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लुण्ड्रा को मिला 10 करोड़ का विद्युत विस्तार

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रायपुर। लुण्ड्रा विकासखंड के ग्रामीणों को लंबे समय से झेल रही लो वोल्टेज और बिजली आपूर्ति की समस्याओं से अब बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधायक प्रबोध मिंज की मांग पर क्षेत्र में विद्युत विस्तार कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के बाद लुण्ड्रा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ होगी तथा उपभोक्ताओं को स्थायी समाधान मिलेगा।

स्वीकृति के अनुसार ककनी में 10 किलोमीटर 33 केवी लाइन और 9 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार किया जाएगा। इसी तरह तुरियाबीरा में 10 किलोमीटर 33 केवी और 7 किलोमीटर 11 केवी लाइन बिछाई जाएगी। कुंवरपुर पंचायत में भी 1 किलोमीटर 33 केवी तथा 21 किलोमीटर 11 केवी लाइन का विस्तार होगा।

विधायक प्रबोध मिंज ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी झेल रहे थे। जनता की समस्याओं को दूर करना उनकी पहली प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे।

ग्रामीणों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए विधायक मिंज का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब उनके गांवों में गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।


सरकार के कार्यों से प्रदेश में आ रही है खुशहाली : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। सुशासन तिहार अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिला प्रवास के दौरान विश्राम गृह में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार में 8 अप्रैल से लेकर  11 अप्रैल तक प्रदेश की जनता अपनी समस्याएं औऱ मांगें रखीं। अधिकारियों ने ज्यादातर समस्याओं का समाधान कर लिया है। इस दौरान हमने भी मंत्रियों और अधिकारियों के साथ गांव गांव पहुंचकर और ग्रामीणों की समस्याएं सुनी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले 2 साल का बकाया बोनस दिया है, इससे किसानों को काफी लाभ हुआ। प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा के लिए जो कार्य कर रही है, उससे प्रदेश में खुशहाली आ रही है और किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। साय ने आगे बताया कि 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस के अवसर पर सरकार ने अटल सेवा केंद्र शुभारंभ किया है, आने वाले दिनों में पूरे प्रदेश भर में विस्तार किया जाएगा। गांव में ही लेनदेन की सुविधाएं मिलने से अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा कृषि वैज्ञानिक के माध्यम से हमारे प्रदेश के किसानों के बीच में बातचीत करेंगे, उनको आधुनिक खेती के विषय में बताएंगे। उन्होंने बताया कि पंजीयन में दस नई क्रांति से पारदर्शिता आई है, नियद नेल्लानार योजना से बस्तर क्षेत्र के दूरस्थ अंचल में विकास की रौशनी पहुंची है। इस अवसर पर केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेंडी, पूर्व विधायक श्री सेवक राम नेताम, दीपेश अरोरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री बसवराजूऔर कोंडागांव के कलेक्टर, एस पी मौजूद थे।

कोरिया जिले में बाघ के मृत होने की सूचना पर वन विभाग सतर्क

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रायपुर। कोरिया जिले में एक बाघ की मौत की खबर ने वन विभाग को सतर्क कर दिया है। आज गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान के संचालक एवं वनमण्डलाधिकारी बैकुंठपुर ने इस सम्बंध में जानकारी दी है कि 8 नवम्बर 2024 को दोपहर एक बजे ग्रामीणों से परिसर रक्षक गरनई को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम कटवार के पास खनखोपड़ नाला के किनारे एक बाघ की मृत्यु हुई है।

घटना स्थल बीट गरनई, सर्किल रामगढ़, परिक्षेत्र सोनहत, कोरिया वनमण्डल के असीमांकित वनक्षेत्र के समीप है। संबंधित वनरक्षक के द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। तत्काल वन मण्डलाधिकारी कोरिया, संचालक गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान बैकुन्ठपुर, उप वनमण्डलाधिकारी उत्तर बैकुन्ठपुर, मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वन वृत्त अम्बिकापुर, वन संरक्षक (वन्यप्राणी) सरगुजा मौके पर पहुंचे। वन विभाग के कर्मचारियों की टीम के द्वारा घटना स्थल के आसपास डेढ़ से दो किलोमीटर परिधि में तलाशी की गई।

प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि बाघ का शव दो-तीन दिन पुराना था। 9 नवम्बर को वन विभाग, पुलिस, एनटीसीए प्रतिनिधि और ग्रामीणों की उपस्थिति में चार सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा बाघ का पोस्टमार्टम किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि बाघ के स्किन, नाखून, दाँत और अन्य सभी अंग सुरक्षित थे, किसी भी प्रकार का अंग-भंग नहीं हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद बाघ का दाह संस्कार कर दिया गया और उसके महत्वपूर्ण अंगों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए संरक्षित किया गया। इस मामले में गोमर्दा अभ्यारण्य के डॉग स्क्वायड और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच की गई। सम्पूर्ण कार्यवाही के दौरान अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) रायपुर उपस्थित रहे एवं समस्त वन अधिकारियों/कर्मचारियों को अपराधियों की पतासाजी करने एवं वाइल्ड लाइफ क्राइम की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बलौदाबाजार जिले में अब शांति का वातावरण

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रायपुर। बलौदाबाजार के कलेक्टोरेट और एसपी कार्यालय में बीते दिनों हुई आगजनी की घटना के बाद अब जिले में शांति का वातावरण है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी दीपक सोनी के मार्गदर्शन में जिला कार्यालयों में अब दैनिक व शासकीय कार्यों का संचालन सुचारू रूप से होने लगा है। जिले के ग्रामीणों द्वारा भी अब जिला कार्यालयों में आकर अपनी समस्याओं व शासकीय कार्यों के आवेदन जमा किए जा रहे हैं। कलेक्टर सोनी के निर्देश पर आज 11 हितग्राहियों को उनकी मांग पर तत्काल राशनकार्ड जारी कर किया गया। वहीं दो दिनों में लोकसेवा केन्द्रों के माध्यम से 389 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया है।

बालौदाबाजार जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने आज यहां बताया कि जिले में कलेक्टोरेट (कम्पोजिट बिल्डिंग) में आगजनी की घटना के बाद एक ओर जहां रेस्टोरेशन के कार्यों में तेजी लाई गई है, वहीं दूसरी ओर दूर दराज से कामकाज के सिलसिले में ग्रामीण आवेदन लेकर जिला कार्यालय पहुंच रहे है। कलेक्टर ने बताया कि आज खाद्य शाखा में बड़ी संख्या में आवदेक राशन संबधित कार्यों के सिलसिले में पहुंचे थे। जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 हितग्राहियों को नवीन राशन कार्ड एवं 8 हितग्राहियों को नवीनकरण राशन कार्ड प्रदान किया गया।

कलेक्टर सोनी ने इस दौरान ग्रामीणों का हालचाल पूछा और कामकाज के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीण कविता बाई ने महिला समूह से जुड़कर काम करने की इच्छा जताई जिस पर कलेक्टर सोनी ने कहा कि हम आने वाले दिनों में बिहान समूह का विस्तार करते हुए आजीविका गतिविधियों में तेजी लाएंगे और आपको समूह से जोड़कर आजीविका गतिविधियों से प्रशिक्षित भी करेंगे। 11 हितग्राहियों में विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम पिकरी से श्रीमती दुर्गेश्वरी यादव, छाछी से श्रीमती प्रीति साहू, सेल से श्रीमती गणेशी, बलौदाबाजार अंतर्गत भरसेला निवासी कुलेश्वरी, नगर से धनेश्वरी यादव, पूजा पटेल, कुंती यादव, लीलाबाई, आशा साय, रेशमा एवं मनीषा वर्मा, 8 नवीकरण राशन कार्ड हितग्राहियों में शहर बाई, प्रमिला बाई मानिकपुरी, कविता बाई, धरम बाई, शिवकुमारी, कौशल्या एवं प्रभा मानिकपुरी शामिल है। सभी ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।

इसी तरह ग्राम सुकलाभाठा एवं चिराही से पहुँचे कुमारी मीनाक्षी निषाद पिता शिव कुमार निषाद तथा वासु आज़ाद पिता रमेश आज़ाद आधार अपडेट हेतु लोक सेवा केन्द्र पहुंचे, जिस पर तत्काल उन्हें अपडेशन के साथ आधार कार्ड कलेक्टर द्वारा प्रदान किया गया। कलेक्टर ने लोगों से छोटे बच्चे जिनका आधार अपडेट 5 साल एवं 14 साल में होना है वह अपडेट अनिवार्य रूप नवीन आधार कार्ड अपग्रेड करने के लिए प्रेरित किया।

गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सोनी आज सुबह 10 बजे जिला कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नियमित कामकाज करते हुए अधिकारियों की मैराथन बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सोनी ने आमजनों से मुलाकात कर उनके आवेदनों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश संबधित अधिकारियों को दिए है।

 


किसानों और ग्रामीणों के सच्चे साथी बनेंगे दामिनी और मेघदूत

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रायपुर। किसानों और ग्रामीणों के दो सच्चे साथी अब हमेशा उनके साथ रहेंगे। एक उन्हें मौसम संबंधी जानकारी से लैस करेगा, तो दूसरा आकाशीय बिजली की कहर से बचाएगा। छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ ही खेती-किसानी का काम-काज शुरू हो जाता है। किसान भाई मौसम संबंधी सटीक जानकारी के लिए मेघदूत और आकाशीय बिजली से जनहानि और पशुहानि से बचाव के लिए दामिनी एप्प का सहारा ले सकते हैं।

भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने इन दोनों एप्प को लॉन्च किया है। इसे गूगल प्ले स्टोर के माध्यम से किसी भी एंड्राइड मोबाईल पर डाउनलोड किया जा सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा सभी कलेक्टरों को राजस्व विभाग और अन्य विभागों के मैदानी अमले के माध्यम से इन दोनों ही एप्प का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही गांवों में मुनादी करने के निर्देश दिए गए हैं।

खेती-किसानी के सीजन में किसानों के लिए मौसम की सटीक जानकारी आवश्यक होती है, इससे खेती-किसानी का काम-काज व्यवस्थित और सुचारू ढंग से करने में मदद मिलती है। मेघदूत एप्प के माध्यम से किसान भाई मौसम पूर्वानुमान जैसे तापमान, वर्षा की स्थिति, हवा की गति एवं दिशा इत्यादि की जानकारी मिलेगी, जिससे किसान अपने क्षेत्र की मौसम से संबंधित पूर्वानुमान की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

मानसून के दौरान ही आकाशीय बिजली की घटनाओं का सिलसिला शुरू हो जाता है, इसके कारण अधिक संख्या में जन एवं पशु हानि की सूचनाएं प्राप्त होती है। इन घटनाओं में कमी लाने और लोगों को सचेत करने के लिए दामिनी एप्प तैयार किया गया है। इस एप्प के माध्यम से 20 से 31 किलोमीटर के दायरे में आकाशीय बिजली का पूर्वानुमान मिल जाएगा। इससे पशुहानि और जनहानि को रोकने में मदद मिलेगी। 

ऐसे बनती है आकाशीय बिजली

जब ठंडी हवा संघनित होकर बादल बनती है तब इन बादलों के अंदर गर्म हवा की गति और नीचे ठंडी हवा के होने से बादलों में धनावेश (पॉजिटिव चार्ज) ऊपर की ओर एवं ऋणावेश (निगेटिव चार्ज) नीचे की ओर होता है। बादलों में इन विपरीत आवेशों की आपसी क्रिया से विद्युत आवेश उत्पन्न होता है। इस प्रकार आकाशीय बिजली उत्पन्न होती है। फिर धरती पर पहुंचने पर आकाशीय बिजली बेहतर चालक को तलाशती हैं, जिससे वह गुजर सके। इसके लिए धातु और पेड़ उपयुक्त होते हैं। बिजली अक्सर इन्हीं माध्यमों से पृथ्वी में जाने का रास्ता चुनती है। इसलिए बरसात के दिनों में लोग बिजली के खंभों, पेड़ों और धातुओं से दूर रहना चाहिए तथा बिजली के उपकरणों का प्रयोग सावधानीपूर्वक करें। जितना हो सके आकाशीय बिजली की स्थिति में मोबाइल का उपयोग नहीं किया जाए।

कोई मेरे लिए कुर्ता लाया, कोई परिवार के लिए सुंदर साड़ी, अतिथियों से मिले प्रेम से मैं अभिभूत

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रायपुर। भेंट मुलाकात के दौरान मैं आप सभी से मिला, आपके घर मैंने भोजन किया। आपने बहुत अच्छे से अतिथि सत्कार किया और बहुत स्नेह मिला। मुझे लगा कि मैं भी आप लोगों को आमंत्रित करूं। आप सभी आज यहां आये हैं। आपको यहां देखकर मैं बहुत खुश हूँ। कोई मेरे लिए कुर्ता लाया है कोई परिवार के लिए सुंदर साड़ी। मैं आप सभी से मिले प्रेम से अभिभूत हूँ। यह बात मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर संभाग से आये जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से कही, उन्हें मुख्यमंत्री ने अपने आवास में भोजन के लिए आमंत्रित किया था।

उल्लेखनीय है कि भेंट मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने इन ग्रामीणों के घर भोजन किया था और जनप्रतिनिधियों से मिले थे। मुख्यमंत्री सभी के भोजन टेबल के पास गये। उनसे हालचाल पूछा। भेंट मुलाकात के दौरान की गई बातों को उन्होंने याद किया और परिवारजनों के बारे में पूछा। बड़ी आत्मीयता से उन्होंने पूछा कि बच्चों को साथ क्यों नहीं लाये। जो छोटे बच्चों को साथ में लाये थे, उनके बच्चों को गोद ले लिया और उन्हें दुलारा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जगन्नाथ जी की रथयात्रा की बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि रथयात्रा हमारे यहां बहुत उत्साह से मनाई जाती है। बिलासपुर संभाग में मुझे रायगढ़ की रथयात्रा विशेष रूप से याद आती है। आज जब मैं रथयात्रा में गया तो मैंने भगवान जगन्नाथ से प्रदेश में अच्छी बारिश की कामना की।

केरा में 70 फीसदी काम हो गया, भेंट मुलाकात की घोषणाओं के क्रियान्वयन के ऐसे फीडबैक मिलते हैं तो खुशी होती है- मुख्यमंत्री ने हर टेबल में जाकर ग्रामीणों से चर्चा की। जांजगीर चांपा के ग्राम केरा से आये सरपंच लोकेश शुक्ला ने बताया कि उनके गांव में मुख्यमंत्री ने भेंट मुलाकात के दौरान जो घोषणाएं की। उनमें 70 फीसदी काम पूरा हो चुका है। देवरहा घाट में 1500 मीटर ब्रिज का काम आरंभ हो चुका है इसके लिए पत्थर कटिंग चल रही है। विद्युत विस्तार से संबंधित जो घोषणा थी, वो भी पूरी हो चुकी है। नवीन महाविद्यालय की भी घोषणा मुख्यमंत्री ने की, अभी स्कूल भवन में यह आरंभ होगा। सीएससी आरंभ हो गया है। लोगों में काफी उत्साह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीणजन जब संतोष से बताते हैं कि उनके गांव में विकास कार्य तेजी से पूरे हो रहे हैं। घोषणाएं पूरी हो रही हैं तो बहुत अच्छा लगता है।

लइका मन ल काबर नई लाएस

जांजगीर-चांपा विधानसभा के ग्राम पंचायत सिवनी से आए छोटेलाल बरेठ से जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिले तो मुख्यमंत्री ने उनसे छत्तीसगढ़ी में पूछा कि छोटेलाल जी कौन-कौन आए हैं, छोटेलाल ने जवाब दिया, इसे सुनकर मुख्यमंत्री ने पूछा- लइका मन ल काबर नई लाए हस, सबला बढ़िया लाए रहितेस। मस्तूरी विधानसभा से संगीता पत्रवानी अपने पूरे परिवार के साथ आज भोज पर मुख्यमंत्री निवास आईं। संगीता के पास पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के नये सदस्य तीन माह के जयंत पत्रवानी को गोद में उठाया और उसे दुलार दिया। संगीता ने बताया कि आज वो बहुत खुश हैं, उन्हें मुख्यमंत्री से बात करने का अवसर मिला। संगीता ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास में खाना बहुत अच्छा बना है।

आप लोगों ने भी बहुत अच्छा खाना खिलाया था

मुख्यमंत्री से जब ग्रामीण मिले तो उन्होंने मुख्यमंत्री से भोजन की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोगों ने भी तो मुझे बहुत स्नेह से बहुत स्वादिष्ट खाना खिलाया था। तखतपुर विधानसभा के ग्राम पंचायत खैरी से गुलाबा बाई सिंगरौली अपने पूरे परिवार के साथ आज मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर मुख्यमंत्री निवास भोजन पर आईं। मुख्यमंत्री बघेल ने उनसे पूछा - खाना कैसा है, उन्होंने कहा- बहुत अच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं आपके यहां खाने पर आया था तो आप सभी ने बहुत अच्छा खाना खिलाया, अब मेरी बारी आई है। सक्ती विधानसभा के ग्राम पंचायत छपोरा से आए शिव प्रसाद साहू ने मुख्यमंत्री को अपने परिवार के साथ उनकी फोटो भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि आपका परिवार बहुत अच्छा है, आपके यहाँ मैंने भाजी खाई थी बहुत बढ़िया बना था।

ग्रामीणों के लिए संजीवनी बनी ‘डॉक्टर तुमचो दुआर‘

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पिछले दिनों कोण्डागांव जिले के बेड़मा प्रवास के दौरान ‘डॉक्टर तुमचो दुआर‘ अभियान की शुरूआत की थी। अभियान अपने उद्देश्य के अनुरूप सफल हो रहा है और दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सुविधाएं एक फोन कॉल के माध्यम से पहुंच रही हैं। जनजातीय बहुल सुदूर गांवों में घर पर ही डॉक्टरों की सेवा मिलने से लोग बहुत खुश है और जिला प्रशासन के इस पहल की सराहना भी कर रहे है।

दुर्गम इलाकों में जरूरतमंद ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन कोण्डागांव की इस पहल को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। पिछले हफ्ते ही शुरू किए गए इस अभियान के बेहतर क्रियान्वयन से दूरस्थ इलाकों के मरीजों को समय पर प्रशिक्षित चिकित्सकों की घर पहुंच सुविधा मिल रही है। डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ जरूरतमंद मरीज के घर पहुंचकर निःशुल्क जांच, उपचार और दवाईयां दे रहे हैं। मरीज की बीमारी और उसकी स्वास्थ्यगत स्थिति को देखते हुए टीम बेहतर इलाज के लिए रिफर भी करती है। विशेष रूप से उम्रदराज और आने-जाने में असमर्थ मरीजों को इसका बड़ा फायदा मिला है।

डॉक्टर तुमचो दुआर परियोजना को जिले के दो ब्लॉक बड़ेराजपुर एवं फरसगांव के पहुंचविहीन क्षेत्रों को ध्यान में रखकर पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रारंभ किया गया है। डॉक्टर तुमचो द्वार के माध्यम से दोनों विकासखंडों के बड़ेडोंगर, आलोर, फुपगांव, कबोंगा, कुम्हारबड़गांव, लंजोड़ा, कोकोड़ा जुगानार, बीरापारा, पेण्ड्रावन, खलारी, खरगांव, बालेंगा, सलना इत्यादि गांवों के मरीजों को इसका लाभ भी मिलने लगा है।

डॉक्टर तुमचो दुआर के बेहतर क्रियान्वयन के लिए एक कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे क्रियाशील है। इसके माध्यम से पहुंचविहीन ग्रामों के मरीज सीधे संपर्क कर चिकित्सा सुविधा प्राप्त कर सकते है। कॉल प्राप्त होते ही डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ मरीज के घर पहुंचकर उसका इलाज करती है।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले सहायक संचालक को किया निलंबित

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रायपुर। ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने आज यहां राजधानी स्थित अपने शासकीय निवास सतनाम सदन में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में अधिकारियों ने मंत्री गुरू रूद्रकुमार को घटकवार विस्तृत जानकारी दी। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने अद्यतन जानकारी उपलब्ध न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सहायक संचालक पंकज अग्रवाल को कार्य में लापरवाही बरतने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने विगत समीक्षा बैठक में सभी अधिकारियों को पूरी तैयारी से आने के निर्देश दिए थे।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बैठक में ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप ग्रामोद्योग को रोजगार का जरिया बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और उन्होंने अधिकारियों को विभागीय कार्यो में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने विभाग में नई भर्ती पर जोर देने की बात कही। बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के आबंटन व्यय की समीक्षा, वित्तीय वर्ष 2023-24 में आबंटन एवं कार्ययोजना की समीक्षा, अपेक्स बुनकर संघ का वर्ष 2022-23 में शासकीय वस्त्र प्रदाय की समीक्षा के साथ-साथ वर्ष 2023-24 में किए जाने वाले महत्वपूर्ण विभागीय कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्यों में कोताही बरतने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामोद्योग विभाग सीधे ग्रामीणों से जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है, जो लोगों को सीधे रोजगार उपलब्ध कराता है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने गणवेश आपूर्ति में हो रहे विलंब को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए राजधानी सहित निकटवर्ती जिलों में गणवेश आपूर्ति में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर सचिव ग्रामोद्योग एस. प्रकाश, संचालक ग्रामोद्योग अरूण प्रसाद पी., अपर संचालक बी.पी. मनहर, महाप्रबंधक ए. अयाज, एच.बी. अंसारी, संयुक्त संचालक नोन्हारे, प्रबंधक परेश मिंज, साकेत राजपुरिया सहित रेशम, हाथकरघा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, माटीकला बोर्ड और खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री बघेल आज लोरमी विधानसभा में करेंगे भेंट-मुलाकात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात अभियान के तहत 8 मई को मुंगेली जिले अंतर्गत लोरमी विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे और ग्रामीणों से भेंट-मुलाकात कर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लेंगे। चंदली में रीपा का अवलोकन कर समूह के प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे और खुड़िया में जैव विविधता पार्क का अवलोकन कर ग्रामीणों से भेंट-मुलाकात करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल निर्धारित दौरा कार्यक्रम के तहत 8 मई को पूर्वान्ह 11 बजे राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में आभार कार्यक्रम में शामिल होने के उपरांत 11.45 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.15 बजे विधानसभा क्षेत्र लोरमी के ग्राम चंदली पहुंचेगे। वे वहां चंदली में रीपा का अवलोकन कर समूह की प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल इसके पश्चात 12.45 बजे चंदली से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर ग्राम खुड़िया पहुंचेंगे और वहां 1 बजे मंदिर दर्शन तथा स्वर्गीय राजीव गांधी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जैव विविधता पार्क का अवलोकन तथा हितग्राहियों से चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री ग्राम खुड़िया में ग्रामीणों से भेंट-मुलाकात कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी भी लेंगे। मुख्यमंत्री बघेल अपरान्ह 3 बजे ग्राम खुड़िया से हेलीकॉप्टर द्वारा लोरमी के लिए प्रस्थान करेंगे। वे लोरमी के रेस्ट हाउस में 3.40 बजे से समाज के प्रतिनिधि मंडलों से भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री अपरान्ह 4.45 बजे लोरमी से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर शाम 5.15 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर लौट आएंगे।

छत्तीसगढ़ में किसानों और ग्रामीणों के जीवन में सहकारिता के माध्यम से आया बड़ा बदलाव : सीएम

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित दुर्ग के अंतर्गत बैंक की शाखा भवन अहिवारा सहित 11 एटीएम तथा गोदामों का वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया। कार्यक्रम में कुल 2 करोड़ 21 लाख 68 हजार रूपए की राशि के विकास कार्याें का लोकार्पण किया गया। आज 11 एटीएम का लोकार्पण हुआ, इनमें ग्राम अण्डा, बोरसी, अहिवारा, अरमरीकला, अर्जुन्दा, करहीभदर, डौंडीलोहारा, बेलौदी, कुरदी, भांठागांव- आर और जेवरा में एटीएम स्थापित किए गए है।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में अब किसानों सहित ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन दिखाई देने लगा है। हमने राज्य में सहकारिता को मजबूती प्रदान करने के लिए लगातार काम किया है। सहकारिता के क्षेत्र की कठिनाईयों को दूर करते हुए इसके माध्यम से किसानों और ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाने की कोशिश की है। यही वजह है कि पिछले चार वर्षाें के दौरान छत्तीसगढ़ के किसानों और ग्रामीणों के जीवन में सहकारिता के माध्यम से बड़ा बदलाव आया है। मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था सहित किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य हो रहे है। 

इनमें शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसके अलावा हमने राज्य में किसानों को ऋण माफ करके तथा बकाया सिंचाई कर माफ करके उनमें नयी ताकत जगाई है। साथ ही किसानों को उनकी उपज की सही कीमत दिलाने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना संचालित है। इसके माध्यम से चार किश्तों में प्रोत्साहन राशि दी जाती है। किसानों को उचित समय पर इनपुट सब्सिडी मिलने से खेती-किसानी में उन्हें आसानी हुई है। राज्य सरकार द्वारा धान खरीदी की सीमा में वृद्धि करते हुए अब 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि पूर्व में प्रदेश में 1333 सेवा सहकारी समितियां थी, आज 2058 सहकारी समितियां है। 

किसानों को उनके गांव के नजदीक ही ऋण तथा खाद-बीज मिल सके और धान बेचने की सुविधा बढ़े, इसके लिए शासन द्वारा 725 नयी सहकारी समितियों का गठन किया गया है। किसान अपने गांव के नजदीक ही धान बेच सके, इसके लिए पूरे प्रदेश में नये धान खरीदी केन्द्र खोले गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में 2617 धान खरीदी केन्द्र संचालित है। इसी तरह प्रदेश में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखाएं वर्तमान में 272 से बढ़कर 325 तथा इनके एटीएम की संख्या 29 से बढ़कर 148 हो गई हैं। इसके वजह से प्रदेश में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से संचालित हुआ। इसमें किसानों को धान की बिक्री में कोई दिक्कत नहीं हुई। साथ ही इससे किसानों का उत्साह बढ़ा और वे नई ऊर्जा के साथ खेती-किसानी कर रहे हैं।

कार्यक्रम को अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में हमारी सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के साथ-साथ सहकारिता के विस्तार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। इससे किसानों को लेन-देन तथा खेती-किसानी के कार्य में अच्छी सुविधा हो गई है। राज्य में सहकारिता के माध्यम से किसानों को मदद पहुंचाने हर संभव पहल की जा रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में सहकारिता विस्तार के क्षेत्र में हो रहे कार्यों की सराहना अन्य राज्यों में भी होने लगी है। कार्यक्रम को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष राजेन्द्र साहू ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के.एन. कांडे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

छुईखदान धसने से पांच महिला सहित 6 की मौत, 3 ग्रामीण घायल

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जगदलपुर। मालगांव स्थित छुईखदान के धसने से उसमें दबकर छह ग्रामीणों की मौत हो गई है। इनमें पांच महिलाएं शामिल हैं। वहीं, तीन अन्य ग्रामीण घायल हो गए हैं। नगर पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि नगरनार थाना क्षेत्र के मालगांव के ग्रामीण, घरों की पुताई के लिए गांव के ही छुईखदान गए हुए थे। छह लोग छुई निकालने के लिए खदान के अंदर गए थे, जबकि तीन लोग बाहर रहकर मदद कर रहे थे। इसी दौरान दोपहर लगभग एक बजे छुईखदान अचानक धंस गई।



सूचना मिलने पर पुलिस और एस.डी.आर.एफ. की टीम तत्काल वहां पहुंची और रेक्स्यू ऑपरेशन चलाकर ग्रामीणों को बाहर निकालना शुरू किया। इस दौरान खदान में दबने से छह लोगों की मौत हो गई। वहीं, घायल तीन अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस दुर्घटना पर शोक व्यक्त करते हुए इस दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है।

गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ 35 लाख रूपए का किया भुगतान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोबर विक्रेता पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 35 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी की। गौठनों में 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.35 लाख क्विंटल गोबर के एवज में किया गया 4.69 करोड़ रूपए भुगतान।



इसी तरह गौठान समितियों को 39 लाख और महिला समूहों को 27 लाख रूपए की लाभांश राशि का भुगतान किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम,  मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित हैं


गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को कल करेंगें 5 करोड़ 35 लाख रूपए का भुगतान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 8 नवम्बर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 35 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.35 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 4.69 करोड़ रूपए भुगतान, गौठान समितियों को 39 लाख और महिला समूहों को 27 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं।



गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 361.52 करोड़ का भुगतान

गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में हितग्राहियों को 356 करोड 17 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 18 करोड़ रूपए की बोनस राशि भी शामिल है। 08 नवम्बर को 5.35 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 361 करोड़ 52 लाख रूपए हो जाएगा। गोधन न्याय योजना के तहत छत्तीसगढ़ के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। गौठानों में 15 अक्टूबर तक खरीदे गए 87.29 लाख क्विंटल गोबर के एवज में ग्रामीणों को 174.58 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है।

08 नवम्बर को गोबर विक्रेताओं को 4.69 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 179.28 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 163.58 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 08 नवम्बर को 0.66 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 164.24 करोड़ रूपए हो जाएगा। स्वावलंबी गौठानों में स्वयं की राशि से 24.15 करोड़ रूपए का गोबर क्रय किया है। गौठानों में 76,820 लीटर गोमूत्र की खरीदी, 

15 लाख रूपए का बिक चुका ब्रम्हास्त्र और जीवामृत

राज्य के 83 गौठानों में 4 रूपए लीटर की दर से गोमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में अब तक 76 हजार 820 लीटर गौमूत्र क्रय किया जा चुका है, जिसका मूल्य 3 लाख 7 हजार 280 रूपए है। इससे गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा 24,348 लीटर कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और 18,722 लीटर वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार किया गया है, जिसमें से 20,521 लीटर ब्रम्हास्त्र और 14,055 लीटर जीवामृत की बिक्री से कुल 15 लाख रूपए की आय हुई है।   

गोबर से 24.46 लाख कम्पोस्ट खाद का उत्पादन-समूहों को 85 करोड़ 9 लाख की आय

गौठानों में महिला समूहों द्वारा 18.90 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 5.37 लाख क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट एवं 18,924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस खाद का निर्माण किया जा चुका है, जिसे सोसायटियों के माध्यम से क्रमशः 10 रूपए, 6 रूपए तथा 6.50 रूपए प्रतिकिलो की दर पर विक्रय किया जा रहा है। महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय कर लाभ अर्जित कर रही हैं। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अब तक 85 करोड़ 9 लाख रूपए की आय हो चुकी हैं। राज्य में गौठानों से 11,187 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 83,874 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है।

गोधन न्याय से 2.98 लाख ग्रामीण पशुपालक लाभान्वित

राज्य में गोधन के संरक्षण और संर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10448 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 9036 गौठान निर्मित एवं 1413 गौठान निर्माणाधीन है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 98 हजार 179 ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं।

सीएम कल करेंगें तीन महत्वाकांक्षी योजनाओं के हितग्राहियों के खाते में 1866 करोड़ रूपए का भुगतान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 17 अक्टूबर को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सरकार की तीन महत्वाकांक्षी योजनाओं राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों, गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर विक्रेता ग्रामीणों और पशुपालकों तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत हितग्राहियों के खाते में कुल 1866 करोड़ 39 लाख 32 हजार रूपए का ऑनलाईन अंतरण करेंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बाजारों की रौनक बढ़ेगी। मुख्यमंत्री इसके साथ ही साथ प्रदेश में नवगठित 10 राजस्व अनुविभागों और 25 तहसीलों का उद्घाटन करेंगे 



तथा नामांतरण प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए नामांतरण पोर्टल के नये वर्जन का शुभारंभ भी करेंगे। मुख्यमंत्री बघेल ’राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ की वर्ष 2021-22 की तीसरी किस्त के रूप में प्रदेश के 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को कुल 1745 करोड़ रूपए, ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 की राशि के रूप में 4 लाख 66 हजार 880 हितग्राहियों को 115 करोड़ 80 लाख 32 हजार रूपए और गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे। इस तरह मुख्यमंत्री एक ही दिन में तीनों योजनाओं के हितग्राहियों के खाते में कुल 1866 करोड़ 39 लाख 32 हजार रूपए का ऑनलाईन अंतरण करेंगे।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत वर्ष 2021-22 की तृतीय किस्त के रूप में 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को 1745 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें से धान की फसल लेने वाले 23 लाख 02 हजार 737 किसानों को 1679 करोड़ 59 लाख रूपए, अन्य फसल लेने वाले 01 लाख 98 हजार 754 किसानों को 60 करोड़ 97 लाख रूपए, धान के बदले अन्य फसल लेने वाले 17 हजार 523 किसानों को 04 करोड़ 38 लाख रूपए तथा वृक्षारोपण करने वाले 222 किसानों को 06 लाख रूपए की आदान सहायता का भुगतान किया जाएगा।

‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘ के तहत खरीफ वर्ष 2019, खरीफ वर्ष 2020 और खरीफ वर्ष 2021 की दो किश्तों को मिलाकर किसानों को अब तक 14670 करोड़ 10 लाख रूपए की आदान सहायता दी जा चुकी है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही योजना की तीसरी किश्त को मिलाकर यह राशि बढ़कर 16,415 करोड़ 10 लाख रूपए हो जाएगी। खरीफ वर्ष 2019 में धान उत्पादक 18 लाख 43 हजार 370 किसानों को 10 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5627.02 करोड़ रूपए, खरीफ वर्ष 2020 में धान उत्पादक 20 लाख 59 हजार 068 किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़ के मान से 5553.08 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया। खरीफ वर्ष 2021 में धान सहित योजना में शामिल समस्त फसलों का उत्पादन करने वाले 23 लाख 99 हजार 615 किसानों को दो किश्तों में 3490 करोड़ रूपए की आदान सहायता वितरित की जा चुकी है।

धान उत्पादक किसानों को आदान सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से वर्ष 2019 से राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू की गई। खरीफ वर्ष 2021 से कृषि एवं उद्यानिकी फसल उत्पादक किसानों को प्रति वर्ष 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि का प्रावधान रखा गया था। खरीफ वर्ष 2020-21 में यह प्रावधान किया गया कि किसान द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किए गए रकबे में यदि धान के बदले सुगंधित धान, फोर्टिफाइड, अन्य अनाज, दलहन तिलहन, उद्यानिकी फसल ली जाती है तो सालाना प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसी तरह वृक्षारोपण करने पर लगातार तीन वर्ष तक प्रति एकड़ 10 हजार रूपए आदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के हित में लागू की गई इस योजना का प्रदेश की खेती-किसानी पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। किसानों की संख्या और खेती के रकबे में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। इस योजना से खरीफ वर्ष 2019 में लाभान्वित किसानों की संख्या 18 लाख 43 हजार 370 से बढ़कर खरीफ वर्ष 2021 में 23 लाख 99 हजार 615 हो गई है। छत्तीसगढ़ किसानों को सबसे अधिक आदान सहायता प्रदान करने वाला देश का अव्वल राज्य है। छत्तीसगढ़ की राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को फसलों के आधार पर सालाना क्रमशः 9 हजार रूपए प्रति एकड़ तथा 10 हजार रूपए प्रति एकड़ आदान सहायता दी जा रही है।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

मुख्यमंत्री बघेल ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ के तहत आज जिन हितग्राहियों को अनुदान सहायता राशि का भुगतान करेंगे, उनमें वर्ष 2022-23 की द्वितीय किस्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 744 हितग्राहियों को 2 हजार रूपए के मान से कुल 70 करोड़ 94 लाख 88 हजार रूपए का भुगतान, योजना के 86 हजार 162 नए सामान्य हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से 34 करोड़ 46 लाख 48 हजार रूपए की राशि तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थी के रूप में शामिल बैगा, गुनिया, पुजारी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया श्रेणी के 25 हजार 974 हितग्राहियों को वर्ष 2022-23 की प्रथम एवं द्वितीय किस्त के रूप में दो-दो हजार रूपए के मान से कुल 10 करोड़ 38 लाख 96 हजार रूपए की राशि का ऑनलाईन भुगतान करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के भूमिहीन कृषि मजदूर के परिवारों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2021-22 में ’राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ प्रारंभ की गई है। इस योजना के 3 लाख 55 हजार 402 हितग्राहियों को 03 फरवरी 2022 को योजना की प्रथम किस्त तथा 31 मार्च 2022 को द्वितीय किस्त मिलाकर कुल 140 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया था। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2022-23 की प्रथम किश्त के रूप में 3 लाख 54 हजार 766 हितग्राहियों को 21 मई 2022 को 70 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए की राशि वितरित की गई थी।

इस तरह इस योजना में अब तक हितग्राहियों को 210 करोड़ 95 लाख 32 हजार रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 17 अक्टूबर को वितरित की जा रही राशि को मिलाकर इस योजना में हितग्राहियों को वितरित राशि बढ़कर 326 करोड़ 75 लाख 64 हजार रूपए हो जाएगी। इस योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में हितग्राहियों को सालाना 6 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान रखा गया था, जिसमें वित्तीय वर्ष 2022-23 में संशोधन कर हितग्राहियों को सालाना तीन किस्तों में 7 हजार रूपए की अनुदान सहायता देने का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के लाभार्थियों के रूप में पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी, हाट पहरिया, बाजा मोहरिया, पूर्व में छूटे हुए हितग्राहियों एवं नवीन आवेदकों को शामिल किया गया है।

गोधन न्याय योजना

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत वितरित की जा रही 5 करोड़ 59 लाख रूपए की राशि में से गोबर विक्रेता पशुपालकों और ग्रामीणों को 4.22 करोड़ रूपए, महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि के रूप में 52 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 85 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत 17 अक्टूबर को वितरित की जाने वाली राशि को मिलाकर गोबर खरीदी के एवज में गोबर बेचने वाले पशुपालकों एवं ग्रामीणों को भुगतान की जाने वाली राशि बढ़कर 174 करोड़ 56 लाख रूपए हो जाएगी। स्व-सहायता समूहों को लाभांश की राशि बढ़कर 64 करोड़ 78 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को भुगतान होने वाली राशि बढ़कर 98 करोड़ 79 लाख रूपए हो जाएगी।

योजना के तहत अब तक 87.28 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। खरीदे गए गोबर से गौठानों में अब तक 18.61 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट, 5.36 लाख क्विंटल सुपर कम्पोस्ट तथा 18 हजार 924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस का उत्पादन किया जा चुका है। स्व-सहायता समूहों द्वारा गौठानों में संचालित विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से 84.55 करोड़ रूपए की आय प्राप्त की गई है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 93 हजार 496 पशुपालक लाभान्वित हो रहे हैं। योजना से 01 लाख 61 हजार 518 भूमिहीन ग्रामीण तथा 46 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित हो रही है। राज्य में 10624 गौठान स्वीकृत किए गए है, जिनमें से 8408 गौठान निर्मित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 3089 गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं। स्वावलंबी गौठानों द्वारा 20 करोड़ 64 लाख रूपए की गोबर की खरीदी की गई है।

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