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केरल में कुदरत का कहर जारी, प्रदेश में बाढ़ से 41 लोगों की मौत, भारी बारिश का अलर्ट

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केरल में भारी बारिश और भूस्खलन की घटनाएं लगातार जारी है। हालांकि सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में बारिश कम हो गई है, लेकिन लोगों के घरों का कोई निशान नहीं बचा है। बाढ़ में सब बह गया है। वहीं केरल के दस बांधों को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं प्रदेश में सोमवार को बाढ़ और बारिश से मरने वालों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। दक्षिणी राज्य में आगे भी तूफानी मौसम होने की संभावना जताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बुधवार से प्रभावी 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही गंभीर मौसम बने रहने की चेतावनी जारी की है। 

इधर, कोक्कयार में एक बचाव दल ने 3 साल के सचू साहुल का शव बरामद किया। जबकि दो लापता लोगों की तलाश जारी है। कोट्टायम के कवाली और प्लापल्ली में दो अलग-अलग भूस्खलन में 12 लोगों के मारे जाने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई। जबकि 3 लोग बाढ़ के पानी में बह गए। कवाली के सेंट मैरी चर्च में सोमवार को 3 बच्चों समेत एक ही परिवार के 6 लोगों को दफनाया गया। 

बता दें कि देश के उत्तर से दक्षिण तक मौसम का कहर देखने को मिल रहा है। उत्तराखंड में आज भी लगतार तीसरे दिन भारी बारिश का अलर्ट है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी अगले 24 घंटे में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं केरल में आज बांधा खोले जाने से नदियों का जल स्तर बढ़ सकता है। 

अगले 48 घंटे भारी बारिश के आसार

दक्षिण ही नहीं उत्तर में भी कुदरत ने तबाही मचाई है। उत्तराखंड में भारी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। उत्तराखंड में अगले 48 घंटों में भारी बारिश का अलर्ट है। ऐसे में हालात पहले से और खराब हो सकते हैं।  24 घंटे में 150 मिलीमीटर से भी ज्यादा मूसलाधार बारिश ने नैनीताल की खूबसूरती को जैसे पानी में समा लिया है। नैनीझील का पानी पहली बार नयना देवी मंदिर के अंदर तक पहुंच गया है। झील के पानी यहां से पैदल आने जाने वालों को भी परेशानी हो रही है। मूसलाधार बारिश की वजह से नैनीताल में भूस्खलन भी शुरू हो गया है। 

पूरे राज्य के हालात पर नजर रखने के लिए देहरादून में कंट्रोल रूम बनाया गया है। CM पुष्कर धामी भी कंट्रोल रूम के जरिए राहत और बचाव  के काम का जायजा ले रहे हैं। उत्तराखंड के हालात को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और केंद्र सरकार से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से चारधाम यात्रा को रोक दिया गया है। 

11 बांधों को लेकर रेड अलर्ट 

केरल में लगातार हो रही बारिश के चलते राज्य सरकार ने 11 बांधों को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। इसलिए निचले इलाकों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। एशिया के सबसे ऊंचे आर्क डैम में शामिल इडुक्की बांध के दरवाजे भी आज खोल दिए जाएंगे। 2018 में जब इडुक्की बांध के दरवाजे खुले थे तब पेरियार नदी के आस-पास बसे इलाकों में भारी तबाही आई थी और फिर से वैसी ही तबाही आने की आशंका है।


मौसम विभाग के मुताबिक केरल में बुधवार से बरसात और भी रफ्तार पकड़ेगी, जो 24 अक्टूबर तक चलेगी। इसलिए राज्य सरकार अभी से ही बड़े डैम्स को खाली करने में जुट गई है। चलाकुडी नदी पर शोलयार बांध के दरवाजे खोल दिए गए हैं। कक्की नदी पर कक्की बांध के दरवाजे भी राज्य सरकार ने खोल दिए हैं। एर्णाकुलम में इडामलयार और पतनमतिट्टा में पंपा बांध के फाटक आज खोले जाएंगे। मटुपट्टी, मूझियार, कुंडला और पीची बांध के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 8 बांधों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' भी जारी किया गया है। 

रेस्क्यू में लगीं NDRF की 11 टीमें 

केरल सरकार ने सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर की तीर्थयात्रा भी फिलहाल रोक दी है। आरणमुला, किदंगन्नूर और ओमल्लूर के तटीय इलाकों में भी अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में राहत आपदा केंद्रों की संख्या 247 तक बढ़ाई गई है, इन कैंप्स में 2619 परिवार रह रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में NDRF की 11 टीमों को लगाया गया है। इस पूरे हफ्ते केरल को कुदरत की अग्निपरीक्षा से गुजरना है। खासतौर पर दक्षिण और मध्य केरल के जिलों को क्योंकि इन्हीं इलाकों में बाढ़ का खतरा ज्यादा है।

'तीर्थयात्रा के लिए नहीं है ठीक समय' 

जल संसाधन मंत्री रोशी ऑगस्टीन ने कहा कि कक्की बांध के स्लुइस गेट खोलने के बाद, पंबा नदी में जल स्तर कम से कम 15 सेमी बढ़ जाएगा, और यह तीर्थयात्रा के लिए आदर्श स्थिति नहीं थी। पड़ोसी राज्यों से कोट्टायम और पथानामथिट्टा पहुंचे तीर्थयात्रियों को अधिकारियों ने वापस भेज दिया है। जैसे ही बांध के फाटक खोले गए, कुट्टनाड और अलपजुहा के कई इलाकों में भारी जलभराव हुआ। 

मंत्री रोशी ऑगस्टीन ने बताया कि एशिया के सबसे बड़े आर्च बांध इडुक्की के स्लुइस गेट मंगलवार को सुबह 11 बजे खोल दिए जाएंगे। सोमवार को जलाशय में जल स्तर बढ़कर 2,398 फीट हो गया था। इसे 2,403 फीट पानी रखने के लिए डिजाइन किया गया है। इडुक्की के सांसद डीन कुरियाकोस ने राज्य सरकार से बांध पर दबाव कम करने के लिए कुछ स्लुइस गेट खोलने को कहा है।

वायरल हो रहे कई वीडियो

बाढ़ में एक घर के बह जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और उसके मालिक, केपी जेबी, एक निजी बस चालक ने कहा कि उसकी 25 साल की बचत कुछ ही सेकंड में गायब हो गई। हालांकि घर में अचानक आई बाढ़ में बह जाने से वह और उसके परिवार के सदस्य बच गए थे। लेकिन उनकी सालों की कमाई को पानी का सैलाब बहा ले गया। उन्होंने कहा कि वह परेशान हैं अब उन्हें शुरू से अपनी जिंदगी की शुरूआत करनी होगी।

कोरोना के बाद टेंशन बढ़ा रहा 'निपाह', प्रदेश के इस जिले में 11 मरीजों में दिखे लक्षण

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देश में कोरोना अभी तक पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इसी बीच निपाह वायरस ने चिंता बढ़ा दी है। केरल के कोझिकोड जिले में 11 लोगों में निपाह वायरस के लक्षण दिखे हैं। निपाह वायरस के संक्रमण के मद्देनजर केरल के कोझिकोड में तैनात एक केंद्रीय टीम की एक रिपोर्ट के आधार पर केंद्र ने जिले में अस्पताल और समुदाय-आधारित निगरानी दोनों को मजबूत करने और निषिद्ध क्षेत्रों में मामलों का सक्रियता से पता लगाने की सिफारिश की है। केरल के मुख्य सचिव डॉ. वीपी जॉय को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सोमवार को कहा कि कन्नूर, मलप्पुरम और वायनाड के आस-पास के जिलों को सतर्क करने की आवश्यकता है और जिलों के अधिकारियों को संक्रिमतों के संपर्कों की पहचान करने के साथ-साथ उच्च जोखिम वालों, कम जोखिम वालों की संपर्क सूची तैयार करनी चाहिए। 


केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि सभी उच्च जोखिम वाले संपर्कों को निर्धारित आइसोलेशन सेंटर में ले जाया जा सकता है और लक्षणों की निगरानी की जा सकती है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की केंद्रीय टीम को कोझिकोड जिले में निपाह के प्रकोप के मद्देनजर रविवार को वहां तैनात किया गया था। टीम ने अब तक वन और वन्यजीव मंत्री के साथ-साथ केरल की स्वास्थ्य मंत्री के साथ बैठकों में भाग लिया है। केरल के स्वास्थ्य विभाग ने 251 व्यक्तियों की पहचान की है, जो निपाह वायरस के संक्रमण से जान गंवाने वाले 12 साल के लड़के के संपर्क में आए थे। इनमें से 38 लोग कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अलग से रखा गया है और 11 लोगों में लक्षण नजर आए हैं। 

11 में दिखे वायरस के लक्षण

स्वास्थ्य मंत्री ने एक विज्ञप्ति में बताया कि संपर्क में आए 251 लोगों में 129 स्वास्थ्यकर्मी हैं। उन्होंने बताया कि 'कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 38 लोग अलग से रखा गया है, जिनमें से 11 लोगों में संक्रमण के लक्षण दिखे हैं। आठ लोगों के नमूने राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे भेजे गए हैं।' संक्रमण के लक्षण वाले सभी लोगों की हालत स्थिर है। संपर्क में आए 251 लोगों में 54 बहुत ज्यादा जोखिम वाली श्रेणी में हैं और इनमें से 30 स्वास्थ्यकर्मी हैं। इनमें से बच्चे के अभिभावक समेत कुछ रिश्तेदार भी हैं।

2018 हुई थी वायरस की पहचान

दक्षिण भारत में निपाह वायरस का पहला मामला केरल के कोझिकोड में 19 मई 2018 को सामने आया था। एक जून 2018 तक इस संक्रमण के 18 मामले सामने आए थे और 17 लोगों की मौत हो गई थी। तब कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों में निपाह के चलते 12 लोगों की मौत के बाद विशेषज्ञों ने चमगादड़ों से नमूने एकत्र किए थे। इसके बाद फ्रूट बैट प्रजाति के चमगादड़ों को घातक वायरस के वाहक के रूप में पहचाना गया था।

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