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ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस आयोजन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं में एमसीबी जिला प्रथम स्थान पर

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एमसीबी। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) का सफल संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को ग्रामीण आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियमित टीकाकरण सहित गर्भवती और शिशुवती महिलाओं को स्वास्थ्य, प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके साथ ही संचारी और गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा परामर्श सेवाओं का लाभ ग्रामीणों को दिया जा रहा है।

माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम पूरे छत्तीसगढ़ में प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है, जिसमें जिला एमसीबी लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है। जिले में इस कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. पुष्पेन्द्र कुमार सोनी के नेतृत्व में मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को समय-समय पर प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

जिले में इस योजना की सतत निगरानी जिला नोडल अधिकारी अवनीश पाण्डेय द्वारा की जा रही है, जिससे VHSND कार्यक्रम को उच्चतम स्तर तक पहुंचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के समर्पित प्रयासों से एमसीबी जिला छत्तीसगढ़ में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में अग्रणी बना हुआ है।


लखपति दीदी ममता राय की प्रेरणादायक कहानी पढिए

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एमसीबी। जिले की ममता राय, जो पहले एक साधारण गृहिणी थी। आज लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं। उनकी यह सफलता की यात्रा प्रगति महिला स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद शुरू हुई। समूह से जुड़कर ममता राय ने 60,000 रुपये का CIF लोन लिया और अपने स्वंयम का किराना दुकान शुरू किया। सिर्फ किराना दुकान तक ही सीमित न रहते हुए, ममता राय ने समूह के साथ मिलकर अचार, आलू चिप्स और तिलौरी बनाने का काम भी शुरू किया। उनकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज उनकी महीने की आय 6 से 7 हजार रुपये के बीच होती है और उनकी सालाना आय 1 लाख रुपये से भी अधिक है। उन्होंने अपने गाँव की अन्य महिलाओं के उत्थान के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए।

ग्राम पंचायत की महिलाओं और सभी समूहों की दीदियों के साथ मिलकर बीमा, आयुष्मान कार्ड बनवाने व शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करती हैं। ममता राय अपने समूह और गाँव की महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें उनके अधिकारों और लाभों के प्रति जागरूक कर रही हैं। उनके इस प्रयास से गांव की महिलाओं को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। आज ममता राय न सिर्फ आर्थिक रूप से स्वतंत्र है बल्कि उन्होंने अपने परिवार और समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनका यह साहस और आत्मविश्वास दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। ममता राय का यह सफर उन सभी महिलाओं को प्रेरित करता है जो अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से अपनी पहचान बनाना चाहती है।

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