Media24Media.com: अयोध्या धाम

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विशेष लेख : सुरक्षा और विकास के मोर्चे पर छत्तीसगढ़ सरकार ने हासिल की बड़ी उपलब्धि

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रायपुर।  छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हित में ठोस कदम उठा रही है| दूरस्थ और पिछड़े वनांचल इलाकों में मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अलावा बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का काम तेजी से हो रहा है| छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं जिनके जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव से जन-जीवन जीवन बदल रहा है| मुख्यमंत्री की पहल पर नियद नेल्लानार योजना से आज आदिवासी परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण आई है| इस योजना में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के गांवों का चयन कर शासन के 12 विभागों की 32 कल्याणकारी योजनाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधनों का विकास किया जा रहा|

दूरस्थ आदिवासी इलाकों से अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री साय की पहल पर भारत सरकार ने हरी झंडी दे दी है| सडकों के विकास को लेकर भी लगातार कार्य किया जा रहा है, जिससे आदिवासी अंचलों तक आवाजाही आसान हुई है| छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय भी लिया, जिसका लाभ बड़ी मात्रा में आदिवासी अंचलों के जरूरतमंद रहवासियों को मिल रहा है|

तेंदूपत्ता वनवासियों की आजीविका का मजबूत स्रोत है, इससे होने वाली आमदनी को बढ़ाते हुए सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से 5500 रुपए प्रति मानक बोरा किया, जिसका लाभ चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार से अधिक संग्राहकों को मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका योजना भी शुरू करने जा रही है, इसके साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा|

सुरक्षा और विकास के दोहरे मोर्चे पर काम करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है| इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज अनुपात के हिसाब से छत्तीसगढ़ का बस्तर देश में सबसे सैन्य संवेदनशील क्षेत्र बन चुका है, बस्तर डिवीजन में प्रत्येक 9 नागरिकों के पीछे एक पैरामिलिट्री का जवान है| जल्द ही इन क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के 250 से ज्यादा कैम्प और नियद नेल्लानार से 58 नए कैम्प स्थापित होंगे ताकि सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का दायरा बढ़ सके| मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में आदिवासी संस्कृति और परम्पराओं को आगे बढ़ाने के लिए बस्तर में प्राचीन काल से चले आ रहे अनेक ऐतिहासिक मेलों को भी शासकीय संरक्षण और आर्थिक सहायता दी जा रही है।

 दूरस्थ आदिवासी इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के सरकार के मजबूत प्रयास से देश के दूसरे सबसे कम साक्षर जिले बीजापुर में नए भविष्य की बुनियाद गढ़ी जा रही है| बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा बंद 28 स्कूल अब मुख्यमंत्री साय की पहल से खुल गए हैं| स्थानीय बोलियों को सहेजने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने  आदिवासी अंचलों में स्थानीय बोलियों में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने का निर्णय नई शिक्षा नीति के तहत आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिसमें 18 स्थानीय भाषा-बोलियों में स्कूली बच्चों की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं। प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ी,  सरगुजिहा,  हल्बी,  सादरी, गोंड़ी और कुडुख में पाठ्यपुस्तक तैयार होंगे।

छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी युवाओं के सुनहरे भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही है, इसी क्रम में नई दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर अब 185 कर दी गई है। इस निर्णय से देश राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तैयारी करने के इच्छुक अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अब इस हॉस्टल में तीन गुने से भी अधिक सीटें उपलब्ध होंगी| इसी तरह आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण भी किया जाएगा|

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा| शेष जिलों के विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा, जिससे स्वरोजगार की ओर बढ़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगे|

महासमुंद : विधायक सिन्हा ने श्री राम लाल दर्शन अयोध्या धाम के तीर्थ यात्री बस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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 महासमुंद : श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के तहत आज महासमुंद जिले से कुल 158 तीर्थ यात्री अयोध्या के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने विधायक निवास से तीर्थ यात्रियों को शुभकामनाओं के साथ उनकी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


तीर्थ यात्रियों को रवाना करते हुए उन्होंने कहा कि रामलला अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हुए। मंदिर बनने के बाद श्री रामलला के दर्शन करने के लिए इच्छुक राज्य के श्रद्धालुओं को रामलला दर्शन योजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि यह योजना जनता के लिए एक बड़ी सौगात है, जिसमें उन्हें धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुभव प्राप्त होता है, बल्कि यह उन्हें मानसिक शांति और संतोष भी प्रदान करता है। इस अवसर पर प्रदीप चंद्राकर, प्रकाश शर्मा, रमेश साहू, झनक लाल साहू, बंटी शर्मा सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

इसी क्रम में आज जिले के महासमुंद विकासखंड से 32, बागबहरा से 27, बसना से 34, पिथौरा से 10, और सरायपाली से 55 तीर्थयात्रियों को बसों द्वारा रायपुर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया, जहां से तीर्थयात्री ट्रेन द्वारा अयोध्या के लिए रवाना हुए। बता दें कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत् श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एक्सपर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा। रायपुर रेलवे स्टेशन में तीर्थ यात्रियों को रवाना करने के दौरान उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती संगीता सिंह, जनपद सीईओ फकीचरण पटेल मौजूद थे।

राम मंदिर में गूंजा नारा - छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम

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रायपुर । अयोध्या धाम में पवित्र राम जन्मभूमि में रामलला के दर्शन के लिए जैसे ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके कैबिनेट के सहयोगी पहुंचे, पूरे मंदिर परिसर में नारा गूंज उठा। छत्तीसगढ़ के भांचा राम, जय श्री राम, जय श्री राम। इस तरह पूरा परिसर राम भक्ति  के माहौल में, ननिहाल से आए भक्तों की स्नेह सिक्त वाणी से गुंजायमान हो गया। जिस तरह माता शबरी की शिवरीनारायण में भगवान राम के पुण्य दर्शन की इच्छा पूरी हुई थी। वही साध ननिहाल के हर राम भक्त को होती है। उसी तरह मुख्यमंत्री साय और उनकी कैबिनेट की भी रामलला के दर्शन की इच्छा आज पूरी हो गई।


मुख्यमंत्री साय सहित उनके कैबिनेट के सदस्यों ने शनिवार को अयोध्या धाम पहुंचकर श्रीरामलला के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर भाँचा राम के ननिहाल का उपहार भी प्रभु के चरणों में अर्पित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ से शबरी माता की भूमि शिवरीनारायण से बेर तथा पवित्र जल, विष्णु भोग का चावल, अनारसा, करी लड्डू तथा कोसे के वस्त्र प्रभु को अर्पित किए।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर प्रभु राम से छत्तीसगढ़ के लोगों की सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोग पूरी कैबिनेट के साथ रामलला के दर्शन के लिए आज अयोध्या धाम आए। भगवान श्रीराम हमारे छत्तीसगढ़ के भांजे हैं। भांचा राम के दर्शन के लिए हम लोग बहुत उत्सुक थे। भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से वो शुभ घड़ी आ गई है जब हम लोगों को अयोध्या धाम में रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हमने अयोध्या धाम जाने का निर्णय लिया तो सोचा कि जब अपने भांजे के दर्शन के लिए जाएंगे तो उनके लिए ननिहाल की तरफ से क्या उपहार लेकर जाएं।

फिर विचार आया कि इससे अच्छा उपहार भगवान श्रीराम के लिए क्या हो सकता है कि हम उस पवित्र भूमि शिवरीनारायण से बेर ले जाकर भगवान को भेंट करें, जहां के बेर खुद माता शबरी ने प्रभु श्रीराम को अपने हाथों से खिलाये थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन जूठे बेरों का स्मरण हमेशा के लिए लोक स्मृति में दर्ज हो गया है। माता शबरी की इस धरती से भगवान श्रीराम के लिए यह उपहार ले जाने का हमें सौभाग्य मिला इससे बढ़कर हमें क्या चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ जनजातीय प्रदेश है। यहां माता शबरी और अनेक जनजातीय विभूतियों ने भगवान श्रीराम का स्वागत किया है।  हमारी यह धरती धन्य है। यह अद्भुत संयोग है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल भी है और यह उनके वन गमन पथ का हिस्सा भी है। रामकथा से जुड़े विद्वान बताते हैं कि श्रीराम ने अपने वनवास के चौदह वर्षों में दस वर्ष यहीं गुजारे।

उन्होंने रामायण के प्रसंगों से भी अपनी बात बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामायण के प्रसंग जनजातीय लोगों से श्रीराम के अद्भुत स्नेह तथा प्रभु श्रीराम के जनजातीय लोगों से अपार प्रेम की कहानी कहते हैं।

उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि प्रदेश के मुखिया के रूप में अयोध्या पहुंच कर छत्तीसगढ़ के लोगों के अपने आराध्य के प्रति अगाध स्नेह और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम बना हूँ।

रामलला के दर्शनों से अभिभूत मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीराम ने हमें रामराज्य का आदर्श दिया है। छत्तीसगढ़ में रामराज्य के आदर्श को लेकर हम चल रहे हैं। श्रीरामलला का दर्शन कर हमने प्रभु से अपने प्रदेश के सुख-समृद्धि की कामना की  है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से हमारे प्रदेश के बहुत से श्रद्धालु श्रीरामलला के दर्शन का पुण्य लाभ ले चुके हैं। उन सबसे श्रीरामलला के भव्य मंदिर और उनकी मंजुल मूर्ति की प्रशंसा सुनकर मन बहुत प्रसन्न होता था। आज हमें भी रामलला के दर्शन का सौभाग्य मिल गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री के कैबिनेट के सहयोगी उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, कृषि मंत्री राम विचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री टंक राम वर्मा भी मौजूद रहे। इसके साथ ही किरण देव, अजय जामवाल एवं पवन साय भी मौजूद रहे।


श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या धाम रवाना हुए तीर्थयात्री, विधायक ने दी शुभकामनाएं

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 महासमुंद। श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम योजना के तहत आज महासमुंद से अयोध्या के लिए तीर्थ यात्री भगवान श्री रामलला के दर्शन के लिए रवाना हुए।


इस अवसर पर महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने विधायक कार्यालय परिसर में यात्रियों को तिलक लगाकर शुभकामनाओं के साथ रवाना किया।

तीर्थ यात्रियों को रवाना करते हुए उन्होंने कहा कि 500 वर्षों से देश के लोगों को राम मंदिर बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। इसके बाद श्री रामलला अयोध्या में नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हुए। मंदिर बनने के बाद श्री रामलला के दर्शन करने के लिए इच्छुक राज्य के श्रद्धालुओं को रामलला दर्शन योजना का लाभ मिल रहा है।

छत्तीसगढ़ के लोगों को अयोध्या स्थित प्रभु श्रीराम मंदिर के दर्शन कराने की मोदी की गारंटी को पूरा करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कदम उठाया है। इस योजना के तहत प्रत्येक विकासखंड के तीर्थयात्री लाभान्वित हुए हैं। सालों प्रतीक्षा करने के बाद यह अवसर आया है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को श्री रामलला का दर्शन लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। आगे भी इस योजना के तहत राज्य के लोग निरंतर अयोध्या धाम का दर्शन करेंगे।

यह रहे मौजूद - इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेतागण पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा, चंद्रहास चंद्राकर, रमेश साहू, निरंजना शर्मा, प्रकाश शर्मा, प्रदीप चंद्राकर, पवन पटेल, मीना वर्मा, झनक लाल साहू, बंटी शर्मा, पप्पू ठाकुर उपस्थित रहें।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने अयोध्या धाम जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे को किया रवाना

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 रायपुर : उपमुख्यमंत्री अरूण साव ने आज रामलला दर्शन योजना के तहत बिलासपुर रेलवे स्टेशन से अयोध्या जाने वाली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन भी मौजूद थे। ट्रेन में 850 यात्रियों का विशेष जत्था जयश्री राम का नारा लगाते हुए अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। 


रामलला दर्शन के लिए जा रही विशेष ट्रेन आज दोपहर 12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 7 से रवाना हुई। इस विशेष ट्रेन में बिलासपुर संभाग के 850 श्रद्धालु अयोध्या के साथ-साथ काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे। राज्य सरकार द्वारा रामलला दर्शन योजना शुरू की गई है, जिसमें छत्तीसगढ़वासियों को निःशुल्क अयोध्या धाम तक की यात्रा कराई जा रही है।



उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि यह क्षण हमारे लिए गौरवशाली है कि बिलासपुर संभाग के लोग रामलला दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रामलला दर्शन योजना शुरू कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मोदी जी की एक और गारंटी पूरी की है। इन श्रद्धालुओं का उल्लास और उमंग यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ के लोगों में रामलला के प्रति कितनी अटूट श्रद्धा और आस्था है। 850 श्रद्धालुओं के इस जत्थे के लिए सरकार ने पूरा प्रबंध किया है। उनके आने-जाने, रूकने और खाने की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है।


श्री रामलला दर्शन योजना: हर सप्ताह छत्तीसगढ़ के 850 श्रद्धालु जाएंगे अयोध्या धाम, विशेष ट्रेन से का संचालन 5 मार्च से

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 रायपुर : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की उपस्थिति में  विधानसभा परिसर में श्रीरामलला दर्शन योजना के तहत छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल और आईआरसीटीसी के बीच विशेष ट्रेन चलाने और आवश्यक व्यवस्था के लिए एमओयू हुआ। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव विशेष रूप से उपस्थित थे।


श्रीरामलला दर्शन योजना के लिए छत्तीसगढ़ से अयोध्या तक चलाई जा रही विशेष ट्रेन प्रत्येक सप्ताह चलेगी। 12 कोच वाली इस ट्रेन में एक बार में छत्तीसगढ़ के करीब 850 श्रद्धालु श्री रामलला के दर्शन करने अयोध्या जा सकेंगे। इस विशेष ट्रेन का संचालन 5 मार्च से प्रारंभ हो रहा है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार बड़ी तेजी से मोदी की गारंटी को पूरा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। उन्होंने बताया कि एमओयू हस्ताक्षर होने के बाद 5 मार्च से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा। यह एमओयू 3 साल के लिए हस्ताक्षर किया गया है जिसे 2 साल बढ़ाया भी जा सकता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने बताया कि सभी जिला कलेक्टर हितग्राहियों से निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्राप्त कर उनकी जांच करेंगे और जिलेवार निर्धारित कोटे के अनुसार यात्रियों की सूची तैयार करेंगे। सूची आईआरसीटीसी और छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल नोडल एजेंसी को भेजी जाएगी। प्रत्येक जिले से 40 यात्रियों पर एक अनुरक्षक भी भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि आने वाले समय में अयोध्या के साथ-साथ इस ट्रेन के माध्यम से काशी में भगवान विश्वनाथ के दर्शन और प्रयागराज में तीर्थ स्थान की व्यवस्था भी कराई जाएगी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक  जितेन्द्र शुक्ला और आईआरसीटीसी के उप महा प्रबंधक  सुभाष चन्द्र ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया। कार्यक्रम में विधायक सुशांत शुक्ला, गोमती साय, डोमेनलाल कोर्सेवाडा, पूर्व विधायक डॉ. कृष्ण कुमार बांधी के साथ ही छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के उप महाप्रबंधक श्रीरंग पाठक, आईआरसीटीसी के एजीएम  कौशिक बनर्जी, चीफ सुपरवाइजर  भानु प्रकाश, एग्जीक्यूटिव  राजीव कुमार भी उपस्थित थे।

मैं सांसद मोहन मंडावी को रामायणी सांसद कहूँगा, वे हीरो हैं - मुख्यमंत्री साय

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 रायपुर। अयोध्या धाम में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी है यहां भगवान के ननिहाल छत्तीसगढ़ में भी इसके लिए उत्सव सा माहौल है। आज बालोद जिले के गुंडरदेही में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को रामचरितमानस का वितरण भी किया। आज यहां तुलसी मानस प्रतिष्ठान द्वारा 3000 मानस ग्रंथों का वितरण किया। इसके पूर्व 48 हजार ग्रंथों का वितरण हो चुका है।


मुख्यमंत्री  साय ने कहा कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने इस संबंध में निश्चय किया था कि 51 हजार मानस प्रति बांटकर लोगों के समक्ष श्रीराम का आदर्श अधिकाधिक संख्या में प्रसारित करेंगे। आज गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड्स की टीम ने वितरण के पश्चात इसे गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया। गुंडरदेही में रामचरितमानस को पूरी प्रतिष्ठा के साथ लाल कपड़े में बांधकर श्रद्धालुओं को सौंपा गया। श्रद्धालुओं ने इसे सिर माथे लिया। लगभग 3000 लोगों ने मानस को सिर माथे रखकर श्रीराम के जयजयकार के नारे लगाये और पूरा माहौल राममय हो गया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने श्रीराम की जयकार के साथ अपने संबोधन की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि मैं कांकेर सांसद  मोहन मंडावी को रामायणी सांसद कहूँगा। उन्हें हीरो कहूँगा, उन्होंने मानस वितरण को लेकर बहुत अच्छा काम किया है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार बालोद आया, आपकी आत्मीयता के लिए आपका स्वागत करता हूँ। आज यहां 173 करोड़ रुपए से अधिक राशि का लोकार्पण भूमिपूजन किया।  मंडावी 2002 से मानस वितरण का कार्य कर रहे हैं। आज उन्होंने 3000 प्रतियां वितरित कर 51 हजार मानस वितरित करने का का पूरा कर लिया है। इससे पहले वे 48 हजार मानस वितरित कर चुके हैं। इसे गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि  मंडावी ने अपना ही नहीं, छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है। उन्होंने 51 हजार परिवारों में मानस पहुंचाने का काम किया है। साथ ही हर घर तुलसी चौरा हो, इसके लिए भी उन्होंने लोगों को प्रोत्साहित किया है। यह बहुत अच्छा काम है। राम चरित मानस के वितरण से बेहतर समाज के निर्माण की दिशा तय होती है। इस महती कार्य के लिए  मंडावी को बधाई देता हूँ। यह कार्य ऐसे शुभ समय में हो रहा है जब 22 तारीख को अयोध्या धाम में श्रीराम की प्राणप्रतिष्ठा होने वाली है। चारों ओर उत्सव का माहौल है। मकर संक्रांति से 22 जनवरी तक मंदिरों में साफसफाई का काम हम लोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि छत्तीसगढ़ श्रीराम का ननिहाल है। हमने अयोध्या सुगंधित चावल भेजा है। हमारे डाक्टर भी अयोध्या गये हैं ताकि श्रद्धालुओं की सेवा कर सके। छत्तीसगढ़ में बहुत गहरी खुशी इस अवसर को लेकर है। हमारी सरकार मोदी की गारंटी को पूरा करने कृतसंकल्पित है। मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि हमने सरकार बनते ही अठारह लाख से अधिक आवास स्वीकृत किये। सरकार बनने के अगले दिन ही हमने यह कार्य कर दिया। दो साल का बोनस भी हमने किसानों को दिया है। पीएससी 2021 में आई शिकायतों की जांच भी सीबीआई करेगी। 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान हम खरीद रहे हैं। 3100 रुपए प्रति क्विंटल हम धान खरीद रहे हैं। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं की खाते में शीघ्र ही राशि अंतरित की जाएगी। हम सभी मानस मंडलियों को सम्मानित करने का काम भी कर रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह ने कार्यक्रम में कहा कि अयोध्या धाम में भव्य श्रीराम मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा है। यह हम सबके लिए गौरव का दिन है। तुलसी मानस प्रतिष्ठान सांसद श्री मोहन मंडावी ने मानस वितरण का जो कार्य किया है। वो बहुत प्रशंसनीय है। मानस मंडलियों द्वारा श्रीराम के आदर्शों का जिस तरह प्रचार किया जा रहा है। वह प्रशंसनीय है। कांकेर सांसद मोहन मंडावी ने इस अवसर पर कहा कि हमने 2002 से मानस वितरण आरंभ किया। मैं शिक्षक था और यह कार्य करता था। बाद में भी पद से इस्तीफा देने के बाद काम जारी रखा। मानस के श्लोकों के साथ उन्होंने श्रीराम के आदर्शों को जनता के समक्ष रखा।

उल्लेखनीय है कि सांसद  मंडावी ने यह निश्चय किया था कि श्री राम चरित मानस का अधिकतम प्रसार करेंगे ताकि श्रीराम के आदर्शों से लोग अधिकतम संख्या में प्रभावित हो सके। इसके बाद उन्होंने लगातार मानस का वितरण आरंभ किया। गोल्डन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के अधिकारियों ने कहा कि मानस के माध्यम से लोगों की जिंदगी बदलने का बड़ा काम श्री मंडावी द्वारा किया गया है जिसका हमने परीक्षण किया है और इसे दर्ज किया है।


अयोध्या में जलाई गई दुनिया की सबसे बड़ी 108 फीट लंबी अगरबत्ती, 45 दिनों तक फैलेगी सुगंध

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 Ram Mandir Agarbatti  : दुनिया की सबसे बड़ी 108 फीट लंबी अगरबत्ती अयोध्या धाम में मंगलवार को रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अनुष्ठान के शुरू होते ही जलाई गई. गुजरात के वडोदरा से इसे बनाने वाले राम भक्त विहा भरवाड़ और 25 अन्य लोग लेकर अयोध्या पहुंचे हैं. 


अगरबत्ती का वजह 3610 किलोग्राम है और इसकी चौड़ाई 3.5 फीट है. इसे तैयार करने वाले भरवाड का दावा है कि ये अगरबत्ती पर्यावरण के अनुकूल है और करीब डेढ़ महीने तक अयोध्या में आसपास के कई किलोमीटर तक सुगंधित करती रहेगी.

इसके निर्माण में 376 ग्राम गुग्गुल यानी गोंद, 376 किलो नारियल के गोले, 1470 किलो गाय का गोबर, 420 किलो जड़ी बूटियां और 190 किलो घी का इस्तेमाल किया गया है.


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