Media24Media.com: गुरू घासीदास

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बाबा गुरू घासीदास जी ने दिखाया मानवीय गुणों के विकास का रास्ता - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया।


उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की।

साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं।

दर्शनार्थियों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने आपसी तालमेल से करें काम : मंत्री गुरू रूद्रकुमार

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रायपुर। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के गिरौदपुरी धाम में प्रतिवर्ष लगने वाले तीन दिवसीय गुरूदर्शन मेले का आयोजन 24 से 26 फरवरी 2023 तक किया जायेगा। आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में जगतगुरू गुरू गद्दीनशीन विजय कुमार गुरू की अध्यक्षता में गिरौदपुरी मेला आयोजन समिति की आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मेले के आयोजन की तिथि का निर्धारण किया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार, राज राजेश्वरी कौशल माता, राजमहंत गण सहित कलेक्टर रजत बंसल, एसपी दीपक झा सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।

बैठक के दौरान मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। उनके लिए बुनियादी सुविधाओं का बेहतर इंतजाम करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी ताल-मेल के साथ काम करें और इस बड़े आयोजन को सफल बनाने में अपना सहभागिता निभाएं। उन्होंने मंदिर परिसर एवं गुरू घासीदास जन्मस्थली में पुराने जैतखाम की जगह मेला आयोजित होने से पूर्व नवीन जैतखाम बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में लाखों दर्शनार्थियों के मेले में समागम को देखते हुए तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श करते हुए मेले के सफल आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में विजय कुमार गुरू ने भी अपने विचार एवं सुझाव रखें।

कलेक्टर रजत बंसल ने बैठक की कार्यवाही का संचालन करते हुए मेले के लिए प्रस्तावित की गई व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। मेले की तमाम व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कसडोल एसडीएम भूपेंद्र अग्रवाल को मेला अधिकारी एवं सह-मेला अधिकारी टुण्डरा तहसीलदार चित्रलेखा चन्द्रवंशी को नियुक्त किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में उन्हें सहयोग प्रदान करने के लिए राज्य स्तर से डिप्टी कलेक्टरों एवं सँयुक्त कलेक्टरों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया है। मेले में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए पेयजल एवं निस्तारी जल की पर्याप्त इंतजाम रहेगी।

कलेक्टर बंसल ने बताया कि मेला स्थल पर स्थापित 30 लाख, 8 लाख एवं 75 हजार लीटर क्षमता के टैंक को साफ कराकर पानी भरना प्रारंभ हो गया है। मंदिर परिसर, महराजी, छातापहाड़ एवं पंच कुण्डीय में अलग से पानी टंकी की व्यवस्था रहेगी। मेले में तीनों दिन पानी की पर्याप्त व्यवस्था रहेगी। मेला में आये दर्शनार्थियों के लिए रियायती दर पर दाल-भात केन्द्र स्थापित किये जाएंगे। मेले में प्लास्टिक के सामान में भोजन एवं अन्य सामग्री परोसने पर प्रतिबंध रहेगा।

दोना पत्तल एवं लकड़ी के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा। मेला स्थल में दुकानों के आवंटन के लिए एक समिति बनाई गई है। मेला स्थल के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मेले के आयोजन के दौरान गिरौदपुरी धाम के 10 किलोमीटर की परिधि में कोई भी अवैध शराब दुकान का कारोबार नहीं होगा। इसके लिए आबकारी एवं पुलिस को सख्त निर्देश दिए गए हैं। पान, गुटखा एवं बीड़ी का विक्रय पर भी प्रतिबंध रहेगा। इस अवसर पर राजमहंतों और आयोजन समिति के सदस्यों ने भी अपने-अपने मेले के व्यवस्थित आयोजन के लिए सुझाव दिए। इस अवसर पर एसपी दीपक झा, जिला पंचायत सीईओ गोपाल वर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

राजपथ गणतंत्र दिवस समारोह परेड की तैयारी के लिए आज से दस दिवसीय शिविर

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बिलासपुर। बिलासपुर स्थित गुरू घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय-जीजीयू में राजपथ गणतंत्र दिवस समारोह परेड की तैयारी के लिए आज से दस दिवसीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल के निदेशक ए.एस. कबीर ने बिलासपुर में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि विश्वविद्यालय में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ की संगठन व्यवस्था के तहत छह राज्यों के दो सौ वॉलेंटियर गणतंत्र दिवस समारोह परेड की तैयारी के लिए इस शिविर में शामिल हो रहे हैं। शिविर का उद्घाटन तेरह नवंबर को बिलासपुर सांसद अरूण साव और बेलतरा विधायक रजनीश कुमार सिंह की उपस्थिति में किया जाएगा। 



समारोह की अध्यक्षता जीजीयू के कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल करेंगे। शिविर में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को परेड के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ एक भारत-श्रेष्ठ भारत, योग और बौद्धिक सत्र के टिप्स दिए जाएंगे। क्षेत्रीय निदेशक ने बताया कि बिलासपुर में लगभग दस वर्षों बाद गणतंत्र दिवस पूर्व परेड की तैयारी के लिए मध्य क्षेत्र राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक जुट रहे हैं। इनमें उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सैंतालीस विश्वविद्यालय तथा एक सौ चौहत्तर महाविद्यालयों के चयनित दो सौ स्वयंसेवक और दस कार्यक्रम अधिकारी दल प्रभारी के रूप में शामिल होंगे। इस शिविर से चयनित चालीस स्वयंसेवक गणतंत्र दिवस परेड समारोह में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति को सलामी देंगे।

'मनखे-मनखे एक समान' के संदेश को जीवन में उतारने की जरूरत : CM भूपेश बघेल

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बाबा गुरू घासीदास की जयंती के एक दिन पहले राजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर में आयोजित सार्वजनिक गुरू घासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मानव जाति के उत्थान में संत बाबा गुरू घासीदास जी का जीवन अनुकरणीय है। हम सभी को उनके बताए 'मनखे-मनखे एक समान' के संदेश को जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सत्य के रास्ते में चलकर मानवता के हित में काम करना चाहिए। 

साधु-संतों और महापुरूषों के बताए रास्ते पर चलकर छत्तीसगढ़ सरकार के 3 साल पूरे हुए। बाबा गुरुघासीदास जी का आशीर्वाद है कि उन्हें छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उनके ही आशीर्वाद से सभी लोगों के कल्याण और छत्तीसगढ़ के विकास के कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री  बघेल ने यहां जैतखाम की पूजा अर्चना की और आरती में भाग लिया। समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री  बघेल को प्रतीक स्वरूप जैतखंभ स्मृति चिंन्ह भेंट किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजेंद्र नगर स्थित सामाजिक भवन में पुस्तकालय और कंप्यूटर के लिए 50 लाख रूपए देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे कहा कि बाबा गुरू गुरुघासीदास जी ने शिक्षा को बढ़ावा देने के  साथ ही समता रूपी समाज के निर्माण और सबके उत्थान की दिशा में काम किया। उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ सरकार का प्रयास है कि सबको समान न्याय मिले। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य प्रदेशों में भी गुरू पर्व का वातावरण बन गया है। मेरा सौभाग्य है कि मैं बाबा के आशीर्वाद से आज बाबा के दर्शन के लिए उपस्थित हो पाया हूं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लक्ष्य के मुताबिक धान की खरीदी चल रही है। 

रोजाना डेढ़ लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी 

प्रतिदिन लगभग डेढ़ लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो रही है। धान खरीदी के मात्र 15 दिनों में ही एक चौथाई धान की खरीदी हो गई है। ये बाबा गुरुघासी दास जी की कृपा है कि प्रदेश में धान खरीदी के लिए बारदाने समेत अन्य कई संकट और चुनौतियों के बावजूद भी निर्बाध रूप से धान खरीदी हो रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना के कारण कुछ काम जरूर प्रभावित हुए हैं। मेरे द्वारा की गई घोषणा के आधार पर बजट पास हो गया है। जो भी काम है वो जल्द शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सतनामी समाज के लोगों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

कार्यक्रम में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर के.के.वर्मा, गुरु घासीदास साहित्य और संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष के पी खांडे, डॉ. जे. आर. सोनी, डी. एस. पात्रे, शकुन डहरिया, टामन सिंह सोनवानी, एल. एल. कोसले, एच.आर. रात्रे समेत सुंदर जोगी, सुंदर लहरे, चेतन चंदेल, बबलू त्रिवेंद्र और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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