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बी.एड., डी.एल.एड., बी.ए.बी.एड तथा बी.एस.सी.बी.एड. पाठ्यक्रम 2025 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आबंटन हेतु सूची जारी

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रायपुर। राज्य के बी.एड., डी.एल.एड., बी.ए.बी.एड तथा बी.एस.सी.बी.एड. पाठ्यक्रम 2025 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आबंटन हेतु सूची जारी कर दी गई है। इन प्रवेश परीक्षाओं में प्रवेश हेतु अभ्यर्थी एससीइआरटी के वेबसाईट www.scert.cg.gov.in में काउंसलिंग के लिए प्रक्रिया शुल्क का भुगतान कर विकल्प फार्म ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

संचालक एससीइआरटी ने बताया कि विस्तृत सीट आवंटन कार्यक्रम, आवश्यक दिशा निर्देश, प्रवेश नियम व प्रक्रिया, महाविद्यालयों व संस्थानों की सूची व शुल्क की जानकारी एससीइआरटी रायपुर के वेबसाइट में उपलब्ध है। आबंटन प्रक्रिया व्यापम द्वारा जारी प्री.बी.एड/प्री. डी.एल.एड. परीक्षा 2025 के प्राप्तांक के आधार पर तथा बी.ए.बी.एड./बी.एससी.बी.एड. में शासन द्वारा विगत 07 अगस्त को जारी नियम निर्देशानुसार 10+2 के प्राप्तांक के आधार पर किया जायेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बी.एड., डी.एल.एड., बी.ए.बी.एड., बी.एससी.बी.एड. के अभ्यर्थियों की ऑनलाइन आवंटन हेतु फार्म जमा करने की तिथि 29 अगस्त से 04 सितम्बर तक निर्धारित की गई है। इसी तरह प्रथम चरण की प्रथम सूची हेतु 09 से 10 सितम्बर तक दावा आपत्ति के लिए प्रथम चरण की प्रथम सूची 11 सितम्बर को जारी की जाएगी तथा आबंटित अभ्यर्थी के लिए महाविद्यालय में प्रवेश हेतु 11 से 15 सितम्बर तक तिथि निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि रिक्त सीटों की जानकारी 16 सितम्बर तक दी जाएगी और प्रथम चरण की द्वितीय सूची दावा आपत्ति हेतु 17 सितम्बर, प्रथम चरण की द्वितीय सूची 18 सितम्बर तक ली जाएगी। प्रथम चरण की द्वितीय सूची में आबंटित अभ्यर्थी द्वारा महाविद्यालय में प्रवेश हेतु तिथि 18 से 22 सितम्बर निर्धारित की गई है। रिक्त सीटों की जानकारी 23 सितम्बर तक दी जाएगी। प्रथम चरण की द्वितीय सूची दावा आपत्ति हेतु 24 सितम्बर की तिथि निर्धारित की गई है। प्रथम चरण की तृतीय सूची 25 सितम्बर को जारी की जाएगी। प्रथम चरण की तीसरी सूची में आबंटित अभ्यर्थी 25 से 29 सितम्बर तक महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं तथा रिक्त सीटों की जानकारी 30 सितम्बर तक दी जाएगी।

इसी प्रकार द्वितीय चरण में पंजीयन एवं ऑनलाइन विकल्प फार्म 01 से 05 अक्टूबर तक जमा कर सकते हैं। द्वितीय चरण की प्रथम सूची दावा आपत्ति हेतु 09 एवं 10 अक्टूबर निर्धारित की गई है। द्वितीय चरण की प्रथम सूची 13 अक्टूबर को जारी की जाएगी तथा आबंटित अभ्यर्थी 13 से 16 अक्टूबर तक महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं। 

रिक्त सीटों की जानकारी 17 अक्टूबर को दी जाएगी। द्वितीय चरण की दूसरी सूची में 23 अक्टूबर तक दावा आपत्ति कर सकते हैं। 24 अक्टूबर को द्वितीय चरण की दूसरी सूची जारी की जाएगी तथा चयनित अभ्यर्थी 24 से 28 अक्टूबर तक महाविद्यालय में प्रवेश ले सकते हैं एवं 29 अक्टूबर को रिक्त सीटों की जानकारी दी जाएगी। द्वितीय चरण की तीसरी सूची के लिए दावा आपत्ति 30 अक्टूबर तक कर सकते हैं। द्वितीय चरण की तीसरी सूची 31 अक्टूबर को जारी होगी तथा 31 अक्टूबर से 06 नवम्बर तक चयनित अभ्यर्थी महाविद्यालय में प्रवेश ले सकेंगे एवं 07 नवम्बर को रिक्त सीटों की जानकारी प्रदान की जाएगी।

अभ्यर्थी प्रवेश हेतु अंतिम तिथि को शाम 5 बजे के बाद प्रवेश तथा शाम 5.30 के बाद महाविद्यालय द्वारा प्रवेश को ऑनलाइन अपडेट करने की प्रकिया बंद हो जाएगी। वर्तमान में दो ही चरण की आबंटन प्रक्रिया के कार्यक्रम जारी किये जा रहे हैं। रिक्त सीट रहने की स्थिति में तीसरे चरण का आबंटन कार्यक्रम व दिशा-निर्देश बाद में एस.सी.ई.आर.टी. के वेबसाइट में जारी किया जायेगा। इच्छुक अभ्यर्थी पत्र व्यवहार तथा दावा आपत्ति Cgscert.helpdesk@gmail.कॉम पर आवश्यक दस्तावेज/आवेदन पत्र भेज सकते हैं। पूछताछ के लिए कार्यालयीन दिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक एस.सी.ई.आर.टी. के हेल्प डेस्क नंबर 7470470609 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।


बी.टेक कृषि अभियांत्रिकी एवं खाद्य प्रौद्योगिकी में 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी भी ले सकेंगे दाखिला

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रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित बी.टेक (कृषि अभियांत्रिकी) अथवा बी.टेक (फूड टेक्नोलॉजी) स्नातक पाठ्यक्रम में ‘‘नवीन शिक्षा नीति 2020’’ के तहत रिक्त सीटों पर सत्र 2024-25 के प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ओपन कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के मूल निवासी पी.ई.टी. - 2024, जे.ई.ई. मैन्स - 2024 तथा 12वीं कक्षा (गणित समूह - गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, अंग्रेजी) से उत्तीर्ण हो वे इस आनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने हेतु योग्य होंगे।

कृषि अभियांत्रिकी और फूड टेक्नोलॉजी का क्षेत्र कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी में नवाचार और उन्नत तकनीकों के उपयोग के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण है। कृषि अभियांत्रिकी का उद्देश्य छात्रों को  कृषि मशीनीकरण, सिंचाई प्रणाली, खाद्य प्रसंस्करण, और पर्यावरण संरक्षण में विशेषज्ञता प्रदान करना है। वहीं, फूड टेक्नोलॉजी के तहत छात्रों को खाद्य प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, और खाद्य सुरक्षा में विशेषज्ञता प्राप्त होती है, जिससे वे खाद्य उद्योग में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हाल ही में छत्तीसगढ़ राज्य में कृषि अभियांत्रिकी निदेशालय की स्थापना की योजना बनाई गई है, जिससे कृषि अभियांत्रिकी और फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 4 सितंबर, 2024 से 08 सितंबर, 2024 तक (दोपहर 12:00 बजे तक) चलेगी। इस अवधि में पंजीकरण करने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता सूची के आधार पर नियमानुसार प्रवेश दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी अभ्यर्थी जिन्होंने पी.ई.टी. - 2024, जे.ई.ई. मैन्स - 2024 अथवा 12वीं कक्षा (गणित समूह) उत्तीर्ण की है, वे इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 12वीं कक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता है, जबकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह न्यूनतम सीमा 40 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

अन्य राज्यों के 12वीं गणित समूह से उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी इसी अवधि में ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं; इन्हें छत्तीसगढ़ के मूलनिवासी अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया समाप्त होने के बाद रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in, पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऑनलाइन पंजीकरण हेतु निर्देश, काउंसलिंग समय-सारणी एवं अन्य जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 31 जुलाई, 2024 से उपलब्ध है।

‘छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023‘ :पहले चरण के लिए 4515 सेवा मतदाताओं को जारी हुआ इलेक्ट्रॉनिक डाक मतपत्र

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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा निर्वाचन-2023 अंतर्गत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा प्रथम चरण के निर्वाचन हेतु जिला निर्वाचन अधिकारियों को 20 विधानसभा क्षेत्रों हेतु सेवा मतदाताओं के लिए डाक मतपत्रों का इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप प्रेषित कर दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार ई-डाक मतपत्र के माध्यम से किए जाने वाले मतदान के संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी तथा सहायक निर्वाचन अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया गया है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा प्रथम चरण के निर्वाचन हेतु ई-डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान की विभिन्न प्रक्रियाओं के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया है। प्रथम चरण के लिए पंजीकृत 4 हजार 515 सेवा मतदाताओं को ई-डाक मतपत्र जारी किया गया है। आयोग के निर्देशानुसार प्रथम चरण के निर्वाचन के लिए नाम वापसी के बाद से ठीक 24 घंटे तक ई-डाक मतपत्र जारी किए जाते हैं तथा अगले सात दिवस तक उसे डाउनलोड करने का समय निर्धारित रहता है। संबंधित सेवा मतदाता उसे डाउनलोड कर अपने मत दर्ज करता है और उसे डाक द्वारा रिटर्निंग अधिकारी को भेजा जाता है। नियमानुसार 24 अक्टूबर को ई-डाक मतपत्र को डाउनलोड करने की शुरूआत हो चुकी है। दिनांक 31 अक्टूबर 2023 को ई-डाक मतपत्र डाउनलोड करने की अंतिम तिथि होगी। दिनांक 03 दिसम्बर 2023 को सुबह 07.59 बजे तक मतांकित/चिन्हित ई-डाक मतपत्रों को प्राप्त करने का समय निर्धारित किया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग ने ई-डाक मतपत्र के संप्रेषण हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि शस्त्र अधिनियम के अधीन केन्द्रीय बलों में कार्यरत व्यक्तियों, राज्य के सशस्त्र बल के राज्य से बाहर तैनात व्यक्तियों और देश से बाहर दूतावासों में तैनात शासकीय पदाधिकारियों को सेवा मतदाता के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इनके लिए ऑनलाइन पंजीकरण का प्रावधान किया गया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सेवा मतदाताओं के लिए ईटीपीबीएस विकसित किया गया है। यह पूर्णतः सुरक्षित प्रणाली है। इस प्रणाली के माध्यम से सेवा मतदाता अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर कहीं से भी इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त डाक मतपत्र के द्वारा अपना मत दे सकते हैं और इस प्रकार से मतदान के अवसर से वंचित होने की संभावना कम हो जाती है।

 

लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में साझा की गई बस्तर की जानकी यादव और नैना की कहानी

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रायपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में बस्तर की श्रीमती जानकी यादव और श्रीमती नैना की कहानी साझा की गई। केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह के मुख्य आतिथ्य में वर्चुअली आयोजित लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी देशभर की महिलाएं, स्टॉफ एवं अधिकारी ऑनलाइन जुड़ें। नेशनल कॉनक्लेव में एनआरएलएम की आजीविकामूलक गतिविधियों से लखपति बनी महिलाओं की प्रेरणादायक जीवन यात्रा को साझा किया गया। इनमें बस्तर की दो महिलाओं की कहानी भी शामिल थीं।

लखपति दीदियों के राष्ट्रीय सम्मेलन में ऑनलाइन शामिल हुईं देशभर की एनआरएलएम से जुड़ी महिलाएं और स्टॉफ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ीं दंतेवाड़ा जिले के गीदम की श्रीमती जानकी यादव की सफलता की कहानी से रू-ब-रू हुए। श्रीमती जानकी यादव मछलीपालन और सब्जियों की खेती कर लखपति बनी है। वह हर महीने अब 20 हजार रूपए कमा रही है। बस्तर जिले की श्रीमती नैना खेती के साथ ही पशुपालन और मछलीपालन भी करती है। इनसे उसे हर वर्ष एक लाख 40 हजार रूपए की आमदनी हो रही है।

सम्मेलन में प्रदेशभर से ’बिहान’ की 30 हजार 300 से अधिक महिलाएं, स्टॉफ और अधिकारी ऑनलाइन जुड़े। इनमें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी, समस्त स्टॉफ, कैडर, संकुल स्तरीय संगठन सदस्य, ग्राम संगठन सदस्य और ‘बिहान’ समूहों से जुड़ी महिलाएं शामिल हैं। वेबकॉस्टिंग के जरिए नई दिल्ली से सम्मेलन का सीधा प्रसारण किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू भी नेशलव कॉनक्लेव में ऑनलाइन मौजूद थे।

प्रदेश में 2 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारम्भिक प्रकाशन के साथ शुरू हो जाएगी निर्वाचन की तैयारी

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रायपुर। विधानसभा आम निर्वाचन-2023 के पूर्व प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की कार्यवाही चल रही है। पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 2 अगस्त को राज्य में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा फॉर्म-5 में मतदाता सूची के प्रारम्भिक प्रकाशन करने के साथ-साथ 1 अक्टूबर 2023 की अर्हता तिथि के सम्बन्ध में दावा-आपत्ति प्राप्त किए जाने नोटिस जारी किया जाएगा। 

इसी दिन राज्य में विशेष ग्राम सभा में मतदाता सूची का वाचन भी किया जाएगा। विधानसभा एवं जिला स्तर पर भी विशेष कार्यक्रमों का आयोजन कर आमजन में मतदाता सूची को शुद्ध बनाने जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। यह मतदाता सूची राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट https://ceochhattisgarh.nic.in/ में भी होस्ट की जाएगी। इसकी एक फोटोयुक्त हार्ड एवं एक फोटोरहित सॉफ्ट कॉपी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी जिला स्तर पर बैठक कर प्रदान की जाएगी।

मतदाता सूची के प्रारम्भिक प्रकाशन के दिन से 31 अगस्त तक निर्धारित प्रारूपों में बूथ लेवल अधिकारियों द्वारा दावा-आपत्ति प्राप्त किए जाएंगे। 30 दिनों की इस अवधि के दौरान चार दिन, 12-13 अगस्त (शनिवार-रविवार) और 19-20 अगस्त (शनिवार-रविवार) को बूथ स्तर पर विशेष शिविर का भी आयोजन होगा। इस दौरान 1 अक्टूबर 2023 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। मृत, डुप्लीकेट या स्थाई रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम विलोपन के लिए फॉर्म-7 के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। पूर्व से पंजीकृत मतदाता के विवरण में किसी प्रकार के संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भरा जाएगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए वोटर हेल्पलाइन एप और वोटर सर्विस पोर्टल भी उपलब्ध हैं। बीएलओ द्वारा फॉर्म भरने के लिए बीएलओ एप का प्रयोग किया जाएगा।

31 अगस्त तक प्राप्त होने वाले दावा-आपत्तियों की साप्ताहिक सूची सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक कर दी जाएगी। साप्ताहिक रूप से इस सूची का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट पर भी प्रकाशन किया जाएगा। 22 सितम्बर तक सभी दावा-आपत्तियों का निराकरण कर 4 अक्टूबर 2023 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन फॉर्म-16 में किया जाएगा। अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची पुनः वेबसाइट में होस्ट करने के साथ-साथ इसकी एक हार्ड एवं एक सॉफ्ट कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जिला स्तर पर प्रदान की जाएगी।

छत्तीसगढ़ की मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए पुनरीक्षण के दौरान सघन कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इस दौरान छूटे हुए युवाओं एवं समाज के वंचित वर्गों को अधिक से अधिक जागरूक कर उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में चार लाख 25 हजार 698 मतदाता 18-19 आयु वर्ग के हैं। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या एक लाख 47 हजार 364 तथा 767 तृतीय लिंग समुदाय के मतदाता हैं। राज्य में मतदाता सूची का लिंगानुपात 1002 है तथा मतदाता-जनसंख्या अनुपात 64.65 प्रतिशत है। श्रीमती कंगाले ने प्रदेश के नागरिकों से पुनरीक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के लिए अधिक से अधिक ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।

स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ का किया भ्रमण

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रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ का भ्रमण किया। टीम ने वहां ट्रॉमा मैनेजमेंट कोर्स और लोक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने विशेषज्ञों के साथ क्रोनिक डिसीज, संक्रमण तथा इम्युनोलॉजिकल समस्याओं के प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा की।


सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ आस्ट्रेलिया का पहला मेडिकल स्कूल है। अकादमिक प्रतिष्ठा से संबंधित क्यूएस सब्जेक्ट रैंकिंग में यह संस्थान दुनिया में 19वें और ऑस्ट्रेलिया में दूसरे स्थान पर है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूनिवर्सिटी में संचालित पब्लिक हेल्थ संस्थान का भी दौरा किया।

मधुमेह के विशेषज्ञों से रिसर्च एवं स्टडी पर हुई विशेष चर्चा

स्वास्थ्य विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने प्रदेश में लगातार मधुमेह (डायबिटीज़) के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए इससे जुड़े तमाम पहलुओं पर प्रशिक्षण विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। उन्होंने इस पर रिसर्च एंड स्टडी पर विशेष रूप से चर्चा की। मधुमेह की देखभाल की बढ़ती आवश्यकता और एंडोक्रिनोलॉजिस्ट की कमी को पूरा करने के लिए सिडनी विश्वविद्यालय ने अस्पताल के डॉक्टरों के साथ मिलकर मधुमेह प्रबंधन में नर्सिंग देखभाल का एक नवीन अभिनव मॉडल तैयार किया है।

इस मॉडल के माध्यम से डॉक्टरों के समय को कम कर नर्सों को मधुमेह मरीजों की देखभाल करने का अधिकार दिया गया है। सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ ने छत्तीसगढ़ के लिए भी इस तरह का मॉडल तैयार करने में गहरी रुचि दिखाई है जो मधुमेह देखभाल प्रबंधन में छत्तीसगढ़ के अनुकूल हो। सिडनी मेडिकल स्कूल के एंडोक्राइनोलॉजी की विभाग प्रमुख प्रो. स्टीफेन ट्वीगी और सहायक निदेशक प्रो. मार्गरेट मैकगिल ने इस पर प्रस्तुति दी और राज्य की टीम के साथ चर्चा की।

सिडनी विश्वविद्यालय ने छत्तीसगढ़ की जरूरत के अनुरूप पाठ्यक्रम के डिजाइन में दिखाई रूचि

सिडनी विश्वविद्यालय स्वास्थ्य देखभाल के विभिन्न पहलुओं पर पीएचडी के साथ विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करता है। वहां स्लीप मेडिसिन, दर्द प्रबंधन, जिनोम अध्ययन आदि  पाठ्यक्रमों के माध्यम से मानव संसाधन को प्रशिक्षित किया जा रहा है जिससे कम लगत में बेहतर सुविधा प्रदान की जा सके। अधिकांश प्रशिक्षण कार्यक्रम ऑनलाइन व स्व-शिक्षण हैं। साथ ही पाठ्यक्रम में कुछ शारीरिक प्रशिक्षण का संयोजन भी किया गया है। प्रशिक्षण के माध्यम से वहां कार्यरत मानव संसाधनों का कौशल उन्नयन किया जाता है। सिडनी विश्वविद्यालय ने प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों के कौशल उन्नयन की जरूरत की पहचान करने तथा स्वास्थ्य विभाग एवं आयुष विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी कर उपयुक्त पाठ्यक्रमों के डिजाइन में रूचि दिखाई है। सिडनी मेडिकल स्कूल में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम कार्यक्रम के निदेशक डॉ. शैलेंद्र सवलेशवारकर ने इस पर अपनी टीम के साथ प्रस्तुति दी।

 ट्रॉमा मैनेजमेंट कोर्स और लोक स्वास्थ्य सेवाओं की ली जानकारी

ट्रॉमा केयर मैनेजमेंट पर प्रो. डॉ. क्रिस्टिन बोव्लेस के साथ चर्चा के दौरान प्रदेश में किस तरह ट्रॉमा केयर प्रबंधन के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाए और ट्रॉमा केयर प्रबंधन के लिए मौजूदा मानव संसाधन का कौशल उन्नयन किया जाए, इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चर्चा की। स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डीन प्रो. जेमी मिरांडा ने छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए राज्य की टीम द्वारा किए जा रहे पहल की सराहना की। उन्होंने ग्राम पंचायतों के माध्यम से हेल्थ इंडिकेटर्स को प्राप्त करने में पंचायतों की भूमिका के बारे में जानने की उत्सुकता दिखाई। 

उन्होंने भविष्य में इस विषय पर सहयोग की बात भी कही। सिडनी विश्वविद्यालय ने रायपुर में एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने में भी रुचि दिखाई है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव तथा टीम के अन्य सदस्यों ने सिडनी यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लोबल हेल्थ में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं तथा अस्पतालों के प्रबंधन के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक  भोसकर विलास संदिपान, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, सिडनी यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य सुविधाओं के सहायक निदेशक डेनियल सोमर्स और सिडनी मेडिकल स्कूल की सहायक निदेशक मार्गरेट मैकगिल भी मौजूद थीं।


महासमुंद : छत्तीसगढ़ बेरोजगारी भत्ता योजना :1 अप्रैल को 75 युवाओं ने किए ऑनलाइन आवेदन

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महासमुंद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा के अनुसार 1 अप्रैल 2023 से बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत शिक्षित बेरोजगार युवक, युवतियों ने ऑनलाइन आवेदन भरना शुरू कर दिया है। महासमुंद जिले के महासमुंद सहित 1 अप्रैल को कुल 75 आवेदन शिक्षित बेरोजगार युवा, युवतियों ने छत्तीसगढ़ शासन कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन किए।


महासमुंद जिले में इस योजना के शुभारम्भ अवसर पर 1 अप्रैल को महासमुंद में 31 आवेदन, बागबाहरा से 19, तुमगांव में 12, पिथौरा में 7 और बसना विकासखण्ड से 6 आवेदन बेरोजगारी भत्ता के ऑनलाइन प्राप्त हुए। इस योजना के अंतर्गत बेरोजगारों को हर माह 2500 रूपए का भुगतान सीधे दिए गए उनके बैंक खाते में जाएगा। बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत हितग्राहियों को साथ ही कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सहायता भी दी जाएगी। बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने आवेदक के पूरे परिवार की आय सालाना 2.50 लाख रुपए से कम होनी चाहिए। परिवार से तात्पर्य पति-पत्नी, 18 वर्ष से कम आयु के आश्रित बच्चे और आश्रित माता-पिता से है। 

इच्छुक आवेदकों से बेरोजगारी भत्ता लेने के लिए वे www.berojgaribhatta.cg.nic.in में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। वेबसाइट में आवेदक को सबसे पहले अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड करना होगा। रजिस्ट्रेशन के समय ओटीपी की एंट्री करनी होगी। ओटीपी सत्यापन के बाद आवेदक को अपना लॉग-इन पासवर्ड बनाना होगा और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के आधार पर पोर्टल में आवेदन के लिए लॉग-इन करना होगा। आवेदक को अपनी सभी मूलभूत जानकारी निर्धारित फॉर्मेट के अनुसार पोर्टल में अपलोड करनी होगी।

 

ऑनलाइन होगा बेरोजगारी भत्ता के लिए आवेदन, भुगतान सीधे खाते में

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बलौदाबाजार। राज्य सरकार एक अप्रैल से बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने जा रही है। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। बेरोजगारी भत्ता के लिए आवेदन से लेकर आवेदन के सत्यापन सबकुछ ऑनलाइन होगा। राज्य सरकार इसके लिए एक वेब पोर्टल तैयार करा रही है। युवाओं को इसी पोर्टल पर आवेदन करना होगा। 

आवेदन का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद पात्र पाए गए आवेदकों के की मंजूरी जनपद पंचायत सीईओ व सीएमओ,नगर निगम कमिश्रर देंगे। मंजूरी के बाद हर माह 2500 रुपए का भुगतान सीधे आवेदकों के खाते में किया जाएगा। कलेक्टर रजत बंसल ने आज इस संबंध रोजगार अधिकारी एवं अन्य सम्बंधित अधिकारियों को तैयारी हेतु विस्तृत दिशा निर्देश दिए है।

अधिकतम दो साल ही मिलेगा भत्ता

बेरोजगारी भत्ता पहले एक साल के लिए मंजूर होगा। इस एक साल में यदि रोजगार नहीं मिला तो एक साल और भत्ता मिलेगा। किसी भी हालत में बेरोजगारी भत्ता दो साल से अधिक नहीं दिया जाएगा। जिनको बेरोजगारी भत्ता स्वीकृत किया जाएगा, उनको कौशल विकास प्रशिक्षण का ऑफर दिया जाएगा। यदि वे ट्रेनिंग से इंकार करते हैं या ट्रेनिंग के बाद रोजगार स्वीकार नहीं करते हैं, तो उनका भत्ता बंद कर दिया जाएगा।

अगले हफ्ते से शुरू होगी ट्रेनिंग

आवेदन के लिए एनआईसी वेब पोर्टल बना रहा है। ऑनलाइन आवेदन के बाद युवाओं को भौतिक सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। वेब पार्टल का उपयोग करने से लेकर आवेदन भरने के लिए अगले हफ्ते से ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। आवेदनों के सत्यापन के लिए बनेगा क्लस्टर: आवेदनों के भौतिक सत्यापन के लिए वार्ड, शहर और ग्रामीण स्तर पर क्लस्टर बनाया जाएंगा। क्लस्टर में ज्यादा भीड़ न हो, इसके लिए अधिकारियों को पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।

एक परिवार से एक ही व्यक्ति को मिलेगा लाभ

एक परिवार से एक ही व्यक्ति को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। आवेदक के परिवार के किसी भी सदस्य को केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी संस्था अथवा स्थानीय निकाय में चतुर्थ श्रेणी या ग्रुप डी को छोड़कर अन्य नौकरी होने पर आवेदक बेरोजगारी भत्ते के लिए अपात्र होगा। स्व रोजगार या सरकार या निजी क्षेत्र में नौकरी का ऑफर यदि आवेदक स्वीकार नहीं करता है तो वह भत्ता के लिए अपात्र होगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को किया 7 करोड़ 4 लाख रूपए का भुगतान

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 7 करोड़ 4 लाख रूपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया, जिसमें 16 फरवरी से 28 फरवरी तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 2.13 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 4 करोड़ 25 लाख रूपए, गौठान समितियों को 1.65 करोड़ रूपए और महिला समूहों को 1.14 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि हर महीने की 5 से 15 तारीख किसानों के लिए खास होती है। क्योंकि इस दिन उन्हें गोधन न्याय योजना की राशि प्रदान की जाती है। यह खुशी की बात है कि बड़ी संख्या में गौठान स्वावलंबी हो रहे हैं। स्वावलंबी गौठानों को प्रोत्साहित करने के लिए गौठानों की संचालन समिति के अध्यक्ष और सदस्य को मानदेय प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने अन्य गौठानों को भी स्वावलंबी होने का आग्रह किया। बघेल ने कहा कि यह खुशी की बात है कि अब गोबर से अन्य उत्पादों के बनाने के अलावा बिजली बनाने का काम शुरू हो गया है। बस्तर के डोमरपाल में गोबर से बिजली बनाने के संयंत्र को ग्रिड से सिंक्रोनाईज किया जा चुका है। इससे बनने वाली बिजली की दर 9 रूपए प्रति यूनिट तय कर दी गई है।  

यहां यह उल्लेखनीय है कि गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी में स्वावलंबी गौठान न सिर्फ अपनी सहभागिता निभा रहे हैं बल्कि निरंतर बढ़त बनाए हुए हैं। बीते कई पखवाड़ों से गोबर खरीदी के एवज में भुगतान की जा रही राशि में स्वावलंबी गौठानों की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत तक रहने लगी है। आज की स्थिति में 50 फीसदी से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की राशि से गोबर एवं गौमूत्र की खरीदी के साथ-साथ गौठान की अन्य गतिविधियों को स्वयं की राशि से पूरा कर रहे हैं।

16 फरवरी से 28 फरवरी तक गौठानों में कुल 2.13 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है, जिसके एवज में गोबर विक्रेताओं को अंतरित की जाने वाली 4.25 करोड़ रूपए की राशि में से 1.92 करोड़ की राशि कृषि विभाग द्वारा तथा 2.33 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया जाएगा। स्वावलंबी गौठानों द्वारा गोबर खरीदी के एवज में अब तक 45.52 करोड़ रूपए का भुगतान स्वयं की राशि से किया गया है।

गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में हितग्राहियों को आज भुगतान की गई राशि को मिलाकर अब तक 419 करोड़ 25 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है। राज्य में 28 फरवरी 2023 तक गौठानों में 107.75 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। गोबर विक्रेताओं से क्रय किए गए गोबर के एवज में 215 करोड़ 50 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 185 करोड़ 77 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सम्बोधन दिया। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, मुख्यमंत्री सलाहकार राजेश तिवारी, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत, कृषि विभाग के विशेष सचिव अयाज तम्बोली, कृषि विभाग की संचालक श्रीमती रानू साहू, उद्यानिकी विभाग की संचालक श्रीमती चंदन त्रिपाठी उपस्थित थीं।

अग्निवीर भर्ती आवेदन के लिए केवल 06 दिन शेष

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जगदलपुर। अग्निवीर भर्ती के लिए अधिसूचना 16 फरवरी 2023 को जारी गई थी। इस भर्ती में आवेदन करने की तिथि 15 मार्च को समाप्त हो जाएगी। आकांक्षी उम्मीदवार जल्द से जल्द ज्वाइन इंडियन आर्मी की वेबसाइट-www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

पंजीकरण प्रश्नों के लिए उम्मीदवार www.joinindianarmy@gov.in  पर ईमेल कर सकते हैं और ऑनलाइन ‘सामान्य प्रवेश परीक्षा’ (सीईई) प्रश्नों के लिए  jiahelpdesk2023@gmail.com  पर ईमेल और मोबाइल क्रमांक- +91-7996157222 पर संपर्क कर सकते हैं। किसी भी प्रकार अन्य जानकारी और समस्या के लिए सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर के दूरभाष क्रमांक-0771-2965213 पर संपर्क किया जा सकता है।

रायपुर में पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए 12 तारीख़ से टिकट ऑनलाइन मिलेंगी

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रायपुर। नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडीयम में होने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए टिकटों की बिक्री 12 जनवरी से ऑनलाइन शुरू हो जाएगी। भारत न्यूजीलेंड के बीच होने वाले इस क्रिकेट मैच की तैयारियाँ पूरी तेजी से की जा रही है। आज स्टेडियम में छतीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे और एसएसपी प्रशांत अग्रवाल के साथ बैठक की। 

इस बैठक में सुरक्षा के साथ दर्शकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए सभी तैयारियां समय पर पूरी करने पर अधिकारियों का विशेष ज़ोर रहा। कलेक्टर ने क्रिकेट संघ के प्रतिनिधियों को मैच के लिए शहर में भी पर्याप्त संख्या में टिकिट काउंटर बनाने का सुझाव दिया। बैठक में छतीसगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बलदेव सिंह भाटिया, ज़िला पंचायत के सीईओ आकाश छिकारा सहित कई अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के लिए सभी ज़रूरी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। स्टेडियम में उपलब्ध संसाधनों और ज़िला प्रशासन से अपेक्षित सहयोग पर क्रिकेट एसोसिएशन के अधिकारियों ने बात की। स्टेडियम की साफ़ सफ़ाई, कुर्सियों की मरम्मत से लेकर वालंटियर्स और सुरक्षा आदि पर चर्चा की गई। मैच के दौरान सभी एंट्री गेटों पर अग्निशमन और मेडिकल स्टाफ़ के साथ एम्बुलेंस की व्यवस्था रहेगी। स्टेडियम की फ़्लड लाइटस में भी हेलोजन बल्ब की जगह एलईडी लगा दो गई है।

मैच के दौरान स्टेडियम परिसर के आसपास पार्किंग व्यवस्था के लिए ज़रूरी तैयारियों पर भी बैठक में बात हुई। पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त लाईट आदि के साथ सुरक्षा के इंतजाम, स्टेडियम परिसर में सफाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में सफाई मित्र और अन्य जरूरी मशीन तथा उपकरणों की व्यवस्था,पार्किंग स्थलों के समतलीकरण, विभिन्न रास्तों से आने वाले लोगो और स्टेडियम में दर्शकों की सुविधा के लिए जगह-जगह स्पष्ट साईनेज आदि लगाने पर भी बैठक में चर्चा हुई।

जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रारंभ

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महासमुंद। जवाहर नवोदय विद्यालय, सरायपाली के प्राचार्य ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 के लिए कक्षा छठवीं में प्रवेश हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रारंभ किया गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए परीक्षार्थियों की जन्मतिथि 01 मई 2011 से पूर्व तथा 30 अप्रैल 2013 के बाद की नहीं होनी चाहिए।

 

परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए रजिस्ट्रेशन करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2023 निर्धारित है। विद्यार्थियों के चयन के लिए राष्ट्रीय स्तर की चयन परीक्षा 29 अप्रैल 2023 निर्धारित की गई है। ऑनलाइन पंजीयन लिंक https://cbseitms.rcil.gov.in/nvs/IndeÛ/Registration के माध्यम से सकते है।

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केन्द्र सरकार सतर्क

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नई दिल्ली। चीन, जापान और अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए केन्द्र सरकार सतर्क हो गई है। इस संबंध में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण बैठक ली। ऑनलाइन तरीके से हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में देश में कोरोना की स्थिति और संबंधित पहलुओं पर चर्चा की गई। यह बैठक चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमरीका में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बुलाई गई। 



केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर मनसुख मांडविया और नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस बैठक में मौजूद थे। इस बीच, कल प्रदेश में एक हजार से अधिक सैंपलों की जांच की गई। इसमें रायपुर जिले में दो व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए। वहीं, दुर्ग जिले के धमधा उपस्वास्थ्य केंद्र में तृतीय लिंग समुदाय के लिए विशेष शिविर लगाकर इस समुदाय के सदस्यों को कोविडरोधी टीका लगाया गया।

गोधन न्याय योजना : आठ करोड़ रूपए ऑनलाइन जमा

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में इस योजना की संतावनवीं किस्त के रूप में  करीब आठ करोड़ रूपए ऑनलाइन तरीके से जमा कराए। इस योजना के तहत गोबर विक्रेता पशुपालकों और ग्रामीणों को अब तक लगभग एक सौ नवासी करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों द्वारा खुद की जमा पूंजी से गोबर खरीदना, गोधन न्याय योजना की बड़ी सफलता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आधे से अधिक गौठान अपने ही संसाधनों से गोबर खरीद रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में ग्रामीण औद्योगिक परिक्षेत्र को विकसित करने में यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनेगी।



इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अधिक से अधिक गौठानों में पैरा बंडल बनाने के लिए बेलर मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कार्यक्रम को संबोधित करते हए कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि प्रदेश के साढ़े नौ हजार से अधिक गौठानों में से चार हजार दो सौ सत्तर गौठान स्वावलंबी हो गए हैं। इनमें गोबर खरीदी के साथ ही वर्मी कम्पोस्ट के उत्पादन और वितरण का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौठानों की गतिविधियों का विस्तार करते हुए इनमें युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ाए जाएंगे।

एआरटी व सरोगेसी करने वाले निजी स्वास्थ्य संस्थाओं का पंजीयन प्रारंभ

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रायपुर। एआरटी (Assisted Reproductive Technology) व सरोगेसी (Surrogacy) के जरिए दंपत्तियों को संतान सुख प्रदान करने वाले संस्थाओं को प्रदेश में अनुपालन नियमों के तहत पंजीकृत किया जा रहा है। एआरटी व सरोगेसी का कार्य करने वाली स्वास्थ्य संस्थाएं पंजीकरण कराने के लिए नेशनल रजिस्ट्री पोर्टल एआरटी एंड सरोगेसी में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।



एआरटी एंड सरोगेसी-सह-पीसीपीएनडीटी (PC-PNDT Act) के संयुक्त संचालक डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि एआरटी एंड सरोगेसी पोर्टल में प्राप्त आवेदनों पर राज्य एवं जिला स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। एक्ट के मापदण्डों के अनुरूप आवेदन योग्य पाए जाने पर राज्य स्तर के समुचित प्राधिकारी-सह-स्वास्थ्य संचालक द्वारा पंजीयन की कार्यवाही की जा रही है। बिना पंजीयन के कार्य कर रहे संस्थाओं को एक्ट उल्लंघन का दोषी पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। इस तरह की कार्यवाही से बचने ऐसी सभी संस्थाएं जो बिना पंजीयन आवेदन के कार्यरत हैं,वे सभी  https://artsurrogacy.gov.in/NationalArtSurrogacy/faces/HomePage.xhtml में ऑनलाइन आवेदन कर अपना पंजीयन करवाना सुनिश्चित करें। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि आवेदन करने वाले सभी संस्थाओं का नर्सिंग होम एक्ट और पीसीपीएनडीटी एक्ट में पंजीकृत होना अनिवार्य है। 

उन्होंने बताया कि 15 दिसम्बर 2022 के बाद एआरटी एंड सरोगेसी पोर्टल पर आवेदित संस्थाओं के अतिरिक्त बिना आवेदित या पंजीकृत सेरोगेसी का कार्य करने वाले संस्थाओं को तत्काल बंद कराने व नियमानुसार सजा या दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।

क्या है सरोगेसी एक्ट

सरोगेसी एक्ट के तहत सभी आईवीएफ सेंटरों को एक कानूनी प्रक्रिया में बांधा गया है ताकि वे एथिकल प्रेक्टिस कर सकें। एक्ट में प्रावधान है कि ऐसे इनफर्टिलिटी कपल जिनका इलाज प्रक्रियाधीन हैं उनका इंश्योरेंस कवर होना चाहिए जिससे कि डोनर और सरोगेट्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एक्ट में गेमिट्ज की मिक्सिंग व एक कपल के गेमिट्ज और डोनर्स को दूसरे कपल के यूज के लिए प्रयोग करना प्रतिबंधित है। एक्ट में नियमों व विनियमों के तहत काम नहीं करने वाले सेंटरों के विरूद्ध अर्थदंड लगाने का प्रावधान भी किया गया है।

अब आसानी से करें वोटर आईडी को आधार से लिंक

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बलौदाबाजार। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से मतदाता परिचय पत्र को आधार कार्ड से लिंक किया जा रहा है। जिले के लगभग 70 प्रतिशत मतदाताओं के लिए इसके लिए फॉर्म भरा जा चुके है। ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में शहरी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत इसका प्रतिशत कम है। इसलिए मतदाताओं से इसमें अधिक से अधिक सहभागिता की अपेक्षा है। इस हेतु आयोग के द्वारा ऑनलाइन वोटर हेल्पलाइन एप के माध्यम से फॉर्म एकत्रित किए जा रहे हैं। यह कार्य बहुत ही सरल है और इसे मतदाता स्वयं अपना 10 मिनट निकालकर पूर्ण कर सकते हैं और मतदाता सूची को शुद्ध बनाने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं।



प्रकिया के संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी डिप्टी कलेक्टर रामरतन दुबे ने बताया कि सर्वप्रथम आपको गूगल प्लेस्टोर से "वोटर हेल्पलाइन एप" अपने एंड्राइड मोबाइल पर इंसटाल कर लेना है।इसके पश्चात अपने मोबाइल नंबर की सहायता से रजिस्ट्रेशन कर लेना है। रजिस्ट्रेशन के दौरान सेट किए गए पासवर्ड एवं ओटीपी डालकर लॉगिन पूर्ण करना है। फिर वोटर रजिस्ट्रेशन ऑप्शन पर क्लिक करके "वोटर ऑथेंटिकेशन फॉर्म (फॉर्म 6बी) पर क्लिक करें। इसके पश्चात शुरू करें में क्लिक करने के पश्चात अपने एपिक नंबर की सहायता से अपनी डिटेल सर्च करें। आगे बढ़े और स्क्रीन पर दिखाई जा रही अपनी जानकारियों को जांच कर लें उसके बाद आगे बढ़े।

अब फॉर्म में अपना 12 डिजिट का आधार क्रमांक एवं मोबाइल नंबर दर्ज करें। अपने गांव या शहर का नाम इंग्लिश में दर्ज कर फॉर्म सबमिट करें। फिर कन्फर्म करने पर आपको अपना फॉर्म रिफरेन्स नंबर प्राप्त होगा। इसे आगे के उपयोग के लिए लिखकर या नोट करके रख लें।इस प्रकार आपका आधार लिंक का फॉर्म जमा हो जाएगा आप अपने मोबाइल से ही अपने परिवार के अन्य सदस्यों या अन्य का भी आधार लिंक का कार्य कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर अब तक 27.66 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

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रायपुर। राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। समर्थन मूल्य पर अब तक किसानों से 27 लाख 65 हजार 254 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जा चुका है, जिसके एवज में 7 लाख 54 हजार 726 किसानों को लगभग 5772 करोड़ रूपए का भुगतान भी बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया जा चुका है। धान बेचने में किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसको लेकर पूरी व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सभी उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में बारदाने उपलब्ध हैं।



समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए इस साल राज्य सरकार द्वारा किसानों को ऑनलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था के चलते किसानों को सहूलियत होने लगी है। बड़ी संख्या में किसान टोकन तुंहर हाथ एप के माध्यम से धान बेचने के लिए अपनी मर्जी के मुताबिक तिथि का चयन करने लगे हैं। इसके साथ ही उपार्जन केन्द्रों द्वारा मैन्युअल रूप से किसानों को टोकन जारी करने की व्यवस्था पूर्व वर्षों की भांति जारी है। खाद्य सचिव टी.के. वर्मा ने बताया कि इस साल राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए राज्य में 25.92 लाख किसानों का पंजीयन हुआ है, 

जिसमें लगभग 2.23 लाख नये किसान हैं। राज्य में धान खरीदी के लिए 2568 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं। सामान्य धान 2040 रूपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए धान 2060 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जा रहा है। राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीमावर्ती राज्यों से धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए चेक पोस्ट पर माल वाहकों की चेकिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी धान खरीदी के साथ-साथ धान का उठाव किया जा रहा है। आज की स्थिति में 21.26 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डी.ओ. जारी किया गया है, जिसके एवज में उपार्जन केंद्रों से 13.66 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।

राज्य में आज 02 दिसम्बर को 45 हजार से अधिक किसानों से 1,73,355 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है, इसके अलावा ऑनलाइन प्राप्त टोकन के जरिए किसानों से 71 हजार 118 मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीदी की गई। आगामी दिवस की धान खरीदी के लिए 62,912 टोकन तथा टोकन तुंहर हाथ एप के जरिये 16,177 टोकन ऑनलाइन जारी किए गए हैं।

पेंशन प्रकरणों का ई-कोष अन्तर्गत ऑनलाइन किया जा रहा है निराकरण

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रायपुर। सेवानिवृत्त होने वाले शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों का निराकरण ऑनलाइन पद्धति से किया जा रहा है। इसके लिए आभार आपकी सेवाओं का पेंशन मैनेजमेंट सिस्टम का संचालन 31 मई 2018 से किया जा रहा है। शासकीय सेवक की सेवा पुस्तिका में दर्ज वेतनमानों का अनुमोदन संभागीय संयुक्त संचालक, कोष, लेखा एवं पेंशन कार्यालय द्वारा सेवा पुस्तिका में अंकित प्रविष्टियों व उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर निर्धारित समयावधि में किया जा रहा है। पेंशन प्रकरणों में आ रही समस्याओं एवं त्वरित निराकरण हेतु संभागीय संयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालयों द्वारा अपने संभाग के विभिन्न जिलों में लगातार पेंशन शिविर का आयोजन किया जा रहा है।



अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग द्वारा पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु वित्त निर्देश 28/2018 जारी किया गया है। जिसके अंतर्गत पेंशन प्रक्रिया के निराकरण से संबंधित समस्त कार्यालय हेतु समय-सीमा निर्धारित की गई है। जारी निर्देश अनुसार शासकीय सेवक के सेवानिवृत्त होने के 2 वर्ष पूर्व संबंधित कर्मचारी का पेंशन प्रकरण बनाने की प्रक्रिया शुरू कर 3 माह पूर्व प्रकरण संभागीय संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन को प्रेषित किया जाना अनिवार्य है। पेंशन प्रकरण भेजने की जिम्मेदारी संबंधित सेवानिवृत्त शासकीय सेवक के कार्यालय प्रमुख की है। प्रकरण प्राप्त होने पर संभागीय संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन द्वारा 30 दिवस के भीतर प्रकरण का निराकरण कर पीपीओ जारी करते हुए प्रकरण कोषालय अधिकारी को प्रेषित किया जाता है। साथ ही पेंशनर को एसएमएस द्वारा पेंशन प्रकरण की जानकारी दी जाती है।

किसी प्रकरण में संभागीय संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन द्वारा आपत्ति लगाए जाने की स्थिति में संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा 15 दिवस के भीतर आपत्ति का निराकरण कर प्रकरण वापस संभागीय संयुक्त संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन को प्रेषित किया जाना वित्त निर्देशों के अनुसार अनिवार्य है। पेंशन प्रकरणों में पेंशनरों से संबंधित कार्यालय प्रमुखों की ओर से ही पेंशन कार्यालय द्वारा लगायी गयी आपत्ति के निराकरण में विलंब के कारण ही पेंशन प्रकरणों के निराकरण में विलंब की स्थिति निर्मित होती है। पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए ई-कोष अंतर्गत पेंशन विकल्प अंतर्गत हेल्पलाईन नंबर पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है तथा पेंशन प्रकरण के निराकरण में किसी प्रकार की समस्या होने पर पेंशनर हेतु लॉगिन द्वारा आभार पोर्टल पर ऑनलाईन शिकायत की व्यवस्था है।


प्रधानमंत्री ने कर्मयोगी प्रारंभ मॉडयूल का किया शुभारंभ

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इकहत्तर हजार से अधिक नव-नियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्रों की मूल प्रति देश के पैंतालीस स्थानों पर वितरित की गई। प्रधानमंत्री ने कर्मयोगी प्रारंभ मॉडयूल का भी शुभारंभ किया। यह मॉडयूल विभिन्न सरकारी विभागों में नव-नियुक्त कर्मियों के लिए ऑनलाइन अनुकूलन पाठ्यक्रम है। 



नये कर्मचारियों को अपना ज्ञान, कौशल और सक्षमता बढ़ाने के लिए आई.जी.ओ.टी. कर्मयोगी डॉट जीओवी डॉट इन प्लेटफॉर्म पर अन्य कोर्स करने का भी अवसर मिलेगा। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि सरकार नौकरियां उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में काम रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों में कई रोजगार मेले आयोजित किए जा रहे हैं और यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।

गोधन न्याय योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती : मुख्यमंत्री बघेल

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में हितग्राहियों को 56वीं किश्त के रूप में हितग्राहियों को ऑनलाइन कुल 7 करोड़ 14 लाख रूपए की राशि का अंतरण किया। इसमें गोबर विक्रेताओं को 4.55 करोड़ रूपए, गौठान समितियों को 1.17 करोड़ रूपए तथा स्व-सहायता समूहों को 1.42 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल है। मुख्यमंत्री बघेल ने गोधन न्याय योजना के तहत राशि का वितरण करते हुए खुशी व्यक्त किया कि राज्य में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत संचालित 9 हजार गौठानों में से अब तक 4 हजार से अधिक गौठान पूरी तरह से स्वावलंबी बन गए हैं, जो स्वयं की राशि से गोबर खरीदने में सक्षम हो गए हैं, यह योजना का उल्लेखनीय और एक महत्वपूर्ण परिणाम है।



मुख्यमंत्री बघेल ने गौ-पालक किसानों और गोबर विक्रेताओं तथा स्व-सहायता समूहों को सम्बोधित करते हुए आगे कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा संचालित गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इससे हितग्राहियों को काफी तदाद में लाभ होने लगा है और वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं। साथ ही इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने लगी है। ये आंकड़े और परिणाम गोधन न्याय योजना की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। जिसकी चर्चा अब देशभर में होने लगी है और इसके परिणाम को देखते हुए अन्य राज्य भी गोधन न्याय योजना को अपनाने के लिए उत्सुक हैं। कभी किसी ने सोचा नहीं था कि गोबर से भी पैसा कमाया जा सकता है पर गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन कर छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने इसे साबित कर दिखाया है।

मुख्यमंत्री बघेल ने आगे गौ पालक किसानों को अधिक से अधिक पैरादान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि आप अपने गांव के गौठान में जो पैरादान करेंगे, उससे गांव के पशुओं के लिए चारे का बेहतर इंतजाम होगा। साथ ही जैविक खाद भी बनाया जा सकेगा। पैरा दान का फायदा पूरे गांव को होगा और इससे गांव का वातावरण भी साफ-सुथरा तथा शुद्ध रहेगा। मुझे इस बात की खुशी है कि छत्तीसगढ़ के किसानों ने पैरादान को लेकर भी जागरूकता आई है। पिछले 4 वर्षों के दौरान हमारे प्रदेश के किसानों ने खेती-किसानी के क्षेत्र में देश में कई मिसालें प्रस्तुत की हैं। निश्चित तौर पर पैरादान अभियान को लेकर भी वे नई मिसाल प्रस्तुत करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में खेती-किसानी को लेकर आप लोगों से मेरी लगातार आमने-सामने बात-चीत होती रहती है। मुझे आप लोगों का उत्साह देखकर बहुत अच्छा लगता है। छत्तीसगढ़ में इस साल भी धान की फसल अच्छी हुई है। वर्तमान में धान खरीदी का काम भी जोर-शोर से चल रहा है। किसानों को कोई असुविधा न हो, इसके मद्देनजर धान खरीदी व्यवस्था को चुस्त-दुरूस्त बनाया गया है। चालू धान खरीदी सीजन में अब तक 8 लाख 67 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान के एवज में किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत लगभग 01 हजार 800 करोड़ रूपए का भुगतान भी कर दिया गया है। प्रदेश में इस वर्ष 110 लाख मीट्रिक टन धान के उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित है। कार्यक्रम को कृषि एवं पशुपालन मंत्री रविन्द्र चौबे ने भी सम्बोधित किया।

 

गौरतलब है कि राज्य में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत ग्रामीण पशुपालक किसानों से गोबर क्रय करने में छत्तीसगढ़ सरकार के साथ-साथ अब स्वावलंबी गौठान भी बराबर की भागीदारी निभाने लगे हैं। राज्य में औसत रूप से प्रत्येक पखवाड़े 4 से 5 करोड़ रूपए की गोबर खरीदी गौठानों में हो रही है, जिसमें से दो से ढ़ाई करोड़ रूपए का गोबर स्वावलंबी गौठान स्वयं की राशि से कर रही है। बीते कुछ पखवाड़े से यह स्थिति बन गई है कि गोधन न्याय योजना के तहत हो रही गोबर खरीदी की राशि का लगभग 50 प्रतिशत से भी कम का भुगतान ही सरकार के जिम्मे आ रहा है। राज्य में 4010 गौठान पूरी तरह से स्वावलंबी बन गए हैं इन गौठान समितियों के पास 103 करोड़ रूपए की पूंजी जमा है। गौठान समितियों ने अब तक 26.73 करोड़ रूपए का गोबर स्वयं की राशि से क्रय किया है।

 

गोधन न्याय योजना के अंतर्गत गोबर खरीदी के एवज में अब तक गोबर विक्रेता पशुपालक ग्रामीणों को 179.28 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 20 नवम्बर को 4.55 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आकड़ा 183.83 करोड़ रूपए हो जाएगा। इसी तरह गौठान समितियों और महिला समूहों को लाभांश के रूप में 164.24 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान किया गया है। 20 नवम्बर को 2.59 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह राशि बढ़कर 166.84 करोड़ रूपए हो जाएगी। यहां यह उल्लेखनीय है कि महिला स्व-सहायता समूहों को वर्मी कम्पोस्ट के विक्रय के पश्चात शासन द्वारा 18 करोड़ रूपए के विशेष बोनस का भुगतान किया गया था। राज्य में 10 हजार 448 गौठान स्वीकृत किए गए, जिनमें 9 हजार 36 गौठान निर्मित एवं संचालित हैं। गौठानों में पंजीकृत विक्रेताओं और पशुपालकों से 2 रुपए प्रति किलो की दर पर गोबर खरीदी की जा रही है। 

इससे 3 लाख 2 हजार 118 ग्रामीण, पशुपालक और भूमिहिन लाभान्वित हो रहे हैं, जिसमें भूमिहीनों की संख्या 1 लाख 66 हजार 279 हैं। लाभान्वितों में 46.13 फीसदी महिलाएं हैं। अलग-अलग वर्गों में अन्य पिछड़ा वर्ग के 49.03 फीसदी, अनुसूचित जनजाति के 39.56 फीसदी, अनुसूचित जाति के 8.10 फीसदी लाभान्वित हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, मछुआ सहकारी संघ के अध्यक्ष श्री एम. आर. निषाद, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव श्री अंकित आनंद, पशुपालन विभाग की संचालक श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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