Media24Media.com: आवास

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label आवास. Show all posts
Showing posts with label आवास. Show all posts

आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी की बड़ी घोषणा: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल की OTS-2 योजना को मिली ऐतिहासिक सफलता — 139.47 करोड़ रुपए की 920 संपत्तियों का हुआ विक्रय

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी ने राज्य शासन द्वारा संचालित वन टाइम सेटलमेंट योजना (OTS-2) की अभूतपूर्व सफलता की जानकारी दी।

मंत्री चौधरी ने बताया कि OTS-2 योजना की शुरुआत 1 मार्च 2025 से की गई थी। इस योजना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पूर्व में निर्मित रिक्त संपत्तियों को विशेष छूट के साथ आम नागरिकों को सुलभ कराना है। योजना में रिक्तता की अवधि के आधार पर संपत्तियों पर चरणबद्ध छूट दी गई है।

उन्होंने विस्तार से बताया कि 5 से 10 वर्ष पुरानी ऐसी संपत्तियाँ जिनमें कम से कम 20% भाग रिक्त है, उन पर 20% की छूट दी जा रही है, जबकि 20% से अधिक रिक्तता होने की स्थिति में 30% तक की छूट निर्धारित की गई है। वहीं 10 वर्ष से अधिक पुरानी रिक्त संपत्तियों पर भी 30% छूट का प्रावधान है।

वित्त मंत्री ने बताया कि वे संपत्तियाँ जो अब पहली बार योजना में सम्मिलित की गई हैं और जिनके निर्माण को 5 वर्ष पूरे हो चुके हैं, उन्हें 10% छूट के साथ ऑफर में शामिल किया गया है। ये सभी छूट संपत्तियों के बेस प्राइस पर लागू होती हैं। इसके पश्चात ऑफर आमंत्रित किए जाते हैं, जिनमें नागरिक प्रतिस्पर्धा के माध्यम से भाग लेते हैं, और सबसे उच्चतम मूल्य वाले को संपत्ति आवंटित की जाती है।

उन्होंने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों में बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप 15 जून 2025 तक कुल 920 संपत्तियों का सफलतापूर्वक विक्रय किया गया है, जिससे मंडल को 139.47 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है। यह उपलब्धि योजना की लोकप्रियता को दर्शाती है और गृह निर्माण मंडल के लिए मील का पत्थर है।

गृह निर्माण मंडल हुआ पूर्णत: ऋणमुक्त

वित्त मंत्री चौधरी ने यह भी बताया कि गृह निर्माण मंडल पर पूर्व में बैंकों का लगभग 800 करोड़ रुपये का ऋण बकाया था। राज्य सरकार ने इस ऋण को अपने बजट प्रावधानों से पूरी तरह चुका दिया है, जिससे मंडल आज पूर्णत: ऋण मुक्त हो चुका है। यह मंडल की एक बड़ी उपलब्धि है, जिसने इसे भविष्य की योजनाओं के लिए और अधिक सशक्त बना दिया है।

60% प्री-बुकिंग के बाद ही आरंभ होंगे निर्माण कार्य

आवास मंत्री चौधरी ने कहा कि अब से गृह निर्माण मंडल द्वारा कोई भी नई आवासीय योजना तब तक प्रारंभ नहीं की जाएगी, जब तक उसकी प्री-बुकिंग कम से कम 60% तक न हो जाए। यह रणनीतिक कदम योजनाओं की सफलता सुनिश्चित करने और अनावश्यक निर्माण कार्य से बचने हेतु उठाया गया है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब गृह निर्माण मंडल पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ते हुए कॉरपोरेट मॉडल को अपनाकर काम कर रहा है, जिसके अंतर्गत न केवल किफायती आवासीय इकाइयाँ बल्कि विभिन्न श्रेणियों के मकान और व्यावसायिक परिसंपत्तियाँ भी विकसित की जा रही हैं। यह नवाचार शहरी विकास और आत्मनिर्भर आवास नीति के अनुरूप है।

जनहित को प्राथमिकता

मंत्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि गृह निर्माण मंडल का मूल उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा संचालित योजनाएं विशेष रूप से आमजन, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, ताकि हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिल सके।


पहाड़ी कोरवा के पीएम जनमन आवास में पहुंचे मुख्यमंत्री

No comments Document Thumbnail

रायपुर। पहाड़ी कोरवा के जनमन आवास में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पहुंचने पर परिवार ने पारंपरिक रीति रिवाज और सरई फूल की माला पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री साय आज सुशासन तिहार के अंतर्गत अचानक बलरामपुर-रामानुजगंज जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर पर सुदूरवर्ती पहाड़ी कोरवा ग्राम हरगवां ढोढरीकला पहुंचे थे।

जहां ग्रामीणों से चौपाल में संवाद के बाद मुख्यमंत्री पीएम जनमन योजना के तहत दो हितग्राहियों के नवनिर्मित आवास में जाकर उसकी गुणवत्ता देखी। लहंगू पहाड़ी कोरवा के घर पहुंचने पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया गया। लहंगू और उनकी पत्नी ने सरई फूलों की माला पहनाकर आत्मीयता से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री साय ने खाट पर बैठकर लहंगू और उनके परिवार से विस्तारपूर्वक चर्चा की इस दौरान मुख्यमंत्री पूरी सहजता के पहाड़ी कोरवा परिवार से घुलते मिलते नजर आए। उन्होंने उनके जीवन, दिनचर्या, संस्कृति के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने लहंगू से आवास के संबंध में पूछा जिस पर लहंगू ने बताया कि पहले कच्चे मकान में रहने में कई समस्याएं होती थी। लेकिन पक्के आवास से अब खुश हैं। अब किसी प्रकार की चिंता नहीं सताती।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को सरई पत्तों से बने दोने-पत्तल में तेंदू, चार और लीची जैसे स्थानीय और मौसमी फल परोसे गए। आम से बने पारंपरिक पेय आम पना का भी उन्होंने स्वाद लिया। लहंगू  की पत्नी दरसी ने मुख्यमंत्री को अपने हाथों से तैयार की गई छिंद की चटाई, रागी, कुटकी और कटहल का फल उपहार स्वरूप भेंट किया, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे सम्मान के साथ स्वीकार किया। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा श्रीमती भूखना के पीएम जनमन आवास योजनान्तर्गत बने आवास का भी अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में लोगों को मिल रहा किफायती दर पर आवास

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में सभी के लिए आवासयोजना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ. पी. चौधरी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने वन टाइम सेटलमेंट योजना-2 की शुरुआत की है, जिसके तहत घर खरीदने वालों को 10 से 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

इस योजना को 20 जनवरी 2025 को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली थी, लेकिन आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इसे तत्काल शुरू नहीं किया जा सका। अब 01 मार्च 2025 से इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया है, जिससे आम जनता को किफायती दरों पर घर खरीदने का सुनहरा अवसर मिला है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष एवं आवास विभाग के सचिव अंकित आनंद  ने बताया कि यह योजना हर वर्ग के लोगों के लिए फायदेमंद है, क्योंकि इसमें घरों की कीमतों पर 30 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। योजना के पहले दो दिनों में ही 8 करोड़ रुपये के 56 मकानों की बुकिंग हो चुकी है, जो इस योजना की जबरदस्त सफलता को दर्शाता है।

मंडल आयुक्त कुंदन कुमार ने बताया कि बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक लाभार्थी मंडल की वेबसाइट www.cghb.gov.in पर लॉग-इन करके अपने सपनों का घर बुक कर सकते हैं। साथ ही, टोल-फ्री नंबर 18001216313 और अधिकारियों के नंबरों पर अब तक 900 से 1000 कॉल प्राप्त हो चुकी हैं, जिससे योजना की लोकप्रियता साफ झलकती है।

उन्होंने बताया कि यह योजना छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख स्थानों जैसे-रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर, धमतरी, दंतेवाड़ा, राजनांदगांव, कवर्धा, नवा रायपुर अटल नगर, आरंग, महासमुंद, अंबिकापुर, जशपुर, रायगढ़, कोरबा और अन्य प्रमुख शहरों में लागू की गई है।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए तैयार की है जो वित्तीय कठिनाइयों के कारण घर नहीं खरीद पा रहे थे। छूट के साथ उपलब्ध ये आवास आम लोगों के लिए किफायती होंगे। यह योजना मंडल के लिए मील का पत्थर साबित होगी, और इसका लाभ उठाने का यह अवसर शायद दोबारा न मिले।

गरीबों के आवास का सपना हो रहा साकार: खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। खाद्य मंत्री एवं गरियाबंद जिले के प्रभारी मंत्री दयालदास बघेल आज जिले में गांधी मैदान स्थित मंगल भवन में आयोजित जिला स्तरीय आवास मेला कार्यक्रम में शामिल हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संकल्पना से आज गरीबों के स्वयं का आवास का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार में आते ही सबसे पहला काम 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति देने का काम किया। मंत्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राज्य के आवासहीन परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम में महासमुंद लोकसभा सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी एवं राजिम विधायक रोहित साहू विशेष रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर बघेल ने जनप्रतिनिधियों के साथ पीएम आवास योजना के अंतर्गत पूर्ण आवास के 10 हितग्राहियों को चाबी एवं नये स्वीकृत आवास के 10 हितग्राहियों को स्वीकृति आदेश प्रदान किया। मंत्री बघेल ने इस मौके पर हितग्राहियों को नए मकान की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

खाद्य मंत्री बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा गरीबों के आवास के सपने को पूरा किया जा रहा है। मोदी द्वारा आवास देने की गारंटी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पूर्ण करने के लिए संकल्पित है। इसी तारतम्य में राज्य में अधिकाधिक संख्या में नए आवासों की स्वीकृति की गई है। इससे जररूरतमंद गरीब परिवार आवास योजना से लाभान्वित हो रहे है। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा शासकीय योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाये गये।

प्रभारी मंत्री ने अतिथियों के साथ बच्चों को अन्नप्राशन, हितग्राहियों को श्रम कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, स्वाइल हेल्थ कार्ड, उज्ज्वला गैस कनेक्शन एवं पोषण किट आदि का वितरण किया। कार्यक्रम में पोंड निवासी श्रीमती सरस्वती कमार के नवीन घर का मॉडल बनाया गया था। अतिथियों ने मॉडल घर का फीता काटकर लोकार्पण किया। साथ ही हितग्राही को मिठाई खिलाकर नए घर की बधाई दी।

इस अवसर पर कलेक्टर दीपक कुमार अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती रीता यादव, नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार मेमन, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लालिमा ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य फिरतुराम कंवर, नगर पालिका उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सोनटेके, वरिष्ठ नागरिक राजेश साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं नागरिकगण उपस्थित थे।

 

मोदी की पहली गारंटी केबिनेट की पहली बैठक में निर्णय स्वागतेय : राठी

No comments Document Thumbnail

महासमुन्द। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार की पहली केबिनेट बैठक में मोदी की पहली गारन्टी गरीबो के 18 लाख आवास बनाने की स्वीकृति हुई है। इस फैसले से  छ.ग. की गरीब जनता का भाजपा द्वारा सम्मान किया गया है। आवास से वंचित लोगों की चिंता की गई है। इस अहम  फैसले का नगरीय निकाय प्रकोष्ट भाजपा के जिला संयोजक और पार्षद देवीचंद राठी ने स्वागत किया है। उन्होंने मीडिया को जारी बयान में बताया है कि इस फैसले से अब कोई गरीब आवासहीन नही रहेगा।


इस साहसिक फैसले के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, नवनियुक्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री द्वय अरूण साव, विजय शर्मा और प्रदेश व जिला भाजपा  के सभी नेताओं  का धन्यवाद है। राठी ने कहा कि पहले पांच साल मे कांग्रेस की सरकार ने आवास योजना को रोककर गरीबो का शोषण किया है। मोदी जी की गारंटी का परिणाम है कि प्रदेश की जनता ने अभूतपूर्व समर्थन देकर भाजपा की सरकार बनाई और पहली ही बैठक मे गरीबॉन के आसियानें बनने जा रहे हैं। अब आने वाले पांच वर्षों मे खुशहाली आयेगी। राठी ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी रात्रे से आग्रह किया कि अब शहर मे प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सभी वार्डो में नगरपालिका से सर्वे कराया जावे। जिस गरीब का आवास नही बना है, ऐसे लोगो से आवश्यक दस्तावेज मांगकर शासन को तत्काल भेजा जावे। जिससे शहर के हजारो गरीब परिवार लाभन्वित होंगे।

इसके अलावा शहर के चार से पांच जगह पर कालोनाइजर द्वारा नगर पालिका को जमीन दी गई है, ऐसे जमीनो पर भूमीहीन गरीबों के लिए आवास बनाया जावे। खासकर वार्ड क्र. 19 पटरी किनारे 50 परिवार आवास के लिए परेशान हैं, रेलवे द्वारा उन्हे बेदखली का नोटिस दिया जा चुका है। इनके लिए तत्काल आवास व्यवस्था करायी जावे। उन्होने हितग्राहियो  से भी अपील करते हुये कहा कि आवास योजना के प्रभारी अधिकारी लोकरंजन साहू के पास कार्यालय समय में आवास को लेकर दस्तावेज जमा कर सकते हैं।


विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए 4 हजार 144 करोड़ रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट पारित

No comments Document Thumbnail

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष  2022-23 के लिए प्रस्तुत 4 हजार 143 करोड़ 60 लाख, 71 हजार 652 रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। तृतीय अनुपूरक बजट में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई, आवास, भूजल संरक्षण, आजीविका, औद्योगिक प्रशिक्षण, कस्टम मिलिंग सहित विभिन्न मदों में अतिरिक्त राशि के प्रावधान रखे गए हैं। इस राशि को मिलाकर अब वित्तीय वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट का आकार 1 लाख 15 हजार 385 करोड़ रूपए हो गया है।

तृतीय अनुपूरक बजट में राजस्व व्यय हेतु 02 हजार 575 करोड़ रूपए और पूंजीगत व्यय हेतु 01 हजार 569 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2022-23 के मुख्य बजट में 1 लाख 4 हजार करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था। प्रथम अनुपूरक में 2 हजार 904 करोड़ रूपए, द्वितीय अनुपूरक में 4 हजार 338 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया था। तृतीय अनुपूरक की राशि 4 हजार 144 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में तृतीय अनुपूरक बजट में किए प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में लगभग 24 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था। इन लक्ष्य की पूर्ति हेतु निर्माणाधीन कार्यों के लिये 900 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार कृषक जीवन ज्योति योजना में राज्य में 05 हॉर्सपॉवर तक के कृषि पंपों के लिये निःशुल्क विद्युत प्रदाय की सुविधा दी जा रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने मछली पालन हेतु भी कृषि के समान विद्युत दर की सुविधा देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मछली पालकों को भी कृषि पंपों के समान निःशुल्क विद्युत सुविधा का लाभ देने के लिये कृषक जीवन ज्योति योजना हेतु तृतीय अनुपूरक में 341 करोड़ की राशि का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान मिलिंग का कार्य समय सीमा में पूरा करने हेतु कस्टम मिलिंग की दरों में वृद्धि की गई है। उक्त राशि राज्य सहकारी विपणन संघ को प्रतिपूर्ति करने हेतु 700 करोड़ रूपए, इसी प्रकार प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों के लिये 321 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। 

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के लिये 250 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिला चिकित्सालयों में दवाईयां तथा अन्य सामग्री की आपूर्ति के लिये 210 करोड़ रूपए और चंदूलाल चंद्राकर चिकित्सा महाविद्यालय, दुर्ग के अधिग्रहण के लिए 150 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस राशि से महाविद्यालय के भवन एवं चिकित्सा उपकरणों की राशि की प्रतिपूर्ति की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि तृतीय अनुपूरक बजट में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिये 116 करोड़ का प्रावधान किया गया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान 42 लाख 10 हजार घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ योजना के तहत विद्युत देयकों पर 01 हजार 115 करोड़ रूपये की राहत प्रदाय किया जाना है। इसके लिए 19 करोड़ 14 लाख का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक एवं स्वचालित उद्योगों की मांग को देखते हुए प्रदेश में संचालित औद्योगिक प्रशिक्षण संथाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु टाटा टेक्नोलॉजी पुणे के साथ एम.ओ.यू. किया गया है। इसके तहत 36 शासकीय आई.टी.आई. को टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रत्येक आई.टी.आई. में नये उपकरण एवं तकनीक की स्थापना पर 33 करोड़ के मान से लगभग 12 सौ करोड़ रूपए की कार्य योजना तैयार की गई है। इस योजना में राज्य बजट से सहायता हेतु 94 करोड़ का प्रावधान में किया गया है। योजना पूर्ण होने पर प्रति वर्ष राज्य के 09 हजार युवाओं को उच्च कोटि के प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कैम्पा मद के तहत क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण, वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण तथा भू-जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्य वन क्षेत्रों में कराये जा रहे हैं। इस मद में स्वीकृत कार्यों के लिये 200 करोड़ रूपए, अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण के लिये 150 करोड़ रूपए तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के लिये 60 करोड़ 59 लाख का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी एवं मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय निर्माण के लिये 03 करोड़ 73 लाख रूपए और छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के विजेताओं को पुरस्कार वितरण के लिए 21 करोड़ 90 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  धरमजयगढ़ विकासखण्ड के ग्राम छाल में पोस्ट मैट्रिक जनजाति कन्या छात्रावास एवं पतराटोली, विकासखण्ड दुलदुला जिला-जशपुर में प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास की स्थापना के साथ ही नरहरपुर जिला-कांकेर में आदिवासी बालक क्रीडा परिसर की स्थापना की जायेगी। इसके अलावा राजनांदगांव में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, गोलापल्ली जिला-सुकमा में प्री मैट्रिक अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास तथा सलियाटोली जिला-जशपुर में बालक एवं बालिका छात्रावास के भवन निर्माण हेतु प्रावधान किया गया है।

समयबद्ध कार्य एवं पारदर्शी प्रशासन की दिशा में कार्य करें - धनंजय देवांगन

No comments Document Thumbnail

जांजगीर-चांपा। जिले के प्रभारी सचिव और छत्तीसगढ़ शासन के गृह, आवास एवं पर्यावरण सचिव धनंजय देवांगन ने आज जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को कलेक्टर का अंग बताते हुए जिले के विकास हेतु समयबद्ध एवं पारदर्शी प्रशासन के दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने जांजगीर-चांपा जिले को मैदानी जिला बताते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, सुपोषण, रोजगार, की दिशा में बेहतर कार्य करते हुए अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगो तक योजनाओं को पहंुचाने और उनके जीवन स्तर में बदलाव लाने कहा। प्रभारी सचिव देवांगन ने मुख्यमंत्री के भेंट मुलाकात कार्यक्रम अभियान में बेहतर परफॉरमेंस पर जिले के कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा सहित अधिकारियों को बधाई भी दी।



कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में प्रभारी सचिव देवांगन ने धान खरीदी, धान उठाव, राजीव गांधी ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, रीपा, पैरादान, सुपोषण योजना, जाति प्रमाण पत्र वितरण, निर्माण कार्य, पीडीएस, राजस्व  आदि की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने जिले में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को किसी प्रकार की समस्या न हो और उपार्जन केन्द्र स्थल पर किसानों हेतु छाया, पानी, शौचालय, ओआरएस के पैकेट रखने तथा धान बेचने आने वाले कृषकों को टोकन जारी करते हुए पारदर्शी ढंग से धान खरीदी करने के निर्देश दिए।

देवांगन ने धान के उठाव और बारदाना की भी समीक्षा की। बैठक में राजीव गांधी ग्रामीण कृषि भूमिहीन मजदूर न्याय योजना अंतर्गत सभी जनपद सीईओ एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि वे ग्राम पंचायतवार, ग्रामवार, पटवारी तथा सचिव के साथ बैठकर भूमिहीन हितग्राहियों को चिन्हाकित करें और पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित करें। प्रभारी सचिव ने गोधन न्याय योजना अंतर्गत जिले में मॉडल गौठान तैयार करने तथा ग्रामवार मवेशियों की संख्या एवं गौठान में क्रय किए जा रहे गोबर की मात्रा की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) अंतर्गत जिले से कोसा, कांसा और कंचन जैसे व्यवसाय का चयन करने का सुझाव दिया। देवांगन ने पैरादान की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिले में पराली जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रभारी सचिव ने लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण के निर्देश देते हुए आदेश जारी होने के पश्चात संबंधित तक इसके क्रियान्वयन सुनिश्चित करने, नक्शा में दुरूस्तीकरण समय पर करने तथा नुजूल पट्टा नवीनीकरण कार्य में अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने फसल कटाई होने की बात कहते हुए सीमांकन के प्रकरणों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों के जाति प्रमाण पत्र बनाने हेतु केवल फॉर्म वितरण तक सीमित नही रहने के निर्देश देते हुए लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु समयसीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने निर्माण कार्याें को समय पर पूरा करने, लापरवाही करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई करने, दुर्घटना से बचाव हेतु आवश्यक संकेतक लगाने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने पीडीएस अंतर्गत खाद्यान वितरण, घुरूवा योजना, खाद का उठाव, चारागाह, स्वामी आत्मानंद विद्यालय, गौमूत्र विक्रय आदि की समीक्षा की। कलेक्टर सिन्हा ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत जिले के सभी अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और समय पर कार्यालय में अपनी उपस्थिति प्रदान करने के निर्देश दिए। इस दौरान अपर कलेक्टर एस पी वैद्य, सभी एसडीएम सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जनदर्शन में शासकीय कर्मचारी पहुंचेगे तो होगी कार्रवाई

प्रभारी सचिव देवांगन ने कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत लेकर पहुंची शिक्षा विभाग की एक शासकीय अधिकारी पर कड़ी नाराजगी जतायी। उन्होंने उक्त अधिकारी पर सिविल आचरण सहिंता के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों में अनुशासन सुनिश्चित करें। जनदर्शन आमनागरिकों के लिए हैं। अधिकारी-कर्मचारी अपनी शिकायत अपने विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष अपना आवेदन प्रस्तुत करें।

Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.