Media24Media.com: गृह मंत्री

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पुलिस के लिए जनता के मन में सम्मान और अपराधियों में भय होना चाहिए-उपमुख्यमंत्री शर्मा

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रायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने आज सरगुजा कोर्डिनेशन सेंटर में सरगुजा रेंज अंतर्गत सभी पुलिस अधीक्षकों की उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की और पुलिस तंत्र को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में शर्मा ने स्पष्ट कहा कि कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों के मन में भय पैदा करना पुलिस की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है।

गंभीर अपराधों के मामलों में दोष सिद्धि की दर बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने सभी जिलों में मामलों की नियमित और वैज्ञानिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पुलिस अधीक्षक न केवल अपने कार्यालय में आने वाले लोगों से समय पर मिलें, बल्कि अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से भी संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझें। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों से कहा कि जिले के कॉलेज और स्कूलों का महीने में एक बार भ्रमण अवश्य करें और थानों में अनुशासन के लिए एसपी-एसएसपी और डीएसपी प्रत्येक सप्ताह परेड भी कराए। बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगुवा, आईजी पीएचक्यू अजय यादव, आईजी सरगुजा दीपक झा सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अलावा सरगुजा रेंज के बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, और सरगुजा जिले के पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने बैठक में मानव तस्करी, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, अवैध हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया गया। एनडीपीएस एक्ट के मामलों में एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन सुनिश्चित करने और दोषियों को कठोर सजा दिलाने की बात कही गई। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने, चिटफंड कंपनियों के मामलों की गंभीरता से जांच करने और निवेशकों को धनवापसी की कार्यवाही तेज करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने, यातायात प्रबंधन को मजबूत बनाने और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात व्यवस्था में सुधार केवल पुलिस का नहीं बल्कि प्रशासन और समाज का साझा दायित्व है। उन्होंने सभी स्कूलों और कॉलेजों में ड्रग-फ्री कैंपस अभियान चलाने, छात्रों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने और सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए जनता और पुलिस के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए विशेष प्रशिक्षण, बीट प्रणाली की नियमित समीक्षा और ‘समाधान ऐप’ के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्राम सभाओं और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से जनता को पुलिस से जोड़ा जाए, ताकि लोग पुलिस को अपना मित्र और संरक्षक मानें।

बैठक के अंत में उपमुख्यमंत्री शर्मा ने दो टूक कहा कि पुलिस की कार्यवाही ऐसी होनी चाहिए कि अपराधी कानून से डरें और आम जनता को भरोसा हो कि कानून-व्यवस्था उनकी सुरक्षा के लिए है। उन्होंने कहा जनता के मन में सम्मान और अपराधियों के मन में भय होना चाहिए, यही हमारी पुलिस व्यवस्था की असली सफलता है।

बस्तर अब डर से नहीं, डिजिटल बदलाव से पहचाना जा रहा है : विष्णुदेव साय

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नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर में शांति व्यवस्था, विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों पर चर्चा की। इसके साथ ही हाल ही में छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार की प्रधानमंत्री को जानकारी दी।

दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी उनके आवास पर मुलाकात की। जहां राज्य के विकास, नक्सल ऑपरेशन सहित अन्य प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बस्तर का चेहरा बदल रहा है, जो कभी बंदूक और बारूदी सुरंगों के लिए जाना जाता था, आज वहाँ मोबाइल टावर खड़े हो रहे हैं, जो सिर्फ संचार का माध्यम नहीं बल्कि विकास और विश्वास के प्रतीक बन चुके हैं।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार द्वारा विगत डेढ़ वर्ष में 64 नए फॉरवर्ड सुरक्षा कैंपों की स्थापना की गई है। इन सुरक्षा चौकियों के आसपास गांवों में न केवल पुलिस की उपस्थिति से सुरक्षा की भावना बनी है, बल्कि इन इलाकों में अब नेटवर्क भी पहुंच गया है। सरकार ने अब तक कुल 671 मोबाइल टावर चालू कर दिए हैं, जिनमें से 365 टावरों में 4G सेवा उपलब्ध है। यह न सिर्फ तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह संकेत है कि अब आदिवासी क्षेत्रों में संचार क्रांति की शुरुआत हो चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर में सिर्फ मोबाइल टावर नहीं लग रहे हैं, बल्कि ये टावर इस बात का सबूत हैं कि वहां के बच्चे और युवा भी अब डिजिटल दुनिया से जुड़ रहे हैं। पहले जहां बच्चों को पढ़ाई या नौकरी की तैयारी के लिए शहर जाना पड़ता था, अब वही काम वे अपने गांव में मोबाइल नेटवर्क के ज़रिए ऑनलाइन कर पा रहे हैं। अब बस्तर का युवा भी स्मार्टफोन से अपनी दुनिया खुद बना रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया सुरक्षा कैंपों के इर्द-गिर्द बसते गांवों में अब बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुँच रही हैं। नियद नेल्लानार योजना के तहत चिन्हित 146 ग्रामों में 18 सामुदायिक सेवाएं और 25 तरह की सरकारी योजनाएं एक साथ क्रियान्वित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया सुशासन तिहार के तहत अब तक सैकड़ों समाधान शिविर आयोजित किए गए हैं, जहां सांसद से लेकर विधायक तक गांव गांव पहुंचकर जनता की शिकायतों का समाधान किया। इन शिविरों में ग्रामीणों को राशन कार्ड, आधार, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, स्कूल प्रवेश, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला गैस जैसी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर दिया गया है।

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के लिए की जा रही योजनाओं और नवाचारों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार जल संकट से निपटने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है, और जनभागीदारी से लेकर तकनीकी उपायों तक, हर स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में अब बारिश के दिन कम हो गए हैं पहले जहाँ लगभग 100 दिन बारिश होती थी, अब सिर्फ़ 65 दिन ही होती है। तकनीक के तहत गांव-गांव में पानी बचाने के नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। जहां पहले पानी बरसकर बह जाता था, अब उसे रोकने और जमा करने की कोशिश हो रही है। इस काम में आधुनिक तकनीक जैसे GIS मैपिंग और जलदूतनाम का मोबाइल ऐप इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह पता चलता है कि कहां कितनी ज़रूरत है।

सबसे खास बात यह है कि इस अभियान में महिलाएं बड़ी भागीदारी निभा रही हैं। महिला समूह तालाबों की सफाई, गहराई बढ़ाने, और पुराने जल स्रोतों को फिर से जीवित करने में आगे आ रही हैं। इस साझेदारी से गांवों में पानी की कमी दूर हो रही है और लोगों को अपने इलाके में ही साफ और पर्याप्त पानी मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को नालंदा परिसर की जानकारी भी दी, जो देश की पहली 24x7 हाईब्रिड सार्वजनिक लाइब्रेरी है। 18 करोड़ की लागत से बनी इस सुविधा में ई-लाइब्रेरी, यूथ टॉवर, हेल्थ ज़ोन और सौर ऊर्जा आधारित व्यवस्था है। अब तक 11,000 से अधिक छात्र लाभांवित हो चुके हैं, जिनमें 300 से अधिक छात्र यूपीएससी और सीजी पीएससी में सफलता पाई है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने प्रयासमॉडल की भी जानकारी दी, जिसमें वंचित व आदिवासी बच्चों को आईआईटी, नीट, क्लैट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। अब तक 1508 छात्र चुनिंदा राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश पा चुके हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री साय के प्रयासों की सराहना की और छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

महासमुंद : गणतंत्र दिवस पर गृहमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे

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महासमुंद। 74 वाँ गणतंत्र दिवस महासमुंद जिले में पूरे गरिमामय तरीक़े से मनाया जाएगा। समारोह को लेकर उत्साह में कोई कमी नहीं आएगी। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर मिनी स्टेडियम में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। राज्य शासन ने गणतंत्र दिवस पर जिला मुख्यालयों में होने वाले समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है।

समारोह में विभिन्न विभागों की झांकी प्रदर्शित की जाएगी। स्कूली बच्चे समारोह का हिस्सा नहीं होंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित नहीं होंगे। इस वर्ष कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरततें हुए मनाया जाएगा। जिला मुख्यालय पर आयोजित मुख्य समारोह में भी इस बात का ध्यान रखा जाएगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सौजन्य मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान  कोरबा से वापस रायपुर पहुंचे थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गरियाबंद प्रवास से लौटकर सीधे एयरपोर्ट पहुंचकर उनसे मुलाकात की।

मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री से छत्तीसगढ़ के विकास कार्यों के संबंध में चर्चा की और छत्तीसगढ़ में मिलेट्स से बने उत्पाद और छत्तीसगढ़ की संस्कृति पर आधारित कलाकृति उन्हे स्मृति स्वरूप भेंट की।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केन्द्र सरकार सतर्क

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नई दिल्ली। चीन, जापान और अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केन्द्र सरकार सतर्क हो गई है। इस संबंध में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। ऑनलाइन तरीके से हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश में कोरोना की स्थिति और संबंधित पहलुओं पर चर्चा की गई। यह बैठक चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमरीका में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बुलाई गई। 



केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया और नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस बैठक में मौजूद थे। इस बीच, कल प्रदेश में एक हजार से अधिक सैंपलों की जांच की गई। इसमें रायपुर जिले में दो व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए। वहीं, दुर्ग जिले के धमधा उपस्वास्थ्य केंद्र में तृतीय लिंग समुदाय के लिए विशेष शिविर लगाकर इस समुदाय के सदस्यों को कोविडरोधी टीका लगाया गया।

समाज को आगे बढ़ाने जिम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए : मंत्री ताम्रध्वज साहू

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कवर्धा। प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू गुरूवार को पंडरिया विकासखंड के ग्राम मोहतरा में तहसील साहू समाज संघ पंडरिया के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मंत्री साहू ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों, युवाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेंद सिंह उपस्थित थे। गृह मंत्री साहू ने कहा कि समाज के नागरिकों ने विश्वास के साथ पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां दी है। 



इन कर्तव्यों का जिम्मेदारी से निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा की चुनाव लड़ना और पद पाना आसान है, लेकिन पद के अनुसार कार्य करना बहुत मुस्किल काम है। पद में आने के बाद बहुत गंभीर चिंतन करके समाज में क्या कार्य किया जाना है और कैसे समाज के लोगों को आगे बढ़ाना है, इस दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा की पद पाने के बाद ईर्ष्या और घमंड, अभिमान से दूर रहना चाहिए। मानव को हमेशा झुकना चाहिए। जिन इंसानों में झुकने का गुण होता है, वे संगठन को उतना ही ज्यादा मजबूत करेगा। 

हमे सिर्फ संख्या में ही बड़े नही होना चाहिए। हमारा आचरण, काम, नियमावली कार्य करने का तौरदृतरीका अच्छा होना चाहिए। इसके लिए हमारा विचार बड़ा होना चाहिए। समाज में कोई गरीब परिवार है और उनके घर में प्रतिभावान छात्र है तो समाज के लोगों द्वारा सहायता करके आगे बढ़ाना चाहिए। आने वाले पीढ़ी को केसे तैयार करना है इसके लिए चिंतन होना चाहिए। उन्होंने कहा की सामाजिक समरसता होना चाहिए। एक समाज से दूसरा समाज से अच्छा संबंध बनाना चाहिए। सभी समाज से रिश्ता मजबूत करना चाहिए। समाज को आगे बढ़ाने के लिए नयादृनया योजना लागू करना चाहिए। जिस प्रकार बहते जल निर्मल होता है उसी प्रकार ही समाज की गतिविधियां निरंतर होते रहना चाहिए।

पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर ने बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन द्वारा समाज के विकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। इस दौरान श्रीमती विधायक चंद्राकर ने  ग्राम मोहतरा में मंच के नवीनीकरण के लिए मोहतरा पंचायत को विधायक निधि से 5 लाख देने की घोषणा की। इस अवसर पर जनपद सदस्य पारस बंगानी, शीतल साहू, विष्णु साहू, गजपाल साहू, शीतल साहू, जल्लूराम साहू, होरीलाल साहू, चोवा साहू  सहित समाज के प्रतिनिधिगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।

जेलों में सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने पर जोर : अमित शाह

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नई दिल्ली। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों से जेलों में सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान देने का आग्रह किया है। शाह ने प्रत्येक राज्य से बेहतर जेल प्रबंधन के लिए दो हजार सोलह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की आदर्श जेल संहिता को अपनाने का आग्रह किया। शाह आज अहमदाबाद में छठी अखिल भारतीय जेल प्रतियोगिता के शुभारंभ के बाद जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जेलों को आधुनिक बनाने और ऐसे कैदियों को समाज में वापस लाने पर बल दिया, जो स्वभाविक या आदतन अपराधी नहीं होते।



गृह मंत्री ने कहा कि समाज में जेलों को जिस तरह से देखा जाता है, वह नजरिया बदलने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर जेल प्रशासन के लिए प्रौद्योगिकी अपनाई जानी चाहिए। गृहमंत्री ने कहा है कि अदालतों की तरह देश की सभी जेलों में वीडियो कांफ्रेंस सुविधा बनाए जाने की आवश्यकता है। शाह ने कैदियों के कल्याण के लिए जेल परिसरों में पुस्तकालयों, प्रशिक्षण केन्द्रों अस्पतालों और मानसिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना पर भी बल दिया।


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