Media24Media.com: आंदोलन

Responsive Ad Slot


 

Showing posts with label आंदोलन. Show all posts
Showing posts with label आंदोलन. Show all posts

विषम परिस्थितियों में भी प्राथमिक सहायता से उपचार करना सीखें स्काउट गाइड

No comments Document Thumbnail

बागबाहरा। स्काउट एवं गाइड के विकासखंड स्तरीय द्वतीय व तृतीय सोपान जांच शिविर का आयोजन चंडी माता मंदिर में किया गया है। यहाँ चल रहे पांच दिवसीय शिविर में स्काउट-गाइड के बच्चों को कार्यक्रम के निर्धारित पाठ्यक्रमानुसार स्काउटिंग आंदोलन की उत्तपत्ति, प्रतिज्ञा, नियम, आदर्श वाक्य, चिंह, सैल्यूट, गणवेश, राष्टगान, प्रार्थना, झंडागीत, लेसिंग आदि की जानकारी के साथ-साथ प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जा रही है।

स्काउट गाइड को विषम परिस्थितियों में भी साहस और हिम्मत के साथ दूसरों की मदद करने के लिए आगे रहना चाहिए। कैंप में दूसरे दिन शिविर प्रशिक्षण मंडल द्वारा  बच्चों को सबसे पहले बेडेन पावेल द्वारा बताई गई शरीर को स्वस्थ रखने के लिए बीपी सिक्स कराई। उसके बाद प्राथमिक सहायता के लिए विभिन्न प्रकार के स्ट्रेचर, पटिया बांधना, टेंट बनाना, गांठें-बंधन, मीनार बनाना आदि के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया।

परीक्षण मंडल में अरुण कोसे के मार्गदर्शन से स्काउट विभाग में व्यास नारायण बंजारे, रामगोपाल दीवान,भूषण लाल साहू, शेष नारायण साहू, देवेंद्र दीवान, नंद कुमार चन्द्राकर, मनोज दीवान, जितेंद्र साहू, डिगेश्वर साहू, गुंजन श्रीवास्तव, सतीश देवांगन, गगन तोंडेकर, गाइड विभाग से चंद्रकांता महिरवार, पूरी हरपाल, वीणा साहू, जेनिबिबा तिर्की, उषा किरण ठाकुर,भगवंतीन निराला, रूखमणी बघेल शामिल हैं। इस प्रशिक्षण में ओपन रोवर, ओपन रेंजर टीम, स्काउट गाइड के साथ उनके प्रभारी शिक्षक एवं शिक्षिका उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ में होगा नेशनल जम्बूरी : मुख्यमंत्री बघेल

No comments Document Thumbnail

रायपुर। स्काउट का नेशनल जम्बूरी छत्तीसगढ़ में भी होगा। आज जिला स्काउट संघ की रैली में स्काउट्स को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्काउट आंदोलन ब्रिटेन में शुरू हुआ। इसका उद्देश्य मित्रता भाव और सेवा है। भारतीय संस्कृति भी वसुधैव कुटुम्बकम के विचार पर है और इस तरह से दोनों विचार एक जैसे भातृत्व और सेवा के विचार हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को हेलीकॉप्टर देखने का शौक होता है, हम हेलिकॉप्टर से आये, मैं बच्चों को देख रहा था, स्काउट के बच्चे हेलीकॉप्टर देखकर भी मुड़े नहीं, जबकि पहली बार हेलिकॉप्टर को देखकर कितना कौतूहल होता है। यह बताता है कि कितना गहरा अनुशासन स्काउट हमारे जीवन में छोड़ता है। इस मौके पर सुंदर रैली और छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस मौके पर संघ के राज्य मुख्य आयुक्त तथा संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर भी मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य स्काउट्स के मुख्य संरक्षक और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कोरोना काल में स्काउट्स ने सेवा का भरपूर काम किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बच्चे देश भर में हो रहे कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।

संघ के जिला अध्यक्ष अविनाश चंद्राकर ने भी अपना संबोधन दिया। पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आर एन वर्मा, पाटन नगर पंचायत अध्यक्ष भूपेंद्र कश्यप, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू, जनपद अध्यक्ष रामबाई सिन्हा, लक्ष्मण चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। साथ ही संघ के संरक्षक एवं कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा तथा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव भी इस मौके पर मौजूद रहे।

गरीबों का आवास छीनने वाली भूपेश सरकार-प्रकाश चन्द्राकर

No comments Document Thumbnail

महासमुंद। प्रधानमंत्री आवास को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की विफलता व प्रदेश के लाखों हितग्राहियों को पीएम आवास के लाभ से वंचित करने पर पूरे प्रदेश में भाजपा ग्राम पंचायत स्तर पर आंदोलन जारी है मोर आवास-मोर अधिकार कार्यक्रम के तहत पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चन्द्राकर महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गढ़शिवनी पहुँचकर उपस्थित ग्रामीणजन की बैठक लेकर जिनका आवास स्वीकृत होने के बावजूद पूरा नहीं हुआ है और जिनका प्रतीक्षा सूची में नाम है उनसे मुलाकात कर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि भूपेश सरकार ने 8 लाख परिवारों का आवास रोक दिया है यह सरकार जनता के विकास विरोधी सरकार है आवास योजना में नाम होने के बावजूद हितग्राहियों को क़िस्त की राशि के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।


जबकि राज्य सरकार को केंद्र की योजनाओं में अपना अंशदान देना होता है लेकिन भूपेश बघेल की सरकार अंशदान नहीं दे पाई जिसकी वजह से पूरे प्रदेश में लाखों परिवार अपने आवास से वंचित हो गए, जनता के हक की लड़ाई के लिए अभी हमसब लोग पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं इसके बाद विधानसभा स्तरीय आंदोलन किया जाएगा और फिर भी इस सरकार की आंखे नहीं खुली तो गरीबों के आवास के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।मोर आवास-मोर अधिकार कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत गढ़शिवनी में पूर्व सभापति व पार्षद संदीप घोष,वरिष्ठ भाजपा नेता नंदलाल पटेल,भाजपा नेता संतोष वर्मा, डोमार पटेल, कमलेश निषाद, गेंदलाल पुष्पाकर, रवि सोनकर सहित ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

फेडरेशन में फूट के आसार, आंदोलन समाप्ति की घोषणा पर रार, कहा :- दबाव डालकर आंदोलन खत्म करा रही सरकार

No comments Document Thumbnail

रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले किए जा रहे आंदोलन की समाप्ति की घोषणा के साथ ही संगठन में फूट पड़ने की आशंका जताई जा रही है। आंदोलन की समाप्ति से प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारी-अधिकारियों में कथित तौर पर नाराजगी है। कर्मचारियों-अधिकारियों ने इसे यूनियन लीडर द्वारा की गई जबरदस्त धोखा, छल एवं गद्दारी करार दिया है। 



बताया गया है फेडरेशन के प्रदेश स्तरीय बैठक में कल यह कहा गया था की 12% डीए एवं एचआरए की मांग पूर्ति के बगैर आंदोलन समाप्ति नहीं होगा। परंतु आज अचानक ऐसा क्या हो गया जिसके कारण आंदोलन समाप्ति की गई? यह सवाल सभी के जेहन में है।

कर्मचारियों के साथ धोखा, छल!

छत्तीसगढ़ प्रदेश के कर्मचारी नेता एवं शिक्षक एलबी संवर्ग छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने बयान जारी कर कहा है कि फेडरेशन द्वारा हड़ताल समाप्ति की घोषणा प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारी अधिकारियों के साथ जबरदस्त धोखा, छल एवं पीठ में छुरा भोंकना है।  प्रदेश के तेजतर्रार कर्मचारी नेता जाकेश साहू ने कहा कि हमारे साथ फेडरेशन के टॉप लीडर कमल वर्मा सहित उनके कोर कमेटी के सदस्यों के  धोखा किया गया है। जब आंदोलन के संबंध में दो दिन पहले मुख्यमंत्री का स्टेटमेंट आया कि प्रदेश के कर्मचारी अधिकारी हड़ताल समाप्त कर दें। 

इसके बाद फेडरेशन के आंदोलन में हलचल बढ़ गई थी। तब फेडरेशन के यूनियन लीडर कमल वर्मा द्वारा रायपुर में अचानक एक सितंबर को बैठक बुलाई गई थी। जिसमें आंदोलन समाप्ति की सुगबुगाहट का खबर प्रदेश भर में आग की तरह फैल गया। जिसके पश्चात प्रदेश भर के विभिन्न संगठनों के अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में रायपुर में फेडरेशन के बैठक में उपस्थित हुए। वहां पर आंदोलन समाप्ति के मुद्दे पर कमल वर्मा एवं समस्त प्रदेश पदाधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई एवं आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।

ऐसी की गई व्यूह रचना

प्रदेशभर से आए हुए कर्मचारी अधिकारियों का स्पष्ट कहना था कि जब तक लंबित डीए और एचआरए अर्थात 38% डीए और सातवें वेतनमान पर एचआरए का आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक हम साढ़े चार लाख कर्मचारी-अधिकारी आंदोलन पर डटे रहेंगे। साथ ही इस संबंध में राजधानी के समस्त इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में यह खबर चलने लगा कि लगातार हड़ताल जारी रहेगा। तत्पश्चात बैठक समाप्त हो गई। लेकिन इसके दूसरे ही दिन अर्थात दो सितंबर को अचानक ऐसा क्या हुआ कि आंदोलन समाप्त करना पड़ा। 

इसकी पटकथा थी कि मुख्यमंत्री के आंदोलन समाप्ति की चेतावनी के बाद संयोजक कमल वर्मा एवं इसकी कोर कमेटी मुख्यमंत्री के बयान से डरे हुए थे और आंदोलन समाप्त करने वाले थे लेकिन विभिन्न सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में प्रदेशभर के साढ़े चार लाख कर्मचारियों के तेवर एवं विरोध को देखते हुए कमल वर्मा ने अचानक बैठक बुलाई। जहां पर सभी कर्मचारी पहुंचकर विरोध जता दिए। इसलिए कमल वर्मा एवं उसकी टीम ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया था। लेकिन बैठक समाप्ति होने के बाद कमल वर्मा द्वारा फिर एक नई पटकथा लिखी गई और कैबिनेट मंत्री रविंद्र चौबे से मिलकर आंदोलन समाप्ति की घोषणा कर दी गई। यह कर्मचारी एवं अधिकारियों के साथ जबरदस्त धोखा, छल एवं गद्दारी है।

विश्वास नहीं हो रहा है...

कर्मचारी नेता जाकेश साहू ने बताया कि उक्त आंदोलन की समाप्ति से प्रदेशभर के कर्मचारी अधिकारी हक्के- बक्के रह गए हैं लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा है कि आंदोलन समाप्त हो चुकी है। आज प्रदेश के बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग, बिलासपुर संभाग एवं दुर्ग संभाग में सभी जगह के साढ़े चार लाख कर्मचारी अधिकारियों द्वारा फेडरेशन के उक्त आंदोलन समाप्ति से काफी नाराज एवं दुखी हैं।

चार सितंबर को रायपुर में आपात बैठक

इस मुद्दे पर प्रदेश के कद्दावर कर्मचारी नेता एवं शिक्षक एलबी संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष जाकेश साहू ने आगामी रविवार 4 सितंबर को राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट गार्डन में प्रदेश भर के समस्त 27 जिलों के समस्त 104 संगठनों के जिलाध्यक्ष, जिला संयोजक, जिला बॉडी के सभी पदाधिकारी एवं प्रदेश के 146 विकास खंडों के फेडरेशन के समस्त विकासखंड संयोजक, ब्लॉक अध्यक्ष, सचिव एवं सभी पदाधिकारियों से अपील की है, 

कि 27 जिलों एवं 146 विकासखंडों से एक-एक गाड़ी में सभी साथी हड़ताल समाप्ति के मुद्दे पर विरोध जताने और आगे की रणनीति तय करने, अधिक से अधिक संख्या में रविवार 4 सितंबर को, रायपुर कलेक्ट्रेट गार्डन में सुबह 11:00 बजे तक पहुंचें। सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक प्रदेश के साढ़े चार लाख अधिकारीयों कर्मचारियों के केंद्र के समान लंबित डीए एवं एचआरए तथा विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन एवं भावी रणनीति तय करने के लिए बैठक आयोजित की गई है।


किसान आंदोलन : आठ दिसंबर को भारत बंद करेंगे किसान

No comments Document Thumbnail

नई दिल्ली: दिल्ली को घेरने के बाद किसानों का यह आंदोलन (Peasant movement) पूरे देश में फैलता जा रहा है। किसानों ने अब 8 दिसम्बर को भारत बंद (8 December Bharat band) की घोषणा की है। इस दौरान सभी टोल प्लाजा भी बंद करवाए जाएंगे, इसके साथ ही दिल्ली आने वाले सभी रास्ते भी बंद किए जाएंगे। हालांकि कल सरकार के साथ एक दौर की बात और होना है, पर किसान बिल वापसी और MSP की गारंटी से कम पर तैयार नहीं हैं।





यह भी पढ़ें : –बलौदाबाजार कलेक्टर ने किया धान खरीदी केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण





किसानों की मांग है, कि MSP स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों की तरह C2+50 परसेंट होना चाहिए। इससे पहले बीते रोज पूरे देश में 2 घंटे के चक्का जाम किया गया, अब 5 दिसम्बर को हर गांव में मोदी, अंबानी और अडानी का पुतला जलाया जाएगा।





यह भी पढ़ें : –Ind vs Aus T20 : भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 11 रनों से दी शिकस्त





सिंघु बॉर्डर पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि इसे सिर्फ पंजाब आंदोलन बोलना सरकार की साजिश है मगर आज किसानों ने दिखाया कि ये आंदोलन पूरे भारत (8 December Bharat band) में हो रहा है और आगे भी होगा। हमने फैसला लिया है कि अगर सरकार कल कोई संशोधन रखेगी तो हम संशोधन स्वीकार नहीं करेंगे।





प्रेस वार्ता के दौरान आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने कहा कि आज तमिलनाडु में और कर्नाटक में हमारा प्रदर्शन था। अब इन किसानों को भी दिल्ली आने को बोल दिया गया है। पूरे देश के किसानों को दिल्ली आने का आह्वान किया गया है। अब सरकार से लड़ाई आर पार की होगी। आंदोलन को लेकर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता है।


Don't Miss
© Media24Media | All Rights Reserved | Infowt Information Web Technologies.