Media24Media.com: आत्मानंद स्कूल

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पीएमश्री स्कूल बनाना है तो नये स्कूल खोले ले, आत्मानंद स्कूल ही क्यों? : कांग्रेस

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 रायपुर : स्वामी आत्मानंद स्कूलों का नाम बदले जाने का कांग्रेस हर स्तर पर विरोध करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी छत्तीसगढ़ में जन्में एक विद्वान संत और विश्वविख्यात आध्यात्मिक व्यक्तित्व थे और इसीलिए कांग्रेस की सरकार ने इस योजना का नाम उनके नाम पर रखा था। अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार उनके नाम को हटाना चाहती है। शासन की ओर से ‘स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना’ का नाम बदलकर ‘पीएमश्री’ करने का आदेश जारी किया गया है, इसके लिए सभी जनप्रतिनिधियों की सहमति लेने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस पार्टी की ओर से हम सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से अपील करते हैं कि सरकार की ओर से इस तरह का कोई प्रस्ताव आता है तो इसका लिखित और मुखर विरोध करना चाहिए।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि स्वामी आत्मानंद छत्तीसगढ़ की धरोहर थे। भाजपा सरकार उनके नाम को सिर्फ इसलिये बदलना चाहती है कि उनके नामों को पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने शुरू किया था। छत्तीसगढ़ के एक विश्वविख्यात संत और आध्यात्मिक व्यक्ति के नाम पर चल रही योजना का नाम बदलने से पता चलता है कि अब भाजपा को संतों और धार्मिक व्यक्तियों से भी दिक्कत होने लगी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि स्वामी आत्मानंद छत्तीसगढ़ की विभूति है, उनके नाम से जो स्कूल चालू किया गया था यह स्कूल एक महत्वकांक्षी योजना के तहत शुरू किया गया था। गरीबों के बच्चों को मुफ्त अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दी गयी और उसके सार्थक परिणाम भी सामने आये। 10 वी और 12 वी में 75 फीसदी से अधिक बच्चे प्रवीण्य सूची में आये। ऐसे में स्कूल का नाम दलीय दुर्भावना से बदला जाना दुर्भाग्यजनक है। भारतीय जनता पार्टी के इन स्कूलों के सामने पीएम श्री लगायेगी। प्रधानमंत्री का या केन्द्र सरकार का इन स्कूलों के स्थापना में क्या योगदान है? पिछले 5 महीनों से इन स्कूलों के शिक्षकों को वेतन क्यों नही दिया जा रहा है सीधे-सीधे इन स्कूलों को बंद करने की साजिश भारतीय जनता पार्टी कर रही है। यह छत्तीसगढ़ के गरीब, मध्यम बच्चों के साथ अन्याय है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि स्वामी आत्मानंद के तहत लगभग 700 स्कूल है। उन स्कूलों पर स्ट्रक्चर डेवलपमेंट किया जा चुका है। स्कूलों में अच्छे शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। स्कूलों में बच्चो की भर्ती शुरू हो चुकी है। परीक्षा परिणाम बेहतर आ रहे है। पीएमश्री के माध्यम से कुछ नया करता चाहते है, कुछ नया जोड़ना चाहते है तो नये स्कूलों का चयन करना चाहिये। स्वामी आत्मानंद स्कूलों को ही टारगेट किया जाना सरकार की बदनीयती को दर्शाता है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि स्वामी आत्मानंद आरंभ से ही मेधावी छात्र रहे और नागपुर विश्वविद्यालय में गणित में एमएससी प्रवीणता के साथ पास की थी। उनकी जीवनी में लिखा है कि वे आईएएस (तत्कालीन आईसीएस) के लिए चयनित हो गए थे पर जनसेवा के लिए उन्होंने संन्यास का रास्ता चुना। उनके ज्ञान की वजह से दुनिया भर में उन्हें प्रवचन देने के लिए बुलाया जाता था। छत्तीसगढ़ में हमेशा उन्हें गौरव के रूप से देखा जाता रहा है। इसीलिए जब वंचित वर्ग के बच्चों के लिए कांग्रेस की सरकार ने अंग्रेज़ी माध्यम के स्कूल खोलने का निर्णय लिया तो योजना को स्वामी आत्मानंद जी के नाम पर रखने का फ़ैसला किया गया। अगर भाजपा की सरकार सिर्फ़ इसलिए स्वामी आत्मानंद योजना का नाम बदलना चाहती है क्योंकि यह कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरु हुई योजना है तो यह एक आध्यात्मिक विद्वान व्यक्तित्व के बारे में भाजपा के नेताओं की सोच को दर्शाता है।

CG NEWS: स्कूल वैन में लगी भीषण आग, झुलस गए बच्चे…

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बिलासपुर। तखतपुर में बच्चों को स्कूल लेकर जा रहे वैन में अचानक आग लग गई। हादसे में तीन स्कूली बच्चे झुलस गए हैं। उन्हें उपचार के लिए तखतपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।


जानकारी के मुताबिक तखतपुर में संचालित आत्मानंद स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे वैन से स्कूल जाते हैं। रोजाना की तरह आज भी बच्चे वैन में सवार होकर स्कूल जा रहे थे। 6 बच्चियां वैन में सवार थी। इसी दौरान गुरुद्वारा रोड के पास वैन में अचानक आग लग गई। आनन फानन में आसपास के लोगों ने पानी डालकर आग पर काबू पाया।

हालांकि, इस दौरान वैन से उतरने से पहले स्कूली छात्रा आराध्या केशरवानी सहित अन्य दो छात्राएं आग में झुलस गई। जिन्हें तखतपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। पुलिस मौके पर पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। वैन में आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं मौके से वाहन चालक फरार हो गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा बेटा, यहां सब अपने लोग हैं और समाप्त हो गई तृप्ति की हिचक

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रायपुर। प्रदेश के मुखिया न केवल आम जनता की नब्ज समझते हैं अपितु बच्चों के मनोविज्ञान को भी गहराई से समझते हैं। अपनी बात कहने जब प्रोफेसर जे.एन. पांडे आत्मानंद स्कूल की छात्रा तृप्ति जगत खड़ी हुई। तृप्ति अपनी बात कहने में थोड़ा सा हिचक रही थी।

मुख्यमंत्री ने पूरे वात्सल्य से स्नेहपूर्वक कहा, बेटा यहां सब अपने लोग हैं बेझिझक अपनी बात कहो। मुख्यमंत्री की बात को सुनते ही तृप्ति की हिचक पूरी तरह दूर हो गई। उसने बताया कि इस स्कूल में पढ़ाई के अच्छे स्तर को देखते हुए मैंने यहां प्रवेश लिया है। मुझे यहां बहुत अच्छा लग रहा है। उसके बाद मुख्यमंत्री ने छात्रा को शाबासी देते हुए कहा आप कितने अच्छे ढंग से बात रख रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर बच्चों से आज रू-ब-रू हो रहे थे।

मुख्यमंत्री से बच्चों ने भी बेझिझक होकर अपने दिल की बात कहीं। मुख्यमंत्री ने बच्चों से पूछा कि 16 जून के बदले 26 जून को स्कूल खोलने पर कैसा अनुभव कर रहे हैं। सभी बच्चों ने मुख्यमंत्री बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि 26 जून से स्कूल खुलने से गर्मी और लू से राहत मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय गर्मी के मौसम और बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया कि स्कूल 26 जून से खोले जाएं। शाला प्रवेश उत्सव शुरू होने से पूर्व ही प्रदेश में बरसात शुरू हो गई। बारिश की फुहारों के साथ ही नए शिक्षा सत्र की शुरूआत हुई।

विद्यार्थी राजेश ने बताया कि हम सबकी पढ़ने में रुचि बढ़ गई है। स्वामी आत्मानंद बीपी पुजारी शाला में पढ़ रही आठवीं की छात्रा सुरभि साहू ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल आरंभ होने से आर्थिक रूप से कमजोर और होनहार बच्चों को भी अच्छी अंग्रेजी शिक्षा का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री बघेल के समक्ष स्वामी आत्मानंद राजा तालाब स्कूल कक्षा 8वीं की छात्रा कशिश अंजुम खान ने भी शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर अपनी विचार रखी।

काम के लिए जद्दोजहद: 27 पदों के लिए पहुंचे 4 हजार से ज्यादा लोग, बढ़ाई गई तारीख

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छत्तीसगढ़ सरकार पूरे प्रदेश में स्वामी आत्मानंद स्कूल का निर्माण करवा रही है। इसी बीच रायपुर में स्वामी आत्मानंद स्कूल के काउंसलर और टीचिंग स्टाफ की भर्ती की जा रही है । मंगलवार को बैरन बाजार स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज के कैंपस में आवेदकों को बुलाया गया था। कुल 27 पदों के लिए 4000 से ज्यादा लोग आवेदन करने पहुंच गए। सुबह से ही लोग पहुंच हुए थे, करीब 14 घंटे तक महिलाएं परेशान होती रहीं। फिर भी मौका नहीं मिला, जिसकी वजह से उन्हें वापस घर लौटना पड़ा। 

जानकारी के मुताबिक भर्ती की प्रक्रिया सुबह 9:00 बजे शुरू होनी थी, लेकिन रायपुर के आसपास के शहरों से लोग यहां सुबह 6:00 बजे से ही आ चुके थे। भीड़-भाड़ और धक्का-मुक्की के बीच फॉर्म देने और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हुई। भीड़ इतनी थी कि फॉर्म बांटने के बजाय भीड़ पर फेंके जा रहे थे। जो फॉर्म लूट सकता था उसने लूटा, जिसे दूसरों पर दया आई उसने फोटो कॉपी कराकर दूसरों को फॉर्म बांटे। कुछ ने फॉर्म का प्रिंट आउट कराकर इसे 20-20 रुपए में बेचा। भर्ती में शामिल होने के लिए बड़ी तादाद में महिलाएं भी दूरदराज के इलाकों से पहुंची हुई थी । साथ में छोटे बच्चे भी थे जो पूरे दिन धूप में परेशान होते रहे। 

कॉलेज कैंपस की जमीन पर ही लोग बैठकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। कुछ लोगों का रजिस्ट्रेशन हो पाया तो और कुछ ने इंटरव्यू भी दिया। इंटरव्यू देकर बाहर आने वाले कैंडिडेट संतोष ने बताया की कमरों में इतनी ज्यादा भीड़ है कि इंटरव्यू लेने वाले सिर्फ पूछ रहे हैं अपने बारे में कुछ बताइए, हम जैसे ही बता रहे हैं उसके बाद हमें बाहर भेज दिया जा रहा है। यह समझ नहीं आ रहा कि सलेक्शन किस आधार पर किया जाएगा। भर्ती में शामिल होने आई टीचर शबीना ने बताया कि वह पिछले 12 साल से टीचिंग का एक्सपीरियंस रखती हैं, लेकिन यहां इतनी अव्यवस्था है कि दिन भर जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। 

सुबह से शाम हो जाने के बाद शिक्षा विभाग के अफसरों ने कह दिया कि अब भर्ती की प्रक्रिया भीड़ की वजह से आगे चला पाना मुमकिन नहीं ऐसे में जो लोग अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं या जिन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया वह बुधवार को आकर फिर से इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं। ऐसे में उन कैंडिडेट का गुस्सा फूटा जो रायपुर के बाहर से आए हैं। रायपुर के पंडित आरडी तिवारी, बीपी पुजारी, शहीद स्मारक, माना कैंप और बिन्नी सोनकर शासकीय अंग्रेजी स्कूल में 1-1 कांउसलर यानी की कुल 5 पदों पर यह भर्ती की जा रही है। इन्हें हर महीने 15 हजार रुपए का मानदेय मिलेगा। बिन्नी सोनकर स्कूल को छोड़ बाकी स्कूलों में हिंदी, इंग्लिश, विज्ञान, गणित संस्कृत, कला के 1-1 शिक्षक की भर्ती की जानी है, आर्ट्स और साइंस के 3-3 सहायक शिक्षक प्राइमरी स्कूल के लिए, चपरासी के चार पद, स्वीपर के दो पद, प्री प्राइमरी के लिए शिक्षकों के 2 पद, आया के दो पद, स्वीपर का एक पद स्वीकृत है।

रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के शैक्षिक और गैरशैक्षिक पदों के लिए 31 मई 2022 को वाक इन इंटरव्यू आयोजित किया गया था। अत्यधिक आवेदन प्राप्त होने के कारण शेष अभ्यर्थियों का इंटरव्यू के लिए तिथियों का निर्धारण किया गया है। निर्धारित तिथि के अनुसार 01 जून बुधवार को सुबह 10 बजे से शिक्षक, कोऑर्डिनेटर कम काउंसलर और भृत्य पद के लिए इंटरव्यू लिया जाएगा। 2 जून गुरूवार को सुबह 10 बजे से सहायक शिक्षक (प्रायमरी और प्री-प्रायमरी) समेत स्वीपर पद के लिए और 3 जून शुक्रवार को सुबह 10 बजे से आया पद के लिए वाक इन इंटरव्यू आयोजित होगा।

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