Media24Media.com: गंगरेल बांध

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ग्रामीणों की मांग पर गंगरेल बांध से छोड़ा गया पानी

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धमतरी। रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) से आज 200 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर के माध्यम से जिले के लगभग 250 ग्रामों के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा छोड़ा गया। उल्लेखनीय है कि ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रख ग्रामीणों की निस्तारी संबंधी पानी की मांग को दृष्टिगत करते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा गंगरेल जलाशय से मुख्य नहर में पानी छोड़ा गया।

इससे इन ग्रामों के ग्रामीणों को काफी हद तक राहत मिलेगी। रविशंकर सागर जलाशय (गंगरेल बांध) से पानी छोड़े जाने पर ग्रामीणों को काफी हद तक राहत मिलेगी। जल संसाधन विभाग द्वारा ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जल का अपव्यय ना करें एवं जल का सदुपयोग करें।


Dhamtari Gangrel Dam : छत्तीसगढ़ सरकार ने पर्यटकों के लिए जारी किये निर्देश, इन चीजों पर लगी रोक

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धमतरी। वन विभाग ने गंगरेल बांध क्षेत्र में पॉलीथिन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। पॉलीथिन का प्रयोग करते पाए जाने पर पर्यटकों व व्यापारियों पर कार्रवाई की जाएगी।वहीं लोगों को जागरूक करने के लिए वन अमले ने डीएफओ मयंक पांडेय, एसडीओ, के साथ गंगरेल बांध क्षेत्र में सफाई को लेकर अभियान चलाया. इस दौरान बड़ी मात्रा में पॉलीथिन कचरा जमा हो गया। धमतरी जिले में स्थित गंगरेल बांध राज्य में पर्यटन के लिए बहुत प्रसिद्ध है। 


यहां की खूबसूरत वादियों में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने और आनंद लेने आते हैं, वहीं पॉलीथिन के प्रयोग के कारण बांध क्षेत्र में जगह-जगह पॉलीथिन का कचरा बिखरा पड़ा रहता है। इससे पर्यावरण पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग धमतरी ने गंगरेल बांध क्षेत्र में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है.


Wheather Alert : महानदी और शिवनाथ नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति

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रायपुर। राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर है। महानदी और शिवनाथ नदी के तटीय इलाकों में बाढ़ की स्थिति भी बन गई है। धमतरी जिले के पड़ोसी क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगरेल बांध का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। इस वजह से बांध के सभी चौदह गेट खोल दिए गए हैं। बांध से आज सुबह की जानकारी के अनुसार एक लाख इकतीस हजार क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा जा रहा है। 



वहीं, बांध में करीब एक लाख क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। गंगरेल बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के आसपास के तैंतालीस अतिसंवेदनशील गांवों को हाई अलर्ट कर दिया गया है। नदी किनारे के विभिन्न गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। उधर, दुर्ग जिले के महमरा एनीकट पर बारह फीट ऊपर पानी बह रहा है। जिले में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री सुरेश पांडे ने बताया कि शिवनाथ नदी खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर बह रही है। 

जिले के मांगरा, सूखानाला और घुमरिया से लगभग सत्तर हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तांदुला जलाशय भी लगभग पूरा भर गया है। इस बीच, बस्तर संभाग के विभिन्न स्थानों पर पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार वर्षा के कारण मारकंडी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इस वजह से जगदलपुर-रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-तीस पर काकड़ी घाट के पास सड़क यातायात बंद हो गया है। पुल के ऊपर लगातार पानी बहने से बस्तर से रायपुर का सड़क संपर्क टूट गया है। इस पुल के दोनों तरफ  यात्री और मालवाहक गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई है।

वहीं, बीजापुर और आसपास के इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यहां भी यातायात प्रभावित हो गया है।  बीजापुर से गीदम के बीच पुंडरी गांव में इंद्रावती नदी का पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। इस कारण बीजापुर से जगदलपुर और बीजापुर से हैदराबाद के बीच सड़क संपर्क टूट गया है। इस मार्ग पर कल ईंट से भरा ट्रक बह गया।

कांकेर जिले में भी पिछले दो-तीन दिनों से हो रही वर्षा के कारण विभिन्न नदी-नाले उफान पर हैं। यहां भी दुर्गूकोंदल सहित कुछ अन्य गांवों का कांकेर से सड़क संपर्क टूट गया है। कांकेर जिले के पखांजूर विकासखंड के विकास पल्ली गांव में एक कच्चे मकान की दीवार गिर जाने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। वहीं, जिला कलेक्टर डॉटक्र प्रियंका शुक्ला ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस बीच, मुंगेली के वनमंडल अधिकारी गणेश यू.आर. ने अचानकमार टाईगर रिजर्व के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित स्थानों का दौरा किया। यहां मनियारी और अन्य नदी-नालों में बाढ़ के कारण सड़क यातायात बंद हो गया है। उन्होंने वन्यप्राणियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए वन कर्मचारियों को सचेत रहने को कहा है।


आज से सिंचाई के लिए गंगरेल बांध से छोड़ा जाएगा पानी, इन 4 जिले के किसानों को मिलेगा फायदा

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान संगठनों के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का फैसला लिया है। इसके लिए उन्होंने जल संसाधन विभाग को आज यानी 30 सितंबर से गंगरेल बांध सहित सिंचाई जलाशयों से पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं। जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के परिपालन में विभागीय अधिकारियों को गंगरेल बांध (रविशंकर जलाशय) से  बांध के कमांड एरिया में खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के लिए निर्देशित किया है। 


गंगरेल बांध से धमतरी, बालोद, रायपुर, बलौदाबाजार जिले के किसानों को खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। जल संसाधन मंत्री चौबे ने बताया कि गंगरेल बांध में वर्तमान में 79 प्रतिशत जल भराव है। किसानों की आवश्यकता को देखते हुए महानदी परियोजना समूह के जलाशय माडमसिल्ली और सोंढूर से दुधावा से भी पानी गंगरेल में लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि किसान संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए तांदूला-खरखरा जलाशय से भी सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। 

छत्तीसगढ़ में अब तक 1103 मिमी औसत बारिश दर्ज 

राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष की ओर से संकलित जानकारी के मुताबिक 1 जून 2021 से अब तक राज्य में 1103 मिमी औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है। राज्य के सभी जिलों में 01 जून से 29 सितंबर तक रिकॉर्ड की गई बारिश के मुताबिक कोरबा में सर्वाधिक 1496.8 मिमी और कवर्धा जिले में सबसे कम 914.3 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है।

जांजगीर-चांपा में 1130.2 मिमी औसत बारिश दर्ज

राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक एक जून से अब तक सरगुजा में 944 मिमी, सूरजपुर में 1269.6 मिमी, बलरामपुर में 1062.6 मिमी, जशपुर में 1105.4 मिमी, कोरिया में 1014.5 मिमी, रायपुर में 950.7 मिमी, बलौदाबाजार में 999.3 मिमी, गरियाबंद में 1062 मिमी, महासमुंद में 925.1 मिमी, धमतरी में 1016.3 मिमी, बिलासपुर में 1096.4 मिमी, मुंगेली में 1118.2 मिमी, रायगढ़ में 929.4 मिमी, जांजगीर चांपा में 1130.2 मिमी औसत बारिश दर्ज की गई है।

बीजापुर में 1216.4 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड

वहीं गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 1385.8 मिमी, दुर्ग में 1003.2 मिमी, राजनांदगांव में 977.4 मिमी, बालोद में 936.1 मिमी, बेमेतरा में 1211.8 मिमी, बस्तर में 1107.7 मिमी, कोंडागांव में 1091.5 मिमी, कांकेर में 1016.9 मिमी, नारायणपुर में 1281.1 मिमी, दंतेवाड़ा में 1204..4 मिमी, सुकमा में 1416.5 मिमी, और बीजापुर में 1216.4 मिमी औसत बारिश रिकॉर्ड की गई है।

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