइल एप्प की लॉन्चिंग के साथ ही आबकारी सचिव ने विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर समस्त उड़नदस्ता, जिला एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन के कार्य एवं गतिविधियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने शासन द्वारा निर्धारित राजस्व लक्ष्य की जिलेवार प्राप्ति की स्थिति की समीक्षा की और वित्तीय वर्ष के शेष माह में राजस्व लक्ष्य को हासिल करने के लिए कार्य-योजना तैयार कर उसी के अनुरूप कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने राज्य में अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर कठोर कार्यवाही करने तथा उपभोक्ताओं की मांग अनुरूप मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

आबकारी सचिव ने मदिरा दुकानों में निर्धारित दर से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय न हो एवं मदिरा में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो, यह सुनिश्चित करने के भी कड़े निर्देश दिये। सी.एस.एम.सी.एल. द्वारा संचालित मदिरा दुकानों में ग्राहकों की मांग अनुरूप उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को मदिरा की बिक्री से प्राप्त राशि निर्धारित समयावधि में बैंक खाते में जमा कराने तथा इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध त्वरित कार्यवाही के निर्देश भी दिये गये। विभाग में पेंशन एवं अनुकम्पा के प्रकरणों में संवेदशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही के निर्देश भी दिये गये। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्याम लाल धावडे, विशेष सचिव (आबकारी) देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

 

जीएसटी कंपनसेशन सेस पुनर्गठन के लिए गठित मंत्रियों के समूह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी शामिल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। जीएसटी के तहत कंपनसेशन सेस के पुनर्गठन के लिए मंत्रियों के समूह का गठन किया गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में गठित इस समूह में छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को सदस्य नामित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि जीएसटी काउंसिल की 54 वीं बैठक में कंपनसेशन सेस को समाप्त कर एक नया कर ढांचा तैयार करने पर जोर दिया गया था। इसी तारतम्य में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स का गठन किया गया है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अगुवाई में गठित इस कमेटी में ओपी चौधरी के अलावा असम की वित्त मंत्री स्मिता नेग, गुजरात के वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा, मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और तमिलनाडु के वित्त मंत्री थांगम थिन्नारसु सदस्य बनाए गए हैं।

यह समूह कंपनसेशन सेस को समाप्त करने के बाद प्रभावी और समग्र कर प्रणाली विकसित करने के लिए विभिन्न कर प्रस्तावों पर विचार करेगा। परिषद ने इस बात पर जोर दिया था कि नया कर ढांचा न केवल राज्यों की वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करेगा, बल्कि आर्थिक वृद्धि को भी बढ़ावा देगा। कंपनसेशन सेस के माध्यम से राज्यों को मिलने वाले वित्तीय संसाधनों का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि इससे कई विकास परियोजनाओं को मदद मिलती है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का ऐलान, कैंसर की दवाओं पर 7 प्रतिशत घटा जीएसटी

No comments Document Thumbnail

 GST Council: जीएसटी काउंसिल की 54वीं बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को एक बड़ा फैसला लिया है। इसमें उन्होंने कैंसर (Cancer) दवाओं पर जीएसटी घटाने का फैसला लिया है। इसमें कैंसर दवाओं पर 12 फीसदी की बजाय 5 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा। इसके अलावा जीएसटी काउंसिल ने हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम भुगतान पर लगने वाले जीएसटी को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। वहीं दूसरी ओर धार्मिक यात्राओं के लिए हेलीकॉप्टर सर्विस (Helicopter Service) का इस्तेमाल करने पर अब 18 फीसदी की बजाय सिर्फ 5 फीसदी जीएसटी ही देना पड़ेगा।


इंश्योरेंस के जीएसटी पर हुआ मंथन
वित्त मंत्री सीतारमण की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) और लाइफ इंश्योरेंस (Life Insurance) के प्रीमियम भुगतान पर लगने वाले जीएसटी को घटाने पर चर्चा हुई। इसके बाद इस मुद्दे को ज्यादा अध्ययन के लिए ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GOM) के पास भेज दिया गया है। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स को अक्टूबर, 2024 तक अपनी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। वहीं, इस मसले पर नवंबर, 2024 में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में चर्चा की जाएगी।

धार्मिक यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सर्विस पर 13 प्रतिशत घटाया जीएसटी
वहीं इस बैठक में धार्मिक यात्रा करने वालों को भी राहत दी गई है। धार्मिक यात्रा करने के लिए हेलीकॉप्टर सर्विस का इस्तेमाल करने पर अब 18 फीसदी की जगह केवल 5 फीसदी जीएसटी ही देना होगा। उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने यह जानकारी एक निजी मीडिया एजेंसी को दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने हमारी मांग को स्वीकार लिया है। प्रेमचंद अग्रवाल ने आगे बताया कि सुविधा सिर्फ शेयरिंग हेलीकॉप्टर सर्विस लेने वालों को ही मिलेगी।

ई-वे बिल के प्रावधान में छूट समाप्त करने से ईमानदारी से टैक्स जमा करने वाले व्यापारियों को होगा फायदा

No comments Document Thumbnail

रायपुर। वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग द्वारा कर अपवंचन पर निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुये राज्य में ई-वे बिल के प्रावधानों में दी गई छूट को समाप्त कर दिया गया है। इसके लिए सरकार ने 24 मई को ही अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य में व्यवसायियों के लिए अब 50 हज़ार रूपए से अधिक के गुड्स का परिवहन करने पर ई-वे बिल जेनरेट करना आवश्यक होगा। अभी तक राज्य में एक जिले के भीतर माल के परिवहन करने पर ई-वे बिल जारी करना आवश्यक नहीं था, साथ ही 15 वस्तुओं को छोड़ कर राज्य के भीतर किसी भी वस्तु के परिवहन पर ई-वे बिल कि आवश्यकता नहीं थी।


वर्ष 2018 में ई-वे बिल के प्रावधानों से छूट इसलिए दी गई थी क्योंकि ये प्रावधान नए थे और व्यवसायियों/ट्रांसपोर्टर्स को इन प्रावधानों से अच्छी तरह परिचित होने के लिए समय दिया जाना जरूरी था। देश भर में ई-वे बिल के प्रावधान लागू हुये अब 6 साल का समय हो गया है और सभी इससे अच्छी तरह परिचित भी हो चुके हैं, यहाँ यह बात उल्लेखनीय है कि एक दो राज्यों को छोडकर देश के अधिकांश राज्यों में राज्य के भीतर माल के परिवहन पर ई-वे बिल अनिवार्य है। केंद्रीय कर विभाग द्वारा भी ई-वे बिल से छूट को खत्म करने पर सहमति दी गई है।

ई-वे बिल जारी करने में दिये गए छूट का सबसे अधिक दुरुपयोग सर्क्युलर ट्रेडिंग करने वाले और बोगस बिल जारी करने वालों ने किया है, इसलिए इस छूट को समाप्त किए जाने का सबसे अधिक लाभ उन व्यवसायियों को होगा जो ईमानदारी से अपना कर जमा करते हैं परंतु सर्क्युलर ट्रेडिंग या बोगस बिल जारी करने वालों के कारण उन्हें आइ.टी.सी. का लाभ नहीं मिल पाता है। ई-वे बिल के प्रावधान लागू होने से सर्क्युलर ट्रेडिंग और बोगस बिलिंग रोकने में विभाग को मदद मिलेगी।

ई-वे बिल के प्रावधानों में दी गई छूट को समाप्त किए जाने से राज्य में कर अनुपालन के वातावरण में सकारात्मक प्रभाव होगा। इससे बोगस बिल जारी करने, कच्चा बिल जारी करके कर अपवंचन करने की प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा।

 


उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव जीएसटी परिषद की बैठक में हुए शामिल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव आज केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन की अध्यक्षता में आयोजित जीएसटी परिषद की ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए। जीएसटी परिषद की 51वीं बैठक में जीएसटी से संबंधित अधिसूचनाओं और परिपत्रों के अनुसमर्थन तथा जीएसटी कार्यान्वयन समिति के निर्णय पर चर्चा की गई।

साथ ही सीजीएसटी अधिनियम-2017, आईजीएसटी अधिनियम-2017 एवं सीजीएसटी नियम-2017 में संशोधन करने और कैसिनो, ऑनलाइन गेमिंग तथा घुड़दौड़ से संबंधित अधिसूचनाएं जारी करने व संशोधन के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। सिंहदेव ने बैठक में इन दोनों बिंदुओं पर अपने सुझाव रखे। वाणिज्यिक कर विभाग के आयुक्त रितेश अग्रवाल भी बैठक में रायपुर से ऑनलाइन शामिल हुए।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री से की जल्द जनगणना कराने की मांग

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। इस दौरान बघेल ने जनगणना जल्द कराने, जीएसटी क्षतिपूर्ति, कोल रॉयल्टी सहित विभिन्न लंबित मांगों पर प्रधानमंत्री से चर्चा की। मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने सीएम हाउस में आयोजित होली महोत्सव का जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने होली पर फाग गाते हुए देखा आपको।
                   

मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राजकीय पशु वनभैंसे का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से जल्द जनगणना कराए जाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि 2011 के बाद जनगणना नहीं होने से हितग्राहियों के चयन में दिक्कत आ रही है। कई पात्र हितग्राही योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने पूर्व में प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था।

मुलाकात में मुख्यमंत्री बघेल ने जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा भी प्रधानमंत्री के सामने रखा। उन्होंने कहा कि उत्पादक राज्य होने की वजह से छत्तीसगढ़ को वाणिज्यिक कर राजस्व में कमी का सामना करना पड़ रहा है। जून 2022 से अब तक जीएसटी क्षतिपूर्ति की 1375 करोड़ की राशि केन्द्र सरकार के पास लंबित है, जिसे शीघ्र प्रदान किया जाए।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कोल ब्लॉकों से एडिशनल लेवी के रूप में प्राप्त रॉयल्टी की 4170 करोड़ की राशि का भी शीघ्र भुगतान का प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री से नवा रायपुर से दुर्ग के लिए शुरू किए जाने वाले लाइट मेट्रो सर्विस के लिए प्रधानमंत्री से सहयोग भी मांगा है।

मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि सितंबर माह में जी-20 के चौथे स्थायी वित्त कार्य समूह की बैठक छत्तीसगढ़ में होने वाली है। इसकी तैयारी को लेकर प्रधानमंत्री से चर्चा की गयी। उन्होंने बताया कि बैठक को लेकर प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ है। बघेल ने बताया कि मैंने जी-20 के अतिथियों के लिए विश्व स्तर की व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री को आश्वस्त किया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली मुलाक़ात में मिलेट मिशन पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने रायपुर में मिलेट कैफे शुरू किए जाने का सुझाव दिया गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि इस पर अमल करते हुये रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों में मिलेट कैफे की शुरुआत की गयी है।

वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने जीएसटी संग्रहण के लंबित मामलों पर त्वरित कार्यवाही के दिए निर्देश

No comments Document Thumbnail

रायपुर। वाणिज्यिक कर मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज सिविल लाइन स्थित वाणिज्यिक कर कार्यालय में विभागीय काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेश में जीएसटी संग्रहण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष जताया और कहा कि इस साल भी हम कर संग्रहण का लक्ष्य पूर्ण करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर संग्रहण से राज्य का विकास जुड़ा हुआ है। अत: लक्ष्य के अनुरूप जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार इसका संग्रहण करें।

वाणिज्यिक कर मंत्री सिंहदेव ने बैठक में जीएसटी संग्रहण के लंबित मामलों पर अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने जीएसटी जमा नहीं करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा। सिंहदेव ने बैठक में रिटर्न फाइलिंग, लंबित करों की वसूली, सेक्टरवाइज राजस्व वसूली, जीएसटी अधिनियम के तहत कर निर्धारण और विलंब के प्रकरणों में ब्याज वसूली की कार्यवाही तथा ऑडिट की प्रगति की भी समीक्षा की। वाणिज्यिक कर विभाग के विशेष सचिव हिमशिखर गुप्ता, आयुक्त भीम सिंह और विशेष आयुक्त टी.एल. ध्रुव भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।

वाणिज्यिक कर विभाग के आयुक्त भीम सिंह ने बैठक में बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में 18 हजार 500 करोड़ रूपए कर संग्रहण का संशोधित लक्ष्य रखा गया है। चालू वित्तीय वर्ष में दिसम्बर-2022 तक 12 हजार 580 करोड़ रूपए का कर संग्रहण किया जा चुका है जो कि कुल लक्ष्य का 68 प्रतिशत है। यह पिछले वर्ष राज्य को इसी अवधि में मिले राजस्व से करीब 25 प्रतिशत ज्यादा है। इस वर्ष 26 प्रतिशत अधिक जीएसटी और 22 प्रतिशत अधिक वेट (VAT) मिला है। इस साल अब तक 8241 करोड़ रूपए जीएसटी के रूप में और 4339 करोड़ रूपए वेट के रूप में प्राप्त हुए हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 15 हजार करोड़ रूपए के कर संग्रहण के लक्ष्य के विरूद्ध अप्रैल-2021 से दिसम्बर-2021 के बीच दस हजार 092 करोड़ रूपए का कर संग्रह हुआ था।   

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस साल पिछले वर्ष की तुलना में डीजल की खपत में दो लाख 30 हजार किलोलीटर और पेट्रोल की खपत में 53 हजार किलोलीटर की बढ़ोतरी हुई है। तदनुरूप इनसे मिलने वाले टैक्स में भी 791 करोड़ 14 लाख रूपए की वृद्धि हुई है। अप्रैल-2021 से दिसम्बर-2021 के बीच पेट्रोल और डीजल की बिक्री से प्रदेश को 3546 करोड़ 90 लाख रूपए का राजस्व मिला था जो इस वर्ष बढ़कर 4338 करोड़ चार लाख रूपए हो गया है। समीक्षा बैठक में वाणिज्यिक कर विभाग के अपर आयुक्त टी.आर. धुरवे, एच.एल. हिड़को और श्रीमती नीलिमा तिग्गा सहित सभी डिवीजन और सर्किल के अधिकारी मौजूद थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनपीएस की राशि, जीएसटी क्षतिपूर्ति की मांग दोहराई

No comments Document Thumbnail

रायपुर। बजट पूर्व बैठक में एक बार फिर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एनपीएस की राशि की वापसी, जीएसटी क्षतिपूर्ति की भरपाई, कोल रॉयल्टी की राशि की मांग सहित राज्यहित के विभिन्न मुद्दे केंद्रीय वित्त मंत्री के सामने रखे। दिल्ली के मानेक शॉ सेन्टर में आयोजित बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्तमंत्री सुश्री निर्मला सीतारमण के साथ ही अन्य राज्यों के वित्तमंत्री भी उपस्थित रहे। इस मौके पर मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आम बजट 2023-24 को लेकर कई प्रस्ताव एवं सुझाव दिये।



छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य शासन के कर्मचारियों एवं उनके परिवार के  सुरक्षित भविष्य के लिए हमने पुरानी पेंशन योजना लागू की है। एनएसडीएल के पास 31 मार्च तक जमा 17240 करोड़ की राशि वापस की जाये ताकि कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि में डाली जा सके। बघेल ने बताया कि राज्य शासन का अंश पृथक पेंशन निधि में जमा रखा जाएगा, जिसका उपयोग भविष्य में पेंशनरी दायित्वों को पूरा करने के लिए किया जायेगा। इसके साथ ही इसका निवेश भारत सरकार व राज्य सरकार की प्रतिभूतियों में किया जाएगा।

बैठक में जीएसटी क्षतिपूर्ति की 1875 करोड़ की राशि की मांग करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा हमने जीएसटी क्षतिपूर्ति अनुदान की व्यवस्था को जून 2022 के बाद आगामी पाँच वर्षों के लिए जारी रखने का अनुरोध किया था, लेकिन इसमें वृद्धि नहीं की गयी। इसके साथ ही उन्होंने कोल रॉयल्टी की 4140 करोड़ की राशि राज्य को जल्द ट्रांसफर करने का आग्रह किया। वहीं, उन्होने केंद्रीय सुरक्षा बलों पर व्यय 1288 करोड़ की राशि तथा राज्य में तैनात 4 विशेष एवं भारत रक्षित वाहिनियों पर राज्य सरकार द्वारा किए व्यय 313 करोड़ जल्द देने का आग्रह किया। 

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी एवं रागी (मिलेट्स) की खेती प्रमुखता से की जाती है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी वर्ष 2023 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेटघोषित किया गया है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि मिलेट्स फसलों को बढ़ावा देने के लिए कोदो एवं कुटकी फसल की न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाये। इसके साथ ही बैठक में मुख्यमंत्री ने सी-मार्ट की तर्ज पर विपणन केन्द्रों की स्थापना की मांग की ताकि कृषि, हस्तशिल्प, लघु वनोपज उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने इसके अलावा मुख्य खनिजों की रॉयल्टी दरों में संशोधन, बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों को प्रोत्साहन अनुदान, विशेष सहायता योजना को जारी रखने सहित रायपुर में इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल शुरू करने, केंद्रीय योजनाओं में केंद्रांश बढ़ाने संबंधी सुझाव भी बैठक में दिये।

धान, बारदाने की आवश्यकता पर भी हुई चर्चा 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022-23 में केंद्रीय पूल में 57 लाख मीट्रिक टन अरवा व 4 लाख मीट्रिक टन उसना चावल का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से 14 लाख मीट्रिक टन उसना चावल का लक्ष्य निर्धारित करने का अनुरोध किया। इसके साथ उन्होंने नए जूट बारदाने की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग भी की।

​​​​​​​राज्य में पूर्ण शराबबंदी की तैयारी के लिए अन्य राज्यों का भ्रमण कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी

No comments Document Thumbnail

रायपुर। राज्य में पूर्ण शराब बंदी लागू किये जाने के संबंध में अनुशंसा हेतु राज्य के प्रमुख राजनैतिक दलों के विधायकों की राजनैतिक समिति की तृतीय बैठक आज नया रायपुर के वाणिज्य कर एवं जीएसटी भवन के आबकारी आयुक्त कार्यालय में विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के अध्यक्ष विधायक शर्मा ने बताया कि राजनैतिक समिति में सदस्य के रूप में शामिल करने के लिए भारतीय जनता पार्टी तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) से 2-2 नाम मांगे गए थे। किंतु इन दोनों पार्टियों द्वारा विधायकों के नाम देने से इंकार किये जाने के संबंध में प्राप्त पत्र की जानकारी सदस्यों को दी।



अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि पूर्ण शराबबंदी के लिए किए जाने वाले आवश्यक तैयारी के अध्ययन के लिए दल का गठन किया जाएगा। अध्ययन दल द्वारा अन्य राज्यों जहां वर्तमान में पूर्ण शराब बंदी लागू है, ऐसे राज्य जहां पूर्ण शराब बंदी लागू थी, किन्तु बाद में शराब का विक्रय पुनः प्रारंभ किया गया तथा देश के एक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य राज्य का अध्ययन भ्रमण कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसके लिए संबंधित राज्यों को अवगत कराते हुए अनुमति ली जाएगी। अनुमति मिलने पर अध्ययन भ्रमण के लिए कार्यक्रम बनाया जाएगा।

बैठक में सदस्यों द्वारा राज्य में अवैध मदिरा विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण किये जाने हेतु सुझाव दिया गया साथ ही अवैध मदिरा की जप्ती पर बनाये जाने वाले पंचनामे पर संबंधित ग्राम के सरपंच, ग्राम पटेल, कोतवाल तथा समाज प्रमुख/प्रबुद्ध नागरिकों को पंचनामे में उनका हस्ताक्षर अनिवार्य किये जाने का सुझाव दिया गया। बैठक में सदस्यों द्वारा मदिरा दुकानों में सी. सी. टी. व्ही. कैमरा सतत् रूप से चालू रखने, शराब के अलावा अन्य वैकल्पिक नशों पर प्रभावी नियंत्रण किये जाने, विभागीय टोल फ्री नंबर 14405 पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किये जाने संबंधी इत्यादि सुझाव दिये गये।

आबकारी सचिव निरंजन दास ने पूर्व बैठकों के कार्यवाही विवरण एवं पालन प्रतिवेदन से अवगत कराया। बैठक में समिति के सदस्य संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि सिंह, शिशुपाल सोरी, कुंवर सिंह निषाद, विधायक  केशव चंद्रा, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, श्रीमती संगीता सिन्हा, द्वारकाधीश यादव धनेश्वर साहू , पुरुषोत्तम कवर आबकारी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.