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मुख्यमंत्री साय ने गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब एवं राजेश अग्रवाल को दी शुभकामनाएँ

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज शपथ ग्रहण करने वाले कैबिनेट के नए सदस्य गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब तथा राजेश अग्रवाल को बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त मंत्रीगण अपनी समर्पित निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ जनसेवा के लिए पूर्ण तत्परता से कार्य करेंगे तथा छत्तीसगढ़ राज्य को विकास और सुशासन की दिशा में नए आयाम प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री साय ने सभी मंत्रियों के उज्ज्वल कार्यकाल की मंगलकामना करते हुए कहा कि राज्य सरकार सामूहिक सहयोग और प्रतिबद्धता के बल पर जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।


मंत्रिपरिषद के निर्णय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

1) मंत्रिपरिषद द्वारा भारत सरकार के खान मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देश और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाईडलाईन्स के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में आवश्यक संशोधन किये जाने का निर्णय लिया गया है।

इससे न्यास के पास उपलब्ध राशि का न्यूनतम 70 प्रतिशत राशि का व्यय उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र जैसे पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन के कल्याण के साथ ही कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, आवास, पशुपालन के समग्र विकास पर किया जाएगा।

2) मंत्रिपरिषद द्वारा साधारण रेत के उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा रेत के उत्खनन एवं नियमन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 को निरसित करते हुए नवीन नियम ‘‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025‘‘ का अनुमोदन किया गया।

इससे रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे, जिससे आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही रेत उत्खनन में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा। प्रस्तावित नियमों में रेत खदान आवंटन की कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से की जाएगी। इससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।

3) कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण के संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य कर पंजीयन विभाग से प्राप्त प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया, जिसके तहत ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खण्ड की दर को समाप्त करते हुए सम्पूर्ण रकबा की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जिस तरह की अनियमितताएँ सामने आई थीं, उनसे बचने के लिए यह व्यवस्था मददगार होगी। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को विलोपित करने के साथ ही शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा।

4) मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (cscs) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित किये जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

नवा रायपुर में अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनके कौशल और प्रतिभा को निखारने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेगी।

छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। राज्य के कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के खिलाड़ियों को क्रिकेट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा वहीं छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।


मंत्रिपरिषद के निर्णय : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित उनके निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

मंत्रिपरिषद ने अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति सूची में तकनीकी कारणों से शामिल होने से वंचित जातियों को प्राप्त होने वाली कतिपय सुविधाएं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्री, संसारी उरांव तथा पबिया, पविया, पवीया समाज के विद्यार्थियों को अनुसूचित जनजाति के समतुल्य एवं डोमरा जाति के विद्यार्थियों को अनुसूचित जाति के समतुल्य राज्य मद से मात्र राज्य छात्रवृत्ति तथा शिष्यवृत्ति प्रदान किये जाने एवं छात्रावास-आश्रमों में स्वीकृत सीट के अधीन प्रवेश दिए जाने की सुविधा प्रदान करने की सहमति दी है।

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुँचाने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत घर की छतों में सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना में राज्य शासन द्वारा उपभोक्ताओं को वित्तीय सहायता दिए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के माध्यम से पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाने पर केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाएगी, जो सोलर प्लांट की क्षमता (1 किलोवाट, 2 किलोवाट, 3 किलोवाट और उससे अधिक) के आधार पर अलग-अलग होगी। उदाहरण के लिए, 1 किलोवाट प्लांट के लिए कुल 45,000 रूपए, (30,000 रूपए केंद्रीय और 15,000 रूपए राज्य सहायता) जबकि 3 किलोवाट या उससे अधिक के प्लांट के लिए 1,08,000 रूपए (78,000 रूपए केंद्रीय और 30,000 रूपए राज्य सहायता) की मदद मिलेगी। हाउसिंग सोसाइटी/रेसिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के लिए भी इसी तरह की सहायता प्रस्तावित की गई है। यह अनुदान राशि CSPDCL को अग्रिम रूप से मिलेगी और वही इसे लाभार्थियों को देगी। वर्ष 2025-26 में 60,000 और 2026-27 में 70,000 सोलर पावर प्लांट की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। इससे वित्तीय वर्ष 2025-26 में 180 करोड़ एवं 2026-27 में 210 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा।

CSPDCL इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी और नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE), भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसे लागू करेगी। कंपनी इस योजना के संचालन के लिए एक अलग बैंक खाता खोलेगी, जिसमें सब्सिडी की राशि रखी जाएगी और उसका हिसाब-किताब किया जाएगा। राज्य वित्तीय सहायता उन घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता से दी जाएगी जिनके सोलर प्लांट का ग्रिड सिंक्रोनाइजेशन 1 अप्रैल 2025 या उसके बाद हुआ है।

मंत्रिपरिषद ने राज्य में वन्यजीव, खासकर बाघों के संरक्षण और ईको-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए ‘‘छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी‘‘ का गठन करने का निर्णय लिया है। यह सोसायटी वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत काम करेगी। मध्य प्रदेश में यह 1996 से संचालित है। इसका मुख्य लक्ष्य

छत्तीसगढ़ में लगातार घट रही बाघों की आबादी (फिलहाल लगभग 18-20) को बचाना है। यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी, जिससे सरकारी खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। यह सहयोग देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से फंड जुटाएगी।

यह सोसायटी बाघों और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों में सीधे शामिल होगी। यह स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देगी, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार और आय के अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह पर्यावरणीय शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण को प्रोत्साहित करेगी, जिससे भविष्य के संरक्षणवादी तैयार होंगे। इस पहल से संरक्षण के लिए बाहरी धन, विशेषज्ञता और संसाधन मिलेंगे, जिससे स्थानीय समुदायों को रोज़गार के नए अवसर मिलेंगे और राज्य का पर्यावरणीय संतुलन बना रहेगा।

यह छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो जैव विविधता की रक्षा के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को भी मजबूत आधार देगी।

मंत्रिपरिषद द्वारा अशासकीय अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्था ‘‘रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर की सहयोगी संस्था ‘‘विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल हेल्थ वेलफेयर एवं सेवायें, छत्तीसगढ़ (विश्वास)‘‘ को रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अंतर्भूत (मर्ज) करने का अनुमोदन किया गया।

उद्यानिकी महाविद्यालय (उद्यानिकी विश्वविद्यालय) की स्थापना के लिए बेमेतरा जिले के साजा तहसील अंतर्गत बेलगांव में राजगामी संपदा की 94.290 हेक्टेयर भूमि में से 100 एकड़ भूमि उद्यानिकी विभाग को निःशुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया गया।

जशपुर जिले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा हर्बल व महुआ चाय जैसे पारंपरिक उत्पाद ‘JashPure’ ब्रांड के तहत तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और विपणन को बढ़ावा देने हेतु इस ब्रांड को राज्य शासन अथवा CSIDC को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव का मंत्री परिषद ने अनुमोदन किया है।

ब्रांड हस्तांतरण से एग्रो व फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय कच्चे माल की मांग बढ़ेगी और आदिवासी महिलाओं को  रोजगार के अधिक अवसर मिलेंगे। ट्रेडमार्क हस्तांतरण से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा शहीद पुलिसकर्मियों के सर्वाेच्च बलिदान को ध्यान में रखते हुए अनुकम्पा नियुक्ति हेतु जारी एकजाई पुनरीक्षित निर्देश-2013 की कंडिका 13 (3) में संशोधन करते हुए निर्णय लिया है कि - नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस सेवकों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी पात्र सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर पुलिस विभाग के अलावा, किसी अन्य विभाग में, राज्य के किसी भी जिला, संभाग में अनुकम्पा नियुक्ति दी जा सकेगी। पहले अनुकम्पा नियुक्ति यथासंभव उसी विभाग या कार्यालय में देने की व्यवस्था थी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था।

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में गौण खनिजों के सुव्यवस्थित अन्वेषण, पूर्वेक्षण एवं अधोसंरचना के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘‘स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट‘‘ (एसएमईटी) के गठन की अधिसूचना के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के तहत समस्त गौण खनिजों से प्राप्त होने वाली रायल्टी 2 प्रतिशत राशि अतिरिक्त रूप से एसएमईटी फंड में जमा की जाएगी। जिसका उपयोग गौण खनिजों के अन्वेषण, अधोसंरचना विकास में उच्च तकनीकों का उपयोग, इन्फॉर्मेशन सिस्टिम, लॉजिस्टिक सपोर्ट, मानव संसाधनों के उन्नयन आदि में किया जा सकेगा। भारत सरकार के नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की तर्ज पर राज्य में स्टेट मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट का गठन किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी पढिए..

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रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया।

उन्होंने पत्रकार-वार्ता में कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी।

यहा भी पढिए : कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी... 








आ ऐती आ, उहां का खडे़ हस, मोर कोती आ, जब बिरहोरों के लिए काम करने वाले नंगे पांव पहुंचे स्वयंसेवी को आत्मीयता से पुकारा मुख्यमंत्री ने

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रायपुर। राज्य अतिथि गृह पहुना में मेजबान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हैं और पहुना है प्रदेश भर से आने वाले उनके आत्मीय स्नेहीजन। हर स्नेहीजन से मुख्यमंत्री पहुना में बेहद आत्मीयता से मिल रहे हैं। आज मुख्यमंत्री के गांव के निकट भीतघर से उनसे मिलने जागेश्वर राम पहुंचे। जागेश्वर राम कभी चप्पल नहीं पहनते, वे कपड़े भी मामूली ही पहनते हैं। वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलने जब पहुना पहुंचे तो वे बैरिकेड के उस पार थोड़े से संकोच के भाव से अपनी बारी का इंतजार करते खड़े हो गये।

मुख्यमंत्री साय जब आये तो परिचितों से भेंट करते वक्त उनकी नजर दूर खड़े जागेश्वर राम पर गई। उन्होंने जागेश्वर को आवाज लगाई। बड़ी आत्मीयता से उन्होंने पुकारा। आ ऐती आ, उहां का खड़े हस, मोर कोती आ। फिर उन्होंने जागेश्वर राम को गले लगाया, पूरे समय साथ ही रहे और समय-समय पर आत्मीय चर्चा करते रहे। जागेश्वर ने उन्हें कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के 18 लाख लोगों को आवास देने के निर्णय पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से सरगुजा संभाग की विशेष पिछड़ी जनजाति के हजारों बिरहोर लोगों को आवास मिलने का रास्ता खुल गया है जो घास-फूस की झोपड़ियों में हर साल सरगुजा की कड़ी सर्दी गुजारते हैं।

दरअसल जागेश्वर राम और मुख्यमंत्री साय के बीच आत्मीयता की जो कड़ी जुड़ी, वो प्रदेश की अति पिछड़ी जनजाति मानी जाने वाली बिरहोर जनजाति की वजह से जुड़ पाई। जागेश्वर राम महकुल यादव जाति से आते हैं। अपने युवावस्था के दिनों में जब पहली बार वे बिरहोर जनजाति के संपर्क में आये तो इस विशेष पिछड़ी जनजाति की बेहद खराब स्थिति ने उन्हें बेहद दुखी कर दिया। वे शेष दुनिया से कटे थे। शिक्षा नहीं थी, वे झोपड़ियों में रहते थे। स्वास्थ्य सुविधा का अभाव था। उन्होंने संकल्प लिया कि अपना पूरा जीवन बिरहोर जनजाति के बेहतरी में लगाऊंगा। यह बहुत बड़ा मिशन था और इसके लिए उन्होंने अपनी ही तरह के संवेदनशील लोगों से संपर्क आरंभ किया। इसके चलते वे तत्कालीन सांसद विष्णु देव साय के संपर्क में आये।

राम ने उनके समक्ष इस जनजाति के विकास के लिए योजना रखी। सांसद ने उन्हें पूरे सहयोग के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद सांसद साय के सहयोग से भीतघरा और धरमजयगढ़ में आश्रम खोले। शुरूआत में ऐसी स्थिति थी कि लोग आश्रम से अपने बच्चों को घर ले जाते थे लेकिन जब आश्रम में पहली पीढ़ी के बच्चे पढ़कर निकले और उनके जीवन में सुखद बदलाव आये तो बिरहोरों ने अपने बच्चों को यहां भेजना शुरू किया। इस गौरवमयी उपलब्धि के लिए राज्य अलंकरण समारोह में उन्हें शहीद वीर नारायण सिंह पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री से जागेश्वर राम ने कहा कि अब हमारे बिरहोर लोगों की मकान की जरूरत पूरी होगी। आपने 18 लाख आवासों के स्वीकृत करने का निर्णय कैबिनेट की बैठक में किया है। मैंने बिरहोरों की तकलीफ देखी हैं। उनकी उजाड़ झोपड़ियों की जगह अब पक्के घर होंगे। छत्तीसगढ़ में बड़ा फैसला आपने किया है जो लाखों बिरहोरों के जीवन में सुखद बदलाव लाएगा।

अति विशिष्ट अतिथियों की अगवानी करने वाले परिसर पहुना में आने वाला हर व्यक्ति इस बात को लेकर आशंकित रहता है कि मुख्यमंत्री से मिलने वाले हजारों प्रियजनों के बीच उसे मुख्यमंत्री का थोड़ा समय मिल पाएगा या नहीं। यह आशंका उन लोगों में और भी बढ़ जाती है जो आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं लेकिन पहुना आते ही उन्हें अपने घर-गांव जैसा ही माहौल लगता है जैसे पूरा पहुना परिसर मड़ई की तरह हो गया हो और वे पहुना हो गये हों। अपने लोगों से गहरा स्नेह रखने वाले मुख्यमंत्री यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अपने सभी प्रियजनों को समय दें।

खाट-पलंग की व्यवस्था की थी साय ने- जागेश्वर राम ने बताया कि मुख्यमंत्री ने सांसद रहते बिरहोर जनजाति के दुखदर्द को समझा। वे झोपड़ियों में सर्द रातें बिना खाट के गुजारते थे। श्री साय ने उनके लिए खाट-पलंग की व्यवस्था की। वे 1980 से ही उनके साथ हैं और पहाड़ी कोरवा तथा बिरहोर जनजाति के इलाकों में जब भी दौरे पर जाते हैं जागेश्वर राम को साथ ही रखते हैं।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्य सचिव को क्रियान्वयन हेतु ‘घोषणा पत्र’ सौंपा

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज यहां महानदी भवन नवा रायपुर में नई सरकार की कैबिनेट की प्रथम बैठक,

                                        

में मुख्य सचिव अमिताभ जैन को क्रियान्वयन हेतु घोषणा पत्र’ सौंपा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरूण साव और विजय शर्मा भी उपस्थित थे।

राज्य के जरूरतमंद परिवारों के हित में बड़ा निर्णय : 18 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगी आवास निर्माण की मंजूरी

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की प्रथम बैठक में राज्य के ग्रामीण अंचल के आवासहीन के लिए अहम फैसला लिया गया। राज्य में 18 लाख 12 हजार 743 जरूरतमंद परिवारों को तत्परता से आवास की स्वीकृति देने के साथ ही आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। बैठक में उप मुख्यमंत्री द्वय अरूण साव एवं विजय शर्मा मौजूद थे।

कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्थायी प्रतीक्षा सूची के पात्र शेष परिवारों (6,99,439) एवं आवास प्लस सूची के पात्र परिवारों (8,19,999) की स्वीकृति की जायेगी। योजना के तहत निर्माणाधीन 2,46,215 आवासों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जायेगा। राज्य में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के अंतर्गत कुल 17,65,653 आवास एवं अन्य 47,090 आवास कुल 18,12,743 जरुरतमंद पात्र परिवारों को तत्परता से स्वीकृति देने के साथ ही आवश्यक धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी।

किसानों के हित में भूपेश कैबिनेट का बड़ा फैसला, 20 क्विंटल प्रति एकड़ की धान खरीदी पर लगी मुहर

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 रायपुर. मुख्यमंत्री निवास में भूपेश कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में चुनाव से पहले कई अहम फैसले लिए गए हैं. किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए 1 नबंवर से धान खरीदी होगी. वहीं कैबिनेट की बैठक में 20 क्विंटल प्रति एकड़ की खरीदी पर भी मुहर लगी है. इसके साथ ही न्यू स्वागत विहार के पात्र हितग्रहियों को जमीन लौटाने का फैसला लिया गया है.


बता दें कि, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में यहां उनके निवास कार्यालय में मंत्री परिषद की बैठक आयोजित हुई. बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का के उपार्जन तथा कस्टम मिलिंग की नीति का निर्धारण किया गया. जिसके तहत भारत सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य के अनुसार धान औऱ मक्का का उपार्जन किया जाएगा. समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीफ धान की नगद और लिकिंग में खरीदी एक नवंबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक की जाएगी. इसी प्रकार खरीफ मक्का की खरीदी एक नवबंर 2023 से 28 फरवरी 2024 तक की जाएगी.

  • मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के अनुरूप किसानों से धान की खरीदी प्रति एकड़ 20 क्विंटल एवं मक्का प्रति एकड़ 10 क्विंटल लिकिंग सहित़ अधिकतम की जाएगी.
  • खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 हेतु छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित को धान उपार्जन के लिये शासकीय प्रत्याभूति (राशि 14 हजार 700 करोड़ रूपए) की वैधता एक वर्ष बढ़ाते हुए 31 अक्टूबर 2024 तक करने का निर्णय लिया गया.
  • खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग से प्राप्त परिणामी चावल के फोर्टिफिकेशन के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्या. (नेफेड) के माध्यम से फोर्टिफाईड राईस कर्नेल (एफ.आर.के.) की आपूर्ति किये जाने की सहमति प्रदान की गई.
  • मुख्यमंत्री बघेल द्वारा की गई घोषणा के परिपालन में पत्रकारों को नगर विकास योजना क्रमांक-4 कौशल्या माता विहार में मकान खरीदनें पर राज्य शासन की तरफ से 15 प्रतिशत की छूट प्रदान करने का निर्णय का अनुमोदन करते हुए इसके प्रथम स्टेज प्राक्कलन के अनुसार 309 पत्रकारों को दी जाने वाली छूट की राशि 6 करोड़ 37 लाख 20 हजार 450 रूपए रायपुर विकास प्राधिकरण को स्वीकृत किया गया.
  • ग्राम डूण्डा, सेजबहार एवं बोरियाकला, तहसील व जिला रायपुर में रियल स्टेट प्रोजेक्ट न्यू स्वागत विहार के स्वीकृत अभिन्यास एवं प्रभावितों को प्लाट उपलब्ध कराने के संबंध में निर्णय लिया गया कि पूर्व में स्वीकृत 8 ले-आउट को निरस्त किया जाए. न्यू स्वागत विहार कॉलोनी को अनधिकृत कालोनी मानते हुए नियमितीकरण की कार्यवाही की जाए. कौशल्या माता विहार नगर विकास योजना में बिल्डर की कुछ भूमियों का योजना से पृथक करने के लिए डिनोटिफिकेशन करने का निर्णय लिया गया ताकि प्रभावितों को भूखण्ड प्रदान किया जा सके.
  • नवा रायपुर अटल नगर में प्रस्तावित थोक व्यवसायिक बाजार या कमर्शियल हब परियोजना के आबंटन दर एवं भू-खण्ड आबंटन की प्रक्रिया निर्धारण के संबंध में निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री बघेल की घोषणा के परिपालन में व्यापरियों को 945 रूपए के स्थान पर 540 रूपए प्रति वर्गफीट की दर से भूखण्ड दिया जाएगा. इससे नवा रायपुर प्राधिकरण को होने वाली क्षति की कुल राशि 117.86 करोड़ रुपए की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार द्वारा की जाएगी.
  • राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला रायपुर के अंतर्गत वैज्ञानिक अधिकारी (भौतिकी राजपत्रित, द्वितीय श्रेणी) से वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी (भौतिकी राजपत्रित प्रथम श्रेणी) के पद पर पदोन्नति के लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा 5 वर्ष में 4 माह का शिथिलीकरण करने का अनुमोदन किया गया.
  • जनसंपर्क विभाग में अपर संचालक के 03 पद वेतन मैट्रिक्स लेवल-15 (वेतनमान 118500-214100) सृजित करने का निर्णय लिया गया.
  • राजगामी संपदा की भूमि वाईडनर मेमोरियल स्कूल हेतु भूमि का आबंटन करने का निर्णय लिया गया.
  • रत्नेश्वर कुर्मि क्षत्रिय सेवा संस्थान रतनपुर को शासकीय भूमि आबंटन और व्यवस्थापन में रियायत का निर्णय लिया गया.
  • आवेदक संस्था अध्यक्ष छत्तीसगढ़ हल्बा आदिवासी समाज भिलाई-दुर्ग को आबंटित भूमि में रियायत प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
  • गोंड समाज जिला-सरगुजा को शासकीय भूमि आबंटन में रियायत प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
  • रजवार समाज सूरजपुर को शासकीय भूमि आबंटन में रियायत प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
  • दिल्लीवार कुर्मी क्षत्रिय समाज राजनांदगांव द्वारा सामाजिक भवन के निर्माण हेतु भूमि आबंटन प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
  • तहसील साहू संघ छुरिया, जिला राजनांदगांव को सामाजिक भवन निर्माण हेतु भूमि आबंटित करने का निर्णय लिया गया.
  • हरदिया साहू समाज रायपुर और साहू समाज दुर्ग को शासकीय भूमि आबंटन में रियायत प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
  • मनेन्द्रगढ़ नगरीय क्षेत्र में वर्ष 1959 के पूर्व के कब्जाधारियों को भूमि स्वामी हक प्रदाय करने का निर्णय लिया गया.
  • राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 6 क्रमांक 4 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.
  • ग्राम पंचायत घुमका, जिला- राजनांदगांव को नगर पंचायत बनाये जाने के लिए निर्धारित मापदण्ड में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
  • ग्राम पंचायत पोरथा, जिला-सक्ती को नगर पंचायत बनाये जाने हेतु निर्धारित मापदण्ड में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया.
  • छत्तीसगढ़ राज्य हिन्दी ग्रंथ अकादमी में सुदीप ठाकुर को संचालक (संविदा) नियुक्त करने का निर्णय लिया गया.
  • श्री रामेश्वर गहिरा गुरू प्राच्य संस्कृत महाविद्यालय श्री कोट, जिला -बलरामपुर-रामानुजगंज को छत्तीसगढ़ अशासकीय महाविद्यालय और संस्था (स्थापना एवं विनियमन) अधिनियम 2006 के प्रावधान के अंतर्गत 100 प्रतिशत अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया गया.

मोहित की धुंधलाती आंखों ने देखा आईआईएम में दाखिले का सपना

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रायपुर। मैं और भैया आंखों की जेनेटिक बीमारी रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा से जूझ रहे हैं, इस बीमारी में धीरे-धीरे आंखों की ज्योति कम होती जाती है। मुझे बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता और भैया की आंखों में लगभग पचास प्रतिशत ज्योति है। जब भैया का सिलेक्शन आईआईएम अहमदाबाद के लिए हुआ तो वहां की फीस जानकर हमने पढाई की उम्मीद ही छोड़ दी। हमसे कहा गया कि अगर कोई कुछ कर सकता है तो वो सिर्फ मुख्यमंत्री ही कर सकते हैं। मगर हमने सोचा कि हम मुख्यमंत्री तक कैसे पहुंच सकते- हम आखिर हैं ही कौन ?

आज जब मुख्यमंत्री निवास में मुस्कान ने ये बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहीं तो मुख्यमंत्री ने मुस्कान बिटिया से कहा- अरे ! ऐसा कभी मत सोचना, आपके सपने जरूर पूरे होंगे। फीस की चिंता भूल जाओ और खूब मन लगाकर पढ़ाई करो। मुख्यमंत्री ने मोहित की फीस के लिए 25 लाख रुपये प्रदान करने के संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट से मंजूरी के लिए भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिए।मोहित ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं। 

उनके पिता एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। आंखों की जेनेटिक बीमारी के बावजूद वे पढ़ना चाहते हैं ताकि अपने जैसे बच्चों के लिए कुछ कर सकें। भारत के शीर्ष संस्थान आईआईएम अहमदाबाद के एंट्रेंस- कैट में उनका 99.93 परसेंट से सिलेक्शन एमबीए के लिए हुआ है। वहां 2 साल की फीस लगभग 25 लाख रुपये है। इतनी बड़ी रकम देना उनके लिए सम्भव नहीं है। मुख्यमंत्री ने भाई-बहन मोहित और मुस्कान से कहा कि आपने कड़ी मेहनत से ये सफलता प्राप्त की है। आप फीस की चिंता हमारे ऊपर छोड़ दीजिए और पूरा ध्यान पढाई पर लगाइए। कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर आपका सपना पूरा करेंगे।

मुस्कान ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे भी बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से बीएड की पढ़ाई कर रही हैं। साथ ही साथ वे और मोहित रे ऑफ होपनाम से प्रोजेक्ट चलाते हैं। जिसके तहत वे देश और विदेश के विज़न की समस्या से जूझ रहे लगभग 200 लोगों को मेंटल मैथ्स और इंग्लिश ऑनलाइन पढ़ाते हैं। वे आगे इस काम को और आगे ले जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने मोहित और मुस्कान को उनके लोगों की मदद करने के जज्बे की खूब सराहना की।

सहायक आरक्षकों का डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स के आरक्षकों के पदों पर होगा संविलियन

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में कार्यरत सहायक आरक्षकों को बड़ी सौगात मिली। कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में स्वीकृत सहायक आरक्षकों के पदों को समाप्त कर डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग के सृजन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। डाईंग कैडर के सहायक आरक्षकों का सृजित की जाने वाली डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग के आरक्षकों के पदों पर संविलियन होगा। कैबिनेट के इस निर्णय से सहायक आरक्षकों की वेतन विसंगति दूर होगी और उन्हें नियमित आरक्षकों की भांति वेतनमान मिलेगा। 



राज्य सरकार के इस निर्णय से राज्य में नक्सली उन्मूलन अभियान में सहयोग दे रहे सहायक आरक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और राज्य में नक्सल विरोधी अभियान को गति मिलेगी।  कैबिनेट के निर्णय के अनुसार सहायक आरक्षक के उपलब्ध 3096 पदों को समाप्त कर उनके स्थान पर डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग निर्मित करते हुए 3736 नवीन पदों का सृजन किया जाएगा। इनमें से डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग में आरक्षक के 3136 पद सृजित किए जाएंगे। इन पदों पर डाईंग कैडर में उपलब्ध सहायक आरक्षक ही संविलियन होंगे।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में कुल 3096 सहायक आरक्षक पदस्थ हैं, जो राज्य के घोर नक्सली परिक्षेत्र बस्तर के घने जंगलों के अलावा जिला गरियाबंद, बालोद, राजनांदगांव, कबीरधाम, महासमुन्द, धमतरी, सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर और कोरिया में पुलिस के अन्य सशस्त्र बलों के साथ एक समान दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं तथा नक्सली उन्मूलन अभियान में सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

प्रदेश में कार्यरत सहायक आरक्षकगण लगभग पुलिस विभाग के नियमित शासकीय सेवक आरक्षक संवर्ग के कर्मचारियों की भांति सेवायें दे रहे हैं, किन्तु राज्य के नियमित कर्मचारियों की भांति समान कार्य के बदले समान वेतनमान प्राप्त नहीं होने एवं अत्यंत ही कम वेतन प्राप्त होने से विसंगतिपूर्ण स्थिति उत्पन्न होती है। उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए सहायक आरक्षकों के वेतन संबंधी व्याप्त विसंगति को दूर करने तथा प्रदेश के समस्त सहायक आरक्षकों को नियमित आरक्षकों की भांति वेतनमान मिल सकेगा।

डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग के सृजन के नवीन प्रस्ताव अनुसार सहायक आरक्षक के उपलब्ध 3096 पदों को समाप्त कर उसके स्थान पर डिस्ट्रिक्ट स्ट्राईक फोर्स संवर्ग निर्मित करते हुए आरक्षक के 3136, प्रधान आरक्षक के 460, सहायक उप निरीक्षक के 80, उप निरीक्षक के 40 एवं निरीक्षक 20 कुल 3736 नवीन पद सृजित किए जाएंगे।

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