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छत्तीसगढ़ में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है— मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी बैठक में शामिल हुए। इस अवसर पर वर्ष 2025-26 के वार्षिक बजट का अनुमोदन किया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री साय ने स्टेडियम परिसर में संघ के अध्यक्ष के नवीन कार्यालय कक्ष का विधिवत उद्घाटन भी किया।

छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की कार्यकारिणी बैठक सम्पन्न

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खिलाड़ियों के प्रोत्साहन हेतु हमारी सरकार ने खेल अलंकरण समारोहों का पुनः शुभारंभ किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्कृष्ट खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया शीघ्र ही पूर्ण की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन दिया कि संघ के सदस्यों द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के विकास के लिए वृहद स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेताओं को ₹3 करोड़, रजत पदक विजेताओं को ₹2 करोड़ तथा कांस्य पदक विजेताओं को ₹1 करोड़ की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ओलंपिक खेलों में केवल प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि वे स्वयं राज्य तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष हैं और बचपन से उन्हें तीरंदाजी का शौक रहा है। उन्होंने कहा कि जशपुर में एनटीपीसी के सहयोग से तीरंदाजी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ एक उद्योग प्रधान और खनिज संसाधनों से भरपूर राज्य है। सरकार का प्रयास रहेगा कि सीएसआर मद के माध्यम से खेलों के लिए आधारभूत ढांचे का विकास किया जाए।

बैठक को संबोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय के मार्गदर्शन में वर्षों से बंद खेल अलंकरण समारोह पुनः आरंभ किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची भी घोषित की जाएगी। वर्मा ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें उचित प्रशिक्षण और अवसर देने की है।

उन्होंने आगे बताया कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ युवा रत्न पुरस्कार की भी घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत खेल, कला, संगीत, साहित्य, उद्योग, व्यापार आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘खेलो इंडिया’ योजना के तहत प्रत्येक जिले में खेलों को बढ़ावा देने के कार्य किए जा रहे हैं। बस्तर ओलंपिक का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इस आयोजन की प्रधानमंत्री ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में भी प्रशंसा की है।

इस अवसर पर सांसद एवं ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष विजय बघेल ने भी बैठक को संबोधित किया और प्रदेश में खेलों के विस्तार के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की आवश्यकताओं और अपेक्षाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराते हुए संगठनात्मक सुदृढ़ता और संसाधनों की उपलब्धता पर बल दिया।

बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिंह सिसोदिया ने वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए लिए गए निर्णयों और सहयोग से प्रदेश में एक सकारात्मक खेल वातावरण निर्मित हो रहा है। इस अवसर पर संघ के अनेक पदाधिकारीगण उपस्थित थे।


मंत्रिपरिषद के निर्णय : सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की वर्ष 2025 के लिए स्थानांतरण नीति का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत जिला स्तर पर स्थानांतरण 14 जून से 25 जून तक प्रभारी मंत्री द्वारा और राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से होंगे, आवेदन 6 जून से 13 जून तक स्वीकार किए जाएंगे।

न्यूनतम दो वर्ष सेवा अनिवार्य है, गंभीर बीमारी, मानसिक/शारीरिक अक्षमता और सेवा निवृत्ति से पूर्व एक वर्ष के मामलों में विशेष सुविधा मिलेगी। अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण हेतु एवजीदार अनिवार्य है, साथ ही सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर जैसे जिलों में रिक्त पदों को भरने का विशेष प्रयास रहेगा। तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के मामलों में उनके संवर्ग की कुल संख्या का अधिकतम 10 प्रतिशत एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचाारियों में अधिकतम 15 प्रतिशत स्थानांतरण किए जा सकेंगे। परीविक्षाधीन अधिकारी-कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

यह भी पढिए...मंत्रिपरिषद के निर्णय -(पीडीएफ) 

पति-पत्नी की एक स्थान पर पदस्थापना, ग्रामीण-शहरी संतुलन और पारदर्शिता के लिए राज्य स्तर के सभी स्थानांतरण आदेश ई-ऑफिस के माध्यम से जारी होंगे। जिला स्तर पर निर्धारित समयावधि में स्थानांतरण जारी कर उसी तिथि को आदेश की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग को मेल करना होगा।

सभी जिला स्तरीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण 5 जून 2025 से समाप्त माना जाएगा और जहां किसी कर्मचारी की आवश्यकता होगी स्थानांतरण नीति के अनुरूप स्थानांतरण किया जा सकेगा।

स्थानांतरण के विरूद्ध 15 दिन में राज्य स्तरीय समिति को अभ्यावेदन किया जा सकेगा। 25 जून के बाद स्थानांतरण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, अत्यंत आवश्यक होने पर समन्वय में अनुमोदन उपरांत स्थानांतरण किया जा सकेगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री जी के घोषणानुसार ग्राम पंचायत दामाखेड़ा का नाम ‘‘कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा‘‘ किये जाने का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 23 फरवरी 2024 को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील अंतर्गत दामाखेड़ा में आयोजित संत समागम समारोह ‘‘मांघीमेला‘‘ में सम्मिलित होकर दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा नाम किए जाने की घोषणा की थी।

मंत्रिपरिषद द्वारा कबीरधाम जिले के कवर्धा तहसील के ग्राम पंचायत गदहाभाठा का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत सोनपुर तथा बोड़ला तहसील के ग्राम पंचायत चण्डालपुर का नाम परिवर्तन कर ग्राम पंचायत चन्दनपुर किए जाने का निर्णय लिया गया। 

मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य की कला, संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए राज्य में कलाग्राम की स्थापना हेतु नवा रायपुर अटल नगर में संस्कृति विभाग को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने तथा उक्त भूमि के विरूद्ध प्रतिपूर्ति राशि नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भुगतान करने का निर्णय लिया गया।

यह कलाग्राम शिल्पकारों, लोक कलाकारों और परंपरागत कारीगरों के लिए एक समर्पित केंद्र होगा, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा साथ ही छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक समृद्धि को सुदृढ़ करेगा और स्थानीय कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला को प्रदर्शित करने का एक स्थायी मंच भी प्रदान करेगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में राष्ट्रीय स्तर की तीरंदाजी अकादमी की स्थापना के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग को 13.47 एकड़ भूमि निःशुल्क आबंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इस अकादमी में आउटडोर व इनडोर (एसी) तीरंदाजी रेंज, उच्च प्रदर्शन केंद्र, छात्रावास एवं आवासीय सुविधा का निर्माण किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के निम्न एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को शहरों में किफायती एवं सस्ते भूखण्ड उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ किफायती जन आवास नियम, 2025 का अनुमोदन किया गया।

इससे लोगों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में उचित दर पर भूखंड उपलब्ध कराकर पानी, बिजली, सड़क, सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी। अवैध प्लाटिंग की रोकथाम के साथ ही लोगों को सुव्यवस्थित कॉलोनियों का विकल्प मिलेगा और राज्य में रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में युवा कल्याण के विभिन्न क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों व्यक्ति एवं संगठनों को सम्मानित करने के लिए युवा रत्न सम्मान योजना शुरू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इस योजना के तहत युवा कल्याण के क्षेत्र में असाधारण और विशिष्ट सेवा कार्य करने वाले व्यक्ति अथवा स्वैच्छिक संगठनों को ‘‘छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान‘‘ से सम्मानित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ युवा रत्न सम्मान हर वर्ष राज्य के एक युवा और एक स्वैच्छिक संस्था को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दिया जाएगा। इसमें युवा को पदक, प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम 2.50 लाख रूपए, जबकि संस्था को अधिकतम 5 लाख रूपए की पुरस्कार राशि दी जाएगी।

इसके साथ ही सामाजिक, साहित्य, नवाचार, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कला-संगीत तथा लोककला के क्षेत्र में ‘‘युवा रत्न सम्मान‘‘ प्रदान किया जाएगा। युवा रत्न सम्मान प्रत्येक वर्ष उपरोक्त क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए चयनित एक-एक युवाओं को प्रदान किया जाएगा। जिसमें पदक, पदक प्रमाण पत्र, शॉल और अधिकतम एक लाख रूपए शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए यह सम्मान केवल महिलाओं और बालिकाओं को दिया जाएगा।

आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए और उसकी उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। सरकारी कर्मचारी, सरकारी उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यरत व्यक्ति पात्र नहीं होंगे। एक व्यक्ति या संस्था को एक ही साल में एक ही श्रेणी का पुरस्कार मिल सकता है और एक श्रेणी का पुरस्कार किसी को दोबारा नहीं दिया जाएगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग अंतर्गत प्रशिक्षक (कोच) के पद पर भर्ती हेतु राष्ट्रीय क्रीडा संस्था पटियाला से प्रशिक्षक के डिप्लोमा के मापदण्ड को एक वित्तीय वर्ष के लिए शिथिलीकरण करने का निर्णय लिया गया।

मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में ग्रामीण एवं आदिवासी बहुल क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए ‘‘छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30‘‘ का अनुमोदन किया गया।

होमस्टे नीति का उद्देश्य यह है कि छत्तीसगढ़ के गांवों और विशेषकर बस्तर और सरगुजा के दूर-दराज के इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। इससे वहां के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले। होमस्टे के ज़रिए पर्यटकों को गांव की संस्कृति, कला, शिल्प और प्रकृति से जुड़ा खास अनुभव मिलेगा, साथ ही, इससे गांवों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ होगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी। यह एक तरह से ओकल फॉर लोकल के लक्ष्य को प्राप्त करने और देश में ग्रामीण पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण साबित होगा।

मंत्रिपरिषद की बैठक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

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रायपुर मंत्रिपरिषद द्वारा द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2024-2025 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।


मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं के छत्तीसगढ़ पुलिस में भर्ती के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उम्मीदवारों के लिए ऊंचाई और सीना के निर्धारित मापदण्ड में एक बार के लिए छूट प्रदान करने का निर्णय लिया। जिसके तहत छत्तीसगढ़ पुलिस में सूबेदार, उपनिरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर की सीधी भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में निर्धारित न्यूनतम ऊंचाई 163 सेंटीमीटर तथा सीना बिना फुलाये 78 से.मी. एवं फुलाने पर 83 से.मी. केवल अनुसूचित जनजाति वर्ग के पुरूष अभ्यर्थियों के लिए केवल एक बार के लिए छूट देने का निर्णय लिया गया है। 

छत्तीसगढ़ विधानसभा सदस्य वेतन, भत्ता तथा पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ राज्य में डेयरी उद्यमिता को प्रोत्साहन देने एवं दुग्ध संकलन तथा प्रसंस्करण में वृद्धि हेतु राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ एम.ओ.यू. करने का निर्णय लिया गया। इससे नवीन तकनीक के उपयोग के साथ ही दुग्ध महासंघ के प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि होगी। अनुसूचित क्षेत्रों में दुधारू पशु उत्प्रेरण से स्वरोजगार में वृद्धि के साथ ही दुग्ध उत्पादन की लागत कम होगी तथा दुग्ध उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही प्रदेश के दुग्ध उत्पादक कृषकों के दुग्ध विक्रय के लिए सुदृढ़ व्यवस्था स्थापित हो सकेगी।   

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता, 1959 में संशोधन बाबत् छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ अनधिकृत विकास का नियमितिकरण (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

राजधानी रायपुर में 15 जनवरी से 15 फरवरी 2025 तक आयोजित ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों के लाईफ टाईम रोड टैक्स पर एकमुश्त 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया तथा प्रदेश के सभी डीलरों को इस सुविधा का  लाभ वाहन क्रेताओं को दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

छत्तीसगढ़ में खेलों के लिए सुदृढ़ वातावरण तैयार करने, खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा राज्य के खिलाड़ियों के लिए सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर जिला मुख्यालय में खेल हेतु आधारभूत संरचनाओं के निर्माण के लिए मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन के लिए कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया।

इसके तहत छत्तीसगढ़ में खेल क्लब को बढ़ावा देने, खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए संबंधित पंजीकृत समितियों को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने पर आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ पारंपरिक खेलोें को पुनर्जीवित किया जाएगा। ओलम्पिक खेलों को ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में बढ़ावा देने के साथ ही राज्य के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने पर उनको शत-प्रतिशत यात्रा व्यय  तथा खेल उपकरण की सुविधा देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित अतिशेष (सरप्लस) धान के निराकरण के संबंध में गहन विचार-विमर्श किया गया। कैबिनेट ने खरीफ सीजन में उपार्जित शतप्रतिशत धान की कस्टम मिलिंग उसी खरीफ सीजन में पूरा कर जमा कराने तथा इस साल के अतिशेष धान का चावल केन्द्रीय पूल के अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम में सितम्बर 2025 तक उपार्जित किए जाने के लिए लक्ष्य वृद्धि हेतु प्रस्ताव धान खरीदी समाप्त होते ही भारत सरकार को पुनः भेजे जाने के संबंध में चर्चा की गई तथा अतिशेष धान का निराकरण नीलामी से करने की अनुमति दी गई है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कस्टम मिलिंग हेतु फोर्टिफाईड राईस कर्नेल की व्यवस्था के संबंध में फोर्टिफाईड चावल जमा की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा NeML के माध्यम से दर का निर्धारण पश्चात् आपूर्ति प्रारंभ होने तक गत् खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 अनुसार मिलरों द्वारा एफआरके निर्माताओं से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दर के अधीन फोर्टिफाईड राईस कर्नेल (FRK) क्रय कर फोर्टिफाईड चावल जमा किये जाने की अनुमति दी गई है।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन राशि 80 रूपए करने का निर्णय लिया खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में राईस मिलों को लंबित प्रोत्साहन राशि की प्रथम किश्त प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया।

छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 (क्रमांक 1 सन् 1994)  की धाराओं में संशोधन संबंधी छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) विधेयक, 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ नगर पालिक अधिनियम 1961 (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2024 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।

लोक निर्माण विभाग में अभियंताओं की दीपावली की खुशियां हुई दुगुनी, मिली पदोन्नति

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रायपुर। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग में अभियंताओं की दीपावली की खुशियां दुगुनी हो गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने आज मंत्रालय से 47 अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा 41 उप अभियंताओं को सहायक अभियंता और चार मानचित्रकारों को सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नत किया गया है। विभाग ने आज दो अभियंताओं को 29 मई 2020 से भूतलक्षी प्रभाव से मुख्य अभियंता के पद पर पदोन्नति के भी आदेश जारी किए हैं। इन पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना बाद में की जाएगी।

लोक निर्माण विभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से अभियंताओं की लंबित पदोन्नति के आदेश चालू अक्टूबर माह में जारी किए गए हैं। हाल ही में 14 अक्टूबर को 51 अधिकारियों को भी पदोन्नत किया गया था। इनमें तीन कार्यपालन अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता तथा 48 सहायक अभियंताओं को कार्यपालन अभियंता के रूप में पदोन्नति दी गई थी। इस प्रकार चालू अक्टूबर माह में कुल 98 अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। सभी पदोन्नत अधिकारियों ने इस दीपावली नई खुशियां देने के लिए उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव को धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया है।

शासकीय सेवकों एवं उनके परिजनों के इलाज के लिए राज्य के बाहर के 41 अस्पतालों को मान्यता

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रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने शासकीय सेवकों और उनके आश्रित परिजनों के इलाज के लिए राज्य के बाहर स्थित 41 अस्पतालों को मान्यता दी है। शासकीय कर्मियों के इलाज के लिए चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इन अस्पतालों को मान्यता मिली है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री टी.एस. सिंहदेव के अनुमोदन के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मान्यता प्राप्त अस्पतालों की सूची मंत्रालय से जारी की है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शासकीय कर्मियों और उनके परिजनों के उपचार के लिए विगत 11 अप्रैल को 92 अस्पतालों की सूची जारी की थी जिनमें प्रदेश के विभिन्न शहरों के 91 और राज्य के बाहर स्थित एक अस्पताल नीति क्लिनिक्स प्राइवेट लिमिटेड रामदासपेठ, नागपुर शामिल था। विभाग द्वारा 19 अप्रैल को जारी मान्यता प्राप्त अस्पतालों की सूची में राज्य के बाहर स्थित 40 अस्पताल शामिल हैं। इस तरह शासकीय सेवारत अधिकारियों-कर्मचारियों के इलाज के लिए मान्यता प्राप्त अस्पतालों की कुल संख्या अब 132 हो गई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राज्य शासन के सभी विभागों, राजस्व मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष, सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को मान्यता प्राप्त अस्पतालों की सूची प्रेषित की है।

राज्य के बाहर के इन अस्पतालों को मिली है मान्यता

सर गंगाराम हॉस्पिटल राजेन्द्र नगर, नई दिल्ली. स्पंदन हार्ट इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर धनतोली, नागपुर. प्लेटिना हार्ट हॉस्पिटल सीताबुल्दी, नागपुर. शेल्बी मल्टीस्पेशियालिटी हॉस्पिटल विजय नगर, जबलपुर. मेदांता द मेडिसिटी, सेक्टर-28, गुड़गांव. जसलोक हॉस्पिटल, मुंबई. सी.एम.सी. वेल्लोर, शंकर नेत्रालय, चेन्नई. अपोलो हॉस्पिटल, चेन्नई. एस्कार्ट हार्ट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली. बत्रा हॉस्पिटल, नई दिल्ली. लीलावती हॉस्पिटल, मुंबई. मेट्रो हॉस्पिटल नोएडा, दिल्ली. चोईथराम हॉस्पिटल, इंदौर. यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद. फोर्टिस एंड लाफ्रेस फोर्टिस हॉस्पिटल दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित हॉस्पिटल की सभी शाखाएं.

मैक्स देवकी हार्ट एंड वास्कुलर इंस्टीट्यूट, सुपरस्पेशियालिटी हॉस्पिटल - दिल्ली तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थित हॉस्पिटल की सभी शाखाएं. प्राईमस सुपरस्पेशियालिटी हॉस्पिटल चाणक्यपुरी, नई दिल्ली. मैक्स सुपरस्पेशियालिटी हॉस्पिटल साकेत, नई दिल्ली. अपोलो हॉस्पिटल्स चिनगाधिली, विशाखापटनम.  मेदांता सुपरस्पेशियालिटी हॉस्पिटल एबी रोड, इंदौर. शेल्बी हॉस्पिटल सुपरस्पेशियालिटी केयर आर.एस. भंडारी मार्ग, इंदौर.शेल्बी मल्टीस्पेशियालिटी हॉस्पिटल एस.जी. रोड, अहमदाबाद. बासवाताराकम इंडो-अमेरिकन कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट बंजारा हिल्स, हैदराबाद.

कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट, मुंबई. बॉम्बे हॉस्पिटल, मुंबई. नानावटी हॉस्पिटल, मुंबई. इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली. पंडालिया कॉर्डियो-थोरेसिक फाउंडेशन, चेन्नई. एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, हैदराबाद. मेडविन हॉस्पिटल, हैदराबाद. सेवन हिल्स हॉस्पिटल, विशाखापटनम. केयर हॉस्पिटल, विशाखापटनम. स्योरटेक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, नागपुर. एच.सी.एम.सी.टी. मनिपाल हॉस्पिटल्स ओखला इंडस्ट्रियल इस्टेट, नई दिल्ली. ओमनी आरके सुपरस्पेशियालिटी हॉस्पिटल रामनगर, विशाखापटनम. ग्लेनीग्ल्स ग्लोबल हॉस्पिटल्स, हैदराबाद. अपोलो हॉस्पिटल जुबली हिल्स, हैदराबाद. मेडिट्रिना इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस रामदासपेठ, नागपुर

यह पढिए : पीडीएफ फाइल 

राज्यांतर्गत स्थित निजी चिकित्सालय - pdf

राज्य के बाहर स्थित निजी चिकित्सालय - pdf

मुख्यमंत्री से रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने की सौजन्य मुलाकात

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश से आज यहाँ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में रायपुर प्रेस क्लब के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। 

उन्होंने केबिनेट की बैठक में प्रदेश भर के पत्रकारों के हित में छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक 2023 के प्रारूप के अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित कर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष दामू अम्बाडारे, कोषाध्यक्ष सुश्री शगुफ्ता शिरीन, मोहसिन अली एवँ सदस्यगण उपस्थित थे।

केबिनेट की बैठक में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में  आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इस संशोधन प्रस्ताव के अनुसार प्राकृतिक आपदा के विरूद्ध प्रभावित व्यक्तियों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता की राशि में बढ़ोतरी की गई है। केबिनेट की बैठक में अनुमोदित संशोधन प्रस्ताव के अनुसार कृषि भूमि से गाद/मलबा निकालने हेतु वर्तमान में 12,200 रूपए प्रति हेक्टेयर का प्रावधान है।


 

नवीन प्रावधान में इसे बढ़ाकर 18,000 रूपए प्रति हेक्टेयर किया गया है। भू-स्खलन/नदी से भूमि हानि के लिए वर्तमान प्रावधान 37,500 रूपए प्रति हेक्टेयर को नवीन प्रावधान में बढ़ाकर 47,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, असिंचित भूमि में कृषि बागानी फसल हानि पर वर्तमान में 6,800 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 8,500 रूपए प्रति हेक्टेयर, सिंचित भूमि में कृषि बागानी फसल हानि पर वर्तमान में 13,500 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 17,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, बारहमासी फसल हानि पर वर्तमान में 18,000 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 22,500 रूपए प्रति हेक्टेयर किया गया है।

इसी प्रकार रेशम ( ऐरी, मलबरी, टसर) की हानि पर वर्तमान प्रावधान 4,800 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 6,000 रूपए प्रति हेक्टेयर, रेशम (मूगा) की हानि पर वर्तमान प्रावधान 6,000 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 7,500 रूपए प्रति हेक्टेयर, टिड्डी नियंत्रण हेतु रसायन स्प्रे पर नवीन प्रावधान राज्य के अंश की सीमा तक प्रावधान किया गया है। बड़े दुधारू पशु की हानि पर वर्तमान प्रावधान 30,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 37,500 रूपए, छोटे दुधारू पशु की हानि पर वर्तमान में 3,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 4,000 रूपए, बड़े सूखे पशु की हानि पर वर्तमान प्रावधान 25,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 32,000 रूपए,

छोटे सूखे पशु की हानि पर वर्तमान में 16,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 20,000 रूपए, पोल्ट्री के लिए वर्तमान प्रावधान 5,000 रूपए प्रति परिवार, 50 रूपए प्रति पक्षी को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 10,000 रूपए प्रति परिवार, 100 रूपए प्रति पक्षी किया गया है। इसी प्रकार गौशाला में पशु चारा के लिए वर्तमान प्रावधान 70 रूपए प्रतिदिन प्रति बड़े पशु, 35 रूपए प्रतिदिन प्रति छोटेपशु को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 80 रूपए प्रतिदिन प्रति बड़ेपशु, 45 रूपए प्रतिदिन प्रति छोटेपशु, पशुगृह क्षति में 1500 रूपए प्रति शेड को बढ़ाकर नवीन प्रावधान में 3000 रूपए प्रति शेड, सामान्य क्षेत्र में मकान क्षति (पूर्ण) वर्तमान प्रावधान 95,100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 1,20,000 रूपए, पहाड़ी क्षेत्र में मकान क्षति (पूर्ण) वर्तमान प्रावधान 1,01,900 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 1,30,000 रूपए,

पक्का मकान क्षति (आंशिक) वर्तमान प्रावधान 5200 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 6500 रूपए, कच्चा मकान क्षति (आंशिक) वर्तमान प्रावधान 3200 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 4000 रूपए, झोपड़ी क्षति वर्तमान प्रावधान 4100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 8000 रूपए, कपड़ा क्षति वर्तमान प्रावधान 1800 रूपए प्रति परिवार को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 2500 रूपए प्रति परिवार, बर्तन क्षति वर्तमान प्रावधान 2000 रूपए प्रति परिवार को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 2500 रूपए प्रति परिवार, जनहानि पर वर्तमान प्रावधान 4,00,000 रूपए को नवीन प्रावधान में यथावत रखा गया है। इसी प्रकार अंग हानि (40 से 60 प्रतिशत) पर वर्तमान प्रावधान 59,100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 74,000 रूपए, अंग हानि (60 प्रतिशत से अधिक) पर 2,00,000 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 2,50,000 रूपए

अस्पताल में भर्ती (1 सप्ताह से कम) वर्तमान प्रावधान 4300 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 5400 रूपए, अस्पताल में भर्ती (1 सप्ताह से ज्यादा) वर्तमान प्रावधान 12700 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 16000 रूपए, हथकरघा बुनकर को क्षति पर वर्तमान प्रावधान 4100 रूपए प्रति कारीगर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 5000 रूपए प्रति कारीगर, मछुवारों के नाव की पूर्ण क्षति पर वर्तमान प्रावधान 9600 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 15000 रूपए, मछुवारों के नाव की आंशिक क्षति पर 4100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 6000 रूपए, मछुवारों के जाल की पूर्ण क्षति पर वर्तमान प्रावधान 2600 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 4000 रूपए, मछुवारों के जाल की आंशिक क्षति पर वर्तमान प्रावधान 2100 रूपए को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 3000 रूपए, मछली चारे हेतु इनपुट सब्सिडी पर वर्तमान प्रावधान 8200 रूपए प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर नवीन प्रावधान 10000 रूपए प्रति हेक्टेयर, पंजीकृत भूमिहीन श्रमिक की आजीविका क्षति पर नवीन प्रावधान आपदा की अवधि (30 दिन) तक 02 सदस्य को मनरेगा दर पर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।  

सीएम की अध्यक्षता में आज उनके निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद बैठक में लिए महत्तवपूर्ण निर्णय

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रायपुर। जिला खनिज संस्थान न्यास से संपादित अधोसंरचना के कार्याें पर व्यय हेतु न्यास निधि में प्राप्त राशि से निश्चित प्रतिशत राशि के बंधन से मुक्त किए जाने के संबंध में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान नियम 2015 में संशोधन किए जाने का निर्णय लिया गया है।



इसके तहत् डीएमएफ के अन्य प्राथमिकता मद में उपलब्ध राशि का 20 प्रतिशत सामान्य क्षेत्र में तथा 40 प्रतिशत अधिसूचित क्षेत्र में व्यय किए जाने के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है, इससे अधोसंरचना के कार्य को गति मिलेगी जिससे प्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास तेजी से होगा।

नवीन मछली पालन नीति में संशोधन किए जाने के विभागीय आदेश का मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन किया गया। अब मछली पालन के लिए तालाब/जलाशय की नीलामी नहीं होगी। तालाब/जलाशय  10 वर्ष के लीज पर दिए जाएंगे। तालाब/जलाशय के पट्टा आबंटन में सामान्य क्षेत्र में ढीमर, निषाद, केंवट, कहार, कहरा, मल्लाह के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी तरह अनुसूचित जनजाति अधिसूचित क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के मछुआ समूह एवं मत्स्य सहकारी समिति को प्राथमिकता दी जाएगी।

संशोधन प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीण तालाब के मामले में अधिकतम एक हेक्टेयर के स्थान पर आधा हेक्टेयर तथा सिंचाई जलाशय के मामले में 4 हेक्टेयर के स्थान पर 2 हेक्टेयर प्रति सदस्य/प्रति व्यक्ति के मान से जल क्षेत्र आबंटित किए जाने का प्रावधान किया गया है। मछली पालन के लिए गठित समितियों का आडिट अब सहकारिता एवं मछली पालन विभाग की संयुक्त टीम करेगी।

राज्य शासन छत्तीसगढ़ राज्य वनोपज संघ एवं निजी निवेशकों के मध्य सम्पादित त्रिपक्षीय एमओयू के आधार पर स्थापित वनोपज आधारित उद्योगों द्वारा जो उत्पाद निर्माण किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ हर्बल ब्रांड के अंतर्गत 40 प्रतिशत की छूट के साथ क्रय करते हुए संजीवनी एवं अन्य माध्यमों से विक्रय हेतु शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के फलस्वरूप उन उद्योगों को जो वनोपज आधारित उत्पादों का निर्माण करना चाहते हैं उनको बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ हर्बल के अंतर्गत अच्छी क्वालिटी के उत्पादों का विक्रय हो सकेगा।

छत्तीसगढ़ लोक सेवा, अनुसूचित जातियों,अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

छत्तीसगढ़ शैक्षणिक संस्था में प्रवेश में आरक्षण संशोधन विधेयक के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

द्वितीय अनुपूरक अनुमान वर्ष 2022-23 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 का अनुमोदन किया गया।

ग्राम सेरीखेड़ी रायपुर पटवारी हल्का नम्बर 77 में स्थित शासकीय भूमि 9.308 हेक्टयर भूमि का आबंटन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

प्रदेश के विभिन्न न्यायालयों में विचाराधीन साधारण प्रकृति के प्रकरणों को जनहित में वापस लिए जाने हेतु निर्धारित अवधि 31 दिसंबर 2017 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2018 करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

मुख्यमंत्री जी के स्वेच्छानुदान राशि  70 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

भारत सरकार के संशोधन के अनुसार राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 4 में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रस्तुत संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

 

छत्तीसगढ़ : आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग में से अनुसूचित जाति विकास विभाग को पृथक करने संबंधी कार्य आबंटन नियम में संशोधन

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रायपुर। राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग में से अनुसूचित जाति विकास विभाग को पृथक करने हेतु छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन संबंधी मंत्रि परिषद् आदेश का अनुमोदन कर दिया है। उक्त अनुमोदन से आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग से अनुसूचित जाति विकास विभाग पृथक हो जाएगा। इस आशय से छत्तीसगढ़ शासन कार्य आबंटन नियम की अनुसूची शीर्षक 25 में ‘‘आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग’’ को प्रतिस्थापित करते हुए, 



‘‘आदिम जाति विकास विभाग’’ किया गया है। साथ ही उसके भाग (अ) से (ऊ) तक से संबंधित प्रविष्टियों को भी प्रतिस्थापित किया गया है। उक्त नियमों के अनुसूची शीर्षक 56 के प्रविष्टियों के पश्चात् अनुसूची शीर्षक 57 ‘‘अनुसूचित जाति विकास विभाग’’ जोड़ा गया है तथा शीर्षक के अंतर्गत भाग (अ) से (ऊ) जोड़ा गया है। उल्लेखनीय है कि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा समेकित रूप से 04 आयोग

04 विकास बोर्ड, 04 प्राधिकरण, 04 अल्यसंख्यक कल्याण संस्थाएं, 19 अनुसूचित जनजाति के एकीकृत विकास परियोजना, 06 PUTC के अभिकरण एवं 09 च्न्ज्ळ के प्रकोष्ठ इस प्रकार 50 संस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। साथ ही अनुसूचित जाति के 43 जाति समूह एवं अनुसूचित जनजाति के 42 जाति समूह का अनुसंधान कार्य संचालित किया जाता है। अत्एव कार्य सुविधा के दृष्टि से आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग में से अनुसूचित जाति विकास विभाग को पृथक किया जाना प्रस्तावित किया गया था।

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