Media24Media.com: चिंतन शिविर

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सुशासन की नई परिभाषा गढ़ता चिंतन शिविर 2.0: तकनीक और नवाचार से गुड गवर्नेंस की राह

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रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के कामकाज को और अधिक प्रभावी एवं जन-हितैषी बनाने के उद्देश्य से भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर में चिंतन शिविर 2.0 का आयोजन किया गया। इस शिविर में केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के नवाचारों और सुशासन की आधुनिक तकनीकों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके मंत्रीमंडल के सहयोगियों ने विषय विशेषज्ञों के साथ सुशासन के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए। चिंतन शिविर के अंतिम दिन प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने "आर्ट ऑफ गुड गवर्नेंस" विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, राज्य की क्षमताओं में वृद्धि करने, अनावश्यक नियमों को हटाने तथा सरकारी एजेंसियों के पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सरकारें अपने नीति-निर्धारण और कार्यान्वयन की गुणवत्ता को कैसे अधिक प्रभावी बना सकती हैं।

डिजिटल हेल्थ विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने डिजिटल स्वास्थ्य तकनीकें और सुशासन के सम्बन्ध में बताया कि डिजिटल हेल्थ टेक्नोलॉजीज दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में भी गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने में सक्षम हैं। उन्होंने ई-हेल्थ रिकॉर्ड्स, टेलीमेडिसिन, मोबाइल हेल्थ ऐप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य तकनीक से न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सशक्त होती हैं, बल्कि शासन के प्रति आम जनता का भरोसा भी बढ़ता है।

राजनीतिक विश्लेषक और लेखक उदय माहुरकर ने "गुड गवर्नेंस टू इलेक्शन" विषय पर भारतीय लोकतंत्र के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, राजनीतिक आचरण की गुणवत्ता, प्रशासनिक जवाबदेही और नीतियों के जन-हितैषी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि सशक्त और पारदर्शी शासन प्रणाली लोकतंत्र में जनता का विश्वास बढ़ाती है और चुनावी प्रक्रिया को भी प्रभावित करती है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सुशासन को मजबूत करने, चुनावों में पारदर्शिता लाने और प्रशासन में नैतिक मूल्यों की स्थापना के उपायों पर भी प्रकाश डाला।इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत तथा भारतीय प्रबंध संस्थान के निदेशक राम काकानी भी उपस्थित थे।

चिंतन शिविर का दूसरा दिन, मुख्यमंत्री साय ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ किया योगाभ्यास

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 रायपुर।  राजधानी रायपुर के भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM Raipur) में आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन शनिवार सुबह मुख्यमंत्री  साय ने अपने कैबिनेट के सहयोगियों के साथ योगाभ्यास किया.





बता दें कि देश में विषय विशेषज्ञों के साथ बौद्धिक विमर्श और चिंतन शिविर गुजरात में आयोजित किया गया था। इसके बाद देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी राज्य का पूरा मंत्रिमंडल प्रदेश को संवारने एवं विकास को नया आयाम देने अपने क्षेत्र के माने हुए आईआईएम के विषय विशेषज्ञों से संवाद कर रहा है।


विकसित भारत का संकल्प पूरा करने में होगी छत्तीसगढ़ की अहम भागीदारी - विष्णु देव साय

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रायपुर। आज नया रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल का दो दिवसीय चिंतन शिविर प्रारंभ हुआ। चिंतन शिविर के पहले दिन देश के जाने-माने प्रबंधन विशेषज्ञों ने मंत्रिमंडल के सदस्यों से परिचर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी इस चिंतन शिविर में शामिल हुए।

कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए साय ने कहा कि - विकसित भारत के संकल्प में प्रदेश की सहभागिता और विकसित छत्तीसगढ़ के लिए हमारा चिंतन जारी है। चिंतन शिविर में नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम जी और देश के जाने-माने प्रबंधन विशेषज्ञों के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लिए आगामी दस वर्षों के विजन, स्वास्थ्य एवं अधोसरंचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य, प्राकृतिक संसाधनों के कुशल उपयोग, खनन क्षेत्रों में सुधार, प्रगतिशील अर्थव्यवस्था के लिए कुशल लोक वित्त प्रबंधन, टीम प्रबंधन के लिए अनुभवी व्यक्ति का चयन व उसके अनुभवात्मक गतिविधि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत और सार्थक परिचर्चा हुई। छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने और द्रुत गति से विकास के लिए हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है, ये कार्य विकसित भारत के लक्ष्य प्राप्ति तक जारी रहेगा।

विष्णु देव साय ने आयोजन के लिए आईआईएम रायपुर को धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की भी इच्छा थी कि इस तरह का चिंतन शिविर मंत्रिमंडल के सदस्यों का हो और इसका आयोजन यहां पर हुआ है। इसमें दो दिन में कुल दस से बारह सत्र होंगे और सभी सत्र में अलग-अलग विषयों पर व्याख्यान देने के लिए देश के विद्वानजन यहां पर आ रहे हैं। आईआईएम अहमदाबाद और धनबाद सहित कई जगह से विद्वानजन यहाँ आये हैं एवं विभिन्न विषयों पर उनका व्याख्यान हो रहा है। हमारे प्रधानमंत्री जी का 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प है, निश्चित रूप से उसमें छत्तीसगढ़ का भी सहयोग रहने वाला है। हम लोग विकसित छत्तीसगढ़ बनाएंगे। 

छत्तीसगढ़ में सुशासन स्थापित करने के लिए और विकास की दृष्टि से छत्तीसगढ़ को बहुत आगे बढ़ाने के लिए यह दो दिवसीय चिंतन शिविर एक मील का पत्थर साबित होगा, ऐसा मेरा पूरा विश्वास है। चिंतन शिविर में उपमुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा मौजूद रहे।



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