Media24Media.com: ऑनलाइन ठगी

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CG-NEWS : प्यार के चक्कर में युवक ने युवक ने गवां दिए साढ़े 17 लाख , मामला दर्ज

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कवर्धा. प्रेमजाल में फंसाकर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है. युवती ने युवक से 17 लाख 51 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी की है. यह मामला दामापुर चौकी के कुंडा थाना क्षेत्र का है. युवक की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है.


युवक हिमांशु यदु दामापुर चौकी के जैतपुर का रहने वाला है. युवती ने पहले फेसबुक के जरिए युवक से दोस्ती की. फिर व्हाट्सएप्प नंबर से दोनों वीडियो कालिंग में बात करने लगे. युवती 4 माह से सैलरी नहीं मिलने की बात कहकर एक माह के भीतर युवक से 17 लाख 51 हजार रुपए की ठगी कर ली. ठग युवती की अचानक मोबाइल बंद होने से युवक ने परेशान होकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराया.

लड़की के नाम से मामला दर्ज 

युवक ने कुंडा थाना में अज्ञात नंबर और लड़की के नाम से मामला दर्ज कराया है. इस शिकायत पर कुंडा और दामापुर चौकी पुलिस की सयुंक्त टीम आरोपी ठग को पकड़ने दिल्ली जाएगी. थाना प्रभारी आनंद शुक्ला ने बताया कि जैतपुर निवासी हिमांशु यदु ने थाने में शिकायत की है कि अज्ञात युवती ने प्रेम जाल में फंसाकर एक माह के भीतर 17 लाख 51 हजार रुपए की ठगी की है. फिलहाल युवक के मोबाइल को अपने कब्जे में रखकर जांच की जा रही है.


ऑनलाइन ठगी: सिम ब्लॉक होने का बहाना बनाकर ठगों ने करवाया KYC और फिर अकाउंट से पार हो गए 2 लाख से ज्यादा रुपए..

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रायपुर. ऑनलाइन ठगी या साइबर क्राइम इस समय एक बड़ी समस्या है । जहां ठग भोले भाले लोगों की मासूमियत का फायदा उठाते है। ऐसा ही एक ताजा मामला रायपुर से आया है। जहां ठगों ने कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय की क्लर्क को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।





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कहा आपका सिम हो गया हैं ब्लॉक..





मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय की क्लर्क को ठगों ने सिम ब्लॉक होने का झांसा देते हुए KYC अपडेट और एनी डेस्क एप डाउनलोड करवाया जिसके बाद नीति के बैंक खाते से लाखों की रकम पार हो गई।





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लगभग 2 लाख से ज्यादा की रकम पार..





आज़ाद चौक थाना पुलिस ने बताया कि अज्ञात ठगों ने महिला के बैंक अकाउंट से लगभग 2 लाख 33 हजार रुपए की बड़ी रकम पार कर दी है। जिसके बाद अज्ञातों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। और पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है।


PF की रकम दिलाने के नाम पर बुजुर्ग से लाखों की ठगी

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छत्तीसगढ़ में दूसरे गंभीर अपराधों के साथ ही साइबर अपराध (Cyber Crime in Raipur) के मामले भी रोजाना बढ़ते जा रहे है। शातिर बदमाश अलग-अलग तरीके से ठगी (fraud) के वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इस बार इन शातिर बदमाशों ने एक बुजुर्ग से लाखों की ठगी की है।





ट्रांजेक्शन फेल होने पर न करें ये गलती, पड़ सकता है भारी





दरअसल शातिर ठगों ने राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग से 2 लाख 58 हजार रुपये ठग (Cyber Crime in Raipur) लिए हैं। पुलिस ने बुजुर्ग की शिकायत पर केस दर्ज करते हुए साइबर सेल की मदद से ठगों की तलाश शुरू कर दी है।





स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में काम कर रहे बुजुर्ग से ठगी (Cyber Crime in Raipur)





पुलिस के मुताबिक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में मुख्य पद पर काम कर रहे बुजुर्ग 2 लाख 58 हजार रुपये की ठगी का शिकार हो गए है। ठग ने खुद को बीमा कंपनी के कर्मचारी और अधिकारी बताकर बुजुर्ग को कॉल किया था। ठग ने उन्हें 13 लाख के आस-पास की PF भुगतान किए जाने की बात कही थी। इतनी बड़ी रकम सुनकर बुजुर्ग उसके झांसे में आ गए, जिसके बाद अलग-अलग नाम और पद का हवाला देकर ठग बुजुर्ग से बात करने लगे।





कही हैकर्स के पास आपकी ईमेल आईडी और पासवर्ड तो नहीं? इस तरह करें चेक





ठगों ने पहले बुजुर्ग का भरोसा जीता उसके बाद कभी ट्रांजेक्शन तो कभी टैक्स के नाम पर बुजुर्ग से उनके खाते की डिटेल और पैन नंबर ले लिए। कई किस्तों में ठगों ने बुजुर्ग के खाते से 2 लाख 58 हजार रुपये की रकम अपने खाते में जमा करा ली। फिर भी बुजुर्ग को PF की रकम नहीं मिली। इतना सब होने के बाद बुजुर्ग को ठगी का एहसास हुआ और उसने इसकी शिकायत गुढ़ियारी थाने में दर्ज कराई।





ऑनलाइन ठगी (Cyber Crime in Raipur) होने पर सबसे पहले करे ये काम





अगर किसी भी व्यक्ति के साथ बैंकिंग और एटीएम जैसी ठगी (fraud) हुई है, तो तत्काल उसे अपने बैंक में इस बात की सूचना देनी चाहिए और अपना अकाउंट बंद या फ्रीज करा देना चाहिए। बैंकिंग फ्रॉड या एटीएम फ्रॉड में लोग आरबीआई के ऑनलाइन साइट में जाकर एक कंप्लेंट रजिस्टर करा देना चाहिए। साथ ही इसकी सूचना साइबर सेल के ऑफिस में जाकर दें। साइबर सेल की टीम आसानी से ठगों की लोकेशन का पता लगा सकती है और आपके अकाउंट में पड़े पैसे को होल्ड कर देती है।





छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, जानिए कैसे करें बचाव





साइबर सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें






क्या करें-





  • अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
  • पासवर्ड को अक्षरांकीय में रखें अक्षरों/संख्याओं के साथ स्पेशल कैरेक्टर के कॉम्बिनेशन में बनाएं।
  • सोशल मीडिया के लिए बैंकिंग से अलग मोबाइल नंबर का प्रयोग करें।
  • अपने डिजिटल खातों में सिक्योरिटी प्रश्न,मोबाइल नंबर, एसएमएस अलर्ट, ऑल्टरनेट मेल आईडी अवश्य अंकित करें।
  • अलग-अलग एकाउंट के पासवर्ड अलग-अलग रखें।
  • सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल करते समय प्राइवेसी/सिक्योरिटी सेटिंग का इस्तेमाल जरूर करें और उपयोग के मुताबिक प्राइवेसी सेटिंग्स हाई रखें।
  • उपयोग नहीं होने वाले सोशल मीडिया एकाउंट को डिलीट कर दें।





क्या न करें-





  • अलग-अलग एकाउंट्स के लिए एक ही पासवर्ड इस्तेमाल न करें।
  • परिवार की महिलाओं का फोटो,मोबाइल नंबर,ईमेल आईडी, जन्मतिथि, घर से बाहर रहने के लोकेशन भी सोशल मीडिया पर न डालें, साथ ही बैंकिंग डिटेल्स सार्वजनिक पोस्ट न करे।
  • अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
  • अपने प्राईवेट फोटो किसी के मांगने पर शेयर न करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति लड़का या लड़की/पुरुष या महिला से दोस्ती न करें और न ही स्वयं किसी को गलत मैसेज भेजें।

ट्रांजेक्शन फेल होने पर न करें ये गलती, पड़ सकता है भारी

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छत्तीसगढ़ में दूसरे गंभीर अपराधों के साथ ही साइबर अपराध (Cyber crime in Chhattisgarh) के मामले भी रोजाना बढ़ते जा रहे है। शातिर बदमाश अलग-अलग तरीके से ठगी (fraud) के वारदात को अंजाम दे रहे हैं। आजकल ज्यादातर शॉपिंग में ट्रांजैक्शन ऑनलाइन के माध्यम से कर रहे हैं। इस वजह से ऑनलाइन ठगी (Online fraud) जैसे अपराधिक मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लोग कई तरह से ठगी का शिकार होते हैं जैसे ऑथेंटिक साइट लोग चेक नहीं करते हैं या कस्टमर केयर का नंबर गूगल से निकालकर डायल करते हैं। इस तरह की छोटी-छोटी गलतियों के कारण वे ठगी का शिकार हो जाते हैं।





atm fraud
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छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराध, जानिए कैसे करें बचाव





बता दें कि 17 दिसंबर को तेलीबांधा थाना क्षेत्र में एक साइबर ठगी (Online fraud) का अपराध दर्ज किया गया, जिसमें सीआरपीएफ में पदस्थ एक ASI के साथ 81 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी (Online fraud) हुई थी। दरअसल ASI छुट्टी पर अपने गांव राजस्थान जा रहा था। रास्ते में उसने अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाया। इस दौरान उसने अपने कार्ड से 2900 का ट्रांजेक्शन किया। पैसा कट जाने के बाद ट्रांजेक्शन फेल आया। दूसरी बार भी 2900 का ट्रांजेक्शन सीआरपीएफ के जवान ने किया, लेकिन इस बार भी ट्रांजेक्शन फेल बताया गया। किसी तरह जवान ने दूसरे से पैसे मांग कर पेट्रोल पंप वाले को दिया।









जवान इस तरह हुए ठगी के शिकार





पेट्रोल पंप में दो बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के बाद भी जब ट्रांजेक्शन फेल बताया गया और पैसे एकाउंट से कटे तो परेशान जवान ने गूगल सर्च इंजन पर कस्टमर केयर का नंबर ढूंढा और फोन लगाया। फोन एक युवक ने रिसीव किया। जिसके बाद शुरू हुआ ठगी का खेल। परेशान ASI ने अपनी शिकायत युवक को बताई। युवक ने ऑनलाइन पैसा वापस करने का झांसा दिया और धीरे-धीरे उसके अकाउंट में पड़े 81000 रुपये ठग ( fraud) लिए।









विधायक के भतीजे से I Phone के नाम पर हजारों रुपये की ठगी





पुलिस ने बताया कि 17 दिसंबर को पीड़ित ने गूगल पर नंबर सर्च कर कस्टमर केयर (Customer Care) पर फोन लगाया। ठग ने उन्हें 24 घंटे में पैसा वापस करने का झांसा दिया और जानकारी देने के बाद ओटीपी नंबर पूछा। एएसआई ने अपना ओटीपी नंबर शेयर किया। इसके बाद उसके खाते से अलग-अलग किस्तों में 81000 रुपए कट गए। संपर्क करने पर शातिर ठग पैसा वापस दिलाने का भरोसा देता रहा और फोन काट दिया। ASI ने दोबारा उसे कॉल लगाया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका। पीड़ित ने तेलीबांधा थाने में इसकी शिकायत की। साइबर सेल की टीम ने ASI के नंबर को ब्लॉक कर दिया।









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कई बार ऐसा देखा गया है कि किसी को ऑनलाइन शिकायत करनी रहती है या किसी प्रकार की शिकायत करनी रहती है तो गूगल पर कस्टमर केयर (Customer Care) का नंबर सर्च करते हैं और यही आदत साइबर अपराधियों को पता होती है। इसीलिए साइबर अपराधी (Cyber ​​criminal) ऐसा लिंक बनाते हैं जहां से साइबर अपराधियों (Cyber ​​criminals) के नंबर रजिस्टर रहते हैं। कस्टमर केयर के नाम से वे कई बार लोगों को फोन करते हैं और अपने आप को कस्टमर केयर (Customer Care) ऑफिसर या बैंक के अधिकारी बताकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।





साइबर एक्सपर्ट (Cyber ​​expert) ने दी जानकारी





साइबर एक्सपर्ट (Cyber ​​expert) ने बताया कि वे काफी ट्रेन्ड ठग होते है। उन्हें पहले से ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें कंप्यूटर का सारा नॉलेज होता है। जैसे ही कोई उन्हें फोन करता है वे संबंधित की पूरी डिटेल निकाल लेते है। जैसे कहां के रहने वाले है, कौन सा नंबर इस्तेमाल करते हैं। ये ठग लोगों को लिंक डाउनलोड करने या एप्लीकेशन डाउनलोड करने का झांसा देते हैं और ठगी का शिकार बनाते हैं।





कस्टमर केयर के नाम से हो रहे ठगी





जिस एप्लीकेशन से शॉपिंग करें, उस एप्लीकेशन में कस्टमर केयर के नंबर पर कॉल करके बात करें।एप्लीकेशन में कस्टमर केयर का नंबर नहीं मिलने पर चैट करने का भी ऑप्शन रहता है। उस पर क्लिक करने पर एप्लीकेशन से जुड़े लोगों से बात कर समस्या का हल किया जा सकता है। किसी भी एप्लीकेशन में ईमेल एड्रेस के थ्रू भी जुड़ा जा सकता हैं।





अगर करते है ऑनलाइन शॉपिंग तो इन बातों का रखे ख्याल





एक तरफ केंद्र सरकार अर्थव्यवस्था को पूरी तरह कैशलैस बनाने पर जोर दे रही है, दूसरी तरफ साइबर अपराध लोगों की टेंशन बढ़ा रहा है। आज के समय में पान वाले से लेकर बड़े व्यापारी तक सभी के पास ऑनलाइन पेमेंट की व्यवस्था होती है। इस ऑनलाइन के जमाने में पूरा बाजार एक क्लिक में उपलब्ध हो जाता है। ऑनलाइन शॉपिंग कोरोना काल में लोगों ने जोरो-शोरों से की है। एक तरफ इसके फायदे हैं तो कही नुकसान भी,इस तरह के ऑनलाइन (Online transaction fraud) प्लेटफार्म को कुछ ठगों ने अपना ऑनलाइन ठगी अड्डा बना लिया है।









ऑनलाइन ठगी होने पर सबसे पहले करे ये काम





अगर किसी भी व्यक्ति के साथ बैंकिंग और एटीएम जैसी ठगी (fraud) हुई है, तो तत्काल उसे अपने बैंक में इस बात की सूचना देनी चाहिए और अपना अकाउंट बंद या फ्रीज करा देना चाहिए। बैंकिंग फ्रॉड या एटीएम फ्रॉड में लोग आरबीआई के ऑनलाइन साइट में जाकर एक कंप्लेंट रजिस्टर करा देना चाहिए। साथ ही इसकी सूचना साइबर सेल के ऑफिस में जाकर दें। साइबर सेल की टीम आसानी से ठगों की लोकेशन का पता लगा सकती है और आपके अकाउंट में पड़े पैसे को होल्ड कर देती है।





साइबर सुरक्षा के लिए क्या करें और क्या न करें





क्या करें:-





  • अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
  • पासवर्ड को अक्षरांकीय में रखें अक्षरों/संख्याओं के साथ स्पेशल कैरेक्टर के कॉम्बिनेशन में बनाएं।
  • सोशल मीडिया के लिए बैंकिंग से अलग मोबाइल नंबर का प्रयोग करें।
  • अपने डिजिटल खातों में सिक्योरिटी प्रश्न,मोबाइल नंबर, एसएमएस अलर्ट, ऑल्टरनेट मेल आईडी अवश्य अंकित करें।
  • अलग-अलग एकाउंट के पासवर्ड अलग-अलग रखें।
  • सोशल नेटवर्किंग साइट का इस्तेमाल करते समय प्राइवेसी/सिक्योरिटी सेटिंग का इस्तेमाल जरूर करें और उपयोग के मुताबिक प्राइवेसी सेटिंग्स हाई रखें।
  • उपयोग नहीं होने वाले सोशल मीडिया एकाउंट को डिलीट कर दें।




क्या न करें:-





  • अलग-अलग एकाउंट्स के लिए एक ही पासवर्ड इस्तेमाल न करें।
  • परिवार की महिलाओं का फोटो,मोबाइल नंबर,ईमेल आईडी, जन्मतिथि, घर से बाहर रहने के लोकेशन भी सोशल मीडिया पर न डालें, साथ ही बैंकिंग डिटेल्स सार्वजनिक पोस्ट न करे।
  • अपना पासवर्ड किसी को न बताएं।
  • अपने प्राईवेट फोटो किसी के मांगने पर शेयर न करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति लड़का या लड़की/पुरुष या महिला से दोस्ती न करें और न ही स्वयं किसी को गलत मैसेज भेजें।





सावधान! कही ATM से पैसे निकालते समय आप भी तो नहीं करते ये गलती

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एटीएम फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ठग एटीएम कार्ड बदल कर अलग-अलग तरीकों से ठगी को अंजाम दे रहे हैं, ठग लोगों को फोन कर कहते हैं कि आपका एटीएम कार्ड बंद होने वाला है और एटीएम कार्ड को एक्टिवेट कराने के लिए एटीएम कार्ड पर पीछे लिखा सीवीवी नंबर उन्हें बताएं, जिससे वह एटीएम कार्ड चालू कर देंगे। जैसे ही लोग अपना सीवीवी नंबर उन्हें बताते हैं। ठग उनके खाते से पैसे पार कर देते हैं।





अगर करते है ऑनलाइन शॉपिंग तो इन बातों का रखे ख्याल





ठग सबसे पहले ऐसे ही एटीएम तलाशते हैं, जो गांव खेड़ी के पास हो। जिसके बाद ठग उस एटीएम पर नजर रखते हैं, कोई व्यक्ति एटीएम से पैसा निकालने आता है और अगर उसे पैसे निकालने में समस्या होती है तो ठग तुरंत अंदर आ जाते हैं। उस आदमी की मदद करने से के नाम से उसका एटीएम कार्ड ले लेते हैं और एटीएम मशीन में डालकर व्यक्ति को पासवर्ड डालने को कहते हैं और जैसे ही पैसा निकल आता है उस दौरान दूसरा कार्ड बदलकर दे देते हैं।





ऐसे होती है ऑनलाइन ठगी-





  • किसी फर्जी विज्ञापन के झांसे में आकर किसी भी लिंक को क्लिक ना करें।
  • बिना जानकारी के किसी भी वेबसाइट या लिंक पर जाकर शॉपिंग ना करें।
  • पेमेंट करते वक्त अपना ओटीपी या सीवीवी नंबर किसी से भी शेयर ना करें इससे सबसे ज्यादा ठगी होने की गुंजाइश होती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त सिर्फ ऑथराइज्ड वेबसाइट से ही शॉपिंग करें वरना बाजार में सैकड़ों ऐसी वेबसाइट है जो कि ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों के साथ ठगी करते हैं।
  • पेमेंट करते वक्त सही पेमेंट चैनल का इस्तेमाल करें वरना आपके पेमेंट के सारी डिटेल्स ठगों के पास चल जाते हैं और वह आपका अकाउंट पल भर में खाली कर देते हैं।




ऑनलाइन ठगी से ऐसे बचे-





  • एटीएम के जब आप अंदर जाते हैं तो उस समय ध्यान रखें कि उस समय एटीएम में आपके अलावा कोई ना हो, कोई अगर वहां खड़ा रहता है तो उसे आप बाहर जाने को बोलें।
  • अपने कार्ड के पीछे लिखे गए सीवीवी नंबर को याद कर कार्ड में सीवीवी नंबर जहां लिखा हुआ है उससे कलर से मार्क कर दें, जिससे वह किसी को नजर ना आए।
  • यदि आपके खाते से पैसे गायब होते हैं तो आप बैंक जाने के साथ-साथ अन्य तरीके से भी अपने अकाउंट को ब्लॉक कर सकते हैं।
  • इसका सिंपल सा तरीका है कि आप बैंक ट्रांजैक्शन करें और आपके मोबाइल पर जब ओटीपी आए तो तीन बार ओटीपी गलत डालें जिसके बाद बैंक 24 घण्टे के लिए आपके खाते को सील कर देगा।





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