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कला साधना की तपस्थली खैरागढ़ में कला की नई क्रांति

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ नृत्य, संगीत एवं ललित कला के क्षेत्र में एशिया का एकमात्र विशिष्ट विश्वविद्यालय है। यह संस्थान विद्यार्थियों के लिए एक समग्र, शोधोन्मुख एवं विद्यार्थी-केंद्रित वातावरण तैयार कर उनकी रचनात्मक क्षमता को जागृत करने और कला की गहराइयों से परिचित कराने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है। संगीत विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है।

ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया का पंजीयन 16 जून तक होगी। प्रवेश के लिए प्रथम अभिरुचि परीक्षा 24 से 27 जून तक आयोजित होगा, 30 जून तक इसका परिणाम जारी किया जाएगा। इसी तरह द्वितीय अभिरुचि परीक्षा 22 से 24 जुलाई तक आयोजित होगी, इसकी चयन सूची 25 जुलाई को जारी की जाएगी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस विश्वविद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। भारत के अतिरिक्त अन्य कई देशों के विदेशी विद्यार्थियों द्वारा भी इस विश्वविद्यालय में प्रवेश हेतु बढ़-चढ़कर आवेदन किए जा रहें है।

इस विश्विद्यालय में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दुस्तानी गायन, हिन्दुस्तानी वायलिन, सितार, सरोद, तबला, कत्थक, भरतनाट्यम, ओडिसी, लोक संगीत, नाटक, नृत्य, चित्रकला, मूर्तिकला, टेक्सटाइल्स डिज़ाइन जैसे पाठ्यक्रमों में डिप्लोमा और डिग्री दी जाती है। इस विस्तृत पाठ्यक्रम संरचना से न केवल कला की विविध धाराओं में पारंगत होने का अवसर मिलेगा, बल्कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। इसके साथ-साथ विश्वविद्यालय में शोधात्मक गतिविधियों के विस्तार हेतु विभिन्न विषयों में पीएच.डी. एवं डी.लिट् की सुविधा प्रदान करने वाला संभवतः भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है।

विश्वविद्यालय की अनोखी विशेषताएँ

इंदिरा गांधी कला विश्वविद्यालय रचनात्मकता का मुक्त मंच- यहां छात्रों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा मनोहारी प्राकृतिक वातावरण में तनावरहित शिक्षण एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे उनकी कला में गहराई एवं शोध का समागम होता है। नृत्य, संगीत, ड्रामा एवं ललित कला के साथ-साथ अन्य विषयों की भी व्यापक जानकारी दी जा रही है, जिससे छात्रों का बौद्धिक विकास सुनिश्चित हो रहा है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य शुद्ध अंतःकरण एवं बाधा रहित प्रशिक्षण व्यवस्था के साथ कला साधकों को ज्ञान के नए आयामों तथा कला की सच्ची भावना से परिचित कराना है। 

इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय न केवल एक शिक्षण संस्थान है, बल्कि यह एक ऐसा मंच है जहाँ विद्यार्थी अपनी रचनात्मक प्रतिभा को उजागर कर, कला के क्षेत्र में नया इतिहास रच रहे हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 700 से अधिक पुरस्कार प्राप्त किए हैं। हाल ही में यूथ-फेस्टिवल में संगीत विश्वविद्यालय द्वारा चौंपियनशिप ट्राफी प्राप्त किया है। इस विश्वविद्यालय को सभी कला साधकों एवं समुदाय के लिए एक तीर्थस्थल के रूप में स्थापित किया गया है, जहाँ परंपरा एवं नवाचार साथ-साथ प्रगति कर रहें हैं। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2025-26 के प्रवेश हेतु विश्वविद्यालय की अधिकारिक वेबसाईट www.iksv.ac.in पर  विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, 16 मई को खैरागढ़ में लेंगे बैठक

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 खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू 16 मई को खैरागढ- छुईखदान-गंडई के जिला कार्यालय में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण एवं विकास के संबंध में और शासन की योजनाओं की प्रगति की  समीक्षा बैठक लेगे।  बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा आयोग के उपाध्यक्ष आर एन वर्मा, सदस्य महेश चन्द्रवंशी, साधु चरण यादव, गिरवर साहू, श्रीमती किरण सिन्हा एवं सचिव बीरू कुमार साहू उपस्थित रहंेगे। समीक्षा बैठक में समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य हैं।


थानेश्वर साहू 16 मई को प्रातः 11: 30 बजे विश्राम खैरागढ़ विश्राम गृह पहंुचेगे। दोपहर 12 बजे से सर्किट हाउस में पिछड़ा वर्ग के जनप्रतिनिधियों से भेट एवं चर्चा करंेगे। दोपहर 2 बजे से जिला कार्यालय सभा कक्ष में जिलास्तरी अधिकारियों की समीक्षा बैठक लंेगे। उक्त बैठक में जिले के विवरण एवं संचालित विभागीय योजनाओं की समीक्षा की जायेंगी साथ ही जाति प्रमाण पत्रों कि वस्तुस्थिति की भी समीक्षा  की जायेंगी। सायंकाल 4 बजे से सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता  करंेगे। प्रेस वार्ता के बाद साहू पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्यों के साथ सायंकाल 5 बजे राजनांदगांव के लिए प्रस्थान करेंगे।


प्रधानमंत्री आवास "छितका कुरिया हा, अब मोर छत वाले महल बन गे"- केशरी बाई, हितग्राही

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खैरागढ़। हितग्राही केशरी बाई टंडन, निवासी आमदनी, वि. ख. खैरागढ़ जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (छ. ग.) उम्र लगभग 62 वर्ष। शरीर में इतनी शक्ति नही रही कि जीविकोपार्जन के लिए जद्दोजहद करें या मकान बनाने के लिए पैसा इकट्ठा करें। वो बताती है कि - "मैं, मेरे पति, एक नाबालिक लड़का व परित्यक्ता बेटी के साथ एक कमरे में रहते थे। एक ही कमरे में चारों सदस्य नरकीय जीवन जीते थे।"

उक्त जानकारी देते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत खैरागढ़ ने बताया कि- केशरी टंडन ने कहा कि- "साहब! क्या बताएं....जुग जुग जीये हमारा सरकार जिनकी असीम अनुकम्पा से हमारा प्रधानमंत्री आवास निर्माण योजना के अंतर्गत हमारे सिर पर एक छत बन गया।" उक्त उद्गार खैरागढ़ ब्लॉक के ग्राम आमदनी में रहने वाली केशरी बाई टंडन का। केशरी बाई जब आप बीती बता रही थी तो उनकी आंखों से आंसू थम नही रहे थे। उसने आगे बताई कि जब आवास निर्माण का कार्य लेंटर तक पहुंचा था, उसी समय पति पन्ना लाल टंडन की मृत्यु हो गई।

उसने कहा कि -"मेरी सारी शक्ति जवाब दे रही थी, आवास को आगे बनाने की हिम्मत नही हो रही थी, लेकिन प्रधानमंत्री आवास का पैसा मुझे किश्तों में मिलता रहा और देखते ही देखते मेरा सुंदर घर बन गया। मुझे उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन भी मिला है, जिसका नियमित उपयोग खाना बनाने में करती हूं। सच कहूं तो इस पूरे योजना ने मेरी जिंदगी बदल कर रख दी।"

साहू समाज संगठित एवं शिक्षित समाज - मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज राजनांदगांव जिले के फतेहसिंह खेल मैदान खैरागढ़ में जिला साहू संघ खैरागढ़-छुईखदान-गंडई द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन एवं नवनियुक्त पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पदाधिकारियों सहित सभी को मकर संक्राति की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर उन्होंने साहू समाज के सामाजिक भवन के लिए 30 लाख रूपए तथा दुबेलिया समाज के सामाजिक भवन के लिए 15 लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साहू समाज संगठित एवं शिक्षित समाज है तथा समाज सुधार के लिए निरंतर प्रयासरत है। अन्य पिछड़ा वर्ग के अंतर्गत साहू समाज सबसे बड़ा संगठित समाज है। सबसे ज्यादा किसान साहू समाज में है। सभी किसानों की ऋण माफी हुई है और उनके धान की खरीदी की जा रही है। उन्होंने कहा कि विगत वर्ष 98 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। वहीं इस वर्ष अब तक 97 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है तथा किसानों के खाते में लगभग 20 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया गया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में रामायण मंडली के माध्यम से अच्छा वातावरण बना है। प्रदेश में छेरछेरा, पुन्नी, पोला, तीजा, हरेली, छत्तीसगढिय़ा ओलम्पिक के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति एवं रीतिरिवाज को बढ़ावा मिला है। बच्चे छत्तीसगढ़ी संस्कृति से परिचित हो रहे हैं और हम सभी समृद्ध छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पुरखों ने एक समृद्ध छत्तीसगढ़ का सपना देखा था। हम सभी को मिलकर इस सपने को पूरा करना है। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण में सबकी भागीदारी जरूरी है। मुख्यमंत्री ने मकर संक्राति के अवसर पर पतंग एवं गुब्बारे उड़ाएं। उन्होंने इस अवसर पर कार्यक्रम में साहू समाज की पत्रिका का विमोचन किया।

कार्यक्रम को अध्यक्ष प्रदेश साहू संघ टहल सिंह, जिला साहू समाज के नवनियुक्त अध्यक्ष तिलेश्वर साहू ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, अध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण एवं डोंगरगढ़ विधायक भुनेश्वर बघेल, खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा नीलांबर वर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम धनेश पाटिला, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ तेलघानी बोर्ड संदीप साहू, महापौर श्रीमती हेमा देशमुख, अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नवाज खान, समाजसेवी पदम कोठारी, सभापति जिला पंचायत विपल्व साहू, घम्मन साहू सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु उपस्थित थे।

कलेक्टर ने कोरोना से बचने के लिए प्रशासन को किया अलर्ट

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खैरागढ़. कलेक्टर खैरागढ़ छुईखदान गंडई डॉ. जगदीश कुमार सोनकर ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली. शासन के निर्देशानुसार कोविड-19 के सम्बन्ध में चर्चा की गयी. स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा जानकारी दी गयी कोरोना महामारी से निपटने के लिए शासन के निर्देश पर माक ड्रिल किया गया. उनके द्वारा  दो कोविड सेंटर, साथ ही कोरोना से बचाव के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त मात्र में बूस्टर डोस के लिए कोवेक्सिन, मेडिसिन उपलब्धता की जानकारी दी गयी. सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन युक्त 30 बेड कोरोना मरीज के लिए तैयार है.

कोरोना से बचने के लिए सोशल डिस्टेंस, मास्क पहनने एवं सततसेनेटईज पालन करने कहा गया है. कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य अधिकारीयों को निर्देश दिया गया है कि कोरोना से निपटने के लिए सभी कोविड सेंटर्स में पार्यप्त संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गये. जिले में 2133 ट्राली पैरादान हुआ है. गौठानो में चारे के लिए पर्याप्त मात्रा में पैरा रखने के लिए कहा गया है. राजस्व अधिकारीयों को क्षेत्र में पैरा जलाने पर वायु (प्रदुषण निवारण एवं नियत्रंण) अधिनियम 1981 कि धारा 19 के तहत प्रतिबन्ध लगाया गया है. फसल जलाने पर दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं. मतदाता सूची पुनरीक्षण के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी. नये मतदातों को जोड़ने के लिए फार्म 6 एवं स्थानान्तिर, मृत होने कि स्थिति में फार्म 7, 8, 8(क) भरने कहा गया है.

जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक  को प्रतिबंधित किया है. नगरीय निकाय के अधिकारीयों को प्लास्टिक (पोलीथिन) उपयोग करने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गये हैं. कृष्णकुंज विकास योजना के अंतर्गत उद्यानों में 600 पौधे, झुला व कुर्शी उपलब्ध है. भूमि एवं कृषि मजदूरों के अकाउंट नंबर सुधार करने हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए गये हैं. गोधन न्याय योजना अंतर्गत गौठानो में गोबर खरीदी, वेर्मी कम्पोस्ट, मल्टीएक्टिविटी कि जानकारी ली गयी. एवं गौठानो में नवाचार को प्रोत्साहित करने कहा गया. खैरागढ़ नगर क्षेत्र में सी मार्ट अतिशीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गये हैं. मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत आंगन बड़ी केन्द्रों के माध्यम से एनिमिक बालिका/गर्भवती महिलाओं 1260 को गर्म भोजन से प्रदाय किया जा रहा है.

भवन विहीन आँगन बाड़ी केन्द्रों की जानकारी ली गयी अतिशीघ्र भवन निर्माण के निर्देश दिए गये. खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की जानकारी, धान का उठाव करने, सहकारी समितियों में खाद बीज की उपलब्धता की जानकारी ली गयी. जिले में रबी फसलों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीएपी, यूरिया एवं पोटास उपलब्धता की जानकारी दी गयी. बैठक के दौरान जिलाधीश ने नए जिले के सेटअप, जिला स्तर पर गठित विभागीय समिति आदि के गठन के सम्बन्ध में जानकारी ली. धनंवतरी मेडिकल स्टोर के माध्यम से जिले के लोगों को गुणवत्तायुक्त सस्ती दवाईयों का लाभ लेने हेतु प्रोत्साहित करने कहा गया है. जिले में समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि जिले की पेंशन धारकों को भौतिक सत्यापन ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से कराए ताकि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं को लाभ मिल सकें.

जिले में वृद्धाआश्रम, प्रशामक गृह एवं जिला निशक्त पुर्नवास केंद्र प्रारम्भ करने के निर्देश दिए गये. जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं (नीट, पीएससी, आईआईटी, पटवारी एवं अन्य) निःशुल्क आनलाइन कोचिंग की व्यवस्था सुचारू से संचालित करने निर्देशित किया गया.। बैठक में संयुक्त कलेक्टर सुनील कुमार शर्मा, डिप्टी कलेक्टर अभा तिवारी, टन्केश्वर साहू अनुविभागीय अधिकारी राजस्व खैरागढ़ प्रकाश राजपूत, गंडई-छुईखदान रेणुका रात्रे, एपीओ प्रकाश तारम, नगरीय निकाय के सीएमओ एवं जनपद पंचायत के सीईओ सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित थे.

धान उपार्जन के दौरान किसानों को न हो किसी प्रकार की परेशानी

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खैरागढ़। धान का उपार्जन राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता का कार्य है। इस कार्य मे उदासीनता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। समर्थन मुल्य पर धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का विशेष ध्यान रखें। कलेक्टर डॉ. जगदीश कुमार सोनकर ने आज शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष मे पटवारियों, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, कम्प्यूटर ऑपरेटरों की बैठक लेकर इस आशय के उदगार व्यक्त किये।

ज्ञात हो कि खैरागढ़-छुईखदान दृगंडई जिले की 39 सहकारी समितियों के अन्तर्गत 42 धान उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। कृषि विपणन वर्ष 2022-23 मे 01 नवम्बर 2022 से धान का उपार्जन किया जायेगा। खरीदी के पूर्व उपार्जन केन्द्रों मे किसानों को टोकन जारी किया जायेगा। खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान की खरीदी की अधिकतम सीमा पिछले वर्ष के अनुसार 15 क्वि. प्रति एकड़ लिंकिंग सहित निर्धारित की गई है। धान खरीदी हेतु बारदाने की व्यवस्था कर ली गई है।



बैठक के दौरान कलेक्टर डॉ. सोनकर ने किसानों का पंजीयन की जानकारी, बारदानों की उपलब्धता, फड़ चबुतरा, जनरेटर, डनेज सिस्टम, बारिश से बचने तिरपाल आदि की व्यवस्था के संबंध मे आवश्यक निर्देश दिए। जिलधीश ने खरीदी केन्द्रों मे मानव संसाधन, आर्द्रतामापी यंत्र, उपार्जन केन्द्र मे तौल-बांट, पेयजल विद्युत व्यवस्था, कैप कव्हर आदि का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश एवं शासकीय उचित मुल्य की दुकानों और मिलर्स से प्राप्त बारदानों की जानकारी ली और बारदानों के सत्यापन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने यह भी चेतावनी देते हुए कहा कि कोचिया और बिचौलियों द्वारा अपना धान न खपायें इसका विशेष ध्यान रखें। इस संबंध मे खरीदी केन्द्रों मे यदि किसी प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है तो संबंधित समिति प्रबंधकों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। बैठक मे अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रकाश सिंह राजपूत, उप संचालक कृषि आर.के. सोलंकी, सहायक पंजीयक सहकारिता विभाग रघुराज सिंह, नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अलोक शर्मा सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में अब 31 जिले: अस्तित्व में आए प्रदेश में नवगठित तीन जिले

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में नवगठित तीन जिलों के शुभारंभ के साथ अब 31 जिले हो गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 2 सितम्बर को 29वें जिले मोहला-मानपुर-चौकी और 3 सितम्बर को दो और नये जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के शुभारंभ करने के साथ तीन नए जिले अस्तित्व में आ गए। इसके साथ ही सारंगढ़-बिलाईगढ़ राज्य का 30 वां और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 31वां जिला बन गया। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि दो दिनों के अंतराल में तीन नये जिलों की सौगात जनता को मिली है। 



नवगठित जिलों के शुभारंभ अवसर पर वहां के क्षेत्रवासियों के चेहरे पर अपनी बरसों पुरानी मांग के पूरा होने का उत्साह और हर्ष स्वाभाविक रूप से दिखाई दिया। इन नये जिलों के बन जाने से शासन-प्रशासन की लोगों तक पहुंच और मजबूत होगी, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को तीव्र गति मिलेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रशासनिक कार्यों में कसावट लाने एवं आम जनता को सहूलियत पहुंचाने के उद्देश्य से नए जिलों के गठन की घोषणा की थी। 



अब जिलों के शुभारंभ के साथ ही मुख्यमंत्री बघेल ने छत्तीसगढ़ बनने के बाद से इन क्षेत्रों के निवासियों की बरसों पुरानी मांग और सपने को साकार कर दिया है। नवगठित जिलों के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के पहुंचते ही लोगों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने मुख्यमंत्री का पुष्प वर्षा कर भव्य और आत्मीय अभिनंदन किया और जिला निर्माण के लिए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री के स्वागत में युवाओं ने बाइक रैली निकाली और स्कूली बच्चों ने लोकनृत्य किया। मुख्यमंत्री के रोड शो के दौरान उनके स्वागत में सड़क के दोनों ओर लोगों की लंबी कतारें देखने को मिली। 

विभिन्न संगठनों द्वारा मुख्यमंत्री को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनो और फलों से भी तौला गया। मुख्यमंत्री ने नये जिलों के शुभारंभ पर जिलावासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि नये जिले के गठन के निर्णय से अभूतपूर्व खुशी मुझे दिखी। रोड शो में जो भीड़ दिखी, उससे स्पष्ट है कि लोगों के लाभ के लिए कितना बड़ा फैसला लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा में नवा जिला जुड़ गे हे। लोगों की मुश्किल कम हो गई। पुरखों के देखे सपने सच हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मोहला, सारंगढ़ और खैरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नवगठित जिलों के शुभारंभ के साथ क्षेत्रवासियों को 1037.37 करोड़ रूपए के कई विकास कार्याें की सौगात दी। मुख्यमंत्री बघेल ने मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी में 106 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया वहीं सारंगढ़ और खैरागढ़ में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 931 करोड़ 37 लाख रूपए की सौगात दी।

उन्होंने सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शुभारंभ अवसर पर 512.29 करोड़ के विकास कार्याे का भूमिपूजन एवं 54.52 करोड़ के विकास कार्याे का लोकार्पण किया, जबकि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के शुभारंभ कार्यक्रम में 364 करोड़ 56 लाख रूपए के विकास कार्याे की सौगात के साथ ही 213 हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 37 लाख 48 हजार रूपए की सामग्री एवं अनुदान सहायता राशि प्रदान की।

नवगठित जिले

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला राजनांदगांव जिले से अलग होकर एक नये प्रशासनिक इकाई के रूप में पहचान बनाने जा रहा है। इस जिले की भौगोलिक सीमाएं उत्तर में जिला राजनांदगांव के तहसील छुरिया, दक्षिण में तहसील दुर्गकोंदल, पखांजुर जिला कांकेर, पूर्व में तहसील डौंडी, डौंडी लोहारा जिला बालोद एवं पश्चित में महाराष्ट्र की सीमा से लगी हुई है। नवीन जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी दुर्ग संभाग के अंतर्गत होगा। नवीन गठित इस जिले में तहसीलों की संख्या 3 है जिसमें अम्बागढ़ चौकी, मोहला एवं मानपुर है। विकासखण्ड एवं जनपद पंचायत - अम्बागढ़ चौकी, मोहला एवं मानपुर है।



नवीन जिले में कुल ग्रामों की संख्या 499 है। भौगोलिक क्षेत्रफल 2 लाख 14 हजार 667 हेक्टयर है। यहां कि कुल जनसंख्या 2 लाख 83 हजार 947 है जिसमें अनुसुचित जनजाति की कुल जनसंख्या 1 लाख 79 हजार 662 जो जिले कि कुल जनसंख्या का 63.27 प्रतिशत है। जिले में राजस्व निरीक्षक मंडल की संख्या 13 है, कुल पटवारी हल्का नम्बर 89 है, ग्राम पंचायत की संख्या 185 है। जिला मोहला-मानुपर-चौकी में थानों की कुल संख्या 9 है। विधानसभा क्षेत्र 2 तथा कुल मतदान केन्द्र संख्या 497 है।



राजनांदगांव जिले से अम्बागढ़ चौकी की दूरी 50 किलो मीटर, मोहला की दूरी 75 किलो मीटर, मानपुर की दूरी 100 किलो मीटर है। यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा है। नया जिला बन जाने से शासन-प्रशासन इन क्षेत्रों में और निकट तक पहुंचेगा और विकास कार्यों की गति बढ़ेगी। यह क्षेत्र प्राकृतिक वन संपदा से परिपूर्ण है। यहां के सघन वनों में लघुवनोपज प्रचुर मात्रा में है। मोहला-मानपुर क्षेत्र जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है।

नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ का जिला मुख्यालय सारंगढ़, रायगढ़ से रायपुर राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 200 पर स्थित है। यहां रियासत कालीन समय से हवाई पट्टी स्थित है। जिला मुख्यालय सारंगढ़ छत्तीसगढ़ गठन के पूर्व से तहसील मुख्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुख्यालय है। ज्ञात हो कि बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिला रायगढ़ के उप खण्ड सारंगढ़, तहसील सारंगढ़ एवं बरमकेला तथा रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के उप खण्ड-बिलाईगढ़ तथा तहसील बिलाईगढ़ को शामिल करते हुए नये जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ का गठन किया गया है,



जिसमें तीन तहसील सारंगढ़, बरमकेला एवं बिलाईगढ़ एवं उप तहसील कोसीर तथा भटगांव शामिल होंगे। नवगठित जिले में तीन जनपद पंचायत सारंगढ़, बरमकेला व बिलाईगढ़ शामिल हैं। इस नवगठित जिलेे की सीमाएं उत्तर में रायगढ़, दक्षिण में महासमुंद जिले तथा पूर्व में उड़ीसा के बरगढ़ और पश्चिम में बलौदा बाजार तथा उत्तर-पश्चिम में जांजगीर-चाम्पा जिले से लगी हुई है। नवगठित जिले में रामनामी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में निवास करते हैं। महानदी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की मुख्य नदी है। वहीं जिले के सारंगढ़- तहसील में स्थित गोमर्डा अभ्यारण्य सैलानियों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। सारंगढ़ का दशहरा-उत्सव बस्तर-दशहरा की भांति बहुत प्रसिद्व है।




वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 6 लाख 17 हजार 252 है। 759 ग्राम, 349 ग्राम पंचायत, 5 नगरीय निकाय है। जिसके अंतर्गत 20 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल है जिनमें सारंगढ़, हरदी, सालर, कोसीर, छिंद, गोड़म, उलखर, बरमकेला, गोबरसिंघा, देवगांव, डोंगरीपाली, सरिया, बिलाईगढ़, पवनी, गोविंदवन, जमगहन, भटगांव, गिरसा, बिलासपुर एवं सरसीवा शामिल है। जिसका कुल राजस्व क्षेत्रफल 01 लाख 65 हजार 14 है एवं 2518 राजस्व प्रकरण की संख्या है। वर्तमान में नवीन जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1406 स्कूल, 7 कालेज, 33 बैंक, 3 परियोजना, 141 स्वास्थ्य केन्द्र, 10 थाना एवं 2 चौकी स्थापित है।

नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई दुर्ग संभाग के अंतर्गत इसकी जनसंख्या 3 लाख 68 हजार 444 है। कुल ग्रामों की संख्या 494 तथा 3 नगरीय निकाय हैं। दो उप खण्ड खैरागढ़ एवं गण्डई-छुईखदान होंगे। तीन तहसील गण्डई, छुईखदान, खैरागढ़ होंगे, वहीं 2 विकासखण्ड छुईखदान एवं खैरागढ़, 16 राजस्व निरीक्षक मंडल होंगे। इस नवीन जिले में 107 पटवारी हल्का, 221 ग्राम पंचायतें है। इस नवीन जिले के उत्तर में कबीरधाम जिला, दक्षिण में तहसील डोंगरगढ़, तहसील राजनांदगांव, पूर्व में तहसील साजा एवं धमधा और पश्चिम में तहसील लांजी जिला- बालाघाट (मध्यप्रदेश) की सीमाएं लगी है। खनिज और संसाधनों से समृद्धि होने से जिला बनने से यहां औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।



नया जिला बन जाने से नागरिकों को काफी राहत मिलेगी और कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से होंगे। प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होने का फायदा आम जनता को मिलेगा। बुनियादी सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्यान्न लोगों तक आसानी से उपलब्ध होगी और सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन दूरस्थ अंचलों तक आसानी होगा। रोड कनेक्टिविटी, पुल-पुलिया के निर्माण से सुदूर वनांचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी। नया जिला गढ़ने से आने वाले वर्षों में इसके सुखद परिणाम मिलेंगे।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले का शुभारंभ 3 सितम्बर को

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रायपुर। भूपेश बघेल प्रदेश के 3 सितम्बर को राज्य दो और नये जिलों का शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही राज्य के 30 वें जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा 31वा जिले के रूप में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई अस्तित्व में आ जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि दो दिनों के अंतराल में तीन नये जिलों की सौगात जनता को मिली है। इन नये जिलों के बन जाने से शासन-प्रशासन की लोगों तक पहुंच और मजबूत होगी, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को तीव्र गति मिलेगी।



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सारंगढ़ और खैरागढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उक्त दोनों जिलों का शुभारंभ करने के साथ ही इन नवगठित जिलों में विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए 931 करोड़ 37 लाख रूपए की सौगात देंगे। मुख्यमंत्री बघेल सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शुभारंभ अवसर पर 512.29 करोड़ के विकास कार्यो का भूमिपूजन एवं 54.52 करोड़ के विकास कार्यो का लोकार्पण करेंगे, जबकि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के शुभारंभ कार्यक्रम में 364 करोड़ 56 लाख रूपए के विकास कार्यो की सौगात के साथ ही 213 हितग्राहियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 37 लाख 48 हजार रूपए की सामग्री एवं अनुदान सहायता राशि वितरण होगा।

नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ का जिला मुख्यालय सारंगढ़, रायगढ़ से रायपुर राष्ट्रीय राज्य मार्ग क्रमांक 200 पर स्थित है। यहां रियासत कालीन समय से हवाई पट्टी स्थित है। जिला मुख्यालय सारंगढ़ छत्तीसगढ़ गठन के पूर्व से तहसील मुख्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुख्यालय है। ज्ञात हो कि बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिला रायगढ़ के उप खण्ड सारंगढ़, तहसील सारंगढ़ एवं बरमकेला तथा रायपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले जिला बलौदाबाजार-भाटापारा के उप खण्ड-बिलाईगढ़ तथा तहसील बिलाईगढ़ को शामिल करते हुए नये जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ का गठन किया गया है

जिसमें तीन तहसील सारंगढ़, बरमकेला एवं बिलाईगढ़ एवं उप तहसील कोसीर तथा भटगांव शामिल होंगे। नवगठित जिले में तीन जनपद पंचायत सारंगढ़, बरमकेला व बिलाईगढ़ शामिल हैं। इस नवगठित जिलेे की सीमाएं उत्तर में रायगढ़, दक्षिण में महासमुंद जिले तथा पूर्व में उड़ीसा के बरगढ़ और पश्चिम में बलौदा बाजार तथा उत्तर-पश्चिम में जांजगीर-चाम्पा जिले से लगी हुई है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की कुल जनसंख्या 6 लाख 17 हजार 252 है। 759 ग्राम, 349 ग्राम पंचायत, 5 नगरीय निकाय है। 

जिसके अंतर्गत 20 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल है जिनमें सारंगढ़, हरदी, सालर, कोसीर, छिंद, गोड़म, उलखर, बरमकेला, गोबरसिंघा, देवगांव, डोंगरीपालीसरिया, बिलाईगढ़, पवनी, गोविंदवन, जमगहन, भटगांव, गिरसा, बिलासपुर एवं सरसीवा शामिल है। जिसका कुल राजस्व क्षेत्रफल 01 लाख 65 हजार 14 है एवं 2518 राजस्व प्रकरण की संख्या है। वर्तमान में नवीन जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1406 स्कूल, 7 कालेज, 33 बैंक, 3 परियोजना, 141 स्वास्थ्य केन्द्र, 10 थाना एवं 2 चौकी स्थापित है।

नवगठित खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई दुर्ग संभाग के अंतर्गत होगा। इसकी जनसंख्या 3 लाख 68 हजार 444 है। कुल ग्रामों की संख्या 494 तथा 3 नगरीय निकाय हैं। दो उप खण्ड खैरागढ़ एवं गण्डई-छुईखदान होंगे। तीन तहसील गण्डई, छुईखदान, खैरागढ़ होंगे, वहीं 2 विकासखण्ड छुईखदान एवं खैरागढ़, 16 राजस्व निरीक्षक मंडल होंगे। इस नवीन जिले में 107 पटवारी हल्का, 221 ग्राम पंचायतें है। इस नवीन जिले के उत्तर में कबीरधाम जिला, दक्षिण में तहसील डोंगरगढ़, तहसील राजनांदगांव, पूर्व में तहसील साजा एवं धमधा और पश्चिम में तहसील लांजी जिला- बालाघाट (मध्यप्रदेश) की सीमाएं लगी है।

 

नया जिला बन जाने से यहां के नागरिकों को काफी राहत मिलेगी और कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से होंगे। प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण होने का फायदा आम जनता को मिलेगा।  बुनियादी सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, खाद्यान्न लोगों तक आसानी से उपलब्ध होगी और सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन दूरस्थ अंचलों तक आसानी होगा। रोड कनेक्टिविटी, पुल-पुलिया के निर्माण से सुदूर वनांचल के क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी।

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