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छतीसगढ़ ! एसडीएम के ऊपर पत्नी ने दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज कराई

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बिलासपुर। छतीसगढ़ में एसडीएम के ऊपर दहेज प्रताड़ना की एफआईआर दर्ज की गई है। एसडीएम फिलहाल राज्य के महत्वपूर्ण औद्योगिक नगरी में पोस्टेड हैं। एफआईआर में बताया गया है कि एसडीएम ने तलाक के लिए दबाव बनाते हुए माना एयरपोर्ट रोड़ के सुनसान अंधेरे में ट्रक के नीचे फेंकने की धमकी दी। साथ ही शादी के एक दिन पहले उन्होंने दबाव बना कर नई कार खरीदवा दी। एसडीएम और उनके 6 रिश्तेदारों व एसडीएम के पीएसओ के खिलाफ बिलासपुर के महिला थाना में दहेज प्रताड़ना, गाली गलौच व जान से मारने की धमकी देने की एफआईआर दर्ज की गई है।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार कौशल प्रसाद तेंदुलकर मूलतः सक्ती जिले के जैजैपुर ब्लॉक के ग्राम चिसदा के रहने वाले है। वे वर्तमान में कोरबा जिले के कटघोरा अनुविभाग में एसडीएम के पद पर पदस्थ हैं। पहले वह पोड़ी- उपरोड़ा में एसडीएम थे। 15 मार्च 2022 को आदेश जारी कर उन्हें एसडीएम कटघोरा बनाया गया। उनकी शादी बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के व्यापार विहार के नागदौने कालोनी स्थित 30 वर्षीय सुरभि पाटले के साथ 12 दिसंबर 2021 को सामाजिक रीति रिवाज के साथ हुई थी। शादी में यथा शक्ति कन्या पक्ष वालों ने आवभगत करते हुए दान दहेज दिया था। बावजूद इसके कार व नगद की मांग करते हुए डिप्टी कलेक्टर कौशल प्रसाद तेंदुलकर अपनी पत्नी को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे। जिसके चलते उनकी पत्नी ने उनके खिलाफ महिला थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। अपनी एफआईआर में सुरभि ने बताया है कि उनके मायके वाले वेन्यू कार दहेज में देने वाले थे, पर उनके होने वाले पति व उनके मामा ने वेन्यू कार एसडीएम पद के अनुरूप नही होने की बात कह होंडा सिटी कार खरीदने हेतु दबाव बनाया गया। और बिना लड़की वालों की जानकारी होंडा सिटी कार बुक करवा ली गई। लड़की वालों को मजबूरी में शादी के एक दिन पहले 11 दिसंबर 2021 को होंडा सिटी कार खरीद कर देनी पड़ी।

पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद वह लगभग 8 माह तक अपने पति के साथ रही। इस दौरान उनकी सास राममति भी उनके साथ एक ही घर मे रहती थी। इस दौरान उनकी सास दहेज की मांग करते हुए उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करती रही। साथ ही उनके पति भी उनसे मायके से नगद मंगवाने की मांग करते थे। साथ ही पति शादी के दूसरे दिन से बच्चा नही लेना है कहते थे। दूसरी तरफ उनकी सास व जेएल कुर्रे की पत्नी बच्चा नही दिखा तो दूसरी शादी करने की धमकी देते थे। अप्रैल माह में एसडीएम कौशल प्रसाद तेंदुलकर ने पत्नी के गले मे चाकू लगाकर जान से मारने का प्रयास किया गया। उनके द्वारा हमेशा अपनी पत्नी को तलाक देने हेतु दबाव बनाया जाता था और बार बार मायके छोड़ दिया जाता था। मई में प्रेगनेंसी की जानकारी मिलने पर बार बार गर्भपात करवाने की धमकी कौशल प्रसाद पत्नी को देते रहे।

पीड़िता के अनुसार 5 अगस्त को उसके पति व सास ने उनके माता-पिता को घर बुलाया। 5 अगस्त की रात्रि को जब उनके एनटीपीसी स्थित घर मे उनकी मां, उनकी दीदी व ड्राइवर रवि आये तब उनके पति ने पांच माह की गर्भावस्था होने के बावजूद बलपूर्वक उनके पेट मे में मारा और पुलिस वाले बेट से भी पीटा। बीच- बचाव करने पर पीड़िता के मां व बहन के भी बाल खिंचकर पटककर जमीन पर गिरा दिया। फिर डिप्टी कलेक्टर ने अपनी पत्नी की बहन की चुन्नी से अपनी सास का गला घोंटना शुरू कर दिया। ड्राइवर रवि के द्वारा बीच- बचाव किया गया। साथ ही गर्भवती पीड़िता का एनटीपीसी अस्पताल में इलाज किया गया। रक्षाबंधन पर डिप्टी कलेक्टर ने अपनी पत्नी को ड्राइवर व कार के साथ मायके भेज दिया। साथ ही कहा कि मायके में ही रहो,जब समय होगा तब तुम्हें लेने आऊंगा। पीड़िता को उसका पति लेने नही आया और 4 सितंबर 2022 को हुई सामाजिक बैठक में डिलवरी तक मायके में रहने की सहमति बनी। 25 दिसंबर 2022 को पीड़िता की डिलवरी हुई। लेबर पेन होने पर पति को आने के लिए कहने पर न ही पति आया और न ही ससुराल वाले। और न ही डिलवरी के बाद भी पति व ससुराल वाले बच्चे को देखने आए। इस दौरान सास उन्हें गालियां देती थी और पति सिंगल मदर बनने या बच्चे के पिता का नाम बदलने की धमकी देता रहता था।

5 फरवरी को पीड़िता के फूफा कुंदन बंजारे की मुलाकात रायपुर में उसके पति से हुई। तब उसके पति क्या प्रूफ है कि बच्चा मेरा है बोलकर मजाक उड़ाने लगे। साथ ही बतमीजी कर चारित्रिक लांछन लगाने लगे। उसी रात बच्चे को देखने घर पहुँच कर झगड़ा भी किये। 1 मार्च 2023 को डिप्टी कलेक्टर अपने सरकारी गाड़ी व पीएसओ के साथ दोपहर तीन बजे पीड़िता के मायके वाले घर आकर पीड़िता को धोखे से घर के बाहर बुलवाया। और बाल पकड़कर खिंचकर गाड़ी में बैठा लिया। पीड़िता की बहन के बीच बचाव करने के बावजूद उससे भी गाली गलौच करते हुए अपनी सरकारी गाड़ी में पीड़िता को रायपुर ले गए। इस दौरान रास्ते भर पीड़िता को व उसके मायके वालों को क्रिमिनल केस में फ़ंसवाने की धमकी देकर जान से मारने की धमकी भी देता रहा और साथ ही तलाक के लिए दबाव बनाता रहा। साथ ही माना एयरपोर्ट के सुनसान अंधेरे रोड़ में ट्रक के निचे फेंक दूंगा कहकर प्रयास भी किया। थाने से फोन आने पर सिविल लाइन थाना बिलासपुर छोड़ कर भाग गए। इस दौरान उनका दो माह का दुधमुंहा बच्चा भी उनसे घण्टो दूर रहकर भूखा प्यासा रहा। लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने पति व अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।

इन पर दर्ज हुई एफआईआर:-

पीड़िता के पति कौशल प्रसाद तेंदुलकर, पीड़िता की सास राममति तेंदुलकर, ससुराली रिश्तेदार जेएल कुर्रे,संजय कुर्रे, सलीम कुर्रे,जेएल कुर्रे की पत्नी, मामा ससुर दिलीप खरे व डिप्टी कलेक्टर के पीएसओ दिलीप कैवर्त्य के खिलाफ धारा 498-ए,294,506, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।

 

दुर्ग में एक साल से कोलकाता पुलिस के हाथ नहीं लगे कोठारी बंधु, अब दुर्ग पुलिस को चुनौती,

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दुर्ग। दुर्ग के कोठारी परिवार की धोखाधड़ी मामले में पिछले दो साल से पीड़ित रजत सुराना पुलिस अफसर और थाना का चक्कर लगाते रहे लेकिन एफ आई आर नहीं हुई जबकि यह मामला लगभग 138 करोड़ की धोखाधड़ी का है। अब न्यायालय ने दुर्ग पुलिस को तत्काल एफआईआर दर्ज करने आदेशित किया है। आज पत्रकारवार्ता में रजत सुराना ने कहा कि दुर्ग पुलिस ने 2020 में शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच में 10 हजार 689 शेयर कूटरचित दस्तावेज से सुरेश कोठारी द्वारा अपने नाम किया जाना पाया गया था इसके बावजूद पुलिस ने इसे गैर संज्ञेय अपराध बताते हुए कार्रवाई से इंकार कर दिया था। अब न्यायालय द्वारा धारा 420, 467, 468, 471, 406, 120बी व 34 के तहत अपराध दर्ज करने सिटी कोतवाली दुर्ग को आदेश देने के बाद रजत ने न्याय मिलने की उम्मीद जगाई है।


पत्रकारवार्ता में रजत सुराना ने बताया कि रजत बिल्डकान इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और महावीर आवास दोनों कंपनी में सुरेश कोठारी वर्ष 2001 से 2018 तक डायरेक्टर रहे फिर 2018 में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। शुरू से ही सुरेश के चचेरे भाई सीए श्रीपाल कोठारी कंपनी का एकाउंट देखते रहे हैं। लगभग 250 करोड़ के टर्नओवर की इन कंपनियों में मंजु सुराना, प्रकाश जायसवाल, रजत सुराना भी डायरेक्टर रहे हैं। रजत ने बताया कि वर्ष 2020 में पता लगा कि सुरेश कोठारी ने प्रकाश जायसवाल के 40 हजार शेयर अपने पुत्र सिद्धार्थ और चचेरे भाई श्रीपाल और स्वयं के नाम किए हैं जिस पर वेस्ट बंगाल पुलिस ने इनके खिलाफ अपराध दर्ज किया था। उसके बाद पता लगा कि मंजु सुराना के 1564 शेयर में भी नाम का हेर फेर कर कोठारी परिवार ने अपने नाम किया हुआ है।

रजत के अनुसार कुल 1 लाख 3 हजार 689 शेयर कूटरचना से सुरेश कोठारी ने स्वयं और श्रीपाल, सिद्धार्थ, कुसुम और ममता कोठारी का नाम कर लिया है। इस शेयर की वर्तमान वैल्यू लगभग 138 करोड़ बताई जा रही है। सुराना के मुताबिक उनके आब्जेक्शन से फिलहाल जांच तक कोठारी परिवार उक्त शेयर बेच नहीं सकेगा। उन्होंने बताया कि कोलकाता पुलिस 54 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में जब जब आरोपियों को पकड़ने छत्तीसगढ़ आई वो नहीं मिले जबकि सभी आरोपी दुर्ग में ही घूमते रहे हैं। अब जबकि दुर्ग पुलिस को अपराध दर्ज करने निर्देश मिला है तो जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इससे पूर्व दो साल से एसपी, आईजी, डीआईजी तक उन्होंने शिकायत की लेकिन पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज की थी। अंततः न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष 156(3) में याचिका प्रस्तुत करने पर दुर्ग पुलिस को धारा 420, 467, 468, 406, 471, 120बी, 34 के तहत अपराध दर्ज कर 28 जनवरी 2023 तक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने आदेश दिया गया है।

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